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Deepak DixitDeepak DixitFollow28 Jan 2025, 04:12 pm

हरदोईः सीडीओ ने पांडेयपुर गांव के अमृत सरोवर, गौशाला और भरखनी ब्लाक कार्यालय का किया निरीक्षण

सवायजपुर, Uttar Pradesh:

सवायजपुर क्षेत्र में मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरुरानी ने भरखनी ब्लॉक में एक दिवसीय भ्रमण किया। ताबड़तोड़ दौरे में मुख्य विकास अधिकारी ने सवायजपुर नवनिर्मित कोतवाली के अलावा पांडेयपुर गांव में अमृत सरोवर, अमृता गौशाला सहित भरखनी ब्लाक कार्यालय का निरीक्षण किया । उन्होंने भरखनी ब्लॉक अधिकारियों के कार्यों की सराहना की । हालांकि, नवनिर्मित कोतवाली भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसे सुधारने के निर्देश दिए गए। विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रताप सिंह, खंड विकास अधिकारी अशोक दुबे, ब्लॉक प्रमुख अंजू सिंह, प्रधान कमला देवी, सचिव प्रमोद यादव, तकनीकी सहायक प्रवीण दिवाकर आदि मौजूद रहे।

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IFS के 132 सदस्यों का दल देशभर के उद्योगों का दौरा कर लौट गया

Yamuna Nagar, Haryana:इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज के 132 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल आजकल देशभर में दौरा कर पर्यावरण, पौधारोपण, प्लाईवुड उद्योग सहित अन्य उद्योगों की जानकारी ले रहा है. हिमाचल, जम्मू कश्मीर, लेह लद्दाख, पंजाब, हरियाणा का दौरा कर चुके यह अधिकारी 25 दिवसीय दौरे के अंत में यमुनानगर पहुँचे. यमुनानगर पहुँचे प्रतिनिधिमंडल ने सागर वुड प्रोडक्ट इंडस्ट्री के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज के वरिष्ठ अधिकारीयों ने वुड बेस इंडस्ट्री से जुड़ी उत्पादकता, रॉ मैटेरियल और वितरण के बारे में जानकारी दी. प्रतिनिधिमंडल ने देश के विभिन्न इलाकों के दौरे से अनुभव साझा किए ताकि फॉरेस्ट अफसर अपनी ड्यूटी के दौरान इन जानकारियों का लाभ ले सकें.
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ED ने अंकलश्वर GIDC की वंदना केमिकल पर छापे; मनी लॉन्डरिंग की जांच

