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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow22 Nov 2024, 12:38 pm
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डिज़ेल संकट से गैस सिलेंडर सप्लाई प्रभावित, जलगांव के पंपों पर लंबी कतारें

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव एकीकडे डिझेल टंचाई मोठ्या प्रमाणात असेल याची झळा जे आहे घरगुती गॅस वाहणाऱ्यांना ट्रकला देखील बसलेला पाहायला मिळतो जळगावातील राष्ट्रीय महामार्गाला लागून असलेला एकाच पेट्रोल पंपावर गॅस सिलेंडर पुरवठा करणारी भारत पेट्रोलियम कंपनीची तब्बल 10 वाहने रांगेत उभी.. सकाळी सिलेंडरचा पुरवठा करणाऱ्या कंपन्यांची गॅस सिलेंडरची वाहने देखील पंपासमोर रांगेत उभी.. डिझेल तुटवड्याचा गॅस सिलेंडरचा पुरवठा तसेच वाहतूक करणाऱ्या वाहनांवर देखील मोठा परिणाम झाला आहे.. डिझेलच्या समस्येमुळे वेगवेगळ्या जिल्ह्यांमध्ये होणारा गॅस सिलेंडरचा पुरवठा ठरल्या वेळेपेक्षा उशिराने होत असल्याची चालकाची माहिती वेळेवर डिझेल मिळत नसल्यामुळे चालकाला 8 तास भर उन्हात रांगेत उभं राहावं लागत असल्याची चालकांची माहिती... पुरवठा करण्यापेक्षा सर्वाधिक वेळ वेगवेगळ्या जिल्ह्यांमध्ये डिझेल साठी रांगांमध्ये उभे राहण्यात खर्च होत असल्याची चालकांची प्रतिक्रिया अत्यावश्यक सेवा असल्याने गॅस सिलेंडर पुरवठा करणाऱ्या वाहनांना स्वतंत्रपणे आणि वेळेत डिझेल पुरवठा करावा अशी मागणी डिझेल तुटवड्यामुळे गॅस सिलेंडरचा वाहतुक करणाऱ्या वाहनांना उशीर होत असल्याने काही प्रमाणात सिलेंडर पुरवठा विस्कळीत झाल्याचे चित्र पाहायला मिळत आहे याच ठिकाणांना आढावा घेतला आमचे प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी..
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गांव में शराब दुकान खोलने के विरोध के बीच सुशासन शिविर में ग्रामीणों का प्रदर्शन

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर. सुशासन शिविर के सामने ढोल नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया गया. बिना मांगे शराब दुकान खोला जा रहा है और मांगने के बाद भी कॉलेज नहीं खुलने का आरोप. कोटा विधानसभा के ग्राम पंचायत मिठू नवागांव में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया जिसका विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला द्वारा दी गई. झूलसती गर्मी में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन सरकार विरोधी नारे लगाते हुए शिविर स्थल ढोल नगाड़े हुए पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण जन अपने मांगो की दफ्ती लेकर नारे लगाते रहे. पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि सरकार बिना मांगे गाँवों में शराब दुकान खोल रही है और मांगने के बाद भी कॉलेज और सहकारी बैंक नहीं खोल रहे हैं. सरकार नहीं चाहती कि लोग पढ़े लिखें और सक्षम बनें इसलिए सरकार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करती है. उन्होंने कहा कि ज़ब मुख्यमंत्री की घोषणा पर एक साल बाद भी अमल नहीं हुआ है तो आम जनता के आवेदन का क्या निराकरण किया जायेगा. शुक्ला ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री कहते हैं कि डीजल पेट्रोल की बचत करना है वर्क फ्रॉम होम करना है वही दूसरी तरफ सैकड़ों गाड़ियाँ शिविर में पहुंच कर ईंधन की बर्बादी कर रहे हैं. अगर यही अधिकारी अपने कार्यालय में ईमानदारी से काम करें तो किसी भी प्रकार के सुशासन शिविर लगाने की जरूरत नहीं है. शिविर में प्रदर्शन की आशंका देखते हुए पुलिस फोर्स की चौकसी व्यवस्था की गई थी. प्रशासन को आशंका थी कि पूर्व मैं एवं बहेरा मुड़ा ग्राम में शिविर में पूर्व जनपद अध्यक्ष द्वारा खूब हो हल्ला-हंगामा किया गया था उस घटना की पुनरावृत्ति न हो इसलिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, SDOP नूपुर उपाध्याय, तहसीलदार रोशन साहू एवं पुलिस के बाकी अधिकारी शुक्ला को घेरे रहे. अपने ज्ञापन में मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में घोषित कॉलेज खोलने, बेलगहना में सहकारी बैंक शाखा, किसानों को भू अर्जन प्रकरण मुआवजा, आघोषित बिजली कटौती, वित्त मंत्री द्वारा आवास कार्य के लिए रेत फ्री घोषणा पर अमल, आदि मुद्दों को तत्काल निराकरण की मांग रखी गई और समय सीमा तय करने की बात कही और मांगे पूरी न होने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी. सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित थे
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नरवाई की आग से किसान की मौत: अमरपाटन के ओबरा में दर्दनाक हादसा

