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VKVijay Kumar ShuklaFollow21 Nov 2024, 11:20 am

वजीरगंज बीआरसी पर आयोजित हुई गोष्ठी, परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पाठन पर जोर

Wazir Ganj, Uttar Pradesh:

वजीरगंज परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षा के मूलभूत ढांचे को मजबूत करने व शैक्षिक माहौल बेहतरीन बनाने के उद्देश्य से बीआरसी परिसर में गोष्ठी का आयोजन हुआ,इसकी अध्यक्षता विधायक प्रतिनिधि तरबगंज ब्लॉक प्रमुख मनोज पांडेय ने की। बीइओ चंद्रभूषण पांडेय ने सभी प्रतिभागियों को दायित्वों को लेकर सजगता के साथ सक्रिय रहने की अपील की,गोष्ठी में वजीरगंज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि पंकज सिंह गोष्ठी को प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अवनीश पांडेय, मनोज शर्मा, आनंददेव सिंह आदि मौजूद रहे।

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भूपेश बघेल ने मजदूर दिवस पर दुर्ग में बोरे बासी खाकर कार्यक्रम मनाया

Durg, Chhattisgarh:एंकर-गजब बिटामिन भरे हुए हैं छत्तीसगढ़ के बासी में ईन्हीं विचारों के साथ आज 1 मई मजदूर दिवस के दिन छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल आज दुर्ग के राजीव भवन पहुँचे जहां उन्होंने बोरे बासी खाकर मजदूर दिवस मनाया तो वही भुपेश बघेल के साथ तमाम कोंग्रेस भी नेता भी मौजूद रहे. वी/ओ-1 छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा और अर्चना करने के बाद बोरे बासी पार्टी का आयोजन हुआ करीब सैकड़ो लोगो ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत के रूप में भोज्य धरोहर बोरे बासी का आनंद उठाया सभी ने परम्परा अनुरूप जमीन पर बैठकर बोरे बासी खाई आपको बता दे कि पूर्वव्रती कोंग्रेस सरकार के 1 मई को बोरे बासी दिवस घोषित किया था जिसके बाद से लगातार 1 मई को कोंग्रेस बोरे बासी दिवस मना रही है तो वही विटामिन एवं आयरन से भरपूर बोरे बासी गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन से बचाव हेतु बहुत उपयोगी है. तो वही इसे बनाना भी बहुत आसान है चावल में पानी मिलाकर रखा जाता है रात भर छोड़ने के बाद उसे दही,अचार,चटनी,मिर्ची,भाजी, प्याज, टमाटर की चटनी गोंदली के साथ बड़े चाव से खाया जाता है ये सब मिक्स करने पे इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है बोरे बासी बाकी अन्य भोज्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकता है पूर्व में हुए अनेक रिसर्च आर्टिकल के अनुसार बोरे बासी में विटामिन B6,B12 एवं लवण आदि की अच्छी मात्रा में रहते है आंतों के स्वास्थ्य के लिए हितकर प्रोबियोटिक्स भी उपलब्ध रहते हैं स्वच्छ जल,एवं स्वच्छ बर्तन में पकाना एवं स्वच्छ बर्तन में खाया जाना चाहिए खाने के पूर्व हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करने और चटनी/ सब्जी/प्याज के साथ खाने से स्वाद भी बढ़ता है वही पूर्व सीएम ने बोरे बासी को लेकर कविता भी सुनाई भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने जो भी योजनाएं छत्तीसगढ़ से संबंधित लागू की थी उसे यह वर्तमान सरकार अंगीकार नहीं किया यह दुख का विषय है..बाइट-भूपेश बघेल पूर्व सीएम छत्तीसगढ़
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गोटेगांव में छत गिरने से महिला गंभीर घायल, अस्पताल में इलाज जारी

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव नगर के रूद्र वार्ड में एक महिला के ऊपर छत की दीवार गिर जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई जिसे परिवार के लोग प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर ले गए हैं जिसमें बताया गया है कि घायल महिला सुमन शर्मा स्कूटी वहान से अपने घर जा रही थी इसी दौरान जब महिला अपने घर के बाहर पहुंची तो निर्माणाधीन मकान कि छत पर मौजूद दीवार महिला के उपर आ गिरी जिससे वह घायल हो गई जिस परिवार के लोग इलाज हेतु नगर के श्रीधाम अस्पताल ले गए जहां पर डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया जिसके बाद महिला को सिर में चोट होने की वजह से परिवार के लोग जबलपुर ले गए जहां पर महिला का उपचार जारी है इस दौरान पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर अपनी प्राथमिक की कार्यवाही दर्ज की.
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कमर्शियल गैस दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी, होटल-रेस्टोरेंट उद्योग पर महंगाई का बड़ा झटका

