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Motiganj: गढ़ी गांव में विकास को मिल रही गति, सीसी रोड निर्माण पूरा

Dec 28, 2024 09:50:55
Harhava, Uttar Pradesh

विकास खंड मनकापुर के ग्राम पंचायत गढ़ी में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। ग्राम प्रधान अरूणेश यादव ने बताया कि मोतीगंज बाजार में मेन रोड से डाकखाना गली होते हुए लाल जी के घर तक सीसी रोड का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। इससे बाजार के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी। ग्राम प्रधान ने कहा कि गढ़ी गांव में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है और आगे भी जनता की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।

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Mar 13, 2026 04:22:01
Orai, Gopalganj, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन यूपी अज्ञात महिला ने ट्रेन में चढ़ते समय महिला के गले से उड़ाया मंगलसूत्र पूरा मामला उरई रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है एक बहिन भाई गोरखपुर एक्सप्रेस से इलाहाबाद जा रहे थे तभी ट्रेन में चढ़ते समय एक महिला मुँह बांध कर साथ में धक्का देते हुए ट्रेन में चढ़ते समय महिला यात्री के गले से मंगलसूत्र उड़ा दिया उसके बाद ट्रेन जब कालपी निकल गई तब महिला ने मंगल सूत्र का गले से गायब देखा तो महिला के होश उड़ गए उसके बाद पीड़ित महिला ने दूसरी ट्रेन से वापिस आकर जी आर पी थाना में आकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई जी आर पी पुलिस ने महिला की रिपोर्ट दर्ज कर सी सी टीवी से अज्ञात चोर महिला की जांच में जुट गई है।
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ASANIMESH SINGH
Mar 13, 2026 04:19:46
Ujjain, Madhya Pradesh:आखड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज का बड़ा बयान – सिंहस्थ 2028 से पहले फर्जी संतों और ठगों के खिलाफ चलेगा “ऑपरेशन कालनेमी” बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भी जताई चिंता – कुंभ में संदिग्ध लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग संतों के वेश में षड्यंत्र रचने वालों पर सख्ती की तैयारी, अखाड़ा परिषद ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की सिंहस्थ की गरिमा बचाने के लिए संत समाज अलर्ट, पहचान पत्र और अखाड़ों के कार्ड की होगी जांच दुनिया भर से आने वाले संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाने की बात उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को लेकर संत समाज ने अभी से बड़ा और सख्त रुख अपना लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी महाराज ने ऐलान किया है कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में “ऑपरेशन कालनेमी” चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य संतों के वेश में घूम रहे फर्जी लोगों, ठगों और षड्यंत्रकारियों को चिन्हित कर उन पर सख्त कार्रवाई करना है। रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि जब भी देश में कुंभ या सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन होते हैं, तब कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग संतों और बड़े धार्मिक व्यक्तित्वों को बदनाम करने की कोशिश करते हैं और कई बार उनके नाम का इस्तेमाल कर पैसा कमाने की साजिश भी रचते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और संतों के नाम पर पैसा कमाने की कोशिश करने वालों का अंत निश्चित है, लेकिन सिंहस्थ जैसे महाआयोजन से पहले ऐसे तत्वों को पहचान कर अलग करना जरूरी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि उज्जैन का सिंहस्थ केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से संत और श्रद्धालु कुंभ में भाग लेने आते हैं। ऐसे में अगर कोई षड्यंत्रकारी तत्व संतों को बदनाम करने की कोशिश करता है या किसी विवाद को जन्म देता है, तो इससे पूरे संत समाज और सनातन संस्कृति की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी एक संत पर भी दाग लगता है तो पूरा संत समाज बदनाम होता है, इसलिए सिंहस्थ से पहले व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। रवींद्र पुरी जी महाराज के अनुसार सिंहस्थ से पहले उज्जैन में चलाए जाने वाले इस विशेष अभियान में कई स्तर पर जांच और कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत संतों के वेश में घूम रहे संदिग्ध लोगों की पहचान की जाएगी,अखाड़ों और संस्थाओं द्वारा जारी पहचान पत्रों की जांच होगी,फर्जी कार्ड या फर्जी पहचान वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी ,संतों के नाम पर ठगी या षड्यंत्र करने वालों को चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में बाहरी और संदिग्ध लोगों के घूमने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संतों के पास आमतौर पर अखाड़े या संस्था द्वारा जारी पहचान पत्र होते हैं, इसलिए प्रशासन को इनकी जांच करनी चाहिए ताकि कोई भी फर्जी व्यक्ति संत के वेश में व्यवस्था का