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Anurag SinghAnurag SinghFollow24 Nov 2024, 03:12 pm

भैरवनाथ जन्मोत्सव पर दिखा चमत्कार, हजारों की संख्या में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

Colonelganj, Uttar Pradesh:कर्नलगंज नगर के भैरवनाथ पुरवा स्थित प्राचीन भैरवनाथ मंदिर में बड़े ही धूमधाम एवं हर्सोल्लास के साथ भैरवनाथ जन्मोत्सव का पर्व मनाया गया। ब्रिटिश शासन काल से मौजूद भैरवनाथ मंदिर का करनैलगंज क्षेत्र में विशेष महत्व है।जिसको लेकर भैरवनाथ परिसर को रोशनी के जगमगाहट से सजाया गया। भैरवनाथ जन्मोत्सव के अवसर पर रात्रि के लगभग 12:00 बजे भगवान भैरवनाथ की महाआरती एवं उनका महाश्रृंगार किया गया। इसके बाद मंदिर के बड़े महंत के ऊपर भगवान भैरवनाथ की छाया प्रकट हुई, जिसे देखकर श्रद्धालुओं का जन सैलाब टूट पड़ा
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बांसवाड़ा: चाप नदी में युवक की मौत, पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट

AOAjay OjhaJust now
Banswara, Rajasthan:एंकर- बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रविवार रात घर से निकला युवक सोमवार सुबह चाप नदी में मृत अवस्था में मिला। मृतक की पहचान गढ़ी निवासी बलराज पुत्र नरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो परतापुर स्थित बजाज फाइनेंस में डीसीए के पद पर कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, बलराज रविवार रात करीब 8 बजे घर से अपनी मोटरसाइकिल लेकर निकला था। रास्ते में बाइक खराब होने पर उसने अपने एक मित्र से बाइक मांगी और जरूरी काम बताकर वहां से निकल गया। लेकिन रात करीब 9 से 9:30 बजे के बाद उसका फोन बंद हो गया, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर युवक की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर गढ़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस टीम ने रात में ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान रात करीब 12 बजे चाप नदी के पास युवक के मित्र की बाइक और उसका मोबाइल फोन चालू हालत में मिला। यह स्थिति और भी संदिग्ध हो गई, क्योंकि आसपास युवक का कोई पता नहीं चला। सोमवार सुबह दोबारा सर्च के दौरान चाप नदी में युवक का शव तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर परतापुर स्थित चिकित्सालय में पोस्टमार्टम करवाया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल, युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। मामले को लेकर हर पहलू से जांच की जा रही है।
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जल जीवन मिशन में खामियां: ग्रामवासियों ने पानी के लिए किया प्रदर्शन

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर जिले के कोतवालपुर गांव में जल जीवन मिशन की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने अधूरे पड़े कार्य और पानी की समस्या को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और अन्य कार्य शुरू तो किए गए, लेकिन उन्हें बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। इसके चलते गांव के लोगों को अब भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। लोगन ने कहा कि यदि योजना का कार्य पूरा हो जाता, तो उन्हें नियमित और स्वच्छ पेयजल मिल सकता था। लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से बजट का दुरुपयोग कर काम अधूरा छोड़ दिया गया। साथ ही, जहां काम हुआ भी है, वहां साफ-सफाई का अभाव है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित होकर गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। बाइट ग्राम प्रधान जटाशंकर यादव बाइट हरेंद्र यादव फौजी ग्रामीण बाइट विद्या देवी ग्रामीण
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जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में गर्मी के मुताबिक ठाकुरजी की समर मोड सेवा शुरू

