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Amir KhanAmir KhanFollow25 Jan 2025, 05:12 am

Hardoi- लॉकडाउन में गई थी दुकान अब मोटरसाइकिल पर बेच रहे ताले

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई -यह कहानी हरदोई के एक मेहनती सरदार जी की है, जो पिछले 25 सालों से ताले बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। कभी उनकी एक छोटी सी दुकान हुआ करती थी, जहां लोग ताले और अन्य सामान खरीदने आते थे। लेकिन कोरोना महामारी ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। महामारी के दौरान दुकान बंद हो गई, और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उसे फिर से खोलना संभव नहीं हो पाया। हालांकि, सरदार जी ने हार मानने के बजाय अपनी मेहनत और लगन के बल पर एक नया रास्ता अपनाया। अब वह अपनी मोटरसाइकिल पर पूरे शहर में घूम-घूमकर ताले बेचते हैं। शहर की गलियों, मोहल्लों और बाजारों में उनका एक ही उद्देश्य है—अपनी ईमानदारी और मेहनत से अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित रखना।
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दिल्ली में अंधविश्वास का खेल: तस्वीर दफन और खून के छींटे, पुलिस खाली हाथ

Delhi, Delhi:दुनिया चांद पर पहुंच गई लेकिन राजधानी दिल्ली में अभी भी अंधविश्वास कम होने का नाम नहीं ले रहा.. दरअसल बुराड़ी थाना पुलिस को सूचना मिली कि यमुना खादर में एक खेत के अंदर किसी शख्स को मार कर दफनाया गया है। सूचना मिलते ही बुराड़ी थाना पुलिस अधिकारी और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे और खुदाई शुरू की गई। हैरानी की बात यह थी कि जिस घटना स्थल पर तमाम आला अधिकारी पहुंचे वहां पर किसी का शव नहीं बल्कि जादू टोना टोकता वह तंत्र विद्या कर एक शख्स का फोटो पर खून के छीटे मार फोटो में सख्स की आंखें फोड़ कर जमीन में फोटो दफन किया गया था। और वहीं पर एक मिट्टी की ढेर सफेद कफन की चादर उड़ाकर गुलाब के फूल अर्पित किए गए था। जिसे देखकर साफ प्रतीत हो रहा था कि यहां पर किसी अंधविश्वासी सख्स बे अंधविश्वास फैलाने हेतु इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस को खाली हाथ वहां से लौटना पड़ा。
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श्रीडूंगरगढ़ के होटल से नकली नोट बरामद, 156 नोटों के साथ चार युवक गिरफ्तार

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ से बड़ी खबर श्रीडूंगरगढ़ में नकली नोट छापने का बड़ा खुलासा देर रात होटल के कमरे में छापे जा रहे थे नकली नोट पुलिस ने 500-500 के 156 नकली नोट किए बरामद नकली नोटों के साथ चार युवक भी चढ़े पुलिस के हत्थे नेशनल हाईवे स्थित एक होटल पर जब पुलिस ने मारा छापा तो वहां प्रिंटर से छापे जा रहे थे नकली नोट पुलिस ने मौके से दो प्रिंटर, कटर और चमकीली टेप की जब्त आडसर बास का होटल संचालक, हेमासर और पुंदलसर का युवक डिटेन पुलिस ने मौके से बनाया फर्द, कोटगेट थाने में दर्ज होगा मामला पूछताछ में नकली करेंसी गिरोह से जुड़े और खुलासे होने संभावना
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जयपुर के 4 हॉटस्पॉट: 2026 तक निवेशकों की पहली पसंद