फायदा न उठा सके। रवींद्र पुरी महाराज ने बताया कि इस विषय को लेकर सरकार से भी चर्चा की जा रही है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के दिव्य और भव्य सिंहस्थ के विजन को साकार करने के लिए जरूरी है कि ऐसे षड्यंत्रकारी तत्वों को पहले ही चिन्हित कर उज्जैन से दूर किया जाए या उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। संत समाज का कहना है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालु स्नान, भजन और साधना के लिए आते हैं। इसलिए उनका स्वागत “अतिथि देवो भव” की भावना से होना चाहिए। लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि संतों के वेश में छिपे कालनेमी जैसे तत्वों की पहचान कर उन्हें कुंभ से दूर रखा जाए, ताकि सिंहस्थ 2028 दुनिया के सामने एक दिव्य, भव्य और शांतिपूर्ण आयोजन के रूप में स्थापित हो सके। बाइट - रवींद्र पुरी जी महाराज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष
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DSDanvir Sahu
Mar 13, 2026 04:19:28
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ASANIMESH SINGH
Mar 13, 2026 04:18:30
Ujjain, Madhya Pradesh:अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी महाराज हुए शामिल रामनाथजी महाराज गादीपति,भर्तृहरि गुफा ने कराया विशेष अनुष्ठान 51 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया हवन, सिंहस्थ की सफलता की कामना... संतों का संकल्प—सिंहस्थ 2028 में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की कामना.. उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर धार्मिक तैयारियों और आध्यात्मिक संकल्पों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में शहर के प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर में विशेष यज्ञ और अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस यज्ञ का उद्देश्य सिंहस्थ मेले के सफल, शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए देवी का आशीर्वाद प्राप्त करना रहा। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी महाराज भी विशेष रूप से अनुष्ठान में सम्मिलित हुए। यह विशेष यज्ञ भर्तृहरि गुफा गादीपति रामनाथ जी महाराज द्वारा संपन्न कराया गया। यज्ञ में वैदिक रीति से पूजन-पाठ और हवन किया गया, जिसमें 51 बटुकों ने मंत्रोच्चार के साथ आहुति दी। संत-महात्माओं ने मां बगलामुखी के समक्ष संकल्प लिया कि सिंहस्थ 2028 में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन मंगलमय हो और पूरा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो। यज्ञ में मिर्ची, सरसों, हल्दी सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों से हवन किया गया। संतों ने बताया कि इस प्रकार के विशेष अनुष्ठान से वातावरण की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे बड़े धार्मिक आयोजनों की सफलता के लिए आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। संतों ने विश्वास जताया कि माँ बगलामुखी के आशीर्वाद से सिंहस्थ 2028 ऐतिहासिक और भव्य रूप में संपन्न होगा, जिसमें देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु उज्जैन की आध्यात्मिक परंपरा का अनुभव करेंगे। बाइट - रामनाथ जी महाराज गादीपति भर्तृहरि गुफा
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YSYeswent Sinha
Mar 13, 2026 04:17:28
Nawada, Bihar:नवादा में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण बैठक, उपभोक्ताओं को मिला आश्वासन डीएम ने किया बैठक गैस एजेंसी संचालकों का जारी करवाया गया वीडियो, नवादा में गैस की नहीं है दिक्कत नवादा:जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में सभी प्रमुख एलपीजी गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुचारू, पारदर्शी तथा उपभोक्ता-अनुकूल बनाना था।बैठक में भारत गैस, एचपी गैस और इंडेन गैस के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की कमी या संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इसलिए घबराने या अनावश्यक स्टॉक करने की आवश्यकता नहीं है। माधुरी श्री भारत गैस एजेंसी के संचालक कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि भारत गैस के सभी उपभोक्ता बिना किसी चिंता के सामान्य रूप से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अपील की कि अनावश्यक बुकिंग न करें। बुकिंग केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होने के बाद ही वैध मानी जाएगी। शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के बाद ही नई बुकिंग की जाए। राजश्री एचपीसीएल गैस एजेंसी के संचालक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनके सभी डिस्ट्रीब्यूटरों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिनों के बाद तथा शहरी उपभोक्ता 25 दिनों के बाद बुकिंग करें। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।सुपर गैस एजेंसी (इंडेन) के संचालक प्रवीण कुमार ने भी यही आश्वासन दिया कि घरेलू सिलेंडर पर्याप्त हैं। नियमानुसार 25 दिनों बाद बुकिंग करें और घर तक समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली नहीं होगी। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने सभी एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समय में होम डिलीवरी सुनिश्चित करें। शिकायतों का त्वरित निपटारा हो, सरकारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन हो तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, जमाखोरी या अवैध वसूली न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि अफवाहों पर विश्वास न करें। जिले में गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी डॉ. राजकुमार सिन्हा सहित सभी गैस वितरक उपस्थित रहे।
