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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow27 Jan 2025, 10:02 am
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महालय के मौके पर जलपाईगुड़ी में आतिशबाजी और पितृपक्ष की तैयारी तेज

Jalpaiguri, West Bengal:महालय के मौसम में जलपाईगुड़ी उत्सव का माहौल। रातभर आतिशबाजियों की गूंज से शहर के विभिन्न इलाकों में चहलकदमी। बच्चे-बड़ों सभी महालय केAround उत्सव में लिप्त। महालय की पूजा-आराधना के साथ पुरी तरह से पिकनिक-आयोजन की भी तैयारी चल रही है। महालया पर कहीं आतिशबाजी का आनंद, तो कहीं पितृपर्ण हेतु ठहराव के साथ नदी-घाटों पर भीड़। तिस्सा नदी सहित अन्य घाटों पर सुबह पितृ-तर्पण की तैयारी और भक्तों की उपस्थिति। महालय के अवसर पर आतिशबाजी की उमंग और देविपक्ष के आरंभ को एक साथ दर्शाते हुए जलपाईगुड़ी में उत्सव की धूम। रिपोर्ट: प्रद्युत दास (जलपाईगुड़ी)
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अरुण सावंत बोले: महाराष्ट्र में अराजकता के लिए घोड़ों का खेल शुरू

Mumbai, Maharashtra:शिवसेना महाराष्ट्र राज्य प्रवक्ते अरुण सावंत. विषय : संपूर्ण देशासहित महाराष्ट्रामध्ये अराजकता निर्माण करण्या साठी वेगवेगळ्या घोड्यांचा वापर. म वि आ मार्फत सुरुवातीला दुष्काळाचा विषय हाती घेऊन दुष्काळाच्या घोड्यावर स्वार झाले होते. त्यानंतर कळले हा घोडा मागे पडतोय त्यांनी एसआयआर चा घोडा पकडला त्यावर स्वार झाले. प्रसिद्धी कमी मिळू लागली तसे आता एम पी एस सी च्या घोड्यावर पटापट सारे नेते उड्या मारू लागले आहेत. मात्र महायुती सरकारने शेतकऱ्यांना मदत करण्याचे काम सोडलेले नाही. त्यांचे सर्व परीने प्रयत्न सुरू आहेत. पाण्याविना माशाची जशी तडफड होते, तशी सत्तेविना विरोधकांची अवस्था झाली आहे; सत्तेसाठी इतकी घाई झाली, की जनतेच्या प्रश्नांनाही त्यांनी बाजूला सारलं आहे.
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मालाड में गरबा महोत्सव: Love Jihad- मुक्त, ड्रग्ज़- मुक्त संकल्पना पर बहस