Jaipur, Rajasthan:जयपुर का बदलता रियल एस्टेट नक्शा: 2026 में निवेशकों की पहली पसंद बने ये 4 हॉटस्पॉट जयपुर अब सिर्फ पर्यटन और विरासत का शहर नहीं रहा, बल्कि तेजी से उभरता हुआ रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में शहर के विस्तार, रिंग रोड, DMIC कॉरिडोर, मेट्रो कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट एक्सपेंशन और आईटी सेक्टर की गतिविधियों ने कई इलाकों को निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक बना दिया है। 2026 के मौजूदा रियल एस्टेट ट्रेंड्स को देखें तो कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न, तेज कैपिटल अप्रिसिएशन और भविष्य की मजबूत संभावनाएँ दिखाई दे रही हैं। खास बात यह है कि अब निवेश सिर्फ प्लॉटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल स्पेस, रेंटल इनकम और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट की तरफ भी तेजी से बढ़ रहा है। 1. जगतपुरा – आईटी और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा जगतपुरा इस समय जयपुर का सबसे चर्चित और हाई-डिमांड इन्वेस्टमेंट जोन माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया और आईटी कंपनियों से इसकी नजदीकी। वर्किंग प्रोफेशनल्स, एनआरआई निवेशक और युवा परिवार इस इलाके में तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं। यहाँ अपार्टमेंट संस्कृति तेजी से बढ़ी है और बड़े डेवलपर्स लगातार नई परियोजनाएँ लॉन्च कर रहे हैं। फ्लैट्स के दाम: ₹4,800 से ₹6,500 प्रति स्क्वायर फीट सालाना ग्रोथ: लगभग 14.3% YoY मजबूत पॉइंट: एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, आईटी हब, रेंटल डिमांड, एजुकेशन हब कानूनी और निवेश के नजरिए से देखें तो जगतपुरा में निवेश करने वाले खरीदार अब RERA रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स और जेडीए अप्रूव्ड स्कीम्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यहाँ हाई-राइज और प्रीमियम हाउसिंग का विस्तार और तेज होगा。 2. मानसरोवर एक्सटेंशन – नया मिडिल क्लास और अपर मिडिल क्लास हब मूल मानसरोवर अब लगभग पूरी तरह विकसित हो चुका है। यही कारण है कि डेवलपमेंट का नया दबाव धौलई, पत्रकार कॉलोनी और मुहाना मंडी रोड की तरफ तेजी से बढ़ गया है। यह इलाका उन परिवारों की पहली पसंद बनता जा रहा है जो बेहतर कनेक्टिविटी के साथ अपेाकृत किफायती प्रॉपर्टी चाहते हैं। लैट्स: ₹4,000 से ₹5,100 प्रति स्क्वायर फीट प्लॉट्स: ₹15,000 से ₹25,000 प्रति स्क्वायर यार्ड प्रमुख कारण: चौड़ी सड़कें, नई टाउनशिप, स्कूल, अस्पताल और मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मानसरोवर एक्सटेंशन में आने वाले समय में मिश्रित उपयोग (Mixed Use Development) और कमर्शियल कॉरिडोर तेजी से विकसित होंगे。 कानूनी रूप से भी खरीदार अब लैंड यूज, कन्वर्जन और जेडीए स्वीकृति को लेकर पहले से अधिक जागरूक दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि वैध और रेगुलेटेड प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है。 3. अजमेर रोड कॉरिडोर – भविष्य का कमर्शियल पावरहाउस अजमेर रोड अब केवल हाईवे नहीं, बल्कि जयपुर के भविष्य का आर्थिक कॉरिडोर बनता दिखाई दे रहा है। DMIC और जयपुर रिंग रोड के कारण इस बेल्ट में बड़े स्तर पर औद्योगिक, वेयरहाउसिंग और हाउसिंग गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। महापुरा, भांकरोटा और बगरू जैसे क्षेत्र तेजी से निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। यहाँ बड़े प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स और गेटेड टाउनशिप का विकास लगातार जारी है。 प्लॉट्स: ₹29,000 से ₹60,000 प्रति स्क्वायर यार्ड फ्लैट्स: ₹2,800 से ₹4,500 प्रति स्क्वायर फीट प्रमुख कारण: DMIC कनेक्टिविटी, रिंग रोड, इंडस्ट्रियल विस्तार, लॉजिस्टिक्स हब रियल एस्टेट बाजार के जानकारों के अनुसार अजमेर रोड आने वाले वर्षों में जयपुर का सबसे बड़ा कमर्शियल और वेयरहाउसिंग ज़ोन बन सकता है。 हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि इस बेल्ट में निवेश से पहले खरीदारों को भूमि का टाइटल, मास्टर प्लान जोनिंग, कन्वर्जन स्थिति और पर्यावरणीय स्वीकृतियों की गहन जांच अवश्य करनी चाहिए。 4. प्रताप नगर – सबसे तेज़ ग्रोथ वाला इलाका प्रताप नगर को फिलहाल जयपुर का “फास्टेस्ट ग्रोइंग रियल एस्टेट मार्केट” कहा जा रहा है। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की योजनाएँ, कोचिंग संस्थानों का विस्तार, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरपोर्ट की नजदीकी ने इस क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया है。 नारायण हृदयालय जैसे बड़े अस्पताल और लगातार बढ़ती आबादी ने यहाँ रेंटल मार्केट को भी बेहद मजबूत बना दिया है。 प्रॉपर्टी रेट्स: ₹4,800 से ₹5,700 प्रति स्क्वायर फीट सालाना ग्रोथ: लगभग 19.2% कैपिटल अप्रिसिएशन प्रमुख कारण: मेडिकल हब, कोचिंग हब, एयरपोर्ट एक्सेस, RHB योजनाएँ विशेषज्ञों का मानना है कि प्रताप नगर आने वाले समय में जयपुर का सबसे स्थिर रेंटल और एंड-यूजर मार्केट बन सकता है。 बदलता ट्रेंड: अब निवेशक सिर्फ “लोकेशन” नहीं, “लीगल सिक्योरिटी” भी देख रहे जयपुर के रियल एस्टेट बाजार में अब एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहाँ लोग सिर्फ सस्ती जमीन और लोकेशन देखकर निवेश करते थे, वहीं अब खरीदार RERA रजिस्ट्रेशन, जेडीए अप्रूवल, लैंड कन्वर्जन, मास्टर प्लान जोनिंग और टाइटल क्लियरेंस जैसे कानूनी पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं。 विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में वही प्रोजेक्ट और इलाके ज्यादा मजबूत होंगे जहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कानूनी पारदर्शिता भी बेहतर होगी。 जयपुर का विस्तार अब पारंपरिक शहर की सीमाओं से बाहर निकल चुका है। एयरपोर्ट बेल्ट, रिंग रोड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के आसपास नए “मिनी अर्बन क्लस्टर” उभर रहे हैं। ऐसे में 2026 जयपुर के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक निर्णायक वर्ष माना जा रहा है, जहाँ सही लोकेशन और कानूनी रूप से सुरक्षित निवेश आने वाले वर्षों में बड़ा रिटर्न दे सकता है।
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ब्रजघाट पर महिलाओं के वीडियो बनाते हुए युवक पकड़, सुरक्षा पर सवाल उठे

