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Hamirpur210301

हमीरपुर में महिला ने पुलिसकर्मी से की हाथापाई, वीडियो वायरल

Oct 09, 2024 04:35:35
Hamirpur, Uttar Pradesh

हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में एक महिला द्वारा पुलिसकर्मी से हाथापाई का वीडियो वायरल हो रहा है। महिला के पति कल्लू का शराब के नशे में भाई और पड़ोसियों से विवाद हुआ था। स्वयं कल्लू ने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया था। जब पुलिस ने कल्लू को समझाने का प्रयास किया, तो उसकी पत्नी पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़कर झगड़ने लगी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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RJRakesh Jaiswal
Jan 25, 2026 11:17:46
Sanawad, Madhya Pradesh:एंकर - खरगोन जिले में मां नर्मदा प्राकट्योत्सव पर विभिन्न आयोजन हुए। नर्मदा तटीय क्षेत्र महेश्वर ,मंडलेश्वर और बड़वाह में विभिन्न आयोजन हुए। महेश्वर में सवा 5 क्विंटल दूध से अभिषेक और 11 क्विंटल हलवे का भोग । नाव से 1000 मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई गई। वहीं बड़वाह में हेलीकॉप्टर से नर्मदा मैय्या पर पुष्पवर्षा की गई। प्रशासन भी अलर्ट नर्मदा घाटों पर पुलिस एवं गोताखोर टीम तैनात की गई थी । नर्मदा जयंती पर बड़वाह में नावघाट खेड़ी के नर्मदा तट पर भक्तों की भारी भीड़ रही। इस मौके पर 12 बजे 108 दीपों के साथ मां रेवा की महाआरती भी की गई। इस मौके पर हेलीकाप्टर आकर्षण का केंद्र रहा। आरती के दौरान हैलीकाप्टर से माँ रेवा के चरणों में फूल अर्पित किए गए। हेलीकॉप्टर को करीब से उड़ता देख भक्त भी रोमांचित हो उठे। आरती के बाद माँ रेवा की पालकी यात्रा भी निकाली गई। इसके साथ ही माँ नर्मदा जयंती महोत्सव का भी समापन हो गया। इस दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक सचिन बिरला सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे。
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RSRavi sharma
Jan 25, 2026 11:17:35
Jammu, :
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SSSHAILENDAR SINGH THAKUR
Jan 25, 2026 11:17:30
Masanganj, Chhattisgarh:बिलासपुर। प्रमुख व्यवसायिक केंद्र तेलीपारा स्थित मेडिकल कॉम्प्लेक्स में स्वास्थ्य मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए दवाओं के निपटान में घोर लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ कॉम्प्लेक्स के पास भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाओं का जखीरा खुले में फेंका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इन रसायनों और दवाओं के सार्वजनिक स्थान पर होने के कारण स्थानीय बच्चों और आवारा जानवरों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है, साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी एक बड़ा खतरा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और पूरी खेप को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है। यह कृत्य ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का सीधा उल्लंघन है। अब प्रशासन दवाओं पर अंकित बैच नंबर और मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स के जरिए उस विशिष्ट एजेंसी या स्टोर की पहचान करने में जुट गया है जिसने इन्हें यहाँ फेंका था।
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MMMohammad Muzammil
Jan 25, 2026 11:17:20
Dehradun, Uttarakhand:मो मुजम्मिल ( विकासनगर ) धर्मनगरी प्रयागराज मे माघ मेले से शुरू हुए विवाद की तपिश अब उत्तराखंड में भी नजर आने लगी है... कांग्रेस ने माघ मेले में शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर भाजपा की आलोचना शुरू कर दी है... विकासनगर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योर्तिमठ पीठ के जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द के साथ हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं और सनातनी मूल्यों पर सीधा प्रहार बताया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष संजय किशोर के नेतृत्व मे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भीमावाला बावड़ी मन्दिर परिसर में मौन उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया...इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर मौन उपवास रखते हुए अपना विरोध दर्ज कराया.... कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि संत समाज हमेशा से देश को दिशा देने का काम करता आया है और उनके प्रति सम्मान रखना प्रत्येक सरकार और समाज की जिम्मेदारी है... संजय किशोर ने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा की सरकार इस मामले में शंकराचार्य जी से माफी मांगे वरना कांग्रेस इस लड़ाई को और तेजी से लड़ने का काम करेगी...