Jaipur, Rajasthan:एंकर-गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं…भगवान पर भी दिखने लगा है और यही वजह है कि जयपुर के देवालयों में ठाकुरजी के खान-पान और पहनावे में बदलाव किया गया हैं.......यानि की ठाकुरजी को अब समर मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। अक्षय तृतीया के पावन मौके पर यहां शुरू हुई चंदन यात्रा……जहां भक्ति के साथ-साथ शीतलता का भी खास ख्याल रखा जा रहा है। वीओ-1-गर्मी ने इस बार कुछ ऐसा असर दिखाया है कि जयपुर में भगवान भी समर केयर में आ गए हैं..अक्षय तृतीया के साथ ही गोविंद देवजी मंदिर समेत वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी का पूरा रूटीन बदल गया है कपड़े हल्के, भोग ठंडा और सेवा में चंदन की शीतलता…यानी आस्था के साथ अब मौसम का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा हैं...अक्षय तृतीया के अवसर पर मंदिरों में चंदन सेवा की परंपरा के तहत ठाकुरजी के श्रीविग्रह पर सर्वांग चंदन लेप लगाया गया। मान्यता है कि इस दिन भगवान वर्ष में एक बार भक्तों को सर्वांग दर्शन देते हैं। इसी के साथ ठाकुरजी की दिनचर्या, वेशभूषा और भोग-राग में भी ग्रीष्म ऋतु के अनुरूप बदलाव शुरू हो गया है। गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में चंदन यात्रा उत्सव का मनाया गया। मंगला झांकी के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद चंदन, इत्र और कपूर से निर्मित विशेष लेप ठाकुरजी को धारण कराया गया, जो गर्मी से राहत देने के साथ-साथ धार्मिक परंपरा का भी प्रतीक है। मौसम के बदलाव के साथ ठाकुरजी के पहनावे में भी परिवर्तन किया गया है। अब जामा-पायजामा के स्थान पर हल्के सूती केसरिया धोती-दुपट्टा धारण कराया जा रहा है। सिर पर भारी सिरपेच की जगह कलंगी शृंगार किया गया है, जिससे भगवान को हल्कापन और आराम मिल सके। साथ ही इत्र सेवा में मोगरा, गुलाब और खस जैसे ठंडी तासीर वाले सुगंधित द्रव्यों का उपयोग किया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए मंदिर परिसर में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्भगृह को ठंडा रखने के लिए कूलर और पंखों की व्यवस्था शुरू कर दी गई है, वहीं ठाकुरजी के सम्मुख शीतल जल के फव्वारे चलाए जा रहे हैं। मिट्टी के मटकों में ठंडा जल रखा जा रहा है, जिससे वातावरण प्राकृतिक रूप से शीतल बना रहे। वीओ-2-अक्षयतृतीया के दिन से ही ठाकुरजी के पहनावे के साथ खान-पान में भी बदलाव हो गया हैं.....अब ठाकुरजी को ठंडी तासीर वाले व्यंजन अर्पित किए जा रहे हैं। इनमें मिश्री, सत्तु, ठंडाई, शरबत, आमरस, खरबूजा, तरबूज जैसे मौसमी फल शामिल हैं। विशेष रूप से मोतिया बेसन के लड्डू और पांच प्रकार के ऋतु फल का भोग लगाया गया। शहर के सरस निकुंज, आनंदकृष्ण बिहारीजी, बृजनिधि मंदिर, गोपीनाथजी, राधा दामोदरजी और लाड़लीजी मंदिर में भी ठाकुरजी के भोग, राग और श्रृंगार में इसी प्रकार के बदलाव किए गए हैं। पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार को सुगंधित चंदन का उबटन लगाया और ठंडी तासीर वाले फूलों से श्रृंगार किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, त्रेता युग से चली आ रही इस परंपरा में अक्षय तृतीया से ही मंदिरों में शीतल सेवा की शुरुआत होती है। इसका उद्देश्य भगवान को गर्मी से राहत देना और प्रकृति के अनुरूप सेवा करना है। भीषण गर्मी के इस दौर में जयपुर के मंदिरों में आस्था और संवेदनशीलता का यह अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जहां भक्तों के साथ-साथ भगवान की सुविधा और आराम का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बाइट-मातृप्रसाद, पुजारी, आनंदकृष्ण बिहारी मंदिर बाइट-भक्त, बहरहाल, जयपुर में भीषण गर्मी के बीच मंदिरों में आस्था के साथ संवेदनशीलता का यह अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। गोविंद देवजी मंदिर सहित शहर के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में समर मोड सेवा न केवल परंपरा का निर्वहन है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य का भी संदेश देती है। चंदन, शीतल भोग, हल्के वस्त्र और ठंडी सुगंधों के माध्यम से भगवान को राहत पहुंचाने की यह परंपरा भक्तों को भी यह सीख देती है कि बदलते मौसम के अनुरूप जीवनशैली में संतुलन जरूरी है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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पुंछ में वर्ल्ड दुरूद शरीफ डे अकीदत के साथ मनाया गया

Chikri Ban, पुंछ में वर्ल्ड दुरूद शरीफ डे बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में लोग ने हिस्सा लिया। पुंछ ने फैज़ान-ए-आला हज़रत, जामिया-तुल-मदीना पुंछ (दावत-ए-इस्लामी) की ओर से आज “वर्ल्ड दुरूद शरीफ डे” बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। हर साल 20 अप्रैल को हज़रत मोहम्मद के यौमे विलादत की निस्बत से यह दिन दुनिया भर में दुरूद शरीफ डे के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर आशिकान-ए-रसूल की बड़ी तादाद ने शिरकत की और कसरत से दुरूद शरीफ का विर्द किया। शहर के विभिन्न स्थानों पर ज़िक्र और दुरूद की महफिलों का आयोजन किया गया, जहां उलमा-ए-किराम ने सीरत-ए-तय्यबा, तालीमात-ए-नबवी और मोहब्बत-ए-रसूल के अहम पहलुओं पर रोशनी डाली। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि दुरूद शरीफ की कसरत दिलों को सुकून देती है, गुनाहों की माफी का ज़रिया बनती है और अल्लाह तआला की रज़ा हासिल करने का बेहतरीन माध्यम है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दुरूद शरीफ को शामिल करें। कार्यक्रम के अंत में मुल्क और मिल्लत की सलामती, तरक्की और खुशहाली के लिए खास दुआएं भी की गईं।
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मनेंद्रगढ़ में हाथी हमला, ग्रामीण की मौत से क्षेत्र में भारी दहशत