Maihar, Madhya Pradesh:मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ओबरा में नरवाई की आग ने एक किसान की जान ले ली। खेत में लगी आग बुझाने के दौरान किसान गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार ग्राम ओबरा निवासी मनसुख कुशवाहा खेत में लगी नरवाई की आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अचानक आग ने विकराल रूप ले लिया और किसान उसकी चपेट में आ गया। आग इतनी तेज थी कि मनसुख कुशवाहा गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और घायल किसान को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह काफी जल चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी फिलहाल आग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है。
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निवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास पुलिसकर्मी ने ट्रेन के सामने खुदकुशी कर ली

Niwari, Madhya Pradesh:निवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे पटरी पर एक पुलिसकर्मी ट्रेन के सामने कूद कर की खुदकुशी, मौके पर एक स्कूटी भी खड़ी मिली है, जिस पर पुलिस लिखा हुआ था, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, वही मृतक की पहचान कुलदीप गौतम के रूप में हुई है, जो तरीचर कला चौकी में ड्राइवर के पद पर पदस्थ थे और निवाड़ी पुलिस कॉलोनी में परिवार सहित रहते थे, बताया जा रहा है कि पारिवारिक जमीनी विवाद के चलते सिपाही तनाव में चल रहा था, मृतक ने रात में तरीचर कला चौकी प्रभारी से घर जाने के लिए छुट्टी का आवेदन दिया था और चौकी से घर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन बाद में यह खौफनाक कदम उठा लिया, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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खूंटी में एसआईआरबी-2 बटालियन के वेतन-यात्रा मद से 22.69 लाख की फर्जी निकासी