Bharuch, Gujarat:એન્કર એન્જિનિયરિંગ કૉમ્પ્લેક્સમાં EDએ તપાસનો વ્યાપ વધાર્યો છે. ગુજરાત અને મહારાષ્ટ્રમાં લગભગ 20 સ્થળોએ હાથ ધરાયેલી કાર્યવાહી અંતર્ગત ભરૂચ જિલ્લાના અંકલેશ્વરમાં પણ તપાસ શરૂ કરવામાં આવી છે. અંકલેશ્વર GIDC સ્થિત વंदના કેમિકલ કંપનીમાં ED દ્વારા દસ્તાવેજો, નાણાકીય વ્યવહારો અને કેમિકલ સપ્લાય ચેઇનની તપાસ હાથ ધરવામાં આવી છે. EDની ટીમાએ અંકલેશ્વર GIDCમાં આવેલી વંદના કેમિકલ કંપની ખાતે સર્ચ ઓપરેશન હાથધરી્યું હતું. આ કાર્યવાહી ડ્રગ્સ ડ્રિગર સલીમ ઇસ્માઇલ ડોલા સાથે જોડાયેલા મની લોડરિંગ કેસના અનુસંધાનમાં કરવામાં આવી હોવાનું જાણવા મળે છે. ગુજરાત અને મહારાષ્ટ્રમાં એકસાથે આશરે 20 સ્થળોએ દરોડા પાડવામાં આવ્યા હતા, જેમાં અંકલેશ્વર, સુરત, રાજકોટ, મુંબઈ જેવા શહેરોનો સમાવેશ થાય છે. ભારતના સૌથી મોટા કેમિકલ હਬ તરીકે ઓળખાતા અંકલેશ્વરમાં તપાસ શરૂ થતા ઔદ્યોગિક ક્ષેત્રમાં ચર્ચાઓ तेज બની છે. તપાસ દરમિયાન EDના અધિકારીઓએ કંપનીના દસ્તાવેજો, કમ્પ્યુટર ડેટા, બેંકિંગ રેકોર્ડ તેમજ_nાણાકીય_વ્યવહારોની વિગતવાર ચકાસણી કરી હતી. તપાસ એ દિશામાં આગળ વધી રહી છે કે મેફેડ્રોન (MD) અને મેથામ્ફેટામિન જેવા સિન્થેટિક ડ્રગ્સના ઉત્પાદન માટે ઉપયોગમાં લેવાતા પ્રીકર્સર કેમિકલ્સની સપ્લાય ક્યાંથી કરવામાં આવતી હતી અને આ 전체 સપ્લાય ચેઇનમાં કોણ-કોણ સંકળાયેલા હતા. ડ્રગ્સના ગેરકાયદેસર ઉત્પાદન માટે જરૂરી કાચા માલ અને રસાયણોના ઉત્પાદન, ખરીદી, વેચાણ, પરિવહન અને સપ્લાય નેટવર્કની પણ તપાસ કરવામાં આવી રહી છે. ઉલ્લેખનીય છે કે આંતરરાષ્ટ્રીય ડ્રગ્સ તસ્કરી નેટવર્ક સાથે સંકળાયેલા હોવાના આરોપોનો સામનો કરી રહેલા સલીમ ઇસ્માઇલ ડોલાને તાજેતરમાં તુર્કીમાંથી ભારત લાવવામાં આવ્યો છે. તેના વિરોધી ચાલી રહેલી તપાસના ભાગરૂપે EDએ પ્રિવેન્શન ઓફ મની લોનડરિંગ એક્ટ (PMLA) હેઠળ કાર્યવાહી હાથ ધરી છે. તપાસ એ દિશામાં પણ ચાલી રહી છે કે ડ્રગ્સના ધંધામાંથી કમાયેલા નાણાં ક્યાં રોકવામાં આવ્યા હતા અને કયા માધ્યમોથી તેને કાયદેસર બનાવવા પ્રયાસ કરવામાં આવ્યો હતો. વિકાસાત્મક સ્થિતિમાં ED ની તપાસ ચાલુ છે અને એજન્સી સમગ્ર નેટવર્કની દરેક કડી જોડવાના પ્રયાસમાં लगी हुई છે. હજુ સુધી વંદના કેમિકલ બ્રાંડ પર કોઈ સત્તાવાર આરોપ જાહેર કરવામાં આવ્યો નથી. દસ્તાવેજો, ડિજિટલ રેકોર્ડ્સ અને નાણાકીય વ્યવહારોની ઊંડાણપૂર્વક તપાસ ચાલી રહી છે. આ તપાસ now અંકલેશ્વર સુધી પહોંચતી હોય આ કેસમાં આગામી દિવસોમાં વધુ ખુલાસા થાય તેવી શક્યતા વ્યક્ત કરવામાં આવી રહી છે.
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रोहिणी ड्रेनेज प्रोजेक्ट का शिलान्यास, 50 साल की गारंटी के साथ नये नाला

