icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
204215
Deepesh BhardwajDeepesh BhardwajFollow28 Apr 2025, 05:40 am

Hathras - दिल्ली-कानपुर हाईवे पर लोडर हादसे में 8 साल के बच्चे की मौत

Mirpur, Uttar Pradesh:

एक लोडर मैजिक सिकंद्राराऊ से दिल्ली कानपुर हाइवे पर से एटा की ओर जा रहा था, उमरावपुर के पास बीती रात एटा की ओर से आ रहे ट्रक ने उसमें टक्कर मार दी। हादसे से में लोडर में बैठे एक 8 वर्ष के बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची इलाका पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से डॉक्टर ने घायल का प्राथमिक उपचार कर हालात को नाजुक बताते हुएवडेर रात अग्रिम उपचार हेतु अलीगढ़ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बरसात से पहले होमगार्ड तैयारी तेज, मानसून आपदा से निपटने की योजना मजबूत

Jabalpur, Madhya Pradesh:बरसात से पहले आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड की तैयारी शुरू कर दी है मुख्यालय से मिले आदेश के बाद नर्मदा नदी के ग्वारीघाट में चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। संभागीय स्तर की प्रशिक्षण में जवानों ने करीब 3 घंटे तक अभ्यास किया मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर जबलपुर सहित कटनी मंडल नरसिंहपुर सहित कईं जिलों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं में राहत और बचाव कार्य को मजबूत करना रहा जबलपुर संभाग के विभिन्न जिलों से चयनित 51 होमगार्ड जवानो ने प्रशिक्षण में भाग लिया जवानों को बाढ़ तेज बहाव और जलभराव जैसी परिस्थितियों में बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया
0
0
Report
Advertisement

झुंझुनूं में चिड़ावा रोड पर दो बाइक भिड़ंत, चार घायल

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं सुलताना की चिड़ावा रोड पर हादसा चिड़ावा रोड पर गैस एजेंसी के सामने हादसा दो बाइक की भिड़ंत, चार घायल सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना झुंझुनूं जिले के सुलताना कस्बे की चिड़ावा रोड पर गैस एजेंसी के सामने दो बाइक की टक्कर हो गए। हादसे में बाइक सवार चार युवक घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार देवरोड़ निवासी अनिल कुमार पुत्र प्यारेलाल अपनी बाइक पर चिड़ावा से सुलताना की तरफ आ रहा था। दूसरी बाइक सवार भी चिड़ावा से सुलताना की तरफ आ रहे थे। जिस पर संदीप पुत्र जयसिंह, जयसिंह पुत्र बनवारीलाल और राजेश पुत्र सीताराम थे। जो अपने गांव केड—भाटीवाड़ के समीप बसंतपुरा की तरफ जा रहे थे। दोनों बाइकों की भिड़न्त हो गई। घायलों को ग्रामीणों की मदद से जोड़िया रोड पर स्थित निजी अस्पताल एवं राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर चारों युवक का उपचार जारी है। घटना की सूचना पर सुलताना थाना से हेड कांस्टेबल भीमकोर एवं कांस्टेबल प्रकाश घटना स्थल और अस्पताल में पहुंचकर घटना के बारे में जानकारियां एकत्रित कर जांच में जुटी हुई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें चिड़ावा की तरफ से आ रही बाइक, अचानक से सड़क पर आई दूसरी बाइक से टकराती हुई दिख रही है।
0
0
Report

भिंड में ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर: दो छात्र घायल, एक की मौत

Bhind, Madhya Pradesh:कोचिंग जा रहे दो छात्रों को ट्रैक्टर ट्राली ने मारी टक्कर एक की मौत एक घायल, भिंड में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आए दो मेधावी छात्रों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई जब दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसे जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है, जानकारी के अनुसार उमरी थाना इलाके के अकोडा गांव का रहने वाला 15 वर्षीय अजय यादव उर्फ बेटू अपने दोस्त सुदामा भदोरिया के साथ पैदल कोचिंग जा रहा था। तभी तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉली ने पीछे से दोनों को कुचल दिया और चालक मौके से ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर दौड़े स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस की मदद से दोनों को जिला अस्पताल भिजवाया जहां डॉक्टरों ने बेटू को मृत घोषित कर दिया और सुदामा को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया है।परिजनों में बताया कि बेटू पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था, उसने हाल ही में घोषित हाई स्कूल परीक्षा में 89% प्राप्त किए थे। बेटू के पिता का बचपन में ही निधन हो जाने के बाद वह अपनी नाना-नानी के घर अकोड़ा गांव में रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना से इलाके में शोक की लहर है। मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए है। और दावा किया है कि जल्दी आरोपी ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

