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AKAnkit Kumar ShaniyFollow11 Mar 2025, 09:44 am

Gorakhpur: होली के अवसर पूर्वोतर रेलवे ने चलाई 81 स्पेशल ट्रेनें, CPRO पंकज कुमार सिंह ने दी जानकारी

Jungle Dhusan, Uttar Pradesh:गोरखपुर होली के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने 81 विशेष ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। इनमें से कई ट्रेनें पूर्वोत्तर रेलवे से होकर गुजरेंगी, जबकि कुछ ट्रेनें पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा संचालित की जा रही हैं। गोरखपुर जंक्शन से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना और अन्य प्रमुख शहरों के लिए होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, ताकि यात्रियों को सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध हो सके। गोरखपुर - दिल्ली स्पेशल, गोरखपुर - मुंबई स्पेशल, गोरखपुर - कोलकाता स्पेशल, गोरखपुर - पटन स्पेशल इसके अलावा अन्य रूटों पर भी ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों को उनकी गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी।
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कोटा के आरके पुरम में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या; सुसाइड नोट मिला

Kota, Rajasthan:कोटा। शहर के आरके पुरम थाना इलाके में एक युवक द्वारा फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान आंवली रोजड़ी निवासी दीपक जांगिड़ के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची आरके पुरम थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी मर्जी से आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी है। सुसाइड नोट में दीपक ने साफ किया कि उसकी मौत के लिए किसी को भी परेशान न किया जाए। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग दर्ज कर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
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निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी, महिला की मौत

Dungarpur, Rajasthan:मामला ओबरी थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में कल रात आई तेज आंधी ओर बारिश के दौरान शुरू हुआ। निर्माणाधीन दीवार गिर गई और कुरी देवी, जो जितेंद्र डोडियार के घर में साथ में काम कर रहीं थीं, दीवार के नीचे दब गईं। मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला गया, उन्हें ओबरी अस्पताल लाया गया, पर हालत गंभीर होने के कारण रेफर कर दिया गया। सागवाड़ा अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम सुबोध सिंह चारण और तहसीलदार रक्षा बुनकर मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। पुलिस ने शव को सागवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम के बाद आज शव परिजनों को सौंप दिया गया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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वर्क फ्रॉम होम के झांसे: राजस्थान में महिलाएं करोड़ों की ठगी का शिकार

