icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
241001
MMohd.AsifFollow26 Nov 2024, 12:10 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बलरामपुर-गोंडा-श्रावस्ती सड़क चौड़ीकरण का आज शिलान्यास, क्षेत्र में नई गति

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में मंगलवार को विकास की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बालपुर-तिलकपुर मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। सदर विधायक पलटूराम ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के साथ परियोजना की शुरुआत कराई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। यह बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना बलरामपुर-गोंडा मार्ग स्थित कुआना रेंज से शुरू होकर फातिमा स्कूल, बालपुर और सोनपुर होते हुए श्रावस्ती बॉर्डर तक जाएगी। करीब 6.30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है。 स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग तीन जनपदों—बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती—को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को लंबे समय से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि कम समय में एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचना संभव हो सकेगा。 इस सड़क से आसपास के करीब दो दर्जन गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग उनके लिए मुख्य संपर्क साधन था, लेकिन खराब हालत के चलते आवागमन प्रभावित रहता था। सड़क बनने के बाद व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवाजाही में भी सुविधा बढ़ेगी。 कार्यक्रम के दौरान विधायक पलटूराम ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि इस मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाए। उन्होंने बताया कि लगातार प्रयासों और शासन स्तर पर पहल के बाद आज यह कार्य शुरू हो सका है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की मूलभूत जरूरतें पूरी होंगी。 शिलान्यास कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल देखने को मिला।
0
0
Report

लखीमपुर खीरी: टावर पर चढ़े युवक ने भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली इलाके के नौरंगाबाद मोहल्ले में स्थित टावर पर एक शख्स अचानक चढ़ गया जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुटने लगी। जैसे ही मामले की सूचना जिला प्रशासन को हुई वैसे ही एसडीएम और एएसपी मौके पर पहुंच गए और टावर पर चढ़े युवक से समस्या पूछ कर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उसे नीचे उतारा गया। युवक मोहम्मदी थाना इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है जो मूड़ा निजाम चौकी इंचार्ज पर भूमाफियाओं से मिलीभगत कर उसकी जमीन कब्जा करा देने का आरोप लगा रहा है। इससे पहले युवक ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी, इस पर पुलिस अधीक्षक ने उसे फिर से थाने भेज दिया। नाराज होकर युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। मामले में पुलिस ने युवक को अपने सतह ले गई है इसके समस्या सुनकर निदान करने का भरोसा दिया है।
0
0
Report

फर्रुखाबाद के कायमगंज में खेत जाते परिवार पर दबंगों का हमला

ASARUN SINGHJust now
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में खेत जाते समय एक परिवार पर दबंगों ने लाठी-डंडों और फावड़ों से हमला कर दिया। पीड़ित परिवार ने पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र सौंपा है। सुबह खेत की ओर जा रहे परिवार को रास्ते में घात लगाए दबंगों ने रोका। गाली-गलौज के बाद विरोध पर लाठियां और फावड़े बरसाए। परिवार में चीख-पुकार मच गई। कई सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं। पहले भी विवाद हो चुका। अब समझौते का दबाव बना रहे और कार्रवाई से धमकी दे रहे। हमसे निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग कर रहे। घायलों ने उपचार के बाद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी है। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा। क्या दबंगों पर शिकंजा कसेगी पुलिस?
0
0
Report
Advertisement

28 गांवों की बैठक: जलसेन-खरैटा मार्ग बदहाल, आंदोलन की चेतावनी

Karauli, Rajasthan:खेड़लियान का पुरा स्थित धोहरे वाले मंदिर में 28 गांवों की हुई बैठक, सड़क निर्माण और अतिक्रमण हटाने की रखी मांग, जिला करौली हिंडौन सिटी मुख्य सड़क मार्ग से जलसेन होते हुए खरैटा तक जाने वाली सड़क की बदहाली को लेकर सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक खेड़लियान का पुरा स्थित धोहरे वाले मंदिर में आयोजित हुई। बैठक में सड़क की खराब स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए बड़े जनआंदोलन की रणनीति तैयार की गई। ग्रामीणों ने बताया कि जलसेन-खरैटा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क पर डामर नाममात्र भी नहीं बचा है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क से लगातार धूल उड़ने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन हादसे होने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। यह मार्ग आसपास के 28 गांवों को शहर से जोड़ता है, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति और मार्ग के दोनों ओर हुए अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों का शहर से संपर्क लगभग टूट चुका है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों और आम लोगों को रोजाना परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बैठक में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण और अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर पहले भी नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी विभाग, स्थानीय विधायक और सांसद को कई बार ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी से नाराज लोगों ने जल्द ही उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। बैठक में फत्तू का पुरा, मनेमा का पुरा, सालिमपुरियान का पुरा, खोखलियान का पुरा, देवरिया, सिंघानिया सहित सभी 28 प्रभावित गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
0
0
Report
Advertisement