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले में 22 लाख 69 हजार 657 रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है. सारिडकेल स्थित एसआईआरबी-2 बटालियन में वेतन और यात्रा मद से अवैध निकासी हुई. प्राथमिकी दर्ज की गई है. जांच के अनुसार दिसंबर 2019 से अगस्त 2021 के बीच कुल 28 बार फर्जी ट्रांजेक्शन हुए. 26 बार वेतन मद और दो बार यात्रा मद से निकासी. वर्ष 2019-20 में 7 ट्रांजेक्शन से 5 लाख 43 हजार 696 रुपये, वर्ष 2020-21 में 18 ट्रांजेक्शन से 13 लाख 32 हजार 294 रुपये और वर्ष 2021-22 में 3 ट्रांजेक्शन से 3 लाख 93 हजार 667 रुपये निकासी हुई. जांच तीन सदस्यीय टीम ने की. टीम में अपर समाहर्ता परमेश्वर मुंडा, कार्यपालक दंडाधिकारी विपिन चंद्र विश्वास और कोषागार पदाधिकारी शिव कुमार सिंह शामिल थे. 13 मई को उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी गई; 14 मई के निर्देश के बाद गुरुवार प्राथमिकी दर्ज की गई. एक और खुलासा था कि आरोपी ने फर्जी निकासी के लिए पांच नामों का इस्तेमाल किया—बसनित कुमार बिरजिया, विशाल सबर, रेजिना समद, शर्माजी पहाड़िया और विजय माल्तो; सभी राशि एक ही खाते में ट्रांसफर हुई, जो शुभम नाम के व्यक्ति के खाते के रूप में बताया गया, जिसका पता बिहिटा, पटना है. लेखापाल और शुभम पर केस दर्ज किया गया. आरोपी अकाउंटेंट छुट्टी के नाम पर फरार बताया जा रहा है. प्रशासन ने भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए निगरानी और कार्यशाला आयोजित करने की बात कही है.
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उधमपुर में नशा तस्कर त्रिलोचन चंद की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर

Jammu, जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का बड़ा अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के चेनानी इलाके में पुलिस ने कुख्यात नशा तस्कर त्रिलोचन चंद की अवैध संपत्ति पर बुलडोज़र चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा。 चेनानी के डीएसपी सुखवीर सिंह ने बताया कि त्रिलोचन चंद के खिलाफ पहले से कई शिकायतें दर्ज थीं और पुलिस द्वारा उसकी काउंसलिंग भी की गई थी, ताकि वह नशे के कारोबार से दूरी बना सके। लेकिन इसके बावजूद वह लगातार नशा तस्करों के संपर्क में बना रहा और अवैध गतिविधियों में शामिल पाया गया。 पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि त्रिलोचन चंद ने गैर-कानूनी तरीके से सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध निर्माण को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया。 पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जामिया नगर में सोशल मीडिया से रेप और धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला

Delhi, Delhi:दिल्ली के जामियानगर थाना इलाके में रेप और धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी ने हिंदू दलित युवती से इंस्टाग्राम के जरिए नजदीकियां बढ़ाईं और 3 महीने बाद प्रेम जाल में फंसाकर मिलने के लिए बुलाया. वहां नशीला पदार्थ देकर रेप किया गया. पीड़िता के विरोध पर उसका धर्मांतरण कर निकाह कर दिया गया और उसे रिश्तेदारों के हवाले कर दिया गया गया. घटना के बाद पीड़िता का बयान दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है; मुख्य आरोपी फहीम पहले से जेल में है. बताया गया है कि फहीम असली पहचान साहिल के नाम से इंस्टाग्राम चला रहा था. उसके खिलाफ मेरठ और दिल्ली में कई मामले दर्ज हैं. फिलहाल दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी की है; आरोपी का माता-पिता, भाई और मौलवी भी गिरफ्तार हुए हैं. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.
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झारखंड कांग्रेस विरोध Рос: आदिवासी समागम और सरना धर्म कोड पर हंगामा