Jaipur, Rajasthan:सोशल मीडिया पर घर बैठे मोटी कमाई और वर्क फ्रॉम होम के आकर्षक विज्ञापन लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। साइबर ठग बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों, छात्रों और अतिरिक्त आय की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। राजस्थान में पिछले एक महीने के दौरान ही वर्क फ्रॉम होम और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 8 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों में करीब 72 प्रतिशत पीड़ित महिलाएं हैं। साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन डालते हैं, जिनमें घर बैठे प्रतिमाह 40 से 80 हजार रुपये कमाने का दावा किया जाता है। नौकरी दिलाने के नाम पर पहले रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, आईडी वेरिफिकेशन या ट्रेनिंग शुल्क मांगा जाता है। कई मामलों में लोगों से बैंक खाते, ओटीपी और यूपीआई से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर ली जाती है। रकम जमा कराने या जानकारी लेने के बाद ठग मोबाइल नंबर बंद कर गायब हो जाते हैं। महिलाएं क्यों बन रही हैं साइबर ठगों का सॉफ्ट टार्गेट? मनोचिकित्सकों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को निशाना बनाने के पीछे साइबर अपराधियों की सुनियोजित रणनीति होती है, मनोचिकित्सकों के अनुसार, गृहिणियां और युवतियां परिवार की आर्थिक मदद करने तथा आत्मनिर्भर बनने की इच्छा रखती हैं। घर की जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलने पर वे ऐसे विज्ञापनों में रुचि दिखाती हैं। साइबर ठग इसी मनोवैज्ञानिक लाभ उठाते हैं और भरोसा जीतने के लिए लगातार बातचीत, फर्जी दस्तावेज और नकली कंपनियों की वेबसाइटों का सहारा लेते हैं। बाइट - डॉ. अनीता गौतम, मनोचिकित्सक साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि महिलाएं अक्सर सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर्स को गंभीरता से लेती हैं और कई बार सामने वाले पर जल्दी विश्वास कर लेती हैं। ठग पहले छोटे-छोटे टास्क देकर या शुरुआती भुगतान दिखाकर भरोसा पैदा करते हैं, फिर बड़ी रकम निवेश या जमा कराने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि महिलाएं साइबर अपराधियों के लिए "सॉफ्ट टार्गेट" बन जाती हैं। बाईट - डॉ. सीबी शर्मा, रिटायर्ड आईपीएस एंड साइबर एक्सपर्ट साइबर ठग सोशल मीडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर 45 से 80 हजार रुपए मासिक कमाई का लालच देकर लोगों को जोड़ते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, आईडी वेरिफिकेशन और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर रकम वसूली जाती है। भुगतान होने के बाद ठग संपर्क तोड़ देते हैं या फिर नए-नए टास्क देकर और पैसे जमा करवाते हैं। कई मामलों में बैंक डिटेल, ओटीपी और स्क्रीन शेयरिंग की जानकारी लेकर खातों से रकम भी निकाल ली जाती है। राजस्थान के प्रमुख ठगी के मामले भरतपुर: 29 महिलाओं से ₹1 करोड़ की ठगी भरतपुर जिले में रोजगार और स्व-रोजगार देने के नाम पर 29 महिलाओं से करीब 1 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया। इस घटना में पीड़ित महिलाओं ने अपने गहने और खेत तक गिरवी रख दिए थे, जिससे मानसिक तनाव के कारण कुछ महिलाओं की तबीयत भी बेहद गंभीर हो गई थी。 2. शाहपुरा (जयपुर): 317 महिलाओं से ठगी जयपुर के शाहपुरा क्षेत्र में स्व-रोजगार और कुटीर उद्योग लगाने के नाम पर एक बड़ा रैकेट सामने आया, जहां 317 महिलाओं से करीब 1.89 लाख रुपये ऐंठे गए। आरोपी महिलाओं को काम का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे लेकर फरार हो गए। 3. जयपुर एयरपोर्ट जॉब स्कैम जयपुर एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ और अन्य पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस आरोपी ने एआई (AI) और डिजिटल एडिटिंग के जरिए फर्जी आईडी कार्ड बनाकर 30 से अधिक बेरोजगारों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की थी। 4. कोटा जॉब स्कैम कोटा कोचिंग हब और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी महिलाओं को रोजगार का झांसा देकर लाखों की ठगी की गई, जिसके विरोध में पीड़ित महिलाओं ने थानों के बाहर भारी प्रदर्शन और बवाल किया था. 5. झुंझुनू: सरकारी नौकरी के नाम पर ₹14.85 लाख की ठगी झुंझुनू के सिंघाना में कोर्ट में बाबू (क्लर्क) की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 14.85 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में एक रेलवे कर्मचारी और उसकी पत्नी ने मिलकर साजिश रची थी। ऐसे होती है ठगी- सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन दिखाया जाता है。 व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर संपर्क कराया जाता है。 रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी फीस जमा करवाई जाती है。 कुछ मामलों में बैंक डिटेल, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग करवाई जाती है。 पैसे मिलते ही ठग संपर्क खत्म कर देते हैं और मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं。 साइबर विशेषज्ञों की सलाह नौकरी के नाम पर कभी भी अग्रिम शुल्क जमा न करें。 कंपनी की वेबसाइट, पता और पंजीकरण की जांच अवश्य करें。 बैंक खाता, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी से साझा न करें。 किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें。 स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें。 संदिग्ध कॉल, ई-मेल या ऑफर की सत्यता जांचें。 ठगी होने पर तुरंत 1930, 1945 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं。 विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब तकनीक के साथ-साथ लोगों की भावनाओं और आर्थिक जरूरतों को भी हथियार बना रहे हैं। ऐसे में विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि आत्मनिर्भर बनने की चाह साइबर ठगों के जाल में न फंस जाए।
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आसाराम को कोर्ट से मिली जेल सुविधाओं की राहत, स्वास्थ्य पर विशेष व्यवस्था

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व में प्रदान की गई सुविधाओं को जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मामला की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने आसाराम की आयु और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए। आसाराम की ओर से अधिवक्ता RS सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि वह लंबे समय से विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं तथा वृद्धावस्था के कारण विशेष देखभाल और पौष्टिक भोजन की आवश्यकता है। याचिका में दो समय बाहरी भोजन, अल्कलाइन वॉटर, बेड, सेवक, अलग कक्ष तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की सुविधा जारी रखने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पूर्व में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई सुविधाओं को बरकरार रखते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदेश के अनुसार आसाराम को दो समय बाहरी भोजन, अल्कलाइन पानी, बेड, सेवक और अलग कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही चिकित्सक डॉ. सचित भोला और डॉ. अरुण त्यागी द्वारा जेल में जाकर उपचार करने तथा एक माह तक आरोग्यम अस्पताल में उपचार के लिए जाने की अनुमति भी दी गई है। सुनवाई के बाद आसाराम को राहत मिलने पर उनके समर्थकों में संतोष का माहौल देखा गया।
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जोधपुर नगर निगम: जनगणना के पहले चरण में विशाल घर-घर सर्वे तेज़ी से आगे

