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Muzaffarpur की शादी स्टेज पर हथियार लहराने वाला युवक पुलिस गिरफ्तारी के लिए तलाश में

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:muzaffarpur जिले के देवरिया थाना क्षेत्र के चक देवरिया गांव के निवासी उमेश सहनी के यहां 5 मई को बारात coming वाली थी, जिसके लिए मेहमान आ चुके थे। दरवाजे पर शहनाई बज रही थी तभी एक युवक शादी के स्टेज पर चढ़कर हथियार लहराने लगा। वह कमर में एक पिस्तौल और हाथ में दूसरी पिस्तौल लिए स्टेज पर घूमता रहा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। परिजन ने युवक को मना किया तो वह गुस्से में आकर परिवार को ही जान से मारने की धमकी देने लगा और स्टेज पर ही फायरिंग कर दी। पीड़ित पक्ष की ओर से देवरिया थाने में आवेदन मिला है और पुलिस आरोपी युवक की तलाश में छापेमारी कर रही है। SSP Kantesh Kumar Mishra ने कहा कि मामले की जांच देवरिया थाना क्षेत्र में चल रही है।
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अमरोहा में प्रेम-विवाद के चलते लव जिहाद के आरोप: गला दबाकर हत्या

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद के गजरौला से लव जिहाद का मामला सामने आया है जहां पर हिंदू प्रेमिका के द्वारा शादी की दबाव बनाने की वजह से मुस्लिम प्रेमी ने अपने बहनोई के साथ मिलकर मुस्लिम प्रेमी कामिल ने हिंदू प्रेमिका की कालाकोट का हत्या कर दी और उसकी मौत को हादसा दिखाने के लिए उसकी लाश को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया, अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में में बीती 7 मई को रेलवे ट्रैक किनारे मिले महिला के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शादी का दबाव प्रेमिका की मौत की वजह बन गया। पुलिस के मुताबिक प्रेमी ने अपने बहनोई के साथ मिलकर महिला की गला दबाकर हत्या कर दी और शव रेलवे पटरी किनारे फेंककर फरार हो गया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में 7 मई 2026 को भानपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की। 9 मई को शव की पहचान तनु पत्नी सुनील तमोली निवासी शिव विहार कॉलोनी बल्लभगढ़, फरीदाबाद हरियाणा के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह काफी समय से अलग रह रही थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां अमरोहा के नौगावां सादात थाना क्षेत्र के मिलक बकैना निवासी कामिल से हो गईं। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन महिला लगातार शादी का दबाव बना रही थी। इसी बात से परेशान होकर आरोपी कामिल ने अपने बहनोई नाजिर निवासी मीरासराय थाना अमरोहा देहात के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी महिला को गजरौला स्टेशन के आगे सुनसान रेलवे ट्रैक किनारे ले गए, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को चुन्नी से ढककर मौके पर छोड़ दिया गया और दोनों फरार हो गए। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाईं और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद इलाके में चर्चाओं का माहौल है।
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भदोही पुलिस ने वाराणसी से 10 हजार रुपये इनामी गैंगस्टर अखिलेश दूबे को गिरफ्तार किया

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:भदोही पुलिस को वाहन चोरी करने वाले गैंग के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। गोपीगंज पुलिस ने 10 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर अभियुक्त को वाराणसी से गिरफ्तार किया है आरोपी अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित 10 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त अखिलेश दूबे को गिरफ्तार किया पुलिस के अनुसार अखिलेश दूबे वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है यह गिरोह आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए अलग-अलग जिलों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। गैंग का लीडर विशाल निषाद बताया गया है, जबकि गिरोह में प्रयागराज के उजाला पांडेय और सागर पांडेय भी शामिल हैं गोपीगंज पुलिस ने आरोपी अखिलेश दूबे को वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र स्थित तिरुपति बालाजी गेस्टहाउस के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भदोही जिले के औराई और गोپیगंज थानों में वाहन चोरी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
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पीलीभीत में पुलिस और SOG की बड़ी कार्रवाई, नेपाल से तस्करी कर लाया जा रहा 760 किलो अखरोट जब्त