Ranchi, Jharkhand:रांची कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर 24 मई को दिल्ली में जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा आयोजित जनजाति समागम का विरोध किया गया , विरोध करते हुए कहा ये आरएसएस से जुड़ा हुआ कार्यक्रम है। साथ ही सरना धर्म कोड की मांग और डीलिस्टिंग का विरोध किया कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, 24 मई को दिल्ली में बीजेपी की मातृ संगठन आरएसएस के द्वारा आदिवासी समागम आयोजित किया जा जहां आदिवासी अस्मिता को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। मंच के नाम पर सम्मान और जमीन पर संघर्ष जुड़ा है। आदिवासी शब्द के बजाए ये वनवासी शब्द का प्रयोग करते हैं जो आदिवासी बिरासत को समाप्त करता है। ये समागम जरूर करते हैं पर आदिवासी सिमटते हुए जंगल कटते गए ये कैसा है अभियान। हमने सरना धर्मकोड की मांग किया है।।एक तरफ हम पशुओं की गणना करते हैं और हम सरना धर्म कोड की मांग करते हैं तो वो इनकार करते हैं। आदिवासियों के अस्तित्व और पहचान को समाप्त करना है इसी लिए इस तरह के समागम कर रहे हैं। ये कटुता फैला रहे। केंद्र की।सरकार शुतुरमुर्ग की तरह भी। आदिवासियों के मूल अधिकार जल जंगल जमीन के बारे में सोचे। जो समागम आयोजित हो रहा हम विरोध करते हैं। विधायक रामेश्वर उरांव ने कहा डीलिस्टिंग की बात कर रहे हैं और उसके नाम पर समागम कर रहे हैं। जो क्रिश्चिन बन गए ट्राइबल उनको ट्राइबल से हटाने की बात हो रही ये कानून संवत नहीं है। अभी हम एक हैं क्रिश्चियन भी उरांव और हम भी उरांव । झारखंड में हमने कहा सरना धर्म कोड पास करवा कर भेजे हैं वो क्यों नहीं देते , आदिवासी किसी सूरत में हिन्दू नहीं ,आदिवासी को कहां रखना चाहते हैं शुद्र में हम कतई नहीं रहेंगे। सनातन धर्म वैदिक धर्म है। हम दिल्ली में होने वाले समागम का विरोध करते हैं विधायक दल उपनेता राजेश कच्छप ने कहा हमारी व्यथा है उसे सबों ने रखा है। कानूनन संवैधानिक रुप से हम क्या है रामेश्वर उरांव ने बताया। पर 24 मई को जो संस्कृतिक समागम किया जा रहा आदिवासियों को समाप्त करने का सुनियोजित काम है। अगर आप हमें वनवासी का दर्जा दे रहे हैं तो जो स्थिति प्राइमेटिव ट्राइब्स की है उस हालत में हमको फिर से लाना चाहते हैं।।सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी किया है इस देश में आदिवासी मूलवासी है। बीजेपी की जो मानसिकता है , आदिवासी शब्द को समाप्त करना चाहती है। अगर बीजेपी में हिम्मत है तो आदिवासी को ब्राह्मण कह कर देखें, हमारी अपनी पूजा पद्धति है। जंगल और प्रकृति को मानने वाले आदिवासी हैं। डीलिस्टिंग के माध्यम से आदिवासियों को संविधान द्वारा को संरक्षित किय गया है ,डीलिस्टिंग के द्वारा हम को समाप्त करना चाहते हैं। जनजातीय सुरक्षा मंच के द्वारा जो सम्मेलन हो रहा उसका हम विरोध करते हैं। हम को हम जहां हैं वहां रहने दिया जाए। 24 मई को दिग्भ्रमित और बांटने की साजिश बीजेपी के द्वारा जनजातीय सुरक्षा मंच के द्वारा किया जा रहा है हम उसका विरोध करते हैं。 डी एन चंपिया ने कहा, हम लोग इसका विरोध करते हैं , आरएसएस के लोग कहते हैं आदिवासी, हिन्दू हैं जबकि आदिवासी हिन्दू नहीं हैं। जिन लोगों का धर्म हमेश से बदलता रहा ये लोग विदेशी हैं, शुरु में वैदिक, आर्य, सनातन इतनी बार ये अपना धर्म बदला है, अपने धर्म के साथ अडिग नहीं रह सकता। हम हिंदू धर्म को नहीं मानते, राम को नहीं मानते कृष्ण को नहीं मानते फिर भी हम जिंदा हैं। हम काल्पनिक की पूजा नहीं करते । हम जिंदा में भी परिवार के साथ रहते हैं और मरने के बाद भी परिवार के साथ रहते हैं। हम लोग आदिवासी समाज में मां बाप को भगवान मनाते हैं।
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Barabanki: फतेहपुर में महिला का शव फंदे से लटका मिला: 4 साल पहले पति का हुआ था निधन l