Muju, Jeonbuk State:मनेंद्रगढ़ ब्रेक। जनकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत खोहरा से बड़ी खबर सामने आई है。 बीते दिन महुआ बीनने जंगल गए एक ग्रामीण पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई。 घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने इलाके में हाथी की मौजूदगी की कोई पूर्व सूचना नहीं दी, जिसके कारण यह हादसा हुआ。 ग्रामीणों ने यह भी बताया कि घटना को 12 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है。 मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है。
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बगूसराय में ट्रक ने टेंपो को टक्कर दी, महिला की मौत, चालक फरार

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। एक दर्दनाक सड़क हादसे में टेंपो सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।घटना बेगूसराय के लाखो थाना क्षेत्र स्थित टोल टैक्स के पास की है, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो पर सवार एक महिला सड़क पर गिर गई। इसके बाद ट्रक ने महिला को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया।मृत महिला की पहचान खगड़िया जिले निवासी स्वर्गीय विनोद प्रसाद की पत्नी विमला देवी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि विमला देवी बेगूसराय के चंडिका स्थान में पूजा करने आई थीं और वापस टेंपो से अपने घर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हुआ।घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है।
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केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे, भक्तों के दर्शन शुरू

Noida, Uttar Pradesh:विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम इन दिनों भव्य रूप से सजाया जा रहा है। मंदिर को कई कुंतल फूलों से सजाकर दिव्य और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे पूरे धाम में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है। आगामी 22 अप्रैल को प्रातः 8:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान के साथ बाबा के कपाट देश-विदेश के श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके बाद अगले छह माह तक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे। उधर, 19 अप्रैल को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल से हिमालय धाम के लिए रवाना हो चुकी है। डोली का पहला रात्रि विश्राम फाटा में रहा, जबकि आज यह गौरीकुंड पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी और भंडार गृह में विराजमान रहेगी। 22 अप्रैल को वृष लग्न में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही कपाट खुलेंगे, वैसे ही हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। पूरे क्षेत्र में यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुस्तैद नजर आ रहा है।
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अग्रवाल सम्मेलन में गर्ग पर गबन के आरोप, खुला पत्र से स्थिति स्पष्ट

Noida, Uttar Pradesh:नारनौल | अग्रवाल सम्मेलन में घमासान, गर्ग पर गबन के आरोप, खुला पत्र जारी कर बोले– दुष्प्रचार बेबुनियाद, पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन में आरोप-प्रत्यारोप के बीच विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग पर गबन और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर गर्ग ने खुला पत्र जारी कर सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। हरियाणा से संचालित बताए जा रहे अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन में इन दिनों अंदरूनी विवाद तेज हो गया है। संगठन, जिसमें देश के कई राज्यों के व्यापारी और समाजसेवी जुड़े हैं, अब आरोपों और सफाई के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग पर सैकड़ों किलो चांदी, करोड़ों रुपये और जमीन से जुड़े कथित गबन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी भी आधिकारिक जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। आरोप क्या हैं और किसने लगाए रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी संस्था के आजीवन सदस्य सत्यनारायण मित्तल ने सबसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संगठन में सैकड़ों किलो चांदी, करोड़ों रुपये और जमीन से जुड़े लेन-देन में अनियमितताएं हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के संविधान के अनुसार करीब 6 साल की अवधि में चुनाव और बैठकें आयोजित होनी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने पदाधिकारियों की नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी और रिश्तेदारों को पद देने जैसे आरोप भी लगाए हैं। इसके अलावा संगठन के कुछ अन्य असंतुष्ट सदस्यों ने भी कार्यप्रणाली, वित्तीय लेन-देन और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सभी आरोप बेबुनियाद तथ्यहीन - गोपाल शरण गर्ग गोपाल शरण गर्ग ने इन सभी आरोपों को “तथ्यहीन और बेबुनियाद” बताते हुए खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास “एक ग्राम चांदी भी नहीं है” और संगठन के नाम पर जो भी चांदी घोषित या दी गई, वह विनीत गोयल और मोहित बंसल के पास अग्रोहा के लॉकर में सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के कारण उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और ऐसे लोगों के खिलाफ मानहानि का दावा किया जाएगा। खुला पत्र जारी कर दी सफाई gर्ग ने समाज के नाम जारी अपने पत्र में कहा कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर उनके खिलाफ बिना तथ्यों के दुष्प्रचार किया जा रहा है, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज द्वारा मंदिर निर्माण और सामाजिक कार्यों के लिए दिए गए योगदान का पूरा विवरण कार्यालय में पारदर्शी रूप से उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी व्यय के लिए चेक पर हस्ताक्षर का अधिकार केवल महासचिव और कोषाध्यक्ष को ही होता है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बनी रहती है। गर्ग ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि सभी कार्यों का लेखा-जोखा हर राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक और आम सभा में प्रस्तुत कर सर्वसम्मति से पारित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 15 मार्च 2026 को अग्रोहा शक्ति पीठ में आयोजित बैठक में उन्होंने अपना त्यागपत्र भी दिया था, जिसे सर्वसम्मति से अस्वीकार कर उनके नेतृत्व को पुनः स्वीकार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई संदेह है तो चुनाव के बाद प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समक्ष पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं。 आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं: फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और आरोपों के बीच सच्चाई स्पष्ट नहीं हो पाई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा की जा रही है。
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छपरा-कोलकाता ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन शुरू, 22 कोच के साथ दो-फेरों वाला संचालन

