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MMohd.AsifFollow10 Sept 2024, 10:22 am
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जौनपुर: एंटी करप्शन ने रिश्वत लेते मड़ियाहूं थाने के दरोगा को गिरफ्तार किया

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, मड़ियाहूं थाने का दरोगा रिश्वत लेते गिरफ्तार जौनपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन संगठन की वाराणसी इकाई ने जौनपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मड़ियाहूं थाने में तैनात उप निरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि एक आपराधिक मामले में कार्रवाई का आश्वासन देने और मुकदमे में नाम शामिल करने के एवज में उप निरीक्षक द्वारा शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की, जिसके बाद टीम ने पूरे मामले का सत्यापन कर ट्रैप की योजना बनाई। पूर्व निर्धारित योजना के तहत एंटी करप्शन टीम ने मड़ियाहूं थाने के पास कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक को रिश्वत की रकम लेते समय मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
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झारखंड में 2029 मिशन: बीजेपी संगठन मजबूती से सत्ता पाने को तेजी से जुटी

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में बीजेपी अपने सांगठनिक गतिविधियों को मजबूती देते हुए मिशन 2029 का गोल सेट करने में जुटी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिए गए होमवर्क को पूरा करने के साथ साथ प्रवास की रणनीति के जरिए पार्टी की पहुंच आम कार्यकर्ताओं तक बना कर सूबे की सत्ता तक पहुंचना चाहती है तो विरोधी कह रहे, दिवा स्वप्न है। पैसे उनके पास हैं , संसाधन और पर जन समर्थन कहां से लाएंगे बीजेपी प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने कहा, राजनीतिक पार्टी का महत्वपर्ण कार्य चुनाव लड़ना और जीतना है। हम लोगों को 2024 में जो अपेक्षा थी कि पार्टी सत्ता में आए पर नहीं आ पाए अब इस अंहकारी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए और राज्य की जनता को राहत पहुंचाने के लिए कहीं न कहीं सभी लोग लगे हुए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने के बाद मार्गदर्शन मिला है पार्टी को और प्रदेश अध्यक्ष उसी दिशा में कार्यक्रमों को ,संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बीजेपी को उम्मीद है 2029 के लिए सांगठनिक तौर पर इतने मजबूती के साथ इस सरकार की खामियों को उजागर करेंगे। कांग्रेस प्रदेश महासचिव शमशेर आलम ने कहा, बीजेपी लगातार कहती है चुनावी मोड में रहते हैं संगठन का काम करती है पर बीजेपी का जो राष्ट्रीय नेतृत्व है उनके कुकर्मों का जवान देने के लिए देश की जनता बैठी है। बीजेपी 2029 में पहले हिंदुस्तान की गद्दी बचा ले फिर झारखंड की बात करे।आज झारखंड में गठबंधन की सरकार अपने काम के बदौलत , 2029 तो दूर की बात है , कई वर्षों तक बीजेपी ख्याली पुलाव नहीं चलाए झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष नए नवेले हैं अनुभव की कमी है, 2029 तो क्या 2039 तक कुछ नहीं कर पाएंगे, दिवा स्वप्न है,पैसे उनके पास बहुत हैं, प्रयास करें ।पैसे खर्च कर सकते हैं संसाधन इनके पास है पर जनसमर्थन नहीं है। क्या प्रवास करने से वातानुकूलित कमरों में बैठ कर मंथन करने से आपका वोट बढ़ जाएगा , आप झारखंडियों का विश्वास जीत लेंगे मुझे नहीं लगता है। इनकी मानसिकता झारखंड विरोधी है उसको ये नहीं बदल पाएंगे। इनका एंटी झारखंडी मानसिकता दिखता है।
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अंबाला में मूसलाधार बारिश ने शहर को डुबोया, निगम दावों की पोल खुली

Ambala, Haryana:अंबाला में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के निचले इलाकों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक, हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। आलम यह है कि नगर निगम के मानसून पूर्व सफाई के तमाम दावे एक बार फिर खोखले साबित हो रहे हैं। अंबाला में मौसम का मिजाज क्या बदला, शहर की सूरत ही बदल गई। देर रात से जारी बरसात के कारण अंबाला के कई पॉश इलाकों की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। मुख्य बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। नगर निगम ने मानसून आने से पहले शहर के नालों की सफाई और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज की स्थिति ने निगम के उन सभी दावों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि आखिर लाखों-करोड़ों का बजट हर साल कहां खर्च होता है, जब पहली बारिश में ही शहर डूब जाता है।
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फर्रुखाबाद: एसटीपी से दूषित पानी छोड़ने के आरोपों पर प्रशासन ने कार्रवाई की

