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Amir KhanAmir KhanFollow25 Jan 2025, 05:12 am

Hardoi- लॉकडाउन में गई थी दुकान अब मोटरसाइकिल पर बेच रहे ताले

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई -यह कहानी हरदोई के एक मेहनती सरदार जी की है, जो पिछले 25 सालों से ताले बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। कभी उनकी एक छोटी सी दुकान हुआ करती थी, जहां लोग ताले और अन्य सामान खरीदने आते थे। लेकिन कोरोना महामारी ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। महामारी के दौरान दुकान बंद हो गई, और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उसे फिर से खोलना संभव नहीं हो पाया। हालांकि, सरदार जी ने हार मानने के बजाय अपनी मेहनत और लगन के बल पर एक नया रास्ता अपनाया। अब वह अपनी मोटरसाइकिल पर पूरे शहर में घूम-घूमकर ताले बेचते हैं। शहर की गलियों, मोहल्लों और बाजारों में उनका एक ही उद्देश्य है—अपनी ईमानदारी और मेहनत से अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित रखना।
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गोपालगंज में विवाह इंकार के बाद प्रेमिका टॉवर पर चढ़ी, शादी की मांग

Gopalganj, Bihar:गोपालगंज में प्रेमी के शादी से इंकार के बाद प्रेमिका अपने प्रेमी के गांव आकर मोबाइल के टावर पर चढ़ गई। घंटों से परिजन व पुलिस लड़की को मनाने में जुटे हैं, वही लड़की टॉवर से नीचे उतरने का नाम नहीं ले रही। घटना मांझा थाना क्षेत्र के बाजार की है, जहाँ बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के गोरौली निवासी सिंधु कुमारी मांझा बाजार में मोबाईल के टावर पर चढ़कर घंटों से बैठी है। सिंधु कुमारी मांझा थाना क्षेत्र निवासी दिनेश पटेल के बेटे अमरजीत कुमार से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है, लेकिन लड़का शादी के लिए तैयार नहीं है। मामला महिला थाना पहुँचा, पंचायत हुई; लड़के ने शादी से इंकार कर दिया। अब नाराज सिंधु कुमारी अपने प्रेमी अमरजीत कुमार के गांव पहुँच गई और मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई; प्रेमी से अभी शादी करानी की मांग कर रही है। पुलिस व लड़के के परिजन लड़की को समझाने में जुटे हैं। वही लड़की अबतक टॉवर से नीचे नहीं उतरी है
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फलों में मिलावट का सच: प्राकृतिक पके फल कैसे पहचानें और केमिकल से कैसे बचें

Morena, Madhya Pradesh:बाजार में मिलने वाले फलों को लेकर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल है—क्या जो फल हम खा रहे हैं, वो प्राकृतिक तरीके से पके हैं? या फिर केमिकल से तैयार किए गए हैं? खासकर आम, केला और पपीता जैसे फलों को जल्दी पकाने के लिए केमिकल इस्तेमाल होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में सवाल ये हैं? कि आम लोग खुद को केमिकल वाले फलों से कैसे बचाएं और फल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? आइए जानते हैं? लोगों की राय… आम लोगों से सवाल: आजकल फलों में मिलावट और केमिकल से पकाने की बातें सामने आती रहती हैं, क्या आपको इसकी चिंता रहती है? आप फल खरीदते समय कौन-कौन सी चीजें देखते हैं? रंग, खुशबू, दाम या दुकानदार पर भरोसा? आपके अनुसार केमिकल से पके फल और प्राकृतिक तरीके से पके फल में क्या फर्क होता है? पहचान कैसे करते हैं? क्या आप बहुत ज्यादा चमकदार या एक जैसे दिखने वाले फलों से बचते हैं? क्यों? क्या आपने कभी ऐसा फल खरीदा जो अंदर से खराब या बेस्वाद निकला हो? तब आपने क्या किया? आपके हिसाब से लोगों को केमिकल वाले फलों से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए? बाजार में फलों की बढ़ती मांग के बीच मिलावट और केमिकल से पकाने की आशंका भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो फल खरीदते समय रंग, खुशबू, बनावट और ताजगी पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, फलों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि सेहत पर किसी तरह का खतरा न हो।
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कराहल में महिला हत्या से दहशत, इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ी

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर के कराहल में महिला की गला रेतकर हत्या, इलाके में सनसनी रात में कुंदी खुलवाकर महिला का कत्ल, पुलिस जांच में जुटी श्योपुर के कराहल में दिल दहला देने वाली वारदात गुर्जर मोहल्ला में महिला की निर्मम हत्या से दहशत कराहल में लगातार हमलों से सहमे लोग, 6 दिन में दूसरी बड़ी वारदात घर में घुसकर महिला की हत्या, फॉरेंसिक टीम करेगी खुलासा कराहल में खूनी खेल! पहले युवक पर हमला, अब महिला की हत्या देर रात घर में घुसे बदमाश, महिला का गला रेतकर फरार श्योपुर में महिला हत्याकांड से सनसनी, कई राज दफन होने की आशंका कराहल की गुर्जर बस्ती में बढ़ता खौफ, लगातार हो रही वारदातें
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शामली केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सोपा