Chapra, Bihar:छपरा से कोलकाता के बीच ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और यात्रा पहले से अधिक सुलभ होगी। पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 05156/05155 छपरा-कोलकाता-छपरा ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी का संचालन 2-2 फेरों के लिए किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 05156 छपरा-कोलकाता स्पेशल ट्रेन 20 एवं 27 अप्रैल 2026 को प्रत्येक सोमवार को छपरा से दोपहर 3:10 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दिघवारा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्द्धमान, बैण्डेल एवं नैहाटी होते हुए अगले दिन सुबह 6:15 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वहीं वापसी में 05155 कोलकाता-छपरा स्पेशल ट्रेन 21 एवं 28 अप्रैल 2026 को प्रत्येक मंगलवार को कोलकाता से सुबह 8:25 बजे प्रस्थान कर उन्हीं प्रमुख स्टेशनों से होते हुए रात 11:10 बजे छपरा पहुंचेगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें सामान्य द्वितीय श्रेणी, शयनयान, वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी, एसी थर्ड, एसी सेकंड तथा एसी फर्स्ट/सेकंड श्रेणी के कोच शामिल होंगे। इसके अलावा लगेज एवं जनरेटर कोच की भी व्यवस्था रहेगी। रेलवे के इस फैसले से छपरा और आसपास के क्षेत्रों से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को गर्मी के मौसम में काफी सहूलियत मिलेगी।
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शेखपुरा के 10 पैक्स में मतदान सुबह सात बजे से जारी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा के 10 पैक्स में से सात पैक्स में मतदान की प्रक्रिया सुबह सात बजे से जारी है। मतदान अपने मताधिकारी का प्रयोग करने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी कड़ी में शेखपुरा सदर प्रखंड के औधे मध्य विद्यालय मतदान केंद्र में सुबह से ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुँचे हैं। पैक्स चुनाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। वही, शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराए जाने को लेकर डीएम सहित शीर्ष अधिकारी मतदान केंद्र पहुँचे और लोगों से शांति व्यवस्था के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। इस मौके पर जिला प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में पुलिस जवान शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में लगे हैं। गौरतलब है कि जिले के 10 पैक्स में चुनाव होना है जिसमें तीन पैक्स गगरी, पैन और चकंद्रा का पहले निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। जबकि सदर प्रखंड के औंधे और कोसरा, बरबीघा प्रखंड में सर्वा, घटाकुसुम्भा प्रखंड के पानापुर और भदौसी, चेवाड़ा प्रखंड के लहना और शेखोपुसराय नगर पंचायत के शेखोपुसराय 02 में मतदान की प्रक्रिया जारी है और चार बजे मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आज ही मतों की विविध प्रखंड मुख्यालय में देर शाम से शुरू होगा।
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जानलेवा जाम से नहीं मिलती दिख रही मानपुर को राहत प्रशासनिक सख्ती के बाद भी हालात बद्तर।

Ashutosh TripathiAshutosh TripathiFollow13m ago
Manpur, Madhya Pradesh:*मानपुर जाम से बेहाल: चार साल में वादे ठंडे, व्यापार चौपट, अफसर सड़क पर—फिर भी समाधान नहीं* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।
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