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Pawan KumarPawan KumarFollow10 Dec 2024, 10:24 am
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इंदिरापुरम साइबर ठगी: फर्जी कॉल सेंटर पकड़कर 6 गिरफ्तार, लाखों नकदी बरामद

Ghaziabad, Uttar Pradesh:इंदिरापुरम पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 1 महिला भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई है। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदिरापुरम थाना पुलिस ने शक्ति खंड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के ग्राहकों का डेटा हासिल कर उन्हें कॉल करते थे और पेमेंट फेल होने या विज्ञापन से जुड़ी समस्या बताकर दोबारा भुगतान कराने के नाम पर ठगी करते थे। गिरोह ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात और राजस्थान समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोनों की जांच में विभिन्न राज्यों से साइबर फ्रॉड से जुड़ी कई ऑनलाइन शिकायतें भी मिली हैं। आरोपियों ने लाखों रुपये की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है और बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।
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दिल्ली के बुराड़ी में सीवरेज के बाद सड़क बदहाल, गड्ढे जलभराव से राहगीर परेशान

New Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र के कादीपुर कुशक नंबर-2 से स्वरूप नगर जाने वाली सड़क इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सीवरेज पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को दोबारा ठीक नहीं किया गया, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे और जलभराव ने राहगीरों की मुश्किलें बड़ाई। यह तस्वीरें उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र की हैं, जहां कादीपुर कुशक नंबर-2 से स्वरूप नगर जाने वाली मुख्य सड़क अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उनमें भरा गंदा पानी और चारों ओर फैली गंदगी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रही है। बारिश के बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। नियमानुसार खुदाई के बाद सड़क को पहले जैसी स्थिति में बहाल करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां महीनों बीत जाने के बावजूद सड़क बदहाल पड़ी है। लोगों का आरोप है कि सड़क पर जमा गंदा पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थिति तब और खतरनाक हो जाती है जब सड़क किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर के बिल्कुल पास से होकर लोगों को गुजरना पड़ता है। जलभराव के बीच ट्रांसफार्मर के आसपास से निकलना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। फिलहाल देखना होगा कि प्रशासन लोगों की इस परेशानी पर कब तक संज्ञान लेता है और कब इस बदहाल सड़क से गुजरने वाले हजारों लोगों को राहत मिल पाती है।
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प्रतिमा बागरी के हस्तक्षेप के बाद पीएमजीएसवाई ठेकेदार धरना समाप्त, जाँच तय

Satna, Madhya Pradesh:सतना। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के महाप्रबंधक पर भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रहा ठेकेदारों का धरना-प्रदर्शन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। मंत्री स्वयं धरना स्थल पहुंचीं और संविदाकारों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। धरना स्थल पर मंत्री प्रतिमा बागरी ने ठेकेदारों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी कैबिनेट बैठक में वह इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगी। मंत्री के आश्वासन के बाद पीएमजीएसवाई संविदाकार संघ के अध्यक्ष अनिल सिंह ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने सरकार पर भरोसा जताते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित किया है, लेकिन यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। धरना समाप्त होने के साथ ही एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय भी सामने आया। पीएमजीएसवाई के महाप्रबंधक को 15 दिनों के अवकाश पर भेज दिया गया है। इस अवधि में उनके विरुद्ध लगाए गए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जाएगी। बताया गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से पीएमजीएसवाई के ठेकेदार विभिन्न मांगों और महाप्रबंधक पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आंदोलनरत थे। ठेकेदारों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगामी निविदाओं में भाग नहीं लेंगे। आंदोलन को नगर निगम ठेकेदार संघ का भी समर्थन प्राप्त था, जिससे मामले ने व्यापक रूप ले लिया था। अब सभी की निगाहें आगामी 15 दिनों पर टिकी हैं, जिनमें जांच पूरी होने और सरकार द्वारा आगे की कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। ठेकेदारों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष रही और दोषियों पर कार्रवाई हुई तो इससे व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
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आज मुख्यमंत्री सचिवालय में जन-शिकायतों की सुनवाई: सहयोग कार्यक्रम का बिहार सरकार दिखाएगी पारदर्शी पहल

Noida, Uttar Pradesh:राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम के अंतर्गत कल, 14 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में विभिन्न जिलों से प्राप्त चयनित जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।'सहयोग' बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-केंद्रित पहल है, जिसके माध्यम से जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण से असंतुष्ट नागरिकों को राज्य स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की निर्धारित मानकों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी समीक्षा के उपरांत चयनित मामलों की सुनवाई प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को किया जाएगा। हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए तथा उसका न्यायसंगत, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। 'सहयोग' कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच प्रत्यक्ष संवाद, जनविश्वास एवं सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है。
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बिहार के जलजमाव वाले प्राथमिक विद्यालय में AI शिक्षा के दावे पर सवाल