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में गंगा में दूषित पानी छोड़ने के मामले पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने एसटीपी प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों को गंगा में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए. जनपद में लगभग 512 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित एसटीपी का उद्देश्य शहर के सीवेज के पानी का शोधन है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कपड़ा छपाई उद्योगों से निकलने वाला रसायनिक अपशिष्ट भी नालों के माध्यम से एसटीपी तक पहुंच रहा है. एसटीपी घरेलू सीवेज के उपचार के लिए है, जबकि रासायनिक अपशिष्ट के लिए ईटीपी आवश्यक होता है. ऐसे में केमिकल युक्त पानी पूरी तरह शुद्ध हुए बिना गंगा में पहुंचने की आशंका है. भैरव घाट पर गंगा की मुख्य धारा और एसटीपी के निकास स्थल के बीच रंग और गुणवत्ता का अंतर नजर आ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी में बदबू, झाग और प्रदूषण बढ़ने से मछलियों और पशुओं पर असर पड़ रहा है और धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है. जिलाधिकारी ने पानी की गुणवत्ता की जांच, ट्रीटमेंट प्रक्रिया की समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए. अब लोगों की मांग है कि एसटीपी की जल गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, औद्योगिक अपशिष्ट के लिए प्रभावी व्यवस्था हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि गंगा में केवल मानकों के अनुरूप शुद्ध जल छोड़ा जाए. गंगा की स्वच्छता सरकारी योजना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन से जुड़ा विषय है।
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सोनभद्र में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार अधेड़ की जान ली

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां सड़क पार करना एक अधेड़ के लिए जानलेवा साबित हुआ। डाला बाड़ी स्थित लंगड़ा मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार अधेड़ को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर हालत में घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई। सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र की डाला चौकी अंतर्गत डाला बाड़ी स्थित लंगड़ा मोड़ पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बताया जा रहा है कि बाइक सवार अधेड़ सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान कार्तिक निवासी बाड़ी डाला के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हादसे के कारणों की जांच के साथ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। लगातार हो रहे सड़क हादसे एक बार फिर तेज रफ्तार और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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IOCL पाइपलाइन में तेल चोरी की कोशिश: 40 फीट अवैध लाइन पकड़ी गई

Tonk, Rajasthan:टोंक इंडियन ऑयल की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए लगाया वाल्वः 40 फीट लंबा पाइप बिछाया, प्रेशर कम मिला तो पहुंची टीम टोंक के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में सेंध लगाकर क्रूड ऑयल चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। बदमाशों ने पाइपलाइन में छेद कर वाल्व लगाया। वाल्व से करीब 40 फीट लंबी पाइपलाइन कनेक्ट कर ली। मामला पचेवर थाना क्षेत्र में लड़ी गांव का है。 कंपनी के इंजीनियर्स को तकनीकी जांच में ऑयल प्रेशर कम मिला। इसके बाद कंपनी की टीम ने पाइपलाइन को चेक करना शुरू किया। इस दौरान एक खेत में खुदाई के निशान मिले। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे वहां खुदाई करवाई गई तो IOCL की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए अवैध वाल्व और 40 फीट लंबी अलग पाइपलाइन बिछी मिली。 फिलहाल पुलिस और IOCL की टीम मामले की जांच कर रही है। सेंधमारी में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है。 1. खेत में मिले खुदाई के निशान मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया-पचेवर थाना क्षेत्र से गुजर रही IOCL की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में 1 जून को तकनीकी जांच के दौरान ऑयल प्रेशर कम होने का पता चला। इसके बाद कंपनी की टीम लगातार पाइपलाइन की जांच करती रही। 8 जुलाई को लड़ी गांव में जांच के दौरान एक खेत में खुदाई के निशान दिखाई दिए। इसकी जानकारी कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ पुलिस को भी दी गई。 2. 40 फीट लंबी पाइपलाइन बिछा रखी थी 9 जुलाई को दोपहर में IOCL की टीम के साथ मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी और डीएसपी आशीष प्रजاپत भी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में दोपहर करीब 3 बजे संदिग्ध जगह पर खुदाई करवाई गई। वहां पाइपलाइन में अवैध वाल्व लगा मिला। तेल चोरी के लिए करीब सवा इंच के पाइप की 40 फीट लंबी लाइन भी बिछाई गई थी। यह देखकर कंपनी के इंजीनियर भी हैरान रह गए। टीम के अनुसार, ऑयल चोरी के लिए पाइपलाइन को आगे ले जाने का प्लान था। अवैध पाइपलाइन के आगे का सिरा जमीन में दबा हुआ था। पूरी लाइन को करीब तीन फीट की खुदाई कर जमीन में दबाया गया था。 4. खेत मालिक ने कहा- उसे जानकारी नहीं पुलिस ने खेत मालिक हरजीलाल बैरवा से पूछताछ की। हरजीलाल ने मामले की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि मैं खेत से दूर रहता हूं। वहां कम ही आना-जाना होता है。 फिलहाल पुलिस और IOCL के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पाइपलाइन में सेंधमारी किसने की, अवैध कनेक्शन कब लगाया गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं। मौके से मिले सबूतों और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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लोअर गंगा में व्याप्त भ्रष्टाचार