Shamli KhabarShamli KhabarFollow1m ago
Mundetkalan, Uttar Pradesh:शामली केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सोपा ज्ञापन शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट पहुंचे दर्जनों मेडिकल स्टोर संचालकों ने ऑनलाइन दवा बिक्री को अवैध करार देते हुए और इससे जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे का हवाला देते हुए देश के प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जहां प्रदर्शन के दौरान मैडिकलस्टोर संचालकों द्बारा अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर विरोध प्रकट किय गया। आपको बता दे बुधवार को शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में दर्जनों मैडिकल स्टोर संचालक कलैक्टैट पहुंचे। जहा उन्होने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ शौष प्रकट करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम जिलाधिकारी आलौक यादब को एक तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपा। जहां संगठन के जिलाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि काफी लंबे समय से लगातार सरकार से आगर्य के जाने के बावजूद भी इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते दवा विक्रेताओं द्वारा आज ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध स्वरूप सांकेतिक हड़ताल रखी गई है. जिसमें जिले के तमाम दवा विक्रेताओं ने इस विरोध में अपने भागीदारी सुनिश्चित की है। दबा विक्रेताओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन दवा की बिक्री फर्जी प्रिसक्रिप्शन बिना चिकित्सक के परामर्श के घर घर अत्यधिक छूट की दवाओ का वितरण मरीजों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए बडा खतरा है. और देश के लाखों लाइसेंस धारक दवा व्यापारियों के अस्ति पर भी संकट उत्पन्न कर रहा है। दवा व्यापारियों का कहना है कि ड्रग्स एवं कॉस्मेटिस्स एक्ट 1940,एव अधिनियम 1945 में आनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नही होने के बाबजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाई की बिक्री कर रही है। वर्ष 2018 में जनमन आमंत्रित करने हेतु जारी अधिसूचना GSR 817(E) अब अप्रासंगिक एवम निरर्थक हो चुकी है। जिसकी आवश्यकता केवल आपातकालीन में थी. वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में इसकी कोई आवश्यकता ना होने के बावजूद भी इसका दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं क्विक कॉमिक्स कंपनियां अनियंत्रित होम डिलीवरी हेतु किया जा रहा है। जिसके चलते दवा विक्रेताओं द्वारा यह हड़ताल करते हुए मांग की गई है कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रोटक्शन के दवा की बिक्री एवं होम डिलीवरी पूर्णतया प्रतिबंध की जाए, GSR 817 (E) एवं GSR 220 (E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए. और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अत्यधिक छूट एवं प्रिडटरी प्रिंसिग निति पर रोक लगाई जाए. साथ ही दवा विक्रेताओं द्वारा जल्दी उनकी मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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बिलासपुर के वनदेवी मंदिर में भक्त पाँच पत्थर चढ़ाकर मनोकामना पूरी होते हैं

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऐसे कई मंदिर हैं, जिसकी मान्यता काफी खास है। बिलासपुर में भी देवी का एक अनोखा मंदिर है, जहां माता को नारियल, फूल, पूजा सामग्री का चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि यहां प्रसाद के रूप में कंकड़ व पत्थर का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। इस अनोखी परंपरा का पालन सदियों से किया जा रहा है। खमतराई बगदाई मंदिर में वनदेवी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वनदेवी के दरबार में मन्नत पूरी होने के लिए चढ़ावे के रूप में पांच पत्थर चढ़ाया जाता है। भारत में हिन्दू धर्म के अनेकों मंदिर हैं। सभी मंदिर किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित होते हैं। देवी या देवता को प्रसन्न करने के लिए कुछ मंदिर का अपना एक अलग तरीका भी होता है। जैसे किसी मंदिर में अलग तरीके से आरती की जाती है या देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष भेंट या उपहार चढ़ाए जाते हैं। तो कुछ देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग लगाए जाते हैं। खासकर देवी मां के मंदिरों में मां को प्रसन्न करने के लिए लाल चुनरी या वस्त्र, श्रृंगार का सामान और हलवे पूरी का भोग लगाया जाता है। लेकिन देवी मां का एक अनोखा मंदिर है जहां ये सब चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता है, बल्कि यहां मां को चढ़ावे में पत्थर चढ़ाए जाने की परंपरा है। ये अनोखा मंदिर है वनदेवी मंदिर। ये मंदिर देवी मां को समर्पित है और यहां भक्तजन देवी मां को प्रसन्न करने के लिए फल या फूल नहीं बल्कि पत्थर चढ़ाते हैं। देवी मां का ये प्रसिद्ध और अनोखा मंदिर, छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर शहर के पास खमतराई क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर में देवी मां को बाकी मंदिरों की तरह फल, फूल और मिठाई का भोग नहीं लगता है। यहां चढ़ावे के रूप में वनदेवी को केवल पत्थर ही चढ़ाए जाते हैं। यहां मुख्य तौर पर देवी को एक विशेष प्रकार के पत्थर चढ़ाए जाते हैं। इसको लेकर मंदिर के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि वनदेवी को एक विशेष प्रकार के पत्थर प्रिय होते हैं जो खेतों में पाए जाते हैं, इन पत्थरों को गोटा पत्थर कहा जाता है। वनदेवी को पत्थर चढ़ाने के पीछे मान्यता है कि यहां आकर देवी मां को 5 पत्थर चढ़ाने के बाद भक्तजन जो भी मनोकामना मांगते हैं, देवी मां की कृपा से वे सब मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस कारण दूर दूर से लोग यहां देवी मां के दर्शन करने और अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए इस मंदिर में आते हैं और देवी मां को 5 पत्थर चढ़ाकर मन्नत मांगते हैं।
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डूंगरपुर के दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

