Gorakhpur - श्रीमद्भागवत कथा में छिपा है जीवन का गहरा रहस्य
Khajani, Uttar Pradesh:रूद्रपुर खजनी में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में उक्त विचार कथा व्यास प्रदीप मिश्र ने उपस्थित श्रोताओं से व्यक्त किए. उन्होंने बताया कि ईश्वर अंश जीव अविनाशी यह तुलसीदास ने रामचरित्रमानस में लिखा है, भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में अर्जुन को यही उपदेश दिया है, कि शरीर वस्त्र की भांति है,आत्मा अजर अमर अविनाशी है,आदि शंकराचार्य ने भी कहा तथा धर्म शास्त्रों में इसका वर्णन मिलता है, जब हम शरीर और उससे जुड़े संबंधों से जुड़ कर ईश्वर से दूर रहते हैं तो हमें सुख दुख का आभास होता है।कहा कि ऐसी निर्दयता मनुष्य का स्वभाव नहीं है,धर्मशास्त्रों में ऐसे लोगों को ही दैत्य कहा गया हैा
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