Delhi, Delhi:Server 171 रोहिणी सेक्टर 22 में जैन नगर से रिठाला मोड तक और रोहिणी सेक्टर 20 और 21 के नालों के पुनर्निर्माण का कार्य का शिलान्यास दिल्ली कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा और रविंद्र सिंह इंद्राज मौजूद रहेंगे रोहिणी के सेक्टर 22 में बेगमपुर रोड और साथ में रिठाला मोड़ से शुरू होकर रोहिणी का सेक्टर 20 और 21 में भी ड्रेन के पुनर विकास का काम शुरू किया गया है नई टेक्नोलॉजी से इस ट्रेन को बनाया जा रहा है दिल्ली के pwd और जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शिलान्यास किया साथ में कैबिनेट मंत्री रविंद्र सिंह इंद्राज भी मौजूद रहे यह जो नाला है पूरा फ्री कास्ट तरीके से बनाया जा रहा है नई टेक्नोलॉजी का नए सामान का इस्तेमाल करके उसी के साथ-साथ रोड के दोनों तरफ नया नाला बनाया जा रहा है यहां पर लगातार शिकायत आई थी जल भराव की नालों के पाइप जाम होने की इस तरह की तो मानसून से पहले ही कदम उठाए जा रहा है कि इस तरीके की समस्या ना आए प्रवेश वर्मा- दिल्ली में बहुत ही कमाल की बात थी कि केजरीवाल जी ने 11 साल तक दिल्ली के ड्रेन ही नहीं बनाए सड़कों के ऊपर जल भरने की समस्या क्यों थी अगर वहां पर ड्रेन होता तो सारा पानी उसमें से निकल जाता पर बना ही नहीं पाए आज पूरे दिल्ली में जहां पर भी जल भराव की स्थिति है या जहां पर हो सकती है हर जगह पर पीडब्ल्यूडी ने जो ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया है उसके साइज के लेवल का क्या होगा और आने वाले दिनों में 50 साल की प्लानिंग को देखकर यह सब किया जा रहा है उसके बाद में जो यह बेगमपुर कंझावला रोड है इसके ऊपर अब कभी भी जल भराव नहीं होगा हमारे साथ ही और यहां के विधायक रविंद्र सिंह इंद्राज इन काम के पीछे पड़े रहे और आज संभव हो पा रहा है यह प्रीकास्ट ड्रेन होगी सरिया बदरपुर रोड़ी यह सब बड़े होने से ट्रैफिक की समस्या होती है दुष्ट पॉल्यूशन की समस्या होती है हमने वह नहीं किया इस ड्रेन की 50 साल की गारंटी है लेकिन 100 साल तक कहीं नहीं जाने वाले 6 महीने का टेंडर का समय है जो ठेकेदार को दिया है पर इसमें ज्यादा समय नहीं लगता क्योंकि सब कुछ बाहर से बना बनाया आ रहा है केवल उनका साइट को तैयार करना है जितनी जल्दी तैयार हो जाएगी
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बागेश्वर में आवारा कुत्ते के हमले से 10 घायल, दहशत फैल गई

Bageshwar, Uttarakhand:Anchor: बागेश्वर में एक कटखने कुत्ते ने जमकर आतंक मचाया। तहसील मार्ग से लेकर विकास भवन मार्ग तक कुत्ते के हमलों से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ते ने अलग-अलग स्थानों पर 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्ते को खदेड़ा, जबकि घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से आवारा और आक्रामक कुत्तों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है。
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दमोह कलेक्टर के बंगले के बेडरूम ड्रॉज़ से मिला मोबाइल: बड़ा खुलासा

