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YogiYogiFollow19 Feb 2025, 12:31 pm

Hathras - मथुरा रोड कलेक्ट्रेट के पास चार पहिया गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, दो की मौत

Hathras, Uttar Pradesh:

जनपद हाथरस के मथुरा रोड कलेक्ट्रेट के पास रात्रि में एक चार पहिया गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा चार पहिया गाड़ी सवार घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया. जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया. हादसे की सूचना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के रिश्तेदारों ने बताया कि चार पहिया गाड़ी सवार सभी चार लोग शादी से वापस अपने गांव जा रहे थे. तभी मथुरा रोड कलेक्ट्रेट के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. हादसे में दो लोगों की मौत हुई है. घायल एक युवक का मथुरा व दूसरे घायल का अलीगढ़ में उपचार चल रहा है।

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श्रीनगर डल झील में तिरंगे के उल्टा फहराने पर उठी तूफान-भड़का जागरूक विरोध

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर डल झील में देश के तिरंगे का अपमान फारूक वानी श्रीनगर बीजेपी की तरफ से बुधवार को श्रीनगर के मशहूर डल झील में शिकारा रैली का आयोजन किया गया जिसके दौरान बीजेपी के कई कार्यकर्ता और नेताओं ने हिस्सा लिया। सभी शिकारे पर देश के तिरंगे फहराते नजर आए और झील भी काफी खूबसूरत व दिलकश दिख रही थी। तिरंगा रैली की अध्यक्षता बीजेपी श्रीनगर यूनिट के सदस्य शेख सलमान कर रहे थे, लेकिन इस दौरान ऐसी घटना घटी जिसने सभी देशवासियों को निराश किया: दरअसल देश के तिरंगे को उल्टा लटकाया गया था। इस मामले को सभी लोग ट्रोल कर रहे हैं। तिरंगे का केसरी रंग पहले दिख रहा है जबकि ऊपर सब्ज रंग किया गया है जो उल्टा है। झील में जब तिरंगे लहरा रहे थे तो एक झंडा उल्टा दिख रहा था जिसकी काफी आलोचना भी हो रही है। गौरतलब है कि हालिया जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती को श्रीनगर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़े हुए देखे जाने के बाद कड़ी आलोचना और पुलिस शिकायतों का सामना करना पड़ा था; यह प्रदर्शन 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में किया गया था।
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मऊ के रानीपुर में स्कूल बस नहर में पलटी, ग्रामीणों ने बचाव किया

Noida, Uttar Pradesh:मऊ के रानीपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बच्चों से भरी स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में पलट गई। हादसा एकडगा-तेन्दुली मार्ग पर ग्रामसभा दौलसेपुर के मौजा भर्तीपुर के पास हुआ। बस में लोहिया इंटरनेशनल स्कूल के करीब 25 से 30 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में जा गिरी। बस के पलटते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत-बचाव में जुट गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सभी बच्चों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया।l हादसे में कुछ बच्चों को चोटें आई हैं। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल बच्चों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। घायलों में रिया यादव (कक्षा 8), निवासी भर्तीपुर और सृष्टि राजभर (कक्षा 1), निवासी ग्रामसभा बड़ा गांव शामिल हैं। अन्य बच्चों को भी हादसे के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बस नहर में पलटने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर बस खाई में पलटी नजर आई। घटना की सूचना मिलते ही 112 डायल पुलिस और रानीपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बस चालक और स्कूल प्रबंधन से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
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धान की उत्पादकता 34 कुंतल से बढ़ाकर 70-80 कुंतल प्रति हेक्टेयर करने की मांग

