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Deepak DixitDeepak DixitFollow30 Jan 2025, 09:11 am

Hardoi - किसानों की भूमि पर अवैध खनन करने का ठेकेदार पर आरोप

सवायजपुर, Uttar Pradesh:

हरदोई के सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी के ठेकेदार पर बिरसिंहपुर के किसानों ने अपनी भूमि में अवैध खनन करने का आरोप लगाया है, किसानों की शिकायत पर एसडीएम को खनन रोकने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद खनन जारी रहा, कोतवाली क्षेत्र के बिरसिंहपुर गांव निवासी सतीश, रामवीर, दिनेश, रामवीर, छोटेलाल, भैयालाल आदि किसानों ने बुधवार को तहसील में एसडीएम को बताया की संक्रमणीय भूमिधरी पट्टा लगभग 50 साल पहले किया गया था और वह उस पर खेती-बाड़ी कर रहे हैं लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण करने वाली कंपनी के ठेकेदार ने गलत तरीके से उनकी गेहूं की खड़ी फसल पोकलैंड मशीन से खुदाई कर नष्ट कर दी।

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जालौन में खेत पर आम के पेड़ से युवक की आत्महत्या, परिजनों में कोहराम

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के शाहजहांपुर गांव में 20 वर्षीय युवक राकेश कुशवाहा ने खेत पर आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, राकेश कुशवाहा पुत्र निवासी ग्राम शाहजहांपुर, कोतवाली कालपी, मानसिक रूप से परेशान रहता था। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभा रहा था। बताया जा रहा है कि बुधवार देर शाम राकेश घर से खेत की ओर गया था। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत में आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से उसका शव लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वही राकेश काफी समय से मानसिक तनाव में था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। बाइट:- महेन्द्र सिंह--मृतक का पिता
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बारिश के साथ पड़ी ओलों की मार, खेत हुए गीले, बुवाई होगी लेट

Ajay GargAjay GargFollow4m ago
Bugrasi, Uttar Pradesh:बुगरासी क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गुरुवार को दोपहर बाद आई तेज बारिश के साथ ओलों की छाल ने खेतों की स्थिति बिगाड़ दी। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर खेती-किसानी पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में पानी भर गया है और मिट्टी पूरी तरह से गीली हो गई है। इससे किसानों की बुवाई की तैयारियों पर ब्रेक लग गया है। कई किसानों ने पहले ही पलेवा कर लिया था और बुवाई के लिए खेत तैयार कर रहे थे, लेकिन इस अचानक मौसम बदलाव ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि अब खेतों के सूखने में कम से कम 3 से 5 दिन का समय लगेगा, जिसके बाद ही बुवाई संभव हो पाएगी। इससे फसल की टाइमिंग प्रभावित हो सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। खासकर बाजरा, ज्वार और सब्जियों की बुवाई करने वाले किसान ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ओलों के कारण कुछ जगहों पर पहले से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह है कि ओलावृष्टि ज्यादा देर तक नहीं हुई, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के मौसम में किसानों को जल्दबाजी में बुवाई नहीं करनी चाहिए। खेत की नमी सामान्य होने के बाद ही बुवाई करना बेहतर रहेगा, ताकि बीज अंकुरण सही तरीके से हो सके। फिलहाल मौसम साफ होने के संकेत हैं, लेकिन किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, ताकि मौसम स्थिर रहे और वे अपनी खेती का काम समय पर पूरा कर सकें।
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देवबंद के देववृंद नाम की पुनर्स्थापना और मंदिर को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:देवबंद का नाम 'देववृंद' करने और सिद्धपीठ माँ बाला सुंदरी मंदिर को 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित करने की उठी मांग राजय मंत्री जसवंत सैनी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी 7 मई के देवबंद आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक अवसर पर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री जसवंत सैनी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित एक महत्वपूर्ण मांग पत्र प्रेषित किया है। इस ज्ञापन में देववृंद की पौराणिक अस्मिता की पुनर्स्थापना और क्षेत्र के आध्यात्मिक विकास से जुड़ी दो प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया गया है। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के इस स्वर्ण काल में देवबंद को उसकी वास्तविक पहचान मिलना समय की मांग है। जिसमे कहा कि इतिहास और स्थानीय साक्ष्यों के अनुसार इस पावन भूमि का मूल नाम 'देववृंद' है, जो कालांतर में अपभ्रंश होकर देवबंद बन गया। जिस प्रकार वर्तमान सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों को उनके गौरवशाली पौराणिक नाम वापस लौटाए हैं, उसी श्रृंखला में देवबंद का नाम बदलकर 'देववृंद' किया जाना न केवल इस क्षेत्र की ऐतिहासिक गरिमा को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि सनातन संस्कृति के प्रति सरंपित जन-जन की भावनाओं का सम्मान भी होगा। ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग क्षेत्र की अगाध श्रद्धा के केंद्र सिद्धपीठ त्रिपुर माँ श्री बाला सुंदरी देवी मंदिर के सर्वांगीण विकास की रखी गई है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का आधार होने के बावजूद सुविधाओं के अभाव में इस दिव्य स्थल को वह स्थान प्राप्त नहीं हो सका है जिसका यह हकदार है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की है कि मंदिर परिसर का भव्य जीर्णोद्धार कराया जाए और इसे विधिवत 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित किया जाए। इस निर्णय से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होंगी और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से इस पावन भूमि की गरिमा विश्व पटल पर अंकित होगी। इस अवसर पर बजरंग दल पूर्व प्रांत बलोपासना प्रमुख कपिल मोहड़ा व पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह पुंडीर भी उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री जी इस यात्रा के दौरान इन महत्वपूर्ण विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय लेकर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नया स्वरूप प्रदान करेंगे।
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चमोली में चारधाम यात्रा के लिए पुलिस अलर्ट, भूस्खलन से सुरक्षा जारी

