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परसपुर में राजाटोला जबदा मार्ग पर गड्ढे व कीचड़, राहगीरों को आवागमन की दिक्कतें
Paraspur, Uttar Pradesh:परसपुर क्षेत्र के ग्राम राजाटोला से जबदा होकर पसका मार्ग तक एक किलोमीटर सड़क कीचड़युक्त व खराब होने से राहगीरों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। वहीं इसके जिम्मेदार विभागीय अफसर अंजान बने हुए हैं। ग्रामीण हरीश ने कहा कि पूरे दौलत सिंह से पसका मार्ग तक एक किलोमीटर से अधिक सड़क कच्ची व गड्ढा युक्त है। स्कूली बच्चों को निकल पाना काफी दिक्कतें हैं। ग्रामीण राम प्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिया के दोनों छोर सड़क पर गड्ढा जलभराव व कीचड़ है। खम्भा पूरे दौलत राजाटोला मार्ग की गिट्टियां उजड़ गयी हैं।0
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जयपुर में अनुप्रति कोचिंग योजना की देरी से छात्रों के सपने दांव पर
Jaipur, Rajasthan:जयपुर लेटलतीफी के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के करीब 30 हजार छात्रों के डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपनों पर संकट मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत हर वर्ष इन छात्रों को नीट, जेईई, यूपीएससी, आरपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाती है, लेकिन इस बार प्रवेश प्रक्रिया में भारी देरी ने स्थिति बिगाड़ दी है। जहां कोचिंग संस्थानों में नए बैच अप्रैल से शुरू हो जाते हैं, वहीं सरकार द्वारा इस योजना के तहत छात्रों को अक्टूबर-नवंबर में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इस साल तो मेरिट सूची भी जनवरी में जारी की गई, जिससे आधे से अधिक सत्र पहले ही निकल चुका था। ऐसे में छात्रों को न तो समय पर पढ़ाई मिल पा रही है और न ही वे प्रतियोगिता में टिक पा रहे हैं। योजना के तहत नीट और जेईई के लिए 12 हजार, रीट के लिए 4500, आरएसएसबी के लिए 3600, पुलिस कांस्टेबल के लिए 2400, एसआई व अन्य के लिए 2400, आरएएस के लिए 1500 और अन्य कोर्स मिलाकर कुल 30 हजार सीटें निर्धारित हैं। विलंब के कारण कई छात्रों को मजबूरी में महंगी फीस देकर निजी कोचिंग लेनी पड़ रही है या फिर पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ रही है। हालांकि विभाग जल्द आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का दावा कर रहा है, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग सकता है।0
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राहुल गांधी जन्मदिन पर जैसलमेर में सेवा दिवस, नरेगा मजदूरों को टिफिन और पानी
Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर लोकेशन - जैसलमेर राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस का सेवा अभियान: नेताओं ने नरेगा मजदूरी, श्रमिकों को बांटे टिफिन; एक माह तक मुफ्त पानी की घोषणा जैसलमेर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी जैसलमेर ने सेवा कार्यों की अनूठी पहल करते हुए नरेगा श्रमिकों के बीच पहुंचकर श्रमदान किया तथा जरूरतमंदों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद और सांसद उम्मेदा राम ने नरेगा कार्यस्थल पर श्रमिकों के साथ फावड़ा चलाकर मजदूरी की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने भीषण गर्मी में काम कर रहे श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें टिफिन बॉक्स, भोजन सामग्री तथा ठंडे पानी के कैंपर वितरित किए। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी की विचारधारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने की है और यह आयोजन उसी भावना को समर्पित है। श्रमिकों के बीच पहुंचे दिग्गज नेता, बढ़ाया हौसला नरेगा कार्यस्थल पर नेताओं के पहुंचने से श्रमिकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। नेताओं ने श्रमिकों के साथ श्रमदान करते हुए उनके कार्य और जीवन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसे सेवा और जनसरोकारों से जुड़ने का प्रयास बताया। पेयजल संकट के बीच एक माह तक मुफ्त पानी की व्यवस्था जैसलमेर में भीषण गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने शहरवासियों के लिए एक माह तक निशुल्क जल आपूर्ति अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत जरूरतमंद परिवार हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर अपने घर तक मुफ्त पानी का टैंकर मंगवा सकेंगे। कांग्रेस के अनुसार इस अभियान में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पोकरण में इस व्यवस्था की शुरुआत के बाद अब इसे जैसलमेर शहर में भी लागू किया गया है। “सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव”: अमरदीन फकीर जिलाध्यक्ष कांग्रेस जैसलमेर0
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भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, तस्करी और नकली मुद्रा पर कड़ी निगरानी
Madhubani, Bihar:एंकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ भारत-नेपाल सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों, तस्करी,जाली रुपया, घुसपैठ और अवैध कारोबार पर निगरानी बढ़ा दी है। मधुबनी जिला का 130 किलो मीटर सीमा नेपाल से सटा हुआ है। हाल में जनकपुर में इंडो नेपाल अधिकारियों की बैठक में सीमा क्षेत्र में कई संदिग्ध प्रतिष्ठानों और ठिकानों की पहचान की गई है, जिन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। एसएसबी द्वारा नेपाल सीमावर्ती इलाके में दर्जनों प्रतिष्ठानों की जांच की गई जिसमें मधुबनी जिले में 6 प्रतिष्ठान संदिग्ध मिले हैं। नेपाल बॉर्डर पर तैनात SSB जवानों को एलर्ट कर दिया गया है। मधुबनी के नेपाल बॉर्डर के पास स्थित मधवपुर साहरघाट हरलाखी बासोपट्टी लदनियां देवधा जयनगर लौकहा लौकही अंधरामठ सहित दर्जन भर थाना है जिसे एलर्ट किया गया है। नेपाल बॉर्डर इलाके और जिले में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों में हड़कम्प मच गया है। हालांकि मामले में जिला के कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं। नेपाल बॉर्डर से आतंकी गतिविधियां भी चलती है ,कई आतंकी और विदेशी गिरफ्तार ही चुके हैं। सीमा-सीमावर्ती इलाके के बाजारों में करेंसी एक्सचेंज का करोड़ों का अवैध धंधा खुलेआम चल रहा है। कई बार मानव तस्कर भी पकड़ाया है, नेपाल के रास्ते बालिकाओं और युवतियों को अन्य देशों में भेजा जाता है कई बार मानव तस्कर पकड़ाया है। बहरहाल सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद बॉर्डर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। एसएसबी बॉर्डर पर पैनी निगाहें रख रहे हैं। बार्डर पर आने जाने वालों के कागजातों की जांच और पहचान पत्र की जांच की जा रही है । जयनगर से जनकपुर चलने वाली ट्रेनों पर भी प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। हाल में ही रेल आईजी ने सीमावर्ती रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया है।0
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भोजपुर के शाहपुर की घटना: पुलिसकर्मियों के निलंबन से न्यायिक जांच की मांग तेज
Noida, Uttar Pradesh:भोजपुर के शाहपुर की घटना: पुलिसकर्मियों के निलंबन से न्यायिक जांच की मांग तेज0
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झारखंड भाजपा ने एसआईआर के सफल क्रियान्वयन के लिए बैठक में रणनीति बनी
Ranchi, Jharkhand:झारखंड बीजेपी प्रदेश कार्यालय में संगठन से जुड़े कई बिंदु सहित एसआईआर को लेकर बैठक हुई, जिसमें एसआईआर सफलता पूर्वक करवाने पर रणनीति बनी। बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई जिसमें केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद बीड़ी राम , ढुल्लू महतो सहित कई विधायक और सांसद मौजूद रहे। बैठक के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया पार्टी कार्यालय में संगठन से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई है। बैठक में जनप्रतिनिधि से लेकर जिला के प्रभारी भी शामिल हुए । सभी लोगों के साथ चर्चा हुई है। ताकि राज्य को तेजी से बढ़ा सकें और बीजेपी जो जन जन की पार्टी सबकी पार्टी बने। साथ ही कहा आम लोगों की कोशिश एसआईआर को लेकर होनी चाहिए। मोदी सरकार में पहली बार एसआईआर हो रहा इस लिए हर नागरिक का कर्तव्य है जो इस दुनिया में नहीं हैं या बाहर से घुसपैठिये आकर हमारे हक और अधिकार को छीनने का काम कर रहे उसको हटाने का काम करना चाहिए।0
