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Deepak DixitDeepak DixitFollow1 Feb 2025, 03:16 pm
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संविदाकारों का कार्यालय के बाहर धरना: महाप्रबंधक पर कार्रवाई की मांग

Satna, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक एक के कार्यालय के गेट पर निर्माण एजेंसी के संविदाकार घेराव करते हुए धरने पर बैठे हैं। और हाथों में तख्ती लिए नारेबाजी कर रहे। संविदाकारों को माने तो ग्रामीण विकास के महाप्रबंधक जीएम उमेश कुमार साहू की तानाशाही से परेशान होकर उनके ऊपर कमीशन खोरी और अभद्रता पूर्ण बाते करने का आरोप लगाया और उनके द्वारा समय से कार्यों का बिल न पास करने की बाते बताई। करीब दो दर्जन संविदाकार कार्यालय का घेराव कर बैठे हैं। उन्होंने ने कहा कि अगर महाप्रबंधक पर कार्यवाही नहीं होती तो आगे हम सभी निर्माण एजेंसी टेंडर का बहिष्कार करेंगे。
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उज्जैन-इंदौर मार्ग पर बस ने गायों को कुचला, ग्रामीणों ने आग लगा दी

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन-इंदौर मुख्य मार्ग पर नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के पंथपिपलाई रामवासा गांव के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। इंदौर से आ रही निजी यात्री बस (MP 09 FA 7470) ने सड़क पार कर रही दो गायों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने बस में आग लगा दी। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस में कोई यात्री सवार नहीं था। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार वाहनों पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मवेशियों की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है。
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हरभजन बनकर शराब दुकान से 5.46 लाख लेकर फरार आरोपी गिरफ्तार

Chhindwara, Madhya Pradesh:हरभजन निकला साबिर अली 5.46 लाख लेकर हुआ था फरार पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार छिंदवाड़ा में पहचान छिपाकर शराब दुकान में काम करने और 5.46 लाख रुपये लेकर फरार होने का मामला सामने आया है .कोतवाली पुलिस ने आरोपी को दिल्ली और पंजाब में दबिश देकर गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को हरभजन बता कर पिछले तीन महीने से शराब दुकान में काम कर रहा था जबकि उसका असली नाम साबिर अली है.पुलिस के मुताबिक, आरोपी साबिर अली उत्तराखंड के उधमपुर नगर का रहने वाला है.पूछताछ में उसने बताया कि उसका पालन-पोषण पंजाबियों के बीच हुआ था. इसी वजह से उसे पंजाबी भाषा और सिख संस्कृति की अच्छी जानकारी थी .इसी का फायदा उठाकर वह हरभजन नाम से लोगों के बीच रह रहा था .वह गुरुद्वारे में अरदास भी करता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ. आरोपी के पास से पुलिस को 2 पहचान पत्र मिले है जिसमें एक में उसका नाम साबिर अली और दूसरे में हरभजन नाम दर्ज है. आरोपी शराब दुकान से कैश कलेक्शन का काम करता था जिसमें उसने बिछुआ और खमरपानी की शराब दुकान से 5.46 लाख रूपये जिला मुख्यालय पहुंचना था लेकिन उसने बस स्टैंड में गाड़ी खड़ी कर कैश लेकर फरार हो गया था और मोबाइल बंद कर लिया था उसी के बाद कोतवाली में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई थी. पुलिस ने पंजाब और दिल्ली में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया है .
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पटना गर्दनीबाग में पुलिस कस्टडी से आरोपी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Patna, Bihar:लोकेशन पटना एंकर राजधानी पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। तार चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। आरोपी की पहचान जमील अख्तर उर्फ समीर के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है。 जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना पुलिस ने जमील अख्तर उर्फ समीर को तार चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी के सामान की बरामदगी के लिए पुलिस टीम उसे अपने साथ लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और हथकड़ी समेत मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार शाम करीब 4:45 बजे की है। संयोग से उसी समय पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी थाने के औचक निरीक्षण पर पहुंची हुई थीं। एक ओर एसपी थाना परिसर का निरीक्षण कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर आरोपी पुलिस कस्टडी से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस की कई टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ पूरे मामले में हुई लापरवाही की भी जांच कर रही है।
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हाई कोर्ट ने 28 सप्ताह से गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता को एमटीपी की अनुमति दी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में 14 साल 6 माह की दुष्कर्म पीड़िता को 28 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था होने के باوجود चिकित्सकीय गर्भपात (एमटीपी) की अनुमति दे दी है।कोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद-21 हर व्यक्ति को गरिमा, निजता और शारीरिक स्वायत्तता के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। इसलिए केवल एमटीपी अधिनियम की समय सीमा के आधार पर पीड़िता को राहत से वंचित नहीं किया जा सकता। यह आदेश हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के न्यायमूर्ति ए.के. प्रसाद ने दिया।याचिका के अनुसार दिसंबर 2025 में नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ था। आरोपी की धमकियों के कारण उसने किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। जून 2026 में पेट दर्द होने पर परिजनों को उसके गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया।जब परिजन गर्भपात कराने अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ 28 सप्ताह से अधिक का हो चुका है। एमटीपी कानून में सामान्य परिस्थितियों में 24 सप्ताह तक ही गर्भपात की अनुमति है, इसलिए अस्पताल ने प्रक्रिया करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।हाई कोर्ट के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड ने पीड़िता की जांच की। रिपोर्ट में कहा गया कि इस अवस्था में गर्भपात कराने पर अत्यधिक रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा है। वहीं यदि पीड़िता को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर किया जाता है तो उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इससे भी अधिक गंभीर और लंबे समय तक असर पड़ सकता है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद कोर्ट ने पीड़िता के हित को प्राथमिकता देते हुए गर्भपात की अनुमति देने का फैसला सुनाया।हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दुष्कर्म से ठहरा गर्भ कानून की नजर में महिला और बच्ची के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालता है। किसी नाबालिग को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर करना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।अदालत ने कहा कि गरिमा, निजता और शारीरिक स्वायत्तता संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत संरक्षित अधिकार हैं और ऐसे मामलों में इन्हें सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए।हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि पीड़िता को 10 जुलाई 2026 तक जिला अस्पताल या संबद्ध सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाए। गर्भपात की प्रक्रिया दो स्त्री रोग विशेषज्ञों और एक सर्जन की निगरानी में कराई जाएगी।राजनांदगांव के सीएमएचओ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। अदालत ने भ्रूण के डीएनए और अन्य नमूनों को सुरक्षित रखने तथा जांच एजेंसी को सौंपने का भी निर्देश दिया है, ताकि आपराधिक मुकदमे में उनका उपयोग साक्ष्य के रूप में किया जा सके। साथ ही दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करने के आदेश भी दिए गए हैं।
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पुष्कर सिंह धामी ने महाराष्ट्र में उत्तराखंडियों के साथ एकता पर विचार साझा किए

