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Shakti KishorShakti KishorFollow30 Apr 2025, 11:07 am

Hapur - पहलगाम हमले पर मुस्लिम युवक की विवादित टिप्पणी, लोगों का फूटा गुस्सा

Hapur, Uttar Pradesh:

पहलगाम हमले के बाद लोगों के अंदर आक्रोश है, इसके बाद भी कुछ शरारती तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. इस दुखद घटना को लेकर हापुड़ के पिलखुवा गांव खेड़ा के एक मुस्लिम सेलून संचालक अमन का वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल हो रहें वीडियो में आरोपी अमन बोल रहा है कि जो लोग आतंकी हमले में मारे गए, सही मारे गए. इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की. उसके बाद आरोपी को पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. वहीं आरोपी की पहलगाम हमले को लेकर की गई टिप्पणी व बाद में आरोपी युवक की पिटाई का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

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सासाराम में बाइक की टक्कर से साइकिल सवार महेंद्र नट की मौत; आरोपी गिरफ्तार

Sasaram, Bihar:खबर सासाराम से है। काराकाट थाना क्षेत्र के चांदी पट्टी में बाइक की टक्कर से एक साइकिल सवार व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक का नाम महेंद्र नट था। उनकी उम्र 48 वर्ष थी। बताया गया कि एक शादी समारोह से वह साइकिल से अपने गांव सिकरिया लौट रहे थे; इसी दौरान एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। इसके बाद उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल लाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी मौत हो गई। महेंद्र नट मजदूरी करते थे। लोगों ने आरोपी बाइक सवार को पकड़ लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल लाया गया है।
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वित्त मंत्री के बयान से कांग्रेस की भूमिका पर उठे सवाल—तानाशाही नहीं चलेगी

Ranchi, Jharkhand:वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर का बयान पार्टी तानाशाही से नहीं चलती चिट्ठी वास्तविकता पर आधारित है चिट्ठी लिखने का आधार यह है कि कांग्रेस को कैसे मजबूत किया जाए कई लोग कह रहे हैं कि हम कांग्रेस छोड़कर चले गये थे पर हमने कभी कांग्रेस नहीं छोड़ा हमारे सीट को कांग्रेस ने राजद के हाथ में दे दिया था。 2000 से 2026 के बीच छतरपुर सीट से सिर्फ मैं ही जीत कर आया कांग्रेस से । कांग्रेस का बंटाधार होना अगर किन्ही बातों से सुनिश्चित है तो ऐसे में मुझ जैसे कांग्रेसी को बोलना जरूरी हैं मेरे मन में कोई इच्छा नहीं है आज तक जो नहीं मिला कांग्रेस ने वित्त मंत्रालय के तौर पर दे दिया 2029 में अगर आपको अकेले चुनाव लड़ना हैं तब तो 300 लोगों वाली भारी भरकम कमेटी ठीक है। इस कमेटी में सही कांग्रेसी छूट गए कांग्रेस के किस धारा में अनुशासन को परिभाषित किया गया है जो लोग मुझे ज्ञान दे रहे हैं कृप्या वह लोग मुझे बताने का काम करें मैं जानता हूं मेरी मर्यादा क्या है मेरी सीमाएं क्या है मेरा तीनों पत्र कांग्रेस के पॉलिसी के समर्थन में लिखा गया पत्र हैं एससी आयोग के गठन पर आप खामोश रहते हैं मगही भोजपुरी को लेकर प्रदेश अध्यक्ष का कोई स्टैंड नहीं आता मेरी नाराजगी प्रदेश के मुखिया से किस नेता के कितने परिवार के लोगों को कमिटी में जगह दी गई बताएं प्रदेश अध्यक्ष अगर पुत्र मोह होता तो मेरा बेटा सचिव पद से इस्तीफा नहीं देता बाकी का पत्नी मोह भाई मोह सब मोह जब एक परिवार से चार-चार लोग कमिटी में हो सकते हैं तो फिर राधा कृष्ण किशोर का बेटा क्यों नहीं हो सकता मेरा खानदान 1937 से कांग्रेसी रहा हैं । ईश्वर से प्रार्थना है 29 में 16 के जगह 32 सीट कांग्रेस जीत कर आए तो यह कमिटी सार्थक समझी जाएगी पार्टी तानाशाही से नहीं चलती ।।。
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रायबरेली में विवाहिता ने अपने बच्चे के साथ शारदा नहर में छलांग दी