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ग्रेटर नोएडा में लावारिस कुत्तों के लिए 1200 चबूतरे बनाए जाएंगे
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने के लिए बिल्डर सोसाइटियों और सेक्टरों के आसपास प्लेटफॉर्म यानी चबूतरा बनाने का काम किया जाएगा। इसके लिए 12 सौ स्थान चिन्हित किए गए हैं। प्राधिकरण ने निविदा जारी की है। एक से दो माह में काम शुरू होने उम्मीद है। अधिकारी के मुताबिक लावारिस कुत्तों के लिए चबूतरा बनाने का काम शुरू करने से पहले पशु प्रेमियों, आरडब्ल्यूए, एओए और निवासियों के साथ बैठक की जाएगी। सबकी सहमति पर काम शुरू किया जाएगा। आम सहमति न बनने की स्थिति में सात सदस्यीय समिति निर्णय लेगी। ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट इलाके में फिलहाल 12 सौ स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां पर चरणबद्ध तरीके से खाना खिलाने के लिए चबूतरा बनाने का काम किया जाएगा। चिन्हित किए गए स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य किया जाएगा। जरूरत के मुताबिक संख्या बढ़ भी सकती है। चबूतरा बनाने वाले स्थान पर एक बोर्ड भी लगाया जाएगा,ताकि लोगों को पता चल सके। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लावारिस कुत्तों को सड़क के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर खाना नहीं खिलाया जा सकता है। वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार गौतम ने बताया कि खाना खिलाने के लिए स्थान चिन्हित करने में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए), रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और पशु प्रेमियों की मदद ली जाएगी। पूर्व में चिन्हित के लिए स्थानों को लेकर आरडब्ल्यूए और एओए के साथ बैठक शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सात सदस्यीय समिति भी गठित की गई है。 दरअसल लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने और उसके स्थान को लेकर ग्रेटर नोएडा ईस्ट- वेस्ट की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोगों के बीच आए दिन विवाद होते रहते हैं। कई बार पुलिस कार्रवाई तक भी मामला पहुंच चुका है.0
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नोएडा के कार्मिक ग्रीन सोसाइटी मंदिर में देर रात चोरी, CCTV में कैद चोर
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा की सिक्का कार्मिक ग्रीन सोसाइटी के मंदिर में देर रात चोरी रात 2:31 बजे दो चोर मंदिर परिसर में घुसे चोरी की पूरी घटना CCTV में कैद चोरों ने पहले दान पात्र तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। करीब 12 मिनट तक दान पात्र तोड़ने का प्रयास करते रहे चोर इसके बाद मंदिर के अंदर घुसकर अलमारी का ताला तोड़ा शिवलिंग पर रखा तांबे का नागदेव, पूजा की घंटी और कई धार्मिक सामान चोरी बड़ा दीपक, अखंड ज्योत का दीपक, तांबे के लोटे और पीतल के दीपक भी ले गए चोर खिड़की से कूदकर फरार हुए सुबह मंदिर पहुंचे पुजारी ने मंदिर खुला और सामान बिखरा देखा सूचना मिलने पर सोसाइटी के पदाधिकारी और निवासी मौके पर पहुंचे CCTV फुटेज की जांच में पूरी वारदात सामने आई पुजारी ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थाना सेक्टर-113 क्षेत्र के सेक्टर-78 स्थित कार्मिक ग्रीन सोसाइटी के मंदिर की घटना।0
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बेरमो फुसरो में भूमिगत आग से सड़क धंस, दहशत फैल गई