कॉर्बेट में बाघिनें मातृत्व निभा रहीं, मदर डे पर संरक्षण का आधार

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर एंकर.-विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व एक बार फिर दुनिया के सबसे सफल टाइगर संरक्षण मॉडल के रूप में चर्चा में है,यहां बाघों की बढ़ती संख्या ने जहां वन्यजीव विशेषज्ञों को उत्साहित किया है, वहीं मदर डे के मौके पर कॉर्बेट में बाघिनों की भूमिका को लेकर खास चर्चा सामने आई है,कॉर्बेट में 260 से अधिक बाघ मौजूद हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही हैं यहां की स्वस्थ और सक्षम बाघिनें, जो अपने शावकों को जन्म देने से लेकर उन्हें जंगल का राजा बनने तक हर जिम्मेदारी निभाती हैं। घने जंगल कल-कल बहती राम गंगा नदी और जंगल के बीच अपने शावकों के साथ सतर्क निगाहों में दिखाई देती बाघिन, ये तस्वीर सिर्फ वन्य जीवन की खूबसूरती नहीं, बल्कि संरक्षण की सबसे बड़ी कहानी भी बयां करती है। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व आज दुनिया में बाघों के सबसे सुरक्षित ठिकानों में गिना जाता है। करीब 1360 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विशाल टाइगर रिजर्व में 260 से ज्यादा बाघ मौजूद हैं। खास बात यह है कि इस आंकड़े में दो वर्ष से कम आयु के शावकों को शामिल नहीं किया जाता,यही वजह है कि बाघों के घनत्व के मामले में कॉर्बेट की पहचान विश्व स्तर पर अलग बनी हुई है। लेकिन इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान किसका है? जवाब है—बाघिनों का मातृत्व। मदर डे के मौके पर पार्क प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों ने कॉर्बेट में बाघिनों की अहम भूमिका को रेखांकित किया है। पार्क अधिकारियों का कहना है कि जंगल में बाघों की नई पीढ़ी को तैयार करने का पूरा दारोमदार बाघिनों पर ही होता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह का कहना है कि जिस तरह इंसानी परिवार में मां बच्चों को जीवन के संस्कार और जरूरी हुनर सिखाती है, उसी तरह जंगल में बाघिन अपने शावकों को हर वो कला सिखाती है, जो उन्हें जंगल में जिंदा रहने के लिए जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि जब कोई बाघिन शावकों को जन्म देती है तो वह बेहद सतर्क हो जाती है,शावकों की सुरक्षा के लिए वह हर खतरे से लड़ने को तैयार रहती है,जंगल में कई बार दूसरे शिकारी जानवरों से खतरा बना रहता है, लेकिन बाघिन अपने बच्चों के करीब किसी को आने तक नहीं देती। जंगल में शावकों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी भी बाघिन ही निभाती है,वह खुद शिकार करती है, भोजन जुटाती है और फिर धीरे-धीरे अपने बच्चों को शिकार की बारीकियां सिखाना शुरू करती है. शुरुआत में शावक सिर्फ अपनी मां के पीछे-पीछे चलते हैं। फिर बाघिन उन्हें जंगल के रास्ते पहचानना सिखाती है, खतरे को भांपना, दुश्मन से बचना, इलाके की पहचान करना और सही समय पर हमला करना—ये सभी हुनर शावक अपनी मां से ही सीखते हैं,पार्क वार्डन के मुताबिक एक बाघिन करीब डेढ़ से दो साल तक अपने बच्चों के साथ रहती है,इस दौरान वह उन्हें इतना सक्षम बना देती है कि वे अकेले जंगल में अपना इलाका बना सकें और शिकार कर सकें। कॉर्बेट में आज जो बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है, उसके पीछे बाघिनों की यही सफल परवरिश सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। वहीं वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल कहते हैं कि मातृ दिवस केवल इंसानों के लिए नहीं, बल्कि हर जीव-जंतु और पक्षी के जीवन में मां का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि अगर बाघों की बात करें तो बच्चों की देखरेख में नर बाघ की भूमिका बेहद सीमित होती है,शावकों को जन्म देने से लेकर उन्हें बड़ा करने तक लगभग पूरी जिम्मेदारी बाघिन ही निभाती है. संजय छिम्वाल कहते है जंगल में शावकों को बचाकर रखना आसान नहीं होता,कई बार भोजन की कमी, दूसरे शिकारी जानवर और प्राकृतिक खतरे शावकों की जिंदगी के लिए चुनौती बन जाते हैं। ऐसे में बाघिन अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने मां को सृजन की सबसे बड़ी शक्ति दी है। चाहे इंसानी मां हो, पृथ्वी मां हो या जंगल की बाघिन—हर मां अपनी अगली पीढ़ी को सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करती है। कॉर्बेट की सफलता भी इसी मातृत्व की कहानी कहती है,यहां स्वस्थ बाघिनों की अच्छी संख्या और उनकी सफल वंशवृद्धि ने पूरे रिजर्व को टाइगर संरक्षण का मजबूत मॉडल बना दिया है। यही कारण है कि आज देश-विदेश से पर्यटक कॉर्बेट में बाघों के दीदार के लिए पहुंचते हैं, जंगल सफारी के दौरान यदि किसी पर्यटक को अपने शावकों के साथ बाघिन दिखाई दे जाए, तो वह पल उनके लिए जिंदगी भर की याद बन जाता है। वन विभाग का कहना है कि कॉर्बेट में लगातार मॉनिटरिंग, बेहतर संरक्षण रणनीति और प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने की वजह से बाघिनों को अनुकूल माहौल मिला है। इसका सीधा असर बाघों की संख्या पर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि किसी जंगल में बाघिनें सुरक्षित हैं और लगातार शावकों को जन्म दे रही हैं, तो यह उस जंगल के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का सबसे बड़ा संकेत माना जाता है। मदर डे पर कॉर्बेट के बाघिनों की यह कहानी केवल वन्यजीव संरक्षण की सफलता नहीं, बल्कि मां की ममता और संघर्ष की भी मिसाल है। चाहे इंसानी दुनिया हो या जंगल हर जगह मां ही भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती है। और कॉर्बेट की बाघिनें आज इसी सच्चाई को जीवंत कर रही हैं। मदर डे पर कॉर्बेट से आई ये तस्वीरें और कहानियां यह साबित करती हैं कि जंगलों में बाघों का भविष्य सिर्फ संरक्षण योजनाओं से नहीं, बल्कि बाघिनों की सुरक्षित और सफल मातृत्व यात्रा से तय होता है। यही वजह है कि आज कॉर्बेट दुनिया के सबसे सफल टाइगर रिजर्व में शुमार है।
0
0
Report