*चील्ह मिर्जापुर: 4 महीने में ही ध्वस्त हुई सीसी रोड, ग्रामीणों ने प्रधान-सेक्रेटरी पर लगाया आरोप

Basthan, Uttar Pradesh:*चील्ह मिर्जापुर: 4 महीने में ही ध्वस्त हुई सीसी रोड, ग्रामीणों ने प्रधान-सेक्रेटरी पर लगाया लाखों के घोटाले का आरोप* *चील्ह, मिर्जापुर।* ग्राम पंचायत चंदेलडरिया में सुखा राम के घर से राकेश कुमार के घर तक 4 महीने पहले बनी सीसी रोड पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। सड़क पर जगह-जगह दरारें आ गई हैं और ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री लगाकर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक यह रोड अपना दल एस के सेक्टर अध्यक्ष कृष्ण कुमार बिंद के लगातार प्रयास और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के अनुमोदन के बाद चिन्हित की गई थी। कई संघर्षों के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क टूटने लगी। आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हुआ और घटिया सामग्री लगाकर बोर्ड लगा दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क में सीमेंट, बालू और गिट्टी का अनुपात सही नहीं रखा गया। कम्पैक्शन भी ठीक से नहीं हुई, जिसके कारण बारिश में ही सड़क बैठने लगी। अब हालत यह है कि दोपहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों को स्कूल और मरीजों को अस्पताल ले जाने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर मिलीभगत कर लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर केवल खानापूर्ति की गई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर प्रधान, सचिव और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही गुणवत्तापूर्ण तरीके से सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए। ग्रामीण राकेश, कृष्ण कुमार, राजेश,जितेन्द,ने कहा कि यह रोड केंद्रीय मंत्री के अनुमोदन से आई थी। पूरी सी सी रोड नहीं बनाई गई और निर्माण का बोर्ड लगा दिया गया जो सी सी रोड बनी है वह भी खराब हो गई है ऐसे में अगर काम में गड़बड़ी हुई तो जनता का भरोसा टूटेगा। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द जांच और मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। इस संदर्भ में जब ग्राम विकास अधिकारी उमेश सिंह से बात की गई तो उन्होंने केवल गोलमोल जवाब दिया और बोले कि निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा जब निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका बोर्ड लगा दिया गया इस प्रश्न पर उन्होंने चुप्पी साध ली फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।
0
0
Report
Advertisement

झज्जर के देवरखाना में नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़: पोक्सो एक्ट जुड़ा, गिरफ्तारी की तैयारी

Jhajjar, Haryana:झज्जर जिले के बादली क्षेत्र के गांव देवरखाना में नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। बाद में बच्चियों के कोर्ट बयान के आधार पर मामले में पोक्सो एक्ट भी जोड़ा गया। हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई दिन बीतने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गांव देवरखाना निवासी मौसम पत्नी राहुल ने शिकायत दी कि 18 अप्रैल 2026 की शाम उसकी बेटियां अपनी सहेली के साथ गांव में घूमने गई थीं। इसी दौरान एक काली गाड़ी में सवार युवक ने उनका पीछा किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक ने बच्चियों की तरफ गंदे इशारे किए और एक पर्ची फेंकी, जिस पर मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। परिवार के अनुसार बच्चियां डर गईं और वहां से भागकर घर पहुंचीं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने दर्ज किया केस एफआईआर के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद बादली थाना पुलिस गांव देवरखाना पहुंची और बच्चियों व परिजनों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 और 79 के तहत मुकदमा नंबर 100 दर्ज किया। बाद में बच्चियों की काउंसलिंग और कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद मामले में पोक्सो एक्ट भी जोड़ दिया गया। आरोपी सरकारी डॉक्टर बताया गया परिवार ने आरोपी की पहचान गांव लाडपुर निवासी नवीन पुत्र कृष्ण के रूप में की है। आरोप है कि आरोपी पीएचसी बाढ़सा में सरकारी डॉक्टर के पद पर कार्यरत है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में समझौते की बात कही थी। अब परिवार आरोप लगा रहा है कि आरोपी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा है, जबकि बच्चियां मानसिक तनाव में हैं। “जांच जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी” मामले में पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाइट पीड़ित परिवार झज्जर सुमित कुमार
0
0
Report
Advertisement