Begusarai, Bihar:एंकर एक तरफ बिहार सरकार बेहतर शिक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्कूलों में AI आधारित शिक्षा लागू करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जहां बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड की रानी-एक पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय झमटिया की स्थिति बेहद दयनीय बानी हुई है। बरसात होते ही स्कूल के क्लासरूम में पानी भर जाने के कारण बच्चों को पढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आपको बताते चले कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित यह विद्यालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। मानसून आते ही बारिश में पूरे विद्यालय परिसर और कक्षाओं में जलजमाव हो गया, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई। मजबूरी में शिक्षिकाओं को बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-9 में बैठाकर पढ़ाना पड़ा, जबकि कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक घंटों बाहर खड़े रहने को विवश रहे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार शिक्षा परियोजना के तहत इस विद्यालय के कायाकल्प के लिए 49.10 लाख रुपये की योजना स्वीकृत हुई थी। निर्माण एजेंसी मैसर्स शिवम कंस्ट्रक्शन को 4 अक्टूबर 2025 से काम शुरू करना था, लेकिन करीब 9 महीने बीत जाने के बावजूद मौके पर एक ईंट तक नहीं लगी। सिर्फ "कार्य प्रगति पर है" का बोर्ड लगा है, जिसे देखकर ग्रामीण खुद को दिलासा देते हैं कि शायद कभी स्कूल बन जाएगा। स्थानीय वार्ड सदस्य भोला पासवान, रामसागर कुंवर, रामशंकर कुंवर, कुंदन कुमार, टिंकू कुमार समेत कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि हर बारिश में विद्यालय तालाब बन जाता है और बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विभागीय अधिकारी इतने करीब बैठते हैं, तब भी इस बदहाली पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।विद्यालय में फिलहाल 105 छात्र-छात्राएं और 4 शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बच्चों के भविष्य को लेकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।इस मामले में शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार यादव ने कहा कि जलजमाव की जानकारी मिली है और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जीर्णोद्धार योजना को लेकर भी वरीय अधिकारियों से बात की जाएगी।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या बिहार में AI शिक्षा का सपना उन जर्जर कमरों में पूरा होगा, जहां छत से प्लास्टर गिरता है और बारिश में स्कूल तालाब बन जाता है? या फिर करोड़ों की योजनाएं सिर्फ फाइलों और बोर्डों तक ही सीमित रहेंगी।
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सीलमपुर में तीन महीनों से पेयजल संकट, जनता ने जल बोर्ड की नाकामी पर किया प्रदर्शन

New Delhi, Delhi:यमुनापार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-228 स्थित सुभाष मोहल्ला, विजय मोहल्ला और बजरंगी मोहल्ला में पिछले करीब तीन महीनों से गहरा पेयजल संकट बना हुआ है। क्षेत्र के हजारों लोग पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उनके घरों में या तो पानी बिल्कुल नहीं पहुंच रहा है, या फिर इतना कम दबाव और गंदा पानी आता है कि उसका उपयोग पीने और घरेलू कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार दिल्ली जल बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई और क्षेत्रीय विधायक समेत संबंधित अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद न तो पाइपलाइन की समुचित जांच की गई और न ही जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई परिवार पीने का पानी बाजार से खरीदने को मजबूर हैं। वहीं, घरेलू कामों में पानी की बचत के लिए लोग डिस्पोजेबल प्लेट और गिलास का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि बर्तन धोने में पानी बर्बाद न हो। यह अतिरिक्त खर्च लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी बोझ डाल रहा है। निवासियों के अनुसार कई-कई दिन तक नलों में पानी नहीं आता। ऐसे में पीने का पानी खरीदना पड़ता है, जबकि नहाने, कपड़े धोने और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए कई परिवार अपने रिश्तेदारों के घर जाने को मजबूर हैं। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के टैंकर भी समस्या का समाधान नहीं बन पा रहे हैं। टैंकर कब आएगा, इसका कोई निश्चित समय नहीं होता। घंटों इंतजार करने के बाद जब टैंकर पहुंचता है तो पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार टैंकर का पानी सभी लोगों तक नहीं पहुंच पाता, जिससे विवाद की स्थिति भी बन जाती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस के बीच यह संकट और अधिक गंभीर हो गया है। छोटे बच्चों, बुजर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए रोज संघर्ष करना किसी भी विकसित शहर के लिए चिंता का विषय है। इस बीच, इलाके में यह चर्चा भी तेज है कि पानी की किल्लत के कारण कहीं पानी माफिया सक्रिय तो नहीं हो गया है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं भी अवैध पानी कारोबार हो रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए。 क्षेत्र के लोगों ने दिल्ली सरकार, दिल्ली जल बोर्ड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्रवासियों का साफ संदेश है— "हमें राजनीति नहीं, पानी चाहिए। सरकार और संबंधित विभाग हमारी परेशानी को गंभीरता से लें और इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।"
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लातेहार के ग्रामीणों को स्मार्ट मीटर से बढ़े बिल, कनेक्शन कटने पर आक्रोश

