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पीलीभीत सेशन कोर्ट ने नूर अहमद अजहरी को जमानत दी; बयान का आरोप

MTMD. TARIQJust now
Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर- भाजपा शासित राज्यों में मुसलमान को डराने व अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड में सरकार पर साजिश करने का आरोप लगाने के मामले में दर्ज मुकदमे में नूर अहमद अजहरी को पीलीभीत की सेशन कोर्ट ने जमानत दे दी है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष पर पिछले दिनों भड़काऊ बयान का आरोप लगा था जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा शासित राज्यो में मुसलमान को डराया जा रहा है साथ ही कहा था कि अतीक और अशरफ हत्याकांड में सरकार की साजिश है इसके बाद पीलीभीत सहित प्रदेश के कई थानों पर नूर अहमद अजहरी पर मुकदमा दर्ज हुए था। इस मामले में नूर अहमद अजहरी ने हाई कोर्ट इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में जाने का निर्देश दिया। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने दो बार अंतरिम ज़मानत प्रदान की और आज मुझे सेशन कोर्ट द्वारा नियमित ज़मानत (Regular Bail) पर रिहा किया गया है। जमानत मिलने के बाद अजहरी का कहना है कि मैंने किसी भी प्रकार से समाज में वैमनस्य फैलाने वाली बात नहीं कही थी मेरी आलोचना केवल सरकार के रवैए और प्रशासनिक तंत्र के कामकाज को लेकर थी जो कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है दुर्भाग्यवश मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर इस तरह पेश किया गया। उन्हें कोर्ट पर भरोसा है और जल्द मुकदमा खत्म हो जाएगा बाइट- नूर अहमद अजहरी
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राजस्थान को 2025 बैच के 7 IAS अफसर मिले, प्रशासनिक सुधार तेज

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान को मिले 2025 बैच के 7 IAS अफसर। 7 IAS अफसर मिलने से राजस्थान कैडर को मजबूती। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रशिक्षु अधिकारियों से की मुलाकात। “मैक्सिमम गवर्नेंस—मिनिमम गवर्नमेंट” पर जोर। नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल की दी विस्तृत जानकारी। समयबद्ध जन-शिकायत निवारण पर विशेष फोकस। डिजिटल गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर बल। मिशन कर्मयोगी और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन की सीख। महिला सशक्तीकरण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस। निष्पक्षता, पारदर्शिता और लोक सेवा भावना का संदेश। विकसित राजस्थान 2047 के विजन में योगदान का आह्वान।
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दिल्ली की बिजली मांग अप्रैल में पहली बार 7000 मेगावाट पार—रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

Delhi, Delhi:अप्रैल में पहली बार: दिल्ली की पीक बिजली मांग 7,000 मेगावाट पार — 7,078 मेगावाट दर्ज दिल्ली में आज बिजली की पीक डिमांड पहली बार अप्रैल महीने में 7,000 मेगावाट के पार पहुंच गई। SLDC के आंकड़ों के अनुसार, twoपहर 3:30 बजे यह मांग 7,078 मेगावाट दर्ज की गई। तुलना में, 2024 और 2025 में 7,000 मेगावाट का स्तर मई में पार हुआ था। BSES डिस्कॉम्स ने अपने-अपने क्षेत्रों में 3159 मेगावाट और 1446 मेगावाट की पीक मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। BSES की तैयारी BSES डिस्कॉम्स दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली में 53 लाख से अधिक उपभोक्ताओं और करीब 2.25 करोड़ आबादी को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके लिए दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA), अन्य राज्यों के साथ टाई-अप, पावर बैंकिंग और AI/ML आधारित डिमांड फोरकास्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। ग्रीन पावर से रोशन होगी दिल्ली गर्मी के मौसम में लगभग 2,670 मेगावाट ग्रीन पावर आपूर्ति में अहम भूमिका निभाएगी— सोलर: ~840 मेगावाट हाइड्रो: ~572 मेगावाट विंड: ~500 मेगावाट पम्प्ड स्टोरेज प्लांट: ~312 मेगावाट रूफटॉप सोलर: ~250 मेगावाट हाइब्रिड स्रोत: ~137 मेगावाट वेस्ट-टू-एनर्जी: ~41 मेगावाट साथ ही, किलोखड़ी में 20 मेगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा। पावर मैनेजमेंट रणनीति BSES जरूरत के अनुसार शॉर्ट-टर्म पावर एक्सचेंज और द्विपक्षीय समझौतों के जरिए बिजली खरीदेगी। बदलते मौसम और बढ़ती मांग को देखते हुए फेज़्ड प्रोक्योरमेंट रणनीति अपनाई गई है, जिससे लागत नियंत्रण और निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। लोड फोरकास्टिंग बिजली की मांग का सटीक अनुमान लगाने के लिए BSES एडवांस्ड स्टैटिस्टिकल मॉडल्स, वेदर फोरकास्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग कर रहा है, ताकि बदलती परिस्थितियों में भी बिजली आपूर्ति सुचारू बनी रहे।
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आधी आबादी के आरक्षण के लिए संसद में संकल्प पारित, कांग्रेस पर सख्त हमला