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के फुसरो में भूमिगत आग का कहर, धंसी सड़क, सैकड़ों परिवार दहशत में, बैरिकेडिंग कर रोका रास्ता। बोकारो के बेरमो फुसरो में भूमिगत आग ने फिर कहर बरपाया है। पांच नंबर धौड़ा में तेज आवाज के साथ सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। जमीन से धुआं उठता देख सैकड़ों परिवार दहशत में हैं। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया है। भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। ये मंजर बेरमो के फुसरो स्थित पांच नंबर धौड़ा का है। अचानक तेज आवाज के साथ सड़क का एक हिस्सा जमीन में समा गया। घटना के वक्त लोग घरों से बाहर भागे। माताओं ने बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित जगह की ओर दौड़ लगा दी। बुजुर्ग और बच्चे खौफ से कांपते दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे सालों से आग सुलग रही है। सड़क के दोनों ओर जमीन से धुआं निकल रहा है। ये इलाका CCL के मुख्य कोयला परिवहन मार्ग के बेहद करीब है। अगर धंसान बढ़ा तो पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा ठप हो जाएगी। लोगों को डर है कि उनके घर भी जद में आ सकते हैं। बाइट 1: छेदी नोनिया, स्थानीय निवासी। वही बोकारो उपायुक्त ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए बेरमो SDM के नेतृत्व में एक टीम का गठन किए है जहां अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का भ्रमण करते हुए सड़क पर बैरिकेटिंग लगा दिया गया है और इस रूट से आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वही CCL को निर्देश दिया गया है कि इस रूट से कोई गाड़ी आवाजाही न करने पाए जबतक पूरी तरह से सुरक्षित न हो जाए। बाइट 2: अजय नाथ झा, उपायुक्त, बोकारो. विशेषज्ञों का कहना है कि झरिया की तरह बेरमो में भी भूमिगत आग गंभीर रूप ले रही है। स्थानीय लोग स्थायी समाधान और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से खतरनाक क्षेत्र के पास न जाने की अपील की है।0
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किशनगंज सीमा पर 25 संस्थानों पर तेज कार्रवाई; विदेशी फंडिंग और गड़बड़ियां उजागर
Kishanganj, Bihar:बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत नेपाल सीमा से सटे इलाकों में जिला प्रशासन के द्वारा बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो रही है। जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीम ने 25 ऐसे दुकानों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों को चिन्हित किया है, जिनमें पैसे के लेन-देन और दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिले की नेपाल से सटी सीमा संवेदनशील होने के कारण लगातार संयुक्त जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 25 दुकानों और प्रतिष्ठानों को संदिग्ध पाया गया है। इनमें वित्तीय लेन-देन, टैक्स संबंधी गड़बड़ियां और दस्तावेजों में हेराफेरी के सबूत मिले हैं। एसपी संतोष कुमार ने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक अनियमितताओं पर नजर रखने के लिए हमारी टीम लगातार सक्रिय है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान 25 संस्थानों में संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। संबंधित विभागों को इनकी विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है और जल्द ही इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा किइसके अलावा जांच टीम ने दर्जनों शिक्षा संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों (NGO) को भी विदेशी फंडिंग के स्रोत और उसके उपयोग को लेकर संदिग्ध पाया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि इन सभी मामलों में भी शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वही स्थानीय लोगों ने भी भारत नेपाल सीमा खुली सीमा होने से आतंकी गतिविधि और घुसपैठ साथ ही व्यापारी और शिक्षा संस्थानों के खाते में विदेशी फंडिंग कर देश विरोधी गतिविधि के लिए किया जाता है। लोगों ने प्रशासन के कार्रवाई का समर्थन कर कहा कि ऐसे संस्थानों पर अभिलंब कार्रवाई की जाय। ताकि देश की सुरक्षा देश के नागरिकों को पहली प्राथमिकता होनी चाहिये।0