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर जनगणना 2027 के पहले चरण में हाउसहोल्ड गणना का कार्य जारी है जोधपुर शहरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा हाउसहोल्ड जनगणना का कार्य प्रगति पर है ।कार्य की प्रगति संतोषजनक है और प्रशासन को उम्मीद है कि यह कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि जनगणना कार्य को अधिक प्रभावी और कर्मचारियों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रारंभिक योजना में संशोधन किया गया है। राहुल जैन ने बताया कि जिले में 1616 हाउसहोल्ड ब्लॉक्स निर्धारित किए गए थे, लेकिन फील्ड वेरिफिकेशन के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर 1663 कर दी गई। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि किसी भी कर्मचारी पर अत्यधिक कार्यभार न पड़े और जनगणना का कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन ने जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों की व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी विशेष ध्यान रखा है। सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच चुके कर्मचारियों, गर्भवती महिला कर्मचारियों, छोटे बच्चों की देखभाल करने वाले कर्मियों तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को इस कार्य से छूट प्रदान की गई है। इससे अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर तरीके से कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि जिले में नियुक्त प्रगणकों ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। सुबह तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 185 प्रगणकों ने अपना निर्धारित कार्य पूर्ण कर लिया था। इससे स्पष्ट है कि जनगणना कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। जोधपुर नगर निगम क्षेत्र में इस जनगणना के तहत लगभग 3 लाख 68 हजार हाउसहोल्ड्स का सर्वेक्षण किया जाना है। अब तक करीब 2 लाख 40 हजार हाउसहोल्ड्स का प्रतिपलन (एन्यूमरेशन) पूरा किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का बड़ा हिस्सा है। उनका मानना कि जिस गति से कार्य चल रहा है और कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है, उसे देखते हुए जनगणना का यह चरण निर्धारित समय सीमा से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा。
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जोधपुर के होटल-रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी चेकिंग: कई जगह लापरवाही सामने

Jodhpur, Rajasthan:दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में आग लगने की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे के बाद जोधपुर में भी होटल और रेस्टोरेंट्स की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। जी मीडिया की टीम ने जब शहर के विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट्स का रियलिटी चेक किया तो कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। कहीं फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त मिली तो कहीं इमरजेंसी एग्जिट ही अवरुद्ध पाए गए। अब नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया है। देखिए यह खास रिपोर्ट। वीओ-1 दिल्ली में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद जोधपुर में भी आग से सुरक्षा के इंतजामों की पड़ताल शुरू हो गई है। जी मीडिया की टीम ने शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट्स का रियलिटी चेक किया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई। इस दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, इमरजेंसी एग्जिट, हाइड्रेंट सिस्टम और कर्मचारियों को दिए गए फायर सेफ्टी प्रशिक्षण की जांच की गई। जांच में कुछ प्रतिष्ठानों में फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह व्यवस्थित मिला, लेकिन कई जगह गंभीर लापरवाही भी देखने को मिली। कुछ रेस्टोरेंट्स में फायर एक्सटिंग्विशर तो लगे हुए थे, लेकिन उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। वहीं कुछ स्थानों पर इमरजेंसी एग्जिट के रास्ते सामान रखकर बंद कर दिए गए थे, जो किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं。 वॉक थ्रू - लोकेश ओला वीओ-2 रियलिटी चेक की रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन भी सतर्क हो गया है। निगम आयुक्त राहुल जैन ने शहरभर में व्यापक जांच अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। अब होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, कॉलेज, निजी संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि दिल्ली में हुई घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। जोधपुर में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए सभी संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिनके पास फायर एनओसी नहीं है या फायर फाइटिंग सिस्टम कार्यशील नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बाइट - राहुल जैन, आयुक्त, नगर निगम जोधपुर वीओ-4 नगर निगम की टीम यह भी जांच करेगी कि संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी है या नहीं, फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित हैं या नहीं और उपलब्ध उपकरण कार्यशील स्थिति में हैं या नहीं। जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां नोटिस जारी कर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। फाइनल वॉक थ्रू - लोकेश ओला
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रेवाड़ी में शराबी पति की हत्या: पुलिस ने किया खुलासा, गिरफ्तार