जोबट में तेंदुए के आतंक के बीच पिंजरे लगाए गए

Jobat, Madhya Pradesh:आलीराजपुर के जोबट में तेंदुए का आतंक, जंगली जानवरों को बना रहा है निशान, फॉरेस्ट विभाग ने जगह-जगह लगाए पिंजरे आलीराजपुर जिला के जोबट में तेंदुए ने आतंक फैला रखा है. यहां बीती 24 अप्रैल से तेंदुआ जंगली जानवर को अपना शिकार बना रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. अब ग्रामीण क्षेत्र में लोग घर से निकलने में डर रहे हैं रमाकांत पारीक ने बताया कि ग्राम कंदा में 24 अप्रैल से तेंदुए का मूवमेंट देखा जा रहा है उसके बाद लगातार आसपास के क्षेत्र से भी तेंदुए के मूवमेंट की शिकायते फॉरेस्ट विभाग सहित प्रशासन को आ रही है अब तक कई जानवरों को तेंदुआ अपना शिकार बन चुका है शिकायतो के बाद फॉरेस्ट विभाग की टीम हरकत में आई और जगह-जगह पिंजरे लगाए गया लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है तेंदुए की दहशत के चलते लोग काफी डरे हुए शाम होते घर में छुप जाते हैं, कोई फॉरेस्ट विभाग का कहना है कि जल्द ही इस तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा इसके लिए फॉरेस्ट विभाग ने तेंदुए की सर्चिंग के लिए जगह-जगह पिंजरा लगाए है
0
0
Report
Advertisement

