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गंगा जलस्तर बढ़ने से समस्तीपुर में बाढ़ का संकट बना रहा

Samastipur, Bihar:एंकर:समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर भले ही करीब 10 सेंटीमीटर नीचे आया हो, लेकिन बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में पानी अब भी घरों में घुसा हुआ है। कहीं परिवार सड़क और बांध पर शरण लिए हुए हैं तो कहीं लोग घर की छत पर मवेशियों के साथ रात गुजारने को मजबूर हैं। सबसे बड़ी परेशानी भोजन, पशुओं के चारे, पीने के पानी और रात में रोशनी की है। कई इलाकों में बाढ़ पीड़ित अंधेरे में रात काट रहे हैं। गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर में मामूली कमी के बाद लोगों ने जरूर थोड़ी राहत महसूस की है, लेकिन पानी का फैलाव कम नहीं हुआ है। मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर के कई गांवों में अब भी सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। मोहनपुर प्रखंड की डुमरी दक्षिणी पंचायत में हालात बेहद खराब हैं। पंचायत के अधिकांश लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले छह दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। आवागमन के लिए एक ही नाव का सहारा है। गंगा का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने तक का मौका नहीं मिला। बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि घर के अंदर पानी भरा है और मजबूरी में छत पर ही परिवार और मवेशियों के साथ रात काटनी पड़ रही है। खाना भी छत पर ही बनाया जा रहा है। बारिश शुरू होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। बाढ़ पीड़ित रागिनी कुमारी बताती हैं कि घर में करीब डेढ़ से दो फीट पानी है। संयुक्त परिवार होने के कारण घर में करीब 15 बच्चे थे, जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए रिश्तेदारों के यहां भेज दिया गया है। अब परिवार के लोग मवेशियों के साथ घर की छत पर रात गुजार रहे हैं। उनका आरोप है कि छह दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से कोई हालचाल लेने नहीं पहुंचा। पशुपालक रामचंद्र राय बताते हैं कि बाढ़ में सबसे बड़ी परेशानी मवेशियों के चारे की है। उनका कहना है कि पानी अचानक इतनी तेजी से बढ़ा कि पशुओं को ऊंचे स्थान पर ले जाने का मौका ही नहीं मिला। मजबूरी में दो मवेशियों को घर की छत पर रखा गया है और परिवार के लोग भी वहीं रह रहे हैं। इधर, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज करने का दावा किया जा रहा है। मोहिउद्दीननगर प्रखंड में करीब 25 स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू किए गए हैं, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा है। सामुदायिक किचन और राहत सामग्री को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए करीब 95 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से पशुओं के लिए चारा और प्लास्टिक शीट भी वितरित किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक दावे कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर राहत का असर बहुत कम दिखाई दे रहा है। खासकर घरों की छत और बांधों पर रह रहे परिवारों को भोजन, चारा, पेयजल और रोशनी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वही रात के अंधेरे में कैसे गुजरती है बाढ़ पीड़ितों की रात और उसकी स्थिति का जायजा लिया जी मीडिया संवाददाता मंटून कुमार रॉय ने.
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बड़वानी-सेंधवा में स्ट्रीट डॉग ने बनाया राहगीरों को शिकार, अस्पताल में इलाज शुरू

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-सेंधवा मे स्ट्रीट डॉग का आतंक, करीब आधा दर्जन लोगों को बनाया शिकार,पीड़ित पहुंचे सिविल अस्पताल शहर में एक बार फिर कुत्तों का आतंक देखने को मिला है क्षेत्र के नालेपार में कुत्तों ने करीब पांच से छः राहगीरों को अपना शिकार बनाया है जिसके बाद पीड़ित लोग सिविल अस्पताल पहुंचे जहाँ घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया सिविल अस्पताल के डॉ संजय धाकड़ ने बताया कि कुत्तों के काटने के करीब पांच से छः मामले सामने आए हैं जिनमें से कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है वही कुछ लोगों की हालात को देखते हुए उनका अस्पताल में ही उपचार जारी है डॉ धाकड़ के अनुसार अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं सभी मरीजों का रेबीज इंजेक्शन दे कर उपचार किया जा रहा है नाले पर क्षेत्र में भी नगर पालिका की टीम के द्वारा स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है
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जम्मू में सुरक्षा रणनीति बदली: CRPF को 21 स्थान, CoBRA के 9 दल तैनात