Latehar, Jharkhand:लातेहार बरवाडीह प्रखंड के पोखरीकला एवं खुरा पंचायत के दर्जनों विद्युत उपभोक्ता इन दिनों स्मार्ट मीटर की वजह से भारी परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के महज 5 से 6 माह के भीतर उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपए तक के बिजली बिल भेज दिए गए हैं। इस संबंध में उपभोक्ताओं ने पूर्व में बिजली विभाग को आवेदन देकर बिल में सुधार की मांग की थी, लेकिन समस्या का समाधान होने के बजाय बिल राशि लगातार बढ़ती गई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के पोखरीकला के 50 से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काट दिया, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित उपभोक्ता प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। मामले की जानकारी मिलने पर जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से अविलंब जांच कर गलत बिलों में सुधार तथा कटे हुए कनेक्शनों को तत्काल बहाल करने की मांग की।
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बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन के बाद चुनाव प्रचार का बिगुल बुलंद

Noida, Uttar Pradesh:बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का चुनावी रण अब पूरी तरह सज चुका है। नामांकन की प्रक्रिया खत्म होते ही सियासी दलों ने चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया है। नामांकन के आखिरी दिन समाहरणालय परिसर में शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों की भीड़, नारेबाजी और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। वहीं उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों ने उनकी शिक्षा, संपत्ति और आपराधिक मामलों की पूरी तस्वीर भी जनता के सामने रख दी है। नामांकन के आखिरी दिन सबसे ज्यादा शक्ति प्रदर्शन जन सुराज और भाजपा की ओर से देखने को मिला। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर हजारों समर्थकों के साथ समाहरणालय पहुंचे और अपना नामांकन दाखिल किया। समर्थकों की भारी भीड़ के जरिए जन सुराज ने चुनाव से पहले अपना दम दिखाने की कोशिश की। वहीं भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान एनडीए के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। साफ था कि भाजपा भी नामांकन के बहाने अपनी चुनावी ताकत का संदेश देना चाहती थी। अब बात उम्मीदवारों के प्रोफाइल की। पढ़ाई-लिखाई के मामले में प्रशांत किशोर सबसे आगे दिखाई देते हैं। उन्होंने पब्लिक हेल्थ में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के साथ भी काम कर चुके हैं। वहीं भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा और राजद की रेखा गुप्ता दोनों ही स्नातक हैं। संपत्ति के मामले में भी उम्मीदवारों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है। प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी ने अपने हलफनामे में 111 करोड़ रुपये की चल और 86 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। दूसरी ओर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने करीब 12 लाख रुपये की चल संपत्ति घोषित की है। उनके नाम पर न कोई कार है और न ही कोई मकान या फ्लैट है। वहीं राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता ने करीब 81 लाख रुपये की चल और 5 करोड़ 46 लाख रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। अगर आपराधिक मामलों की बात करें तो भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। वहीं प्रशांत किशोर ने अपने खिलाफ चार मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता ने भी अपने हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र किया है। नामांकन के आखिरी दिन एक और घटना ने सबका ध्यान खींचा। जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी ने सबसे पहले नामांकन दाखिल किया, लेकिन कुछ ही देर बाद गांधी मैदान थाना पुलिस ने उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। समाहरणालय परिसर करीब 45 मिनट तक हाई वोल्टेज ड्रामे का गवाह बना। पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद अदालत से जमानत मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। नामांकन का दौर अब खत्म हो चुका है। उम्मीदवारों ने अपनी ताकत भी दिखा दी है और अपनी पूरी जानकारी भी जनता के सामने रख दी है। अब निगाहें चुनाव प्रचार पर होंगी, क्योंकि आखिरकार फैसला हलफनामे नहीं, जनता का वोट करेगा।
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