Mumbai, Maharashtra:मुंबई | ‘लव्ह जिहाद-मुक्त, ड्रग्जमुक्त गरबा’ संकल्पनेवरून मालाडमध्ये चर्चेला उधाण मुंबईत नवरात्रीच्या उत्सवाची धामधूम सुरू झाली असून, ठिकठिकाणी गरबा महोत्सवांच्या आयोजनाची तयारी अंतिम टप्प्यात आली आहे. मात्र, यंदा मालाड पूर्वेतील रामलीला मैदानावर आयोजित करण्यात येणारा गरबा महोत्सव एका वेगळ्याच संकल्पनेमुळे चर्चेत आला आहे. भाजप आमदार अतुल भातखळकर यांच्या पुढाकाराने आयोजित या महोत्सवाची संकल्पना ‘लव्ह जिहाद-मुक्त आणि ड्रग्जमुक्त गरबा’ अशी ठेवण्यात आली आहे. या गरबा महोत्सवात धार्मिक परंपरा आणि शिस्तीच्या पालनावर विशेष भर दिला जाणार असल्याचं आयोजकांकडून सांगण्यात येत आहे. आयोजकांच्या दाव्यानुसार, गरब्यात सहभागी होणाऱ्या गैर-हिंदू तरुणांनाही कपाळावर टिळा लावणं आणि हातात देवीचा धागा बांधणं बंधनकारक असणार आहे. या अटींचं पालन न करणाऱ्यांना गरबा महोत्सवात प्रवेश दिला जाणार नसल्याचंही आयोजकांनी स्पष्ट केलं आहे. दरम्यान, गरबा महोत्सवात अमली पदार्थांना प्रतिबंध घालणं आणि धार्मिक परंपरेनुसार उत्सव साजरा करणं, हा या आयोजनामागील उद्देश असल्याचं आयोजकांचं म्हणणं आहे. भाजपचे नगरसेवक सिद्धार्थ शर्मा हे या कार्यक्रमाचे आयोजक आहेत. मात्र, गरबा महोत्सवासाठी लागू करण्यात आलेल्या अटी आणि गैर-हिंदू तरुणांसाठी जाहीर करण्यात आलेल्या नियमांमुळे या आयोजनाची चर्चा सुरू झाली आहे. धार्मिक परंपरेचं पालन, उत्सवातील शिस्त आणि प्रवेशासाठी घालण्यात आलेल्या अटी यामुळे मालाड पूर्वेतील हा गरबा महोत्सव यंदा लक्षवेधी ठरण्याची शक्यता आहे. आता या संकल्पनेला नागरिकांचा किती प्रतिसाद मिळतो आणि गरबा महोत्सवाच्या आयोजनावरून कोणत्या प्रतिक्रिया उमटतात, याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.
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517 साल से वैकुण्ठपुर राजबड़े की दुर्गापूजा: बाघ-सिंह का अद्भुत प्रतीक

