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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow16 Jan 2025, 07:34 am

Gorakhpur - खजनी थाना क्षेत्र में बनेंगी दो नई पुलिस चौकियां, भगवानपुर चौकी के शिलान्यास की तैयारी

Khajani, Uttar Pradesh:

गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र में उनवल पुलिस चौकी और महुआडाबर पुलिस चौकी के बाद दो नई पुलिस चौकियां खुलने जा रही हैं.घनी आबादी और क्षेत्र में शांति सुरक्षा व्यवस्था के बेहतरीन प्रबंधन के लिए पुलिस चौकियों से आम जन मानस को बड़ी सहूलियत मिलती है.इसके साथ ही सामान्य विवादों,छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं, आकस्मिक दुर्घटनाओं तथा शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और त्वरित कार्रवाई में पुलिस के लिए आसानी रहती है.खजनी थाने का भगवानपुर एरिया महुआडाबर चौकी तथा खजनी थाने से दूर है.आकस्मिक घटनाओं में लगभग 10/12 कि.मी. की दूरी तय करके मौके पर पहुंचने में समय लगता है,इसी तरह हरनहीं सिसवां मार्ग पर रकौली और खजुरी बाजार की दूरी भी अधिक है।

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नंदी हॉल में वीडियो वायरल, सुरक्षा एजेंसी पर 50 हजार जुर्माना

Ujjain, Madhya Pradesh:नंदी हॉल में वीडियो बनाने का मामला, सुरक्षा एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के नंदी हॉल में युवक-युवती द्वारा एक-दूसरे को रिंग पहनाने और उसका वीडियो बनाकर रील तैयार करने का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सुरक्षा एजेंसी, अटेंडर और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एजेंसी पर ₹50 हजार का जुर्माना आरोपित किया गया है। वहीं वीडियो में दिखाई दे रहे अटेंडर का मंदिर के सभी विशेष द्वारों से प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा संबंधित प्रोटोकॉल/पुरोहित को चेतावनी जारी की गई है। मंदिर प्रशासन ने मामले में लापरवाही मानते हुए संबंधित कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि महाकालेश्वर मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और मंदिर की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त किया जाएगा。
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जालौन में अवैध हथियार के साथ गैंगस्टर गिरफ्तार, गोली लगने से घायल

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में अवैध असलहा लेकर घूम रहे शातिर बदमाश से पुलिस की हुई मुठभेड़, चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया गैंगस्टर, जबाबी कार्रवाई के दौरान शातिर बदमाश शाहरुख के पैर में लगी गोली, घायल बदमाश को पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल उरई में कराया भर्ती, मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश शाहरुख पर चोरी, छिनैती और गैंगस्टर समेत दर्ज है 9 गंभीर मुकदमें, मुठभेड़ में गिरफ्तार शातिर बदमाश के गिरोह के अन्य सदस्यों की जांच पुलिस ने शुरू, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में करमेर रोड पर हुई मुठभेड़।
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SC ने हाई कोर्टों के लिए जमानत मामलों की त्वरित निपटारे निर्देश जारी किए