Vikrant SharmaVikrant SharmaFollow2m ago
Pilibhit, Uttar Pradesh:यूपी के पीलीभीत में पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने नेपाल सीमा से अवैध रूप से तस्करी कर लाए जा रहे भारी मात्रा में अखरोट के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर लग्जरी कारों में जाली नंबर प्लेट लगाकर तस्करी के इस खेल को अंजाम दे रहे थे। पीलीभीत की न्यूरिया थाना पुलिस और एसओजी टीम ने मुखबिर की सूचना पर एक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने भुजिया मजार के पास घेराबंदी कर दो संदिग्ध कारों को रोका। तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। कारों में कुल 58 पैकेट यानी करीब 760 किलोग्राम अखरोट लदा हुआ था, जिसे नेपाल से बिना कस्टम ड्यूटी चुकाए तस्करी कर भारत लाया गया था। पुलिस ने मौके से दो अभियुक्तों, गगन यादव और नफीश खां को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि ये लोग पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी कारों पर बार-बार नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल करते थे। पकड़ी गई कारों के नंबर प्लेट और उनके इंजन-चेसिस नंबर का मिलान भी नहीं हो पाया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे नेपाल से सस्ते दामों पर अखरोट लाकर स्थानीय बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। हालांकि, एक अन्य आरोपी अफरोज पुलिस को देखकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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सीहोर में पीएमजीएसवाई-IV व पीएम जनमन योजना का शुभारंभ, करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर सीहोर जिले के भैरूंदा में आज आयोजित हुआ प्रदेश स्तरीय बड़ा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवएवं केंद्रीय मंत्री हुए शामिल। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना -IV एवं पीएम जनमन योजना का शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्रदेशभर में 2024 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। PMGSY-IV के तहत मध्यप्रदेश में 1763 करोड़ की लागत से 2117 किलोमीटर लंबी 963 सड़कें बनाई जाएंगी। इससे प्रदेश की 987 बसाहटों को लाभ मिलेगा। सीहोर जिले में 165 करोड़ की लागत से 209 किलोमीटर लंबी 81 सड़कें स्वीकृत हुई हैं, जिससे जिले की 84 बसाहटें लाभान्वित होंगी। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 261 करोड़ से अधिक की लागत से 384 किलोमीटर लंबी सड़कों को मंजूरी दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को प्रधानमंत्री सड़क योजना की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया, इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने भारत के गांव गरीब और मजदूर को परेशान किया है
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आरपीएससी पेपर लीक: SOG ने बाबूलाल कटारा समेत 3 गिरफ्तार, 60 लाख खेल का पर्दाफाश

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में साल 2022 में आयोजित प्राध्यापक/स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ा खुलासा किया\nतत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया\nएसओजी की जांच में सामने आया कि संगठित तरीके से परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाया गया और फर्जी डिग्री व पेपर लीक के जरिए सरकारी नौकरी दिलाई गई.... एसओजी ADG विशाल बंसल ने बताया कि गोपनीय सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की गई थी। इसमें सामने आया कि ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू से बीएड और एमएससी एग्रीकल्चर की बैक डेट में फर्जी मार्कशीट तैयार कर अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा में अवैध तरीके से चयनित कराया गया। इस मामले में एसओजी थाने में 5 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया गया था.... जांच के दौरान सबसे पहले अनिता चौधरी का मामला सामने आया, जो फागी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूल व्याख्याता (कृषि) के पद पर कार्यरत थी। जांच में पाया गया कि उसने बैक डेट में एमएससी एग्रीकल्चर की फर्जी मार्कशीट हासिल कर नियुक्ति के समय प्रस्तुत की और अवैध रूप से सरकारी सेवा में प्रवेश प्राप्त किया। पूछताछ से बचने के लिए उसके फरार हो जाने के बाद मामला और अधिक समझदार हो गया।\nइसके बाद एसओजी ने जांच का दायरा बढ़ाया और अशोक कुमार यादव को गिरफ्तार किया। वह वर्तमान में सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के दिवरালা स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) के पद पर कार्यरत था। जांच में सामने आया कि उसने भी ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू से बीएड और एमएससी एग्रीकल्चर की फर्जी अंकतालिकाएं बनवाई थीं। भर्ती वर्ष 2022 में उसके पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं थी, इसके बावजूद उसने आवेदन पत्र में गलत जानकारी देकर मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया.... एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि अशोक कुमार यादव का शैक्षणिक स्तर सामान्य था। उसने बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री आगरा के एक निजी विश्वविद्यालय से प्राप्त की थी, जबकि बीएड और एमएससी की अंकतालिकाएं फर्जी थीं। परीक्षा परिणामों के विश्लेषण में पाया गया कि पहली पारी यानी सामान्य ज्ञान में उसे 150 में से केवल 68 अंक मिले, जबकि दूसरी पारी कृषि विज्ञान में उसने 300 में से 239 अंक प्राप्त किए। दोनों पेपरों के अंकों में असामान्य अंतर ने सुनियोजित साजिश की ओर इशारा किया।\nगहन पूछताछ में आरोपी अशोक कुमार यादव ने स्वीकार किया कि उसने पेपर माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा गिरोह के सदस्य विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपये में सॉल्व्ड प्रश्नपत्र खरीदने का सौदा किया था। सामान्य ज्ञान का पेपर उपलब्ध नहीं होने के कारण उसमें कम अंक आए, जबकि कृषि विज्ञान का सॉल्व्ड पेपर परीक्षा से एक दिन पहले 10 अक्टूबर 2022 को उपलब्ध कराया गया था और उसे पढ़ाया भी गया, जिसके आधार पर उसने मेरिट में तीसरा स्थान प्राप्त किया.... जांच में सामने आया कि विनोद रेवाड़ को यह पेपर पेपर माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा से मिला था। एसओजी ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र उसे तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने उपलब्ध कराया था, जिसके लिए 60 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।\nएसओजी जांच में यह भी सामने आया कि उस समय आरपीएससी में विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी अलग-अलग सदस्यों को दी गई थी और कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र बाबूलाल कटारा के जिम्मे था। आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसे अवैध रूप से अपने सरकारी निवास पर ले जाया गया, जहां उसके भांजे विजय डामोर ने उसे रजिस्टर में उतारा और बाद में वह पेपर अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को उपलब्ध कराया गया... जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि बाबूलाल कटारा का भांजा विजय डामोर भी इसी भर्ती परीक्षा में भूगोल विषय से शामिल हुआ था। चूंकि भूगोल और सामान्य ज्ञान के पेपर बाबूलाल कटारा के जिम्मे नहीं थे, इसलिए उसने अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा से अलग डील की। कटारा ने कहा कि 60 लाख रुपये के अलावा उसके भांजे के लिए सामान्य ज्ञान और भूगोल के पेपर भी उपलब्ध कराने होंगे। अनिल मीणा ने यह शर्त मान ली और परीक्षा के दिन से पहले विजय डामोर के मोबाइल पर पेपर भेज दिए। हालांकि विजय डामोर ने मोबाइल चेक नहीं किया और बिना पेपर देखे परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया, जिससे उसे कोई फायदा नहीं मिल सका।\nअनिल उर्फ शेर सिंह मीणा ने पूछताछ में यह भी बताया कि प्रश्नपत्रों की प्रतियां तैयार कर विनोद रेवाड़, भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका समेत गिरोह के अन्य सदस्यों को दी गईं। इनके माध्यम से अन्य अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाए गए और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई... एसओजी ने इस मामले में आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा और उसके भांजे विजय डामोर को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है। एसओजी अब यह भी जांच कर रही है कि बाबूलाल कटारा के कार्यकाल में आरपीएससी में और किन-किन अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।\nएडीजी एसओजी विशाल बंसल ने कहा कि यह मामला राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को प्रभावित करने वाला बेहद गंभीर अपराध है। पूरे संगठित गिरोह, बिचौलियों और लाभार्थियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है。\n
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चतरा में 6 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार, लूना वाहन और मोबाइल जब्त