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां धार्मिक आस्था और पवित्रता के केंद्र ब्रजघाट पर गंगा स्नान कर रही महिलाओं का चोरी-छिपे वीडियो बनाते हुए एक युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया गया. जिसके बाद घाट पर ही मौजूद भीड़ ने युवक की जमकर क्लास लगा दी. जानकारी के अनुसार तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे थे. इसी दौरान संभल जनपद का रहने वाला एक युवक काफी देर से घाट पर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा था. आरोप है कि वह स्नान कर रही महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर रहा था. युवक की इन गंदी हरकतों पर वहां मौजूद कुछ महिलाओं को शक हुआ. महिलाओं ने तुरंत इसकी जानकारी अपने परिजनों और पास खड़े अन्य श्रद्धालुओं को दी. जिसके बाद परिजनों ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को मौके पर ही दबोच लिया. जब लोगों ने उसका मोबाइल छीनकर उसकी जांच की, तो उसमें कई महिलाओं के आपत्तिजनक तरीके से बनाए गए वीडियो मिले. मोबाइल में वीडियो देखते ही घाट पर मौजूद परिजनों और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा. गुस्से से आगबबूला हुई भीड़ ने युवक की मौके पर ही जमकर धुनाई कर दी. पवित्र घाट पर इस तरह की घिनौनी हरकत को लेकर लोगों में भारी आक्रोश था. घाट पर हंगामा और मारपीट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को उग्र भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और उसे अपनी हिरासत में ले लिया. पुलिस आरोपी युवक को पास की चौकी पर ले गई है, जहां उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल को भी जांच के लिए कब्जे में लिया है. इस घटना ने एक बार फिर घाटों पर महिलाओं की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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सतना के अस्पताल में नवजात चोरी की कोशिश; सजग परिजन ने बच्चा बचा लिया