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत के मामलों के तेजी से निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाई कोर्ट्स के लिए दिशानिर्देश जारी किए है। ये दिशानिर्देश सभी हाई कोर्ट के लिए बाध्यकारी होंगे। SC ने जारी किए दिशानिर्देश- *अगर हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रख लिया है, तो कोशिश होनी चाहिए कि 3 महीने के भीतर कारणों सहित पूरा फैसला सुना दिया जाए। *जमानत और व्यक्तिगत स्वतंत्रता वाले मामलों में, अग्रिम जमानत ,जेल में बंद व्यक्ति की अपील, डेथ रेफरेंस आदि मामलों में विशेष तेजी दिखाई जानी चाहिए। *बेल की सुनवाई होते ही आदेश उसी दिन सुनाया और वेबसाइट पर अपलोड किया जाना चाहिए। कोर्ट यदि आदेश सुरक्षित रखता तो आदेश अगले दिन सुनाया और वेबसाइट पर अपलोड किया जाना चाहिए। *नियमित जमानत देने, सज़ा के निलंबित करने या जेल में बंद व्यक्ति की बरी होने का आदेश उसी दिन जेल अधिकारियों और ट्रायल कोर्ट को भेजा जाए। *ज़मानत मिलते ही आरोपी/कैदी को उसी दिन या ज़्यादा से ज़्यादा अगले दिन रिहा किया जाए, यदि किसी अन्य केस में उसकी जरूरत न हो और बेल की शर्तें पूरी हो चुकी हों। *ट्रायल कोर्ट को यह रिपोर्ट भी भेजनी होगी कि इस आदेश का पालन कर दिया गया है। *जेल में बंद व्यक्ति की क्रिमिनल अपील या डेथ रेफरेंस के मामले में अगर फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा है और जज को किसी स्पष्टीकरण की जरूरत लगती है तो वो सम्बंधित वकील से 7 दिन के भीतर मांगा जाए। किसी भी मामले में स्पष्टीकरण की सीमा एक महीने से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। *कुछ मामलों में जजों को अगर कारण सहित लिखित फैसला लिखने में समय लगे और देरी से पक्षकारों को गंभीर नुकसान हो सकता हो,तो कोर्ट पहले केवल Operative Part सुना सकता है।उसके बाद पूरा फैसला 7 दिन में और विशेष कठिनाई होने पर अधिकतम 15 दिन के भीतर अपलोड किया जाए। *यदि पूरा कारण सहित फैसला कोर्ट में सुना दिया गया है, तो उसे 24 घंटे के भीतर हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया जाना चाहिए। *जिन मामलों में फैसला रिज़र्व हुए 2 महीने से ज्यादा हो गए हैं, उनकी सूची गोपनीय रूप से चीफ जस्टिस सम्बंधित जजों के साथ साझा करेगे।यदि फैसला 3 महीने में नहीं आया, तो रजिस्ट्रार जनरल मामला चीफ जस्टिस के सामने रखेगें । चीफ जस्टिस संबंधित बेंच को अगले 2 सप्ताह के भीतर फैसला सुनाने के लिए कहेंगे।यदि इन 2 सप्ताह बाद भी फैसला नहीं आता, तो चीफ जस्टिस मामला किसी दूसरी बेंच को दे सकते हैं।नई बेंच मामले की दोबारा सुनवाई करेगी और जल्दी फैसला देगी। *Operative Part सुनाने के बाद भी पूरा फैसला 15 दिन में अपलोड नहीं होता, तो रजिस्ट्रार जनरल मामला चीफ जस्टिस के सामने रखेगे। चीफ जस्टिस संबंधित बेंच को अगले 3 दिनों में फैसला अपलोड करने को कहेंगे। *यदि फैसला सुरक्षित रखें जाने के 3 महीने बाद भी फैसला नहीं सुनाया जाता तो कोई भी पक्षकार इसके लिए अर्जी लगा सकता है।यह अर्जी 2 दिनों में संबंधित बेंच के सामने लिस्ट होनी चाहिए।रजिस्ट्री को इसकी सूचना चीफ जस्टिस को देनी होगी। *यदि फैसला सुरक्षित रखें जाने के साढ़े तीन महीने बाद भी नहीं सुनाया जाता पक्षकार चीफ जस्टिस से अनुरोध कर सकते है कि मामला उस बेंच से हटाकर किसी दूसरी बेंच को दे दिया जाए।
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सिवनी पुलिस ने कुर्बानी के नाम पर चंदा और गोवंश तस्करी का खुलासा किया

Seoni, Madhya Pradesh:सिवनी पुलिस ने बकरीद के अवसर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुर्बानी के लिए ले जाए जा रहे गोवंशों को मुक्त कराया है। पुलिस ने इस मामले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध रूप से एकत्रित की गई चंदे की राशि भी जप्त की है। पुलिस के अनुसार समाज के लोगों से चंदा एकत्रित कर गोवंशों की कुर्बानी की तैयारी की जा रही थी. सिवनी पुलिस अधीक्षक श्री कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि बकरीद के अवसर पर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हड्डी गोदाम निवासी मौलाना माजिद खान द्वारा बकरीद में गोवंश की कुर्बानी के नाम पर मुस्लिम समाज के लोगों से पैसा एकत्रित कर अपने खाते में जमा कराया जा रहा है तथा अवैध रूप से गोवंश हत्या की योजना बनाई जा रही है. सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने माजिद खान को स्लॉटर हाउस के पास से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि इमरान पटेल, मौलाना आसिफ, शाकिर अली एवं रफी खान से लगभग 27 हजार 500 रुपए चंदे के रूप में एकत्रित कर सात गोवंश खरीदे गए थे, जिन्हें ग्राम जटलापुर के जंगल में कुर्बानी के उद्देश्य से रखा गया था. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम बरेली निवासी अब्दुल्ला मुसलमान द्वारा 48 गोवंशों की कुर्बानी के लिए लगभग 80 हजार रुपए में सौदा तय किया गया था। इन गोवंशों को छपारा क्षेत्र के जामुनपानी जंगल में बांधकर रखा गया था तथा शेष 38 गोवंश दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 17 गोवंशों को मुक्त कराकर सुरक्षित गौशाला भिजवाया। इस पूरे मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को नोटिस देकर छोड़ा गया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
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बैराड़ पुलिस ने 11.87 ग्राम स्मैक के आरोपी जीतू उर्फ जीतेन्द्र को गिरफ्तार किया