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SC का फैसला: फुटपाथ पैदल यात्रियों का मौलिक अधिकार, वाहन अधिकार से ऊपर
Noida, Uttar Pradesh:SC का बड़ा फैसला: फुटपाथ पर चलना मौलिक अधिकार, वाहनों से ऊपर है पैदल यात्री का हक सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सड़क पर वाहनों चालकों के अधिकार से ज़्यादा पैदल चलने के अधिकार को अहमियत दी जानी चाहिए। यह सरकार और सम्बंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है कि जहाँ सड़क है, वहाँ एक तय, सुरक्षित फुटपाथ हो ताकि पैदल चलने वाले लोग सुरक्षित आ -जा सके। कोर्ट ने यहाँ तक कहा कि सुरक्षित फुटपाथ न मिलने की सूरत में कोई भी नागरिक सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जा सकता है। वो कोर्ट से मुआवजा और दूसरी क़ानूनी राहत मांग सकता है। कोर्ट के सामने मामला क्या था सुप्रीम कोर्ट में यह मामला सड़क हादसे में अपने पांच साल के बच्चे को खोने वाले एक व्यक्ति की याचिका पर आया। हादसे के दिन पिता अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। तभी पीछे से टैंकर आया और उसने बच्चे को टक्कर मार दी। बच्चे की कमर और उसके शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह कुचल गया। उसकी मौत हो गई। इस केस में बच्चे के पिता की मुआवजे की मांग पर पहले मोटर व्हीकल एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 7 लाख 82 हज़ार का मुआवजा देने को कहा था। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे घटाकर 4 लाख 70 हज़ार कर दिया।इसके खिलाफ पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने पिता को कुल 11 लाख 45 हज़ार मुआवजा देने का निर्देश दिया। SC ने सुनवाई का दायरा बढ़ाया सुप्रीम कोर्ट ने न केवल हादसे में अपने बच्चे को खोने वाले व्यक्ति को मिलने वाले मुआवजे की रकम को बढ़ाया बल्कि इस मामले को एक दुर्घटना तक सीमित न मानकर फुटपाथ पर चलने को मौलिक अधिकार से जोड़ते हुए दिशानिर्देश भी जारी किए। 'मोटर के मुकाबले पैदल चलने वालों का अधिकार अहम' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ, उस जगह न तो कोई फुटपाथ था और न ही पैदल चलने के लिए कोई क्रॉसिंग। ऐसे हादसे आए दिन होते रहते हैं और ऐसे हादसे तब तक होते रहेंगे जब तक हम सड़क इस्तेमाल के अधिकारों को नए तरीके से नहीं समझते और यह नहीं मानते कि सड़क पर चलने वालों के भी अधिकार होते हैं। कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम यह समझें कि सड़क पर 'चलने का अधिकार” सिर्फ वाहनों से चलने का अधिकार नहीं है। हम लोग वाहनों के आविष्कार होने से बहुत पहले से चल रहे हैं। इसलिए चलने का अधिकार सबसे मूल अधिकार है। पैदल चलने वालों का अधिकार मोटर वाहनों (कार, बाइक आदि) से अधिक अहमियत रखता है। 'फुटपाथ सुनिश्चित करना सरकारी एजेंसी की ज़िम्मेदारी' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर पैदल चलने का अधिकार मौलिक अधिकार है। ये अधिकार संविधान के आर्टिकल 19(1)(d) (आवागमन की स्वतंत्रता) के साथ-साथ आर्टिकल 19(1)(a), 19(1)(b), 19(1)(c) और आर्टिकल 21 (जीवन के अधिकार) से जुड़ा हुआ है। कोर्टने कहा कि यदि किसी स्थान पर सड़क है, तो यह सुनिश्चित करना सरकार और स्थानीय एजेंसी का कर्तव्य है कि वहां पैदल चलने वालों के लिए स्पष्ट, सुरक्षित और अच्छी तरह से रखरखाव किए गए फुटपाथ उपलब्ध हों। यह सुनिश्चित करना शहरी विकास प्राधिकरण ,नगर निगम, नगर पालिकाएं और पंचायतो की ज़िम्मेदारी बनती है। फुटपाथ न मिलने पर मुआवजे की मांग कर सकते है सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी नागरिक के फुटपाथ पर चलने के अधिकार का उल्लंघन होता है, तो वह संबंधित सरकारी संस्था या अधिकारी के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। नागरिक अपने अधिकार की बहाली की मांग कर सकता है, मुआवजा मांग सकता है। यह अधिकार और मुआवजा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजे से अलग होगा।0