Satna, Madhya Pradesh:सतना। जिले के सबसे बड़े सरकारी सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में सुरक्षा की पोल खोलने का एक मामला सामने आया है। यहां के गायनिक वार्ड से एक दिन के नवजात को चोरी करने का प्रयास किया गया। लेकिन पड़ोस में भर्ती मरीज के परिजन की सजगता से नवजात चोरी की वारदात टली। घटना 19 - 20 की दरमियानी रात लगभग 2 बजे की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार माडा टोला निवासी शिवानी चौधरी ने मंगलवार की सुबह एक बच्चे को जन्म दिया था। शिवानी ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग 10 बजे एक युवक उसके पास आया और बच्चे को फीडिंग करा कर सुला देने को बोला और काफी देर तक दूर खड़ा हो कर बार बार वार्ड की तरफ देखता रहा। इसके बाद शिवानी को नींद लग गई। इसी बीच वह बच्चे चुरा लिया। बताया जा रहा है कि अज्ञात युवक बच्चे को झोले में डाल कर डिलेवरी रूम के बाहर से गुजर रहा था तभी पड़ोस में भर्ती दूसरे मरीज की परिजन अभिलाषा तिवारी को बच्चे के रोने की आवाज झोले से आती हुई सुनाई दी। इतना ही नहीं बच्चे के पैर भी झोले के बाहर दिख रहे थे। शक होने पर अभिलाषा ने युवक को रोक कर बच्चे के बारे में पुछने लगी तो युवक भागने लगा। अभिलाषा ने उसका पीछा किया तो वह झोला समेत बच्चे को फेंक कर भाग गया। इस बीच अभिलाषा ने शोर मचाया तो एक नर्स और अभिलाषा का देवर भी आ गए। बच्चे को सकुशल मां को सौंप दिया गया। मामले की जानकारी सिटी कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिवानी और अभिलाषा के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर मुस्लिम समुदाय खुशी: मदनी बयान

Noida, Uttar Pradesh:जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देती है तो मुसलमानों को इससे कोई आपत्ति नहीं होगी, बल्कि उन्हें खुशी होगी मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि इससे गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और हिंसा की घटनाएं रुक जाएंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को पवित्र मानती है और उसे मां का दर्जा देती है, तो फिर सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों बच रही है। मदनी ने पूछा कि सरकार की ऐसी क्या राजनीतिक मजबूरी है।
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बस्तर के सात जिलों में डायल 112 का नया विस्तार, आपातकाल में तेजी

Jagdalpur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पहली बार डायल 112 सेवा का बड़ा विस्तार किया गया है, अब तक यह सुविधा केवल संभाग मुख्यालय जगदलपुर(बस्तर जिले) तक सीमित थी, लेकिन अब संभाग के बाकी 6 जिलों में भी लोगों को आपातकालीन सहायता मिल सकेगी, नक्सल प्रभाव और दूरस्थ इलाकों में सड़क व संचार जैसी समस्याओं के कारण अब तक इन इलाकों तक त्वरित मदद नहीं पहुँच पाती थी, लेकिन नई अत्याधुनिक डायल 112 वाहनों के शुरू होने से स्थिति बदलने की उम्मीद है, बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि संभाग के 7 जिलों के लिए कुल 32 डायल 112 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, इन वाहनों को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या अप्रिय घटना के दौरान पुलिस और राहत टीम तेजी से मौके तक पहुँच सके, अब तक नक्सली दहशत और अंदरूनी इलाकों में सड़क नेटवर्क कमजोर होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रभावित रहता था,नई सेवा शुरू होने के बाद दूरस्थ गांवों में भी त्वरित सहायता पहुंचाने का दावा किया जा रहा है,जगदल Pardal में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने डायल 112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, उन्होंने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और सरकार सुरक्षा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम कर रही है。
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धार में भोजशाला के आदेशों के बीच प्रशासन का सुरक्षा अलर्ट और शांति समिति का संदेश

Dhar, Madhya Pradesh:स्लग :- भोजशाला को लेकर प्रशासन अलर्ट एंकर :- धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। जिले में शांति, कानून व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वहीं प्रशासन ने मीडिया एडवाइजरी जारी कर सभी नागरिकों, धर्मगुरुओं, आगंतुकों और मीडिया प्रतिनिधियों से कोर्ट के आदेशों का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है。 वीओ :- कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित शांति समिति की बैठक में जिले में भाईचारा और शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि धार हमेशा से शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी समाजों और शांति समिति के सदस्यों से सकारात्मक माहौल बनाए रखने में सहयोग की अपील की。 बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और उत्तेजक जानकारियों को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीओ :- वहीं जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से मीडिया एडवाइजरी भी जारी की गई है। एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश बाध्यकारी हैं और उनका अक्षरशः पालन कराया जाएगा। न्यायालय के निर्देशों के विपरीत किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक, भड़काऊ या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित न करें। मीडिया प्रतिनिधियों से भी जिम्मेदार और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने की अपेक्षा जताई गई है। वीओ :- भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने सभी समुदायों से न्यायिक प्रक्रिया और कानून व्यवस्था का सम्मान करते हुए सहयोग करने की अपील की है。 भोजशाला को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रहा है। शांति समिति की बैठक से लेकर मीडिया एडवाइजरी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तक प्रशासन हर स्तर पर नजर बनाए हुए है, ताकि जिले में शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रहे। बाइट :- राजीव रंजन मीना कलेक्टर धार बाइट :-सचिन शर्मा पुलिस अधीक्षक धार कमल सिंह सोलंकी, ज़ी मीडिया, धार。
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सुप्रीम कोर्ट आदेश के बावजूद बकाया भुगतान न होने से जिला प्रशासन पर रोक