Shivpuri, Madhya Pradesh:थाना बैराड पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुये 11.87 ग्राम स्मैक कीमती 3,00,000 रुपये, नगदी 16,100 रूपये व एक इलैक्ट्रोनिक पोकेट तौल काँटा को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा अवैध शराब, अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध जीरो ट्रोलेंस के निर्देश दिये गये हैं। जिसके पालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री संजीव मुले व एसडीओपी पोहरी श्री आनंद राय के मार्गदर्शन मे आज दिनांक 29.05.2026 को सुबह थाना बैराड़ पुलिस को जरिये मुखविर सूचना प्राप्त हुई कि गायत्री कॉलोनी में जीतू उर्फ जीतेन्द्र प्रजापति पुत्र हरज्ञान प्रजापति अपने घर के सामने अबैध मादक पदार्थ स्मैक की विक्री कर लोगो को पुड़िया बनाकर कर बेच रहा है उक्त सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस पार्टी भेजी गयी तो एक व्यक्ति मुखविर द्वारा बताये हुलिये का अपने मकान के सामने बैठा था जो पुलिस को देखकर इधर उधर होने लगा जिसे फोर्स की मदद से पकड़ा जिसका नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम जीतू उर्फ जीतेन्द्र प्रजापति पुत्र हरज्ञान प्रजापति उम्र 32 साल निवासी गायत्री कॉलोनी बैराड का होना बताया तथा उक्त व्यक्ति की जामा तलाशी ली तो पेन्ट की दाहिने जेब से एक इलैक्ट्रोनिक तौल काँटा व एक पारदर्शी पॉलीथिन में रखा स्मैक जैसा अवैध मादक पदार्थ मिला जिसको जलाकर देखा तो स्मैक होना पाई गई उक्त अवैध मादक पदार्थ की तौल की गई तो 11.87 ग्राम कीमती 3,00,000 रूपये की पाई तथा बांए पेन्ट की जेब से नगदी 16100 रूपये नगद पाये गये आरोपी से अवैध मादक पदार्थ स्मैक रखने का लाइसेंस चाहा तो न होना बताया आरोपीग का कृत्य धारा 8/21 NDPS एक्ट के तहत दण्डनीय पाया जाने से उक्त अवैध मादक पदार्थ स्मैक व नगद रूपये को मौके पर जप्त किया गया एवं आरोपी को गिरफ्तार किया गया पूछताछ करने पर आरोपी ने स्मैक सप्लायरों के नाम बताये है उनके विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही की जायेगीं । आरोपी के विरुद्ध थाने पर अप.क्र. 206/2026 धारा 8/21 NDPS एक्ट का कायम किया गया है पूर्व में भी आरोपी से स्मैक बरामद हुई आरोपी जेल गया था आरोपी जेल से बाहर आने पर पुनः अवैध स्मैक का धंधा करने लगा । आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से जेल भेजा गया । जप्त माल – अवैध मादक पदार्थ स्मैंक 11.87 ग्राम कीमती 3,00,000/- रुपये एवं एक इलेक्ट्रोनिक तोल काँटा व नगदी 16100 रुपये
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रतलाम में आत्मदह के प्रयास से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में अपनी मांगों के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में पेट्रोल डालकर आत्मदाह के प्रयास के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते चार दिनों में यह दूसरा मामला है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही घटनाओं में किसानों ने अपनी सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाने की कोशिश की। ताजा मामला शुक्रवार का है, जब नामली निवासी किसान रमेश कुमावत कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा और अपने साथ लाया पेट्रोल खुद पर डालकर आत्मदाह का प्रयास करने लगा। मौके पर मौजूद शासकीय कर्मचारियों ने उसे रोककर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय भेजा, जहां किसान ने अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी। किसान रमेश कुमावत का दावा है कि उसके दादाजी की लगभग 10 बीघा जमीन शासकीय घोषित कर दी गई है और उस जमीन के एक हिस्से का अधिग्रहण बिजली कंपनी द्वारा भी कर लिया गया। किसान के पास जमीन से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और वह लंबे समय से प्रशासन से जमीन वापस दिलाने की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीण एसडीएम विवेक सुनकर का कहना है कि मामले की पूर्व में जांच हो चुकी है। जांच में किसान के नाम पर वास्तविक जमीन अलग पाई गई, जबकि जिस जमीन पर उसका दावा है, वह शासकीय और अन्य निजी लोगों की भूमि निकली। प्रशासन के अनुसार farmer के दावे को गलत पाया गया। इससे पहले बीते मंगलवार को नगरा निवासी किसान प्यारसिंह ने भी कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का प्रयास किया था। उसकी मांग थी कि बीती तीन साल से खराब बीज के कारण उसकी फसल बर्बाद हुई थी और उसे मुआवजा दिया जाए, लेकिन प्रशासन का कहना था कि उस समय खराब बीज से नुकसान पर मुआवजे का प्रावधान नहीं था, केवल प्राकृतिक आपदा में राहत राशि दी जाती है। अब प्रमुख सवाल यह है कि आखिर शिकायतकर्ता प्रशासन से संतुष्ट क्यों नहीं हो पा रहा है—क्या संवाद की कमी है या फिर लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है। वहीं सवाल यह भी है कि क्या अपनी मांग मनवाने के लिए सार्वजनिक तौर पर आत्मदाह का प्रयास सही तरीका है—क्या ऐसे कदम शासकीय नियम बदल देंगे। यदि कोई शिकायतकर्ता अपने दस्तावेज और दावों को सही मानता है, तो उसके पास न्यायालयीन प्रक्रिया का मार्ग भी है। फिलहाल इन घटनाओं ने प्रशासनिक संवेदनशीलता, जनसुनवाई व्यवस्था और लोगों के बढ़ते आक्रोश पर गहन चर्चा को जन्म दिया है।
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UP NEWS : पप्पू गुप्ता को गोली मारने वाले का एनकाउंटर की मांग,परिजन सड़क पर बैठे

Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत के बिलसंडा में बीते गुरुवार के दिन दिनदहाड़े एक कपड़ा व्यापारी की गोलीमार कर हत्या कर देने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए मृतक के परिजन और व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में लोग सड़क पर धरना प्रदर्शन करने लगे। और आरोपियों का एनकाउंटर करने और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग पर गए। सूचना पर सीओ और एसडीएम सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों के समझाने बुझाने पर सड़क पर बैठे लोग उठ गए कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति हो गई। वहीं जिस युवक से आरोपित लोग मारपीट करने आए थे उसकी तहरीर पर पुलिस ने 7 नामजद और 8 अज्ञात लोगों सहित 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री रामसरन वर्मा भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। सूत्रों की माने तो बताया जा रहा है अधिकारियों और धर्म गुरु की बात मानकर मृतक के परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए और शव को अंतिम संस्कार कर दिया है। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स अर्थी के पीछे-पीछे चलती दिखाई थी। आपको बतादें गुरुवार के दिन रात 11:00 बजे पीलीभीत के जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी सुकीर्ति माधव ने मृतक के घर पहुंचकर उनके परिजनों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। वहीं एसपी का कहना है आरोपी किसी कीमत पर बक्शे नहीं जाएंगे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पांच टीमें लगाई गई है। गौरतलब है कि बिलसंडा के पंकज कटिहार का उसकी ससुराल पक्ष के लोगों से मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि करीब आधा दर्जन लोग पंकज की साइकिल की दुकान पर आए और उसके साथ मारपीट करने लगे। पड़ोसी कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपियों ने तमंचे से फायरिंग कर दी,जिसमें गोली पप्पू गुप्ता के कंधे के नीचे जा लगी। गंभीर हालत में पप्पू को बिलसंडा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया,जहां से डॉक्टर ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय रास्ते में ही पप्पू ने दम तोड़ दिया। *यह भी जानिए* पंकज कटिहार की शादी वर्ष 2023 में जनपद शाहजहांपुर के रोजा थाना क्षेत्र के मुकरमपुर गांव की शीतल से हुई थी। आरोप है पंकज के ससुराल वाले और बिलसंडा के कुछ लोग बाइक पर सवार होकर आए थे। पंकज ने बताया कि आरोपियों ने उसे लोहे की रॉड और तमंचे की बट से मारकर घायल कर दिया था। देर रात एसपी सुकीर्ति माधव के साथ सीओ बीसलपुर विधिभूषण मौर्य,एसडीएम नागेंद्र पाण्डेय, थानाध्यक्ष सिद्धांत शर्मा और कई थानों की पुलिस भी मृतक के घर पहुंची।
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Muzaffarpur के रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट से आग, फायर ब्रिगेड ने काबू पाया