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SC ने फुटपाथ अधिकार को मौलिक अधिकार माना; पैदल यात्रियों को मिली सुरक्षा
Noida, Uttar Pradesh:सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सड़क पर वाहनों चालकों के अधिकार से ज़्यादा पैदल चलने के अधिकार को अहमियत दी जानी चाहिए। यह सरकार और सम्बंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है कि जहाँ सड़क है, वहाँ एक तय, सुरक्षित फुटपाथ हो ताकि पैदल चलने वाले लोग सुरक्षित आ -जा सके। कोर्ट ने यहां तक कहा कि सुरक्षित फुटपाथ न मिलने की सूरत में कोई भी नागरिक सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जा सकता है। वो कोर्ट से मुआवजा और दूसरी क़ानूनी राहत मांग सकता है। कोर्ट के सामने मामला क्या था सुप्रीम कोर्ट में यह मामला सड़क हादसे में अपने पांच साल के बच्चे को खोने वाले एक व्यक्ति की याचिका पर आया। हादसे के दिन पिता अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। तभी पीछे से टैंकर आया और उसने बच्चे को टक्कर मार दी। बच्चे की कमर और उसके शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह कुचल गया। उसकी मौत हो गई। इस केस में बच्चे के पिता की मुआवजे की मांग पर पहले मोटर व्हीकल एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 7 लाख 82 हज़ार का मुआवजा देने को कहा था। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे घटाकर 4 लाख 70 हज़ार कर दिया।इसके खिलाफ पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने पिता को कुल 11 लाख 45 हज़ार मुआवजा देने का निर्देश दिया। SC ने सुनवाई का दायरा बढ़ाया सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ हादसे में अपने बच्चे को खोने वाले व्यक्ति को मिलने वाले मुआवजे की रकम को बढ़ाया बल्कि इस मामले को एक दुर्घटना तक सीमित न मानकर फुटपाथ पर चलने को मौलिक अधिकार से जोड़ते हुए दिशानिर्देश भी जारी किए। 'मोटर के मुकाबले पैदल चलने वालों का अधिकार अहम' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ, उस जगह न तो कोई फुटपाथ था और न ही पैदल चलने के लिए कोई क्रॉसिंग। ऐसे हादसे आएदिन होते रहते हैं और ऐसे हादसे तब तक होते रहेंगे जब तक हम सड़क इस्तेमाल के अधिकारों को नए तरीके से नहीं समझते और यह नहीं मानते कि सड़क पर चलने वालों के भी अधिकार होते हैं। कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम यह समझें कि सड़क पर 'चलने का अधिकार” सिर्फ वाहनों से चलने का अधिकार नहीं है। हम लोग वाहनों के आविष्कार होने से बहुत पहले से चल रहे हैं। इसलिए चलने का अधिकार सबसे मूल अधिकार है। पैदल चलने वालों का अधिकार मोटर वाहनों (कार, बाइक आदि) से अधिक अहमियत रखता है। 'फुटपाथ सुनिश्चित करना सरकारी एजेंसियों की ज़िम्मेदारी' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर पैदल चलने का अधिकार मौलिक अधिकार है। ये अधिकार संविधान के आर्टिकल 19(1)(d) (आवागमन की स्वतंत्रता) के साथ-साथ आर्टिकल 19(1)(a), 19(1)(b), 19(1)(c) और आर्टिकल 21 (जीवन के अधिकार) से जुड़ा हुआ है। कोर्टने कहा कि यदि किसी स्थान पर सड़क है, तो यह सुनिश्चित करना सरकार और स्थानीय एजेंसी का कर्तव्य है कि वहां पैदल चलने वालों के लिए स्पष्ट, सुरक्षित और अच्छी तरह से रखरखाव किए गए फुटपाथ उपलब्ध हों। यह सुनिश्चित करना शहरी विकास प्राधिकरण ,नगर निगम, नगर पालिकाएं और पंचायतो की ज़िम्मेदारी बनती है। फुटपाथ न मिलने पर मुआवजे की मांग कर सकते है सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी नागरिक के फुटपाथ पर चलने के अधिकार का उल्लंघन होता है, तो वह संबंधित सरकारी संस्था या अधिकारी के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी कार्रवाई कर सकता है।नागरिक अपने अधिकार की बहाली की मांग कर सकता है,मुआवजा मांग सकता है। यह अधिकार और मुआवजा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजे से अलग होगा।0