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:जिला प्रशासन पर बकाया भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ठेकेदार को भुगतान न करना जिला प्रशासन को महंगा पड़ता नजर आ रहा है। मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा छह महीने में वसूली के आदेश दिए गए हैं। सिविल जज द्वारा बार-बार जिला प्रशासन के अनुरोध पर समय भी दिया गया बाउजूद जिला प्रशासन एक करोड़ 80 लाख का भुगतान करने में टाल मटोल करता रहा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने की सूरत में पेंशन और सैलरी खातों को छोड़कर शेष सभी खातों से 30 मार्च भुगतान पर रोक लगा दी गई । भुगतान न होने के चलते विकास कार्य रुक गए हैं। गस्त लगने वाली पुलिस को डीजल नहीं मिल पा रहा है। टीए डीए का भुगतान बाधित है। ठेकदार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे है। इतना ही नहीं जेल में बंद कैदियों को भोजन व्यवस्था के भी लाले पड़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि मामले में प्रशासन ने शासन को डिमांड पत्र ठेकेदार के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट मुहैया कराने की मांग की है लेकिन 2 महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक भुगतान न होने के चलते प्रशासन के कई विकास और जनहित के काम रुक गए हैं। मामला 2004 का है जब पंचायत चुनाव के दौरान जिला प्रशासन ने पंजाब टेंट हाउस के माध्यम से करीब 70 लाख का काम कराया था। जिसके पेमेंट के लिए बार-बार गुहार लगाने से थक चुके ठेकेदार ने कोर्ट की शरण ली थी। इसके बाद सिविल और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन की तरफ से की गई अपील को निरस्त करते हुए भुगतान करने का निर्देश दिया था। जिसके कंप्लायंस का दायित्व सिविल कोर्ट को दिया गया था। पूरा मामला 22 साल पुराना है बावजूद अब तक ठेकेदार का भुगतान नहीं हो पाया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कितने दिन में जिला प्रशासन ठेकेदार का भुगतान करता है जिसके बाद उनके खातों पर लगी रोक हटेगी। फिलहाल जिले के विकास कार्य पटरी से उतरते नजर आ रहे हैं। मामले में पीड़ित के वकील ने बताया जिला प्रशाशन की लापरवाही से जो भुगतान 22 साल पहले करीब 70 लाख था आज ब्याज सहित 1 करोड़ 80 लाख का हो गया है जो दिन प्रतिवर्ष 9% वार्षिक के दर से बढ़ रहा है। इससे शासन को बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है
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बिलासपुर के निजी स्कूलों की मोनोपॉली पर प्रशासन की कार्रवाई, फायर सेफ्टी घोटाला उजागर