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक लूना वाहन और एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार की टीम ने हेसापारम गांव के समीप वाहन चेकिंग अभियान चलाया, जहां संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 6 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिलीप ठाकुर के रूप में हुई है। सदर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी ने पीतीज क्षेत्र के एक व्यक्ति से ब्राउन शुगर खरीदी थी। एसडीपीओ ने बताया दिलीप को ब्राउन शुगर बेचने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है ताकि उसके ऊपर भी कार्रवाई की जा सके। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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रतलाम में भीषण गर्मी: आग-लगने की लगातार घटनाएं शहर को सकते में

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में गर्मी का पारा बढ़ने के साथ अब आग का तांडव भी देखने को मिल रहा है। बीते पांच दिनों में शहर और आसपास के इलाकों में आग की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कहीं कार जल गई, कहीं लोडिंग वाहन राख हो गया, तो कहीं कचरा ग्राउंड और फैक्ट्री में आग ने भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार बढ़ती गर्मी अब लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। बीते पांच दिनों की पहली बड़ी घटना 5 मई को सामने आई थी, जब रतलाम-झाबुआ मार्ग पर शिवगढ़ के पास एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में तुरंत आग लग गई। आग की लपटों में चालक फंस गया और फायर टीम के पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। जबकि कार में सवार दो अन्य लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया था। इसके अगले ही दिन 6 मई की सुबह रतलाम के महू रोड स्थित चौपाल सागर के बाहर एक लोडिंग वाहन में अचानक आग लग गई। वाहन में टेंट हाउस का सामान भरा हुआ था। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन वाहन और सामान को नुकसान पहुंचा। इसके बाद 7 मई को जुलवानिया गांव के पास नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में आग लग गई। कचरे के बड़े ढेर में लगी यह आग आज तक पूरी तरह नहीं बुझ पाई है। लगातार धुआं उठने से आसपास के क्षेत्र में परेशानी बनी हुई है। हालात ऐसे हो गए कि पास में चल रहे डॉग नसबंदी सेंटर का काम भी बंद करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होगा, तब तक काम दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। वहीं रविवार सुबह एक और बड़ी घटना सामने आई, जब शहर की एक स्टील फैब्रिकेशन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक फैक्ट्री की दो मशीनें और तैयार माल जलकर खाक हो चुका था। फैक्ट्री प्रबंधन के अनुसार इस अग्निकांड में 40 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। रतलाम में इस बार गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। तापमान 44 डिग्री तक पहुंच चुका है। ऐसे में सूखी घास, कचरा, वाहन और फैक्ट्रियों में आग लगने का खतरा लगातार बढ़ गया है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में और बड़ी आगजनी की घटनाएं सामने आ सकती हैं। अब जरूरत है सतर्कता, सुरक्षा इंतजाम और प्रशासन की त्वरित तैयारी की।
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राजগঞ্জ भूमि कार्यालय से लगभग पांच हजार फाइलें गायब, SIT जांच शुरू