Ratlam, Madhya Pradesh:मई महीने की शुरुआत इस बार गर्मी से नहीं, महंगाई की तपिश से हुई है। 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में एक साथ 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी हो गई है। इसके बाद कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3 हजार रुपये के पार पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी से सबसे बड़ा झटका रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों को लगा है, क्योंकि पहले से ही खाद्य पदार्थों, चाय-नाश्ते और अन्य सामानों की लागत बढ़ चुकी है। अब गैस के दाम बढ़ने से खाने-पीने की चीजों के रेट और बढ़ सकते हैं। कई संचालकों का कहना है कि इतनी महंगी गैस के चलते उन्हें फिर से कोयला भट्टी या डीजल भट्टी का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे पहले गैस की किल्लत के समय भी कई व्यापारी ने ऐसे विकल्प अपनाए थे। अब सभी की नजर सरकार पर है कि इस महंगाई के झटके पर राहत मिलती है या नहीं।
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जोधपुर में डिजिटल जनगणना आज से, 15 मई तक पंजीकरण ऑनलाइन

Jodhpur, Rajasthan:प्रदेश में जनगणना कार्य का आगाज आज से हो गया है। इसके तहत नागरिकों के लिए डिजिटल स्वगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो 15 मई तक जारी रहेगी। इस अवधि में आमजन जनगणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। डिजिटल प्रक्रिया के तहत नागरिक मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर, या जारी किए गए QR कोड के माध्यम से परिवार का पंजीकरण कर सकते हैं। पोर्टल को यूजर फ्रेंडली किया गया है, जिसमें स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से आवश्यक जानकारी भरने की सुविधा दी गई है। जोधपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के दौरान परिवार के मुखिया के मोबाइल नंबर से लॉगिन किया जा सकता है। इसमें मकान की लोकेशन, पानी, बिजली, गैस कनेक्शन सहित विभिन्न जानकारियां तय प्रारूप में भरनी होंगी। साथ ही, गलती सुधार का विकल्प भी उपलब्ध है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद पंजीकरण संख्या मोबाइल पर प्राप्त होगी, जिसे 16 मई के बाद घर-घर आने वाले प्रगणक को दिखाना अनिवार्य होगा। 16 मई से 14 जून तक प्रगणक द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। कलेक्टर के अनुसार, जोधपुर जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 4,500 कर्मचारी इस कार्य में लगाए गए हैं। आमजन को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। साथ ही ई-मित्र संचालकों को भी प्रशिक्षण देकर स्वगणना में पंजीकरण करवाने में सहयोग लिया जा रहा है।
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महंगाई की आग: 5-किलो गैस कीमत में बड़ा उछाल, मजदूरों की रसोई प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:एंकर-मजदूर दिवस..यानी मेहनतकश हाथों के सम्मान का दिन....लेकिन आज तस्वीर कुछ और ही है…जिस चूल्हे पर मजदूर की रोटी सिकती है, उसी पर आज महंगाई की आग और तेज हो गई है........छोटा सा 5 किलो का ‘छोटू’ सिलेंडर.....जो गरीब और प्रवासी मजदूरों का सहारा था.....अब 241 रुपये महंगा हो गया है.....सोचिए....जो रोज कमाता है और रोज खाता है…उसके लिए रोटी पकाना ही अब महंगा सौदा बन गया है। और दूसरी तरफ कॉमर्शियल सिलेंडर पहली बार 3000 के पार…होटल-ढाबों से लेकर चाय की केतली तक…हर जगह महंगाई का धुआं उठने वाला है। सवाल सीधा है…क्या मजदूर दिवस पर यही ‘तोहफा’ है उन हाथों के लिए…जो शहरों को चलाते हैं? कई लाइनें…
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दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी, छोटे व्यापारी परेशान

Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में महंगाई ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया है। आज से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो गई है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन इस फैसले का सीधा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। दिल्ली के हिरणकी इलाके में सड़कों पर चाय की दुकान, ढाबे और हलवाई की छोटी-छोटी दुकानें चलाने वाले लोग इस बढ़ोतरी से बेहद परेशान हैं। जिन कारोबारियों का रोज़ का काम गैस सिलेंडर पर निर्भर है, उनके लिए यह कीमत बढ़ोतरी किसी बड़े झटके से कम नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि पहले ही बढ़ती महंगाई के कारण खर्चे संभालना मुश्किल हो रहा था, और अब गैस सिलेंडर के दाम में अचानक आई इस बढ़ोतरी ने उनकी कमर तोड़ दी है। उनका आरोप है कि सरकार को इस तरह कीमत बढ़ाने के बजाय यह साफ बता देना चाहिए कि क्या अब गरीब और छोटे व्यापारी अपना रोजगार बंद कर दें। इतना महंगा सिलेंडर लेकर दुकान चलाना मुश्किल हो गया है… अब तो लगता है कि काम बंद करके गांव वापस जाना पड़ेगा। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई दुकानदार अब गैस सिलेंडर छोड़कर पुराने जमाने की तरह लकड़ी और कोयले की भट्टियों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत तो बढ़ ही रही है, साथ ही पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। एक तरफ आमदनी सीमित है, दूसरी तरफ खर्चे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में छोटे कारोबारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे इस महंगाई के दौर में कैसे टिक पाएंगे। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में यह भारी उछाल आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों को भी महंगा कर सकता है। फिलहाल छोटे व्यापारी इस मार से जूझ रहे हैं और राहत की उम्मीद सरकार से लगाए बैठे हैं।
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हरियाणा के चरखी दादरी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में कूड़ा जमा