रामगढ़ के चितरपुर में सास- दामाद गैंग गिरफ्तार, लाखों के गहने बरामद

Ramgarh Cantonment, Jharkhand:रामगढ़ के चितरपुर में हुई चर्चित शिवशंकर ज्वेलरी शॉप में करोड़ों रुपए की डकैती कांड मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज कांड में पुलिस ने अब 'सास और दामाद' की जोड़ी को गिरफ्तार किया है, जो लूटे गए गहनों को ठिकाने लगाने में मदद कर रहे थे। एसपी मुकेश कुमार लूनायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने बरकट्टी निवासी Nazma खातून (40 वर्ष) और उसके दामाद शाहनवाज़ हुसैन (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जब Nazma के घर में छापेमारी की, तो उसकी निशानदेही पर जमीन के नीचे गाड़कर रखे गए लूटे हुए आभूषण में चांदी के 1350 ग्राम गहने और सोने के 49 ग्राम गहने को बरामद किए गए। गौरतलब है कि इस मामले में 24 अप्रैल को पहले ही 7 अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। अब तक इस कांड में कुल 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस शेष अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों और शेष बचे लूटे हुए सामान की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि घटना में शामिल अन्य अपराधियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
0
0
Report

यमुना बाढ़ क्षेत्र में धार्मिक-व्यावसायिक गतिविधियों पर HC रोक: पर्यावरण संवेदनशीलता के कारण

Noida, Uttar Pradesh:'पर्यावरण से खिलवाड़ नहीं', यमुना किनारे धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर दिल्ली HC की रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र में किसी भी धार्मिक या व्यावसायिक गतिविधि की इजाज़त नहीं होगी। कोर्ट ने कहा कि यह इलाका पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। किसी भी धार्मिक या व्यावसायिक गतिविधि के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ की इजाज़त नहीं दी जा सकती। DDA सख्ती से आदेश लागू करें जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने DDA से भी इस आदेश को यमुना सूर घाट पर सख्ती से लागू करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक त्योहारों के मौके पर भी वहां यमुना की पूजा करने आए लोगों की सुविधा के नाम पर गाड़ियों की पार्किंग नहीं हो सकेगी। कोर्ट के सामने मामला क्या था दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश सुरेश कुमार नाम के व्यक्ति की याचिका पर आया है। उन्होंने 2022 में एमसीडी की ओर से दनिकाले गए एक टेंडर को फिर से बहाल करने की मांग की थी। यह टेंडर यमुना सूर घाट के पास पार्किंग स्थल की देखरेख के लिए था। सुरेश कुमार का कहना था कि उन्हें पार्किंग स्थल का काम दे दिया गया था और काम शुरू भी हो गया था, लेकिन बाद में 2025 में एमसीडी और डीडीए ने वह आवंटन रद्द कर दिया। डीडीए का पक्ष सुनवाई के दौरान डीडीए ने कोर्ट को बताया कि यह जमीन यमुना के बाढ़ क्षेत्र में आती है, इसलिए इसका इस्तेमाल व्यावसायिक कामों के लिए नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने भी डीडीए की इस दलील से सहमति जताते हुए पार्किंग बहाल करने की मांग खारिज कर दी。 पार्किंग ज़रूरी हो तो दूसरी जगह करें कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की जरूरत हो, तो डीडीए को यमुना के संवेदनशील क्षेत्र से दूर दूसरी जगह पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वे आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए अलग से केस दायर कर सकता हैं。
0
0
Report