Bhopal, Madhya Pradesh:डॉक्टर मोहन यादव का बयान तमाम विपक्षी दलों ने मिलकर हर बार महिलाओं के अधिकार पर कुठाराघात करने का काम किया जब यह पक्ष में थे तब भी इन्होंने बहनों के अधिकार को वंचित किया था 1972 में इंदिरा गांधी ने परिसीमन के साथ सीलिंग लगाने का काम किया था कांग्रेस ने हमेशा बहनों के साथ अन्याय करने का काम किया कांग्रेस का आज सत्र में दोहरा चरित्र दिखाई दिया जो उजागर हुआ आज हमने परिसीमन आयोग के साथ नारी सशक्तिकरण संकल्प को पारित किया कांग्रेस ने आज फिर भगाने का काम किया आदि आबादी के लिए हमारा संकल्प जारी रहेगी संसद में हमारे पास दो तिहाई बहुमत नहीं है यदि कांग्रेस के समय यह पास हो जाता तो 33% महिलाएं विधानसभा में होती हम आधी आबादी को आरक्षण दिल कर रहेंगे हमारा संकल्प कांग्रेस डिवीजन की बात करके तमाम प्रकार हथकंडे लगा रही थी 64 विधायक है कांग्रेस के 64 भी उपस्थित नहीं थे वह भी हमारे संकल्प से संतुष्ट है हमने हमारी प्रतिबद्धता आधी आबादी के लिए दिखाई
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CM के संकल्प पर पारित: परिसीमन के बाद 33% आरक्षण, विपक्ष ने वॉकआउट

Bhopal, Madhya Pradesh:CM द्वारा पेश संकल्प प्रस्ताव हुआ पारित. परिसीमन के बाद मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण. कांग्रेस ने विरोध में किया वॉक आउट. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का संकल्प प्रस्ताव पास होने के बाद बयान. संकल्प में सरकार डर गई 160 विधायक होने के बाद भी डर गई. तत्काल हमने मांग की 543 सिम लोकसभा और 230 सिम विधानसभा में आरक्षण दिया जाए. भाजपा का प्रस्ताव था 2029 के बाद आरक्षण मिले. हमने डिवीजन दिया तो अध्यक्ष के ऊपर दबाव लगाया गया. दादागिरी करके यह प्रस्ताव पास कराया गया. प्रदेश की महिला देख रही है. भाजपा महिलाओं के साथ नहीं है. वह आज महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती 2029 के बाद देने की बात कह रही यह महिलाओं के साथ कुठारागात हैं.
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कटारिया बवाल पर प्रशासन का कड़ा एक्शन: 16 गिरफ्तारी, निषेधाज्ञा लागू