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Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के बसारा गांव में गुरुवार रात एक महिला का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान बसारा गांव निवासी पूनम देवी (40) पत्नी स्वर्गीय राजेश कुमार के रूप में हुई है। वह पिछले कई वर्षों से अपने सास-ससुर के साथ रह रही थीं। उनके पति राजेश कुमार का करीब चार वर्ष पहले निधन हो चुका था, जिसके बाद से पूनम देवी परेशान रहती थीं। ग्रामीणों के अनुसार, पूनम देवी दो दिन पहले ही रिश्तेदारी से घर लौटी थीं और सामान्य रूप से परिवार के साथ रह रही थीं। गुरुवार शाम घर के लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे। जब परिजन वापस लौटे और कमरे की ओर गए, तो उन्होंने पूनम देवी का शव फंदे से लटका देखा। घटना की सूचना फतेहपुर पुलिस को दी गई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि अभी तक किसी ठोस कारण का पता नहीं चल सका है। मृतका की कोई संतान नहीं थी। फतेहपुर कोतवाल अमित प्रताप सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हाईकोर्ट के निर्देश: राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक अनिवार्य

Jaipur, Rajasthan:निकाय पंचायत चुनाव को लेकर कोर्ट के आदेश के मामले को कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कोर्ट ने सरकार को चुनाव कराने के आदेश दिए हैं लेकिन बीजेपी पर भरोसा नहीं है सरकार ने पहले भी कोर्ट के आदेश नहीं माने थे कोर्ट जब तक सरकार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा तब तक यह लोग नहीं सुधरेंगे....खाचरियावास ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कोर्ट के आदेश नहीं मानती है। बीजेपी चुनाव में जाने से डरती है। क्षेत्रों में बयान जारी कर कहा लोकतंत्र पर ताला लगाने वालों पर हाईकोर्ट का करारा तमाचा...राजस्थान हाईकोर्ट ने आज लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए 31 जुलाई 2026 तक पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने OBC आयोग को 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने और तय समयसीमा में चुनाव कराने को कहा है।ये फैसला भाजपा सरकार की लगातार बहानेबाज़ी और संवैधानिक जिम्मेदारियों से भागने की सिसायत पर करारा तमाचा है। भाजपा सरकार करीब 2 वर्षों से कभी वन स्टेट-वन इलेक्शन, कभी OBC आयोग की रिपोर्ट-आरक्षण प्रक्रिया, कभी कार्मिकों की कमी, कभी भीषण गर्मी-मानसून, तो कभी शैक्षणिक सत्र का हवाला देकर चुनाव टालती रही है।जबकि कोर्ट ने इससे पहले 14 नवंबर 2025 को भी स्पष्ट आदेश दे दिए थे कि निर्वाचन आयोग 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराए। लेकिन भाजपा सरकार ने जानबूझकर आदेशों की अनदेखी की और संवैधानिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने का काम किया।सच ये है कि भाजपा को जनता के वोट और जनादेश से डर लगता है। इसलिए चुनी हुई स्थानीय सरकारों को खत्म कर सत्ता अफसरों के हाथ में सौंप रही है। राजस्थान में पहले कभी चुनाव टालने की ऐसी परंपरा नहीं रही। केवल कोरोना जैसी असाधारण परिस्थितियों में सीमित देरी हुई, वो भी न्यायालय की अनुमति से। लेकिन भाजपा सरकार ने लंबे समय तक पंचायतों और नगर निकायों को जनप्रतिनिधियों से खाली रखकर संविधान की भावना और लोकतंत्र दोनों को कमजोर किया है।हाईकोर्ट का ये फैसला सिर्फ़ एक कानूनी आदेश नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का संदेश है। भाजपा सरकार अब बहाने बनाकर बच नहीं सकती, 2 साल से कुशासन झेल रही जनता भाजपा सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है।
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