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:Anchor - मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मी चौक में एक रेस्टोरेंट के किचन में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगते ही किचन से धुआं और लपटें उठने लगीं, जिसे देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया गया. प्रारम्भिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है. रेस्टोरेंट के मैनेजर ललन प्रसाद सिंह ने बताया कि घटना के समय किचन में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था. स्थानीय लोगों ने धुआं निकलता देखा तो तुरंत रेस्टोरेंट कर्मियों और फायर ब्रिगेड को जानकारी दी. समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया. घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. वहीं जिला अग्निशमन विभाग के सहायक अधिकारी आरएन पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही एक बड़ी फायर ब्रिगेड वाहन और दो छोटी एमटी गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. दमकल कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से रोक दिया. अग्निशमन विभाग के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला शॉर्ट सर्किट से आग लगने का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है.
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पानीपत में प्रदूषण नियंत्रण बैठक के बीच खुले में जलता कचरा, धुआं से उठे सवाल

Panipat, Haryana:प्रदूषण पर मंथन बैठक के पास धधकी आग एक तरफ प्रदूषण रोकने की चर्चा दूसरी तरफ खुले में जलता कचरा पानीपत। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) और हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी (HEMS) की ओर से पानीपत में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार (आईएएस) ने की। हालांकि कार्यक्रम के दौरान ही बैठक स्थल से कुछ दूरी पर खुले में भयंकर आग जलाकर कचरा नष्ट किया जा रहा था, जिससे भारी धुआं फैलता दिखाई दिया। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण पर आयोजित कार्यक्रम के बीच ही प्रदूषण फैलने की घटना चर्चा का विषय बन गई। अधिकारियों और उद्योगपतियों द्वारा जहां प्रदूषण कम करने की रणनीति पर चर्चा की जा रही थी, वहीं कार्यक्रम स्थल के नजदीक ही प्रदूषण फैलने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। मामले पर संज्ञान लेते हुए सदस्य सचिव योगेश कुमार ने कहा कि वह नगर निगम अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण केवल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नगर निगम, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, इरिगेशन विभाग और HSVP समेत कई विभागों की संयुक्त भूमिका होती है। “विकास के साथ प्रदूषण नियंत्रण जरूरी” योगेश कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे विकास होता है, वैसे-वैसे प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए विकास के साथ प्रदूषण को नियंत्रित करना और उसे कम करना बेहद जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या में जागरूकता और प्रभावी एनफोर्समेंट दोनों अहम हैं। यदि उद्योग अपने स्तर पर प्रदूषण कम करने का प्रयास करें और विभागीय अधिकारी सक्रियता से काम करें तो निश्चित रूप से प्रदूषण को कम किया जा सकता है। उन्होंने उद्योगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि सहयोग के साथ समाधान निकालना है। HEMS ने उठाए उद्योगों से जुड़े मुद्दे हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी (HEMS) के प्रधान भीम राणा ने कार्यक्रम के दौरान उद्योगों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि HEMS की सदस्यता CAQM, CPCB और HSPCB में बढ़ाई जानी चाहिए ताकि उद्योगों से जुड़ी योजनाओं और नीतियों में संस्था की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि HEMS के 5200 से अधिक सदस्य हैं और यह उत्तर भारत की बड़ी पर्यावरणीय संस्थाओं में शामिल है। संस्था उद्योगों को पर्यावरण संबंधी नियमों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है। भीम राणा ने कहा कि संस्था CETP और STP से निकलने वाले हैजार्डस वेस्ट के प्रबंधन में भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस संस्था का गठन किया गया था तथा फरीदाबाद के पाली क्षेत्र में 31 एकड़ भूमि भी उपलब्ध कराई गई है। उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं पर चर्चा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बोर्ड अधिकारियों ने जानकारी दी कि 29 जनवरी 2026 को हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा सूक्ष्म एवं लघु कृषि, खाद्य प्रसंस्करण तथा वस्त्र क्षेत्र के उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता नीति तैयार की जा चुकी है। इसके अलावा उद्योगों में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना और उनके उन्नयन के लिए प्रोत्साहन दिए जाने का विषय भी अधिकारियों के समक्ष रखा गया। केंद्रीय एजेंसियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य कार्यक्रम में बताया गया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वर्तमान में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और विभिन्न न्यायालयों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहा है। बाइट योगेश कुमार आईएएस बाइट भीम राणा प्रधान
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