Noida, Uttar Pradesh:NAVI MUMBAI (MAHARASHTRA): PUSHKAR SINGH DHAMI (UTTARAKHAND CM) ON PARTICIPATING IN INTERACTION PROGRAMME WITH PEOPLE FROM UTTARAKHAND RESIDING IN MAHARASHTRA / REMARKS ON DEVELOPMENT AND GOVERNANCE INITIATIVES / CONTINUATION INTO THIRD TERM AS CHIEF MINISTER OF UTTARAKHAND नवी मुंबई: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते हैं, "महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तराखंड के लोग, चाहे महाराष्ट्र की संस्कृति हो या उत्तराखंड की, हमारे देश की विविधता को दर्शाते हैं विविधता में एकता है। भाषा और पहनावे में अंतर के बावजूद, हम एक राष्ट्र हैं। उत्तराखंड के लोग अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं और अपने गांवों में आते-जाते रहते हैं, साथ ही महाराष्ट्र के विकास में भी लगातार योगदान देते हैं वे दोनों जगहों की तरक्की में योगदान करते हैं। आज हमने उनकी संस्कृति को बचाने में मदद करने के लिए बातचीत शुरू की है। उत्तराखंड अभी देश भर में कई पहलों में सबसे आगे है—नए नियम और कानून बनाना, इनोवेशन को बढ़ावा देना और विज्ञान और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना। उत्तराखंड के हमारे भाई-बहन हर साल होने वाले 'प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन' में बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं और अपने सुझाव देते हैं। हमने आज यह बातचीत इसलिए शुरू की है ताकि दोनों क्षेत्रों के लिए उनका सहयोग और समर्थन बना रहे। आज यहां इतने सारे लोगों को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है, खासकर तीन दिनों की भारी बारिश के बाद मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं..."
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