Jammu, जम्मू संभाग में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है। कठुआ-उधमपुर रेंज के 21 संवेदनशील और प्रमुख स्थानों की जिम्मेदारी अब सेना की जगह CRPF संभालेगी। इसके साथ ही घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन के लिए CoBRA की 9 विशेष टीमें भी तैनात की जाएंगी। दरअसल, जम्मू के पहाड़ी और जंगलों से घिरे इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षा बलों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या CRPF और CoBRA की तैनाती से आतंकवाद विरोधी अभियानों को और मजबूती मिलेगी? इसी मुद्दे को लेकर हमने बात की जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद से। उनसे हमने जानना चाहा कि सेना से CRPF को जिम्मेदारी सौंपने का यह फैसला सुरक्षा रणनीति के लिहाज से कितना महत्वपूर्ण है और क्या इससे सेना को LoC और सीमा सुरक्षा पर ज्यादा फोकस करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही हमने उनसे यह भी पूछा कि जंगलों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित CoBRA कमांडो इन इलाकों में आतंकियों के खिलाफ कितने प्रभावी साबित हो सकते हैं और सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच बेहतर तालमेल इस नई रणनीति की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाएगा। अब देखना होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव जम्मू संभाग में आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशनल क्षमता को कितना मजबूत करता है।
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बाढ़ की भयावहता: शेखपुरा के कई गांव जलमग्न, पुल पर पानी चढ़ा

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा- गंगा नदी के रौद्र रूप से बिहार के कई जिलो में बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है। शेखपुरा के टाल क्षेत्र के घाटकुसम्भा में बहने वाली गंगा की सहायक हरुहर नदी पूरे उफान पर है और उलटी धार से घाटकुसुंभा प्रखंड के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। तेज गति से बढ़ रहे गंगा के पानी से घाटकुसम्भा प्रखंड से पानापुर पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पानी के नीचे गई है। बौघाट से पानापुर को जोड़ने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर बाउघाट के पास बना पुल पानी से ढका है। पुल पर करीब दो फूट पानी बह रहा है जिससे पानापुर पंचायत के 8 से ज्यादा गांव का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से टूट गया है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार पानी का दबाव बढ़ रहा है और पुल पर पानी बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई है। अगर पानी की गति तेज रही तो स्थिति और बिगड़ने की बात कही है। डीएम ने कहा कि पुल नीचा रहने के कारण पानी चढ़ गया है और बरसात के बाद पुल को ऊँचा करने को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है।
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HC seeks clarity on RTI admissions data and SOP under RTI Act

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सरकार को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने कहा है। कोर्ट ने खास तौर पर आरटीई अधिनियम की धारा 12(1)(c) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की व्यवस्था और उसके पालन की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। सीवी भगवंत राव की ओर से आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इसके साथ ही 13 अन्य याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(c) को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए वर्तमान में कौन सी SOP यानी मानक संचालन प्रक्रिया लागू है। कोर्ट ने सरकार से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक स्कूल का विस्तृत डेटा भी मांगा है। इसमें चार्ट के जरिए हर स्कूल में आरक्षित सीटों की संख्या, प्रवेश पाने वाले बच्चों की संख्या और खाली सीटों की जानकारी देनी होगी।राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता ने मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को रखने का अनुरोध किया और तब तक कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई से कम से कम सात दिन पहले सरकार को अपना हलफनामा दाखिल करना होगा और उसकी एक प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को भी उपलब्ध करानी होगी। अब सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले हलफनामे और स्कूलवार आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश में आरटीई के तहत आरक्षित सीटों पर कितने बच्चों को प्रवेश मिला है और कितनी सीटें अब भी खाली हैं। तीन साल पहले लगभग 83,000 सीटें गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित थीं। दो साल पहले सीटों की संख्या घटकर करीब 53,000 रह गई—यानी एक ही साल में 30 हजार सीटों की कमी। पिछले वर्ष यह आंकड़ा सिमटकर महज 21,000 सीटों पर आ गया। लगातार घटती सीटों पर हाईकोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि RTE पोर्टल और U-DISE के आंकड़ों का मिलान कर जिलेवार स्कूलों और विद्यार्थियों की पूरी जानकारी कोर्ट के समक्ष रखी जाए। बाइट — देवर्षि ठाकुर, अधिवक्ता, हाईकोर्ट
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अल्मोड़ा में खराब सड़कों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, गड्ढे भरने की मांग