SSSumant SinghFollow1m ago
Seorai, Uttar Pradesh:सेवराई(गाजीपुर)। धान की फसल के लिए समर्थन मूल्य योजना के तहत शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में प्रति हेक्टेयर निर्धारित की जा रही उत्पादकता को लेकर किसानों में नाराजगी है। स्थानीय तहसील क्षेत्र के किसानों ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी गजराज सिंह को पत्रक सौंपकर धान की निर्धारित उत्पादकता बढ़ाकर 70 से 80 कुंतल प्रति हेक्टेयर किए जाने की मांग की। किसानों ने इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किए जाने का भी अनुरोध किया। किसानों का कहना है कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रति हेक्टेयर महज 34 कुंतल धान की उत्पादकता निर्धारित की जा रही है, जो उनकी वास्तविक उपज की तुलना में आधे से भी कम है। ऐसे में किसान अपनी पूरी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इससे उन्हें अपनी शेष उपज खुले बाजार में बिचौलियों के हाथों बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष वर्षा की स्थिति कम रहने के कारण धान की खेती की लागत काफी बढ़ गई है। सिंचाई, खाद, बीज, कीटनाशक, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर किसानों को पहले की अपेक्षा अधिक खर्च करना पड़ रहा है। बढ़ती लागत के बीच यदि सरकारी खरीद के लिए उत्पादकता की सीमा कम रखी गई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में सामान्य परिस्थितियों में धान की पैदावार निर्धारित 34 कुंतल प्रति हेक्टेयर से कहीं अधिक होती है। इसलिए सरकारी खरीद के लिए उत्पादकता का निर्धारण स्थानीय कृषि परिस्थितियों और किसानों की वास्तविक उपज को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। किसानों ने मांग की कि उत्पादकता की सीमा कम से कम 70 से 80 कुंतल प्रति हेक्टेयर निर्धारित की जाए, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकें। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उत्पादकता की सीमा में वृद्धि नहीं की गई तो आधे से अधिक धान को समर्थन मूल्य योजना के तहत बेच पाना संभव नहीं होगा और किसान बिचौलियों के माध्यम से कम कीमत पर उपज बेचने को विवश हो सकते हैं। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। किसानों ने उपजिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन को पत्र भेजकर निर्धारित उत्पादकता में संशोधन कराने की मांग की। इस दौरान किसान नेता भानु प्रताप सिंह, सुधीर सिंह, संदीप सिंह, प्रदीप सिंह, कमलेश सिंह, रामप्रवेश यादव, शंकर सिंह, वेंकटेश्वर सिंह, मिथिलेश सिंह, राकेश सिंह पम्मू आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर में 1.40 करोड़ ठगी के बाद डॉक्टर की मौत, सुसाइड नोट में नाम

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर से इस वक्त की खबर सामने आ रही है... 1 करोड़ 40 लाख रुपये की कथित ठगी... बैंक का लगातार दबाव... लाखों रुपये की ईएमआई... और फिर 52 साल के पशु चिकित्सक की मौत। गोरखनाथ इलाके के बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट में गुरुवार सुबह पशु चिकित्सक डा. परमात्मा सिंह की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल की छत पर पहुंचे और कुछ देर बाद नीचे गिर गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने इसलिए भी सनसनी फैला दी है क्योंकि पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मुकदमे में आरोपी महिला गरिमा सिंह का नाम लिखा होने की बात सामने आई है। 5 अगस्त को एम्स थाने में गरिमा सिंह और उसके परिजनों के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस इस मामले में गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब डॉक्टर की मौत के बाद सवाल बेहद गंभीर हैं। क्या करोड़ों की कथित ठगी का आर्थिक दबाव डॉक्टर की मौत की वजह बना? क्या बैंक की ईएमआई और कर्ज का दबाव उन्हें लगातार परेशान कर रहा था? सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का नाम किस संदर्भ में लिखा गया? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस पूरे ठगी कांड में अभी और भी बड़े खुलासे होने बाकी हैं? पुलिस अब सुसाइड नोट, ठगी के मुकदमे और डॉक्टर की मौत से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। गोरखपुर में 1.40 करोड़ की कथित ठगी और पशु चिकित्सक की मौत ने सनसनी फैला दी है। एक तरफ करोड़ों रुपये की ठगी का मुकदमा... दूसरी तरफ आरोपी महिला और उसके पिता की गिरफ्तारी... और अब उसी शिकायतकर्ता डॉक्टर की मौत। घटनाओं की यह पूरी कड़ी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालांकठन किसी भी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से तय करना जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है, लेकिन पुलिस के सामने अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन और वैज्ञानिक जांच की बड़ी चुनौती है। सुसाइड नोट में दर्ज आरोपों की सत्यता, 1.40 करोड़ रुपये के लेन-देन और डॉक्टर की मौत के कारणों की जांच से ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आएगी.
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भरत तिवारी एनकाउंटर: सरकार का राहत पैकेज, परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी

Patna, Bihar:भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार के सदस्य को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की सत्ता पक्ष ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया... बिहार सरकार और मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी का यह निर्णय कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार के प्रति संवेदनशीलता, न्याय और मानवीय दृष्टिकोण को स्पष्ट कर देने वाला प्रमाण है। न्यायिक जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक सहायता देने और एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान करने का निर्णय स्वागत योग्य है और यह सरकार की मंशा को रेखांकित करता है। किसी भी घटना में पीड़ित परिवार को न्याय से, सहयोग से वंचित नहीं रखा जाएगा। सम्राट सरकार ने घटना के तुरंत बाद स्वतंत्र, निष्पक्ष न्यायिक जांच का आदेश दिया था। जांच में भी कार्रवाई चल रही है, जांच अभी जारी है। जो भी दोषी पाए जा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। यह सरकार की स्पष्ट नीति है कि हम किसी को फंसाते नहीं, किसी को बचाते नहीं। हमारा उद्देश्य न तो किसी को बचाने का है, न फंसाने का। हमारा उद्देश्य सत्य का पता लगाने का है, न्याय सुनिश्चित करने का है और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का है। यह सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बार फिर से साबित किया। यह फैसला साबित होता है कि बिहार में कानून का राज है। सरकार में हर नागरिक के अधिकार का रक्षा किया जा रहा है, सरकार हर नागरिक के गरिमा के प्रति संवेदनशील है। और जो लोग आरोप लगाते थे कि सरकार इस जात की विरोधी है, उस जात की विरोधी है... यह उनके मुंह पर भी करारा तमाचा है कि हम सबका साथ, सबका विकास की राजनीति करते हैं. कांग्रेस ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले भरत तिवारी जी का फर्जी एनकाउंटर होने के बाद यह उनके परिवार को आंशिक न्याय है। मुआवजा और सरकारी नौकरी यह एक मरहम-पट्टी का जरिया हो सकता है, लेकिन दोषी जो पुलिसकर्मी थे, जो अधिकारी थे, जो भ्रष्टाचार में संलिप्त लोग थे, उन तमाम लोगों की गिरफ्तारी जब तक नहीं हो जाती है, तब तक न्याय अधूरा ही माना जाएगा। और साथ ही साथ यह बिहार की वर्तमान सरकार, जो एनकाउंटर की राजनीति कर रही थी, उसके साख पर भी बट्टा लगाने का काम किया है। तो निश्चित तौर पर अपनी गलतियों को स्वीकार अगर कर रहे हैं सम्राट चौधरी जी और सरकार, तो यह स्वागत योग्य है। और साथ ही साथ दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर उन पर कठोरतम न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। जdu ने कहा कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी ने शुरू से कहा है - हमारी सरकार न किसी को बचाती है, न किसी को फंसाती है। न्यायिक जांच आयोग के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने का निर्णय बिहार के मुख्यमंत्री आदरणीय सम्राट चौधरी जी ने किया है, इसका हम स्वागत करते हैं। राजद ने कहा कि सम्राट चौधरी जी, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर आपने कहा है कि न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी और उनके परिवार को न्याय दिया जाएगा। जब तक भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया से स्पष्ट हो चुका है कि एनकाउंटर गलत तरीके से हुए हैं तो न्याय का तकाजा यही है कि उनके परिवार को सरकार के स्तर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। और इतना ही नहीं, जिस तरह से बंटी हत्याकांड हुई या अन्य तरह के मामले हुए, उसमें भी सरकार को आर्थिक सहायता उनके परिवार को देना चाहिए।
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कवर्धा: नाबालिग बच्चियों के साथ अश्लील हरकत के आरोपी को गिरफ्तार

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा: नाबालिग बच्चियों से अश्लील एवं आपत्तिजनक हरकत के मामले में महिला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 11 अगस्त को बच्ची के परिजन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 अगस्त की शाम दो नाबालिग बेटियां और पड़ोस की एक बच्ची घर के बाहर खेल रही थीं। इसी दौरान ग्राम उड़ियाकला निवासी जागेश्वर साहू (39) उन्हें मिठाई का लालच देकर अपने साथ ले गया और कथित रूप से बच्चियों के साथ अश्लील हरकत की। बच्चियों के विरोध और शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। शिकायत पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 37/2026 के तहत धाराओं 74, 75(2), 296 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 8 में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने 12 अगस्त को आरोपी जागेश्वर साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
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कर्नाटक से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व आईं पांच हाथी, जंगल सुरक्षा में अहम कड़ी

