Gorakhpur: गांव भारीवैसी में रेलवे लाइन के प्रस्ताव पर ग्रामीणों की चिंता
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के गांव भारीवैसी के ग्रामीणों ने रेलवे लाइन के प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन का प्रस्ताव फरेन्दा दक्षिणी बाईपास से बनाया गया था लेकिन प्रभागीय वनाधिकारी ने इसे उनके गांव के बीच से मंजूरी दे दी है। इससे कई गरीब परिवारों के मकान और कृषि भूमि रेलवे की चपेट में आ रहे हैं जिससे वे बेघर और बेदखल हो जाएंगे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से अपील की है कि इस प्रकरण की जांच कर रेलवे लाइन का रास्ता बदलने की कार्रवाई की जाए।
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मैनपुरी नगरपालिका में पेयजल आपूर्ति बाधित, एक माह से लोग परेशान
Mainpuri, Uttar Pradesh:मैनपुरी ब्रेकिंग नगर पालिका परिषद मैनपुरी की बड़ी लापरवाही मोहल्ले के घरों में नहीं पहुँच रहीं सरकारी पानी की सप्लाई पानी सप्लाई की लाइन कटने से 1 माह से परेशान हैं लोग मोहल्ला वासियों ने डीएम से की मामले को लेकर शिकायत घरों में पानी की सप्लाई न पहुँचने से परेशानी का सामना कर रहे लोग कई बार शिकायत के बाद भी नगर पालिका मौन पीड़ितों ने सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराई शिकायत जानबूझ पानी की सप्लाई काटने का आरोप डीएम ने मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला पत्थर मंडी का मामलाललितपुर में मिशन शक्ति फेज 5 के जागरूकता कार्यक्रम के द्वितीय दिन में सुरक्षा के अधिकारों पर जागरूकता
Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में मिशन शक्ति फेज 5 के तहत जागरूकता अभियान कार्यक्रम के दूसरे दिन आज पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों छात्रायें और महिला पुलिस कर्मी शामिल हुई। इस दौरान छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं और युवतियों के लिये अपनी सुरक्षा को लेकर उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इसके बाद छात्र छात्राओं और महिला पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। जिन्होंने मंच से यूपी सरकार द्वारा अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियानों की जानकारी दी साथ ही किसी भी स्थिति में उन्हें बिना भय के अपराधियों के खिलाफ खुलकर बोलने और पुलिस प्रशासन द्वारा जारी किये गये नंबरों का उपयोग किया सके.बीड़ की ऐतिहासिक खजाना विहीर सूखने से जल-संकट का खतरा मंडराने लगा
Beed, Maharashtra:_बीडचा ५०० वर्षांचा इतिहास कोरडा! खजाना विहीर दुसऱ्यांदा आटली; भयाण दुष्काळाची धोक्याची घंटा!_ **VO - 1 :** सोळाव्या शतकात अहमदनगरचे राजा मुर्तुजा खान यांच्या आदेशानुसार बीडचे सरदार सलाबत खान यांच्या माध्यमाने शेतीसाठी पाणी उपलब्ध करून देण्याच्या उद्देशाने या विहिरीची निर्मिती करण्यात आल्याचं सांगितलं जातं. भूजलशास्त्रज्ञ राजा भास्कर यांनी खजिन्यातील पैशातून ही विहीर बांधल्यामुळे तिला 'खजाना विहीर' असं नाव पडलं. जमिनीपासून २३ पूर्णांक ५ फूट खोल आणि १० पूर्णांक ६० फूट व्यास असलेल्या या विहिरीत बारमाही पाणी उपलब्ध असायचं. या विहिरीच्या पाण्यावर एकेकाळी बलगुजार परिसरातील सुमारे ५०० हेक्टर शेती सिंचनाखाली होती. शेतीसह नागरिकांच्या पिण्याच्या पाण्याची गरज भागवण्यातही या विहिरीने महत्त्वाची भूमिका बजावली. त्यामुळे खजाना विहीर म्हणजे बीडच्या ऐतिहासिक वैभवाबरोबरच जलव्यवस्थापनाच्या समृद्ध परंपरेची साक्ष आहे. **VO - 2 :** साडेचारशे ते पाचशे वर्षांपूर्वी विकसित करण्यात आलेली या विहिरीची जलव्यवस्था आजही अभ्यासाचा विषय आहे. विहिरीचं सर्वात मोठं वैशिष्ट्य म्हणजे तिचं भूमिगत बोगदा तंत्रज्ञान. पूर्व आणि पश्चिम दिशांना असलेले बोगदे, त्यांची एकत्रित सुमारे ८ हजार १४० फूट लांबी, सहा फूट उंची आणि चार फूट रुंदी, ही या स्थापत्याची वैशिष्ट्यं आहेत. हे बोगदे बालाघाटच्या डोंगररांगांशी आणि बिंदुसरा नदीच्या पात्राखालून जाणाऱ्या जलमार्गाशी जोडलेले असल्याचं सांगितलं जातं. या मार्गावर असलेले ५२ हौदही या जलव्यवस्थेचा महत्त्वाचा भाग आहेत. औरंगाबादच्या ऐतिहासिक पाणचक्कीशी साम्य सांगितलं जाणारं हे तंत्रज्ञान तत्कालीन जलव्यवस्थापनाच्या कौशल्याची साक्ष देतं. मात्र, शेकडो वर्षे पाणी देणारी ही विहीर आता सलग दुसऱ्या वर्षी आटली आहे. मागील वर्षी विहीर कोरडी पडली, तेव्हाच भूजल पातळीतील घसरणीबाबत चिंता व्यक्त करण्यात आली होती. यंदाही तीच परिस्थिती कायम राहिल्याने या ऐतिहासिक जलस्रोताच्या भवितव्याबरोबरच परिसरातील भूजल साठ्याबाबतही प्रश्न