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह के कलेक्टर के साथ ये क्या हो रहा? पहले आफिस के टेलीफोन से जासूसी अब घर के बेडरूम की दराज़ में मिला मोबाइल फोन.. एंकर/ एमपी के दमोह में जिले के कलेक्टर के साथ पोस्टिंग के बाद से कुछ न कुछ ऐसा घट रहा है जो चौंकाने वाला है जो अचरज में डालता है और कई सवाल तो खड़े करता ही है और कहीं न कहीं सोचने को भी मजबूर करता है कि आखिर इन कलेक्टर के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है। दमोह जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की पोस्टिंग के कुछ दिन बाद ही एक बड़ा खुलासा हुआ जब उनकी जासूसी की जा रही थी जासूसी उनके आफिस में हो रही थी और जासूसी का जरिया था टेलीफोन का इंटर कॉम, ये इंटर कॉम उनके स्टेनो रूम में था, कलेक्टर यादव ने फिल्मी अंदाज में खुद डिडेक्टिव बनकर इस सब का खुलासा किया। दरअसल डीएम एक दफ्तर का औचक निरीक्षण करने जाने वाले थे ये बात उन्हें ही मालूम थी लेकिन जिस दफ्तर को वो जाने वाले थे उसके अफसर तक खबर पहुंच गई और डीएम को शक हुआ और कुछ ही मिनटों में उन्होंने पकड़ लिया कि उनके चेंबर में लगे टेलीफोन के जरिए उनकी सारी बातें स्टेनो रूम में सुनी जा रही थी, उन्होंने दोनों जगहों के टेलीफोन सील कराए और जांच के लिए भेजे, उन्होंने अपने स्टाफ को भी तत्काल बदल डाला। इस मामले में चारों तरफ चर्चा का बाजार गर्म किया और अभी ये मामला शांत भी नहीं हुआ कि एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार कलेक्टर के बंगले में उनके बेडरूम में बनी दराज़ में एक मोबाइल फोन मिला है, इस फोन के मिलने के बाद खुद कलेक्टर और उनका परिवार आश्चर्यचकित रह गया कि आखिर उनके रूम तक ये फोन आया कैसे। खुद कलेक्टर यादव ने इस घटनाक्रम का खुलासा किया और बताया कि बंगले में शिफ्टिंग के बाद उन्होंने अपने बेडरूम में बनी एक दराज को खोला तो उसमें पुराना अखबार लगा था उस पेपर को हटाया तो उसके नीचे एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन था, कलेक्टर हैरान रह गए, बंगले के स्टाफ से पूछा गया लेकिन किसी ने उसे अपना नहीं बताया, वो उस मोबाइल को लेकर अपने ऑफिस पहुंचे और तमाम अधिकारियों कर्मचारियों से पता किया लेकिन किसी ने ये नहीं कहा कि फोन उनका है, जिसके बाद मोबाइल एक्सपर्ट को बुलाया गया और फोन चालू हुआ तो उसमें एक बच्ची की फोटो थी, इस फोटो को पहचानने के लिए स्टाफ से कहा गया तो मालूम चला कि ये फोन पांच साल पहले दमोह में कलेक्टर रहे एस कृष्ण चैतन्य का है। कलेक्टर पहले से ही यहां पदस्थ रहे कलेक्टर्स से फोन लगा लगा कर पता कर रहे थे और जब जरा मालूम चला तो उन्होंने पूर्व कलेक्टर चैतन्य से बात की और उन्होंने बताया कि फोन उनका ही है। अब सवाल यही कि जिस बंगले में नया कलेक्टर आता है वो यहां शिफ्ट होने से पहले अपने हिसाब से बंगले को साफ कराता है रंग रोगन और साफ सफाई भी कराता है और स्वाभाविक है कि बेडरूम भी साफ होता होगा और वो दराज़ भी जिसमें मोबाइल मिला है लेकिन किसी की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी जबकि जिन कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य का ये मोबाइल बताया जा रहा है उनके बाद तीन कलेक्टर बदल गए। इस गंभीर मामले में कलेक्टर ने खुद सब कुछ बताया और कहा कि ये घटना सामान्य नहीं बल्कि गंभीर है और चिंता में डालती है। उन्होंने पिछली घटना यानी आफिस में जासूसी कांड का जिक्र करते हुए कहा को इस घटना ने प्रदेश और देश में अधिकारियों को सतर्क किया है कई कलेक्टर्स ने अपना स्टाफ बदल दिया है और अपने अपने टेलीफोन भी बदलवाए है , इस बार मामला पेंचीदा है लिहाजा डीएम ने बारीकी से जांच कराए जाने की बात कही है और अब इस दूसरे मामले ने उनकी जरा चिंता बड़ा दी है। अब देखना होगा कि टेलीफोन कांड के बाद मोबाइल कांड पर क्या कार्यवाही होती है。 बाइट/प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह)
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उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष पर तंज कसकर बैठक दाचीगाम अभयारण्य में शिफ्ट कर दी