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मालदा कॉलेज में आदिवासी छात्रावास शुरू कराने को लेकर छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन
Malda, West Bengal:মালদহ কলেজে দীর্ঘদিন ধরে বন্ধ হয়ে থাকা আদিবাসী ছাত্রাবাস চালুর দাবিতে শুক্রবার বিক্ষোভে সামিল হলেন ছাত্র-ছাত্রীরা। দুপুরে কলেজ চত্বরে এই বিক্ষোভ কর্মসূচি অনুষ্ঠিত হয়। আন্দোলনকারীদের অভিযোগ, আদিবাসী পড়ুয়াদের জন্য নির্মিত ছাত্রাবাসটি বহু বছর ধরে পরিত্যক্ত অবস্থায় পড়ে রয়েছে। ফলে দূরদূরান্ত থেকে আসা আদিবасী ছাত্রদের চরম সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে। দ্রুত সংস্কার করে ছাত্রাবাসটি চালু করার দাবি জানান তারা। এদিন কলেজে উপস্থিত থেকে ছাত্ররা কর্তৃপক্ষের কাছে স্মারকলিপিও জমা দেন। বিষয়টি নিয়ে প্রয়োজনীয় পদক্ষেপের আশ্বাস দিয়েছে কলেজ কর্তৃপক্ষ বলে জানা গেছে.0
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सापुइपाड़ा बसुकाठी ग्राम पंचायत में हंगामा: उपप्रमुख पर हमला और अंडे फेंके गए
Howrah, West Bengal:সাপুইপাড়া বসুকাঠি গ্রাম পঞ্চায়েতে উত্তেজনা।উপ প্রধানকে মারধর।ছুড়ে মারা হলো ডিম... হাওড়ার ডোমজুড় বিধানসভা কেন্দ্রের সাপুইপাড়া বসুকাঠি গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকায় পানীয় জলের সংযোগের জন্য তৃণমূল সরকারের আমলে প্রত্যেক পরিবারের কাছ থেকে প্রায় ছয় হাজার টাকা করে নেওয়া হয়েছিল বলে অভিযোগ স্থানীয় বাসিন্দাদের। পরে সরকারি উদ্যোগে ওই জলের সংযোগ বিনামূল্যে দেওয়া হলেও বাসিন্দাদের দাবি তাঁদের কাছ থেকে নেওয়া অর্থ দীর্ঘদিন ধরে ফেরত দেওয়া হয়নি।প্রধান ও উপপ্রধান টাকা আত্মসাৎ করে রেখেছে।এই অভিযোগে শুক্রবার সাপুইপাড়ায় অবস্থিত বসুকাটি গ্রাম পঞ্চায়েত কার্যালয়ের সামনে বিক্ষোভে সামিল হন স্থানীয় মানুষ। বিক্ষোভ চলাকালীন পঞ্চায়েতের উপপ্রধান সৌমেন্দু গায়েন ঘটনাস্থলে উপস্থিত হলে পরিস্থিতি উত্তপ্ত হয়ে ওঠে। অভিযোগ, ক্ষুব্ধ জনতার একাংশ তাঁকে ঘিরে ধরে মারধর করে।ছোড়া হয় ডিম。 ঘটনার খবর পেয়ে পুলিশ ঘটনাস্থলে পৌঁছে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনে।অন্যদিকে আজ পঞ্চায়েত প্রধানের পদ থেকে ইস্তফা দেন দেবব্রত মন্ডল।তিনি বলেন শারিকিক অসুস্থতার কারণে তিনি ইস্তফা দেন।টাকা আত্মসাতের অভিযোগ উড়িয়ে তিনি বলেন যে সময় টাকা নেওয়া হয়েছিলো তখন তিনি প্রধান ছিলেন না।পরে তিনি প্রধান হয়েছেন。0
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SI भर्ती परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी; प्लाटून कमांडर के परिणाम भी
Jaipur, Rajasthan:SI भर्ती परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी प्लाटून कमांडर का परिणाम भी जारी0
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पठानकोट पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन पिस्टल व 12 कारतूस बरामद
Pathankot, Punjab:पठानकोट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन विदेशी पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और एक कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी दोहरे हत्या मामले में शामिल रह चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था, जबकि दूसरा आरोपी भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताया जा रहा है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा एक कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है, जिसका इस्तेमाल आरोपी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी पहले भी दो कत्ल की वारदातों में शामिल रह चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर था। वहीं दूसरा आरोपी भी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।0
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