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में बाइक से पति के साथ मायके जा रही महिला ने अपने बच्चे संग शारदा नहर में छलांग लगा दी है। महिला और बच्चे को आसपास के लोगों ने सकुशल बाहर निकाल लिया लेकिन इससे पेट में पानी जाने से दोनों की तबियत बिगड़ गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया है। मामला मिल एरिया थाना इलाके का है। यहाँ गदागंज थाना इलाके में भोपाल सिंह के पुरवा की रहने वाली विवाहिता मीनू पति संग मायके जा रही थी। उसके साथ उसका बच्चा भी था। बाइक पर ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी जिससे क्षुब्ध होकर मीनू ने रास्ते में पड़ने वाली शारदा नहर में बच्चे संग छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने उसे निकाल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेज दिया है।
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Noida, Uttar Pradesh:
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नवादा: चार बच्चों की मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जांच जारी

Nawada, Bihar:नवादा में चार बच्चों की मां ने की आत्महत्या किराए के मकान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच。 बिहार के नवादा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां चार बच्चों की मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला का शव किराए के मकान में फंदे से लटका मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लगभग 35 वर्षीय प्रीति कुमारी के रूप में हुई है, जो नीतीश कुमार की पत्नी थीं। प्रीति के दो बेटे और दो बेटियां हैं। उनके पति चेन्नई में निजी काम करते हैं, और प्रीति नवादा में किराए के मकान में रहकर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने फॉरेंसिक टीम को बुलाया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने आत्महत्या की है या उसे फांसी पर लटकाया गया है। मृतक के भाई जीवन ठाकुर ने बताया कि उनकी बहन की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी और परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था। परिवार के सदस्यों को अब तक इस घटना के पीछे का कारण पता नहीं चल पाया है। मृतक के पति को भी सूचना दे दी गई है और वे चेन्नई से नवादा के लिए रवाना हो चुके हैं। थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने पुष्टि की कि महिला का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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Noida, Uttar Pradesh:
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झारखंड के अंशकालीन शिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने और आदेश पालन की मांग पर धरना शुरू

Ranchi, Jharkhand:कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित आवासीय विद्यालय में कार्यरत अंशकालीन शिक्षको ने लोक भवन के समीप धरना स्थल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, यह प्रदर्शन झारखंड के अलग-अलग जिलों से अंशकालिक शिक्षक अपनी मांग को लेकर आए हैं। उनकी मांग है कि अन्य विद्यालयों के तर्ज पर उनकी मानदेय में वृद्धि की जाए और कोर्ट का जो आदेश हुआ है अंशकालिक शिक्षक के विषय में उसे पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि उन्हें घंटा के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं जबकि अन्य विद्यालयों में मासिक रूप से पैसे दिए जाते हैं, गर्मी छुट्टी होता है या फिर कोई भी अन्य सरकारी छुट्टी होती है फिर भी उन्हें पैसे नहीं दी जाती है, हर 11 महीना पर एक्सटेंशन होता है और हमारा खत्म हो चुका है मार्च महीने में और उसके बाद अभी तक एक्सटेंशन नहीं मिला है, और उन्हें समय से ज्यादा काम लिया जाता है, उन्होंने बताया कि 2016 में जो पैसे दी जाते थी वही पैसा आज ही मिल रहा है जबकि सारे सामानों की कीमत बढ़ चुके हैं जिससे उनका गुजारा अब नहीं हो पा रहा है।
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टोंक में गड्ढे के कारण बस फंसने से बाल-बच्चों पर खतरा, प्रशासन पर नाराज़गी

Tonk, Rajasthan:TONK,RAJASTHAN बच्चो को स्कूल ले जा रही बस गड्ढे में फंसी हादसा टला.... नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 के तारण गांव का मामला... टोंक शहर के वार्ड नंबर 22 के तारण गांव में शुक्रवार की सुबह उस समय बच्चो के जान आफत में पड़ गई जब सड़क किनारे मौजूद एक गड्ढे में बच्चो को स्कूल ले जा रही स्कूल बस फंस गई और बस पलटने की हालत बन गई जैसे तैसे कीचड़ में से होकर बच्चे बस से बाहर आये यह घटना नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है जंहा सड़क पर भरा हुआ पानी ओर सड़क किनारे गड्ढे में रोज कोई न कोई बाइक सवार गिरता है तो कई बार चौपहिया वाहन भी फंसते है शुक्रवार को एक हादसा बच गया गनीमत यह रही कि निजी स्कूल की यह बस पलटी नही वर्ना बडा हादसा हो सकता था इस मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि वह कई बार प्रशासन् से गुहार लगा चुके है लेकिन नगर परिषद कोई ध्यान नही देती है ऐसी सूरत में उन्हें मंदिर से लेकर स्कूल तक कीचड़ से होकर जाना पड़ता है,घटना के बाद बच्चो के चेहरों पर भय देखने को मिला तो ग्रामीणों में नाराजगी ।
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टोंक: औषधि नियंत्रण विभाग के संविदा कर्मी 13 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