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TCTanya chugh
Jan 25, 2026 11:16:31
New Delhi, Delhi:*दिल्ली में मेट्रो निर्माण स्थलों पर वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 20 कि.मी. बैरिकेडिंग, 17 कि.मी. एलईडी लाइट एवं ब्लिंकर, 270 ट्रैफिक मार्शल तथा विशेष इम्पैक्ट प्रोटेक्शन वाहन तैनात* राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर वर्तमान में दिल्ली मेट्रो के निर्माणाधीन स्थलों के आसपास वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगभग 20 कि.मी. लंबी बैरिकेडिंग की गई है। सर्दियों की रातों में कम दृश्यता को ध्यान में रखते हुए, इन बैरिकेड्स को अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने योग्य बनाने के लिए लगभग 17 कि.मी. एलईडी रोप लाइट एवं ब्लिंकर भी लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थलों के निकट वाहनों की सुचारु एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 270 से अधिक ट्रैफिक मार्शल चौबीसों घंटे तैनात हैं। ये कर्मी ट्रैफिक विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित हैं और रात्रि के समय भारी मशीनरी एवं क्रेनों की सुरक्षित आवाजाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही, निर्माण स्थलों के निकट संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की गति धीमी करने के लिए सड़कों पर रोड स्टड्स लगाए गए हैं। कार्य प्रगति पर होने या आगे मार्ग परिवर्तन होने की सूचना देने हेतु पर्याप्त चेतावनी संकेतक (वार्निंग साइनएज) भी लगाए गए हैं। फेज़-IV के अंतर्गत, सड़कों पर भारी मशीनरी की आवाजाही तथा क्रेनों की तैनाती के दौरान वाहनों एवं कर्मियों की सुरक्षा के लिए विशेष ‘इम्पैक्ट प्रोटेक्शन वाहन’ शुरू किए गए हैं। ये वाहन विशेष रूप से इस प्रकार डिज़ाइन किए गए हैं कि तेज गति से आने वाले वाहनों की टक्कर के प्रभाव को सहन कर सकें। सर्दियों के दौरान दिन एवं रात दोनों समय घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है। इससे निपटने के लिए डीएमआरसी की सुरक्षा टीमें कई अतिरिक्त उपाय करती हैं। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, बैरिकेड्स पर एलईडी लाइट रोप एवं ब्लिंकर लगाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, बैरिकोड्स के ऊपर फॉग लाइट्स भी लगाई जाती हैं। श्रमिकों की हाई-विजिबिलिटी जैकेट के साथ-साथ उनके हेलमेट पर भी रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाते हैं। जहां भी सड़क डायवर्जन किए जाते हैं, वहां आवश्यक संकेतों के साथ पर्याप्त डायवर्जन बोर्ड लगाए जाते हैं। विस्तृत योजना के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के परामर्श से, अंतिम डायवर्जन लागू किए जाते हैं। इन स्थानों पर भी सुरक्षा के लिए प्लास्टिक बैरियर, रेत/ पानी से भरे ड्रम तथा कंक्रीट क्रैश बैरियर का उपयोग करते हुए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है। विशेष रूप से मानसून अथवा तेज़ हवाओं की स्थिति में बैरिकेड्स की मजबूती एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इनका निचला हिस्सा भारी बनाया गया है तथा जमीन में कील ठोकने की व्यवस्था की गई है। नट-बोल्ट के माध्यम से प्रत्येक बैरिकेड को एक-दूसरे से जोड़ा जाता है। इसी कारण यह देखा गया है कि दिल्ली मेट्रो के बैरिकेड्स प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में भी सामान्यतः हिलते या गिरते नहीं हैं। दिल्ली मेट्रो निर्माण स्थलों के भीतर भारी मशीनरी या अस्थायी संरचनाओं से वाहनों की टक्कर को रोकने के लिए कंक्रीट क्रैश बैरियर के माध्यम से हार्ड बैरिकेडिंग भी की जाती है। उल्लेखनीय है कि ये कंक्रीट क्रैश बैरियर पर्यावरण के अनुकूल हैं तथा निर्माण अपशिष्ट को रीसाइकल करके बनाए जाते हैं। हार्ड बैरिकेड्स के आगे भी सुरक्षा की दो अतिरिक्त लेयर (प्लास्टिक