Bagaha, Bihar:देश के टॉप टेन टाइगर रिजर्व में गिने जाने वाले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में कर्नाटक से आए पांच हाथियों का काफी महत्व है वैसे तो हमारे बीच से अब इन हाथियों कि घटती संख्या चिंता का विषय है बावजूद इसके बुधवार कि बीती देर रात तक विश्व हाथी दिवस के मौके पर VTR के मदनपुर, वाल्मीकिनगर औऱ गोनैली रेंज में हाथियों को वन विभाग द्वारा विशेष दावत दीं गईं जहाँ गन्ना, केला, सेव गुड समेत उनके पसंदीदा खाद्य पदार्थो को परोसा गया जबकि दावत औऱ आवोभगत से पहले हाथियों को स्नान करवाकर महावत नें उनके सिर पर सरसों तेल से मालिश के बाद विधिवत तैयार किया जिसमें वन विभाग के अधिकारी कर्मियों समेत गणमान्य लोग मौजूद रहें। दरअसल नेपाल औऱ उत्तर प्रदेश कि सीमा पर स्थित बिहार के इकलौते टाईगर रिजर्व के 980 वर्ग किलोमीटर तक फैले वाल्मीकि टाईगर रिजर्व की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन गजराज के कंधों पर है। बात चाहे जंगल की रखवाली की हो या वीटीआर के विभिन्न जीव-जंतुओं की सुरक्षा की, ये प्रशिक्षित हाथी हर समय अपनी उपयोगिता साबित करते चले आ रहें हैं यहीं वज़ह है कि लोगों से हाथियों को बचाने कि अपील कि जा रही हैं। बताया जा रहा है कि मॉनसून सीजन में होने वाली तेज बारिश के कारण जब जंगल के कई इलाकों में जल जमाव और मिट्टी का कटाव होने लगता है,तो ऐसी परिस्थिति में वाहन से आवागमन संभव नहीं हो पाता है. उस समय इन हाथियों से हीं पेट्रोलिंग की रहीं है। वाल्मीकिनगर के कौलेश्वर में इन हाथियों के अधिवास की ख़ास जगह है जबकि मदनपुर में भी रूपा अमृत आवास बनाया गया है।ख़ास बात यह है कि मणिकंठा, बाला जी, द्रोण, राजा और रूपा कि जोड़ी वर्ष 2018 में कर्नाटक से इन ट्रेंड हाथियों को वीटीआर में लाया गया जिससे आज वनकर्मी जंगल के भीतर बेखौफ होकर गस्ती कार्य क़र रहें तस्करों पर पैनी नजर रखते हैं। यहां कि हाथियों को वनों की सुरक्षा करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. यूपी और नेपाल सीमा से सटे होने के कारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का जंगल काफी संवेदनशील हो जाता है लिहाजा वन्य जीवों और वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार कोशिश में जुटा है, ताकि तस्करी और शिकार जैसे वन अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। बता दें कि कर्नाटक से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में लाए गए हाथियों को प्रशिक्षित करने के लिए कर्नाटक से ही चार महावत भी आए थे. जिन्होंने लगातार तीन वर्षों तक इन हाथियों को प्रशिक्षित किया. हालांकि इन हाथियों को पहले हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं था, जिस कारण महावत और हाथियों में सामंजस्य स्थापित नहीं हो पाता था लेकिन कन्नड़ भाषा समझने वाले इन हाथियों को असम से बुलाए गए महावतों के द्वारा हिंदी की ट्रेनिंग दी गई है। अब इन हाथियों को घूमने के लिए कन्नड़ में 'सरद' बोला जाता है, वहीं हिंदी में इसके लिए 'चेगम' कहा जाता है. पीछे हटने के लिए हिंदी में 'हट पीछे' तो कन्नड़ में 'धाक पीछे' का कमांड दिया जाता है. ऐसे ही लेटने के लिए'तीयर'बोला जाता है। फिलहाल मानसून में बारिश के कारण VTR में वाहन से गस्त लगाना संभव नहीं है यही वजह है कि इस समस्या से निजात दिलाने में हाथियों की एक बड़ी भूमिका साबित हुई है जों हमारे धरोहर को बचाने में अहम कड़ी है । बाइट - विवेक सागर, वन पदाधिकारी, मदनपुर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व
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