Almora, Uttarakhand:अल्मोड़ा नगर में बदहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क के गड्ढों में पेंट कर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूपेंद्र भोज ने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण आम जनता, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है, लेकिन शासन-प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत कर गड्ढों को नहीं भरा गया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। कांग्रेस ने शासन-प्रशासन से जल्द सड़कों को दुरुस्त करने की मांग की है।
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सिंघौरी में अवैध मुरूम खनन से गहरे गड्ढे, ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ जिले के सिंघौरी में कथित अवैध मुरूम खनन का मामला अब तूल पकड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुरूम निकालने के लिए खननकर्ताओं ने नियम-कायदों की परवाह किए बिना सरकारी बोरिंग के आसपास की जमीन तक खोद डाली। इतना ही नहीं, तालाब तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग के किनारे भी खुदाई कर दी गई है। खनन के बाद जगह-जगह बने गहरे गड्ढे ग्रामीणों के लिए परेशानी और हादसे का खतरा बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में खुलेआम हो रही खुदाई पर जिम्मेदार विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ रही, यह बड़ा सवाल है। आरोप यह भी है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की कथित मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी मात्रा में खनन संभव नहीं है। हालांकि पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि माइनिंग विभाग की कथित निष्क्रियता के चलते खननकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं। अब ग्रामीण प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन गड्ढों को भरवाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाता है।
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रतलाम रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा: फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार, तीसरा आरोपी फरार

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में रेलवे ग्रुप-डी की फिजिकल परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों का मामला लगातार सामने आ रहा है। एक दिन पहले मुन्ना भाई बनकर असल अभ्यर्थी की जगह दौड़ रहे अजित को पकड़ा गया था। जांच में सामने आया कि अजित तीन दिन पहले भी निरंजन नाम के अभ्यर्थी की जगह दौड़ चुका था। पुलिस ने अजित और निरंजन को गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरा आरोपी कुंदन फरार है। वहीं आज परीक्षा के आखिरी दिन रेलवे ग्राउंड से तीन युवकों को संदेह के आधार पर पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इनमें से कौन किस अभ्यर्थी की जगह दौड़ रहा था। रेलवे पुलिस की कार्रवाई जारी है और जीआरपी इन तीनों से पूछताछ कर रही है。
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दानिश अंसारी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, रायबरेली में जवाबदेही का सवाल

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा, "देखिए अपने राजनीतिक पर्यटन पर राहुल गांधी रायबरेली पहुंचे, उनका राजनीतिक पर्यटन है, कॉन्स्टिट्यूएंसी के प्रति कोई जिम्मेदारी, कोई जवाबदेही उनके अंदर नहीं है, कोई जिम्मेदारी जवाबदेही होती तो दो साल से अधिक हो गए उन्हें सांसद बने हुए, लेकिन एक सांसद के तौर पर रायबरेली के लिए, दो साल में क्या किया, इसका कोई रिपोर्ट कार्ड उनके पास नहीं है... सांसद के तौर पर राहुल गांधी जी का परफॉर्मेंस जीरो है, जैसे नेता प्रतिपक्ष उनका परफॉर्मेंस जीरो है..."
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ग्वालियर में अवैध शराब के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन: 52 केस दर्ज, कई गिरफ्तार