Charkhi, Haryana:हरियाणा के हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने हालात बिगाड़ने शुरू कर दिए हैं। चरखी दादरी नगर परिषद के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में शहर में कूड़े के ढेर लगने की पूरी आशंका है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार सरकार को अपनी मांगों से अवगत करवा चुके हैं। उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक उनकी किसी भी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों में बढ़ती नाराजगी अब खुले विरोध में बदल चुकी है। मामले को और गंभीर बनाते हुए कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल के दौरान झज्जर जिले में एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई। कर्मचारियों ने मृतक के परिवार के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग उठाई है। इस मुद्दे ने आंदोलन को और अधिक भावनात्मक और उग्र बना दिया है। सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सूरज कुमार ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और हटाए गए कर्मचारियों को तुरंत वापस लिया जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन में बदल सकती है। ऐसे में पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था ठप पड़ सकती है और हालात बेकाबू हो सकते हैं।
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सीহोर आष्टा में सरकारी स्कूल मरम्मत घोटाला: लाखों खर्च के बावजूद घटिया काम

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर आष्टा विधानसभा के शासकीय स्कूलों में मरम्मत राशि पर भ्रष्टाचार के आरोप, लाखों खर्च फिर भी अधूरे और घटिया काम सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक शासकीय स्कूलों में मरम्मत कार्यों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि शासन द्वारा स्कूलों की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्यों के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को प्रत्येक स्कूल हेतु लगभग पांच-पांच लाख रुपए की राशि जारी की गई थी, लेकिन यह राशि बच्चों की सुविधाओं पर खर्च होने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। बताया जा रहा है कि इस राशि से स्कूल भवनों की मरम्मत, रंगाई-पुताई, छत सुधार, शौचालय, फर्श, दरवाजे-खिड़कियों सहित अन्य जरूरी कार्य कराए जाने थे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिन ठेकेदारों से यह कार्य कराए गए, उन्होंने कई स्कूलों में आधे-अधूरे काम किए, जबकि कई स्थानों पर बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। कुछ स्कूलों में तो कार्य शुरू होने के बाद बीच में ही छोड़ दिए गए, जिससे स्कूल प्रशासन और शिक्षक परेशान हैं। कई शिक्षकों ने आरोप लगाए हैं कि कार्य उनकी आवश्यकता और मांग के अनुसार नहीं हुए। जो काम हुए भी हैं, वे गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते। सबसे बड़ी बात यह है कि विभागीय इंजीनियर द्वारा समय पर निरीक्षण नहीं किया गया, जिससे ठेकेदार मनमानी करते रहे। इधर, शिक्षा विभाग के निर्देश पर जब भौतिक सत्यापन के लिए टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने भी कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। जानकारी के मुताबिक सत्यापन के दौरान सहायक यंत्री और एडीपीसी भी इन कार्यों से संतुष्ट नजर नहीं आए। हैरानी की बात यह है कि जिन कार्यों को अधूरा, निम्नस्तरीय और विवादित बताया जा रहा है, उन्हीं कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। और पूरी राशि निकाली गई है ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में यह खेल खेला गया? बच्चों के भविष्य और स्कूलों की व्यवस्था के नाम पर जारी लाखों रुपए की राशि राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत की भेंट चढ़ गई। WT (मौके से) जांच करने आई टीम से भी बातचीत बाइट शिक्षक (अलग-अलग स्कूल के शिक्षक हैं जो कि आरोप लगा रहे हैं) बाइट -संजय सिंह तोमर जिला शिक्षा अधिकारी सीहोर
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कमर्शियल सिलेंडर महंगाई से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग पर बड़ा नुकसान

Lucknow, Uttar Pradesh:कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है जहां एक तरफ पहले ही कमर्शियल सिलेंडर की शॉर्टेज के चलते लोगों का व्यापार ठप था तो वहीं अब सिलेंडर महंगा होने की वजह से उनको कितना नुकसान झेलना पड़ेगा इसके बारे में ज़ी मीडिया ने पड़ताल की है। होटल संचालक अभिमन्यु तिवारी ने बताया कि पहले से ही जो हमारा कंजप्शन है उससे बहुत कम संख्या में कमर्शियल सिलेंडर हमें मिल रहे हैं जिसका कोटा फिक्स कर दिया गया है और अब रेट बढ़ने के चलते हमें बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा बीच में अपना रेस्टोरेंट होटल बंद करना पड़ा था अब दोबारा से वैसे ही स्थिति बन सकती है क्योंकि हमें अपने कस्टमर और स्टाफ को सुबह शाम खाना खिलाना ही है और हम अचानक से रेट भी नहीं बढ़ा सकते मजबूरी में भट्टी जलाकर काम करना पड़ रहा है। सरकार से हमारी मांग है कि सिलेंडर के बढ़ते दामों पर नियंत्रण तो लगाया ही जाए इसी के साथ हम लोगों का कोटा भी बढ़ाया जाए。
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