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:रिपोर्ट पुष्कर चौधरी चमोली/ उत्तराखंड चमोली जनपद में मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. खासकर चारधाम यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चमोली पुलिस द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत पंवार ने बताया कि खराब मौसम और संभावित भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए जनपद सीमा से लेकर बद्रीनाथ धाम तक संवेदनशील एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है. यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चेतावनी एवं सूचना संबंधी साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को भूस्खलन जोन और जोखिम वाले क्षेत्रों की सही जानकारी मिल सके. चारधाम यात्रा मार्ग पर 25 पुलिस बाइक लगातार संचालित की जा रही हैं, जिनमें करीब 50 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. ये जवान पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार गश्त कर यात्रियों की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए रखेंगे. साथ ही हर पल की स्थिति की जानकारी वायरलेस सेट के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम और एसपी कार्यालय तक पहुंचाई जाएगी. पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा करें. बाइट सुरजीत पंवार एसपी चमोली
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जी हेल्पलाइन ने 18 महीने बाद अवधेश की वृद्धावस्था पेंशन मंजूर कराई

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में जी हेल्पलाइन एक बार फिर जनता के लिए सहारा बनी है, दरअसल 62 साल के एक बुजुर्ग सरकारी महक में की चक्कर लगाकर परेशान था लेकिन 18 महीना के बाद भी उसकी वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल पा रही थी अधिकारियों के चक्कर लगा लगा के परेशान होकर अवधेश शर्मा नाम के वृद्ध आखिर जी हेल्पलाइन की शरण में आए और उसके बाद अधिकारियों ने उनकी सुनवाई की जिससे नामुमकिन से लगने वाली पेंशन अब अवधेश को मिलने का आश्वासन मिला है वीओ 01 बरेली के चंदौसी ग्राम के रहने वाले अवधेश उम्र के इस पड़ाव पर ना तो कोई काम कर सकते हैं और ना ही वह अब कहीं जाकर नौकरी कर सकते हैं उनके जीवन यापन के लिए सरकार द्वारा जारी की गई वृद्धावस्था पेंशन अब उनके लिए एकमात्र सहारा था लिहाजा उन्होंने इसके लिए अप्लाई किया अप्लाई करने के बाद उनको लग रहा था कि उनके बुढ़ापे की सहारा वृद्धावस्था पेंशन बनेगी लेकिन उसके सपने उसे वक्त चकनाचूर हो गए जब लगभग 18 माह का समय बीत जाने के बाद भी उसकी पेंशन मिलना शुरू नहीं हुई लिहाजा वह जी मीडिया के जी हेल्पलाइन की शरण में आया और जब हमारी टीम अधिकारियों के पास पहुंची तो वह पहले जहां अवधेश जी को पहले भगा दिया जाता था वहां जाकर सुनवाई हुई अब अधिकारी अब पूरे मामले में लीपा पोती करने लगे थे लेकिन जी मीडिया के कैमरे के आगे उनकी लापरवाही साफ दिखाई दे रही थी लिहाजा कैमरे के सामने उन्होंने अपनी गलती को मानकर अवधेश जी का पेंशन को अप्रूव कराया इतना ही नहीं जी मीडिया के कैमरे के आगे उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर इनकी वृद्धावस्था पेंशन इनके खाते में आ जाएगी वृद्ध अवधेश डेढ़ साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था लेकिन उसके बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी और जब उसकी उसकी वृद्धावस्था पेंशन मिलने की आप नजर आई तो उसने जी मीडिया की टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया बाइट ....1 अवधेश , पेंशन के।लिए ओरेशन वृद्ध बाइट ....2 अवधेश , पेंशन के।लिए ओरेशन वृद्ध वाक थ्रू विकास भवन के सामने से वॉक थ्रू फाइनल बाइट सुधांशु, समाज कल्याण अधिकारी
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बंगाल हिंसा पर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज, मणिपुर की राह पर तंज