Chaka, उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष पर एक मज़ाकिया तंज कसा। उन्होंने विधायकों की एक अहम बैठक को एक सैर-सपाटे में बदल दिया, और बैठक अपने घर के बजाय दाचीगाम वन्यजीव अभयारण्य में रखी। NC विधायकों की अहम रणनीति बैठक को उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष पर एक व्यंग्यात्मक हमले में बदल दिया, जब उन्होंने अपनी विधायकों की बैठक गुपकार से दाचीगाम वन्यजीव अभयारण्य में शिफ़्ट कर दी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के साथ अपनी तय बैठक करते हुए विपक्ष पर एक व्यंग्यात्मक हमला किया, जब उन्होंने अपनी गुपकार वाली रिहाइश से बैठक को दाचीगाम वन्यजीव अभयारण्य में शिफ़्ट कर दिया। सभी को चौंकाते हुए, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक SRTC की गाड़ियों में सवार होकर दाचीगाम नेशनल पार्क की ओर निकल पड़े, ताकि पिछले 19 महीनों में NC के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज का जायज़ा ले सकें। उमर अब्दुल्ला की रिहाइश पर तब अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक, सांसद और मंत्री—जो विधायी दल की बैठक के लिए जमा हुए थे—SRTC की गाड़ियों में ठूस-ठूसकर बैठ गए और एक साथ लोक भवन और LG के दफ़्तर की ओर निकल पड़े। नतीजतन, सभी ने यह मान लिया कि उमर शायद LG के दफ़्तर अपना इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं। इससे मीडिया और आम जनता, दोनों में ही हड़कंप मच गया। जब सभी इस काफ़िले का पीछा करने के लिए अपनी-अपनी गाड़ियों में भाग-दौड़ करने लगे, तो उमर ने X पर एक पोस्ट करके सारी अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, “मुझे आपको निराश करने का अफ़सोस है, लेकिन इसे ‘आखिरी पल में शिफ़्ट’ नहीं किया गया है। मेरा इरादा हमेशा से ही इस बैठक को बाहर (ऑफ-साइट) करने का था, और सभी इंतज़ाम—उस जगह पर जिसे मैंने शुरू में ही चुना था—कई दिन पहले ही कर लिए गए थे.” जगह में अचानक हुए इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में दिलचस्पी जगा दी, क्योंकि इस बैठक को सरकारी रणनीति, शासन की प्राथमिकताओं और विधायकों तथा सत्ताधारी गठबंधन के प्रतिनिधियों के बीच तालमेल से जुड़ी एक अहम चर्चा के तौर पर देखा जा रहा था। इससे पहले विपक्ष, खासकर विपक्ष के नेता (LoP) सुनील शर्मा ने कहा था कि यह बैठक उमर सरकार की आखिरी बैठक होगी। उन्होंने एक दिन पहले कहा था, "उमर अपने 'डूबते जहाज़' को बचाने की आखिरी कोशिश कर रहे हैं, और बहुत जल्द आप सुनेंगे कि सरकार गिर गई है." शर्मा ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार और NC (नेशनल कॉन्फ्रेंस) पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। यह बैठक सरकार को बचाने की आखिरी कोशिश साबित होगी (जिसे शर्मा ने 'डूबता जहाज़' कहा था)। अपने दावे को दोहराते हुए शर्मा ने ऐलान किया, "यह सरकार अंदर से पहले ही टूट चुकी है; अब बस खबर बाहर आने में थोड़ा ही समय बाकी है, और बहुत जल्द—मीडिया चैनलों के ज़रिए—हम सुनेंगे कि इस सरकार का अब कोई वजूद नहीं रहा." हालांकि, उमर के घर जमा हुए NC विधायकों ने कहा कि यह एक आम बैठक है और यह स्थानीय BJP इकाई है जो बेवजह शोर मचा रही है। BYTE गुरेज़ के विधायक नज़ीर गुरेज़ी ने कहा, "यह एक आम बैठक है, पार्टी में कोई फूट नहीं है, सब कुछ ठीक है." जब उनसे BJP के दावों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह स्थानीय BJP इकाई है जो बेवजह शोर मचा रही है." इस बैठक में जम्मू-कश्मीर से जुड़े अहम प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। ग़ौरतलब है कि इस बैठक में अलायन्स पार्टनर कांग्रेस मजीद नहीं है ना ही एनसी के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला हैं कहा जाता है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
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रत्नागिरी के स्थानीय चुनाव: 12 में सभी आवेदन वैध, गुरुवार तक माघार अंतिम