Jalpaiguri, West Bengal:৫১৭ বছরে বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজো, প্রতিমার বাহন সিংহের পাশাপাশি বাঘ! শারদোৎসবের আবহে মেতে উঠছে বাংলা। চারদিকে পুজোর প্রস্তুতি তুঙ্গে। আর এই উৎসবের আবহেই ইতিহাস, ঐতিহ্য ও স্বতন্ত্র আচার-অনুষ্ঠানের সাক্ষী জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজो। ৫১৭ বছরে পা দিল এই প্রাচীন পুজো। তপ্ত কাঞ্চনবর্ণের দেবী দুর্গা, সঙ্গে সিংহের বদলে বাঘ তাঁর বাহন। শুধু তাই নয়, পুজোর নানা आচার-অনুষ্ঠানেও রয়েছে স্বাতন্ত্র্য। পাঁচ শতাব্দীরও বেশি সময় ধরে পরম্পরা বজায় রেখে আজও সমান মর্যাদায় অনুষ্ঠিত হয় বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির শারদোৎসব। শরতের নীল আকাশ, সোনালি রোদ আর কাশফুলের দোলায় আগমনীর সুর। হাতে গোনা কয়েকদিন পরেই বাঙালির শ্রেষ্ঠ উৎসব দুর্গাপুজো। আর সেই পুজোর আবহে নতুন করে উঠে আসছে জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির প্রাচীন ঐতিহ্য। ৫১৭ বছরের ইতিহাস বুকে নিয়ে আজও স্বমহিমায় উজ্জ্বল এই রাজবাড়ির দুর্গোৎসব। প্রাচীন রীতি মেনেই শুরু হয়েছে পুজোর প্রস্তুতি। নন্দ উৎসবে কাঠামো পুজোর মধ্য দিয়ে প্রতিমা নির্মাণের কাজ শুরু হয়। উৎসবের কাদা খেলার জন্য সংরক্ষিত মাটি দিয়েই তৈরি করা হচ্ছে দেবী প্রতিমা। এখানে মাকে মাছের বিভিন্ন পথ দিয়ে আমিষ ভোগ দেওয়া হয়ে থাকে বলে এমনটাই জানিয়েছেন রাজপুরোহিত শিবু ঘোষাল। এই পুজোর অন্যতম আকর্ষণ দেবী দুর্গার অনন্য রূপ। এখানে দেবী তপ্ত কাঞ্চনবর্ণা। আর পাঁচটা দুর্গাপুজোর সঙ্গে বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির পুজোর পার্থক্য চোখে পড়ে দেবীর বাহনেও। এখানে সিংহের পাশাপাশি বাঘ দুর্গার বাহন। রূপোর অস্ত্রসজ্জায় সজ্জিত করা হয় দেবীকে। দেবী দুর্গার সঙ্গে পূজিত হন গঙ্গা, বিষ্ণু, মহেশ্বর, মহামায়া এবং দুই sakhī জয়া ও বিজয়া। চার সন্তান-সহ দেবীকে ঘিরে রাজবাড়ির প্রতিমা বিন্যাসেও রয়েছে নিজস্ব বৈশিষ্ট্য। দুর্গা-সহ অন্যান্য প্রতিমাকে একটি রথের মধ্যে সাজিয়ে রাখা হয়। এই পুজোর আরও একটি বিশেষ আকর্ষণ অষ্টমীর অর্ধরাত্রির পুজো। রাজবাড়ির অন্দরমহলে নির্দিষ্ট রীতি মেনে এই পুজো অনুষ্ঠিত হয়। অতীতে নরবলির প্রচলন থাকলেও বর্তমানে সেই প্রথা বন্ধ। তার পরিবর্তে চালের গুঁড়ো দিয়ে মানুষের অবয়ব তৈরি করে কুশ দিয়ে বিদ্ধ করার একটি বিশেষ আচার পালন করা হয়। এই পুজোর নির্দিষ্ট পর্বে অংশ নিতে পারেন শুধুমাত্র রাজবাড়ির সদস্যরাই। কালিকাপুরাণের বিধি মেনে অনুষ্ঠিত হয় বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজো। প্রাচীন আচার, স্বতন্ত্র প্রতিমার রূপ এবং নিজস্ব পুজোর রীতির মধ্য দিয়ে আজও অটুট রয়েছে এই রাজবাড়ির ঐতিহ্য। পুজোকে কেন্দ্র করে প্রতি বছরই রাজবাড়িতে ভিড় জমান বহু মানুষ। ইতিহাসের টান, প্রাচীন পরম্পরা আর দেবীর অভিনব রূপ—সব মিলিয়ে বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গোৎসব শুধু একটি পুজো নয়, উত্তরবঙ্গের সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যের এক গুরুত্বপূর্ণ অধ্যায়। পাঁচ শতাব্দীরও বেশি সময় পেরিয়ে আজও সেই একই নিষ্ঠা, একই পরম্পরা। সময় বদলেছে, বদলেছে উৎসবের ধরন, কিন্তু বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজোর স্বাতন্ত্র্য আজও অমলিন। রিপোর্ট :- প্রদ্যুত দাস ( জলপাইগুড়ি )
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ठाकुरपुकुर बाजार में दुकानों में भीषण आग, दमकल ने आग पर पाया नियंत्रण