Ranchi, Jharkhand:पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे के बाद हो रहे हिंसा पर झारखंड में भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। झारखंड बीजेपी प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने कहा, बंगाल की राजनीति हमेशा से रक्तरंजीत राजनीति में लोग ज्यादा संलिप्त रहते हैं। जहां भी वामपंथी विचार के लोग रहे हैं रक्त के साथ क्रांति उनका रहा है। बंगाल में लंबे समय तक वामपंथी सरकार थी और हिंसा वहां मूल रहा । सत्ता का हस्तांतरण हुआ टीएमसी आई पर सिर्फ सत्ता का ही परिवर्तन था , विचारों या कार्यशैली का कोई बदलाव नहीं था , टीएमसी शासन में जो महाजंगल राज रहा अब जैसे ही सत्ता बदली ,बेवजह ममता दीदी हराने के बाद भी इस्तीफा देने के बजाय कैसे वैधानिक संकट पैदा करें , उनके कार्यकर्ता को भड़का कर जिस तरह की घटना करवा रही हैं, बंद होना चाहिए। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, बंगाल को अंततः ये लोग मणिपुर बना कर मानेंगे, पृष्ठभूमी लगता है तैयार हो चुकी है, जो हिंसा का दौर चल रहा ,लगता है बहुत जल्द मणिपुर की राह पर बंगाल चल पड़ेगा। जिस तरह खुलेआम गुंडा गर्दी और आतंक का राज दिखा । पांच सौ से ज्यादा कार्यालय जला दिए गए। पार्टी विथ डिफरेंस क्या डिफरेंस है। लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए, जिसमें वोट दिया, जिसने वोट नहीं दिया चुनाव खत्म हो गया ,पूरे सूबे में आपकी सरकार फिर चुन चुन कर लोगों को टारगेट करना , हिंसा करना क्या दर्शाता है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने कहा, लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं , हिंसा करने वाले कोई भी हों, सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बात सरकार की नहीं कानून व्यवस्था की है, जिस तरह से बीजेपी और गृह मंत्री ने जो संबोधन किया था उकसाने वाला बयान दिया था। कांग्रेस किसी भी हिंसा की निंदा करती है।
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कांठडी बांध की बदहाली: सीपेज से पानी बह रहा, पाल पर बबूल खतरा

Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन - कांठडी बांध की बदहाली, सीपेज से बह रहा हजारों लीटर पानी, पाल पर विलायती बबूल बढ़ा रहे खतरा एंकर इंट्रो - डूंगरपुर जिले के जल संसाधन विभाग की अनदेखी के चलते कांठडी बांध इन दिनों बदहाली के आंसू रो रहा है। बाँध की नहर की कोठी में सीपेज होने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। जिससे बांध खाली होने का अंदेशा बना हुआ है। वही बांध की पाल पर बड़े-बड़े विलायती बबूल उग आने से बाँध की पाल को खतरा बना हुआ है | ग्रामीणों ने विभाग द्वारा नहर मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की और मुख्य गेट की मरम्मत के बजाय केवल दीवारों पर प्लास्टर करने के आरोप लगाया है |
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राजस्थान रोडवेज के बेड़े में पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसें, दिसंबर तक 1567 नई बसें लेने की तैयारी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान रोडवेज के बेड़े में पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसें, दिसंबर तक 1567 नई बसें लेने की तैयारी - राजस्थान रोडवेज का फ्लीट होगा मजबूत, 500 बसें खरीद रहा रोडवेज प्रशासन - इनमें से 174 बसें इसी माह तक मिलेंगी, 767 बसें जीसीसी मॉडल पर ली जा रही जयपुर。 राजस्थान रोडवेज को घाटे से उबारने के रोडवेज प्रबंधन के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। एक तरफ जहां राजस्व लीकेज के प्रयासाें से रोडवेज की संचालन आय में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज का बेड़ा नया और मजबूत होने से यात्रियों के लिए सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। दिसंबर तक रोडवेज के बेड़े में 1567 नई बसें शामिल हो जाएंगी। रोडवेज प्रशासन अपनी बसों का बेड़ा बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। एक तरफ जहां पुरानी बसों को रिप्लेस किया जा रहा है। वहीं नई बसों की खरीद के साथ ही जीसीसी मॉडल पर अनुबंध पर बसें ली जा रही हैं। रोडवेज प्रशासन ने वित्त वर्ष 2026-27 में अपने फ्लीट में बदलाव को लेकर रोड मैप तैयार कर लिया है। इस साल रोडवेज प्रशासन 500 बसों की खरीद कर रहा है। इनमें से 200 बसें जहां पिछले वर्ष की बजट घोषणा के तहत खरीदी जा रही हैं। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की बजट घोषणा के तहत भी 300 नई बसों की खरीद की जाएगी। 200 बसों में से 144 एक्सप्रेस बसें इसी माह के अंत तक रोडवेज प्रशासन को मिल जाएंगी। इन 200 बसों में 30 एसी स्लीपर बसें भी खरीदी गई हैं। जबकि 26 अन्य बसों की खरीद प्रक्रिया नए सिरे से की जाएगी। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 300 बसों की खरीद जल्द ही रोडवेज प्रशासन शुरू करेगा。 इस तरह बढ़ रहा रोडवेज का फ्लीट - रोडवेज प्रशासन पहली बार ले रहा 300 इलेक्ट्रिक बसें - EV बसों का टेंडर रोडवेज प्रशासन स्तर पर फाइनल हुआ - मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भिजवाया गया है प्रस्ताव - ईवी बसों से दिल्ली में बीकानेर हाउस से बसें चलाने की रहेगी कोशिश - दिल्ली के अलावा एनसीआर रीजन के जिलों में चलाई जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें - दिल्ली एनसीआर, अलवर, खैरथल तिजारा, भरतपुर क्षेत्र में चलाई जाएंगी - जोधपुर, उदयपुर, माउंट आबू, बीकानेर के लिए भी चल सकेंगी ईवी बसें - इन बसों को अहमदाबाद, चंडीगढ़, आगरा, लखनऊ रूट पर भी चलाना संभव - इलेक्ट्रिक बसें अगले 6 से 8 माह में मिल सकेंंगी - नए वर्ष में 300 बसों की खरीद के लिए प्रस्ताव सरकार को भिजवाया गया - राज्य सरकार से मंजूरी मिलते ही 300 बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू होगी 767 बसों के टेंडर 31 मई तक फाइनल होंगी रोडवेज प्रशासन अपने बेड़े को मजबूत करने के लिए जीसीसी मॉडल पर भी बसें लेने जा रहा है। 767 बसें जीसीसी मॉडल पर अनुबंध पर लेने के लिए रोडवेज प्रशासन ने टेंडर निकाले हुए हैं। प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि इन बसों को जीसीसी माॅडल पर लेने की टेंडर प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाएगी। रोडवेज प्रशासन निजी बस संचालकों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कई तरह की बसें अपने फ्लीट में बढ़ा रहा है। रोडवेज फ्लीट में बढ़ेगी बसों की वैरायटी - 200 बसों में 30 एसी स्लीपर बसें खरीदी जा रही - रोडवेज में पहली बार 36 स्लीपर बर्थ वाली स्लीपर बसें शामिल होंगी - प्राइवेट बसों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्लीपर बसें ली जा रही हैं - रोडवेज प्रशासन अनुबंध पर जीसीसी मॉडल के तहत ले रहा 767 बसें - इन बसों को लेने के लिए टेंडर जारी किए गए - 445 एक्सप्रेस बसें (ब्लू लाइन थ्री बाई टू) अनुबंध पर ली जा रही - 127 स्टार लाइन (नाॅन एसी टू बाई टू) बसें ली जा रही - 100 एसी टू बाई टू बसें भी जीसीसी माॅडल के तहत लेने की है तैयारी - 25 एसी स्लीपर 50 नॉन एसी स्लीपर बसें भी इसी प्रक्रिया में शामिल अनुबंध और खरीद, दोनों साथ-साथ रोडवेज प्रशासन बसों के डीजल औसत काे सुधारने के लिए पुरानी बसों को बेड़े से बाहर कर रहा है। वहीं इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। रोडवेज प्रशासन का प्रयास है कि नई बसें केवल अनुबंध पर ही नहीं, बल्कि रोडवेज के स्वामित्व की भी होनी चाहिए, इसलिए बसों की खरीद भी समानांतर रूप से की जा रही है。
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