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी..कोकण स्थानिक स्वराज्य संस्था निवडणूक: सर्व १२ अर्ज वैध; गुरुवारी कोण माघार घेणार? रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग स्थानिक प्राधिकारी मतदारसंघाच्या विधान परिषद निवडणुकीत मोठी घडामोड समोर आली आहे.. मंगळवारी झालेल्या छाननीत दाखल झालेले सर्व ६ उमेदवारांचे एकूण १२ अर्ज वैध ठरले आहेत,अशी माहिती निवडणूक निर्णय अधिकारी मनुज जिंदल यांनी दिली. आता सर्वांचे लक्ष उद्या,गुरुवार ४ जून या अर्ज मागे घेण्याच्या अंतिम मुदतीकडे लागले आहे.त्यामुळे अखेरच्या दिवशी कोण माघार घेणार आणि निवडणुकीचे अंतिम चित्र काय असणार,याबाबत कोकणवासीयांची उत्सुकता शिगेला पोहोचली आहे.
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अरावली संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट की नई कमेटी जल्द देगी स्पष्ट नीति

Noida, Uttar Pradesh:अरावली की सीमा से खनन तक, हर सवाल का जवाब खोजेगी सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नई कमेटी अरावली पर्वतमाला की एक समान और स्पष्ट परिभाषा तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी केंद्र सरकार की कमेटी की रिपोर्ट की स्वतंत्र समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी भविष्य में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने और अरावली के संरक्षण के लिए सुझाव देगी। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी को 31 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। नई कमेटी में कौन कौन शामिल हैं सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित इस कमेटी की अध्यक्षता भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) की महानिदेशक कंचन देवी करेगी। कमेटी में विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है। इनमे भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) के पूर्व महानिदेशक सुभाष अशुतोष, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ( GSI) के पूर्व निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व संयुक्त सचिव बृज मोहन सिंह राठौड़ और दिल्ली विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अशोक के. भटनागर शामिल है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने IIHS बेंगलुरु से जुड़े पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. जगदीश कृष्णास्वामी और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रो. लक्ष्मीकांत शर्मा को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है。 कमेटी की अध्यक्ष ज़रूरत पड़ने पर इन एक्सपर्ट से भी सुझाव ले सकती हैं。 नए कमेटी की ज़रूरत क्यों पड़ी! 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अमल पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि अरावली जैसे संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्र के बारे में फैसला लेने से पहले स्वतंत्र एक्सपर्ट की ओर से दोबारा जांच जरूरी है।कोर्ट का मानना था कि केंद्र सरकार की कमेटी की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अस्पष्टताएँ हैं, जिन्हें स्पष्ट करना ज़रूरी है。 कमेटी किन मुद्दों की जांच करेगी? सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित यह हाई पावर कमेटी अरावली पर्वत की परिभाषा से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच करेगी। केंद्र सरकार की कमेटी पुरानी रिपोर्ट में कहा गया था कि यदि दो या अधिक पहाड़ियाँ एक-दूसरे से 500 मीटर के भीतर हैं, तभी उन्हें अरावली रेंज माना जाएगा। नई कमेटी इसकी जांच कर अपने निष्कर्ष देगी कि इस परिभाषा को मानने से कहीं अरावली की कई पहाड़ियाँ संरक्षण से दायरे से बाहर तो नहीं हो जाएगी जिसके चलते वहाँ अवैध खनन और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियाँ को बढ़ावा तो नहीं मिलेगा。 खनन की इजाज़त कहाँ हो कमेटी भी तय करेगी कि यदि दो अरावली पहाड़ियाँ 500 मीटर से अधिक दूरी पर हों, लेकिन वे पारिस्थितिक रूप से एक ही प्राकृतिक प्रणाली का हिस्सा हों, तो क्या उन्हें भी अरावली माना जाना चाहिए? कमेटी को तय करना है कि क्या ऐसी पहाड़ियों के बीच के क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं。 100 मीटर की ऊँचाई वाले मापदंड को परखेगी कमेटी केंद्र सरकार की कमेटी की पुरानी रिपोर्ट में कहा गया था कि केवल वही पहाड़ियाँ अरावली मानी जाएँगी जिनकी ऊँचाई आसपास के क्षेत्र से कम से कम 100 मीटर अधिक हो। माना जाता है कि राजस्थान में कुल 12,081 पहाड़ियाँ हैं।इनमें से केवल 1,048 पहाड़ियाँ ही इस 100 मीटर वाले मानदंड को पूरा करती हैं। ऐसे में कमेटी तय करना है कि क्या यह आंकड़ा वास्तव में सही है?क्या इस परिभाषा को मानने से हजारों छोटी पहाड़ियाँ संरक्षण से बाहर हो जाएँगी? कमेटी यह भी आकलन करेगी कि वर्तमान पर्यावरणीय नियम अरावली के संरक्षण के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। यदि जरूरत पड़ी तो नए नियमों और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी सिफारिश की जाएगी।
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हजारीबाग के शेख भिखारी अस्पताल में अंधेरा, इलाज प्रभावित; उपायुक्त सुधार का भरोसा