बैरियर, रेत/पानी से भरे ड्रम आदि) लगाई जाती हैं ताकि वाहन उनसे सीधे टकराने से सुरक्षित रहें। इन सभी सुरक्षा सामग्रियों की गुणवत्ता एवं विशिष्टताओं में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए डीएमआरसी ने निविदा दस्तावेजों में ट्रैफिक प्रबंधन से संबंधित एक अलग अध्याय शामिल किया है, जो ठेकेदारों के लिए बाध्यकारी है। ये दिशानिर्देश फेज-I के दौरान प्राप्त अनुभवों तथा इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) के दिशानिर्देशों (आईआरसी 67 कोड) के अनुरूप गहन अध्ययन के बाद तैयार किए गए हैं। भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में मास ट्रांज़िट सिस्टम का निर्माण स्वाभाविक रूप से चुनौतीपूर्ण ہوتا है। इसके बावजूद, भारी ट्रैफिक एवं जाम की परिस्थितियों के बीच दिल्ली मेट्रो निर्माण स्थलों के आसपास वाहनों एवं पैदल यात्रियों की आवाजाही अब तक बड़े स्तर पर सुरक्षित एवं घटनारहित रही है।
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KLKANHAIYA LAL SHARMA
Jan 25, 2026 11:15:48
Mathura, Uttar Pradesh:DNA विश्लेषण: 'रील्स' से 'राधे-राधे' तक—बांके बिहारी की नगरी में Gen Z का स्पिरिचुअल रेवोल्यूशन मथुरा-वृंदावन: कभी वृंदावन को केवल बुजुर्गों और सन्यासियों की शरणस्थली माना जाता था, लेकिन आज बांके बिहारी मंदिर की गलियों में हवा का रुख बदल चुका है। हाथ में स्मार्टफोन, कानों में एयरपॉड्स और माथे पर 'राधे-राधे' का तिलक लगाए यह Gen Z (जनरेशन ज़ेड) है, जिसके लिए वृंदावन अब सबसे बड़ा 'ट्रेंडिंग डेस्टिनेशन' बन गया है। 1. आंकड़ों में भक्ति: 60% से ज्यादा युवा भीड़ मंदिर के सेवायतों और स्थानीय व्यवस्थापकों की मानें, तो पिछले दो वर्षों में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में 18 से 30 वर्ष के युवाओं की संख्या में 60 से 70 प्रतिशत का उछाल आया है। अयोध्या और काशी के बाद अब वृंदावन युवाओं की पहली पसंद बन गया है। 2. क्यों बदल रहा है 'जेन जी' का मन? (DNA टेस्ट) * मेंटल पीस और हीलिंग: भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट लाइफ और सोशल मीडिया के दबाव के बीच, युवा शांति की तलाश में वृंदावन आ रहे हैं। उनके लिए बांके बिहारी के दर्शन एक 'मेंटल डिटॉक्स' की तरह हैं। * सांस्कृतिक गौरव (Cultural Pride): अब धर्म 'आउटडेटेड' नहीं रहा। युवाओं के लिए अपनी संस्कृति को अपनाना एक 'स्टाइल स्टेटमेंट' और गर्व का विषय बन गया है। * एस्थेटिक भक्ति (Aesthetic Devotion): वृंदावन की गलियां, कुंज और मंदिर इंस्टाग्राम के लिए बेहतरीन बैकड्रॉप (विजुअल्स) देते हैं। 'राधे-राधे' के भजन पर रील बनाना अब युवाओं का नया शौक है। 3. पुजारियों का अनुभव: "ये युवा सिर्फ मत्था नहीं टेकते, सवाल भी पूछते हैं" वृंदावन के प्रमुख पुजारियों और विद्वानों का कहना है कि यह पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक जिज्ञासु है। > "अब जो युवा आ रहे हैं, वे केवल भीड़ का हिस्सा नहीं हैं। वे ठाकुर जी के श्रृंगार का महत्व, मंत्रों का उच्चारण और ब्रज की परंपराओं के पीछे का तर्क भी समझना चाहते हैं। यह पढ़ा-लिखा वर्ग धर्म को विज्ञान और श्रद्धा के मेल के रूप में देख रहा है।" 4. लोकल इकोनॉमी पर असर युवाओं के इस झुकाव ने वृंदावन के बाजार का स्वरूप भी बदल दिया है। अब यहां पारंपरिक भोजनालयों के साथ-साथ 'थीम बेस्ड कैफे' और आधुनिक सुविधाएं बढ़ गई हैं। पारंपरिक कंठी और माला के साथ-साथ 'डिजाइनर' आध्यात्मिक परिधानों की मांग भी चरम पर है। Gen Z का यह झुकाव केवल एक अस्थायी 'क्रेज' नहीं बल्कि एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव का संकेत है। जिस पीढ़ी को 'पश्चिमी सभ्यता' का अनुयायी समझा जाता था, वही आज अपनी जड़ों की ओर लौट रही है। यह भारत के सॉफ्ट पावर और अध्यात्मिक विरासत की जीत है।
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