अजमेर दरगाह की अकबरी देग में वीडियो से सुरक्षा पर उठे सवाल

Ajmer, Rajasthan:अजमेर शरीफ दरगाह में वाक्या मुगलिया दौर की अकबरी देग एक बार फिर चर्चा में है। वजह है सोशेल मीडिया पर गर्दिश करती एक वीडियो, जिसमें एक शख्स देग में छलांग लगाता दिखाई दे रहा है और आस पास खड़े जायरीन में अफरा तफरी का माहौल देखा जा रहा है। वायरल वीडियो दरगाह के बुलन्द दरवाजा के पास बड़ी देग जिसे अकबरी देग कहा जाता है उसमें कूदते हुए एक शख्स का है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि देग पर अक़ीदत मंद नज़ारा चढ़ा रहे हैं और बीच मे एक शख्स अचानक आया और उसमें कूद गया। आस पास खड़े लोग कुछ समझ पाते उससे पहले उसने देग में पड़ी रकम उठाना शुरू कर दिया। देग पर मौजूद एक शख्स ने फौरन देग में उतर कर उसे काबू में करने की कोशिश की मगर अकबरी देग में ही दोनों में गुत्थम गुत्थी हो गई। मुगलिया अकबरी देग में लात घुषे और मारपीट का नज़ारा देख ज़ायरीन की भीड़ लग गई। सोशेल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फोटेज की बुनियाद पर पाया गया कि वीडियो 9 मई 2026 दोपहर 3 बज कर 50 मिनट का है। जिसमें एक शख्स को देग में कूदते हुए और अकबरी देग से बाहर nikalte हुए देखा जा सकता है। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक़ कूदने वाला शख्स इससे पहले भी ऐसी तरह की हरकत की नाकाम कोशिश कर चुका था। फिलहाल खुद्दामें ख्वाजा ने इस शख्स को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक़ ये शख्स ज़हनी तौर पर माज़ूर पाया गया है। जो पुलिस को अपना नाम पता बताने का काबिल नहीं है। खादीम सैय्यद कुतबुद्दीन सखी ने बताया कि इस किस्म के वाक्यात दरगाह सिक्योरिटी के एतबार से कई सवाल खड़े करते हैं। इससे पहले भी 17 जनवरी 2013 में दो माँ बेटी खोलती हुए देग में कूद गई थी जिसमें एक के मौके पर ही मौत हो गई थी। जनवरी 2018 में भी एक शख्स देग में कूद गया था, तब ग़नीमत रही कि देग नहीं पक रही थी। वही अगस्त 2014 में भी एक शख्स ने खोलती हुई देग में कूद कर अपनी जान गवा दी थी। इस तरह के वाक्यात से दरगाह और ज़ायरीन की सिक्योरिटी पर सवाल उठता है।
0
0
Report

बरेली में भर्ती नहीं मिलने पर बुजुर्ग पत्नी को ठेले पर घर लौटाए

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के जिला अस्पताल से एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को रिक्शे पर ले जाते हुए दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है. बुजुर्ग का आरोप है कि अस्पताल ने उसकी पत्नी को भर्ती नहीं किया और इलाज नहीं मिला. बरेली के जिला अस्पताल की इमरजेंसी परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को ठेले पर लिटाकर व्यवस्था को कोसते हुए जाता दिखाई दे रहा है. दिल झकझोर देने वाला यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत बयां कर रहा है. वायरल वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था. आरोप है कि सुबह से अस्पताल में रहने के बावजूद बीमार पत्नी को भर्ती नहीं किया गया. इंतजार और इलाज न मिलने से परेशान बुजुर्ग आखिरकार पत्नी को ठेले पर लेकर वापस घर रवाना हो गया.
0
0
Report

पन्ना में तेज रफ्तार कार ने आरक्षक को टक्कर दी, आरोपी की तलाश जारी

Panna, Madhya Pradesh:पन्ना जिले की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 39 का है, जहाँ पर्यावरण बैरियर के पास एक बेलगाम कार स्विफ्ट डिजायर (MP15 CB 7242) ने शासकीय कार्य से लौट रहे पुलिस आरक्षक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। मझगवां चौकी में पदस्थ आरक्षक सुम्मेर सिंह (32 वर्ष), जो पन्ना से सरकारी काम निपटाकर वापस अपनी चौकी वापस जा रहे थे। तभी पर्यावरण बैरियर के पास तेज रफ्तार कार ने आरक्षक की बाइक को सीधी टक्कर मारी। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायल आरक्षक को जिला चिकित्सालय पहुँचाया। घटना के बाद आरोपी ड्राइवर कार लेकर मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही वाहन नंबर MP15 CB 7242 के आधार पर वाहन की तलाश की जा रही है
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Back to top