Hazaribagh, Jharkhand:हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल जब आप जाएंगे तो ऐसा महसूस करेंगे कि किसी सदियों पुराने अस्पताल में आप अपना इलाज करवाने आए हैं l ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यहां की व्यवस्थाएं ही कुछ ऐसी बना दी गई है जिससे हजारीबाग के 17 लाख लोग जो इस एकमात्र अस्पताल पर निर्भर हैं उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है l एक तरफ हजारीबाग में बिजली की व्यवस्था ऐसी चरमराई हुई है की हजारीबाग के लोगों को 15 घंटे भी बिजली बामुश्किल ही मिल पाती है इस पर जिला प्रशासन हजारीबाग का ध्यान नहीं है वहीं दूसरी तरफ कल की घटना आपको बताएं तो कल रात में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिजली एकाएक गुल हो गई जिसके बाद पूरा अस्पताल अंधेरे में डूब गया l इलाज कराने आए लोग, उनके परिजन और साथ में स्वास्थ्य कर्मी भी परेशान दिखे l टोर्च की रोशनी में लोगों का इलाज करते देखा गया है जिसकी पूरी घटना कमरे में कैद है l इस पूरे जानकारी के बाद आज हजारीबाग के उपायुक्त शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सभी चीजों का निरीक्षण किया है और मीडिया के समक्ष बताया कि अस्पताल में काफी अनियमितता हैं जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा l दो-दो सोलर प्लांट्स लगे हुए हैं जो की सही से कार्य नहीं कर रहे हैं इसके लिए भी टीम आज बुलाई गई है दो से दिन तीन दिनों में उसे भी ठीक कर दिया जाएगा उनका कहना है कि मरीज के साथ-साथ उनके परिजनों के लिए भी यहां व्यवस्थाएं नहीं है l पीने का पानी, बैठने की सुविधा एवं पंखा नहीं है जिसे भी जल्द से जल्द सुचारु करने का निर्देश दिया गया है l आज सभी विभाग के पदाधिकारी के साथ हमारी बैठक है जल्द से जल्द सभी चीजों को सुचारू रूप से सही कर लिया जाएगा l Byte हेमंत सती (उपायुक्त हजारीबाग)
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