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर कटारिया बवाल पर सख्ती, अफवाहबाजों पर शिकंजा, 16 गिरफ्तार—जिले में धारा 163 लागू कटारिया बवाल पर पुलिस का सख्त एक्शन, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कसा शिकंजा तीन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ दर्ज हुआ केस, पत्थरबाजी मामले में अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार 19 अप्रैल को ही मुख्य आरोपी को पुलिस ने दबोचा था 22 अप्रैल को अफवाहों के बीच भड़की थी हिंसा जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू, निषेधाज्ञा जारी कटारिया गांव में समूह और प्रतिनिधिमंडल के जाने पर रोक जुलूस, प्रदर्शन, कैंडिल मार्च और नारेबाजी पूरी तरह बैन पुलिस बोली— माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में हुए बवाल को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, वहीं अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जिलाधिकारी ने हालात को देखते हुए पूरे जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत किसी भी तरह के जुलूस, प्रदर्शन या भीड़ जुटाने पर पूरी तरह रोक है। दरअसल  कटारिया गांव में हुए बवाल के बाद गाजीपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले तीन एकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 19 अप्रैल को ही पीड़ित पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों का दौर जारी रहा, जिसने माहौल को और बिगाड़ दिया। 22 अप्रैल को कुछ अराजक तत्वों ने पत्थरबाजी कर स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया। इस मामले में अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। एसपी सिटी डॉ राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार, अब तक कुल 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स भी शामिल हैं। जिलाधिकारी द्वारा बीएनएस की धारा 163 लागू करते हुए जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। कटारिया गांव में किसी भी समूह या प्रतिनिधिमंडल के जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही जुलूस, प्रदर्शन, कैंडिल मार्च और उत्तेजक नारेबाजी पर पूरी तरह रोक है। फिलहाल कटारिया गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाइट - डॉ राकेश मिश्रा, एएसपी गाजीपुर
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ED छापेमारी: कोलकाता में परिसरों पर तलाशी, 10 लाख नकद और सोना जब्त

Kolkata, West Bengal:पश्चिम बंगाल में ED छापामार कार्यवाही को लेकर अपडेट ममता के करीबी पुलिस अधिकारी शांतनु सिंह विश्वास को ED ने समन किया पर अबतक ED के सामने नही आया पुलिस अधिकारी कोलकाता जोनल ऑफिस ने 26 अप्रेल को कोलकाता में तीन जगह अलग-अलग परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई सोना पप्पू, जय कामदार, डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास और अन्य के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में की गयी... तलाशी में कल्याण शुक्ला और संजय कुमार कनोडिया के परिसरों को भी शामिल किया गया जहां से 10 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। जब्त किए गए दस्तावेजों से संदिग्ध व्यक्तियों और राजनीतिक रूप से उजागर व्यक्तियों के बीच बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन का संकेत मिलता है। डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया है, लेकिन वे अभी तक ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए हैं...
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रांची: CM सोरेन ने डिवाइडर अव्यवस्थित कट्स रोकने और यातायात सुधार के निर्देश दिए

Ranchi, Jharkhand:रांची मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के समक्ष आज झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सिरमटोली से कांटा टोली को जोड़ने वाली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के कार्य प्रगति से संबंधित पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन रखा। मुख्यमंत्री ने कनेक्टिंग फ्लाईओवर के कार्य प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-अर्जन से संबंधित कारवाई यथा शीघ्र पूरा कर कार्य को गति प्रदान करें। मौके पर मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच प्रस्तावित करम टोली से साइंस सिटी, चिरौंदी फ्लाईओवर निर्माण योजना को लेकर चर्चा हुई, इस संबंध में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए। मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि रांची की सड़कों पर जितने डिवाइडर हैं उनमें कुछ अनावश्यक कट्स हैं, उन कट्स को बंद किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांचीवासियों को बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
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शेरकोट जमीन घोटाला: तालिब और पूर्व विधायक सहित 12 पर मुकदमा दर्ज