निर्माण झाले आहेत. विहीर आटणं म्हणजे दुष्काळ येणारच, असा निष्कर्ष काढता येत नसला, तरी या घटनेमागील कारणांचा शास्त्रीय अभ्यास होणं अत्यंत आवश्यक आहे. **VO - 3 :** बीड, शिरूर, आष्टी, गेवराई आणि पाटोदा या तालुक्यांमध्ये कमी पावसामुळे पाणीटंचाईचं संकट अधिक गंभीर होत आहे. अशा परिस्थितीत खजाना विहिरीचं आटणं हा केवळ ऐतिहासिक वारशाच्या दृष्टीने नव्हे, तर भूजल व्यवस्थापनाच्या दृष्टीनेही महत्त्वाचा इशारा मानला जात आहे. पावसाचं बदलतं प्रमाण, भूजलाचा वाढता उपसा आणि पाण्याचं नियोजन या सगळ्या बाबींचा एकत्रित विचार करण्याची गरज आहे. एकीकडे शेकडो वर्षांपूर्वीच्या स्थापत्यकलेतून साकारलेली ही जलव्यवस्था आजही आश्चर्यचकित करते, तर दुसरीकडे तिचं कोरडं पडणं वर्तमानातील जलसंकटाची जाणीव करून देतं. त्यामुळे या विहिरीचं शास्त्रीय सर्वेक्षण, भूमिगत बोगद्यांची तपासणी, जलस्रोतांचं पुनरुज्जीवन आणि ऐतिहासिक वास्तूचं संवर्धन यासाठी राज्य शासन आणि संबंधित यंत्रणांनी ठोस पावलं उचलण्याची मागणी इतिहास संशोधकांकडून होत आहे. END VO.. शेकडो वर्षांपूर्वी पाण्याचं नियोजन करणाऱ्या आपल्या पूर्वजांनी उभारलेली खजाना विहीर आज मात्र पाण्याविना उभी आहे. काळाच्या अनेक परीक्षा पार केलेल्या या ऐतिहासिक जलस्रोताला आता हवाय तो केवळ संवर्धनाचा हात नव्हे, तर त्यामागच्या जलतंत्रज्ञानाचा शास्त्रीय अभ्यास आणि पाणी जपण्याचा ठोस निर्धार. कारण खजाना विहीर आटली, म्हणजे केवळ इतिहासाची एक खूण कोरडी पडली असं नाही; तर भविष्यातील पाणीटंचाईबाबत सावध होण्याची वेळ आली आहे. हा ऐतिहासिक ठेवा जपतानाच पाण्याचा प्रत्येक थेंब जपला, तरच पुढच्या पिढ्यांसाठी हा वारसा आणि पाण्याची आशा टिकवता येईल.इटावा: गिहर नगर में माता रानी की मूर्ति स्थापित, नौ दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम शुरू
Bharthana, Uttar Pradesh:🔴 पूर्व अध्यक्ष मनोज पोरवाल ने फीता काटकर किया शुभारंभ, पूर्व सभासद दलबीर यादव फौजी रहे मौजूद भरथना, संवाददाता गौरव गुप्ता ☎️ 7060278594। इटावा जनपद के भरथना कस्बे के मोहल्ला गिहर नगर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर माता रानी की मूर्ति स्थापित कर नौ दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व अध्यक्ष मनोज पोरवाल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर पूर्व सभासद दलबीर यादव फौजी भी मौजूद रहे। मूर्ति स्थापना से पूर्व पंडित अनिल दीक्षित ने विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। मोहल्ले में माता रानी की प्रतिमा नौ दिनों के लिए स्थापित की गई है। इस दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम पूजा-पाठ एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। साथ ही नौ दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। मोहल्लेवासियों के सहयोग से हो रहा आयोजन माता रानी के इस धार्मिक आयोजन को लेकर मोहल्ले में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कार्यक्रम में अनिल, बृजेश, विक्रम सिंह, कन्हैया राज, साहिल, धीरज और नीरज सहित अन्य लोगों का सहयोग रहेगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया जा रहा है। 📺 भरथना से गौरव गुप्ता की रिपोर्ट।उन्नाव: नवरात्रि और रामलीला को लेकर पुलिस अलर्ट, सीओ सिटी ने किया निरीक्षण
Kanpur, Uttar Pradesh:उन्नाव में नवरात्रि पर्व और रामलीला आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में सीओ सिटी विनी सिंह ने कोतवाली गंगाघाट प्रभारी अजय सिंह के साथ विभिन्न दुर्गा मंदिरों और रामलीला स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने आयोजकों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए। वीओ:// नवरात्रि और रामलीला के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है। सीओ सिटी विनी सिंह ने पुलिस टीम के साथ दुर्गा मंदिर, सार्वजनिक रामलीला समिति और नारदानंद ऋषि आश्रम रामलीला समिति सहित विभिन्न आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुर्गा मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और पूजा स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया। इसके बाद पुलिस टीम ने राजधानी मार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही नारदानंद ऋषि आश्रम में आयोजित रामलीला स्थल का भी निरीक्षण किया गया। रामलीला मैदान में अग्निशमन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीओ सिटी ने आयोजकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त रखने पर जोर दिया।
बाइट:- विनी सिंह सीओ सिटी उन्नाव