Rewari, Haryana:रेवाड़ी पुलिस ने सुलझाई महिला के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, शराबी आरोपी पति गिरफ्तार... नशे के आदी पति ने आपसी कहासुनी के बाद गला दबाकर की थी पत्नी की हत्या.... शव को खुर्द बुर्द करने के लिए चटाई में बांधकर, बाइक से गांव धवाना की बणी में फेंका था... रेवाड़ी की सीआईए पुलिस ने तीन दिन पूर्व गांव धवाना की बणी (झाड़ियों) में एक महिला की हत्या कर शव फेंकने के सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए शराबी आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव मंदोला निवासी कंवरपाल के रूप में हुई है। विगोह - डीएसपी पवन कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि गत 31 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव धवाना की बणी में एक अज्ञात महिला का शव पड़ा हुआ है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि शव को एक नीले रंग की चटाई में बांधकर झाड़ियों में छुपाया गया था। मृतका के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था, हालांकि शरीर पर चोट के कोई प्रत्यक्ष निशान नहीं थे। प्रथम दृष्टया मामला हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने का लग रहा था। जिसके चलते पुलिस ने मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। शव की पहचान के लिए शव गृह में शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए थे। सामने आया कि मृतका का नाम ज्योति है जो प्रतापगढ़ की निवासी थिबोर है जिसकी शादी रेवाड़ी के गांव मदोला के कंवरपाल से 2018 में हुई थी। कंवरपाल शराबी पिता था और अक्सर शराब पीकर पत्नी को पीटता था। 30 मई को उसने पूरा दिन शराब पीना शुरू किया जिसके बाद रात को ज्योति का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बाथरूम में रख दिया। ज्योति जिंदा न रह जाये इसके लिए उसने गला दबाने के बाद उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। अगले दिन उसने ज्योति के शव को चटाई में लपेटकर गांव धवाना के जंगल में फेंक दिया जिसकी सूचना पुलिस को ग्रामीणों से मिली। हालात में आरोपी कंवरपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसके ऊपर पहले से आठ अलग-अलग क्राइम के मामले दर्ज हैं। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और आज आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। बाइट - पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार रेवाड़ी。
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पंजाब सचिवालय और धार्मिक स्थलों पर बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियाँ चौकसी

Chandigarh, Chandigarh:पंजाब सिविल सचिवालय और पंजाब के धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल से भेजी धमकी आज सुबह 8:36 बजे, पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में संबंधित अधिकारियों को कथित तौर पर एक ईमेल मिला, जिसमें बम की धमकी थी। भेजने वाले ने धमकी दी कि वह दोपहर 1:11 बजे से 3:11 बजे के बीच पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में बम धमाके करेगा। ईमेल में आगे पंजाब के कई हिंदू धार्मिक स्थलों पर बम हमलों की धमकी दी गई थी, जिनमें दुर्गियाना मंदिर (अमृतसर), मुक्तेश्वर मंदिर (पठानकोट), देवी तालाब मंदिर (जालंधर), मैसर मंदिर (बठिंडा) और काली देवी मंदिर (पटियाला) शामिल हैं। संदेश में ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के संदर्भ में भड़काऊ और बदले की भावना वाले उल्लेख भी थे, और ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य डर, दहशत और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था। धमकी की गंभीरता को देखते हुए, इस मामले में संबंधित कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सभी संवेदनशील स्थानों पर तत्काल जांच शुरू कर दी है
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कमला नदी में डूबे 12 वर्षीय उज्ज्वल मिश्रा की मौत, परिवार सदमे

Madhubani, Bihar:MADHUBANI के कमला नदी में डूबने से 12 वर्षीय छात्र उज्ज्वल मिश्रा की मौत हो गई है , घटना झंझारपुर आर एस थाना के पिपरा घाट की है। पिपरा घाट के पास कमला नदी में नहाने के दौरान 12 वर्षीय छात्र उज्ज्वल मिश्रा की डूबने से मृत्यु हो गई। 2 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव को निकाला। परिजन उसे झंझारपुर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान फुलपरास थाना के सिसवार गांव निवासी शिक्षक अखिलेश मिश्रा के पुत्र उज्ज्वल के तौर पर हुई है। पूरा परिवार झंझारपुर बाजार में किराए के मकान में रहता है। मृतक बालक की मां मीनाक्षी देवी ने बताया कि नौंवीं क्लास का छात्र उज्ज्वल 4-5 दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने निकला था। कमला के पूर्वीय तटबंध से होते हुए सभी पिपरा घाट पहुंचे और नहाने लगे। नहाते समय उज्ज्वल गहरे पानी में चला गया। अन्य बच्चे बाहर आ गए, पर वह डूब गया। सूचना पर पुलिस और समाजसेवी मौके पर पहुंचकर शव की खोज में जुट गए। स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों को शव की तलाश में लगाया गया। फिर एसडीआरएफ टीम पहुंची और शव को खोजकर नदी से निकाला गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया ,पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए। बालक की मौत से परिजनों का रोरो कर बुरा हाल है और इलाके में मातम छाया हुआ है। प्रशासन ने मानसून में नदी में नहाने से बचने की अपील की है।
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