Jalpaiguri, West Bengal:राजগঞ্জে ভূমিদপ্তর থেকে প্রায় পাঁচ হাজার ফাইল উধাও। আদালতের নির্দেশে তদন্তে পুলিশের স্পেশাল ইনভেস্টিগেশন টিম বা সিট। শনিবারের পর রবিবারেও সিটের সদস্যরা রাজগঞ্জ ব্লক ভূমি ও ভূমি সংস্কার দপ্তরের অফিসের পাশাপাশি মядিয়ালি রেভিনিউ ইনসপেক্টর বা রাজস্ব আধিকারিকের অফিসে হানা দেন। ভূমি সংস্কার দপ্তরের আধিকারিকদের সঙ্গে নিয়ে সিট সদস্যদের আরও কয়েকটি জায়গায় অভিযান চলানোর কথা রয়েছে। তবে তদন্তের সম্ভাব্যতা বিবেচনায় এখনই সবটা বলা যাচ্ছে না। রাজগঞ্জের বর্তমান বিএলআরও গোপাল বিশ্বাস জানিয়েছেন, যে ফাইল পাওয়া যাচ্ছে না, সেগুলো ২০২১ থেকে ২০২৪ সালের মধ্যে। সেই সময় বি এলআরও ছিলেন সুখেন রায়। বিএলআরও অফিসে সংস্কার কাজ চলায় ফাইল আর অফিসে রাখা হয় সেখানে এখন ফাইল পাওয়া যাচ্ছে না। সিট সূত্রে খবর, ২০২১-২৪ সালের মধ্যে রাজগঞ্জ বিএলআরও অফিসের প্রায় পাঁচ হাজার মিউটেশন ফাইল মিসিং। এনিয়ে দায়ের হওয়া মামলার পরিপ্রেক্ষিতে হাইকোর্টের জলপাইগুড়ি সার্কিট বেঞ্চ সিট গঠনের নির্দেশ দেয়। সেইমতো গত জানুয়ারি মাসে ৬ সদস্যের সিট গঠন হয়। এরপরই তদন্ত শুরু হলেও রাজ্যে বিধানসভা নির্বাচন চলে আসায় ওই কাজে কিছুটা ভাটা পড়ে বলে অভিযোগ। ভোট মিটতেই ফের ফাইল খোঁজার কাজে গতি বাড়াল স্পেশাল ইনভেস্টিগেশন টিম। জলপাইগুড়ি জেলা পুলিশ সুপার অমরনাথ কে এদিন বলেন, ‘আদালতের নির্দেশে সিট গঠন হয়েছে। সেই টিম ভূমিদপ্তরের মিসিং ফাইলের খোঁজ চালাচ্ছে।’ রাজগঞ্জে ভূমিদপ্তরের অফিস থেকে যেসব মিসিং ফাইল, সেগুলির বেশিরভাগই মিউটেশন ফাইল বলে পুলিশ সূত্রে খবর। তবে গত পাঁচ বছরের মধ্যে সরকারি নথির প্রায় পাঁচ হাজার ফাইল কোথায় গেল, তা নিয়ে আলোড়ন ছড়িয়েছে। সরকারি দপ্তর থেকে এত বিপুল সংখ্যক ফাইল কোথাও কি সরিয়ে ফেলা হয়েছে, প্রশ্ন উঠেছে তা নিয়ে। সূত্রের খবর, শিলিগুড়ি পুলিশ কমিশনারেটের ভক্তিনগর থানার জমি-সংক্রান্ত মামলায় ফাইল লোপাটের বিষয়টি প্রথম সামনে আসে। এরপরই দায়ের হওয়া মামলার পরিপ্রেক্ষিতে কলকাতা হাইকোর্টের জলপাইগুড়ি সার্কিট বেঞ্চ ফাইল মিসিংয়ের ঘটনায় সিট গঠন করে তদন্তের নির্দেশ দেয় পুলিশকে।
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