Moradabad, Uttar Pradesh:पूर्व विधायक सहित कई लोगो पर मुकदमा दर्ज बिजनौर बीजेपी के पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर हमले के आरोप में बिजनौर जेल में बंद खनन कारोबारी तालिब और उनके भाइयों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शेरकोट क्षेत्र में कीमती जमीन हड़पने के आरोप में तालिब, उनके समधी पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी और 11 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।आरोपियों में शेरकोट सहकारी आवास समिति के अध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ पूर्व विधायक के तीन भाई भी शामिल हैं। यह मामला शेरकोट सहकारी आवास समिति लिमिटेड के सदस्य शाहिद अली ने थाना शेरकोट में दर्ज कराया है। आरोप है कि इसके बाद समिति के तत्कालीन सचिव शौकत अली ने विक्रेता के वारिसों के साथ मिलीभगत कर केवल 12.50 बीघा जमीन ही समिति के नाम कराई। शेष 12.50 बीघा जमीन समिति के नौ फर्जी सदस्य बनाकर उनके नाम कर दी गई। इन फर्जी सदस्यों को बनाने के लिए रसीदें भी कथित तौर पर फर्जी काटी गईं। पूरे प्रकरण का कथित मास्टरमाइंड भू-माफिया तालिब को बताया गया है। आरोप है कि उसने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और आपसी बैनामों के जरिए जमीन पर कब्जा कर लिया। मौजा रामबड़ी स्थित यह जमीन अब आबादी क्षेत्र में शामिल हो चुकी है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जमीन बिक्री से प्राप्त कोई भी धनराशि समिति के खाते में जमा नहीं की गई, बल्कि निजी उपयोग में खर्च कर ली गई। शाहिद अली ने बताया कि 17 अप्रैल को जब वह समिति की जमीन की ओर जा रहे थे, तब आरोपियों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से हमला किया। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे उनकी जान बच सकी। आरोपियों पर दोबारा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। सीओ आलोक कुमार ने मामले की रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की है। मोहम्मद तालिब निवासी मोहल्ला चाहशीरी बिजनौर, सलीम अहमद, फैय्याज अहमद निवासी मोहल्ला मनिहारान शेरकोट, वसीम अहमद (अध्यक्ष सहकारी आवास समिति), शमीम, नसीम, मुनीर, शौकत अली (सचिव), नसीमा खातून निवासीगण मोहल्ला नौधना शेरकोट, मोहम्मद गाजी (पूर्व विधायक), मोहम्मद कमाल, मोहम्मद मुजाहिद, मोहम्मद दानिश निवासीगण कोहिनूर कॉलोनी शेरकोट और कासिम निवासी मोहल्ला कोटरा शेरकोट के खिलाफ केस दर्ज हुआ है。
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गाजीपुर: संगीता बलवंत का विपक्ष पर तीखा हमला, महिला आरक्षण का बचाव

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर नारी शक्ति वंदन बिल पर सियासी संग्राम: सांसद डॉ. संगीता बलवंत का विपक्ष पर तीखा वार प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर घिरी सियासत सांसद ने विपक्ष को बताया “महिला विरोधी” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का किया जोरदार बचाव बड़ी संख्या में महिलाओं ने तख्तियां लेकर किया विरोध प्रदर्शन मौके पर कुछ देर के लिए माहौल हुआ गरम महिला आरक्षण पर गाजीपुर से उठा सियासी तूफान  गाजीपुर में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। सदर कोतवाली क्षेत्र के एक विद्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध जताते हुए तख्तियां लेकर धरना भी दिया। दरअसल गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में उस वक्त सियासी तापमान बढ़ गया, जब राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचीं। महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उन्होंने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा। सांसद ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच महिलाओं को पंचायत से लेकर संसद तक सशक्त करने की है, और इसी उद्देश्य से 33 फीसदी आरक्षण देने की पहल की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 16, 17 और 18 अप्रैल को बुलाए गए विशेष सत्र में यह विधेयक सर्वसम्मति से पास होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत ने कहा कि जिस दिन को इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होना था, उसे विपक्ष ने काले दिन में बदल दिया। यह उनकी महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल के बाहर और भीतर विपक्षी विचारधारा की महिलाओं ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया, बाइट- डॉ संगीता बलवंत- राज्यसभा सांसद
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