Tonk, Rajasthan:टोंक, राजस्थान टोंक में 13 हजार की रिश्वत लेते संविदाकर्मी हुआ गिरिफ्तार। औषधि नियंत्रण कार्यालय में तैनात था संविदाकर्मी। मेडिकल दुकान के लाइसेंस जारी करने की एवज में रिश्वत की राशि। एंकर :- टोंक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार शाम कार्यवाही करते हुए मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करवाने के एवज में औषधि नियंत्रण कार्यालय में कार्यरत संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर सोनू पंवार को 13 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। संविदाकर्मी सोनू पंवार ने ऑनलाइन मेडिकल दुकान के आवेदन पर परिवादी से मांगे 15 हजार और सौदा हुआ था; 13 हजार में गुरुवार को परिवादी ने एसीबी टोंक कार्यालय में शिकायत की। कुछ ही घंटों में एसीबी टीम ने शिकायत सत्यापन करवाते हुए ट्रेप की कार्यवाही कर दी। पेलेसमेन्ट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत संविदाकर्मी सोनू पंवार ने जैसे ही परिवादी से रिश्वत की राशि ली, एसीबी टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर ली। अब जांच जारी है कि रिश्वत का यह खेल किसके इशारे पर चल रहा था, क्योंकि बिना ड्रोग इंस्पेक्टर के संविदाकर्मी लाइसेंस कैसे जारी कर सकता है। एसीबी के एएसपी झाबरमल ने कहा कि आरोपी संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर तैनात है और ऑनलाइन आवेदन पर रिश्वत की मांग थी।
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झुंझुनूं के संस्कृत स्कूल भयावह हालत, भवन गिरने के खतरे से विद्यार्थी चिंतित