Baruipur, West Bengal:রাতে ঠাকুরপুকুর থানার অন্তর্গত ঠাকুরপুকুর বাজারে একটি মুদিখানা দোকানে বিধ্বংসী আগুন লাগে। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে আসে দমকলের তিনটি ইঞ্জিন। দমকল সূত্রে জানা যায়, ঘন্টার তিনিকে সময় লাগে আগুন সম্পূর্ণভাবে নেভাতে। প্রথমে একটি মুদিখানা দোকানে আগুন লাগে, তারপর একটি স্টোর রুমে আগুন লাগে। পাশেই থাকে ঠাকুরপুকুর কলেজ। সাথে সাথে সিইএসসি তরফ থেকে বিদ্যুতের লাইন বিচ্ছিন্ন করে দেওয়া হয়। ঘটনা স্থলে থাকে ঠাকুরপুকুর থানার পুলিশ। তবে কিভাবে আগুন লেগেছে এখনো পর্যন্ত পরিষ্কার নয়। স্থানীয়রা জানায় যখন ব্যবসায়ীরা রাতে দোকান বন্ধ করে চলে যায়, সেই সময় একটি মুদিখানা দোকানে আগুনের ফুলকি তারা দেখতে পায়। সম্ভবত ধূপের আগুন থেকে আগুন লাগতে পারে বলে অনুমান। তবে মুদিখানা দোকানের মালিক জানায় শর্ট-সার্কিট থেকে আগুন লেগেছে।
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समस्तीपुर में बाइक सवार बदमाशों ने महिला से पांच लाख की सोने की चेन छीनी

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में बाइक सवार बदमाशों का आतंक, महिला के गले से पांच लाख के सोने की चेन और जितिया झपटी 。 सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना । समस्तीपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। देर शाम हाट से घर लौट रही एक महिला को बाइक सवार दो बदमाशों ने निशाना बनाया ।घटना समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में संत कबीर कॉलेज के समीप टोटो से उतरते ही बदमाश महिला के गले से सोने की चेन और जितिया झपटकर फरार हो गए। छिनतई किए गए आभूषणों की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों की पहचान में जुटी है। पीड़ित महिला ने बताया कि हाट से खरीदारी कर टोटो से घर लौट रही थीं। संत कबीर कॉलेज के समीप टोटो से उतरने के दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन और जितिया झपट ली। इसके बाद दोनों बदमाश तेजी से फरार हो गए। उनके गले से सोने की चेन और पांच गोलों वाली जितिया छीनकर भाग निकले। छिनतई किए गए आभूषणों की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस बदमाशों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए मामले की जांच में जुटी है।
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9 अक्टूबर से मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश-निकास बंद, नई दिल्ली स्टेशन छोड़कर इंटरचेंज चालू

Noida, Uttar Pradesh:सुरक्षा कारणों से, नीचे दिए गए मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट 9 अक्टूबर, 2026 को रात 9:00 बजे से 10 अक्टूबर, 2026 को शाम 6:00 बजे तक बंद रहेंगे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां ​​स्थिति की समीक्षा करेंगी और उसी के अनुसार ज़रूरी जानकारी दी जाएगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर बाकी सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 1. जनपथ2. पटेल चौक 2. केन्द्रीय सचिवालय 3. लोक कल्याण मार्ग 4. राजीव चौक 5. नई दिल्ली 6. सेवा तीर्थ 7. मंडी हाउस 8. बाराखंभा रोड 9. आईटीओ 10. दिल्ली गेट 11. खान मार्केट 12. रामकृष्ण आश्रम मार्ग 13. झंडेवालान 14. सुप्रीम कोर्ट 15. इंद्रप्रस्थ 16. शिवाजी स्टेडियम 17. दिल्ली हाट-आईएनए 18. हौज़ खास 19. जोर बाग 20. लाजपत नगर 21. जंगपुरा 22. आश्रम 23. जामिया मिल्लिया इस्लामिया 24. चावड़ी बाज़ार 25. जामा मस्जिद 26. करोल बाग 27. राजेंद्र प्लेस 28. विश्व विद्यालय 29. कश्मीरी गेट 30. इन्द्रलोक 31. गुरु तेग बहादुर नगर 32. नेताजी सुभाष प्लेस 33. आज़ादपुर 34. जहांगीरपुरी 35. हैदरपुर बादली मोड़ 36. मजलिस पार्क 37. सीलमपुर 38. मौजपुर-बाबरपुर 39. जाफराबाद 40. स्वागत है 41. यमुना विहार 42. खजूरी खास 43. शाहदरा 44. रिठाला यह मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के बारे में पहले साझा किए गए अपडेट में आंशिक संशोधन है।
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