Dungarpur, Rajasthan:ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में डूंगरपुर के दवा विक्रेताओं का हल्लाबोल, एक दिवसीय हड़ताल से ठप रहे मेडिकल स्टोर एंकर इंट्रो - आज डूंगरपुर जिले के समस्त केमिस्ट एवं दवा विक्रेता लामबंद नजर आए। डूंगरपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस के आह्वान पर जिले भर में एक दिवसीय हड़ताल रखी गई, जिससे स्थानीय दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही。 बॉडी - जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की। दवा विक्रेताओं ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से अवैध रूप से दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे न केवल छोटे केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद कंपनियां धड़ल्ले से व्यापार कर रही हैं। बिना किसी वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'प्रेडेटरी प्राइसिंग' और अत्यधिक छूट के जरिए स्थानीय छोटे दवा विक्रेताओं के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देशभर के लाखों केमिस्ट आज असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने कोरोना जैसी महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित की थी, लेकिन आज सरकार की अनदेखी के कारण हमारा व्यापार संकट में है। यदि इन अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।" इधर प्रदर्शन के बाद दवा विक्रेताओं ने कलेक्टर को पीएम व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को रोकने, बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर रोक लगाने सहित अन्य मांगे की है。 बाइट - वीपी जैन पदाधिकारी डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस
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प्रतापगढ़ में ऑनलाइन दवा बिक्री रोकने को लेकर दवा कारोबारियों का एकदिवसीय प्रदर्शन

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और दवा व्यापारियों के हितों की सुरक्षा को लेकर बुधवार को जिलेभर के मेडिकल व्यवसायियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं. विरोध प्रदर्शन के बाद दवा विक्रेताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन माध्यम से हो रही दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और कठोर कार्रवाई की मांग उठाई. ज्ञापन में बताया गया कि बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधानों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट डिस्काउंटिंग जैसी गतिविधियां मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं. साथ ही इन गतिविधियों से लाखों छोटे लाइसेंसधारी केमिस्टों एवं दवा व्यापारियों के व्यवसाय पर भी संकट उत्पन्न हो रहा है. दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं. ज्ञापन में वर्ष 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) और कोविड काल में लागू GSR 220(E) को वापस लेने की मांग भी रखी गई. मेडिकल व्यवसायियों ने प्रमुख मांगों में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर कठोर कार्रवाई, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री और होम डिलीवरी पर रोक, तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रही अत्यधिक छूट और प्रतिस्पर्धी मूल्य नीति पर प्रतिबंध लगाने की मांग शामिल की. विरोध प्रदर्शन में शामिल दवा विक्रेताओं ने कहा कि कोविड महामारी जैसे कठिन समय में केमिस्टों ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए छोटे दवा व्यापारियों के हितों और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सरकार को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए. प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया.
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DC गांदरबल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के क्रियान्वयन की समीक्षा की

Aram Pora, Ganderbal, Deputy Commissioner (DC) Ganderbal, Jatin Kishore chaired a meeting to review the implementation of Solid Waste Management Rules-2026 in urban and rural areas of the district. During the meeting, the DC reviewed the existing system of solid waste management, including waste collection, segregation and disposal mechanisms across the district, and stressed the need for effective implementation of sanitation measures. He also reviewed the mechanism for handling bulk waste generators and emphasized strict adherence to prescribed waste management norms. The DC directed the concerned officers to ensure source segregation of waste at all levels and called for intensified awareness and enforcement measures to strengthen compliance. Emphasizing strict enforcement of the Solid Waste Management Rules, the DC directed officers to take action against violators and ensure imposition of penalties wherever required. He particularly stressed that bulk waste generators violating the norms must be penalized. To strengthen oversight and implementation, the DC directed the constitution of a dedicated monitoring cell to supervise and monitor implementation of the Solid Waste Management Rules-2026 across all blocks of the district. The DC also instructed all Block Development Officers to issue proper garbage collection rosters to ensure timely and systematic waste disposal within their respective jurisdictions. The meeting was attended by Additional Deputy Commissioner, Chief Planning Officer, Assistant Commissioner Panchayat, District Officer Pollution Control Committee, Chief Executive Officer, Municipal Committee, Ganderbal and all Block Development Officers of the district.
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