Kanpur, Uttar Pradesh:लोअर गंगा कैनाल में घोटाले का खेल ! अधिशासी अभियंता पर किसका हाथ ? सरकारी खजाने पर किसकी नजर ? बरसाती नालों के भुगतान पर बड़ा सवाल ! रिकॉर्ड गायब फिर भी हो गई पूरी पेमेंट ! कानपुर का सिंचाई विभाग सवालों के ऐसे भंवर में फंस गया है, जहां हर फाइल पर शक है, हर भुगतान पर सवाल है और हर जवाबदेही कटघरे में दिखाई दे रही है। लोअर गंगा कैनाल प्रखंड के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर कई सालों से एक ही पटल पर कर्मचारियों की तैनाती की गई, शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हुआ और बरसाती नालों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान में भयंकर गड़बड़ी हुई। इन आरोपों को ठेकेदार राजीव बख्शी ने सार्वजनिक रूप से उठाया है। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं बल्कि सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। सरकारी विभागों में ट्रांसपैरेंसी की बात तो खूब होती है लेकिन जब आरोप खुद विभाग के भीतर से उठने लगें, जब शिकायतकर्ता ही दस्तावेज लेकर सवाल पूछने लगे, तब व्यवस्था की साख भी कठघरे में खड़ी दिखाई देती है। कानपुर के लोअर गंगा कैनाल प्रखंड में अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विभाग में सालों से एक ही पटल पर कर्मचारियों को बनाए रखा गया, जबकि समय-समय पर ट्रांसफर और कार्य परिवर्तन की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। आरोप यहीं तक सीमित नहीं हैं। ठेकेदार राजीव बख्शी का दावा है कि विभाग में शिकायतें होने के बावजूद निष्पक्ष जांच कराने के बजाए उन्हीं अधिकारियों या कर्मचारियों से आख्या लगवाई जाती है, जिन पर सवाल उठाए गए होते हैं। इतना ही नहीं, कुछ शिकायतों को स्पेशल कैटेगरी में डालकर बंद कर देने का भी आरोप है। अगर ऐसा हुआ है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायतों की निष्पक्षता आखिर सुनिश्चित कैसे होगी ? बाइट - राजीव बख्शी, ठेकेदार सबसे गंभीर आरोप साल 2025-26 में बरसाती नालों के कामों को लेकर लगाए गए हैं। राजीव बख्शी का आरोप है कि दस बरसाती नालों के कार्य ऐसे ठेकेदारों को आवंटित किए गए, जिनकी परियोजनाएं कथित तौर पर न तो विभागीय रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज थीं और न ही ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई दे रही थीं। इसके बावजूद लगभग चालीस लाख रुपए के भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। यदि रिकॉर्ड और भुगतान में वास्तव में ऐसा अंतर है, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गंभीर जांच का विषय बन सकता है। आरोप ये भी है कि इन कार्यों में विभागीय अधिकारियों, बाबुओं और जूनियर इंजीनियरों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यही वजह है कि अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराएगा या फिर मामला केवल फाइलों तक सीमित रह जाएगा। सवाल सिर्फ चालीस लाख रुपए का नहीं है, सवाल उस सरकारी व्यवस्था का है, जिसके कंधों पर जनता की गाढ़ी कमाई की जिम्मेदारी टिकी है। जब विभाग के भीतर से ही नियमों को दरकिनार करने, शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण पर सवाल उठने और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं, तो जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी हो जाता है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होना बाकी है। लेकिन अगर जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना केवल प्रशासनिक जरूरत है ।
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46 जिलों में भारी बारिश के साथ ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

Noida, Uttar Pradesh:वाक थ्रू बारिश में मौसम विभाग के अनुसार आज 46 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में है अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र। यहां है भारी वर्षा का येलो अलर्ट आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, तखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, औरैया व आस पास के क्षेत्र।
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पेंड्रा-कोटमी मार्ग पर कोयले से भरा ट्रेलर पुलिया टूटकर नदी में गिरा; चालक-परिचालक सुरक्षित

Karhi, Chhattisgarh:पेंड्रा-कोटमी मुख्य मार्ग पर रेलिंग तोड़कर नदी में समाया ट्रेलर, चालक-परिचालक को मामूली चोटें; तेज रफ्तार को माना जा रहा हादसे का कारण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा-कोटमी मुख्य मार्ग पर गुरुवार को सुबह सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खुज्जी नदी की पुलिया पर कोयले से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रेलर में सवार चालक और परिचालक को केवल मामूली चोटें आईं तथा कोई जनहानि नहीं हुई और वाहन छोड़कर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर कोयला लेकर कोरबा रायगढ़ की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन खुज्जी नदी की पुलिया पर पहुंचा, चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार के कारण ट्रेलर पुलिया की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए नीचे नदी में जा गिरा। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और चालक एवं परिचालक को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है गौरत है कि पेंड्रा-कोटमी मार्ग जिले का एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे व्यस्त मार्ग पर ट्रेलर के नदी में गिरने के बावजूद किसी अन्य वाहन या राहगीर के हताहत नहीं होने से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उन्होंने प्रशासन से पुलिया और मुख्य मार्ग पर गति नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करने, चेतावनी संकेतक लगाने तथा नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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