Morena, Madhya Pradesh:सागर जिले में हुए जहरीली शराब से 24 लोगों की मौत के बाद पुलिस व आबकारी अमला एक्शन मोड़ में आ गया है। ग्वालियर पुलिस व आबकारी विभाग के दस्तों ने दो दिन में अवैध शराब बनाने व खरीद फरोख्त करने वालों पर ताबड़तोड़ मामले दर्ज किए हैं। अकेले ग्वालियर में पुलिस ने 52 से ज्यादा अपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग ने 41 अपराधिक मामले दर्ज किए हैं। देर से ही सही पर पुलिस व आबकारी की नींद खुली है। ग्वालियर पुलिस ने जिले में अवैध शराब की खरीद फरोख्त करने पर 52 केस पकड़े है। इनमें से 30 शहर के थानों में दर्ज हुए हैं, जबकि 22 मामले देहात डबरा, भितरवार, घाटीगांव व बेहट सर्कल में दर्ज किए हैं। इन सभी 52 केस में पुलिस ने लाखों रुपए की शराब पकड़ी है। करीब 52 आरोपी भी पकड़े गए हैं। जिन पर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अब उनसे पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई अभी तक के इतिहास में एक दिन में सबसे बड़ी कार्रवाई एक साथ 52 केस कभी भी दर्ज नहीं किए गए हैं। ग्वालियर जिले के अलावा आबकारी विभाग ने ग्वालियर संभागभर में चलाए गए इस विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर भारी मात्रा में मदिरा और शराब बनाने की सामग्री जब्त की। सीएसपी हेडक्वार्टर रॉबिन जैन का कहना है कि अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। संगठित गिरोहों और अवैध शराब के मुख्य स्रोतों को नष्ट करने के लिए मैदानी अमले को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत एक दिन में 50 से ज्यादा प्रकरण बनाए गए हैं。
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कांग्रेस का आरोप: UCC से आदिवासी हित प्रभावित, धान खरीदी सभी किसानों के लिए जरूरी

Raipur, Chhattisgarh:भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव के UCC और धान खरीदी को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने UCC को लेकर बीजेपी पर आदिवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं धान खरीदी के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को किसानों के प्रति जवाबदेह बताते हुए सभी किसानों का धान खरीदने की मांग की। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां आदिवासी आबादी बड़ी संख्या में है, बीजेपी UCC के जरिए अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे प्रदेश के आदिवासी समाज के हित प्रभावित हो सकते हैं। धान खरीदी के मुद्दे पर शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार किसी भी दल की हो, किसानों से धान खरीदना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में पंजीयन, गिरदावरी और खाता बंटवारे जैसे अलग-अलग कारणों से किसानों को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछली बार पंजीयन कराने वाले करीब 7 लाख किसानों का धान नहीं खरीदा गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी किसानों का धान खरीदा जाए।
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झज्जर में पूर्व विधायक ने SDM पर तानाशाही के आरोप, पार्षदों पर दबाव

Jhajjar, Haryana:बहादुरगढ़ एसडीएम अभिनव सिवाच पर तानाशाही का आरोप लगा झज्जर डीसी से मिलने पहुंचे पूर्व विधायक राजेंद्र जून के साथ कांग्रेस समर्थित बहादुरगढ़ नगर परिषद के करीब आधा दर्जن पार्षद भी मौजूद थे। पूर्व विधायक राजेंद्र जून ने आरोप लगाया कि मौजूदा विधायक राजेश जून के कहने पर कांग्रेस के पार्षदों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में कथित 24 करोड़ रुपये के घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने का खामियाजा अब पार्षदों को भुगतना पड़ रहा है। राजेंद्र जून का दावा है कि कागजात होने के बावजूद अवैध निर्माण का बहाना बनाकर कांग्रेस समर्थित पार्षदों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बहादुरगढ़ में प्रशासन की कार्रवाई को “पिक एंड चूज” की नीति करार देते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पूर्व विधायक ने कहा कि शासन-प्रशासन की कार्यशैली से आम लोग परेशान हैं, प्रदेश में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और गुंडाराज का बोलबाला है। संबंधित मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर वे झज्जर डीसी के पास पहुंचे थे।
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