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं राजस्थान के संस्कृत स्कूलों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा प्रदेश के 44 संस्कृत भवन जर्जर, तत्काल ढहाने की जरूरत झुंझुनूं में 28 संस्कृत विद्यालय बदहाल, 25 कमरे कंडम स्थिति में सरिए बाहर निकले, सीलन से कमजोर हुई स्कूलों की छतें बजट घोषणा के बाद भी मरम्मत शुरू नहीं, बच्चों की जान खतरे में एंकर : राजस्थान में संस्कृत शिक्षा भगवान भरोसे चल रही है। जहां वेद और श्लोकों की गूंज होनी चाहिए। वहां अब डर और खतरे का साया मंडरा रहा है। प्रदेश के संस्कृत स्कूलों की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि कई भवन कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। सरिए बाहर निकल चुके हैं। छतों से सीलन टपक रही है और बच्चे जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर झुंझुनूं जिले से सामने आई है। जहां 28 संस्कृत विद्यालय जर्जर हालत में हैं और 25 कमरे ऐसे हैं जिन्हें कभी भी गिराया जा सकता है। देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट... वीओ 01 :राजस्थान में संस्कृत शिक्षा विभाग के स्कूल अब शिक्षा से ज्यादा संभावित हादसों का डर रहता है। संस्कृत शिक्षा निदेशालय की हालिया रिपोर्ट ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 44 संस्कृत स्कूल भवन इतने जर्जर हो चुके हैं कि उन्हें तत्काल ढहाना जरूरी माना गया है। इतना ही नहीं, 245 स्कूलों के 776 कमरे बैठने लायक तक नहीं बचे हैं। जबकि 3239 कमरों में भारी मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है। सबसे खराब हालात झुंझुनूं जिले में सामने आए हैं। जिले के 28 संस्कृत विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं और 144 कक्षा-कक्षों को तत्काल सुधार की जरूरत है। इनमें से चार विद्यालयों के 25 कमरे इतने खतरनाक हो चुके हैं कि उन्हें कंडम घोषित कर कभी भी जमींदोज किया जा सकता है। संस्कृत शिक्षा विभाग के पूर्व संभागीय शिक्षा अधिकारी कैलाश चतुर्वेदी कहते हैं कि विभाग की स्थापना 1956 में हुई थी और ज्यादातर भवन 40 से 50 साल पुराने हैं। निर्माण कार्यों में पहले हुई लापरवाही का खामियाजा अब विद्यार्थी भुगत रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को अब तत्काल सर्वे कराकर मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम शुरू करना चाहिए, ताकि बच्चे बिना डर के पढ़ाई कर सकें。 बाइट 01 : कैलाश चतुर्वेदी, पूर्व संभागीय शिक्षा अधिकारी, संस्कृत शिक्षा (भूरे कलर के बाल, सफेद सफारी शर्ट, जेब में काला पेन, पीछे दुकान के सामान का बैकग्राउंड है, 2 मिनट 22 सैकंड) वीओ 02 : ये तस्वीरें झुंझुनूं जिले के पदमपूरा स्थित राजकीय संस्कृत प्रवेशिका स्कूल की हैं। जहां स्कूल भवन खुद अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। छतों से प्लास्टर झड़ रहा है सरिए बाहर निकल चुके हैं और सीलन ने पूरी बिल्डिंग को कमजोर बना दिया है। स्कूल के शिक्षक रोहिताश्व कुमावत बताते हैं कि भवन की हालत को देखते हुए पिछले साल ही सरकार को मेजर रिपेयर का प्रस्ताव भेज दिया गया था। विभागीय सर्वे में भी छह कमरों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त माना गया। लेकिन हैरानी की बात ये है कि सर्वे के महीनों बाद भी ना बजट जारी हुआ और ना ही किसी एजेंसी को काम सौंपा गया। ऐसे में बच्चे और शिक्षक रोज खतरे के बीच पढ़ाई और अध्यापन करने को मजबूर हैं। आगामी दिनों मानसून दस्तक देगा और हर बारिश के साथ हादसे का डर भी बढ़ता जा रहा है。 बाइट 02 : रोहिताश्व कुमावत, शिक्षक, संस्कृत स्कूल पदमपुरा (सफेद श Shirt, जेब में चश्मा डला हुआ है, बैकग्राउंड में दीवार पर पीले कलर का चार्ट चिपका हुआ है, 21 सैकंड) वीओ 03 : झुंझुनूं जिले के चिराना में 1966 से संचालित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। स्कूल का नया भवन तो सुरक्षित है। लेकिन पुरानी बिल्डिंग अब जवाब देने लगी है। कई जगह दीवारों में दरारें हैं। प्लास्टर टूट चुका है और चार कमरे पूरी तरह कंडम हो चुके हैं। संस्था प्रधान शंभूदयाल शर्मा बताते हैं कि नीचे की पुरानी बिल्डिंग काफी जर्जर हो चुकी है। जिसके मरम्मत का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। वहीं चार कमरों की हालत ऐसी है कि अब उन्हें गिराकर नए सिरे से निर्माण करना ही एकमात्र विकल्प बचा है। सबसे बड़ी बात ये है कि चिराना की यही संस्कृत स्कूल जिले में संस्कृत विभाग के नोडल स्कूल के रूप में काम करती है। बावजूद इसके यहां भी हालात बदहाल हैं। सवाल ये है कि जब नोडल स्कूल सुरक्षित नहीं है। तो बाकी स्कूलों की हालत कैसी होगी। इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है。 बाइट 03 : शंभूदयाल शर्मा, नोडल अधिकारी, संस्कृत शिक्षा विभाग, झुंझुनूं (चश्मा लगाया हुआ है, हलकी सफेद दाढ़ी, ब्लू लाइनदार शर्ट, 1 मिनट 39 सैकंड) फाइनल वीओ : राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण और मरम्मत की घोषणाएं जरूर की थीं। संस्कृत शिक्षा निदेशालय ने 24 मार्च 2026 को प्रस्ताव भी शासन तक भेज दिए थे। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते मानसून से पहले अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। नतीजा ये है कि आज भी हजारों विद्यार्थी ऐसे स्कूल भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। फिलहाल हाल ही में निदेशालय की नींद खुली है। इस मामले में निदेशालय ने संभागीय अधिकारियों को जर्जर भवनों को डिस्मेंटल करने और जल्द से जल्द तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। वहीं संस्कृत शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया है कि जर्जर स्कूल भवन विद्यार्थियों और शिक्षकों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। उनका कहना है कि बजट घोषणाओं का फायदा तभी है। जब मानसून से पहले जमीन पर काम दिखाई दे और तुरंत फंड जारी किया जाए。 विजुअल लॉग शीट— — 1 मिनट 58 सैकंड का वीडियो, संस्कृत स्कूल का फाइल विजुअल है..... जो वीओ 01 के साथ यूज किया जा सकता है — 1 मिनट 46 सैकंड का वीडियो, पदमपुरा सरकारी स्कूल का विजुअल है... जो वीओ 02 के साथ ही यूज करें — 1 मिनट 37 सैकंड का वीडियो, चिराना सरकारी स्कूल के विजुअल है.... जो वीओ 03 के साथ ही यूज करें
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