मुंबई महानगर में 10% जलकटौती: पानी बचाकर जीवन बचाने की कोशिश करें

Mumbai, Maharashtra:मुंबई महानगर क्षेत्र में शुक्रवार, 15 मई 2026 से 10 प्रतिशत जल कटौती शुरू होने ज रही हैl जलाशयों में जल भंडारण में कमी के कारण एहतियात के तौर पर बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन का निर्णय लिया हैl मुंबई महानगर को जल आपूर्ति करने वाले जलाशयों में जल भंडारण में कमी के कारण, एक एहतियाती उपाय के तौर पर, और अगले वर्ष आने वाले अल नीनो (El Nino) तथा IOD के संबंध में भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा कम मानसून के पूर्वानुमान को देखते हुए, BMC ने शुक्रवार, 15 मई 2026 से मुंबई महानगर में 10 प्रतिशत जल कटौती लागू करने का निर्णय लिया है। BMC द्वारा यह अपील की जा रही है कि सभी नागरिक जल का संयम से उपयोग करें। 11 मई 2026 तक के आंकड़ों पर विचार करते हुए, मुंबई को जल आपूर्ति करने वाले जलाशयों में कुल 3 लाख 40 हजार 399 मिलियन लीटर जल उपलब्ध है। 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर की वार्षिक आवश्यकता के मुकाबले, वर्तमान में केवल 23.52 प्रतिशत उपयोग इस्तेमाल करने लायक पानी ही उपलब्ध है। BMC जल आपूर्ति पर बहुत बारीकी से नज़र रखे हुए है और प्रतिदिन जल आपूर्ति की योजना बनाई जा रही है。 मुंबई को भातसा बांध (Bhatsa Dam) के भंडारण से 1,47,092 मिलियन लीटर अतिरिक्त जल और ऊपरी वैतरणा बांध (Upper Vaitarna Dam) के भंडारण से 90,000 मिलियन लीटर जल प्राप्त होगा। इसका मतलब है कि मुंबई के लिए जल भंडारण उपलब्ध है और मुंबई के नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।शुक्रवार, 15 मई 2026 से, बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा ठाणे, भिवंडी-निजामपुर नगर निगम और अन्य गांवों को दी जाने वाली पानी की सप्लाई में 10 प्रतिशत की कटौती भी लागू हो जाएगी। पानी की यह कटौती तब तक लागू रहेगी जब तक संतोषजनक बारिश नहीं हो जाती और जलाशयों में इस्तेमाल लायक पानी का भंडार बेहतर नहीं हो जाता。 पानी की बर्बादी से बचें- - रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करना और बर्बादी से बचना मुमकिन है। इसके लिए, पानी बचाने की आदतें अपनानी चाहिए。 - गिलास में उतना ही पानी लें जितनी आपको ज़रूरत हो। शॉवर के बजाय बाल्टी में पानी लेकर नहाना पानी की बहुत बचत करता है। ब्रश करते समय और शेविंग करते समय नल को खुला न छोड़ें。 - घर के काम करते समय नल को खुला न छोड़ें। इसके बजाय, बर्तनों में पानी जमा करें और काम पूरे करें。 - बिना होज़ का इस्तेमाल किए, किसी बर्तन में पानी लेकर और गीले कपड़े से पोंछकर गाड़ियों को धोना आसान है। घर के फर्श, गैलरी, बरामदे, सीढ़ियों वगैरह को धोने के बजाय, उन्हें गीले कपड़े से पोंछें। पिछले दिन का पानी बासी समझकर फेंक न दें。 - वॉशिंग मशीन में एक ही बार में ज़्यादा से ज़्यादा कपड़े धोकर, आप मशीन में पानी के इस्तेमाल को कम कर सकते हैं。 - ऐसे नोज़ल जो नल और वॉश बेसिन के नल के बहाव को कम करते हैं या पानी को फुहार के रूप में निकालते हैं, बाज़ार में आसानी से मिल जाते हैं। नलों पर ऐसे नोज़ल लगाकर, दो-तिहाई तक पानी बचाया जा सकता है। इसलिए, नागरिकों के साथ-साथ सभी होटलों और रेस्टोरेंट को भी इनका इस्तेमाल करना चाहिए。 - रेस्टोरेंट और होटलों को ग्राहकों को गिलास में पानी तभी देना चाहिए जब उन्हें ज़रूरत हो। या पानी की बोतलें देनी चाहिए। ताकि पानी से भरे गिलासों का पानी बेवजह बर्बाद न हो。 - सभी घरों और हाउसिंग सोसायटियों में पानी के सिस्टम और पाइपलाइनों की जाँच की जानी चाहिए। अगर कोई लीकेज मिलती है, तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। इससे पानी की बचत भी होती है और पानी दूषित होने से भी बचता है。 - छत पर बनी पानी की टंकियों को भरते समय, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे ओवरफ़्लो न हों। - सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल संस्थानों को, जहाँ पानी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, ऐसी आदतें अपनानी चाहिए जिनसे पानी की बर्बादी रोककर पानी बचाया जा सके।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top