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। स्कूलों की मनमानी, महंगी कॉपियां-किताबें और जबरन एक ही दुकान या स्कूल से सामान खरीदने का दबाव अगर आप भी अपने बच्चों के स्कूल की इस तानाशाही से परेशान हैं, तो यह खबर आपके लिए है। बिलासपुर में निजी स्कूलों की इस मोनोपॉली यानी एकाधिकार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चला दिया है। हमारे स्टिंग ऑपरेशन का ऐसा जोरदार असर हुआ है कि बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सीधे जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वाले निजी स्कूलों के सिंडिकेट को ज़ी मीडिया ने बेनकाब किया। जब हमारे संवाददाता ने इस स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सीधे बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को दिखाया, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने बिना वक्त गंवाए, ऑन-कैमरा ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को फोन घुमा दिया और तत्काल मौके पर जाकर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दे दिया। संजय अग्रवाल कलेक्टर ने कहा कि अभी आपने मुझे वीडियो बताया है, आपने स्टिंग किया है और इसमें हमने डीईओ (DEO) को अभी जस्ट आपका वीडियो देख करके निर्देशित किया है कि तत्काल सेंट जेवियर स्कूल पर देख करके अगर वहाँ पर इस तरह के मोनोपॉली हो रही है कि उन्हीं के स्कूल में ही ये चीज़ें बिकेंगी, एक तो स्कूल में ये सारी चीज़ें बेचने के लिए अलाउड नहीं है, उस पर भी कार्रवाई होगी और दूसरा शासन के निर्देश हैं कि इस तरह से मोनोपॉली नहीं हो सकती, तो इन सारी चीज़ों पे हमने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि शासन के सख्त निर्देश हैं कि कोई भी स्कूल अपनी मनमानी नहीं चला सकता। स्कूल परिसर के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां और किताबें-यूनिफॉर्म बेचना पूरी तरह गैरकानूनी है। अगर कोई भी स्कूल किसी खास दुकान से सामान खरीदने का दबाव बनाता है, तो अब खैर नहीं। DEO की टीम बिलासपुर के ऐसे स्कूलों की कुंडली खंगालने निकल चुकी है। प्रशासन अब एक्शन मोड में है। ज़ी मीडिया अभिभावकों से भी अपील करता है कि अगर आपका स्कूल भी आपको किसी खास जगह से महंगी किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है, तो डरिए मत, आवाज उठाइए। बिलासपुर कलेक्टर के इस कड़े रुख के बाद अब बाकी स्कूलों को भी सुधरना होगा, वरना कार्रवाई तय है। किताबों और कॉपियों की मोनोपॉली तो सिर्फ जेब पर डाका है, लेकिन इस स्कूल ने जो किया है, वो सीधे-सीधे मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ है। इसी स्कूल में जब हमारी टीम ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया, तो जो हकीकत सामने आई, वो रोंगटे खड़े कर देने वाली है। कहने को यह नामी स्कूल है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहाँ सिर्फ दिखावा और धोखा चल रहा है। फायर सेफ्टी (अग्निशमन व्यवस्था) के नियमों की यहाँ धज्जियां उड़ा दी गई हैं। जब हमारे संवाददाता ने स्कूल प्रशासन को घेरा, तो उन्होंने ऐसा अजीबोगरीब बहाना बनाया जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। जरा गौर से देखिए इन तस्वीरों को। स्कूल की दीवारों पर फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ खाली पाइप लाइनें बिछी हुई हैं। आग बुझाने वाले उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर) गायब हैं। जब ज़ी मीडिया ने स्कूल के सीईओ (CEO) से इस खतरनाक लापरवाही पर सीधा सवाल किया, तो उन्होंने कैमरे पर जो दलील दी, वो गले से नीचे नहीं उतरती। सीईओ साहब का कहना था कि— आज ही... ठीक आज ही के दिन सारे फायर सेफ्टी इक्विपमेंट रिपेयरिंग के लिए भेजे गए हैं, इसलिए वो यहाँ दिख नहीं रहे हैं। आज ही हमने सभी फायर सेफ्टी इक्विपमेंट को रिपेयरिंग के लिए भेजा है, इस कारण यहाँ वो दिख नहीं रहा है। सीईओ साहब ने दावा तो कर दिया, लेकिन जब हमारी टीम ने ग्राउंड जीरो पर हकीकत खंगाली, तो झूठ का गुब्बारा फूट गया। पूरे स्कूल परिसर में छानबीन करने के बाद केवल और केवल एक फायर एक्सटिंग्विशर सेफ्टी इंस्ट्रूमेंट मिला। सैकड़ों बच्चों के भविष्य और उनकी जिंदगी को एक अकेले सिलेंडर के भरोसे छोड़ दिया गया है। अगर भगवान न करे, स्कूल में कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या रिपेयरिंग का बहाना बनाने वाले ये अधिकारी बच्चों की जान बचा पाएंगे? इस घोर लापरवाही से साफ है कि प्रशासन की नाक के नीचे बच्चों की जिंदगी को कितने बड़े जोखिम में डाला जा रहा है। सवाल यह उठता है कि शिक्षा के मंदिर को कमाई का जरिया बनाने वाले इन स्कूलों का मैनेजमेंट बच्चों की सुरक्षा को लेकर इतना लापरवाह कैसे हो सकता है? क्या फायर विभाग और शिक्षा विभाग आंखें मूंदकर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? रिपोर्टर शैलेंद्र सिंह ठाकुर वॉकथ्रू विथ सामंत राय सीईओ सेंट जेवियर स्कूल बिलासपुर
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