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KJKamran Jalili
Mar 13, 2026 04:16:55
Ranchi, Jharkhand:मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में गुरुवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड एवं भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरु के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास एवं विस्तार होगा। इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के साथ एमओयू होने से राज्य में फल, सब्जी, सजावटी, औषधीय, मशरूम फसलों में उत्पादकता, गुणवत्ता और मूल्य को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग, अनुसंधान और प्रशिक्षण एवं सेवाएं उपलब्ध होंगी।
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KRKishore Roy
Mar 13, 2026 04:15:46
Noida, Uttar Pradesh:खाजूवाला/बीकानेर अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर क्षेत्र खाजूवाला से पकड़े संदिग्ध युवक, सीमा सुरक्षा बल की सक्रियता से पकड़े गये संदिग्ध 2 युवक, अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक खाजूवाला के चक 3 कालूवाला से किए डिटेन, एक युवक ने पहनी हुई है BSF की ड्रेस, 24 वर्षीय सतनाम सिंह व 19 वर्षीय दलजीत सिंह को किया लिया हिरासत में, आख़िर दोनों युवक पंजाब से खाजूवाला बॉर्डर इलाके में पहुंचे किस लिए, खाजूवाला DYSP अमरजीत चावला, थानाधिकारी रोहित चौधरी ने उच्चाधिकारियों को दी सूचना, जबकि पिछले दिनों खाजूवाला बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन से हथियार व हेरोइन पहुंचे थे, फिलहाल BSF व पुलिस टीम कर रही है पूछताछ。
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MMMohammad Muzammil
Mar 13, 2026 04:15:27
Dehradun, Uttarakhand:रिपोर्ट : मोo मुजम्मिल ( विकासनगर ) स्लग : तापमान बढ़ने के कारण वक्त से पहले लौटने लगे विदेशी पक्षी…! एंकर : देश के पहले वेटलैंड संरक्षण रिजर्व आसन वेटलैंड पर प्रवास के लिए पहुंचे विदेशी पक्षी वक्त से पहले अपने देश लौटने लगे हैं… क्या इसकी वजह है.. देखिए ये खास रिपोर्ट... एंकर : देहरादून से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद आसन बैराज की ये झील हर साल सर्द मौसम में विदेशी पक्षियों से गुलजार हो जाती है… इस वेटलैंड पर हर साल मध्य एशिया के उजबेकिस्तान, कजाकिस्तान, ईस्ट तुर्कमेनिस्तान, साइबेरिया, तिब्बत, लद्दाख दक्षिण अफ्रीका, यूरोप, चीन, नेपाल भूटान सहित कई अन्य देशो से बड़ी संख्या में ये परिंदे रुख करते हैं... यू तो ये विदेशी पक्षी भारत में कई जगह प्रवास के लिए पहुंचते हैं लेकिन देहरादून में मौजूद आसन बैराज की झील पक्षियों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद मानी जाती है… इसी वजह से 2005 में इस पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों इसे देश का पहला वेटलैंड संरक्षण रिजर्व बनने का गौरव भी हासिल हुआ है... इस झील को प्रदेश की पहली रामसर साइट भी बनाया गया है जिसके चलते इसका महत्व और बढ़ जाता है… चकराता वन विभाग के अधीन इस झील की देखरेख साफ-सफाई और पक्षियों की सुरक्षा का जिम्मा वन विभाग के कर्मचारी बखूबी निभाते नजर आते हैं…. लेकिन लगातार बीते कुछ वर्षों में मौसम में आए परिवर्तन के चलते प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां लगातार घट रही हैं…जो बेहद चिंताजनक है… हाल ही में 18 जनवरी 2026 को हुए एशियन वाटर बर्ड सेंसस में इस झील पर 126 प्रजाति के 5806 प्रवासी पक्षी दर्ज किए गए है … जिसमें पक्षियों की संख्या तो पिछले साल के मुकाबले कुछ बढ़ी है… लेकिन चिंताजनक बात ये है की इस बार पक्षियों की 45 प्रजातियां पिछले साल के मुकाबले झील पर कम पहुंची है … वही समय से पहले मार्च के शुरुआती दिनों में ही मौसम गर्म होने की वजह से अब तक आधे से ज्यादा पक्षी अपने वतन लौट चुके हैं और झील पर पक्षियों की संख्या बेहद कम हो गई है… मौसम के पैटर्न में हुए बदलाव की वजह से ही सुर्खाब, कॉमन कूट और गैड़वाल जैसी प्रमुख प्रजाति के पक्षी अप्रैल की जगह मार्च के शुरुआती दिनों में ही अपने वतन लौट चुके हैं… लगातार बढ़ते युद्ध, पॉल्यूशन, चिमनियों से निकलते धुंए और इन सबकी वजह से बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग को विशेषज्ञ मौसम में आए इस बड़े परिवर्तन की वजह मान रहे हैं…
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