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Anurag SinghAnurag SinghFollow10 May 2025, 03:21 pm

Gonda - क्षेत्रीय विधायक के प्रयास व चेयरमैन प्रतिनिधि के नेतृत्व में सरयू घाट के सौन्दर्यीकरण का कार्य शुरू

Colonelganj, Uttar Pradesh:कर्नलगंज के लोकप्रिय विधायक अजय सिंह तथा अध्यक्ष प्रतिनिधि रामजीलाल मोदनवाल के प्रयासों के चलते क्षेत्र के प्रसिद्ध सरयू नदी के तट पर सुंदरीकरण का कार्य तेजी से शुरू किया गया है। जिसको लेकर अध्यक्ष प्रतिनिधि रामजीलाल मोदनवाल ने जानकारी देते हुए बताया की क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह के प्रयास के चलते सरयू नदी के तट पर नए घाट का निर्माण व इंटरलॉकिंग तथा लाल पत्थर लगाकर घाट को स्वच्छ और सुंदर बनाने का कार्य किया जा रहा है। यही नहीं जल्द ही सकरौरा घाट पर भी सुंदरीकरण का कार्य शुरू होगा।
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फरीदाबाद जिला परिषद के सीईओ के खिलाफ पार्षदों का गुस्सा, मीटिंग छोड़ने पर हंगामा

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद जिला परिषद की सीईओ शिखा अंतिल के खिलाफ सदस्यों का फूटा गुस्सा सीईओ पर सरकार की छवि खराब करने का लगाया आरोप । पार्षदों की सुनबाई न करने और बैठक को बीच में छोड़ कर जाने का आरोप । पार्षदों ने कहा कि सीईओ शिखा जानबूझकर सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही हैं । पार्षदों ने कहा कि वह सरकार की नीति और सोच के अनुसार इलाके में काम करना चाहते हैं लेकिन जिला परिषद की सीईओ काम को लटकाने में विश्वास रखती हैं । यही वजह है कि पिछली कई मीटिंग में उनके द्वारा जो प्रस्ताव पास किए गए उन पर अभी तक कोई काम नहीं किया गया है । इसी बात को लेकर जब उनसे सवाल किए गए तो वह मीटिंग को बीच में छोड़कर चली गई । पार्षद अब इस बात से बेहद नाराज है और इस संबंध में पहले डीसी और फिर मुख्यमंत्री को शिकायत देने की बात कह रहे हैं ।
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लखवाड़ जलविद्युत परियोजना: 300 मेगावाट से उत्तराखण्ड में ऊर्जा और विकास को बल

Noida, Uttar Pradesh:करीब 5,747 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन लखवाड़ बहुद्देशीय जलविद्युत परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर सरकार का फोकस लगातार बना हुआ है। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को परियोजना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि लखवाड़ बहुद्देशीय जलविद्युत परियोजना उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने पर 300 मेगावाट बिजली उत्पादन के साथ-साथ सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बाढ़ प्रबंधन में भी बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों को भी इस परियोजना का लाभ मिलेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, बेहतर समन्वय और निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से प्रदेश की ऊर्जा क्षमता मजबूत होगी, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
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चमोली के नारायण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले; महिला पुजारी ने नेतृत्व किया

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:चमोली जनपद के प्रसिद्ध फूलना नारायण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत खुल गए। लगभग 10,000 फीट ऊँचाई पर स्थित यह प्राचीन मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि यहाँ पुरुष पुजारी के साथ-साथ महिला पुजारी भी भगवान नारायण की सेवा करती हैं। सदियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। मंदिर में भगवान नारायण चतुर्‍णु रूप में विराजमान हैं, माता महालक्ष्मी और जय-विजय द्वारपाल के रूप में उनके साथ उपस्थित हैं। क्षेत्रपाल, घंटाकर्ण और नन्दा-सुनन्दा देवियों की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है। भगवान नारायण को सातूं वाड़ी का भोग अत्यंत प्रिय माना जाता है। पूजा-pद्धति आज भी ऋषि परंपरा के अनुसार संपन्न होती है। कपाट खुलने और बंद होने की परंपरा: हर साल श्रावण संक्रांति के आस-पास कपाट खुले जाते हैं और नnda अष्टमी की नवमी तिथि को बंद कर दिए जाते हैं। यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। मंदिर में पुजारी नियुक्ति की परंपरा विशेष है; भरकी, पिलखी, गंवाणा और अरोसी गांवों के लोग बारी-बारी से हर वर्ष एक परिवार को पुजारी नियुक्त करते हैं। इस वर्ष मंदिर के पुजारी अशिष पंवार और महिला पुजारी आनंदी देवी हैं। खास बात यह है कि भगवान नारायण के श्रृंगार का अधिकार महिला पुजारी को ही होता है। चारों ओर घने जंगलों और हरियाली से घिरा यह मंदिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। यात्रा मार्ग: ऋषिकेश से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से हेलंग तक लगभग 240 किमी; हेलंग से उर्गम होते हुए भरकी तक लगभग 14 किमी सड़क मार्ग; इसके बाद लगभग 5 किमी पैदल यात्रा कर मंदिर तक पहुंचा जाता है। मंदिर परिसर में सामान्य ठहरने की व्यवस्था रहती है; भोजन के लिए भंडारे की व्यवस्था भी हो जाती है, श्रद्धालुओं को अपनी सामग्री और गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी जाती है; भरकी गांव से गाइड भी उपलब्ध होते हैं।
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झुंझुनूं के BDके अस्पताल में डॉक्टर-परिजनों के बीच बहस वायरल, अस्पताल ने अस्वीकार नहीं किया जवाब

Jhunjhunu, Rajasthan:हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते है। झुंझुनूं बीडीके अस्पताल में डॉक्टर और मरीज पक्ष के बीच विवाद अस्थि रोग विभाग में हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल वायरल वीडियो में डॉ. जगदेव सिंह और परिजनों के बीच बहस मरीज पक्ष ने उपचार में लापरवाही का लगाया आरोप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में चर्चा का विषय बना मामला झुंझुनूं जिले के जिले के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल बीडीके के अस्थि रोग विभाग में चिकित्सक और मरीज के परिजनों के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप होते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि हम नही करते है।बताया जा रहा है कि विवाद जिला अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में उपचार के दौरान हुआ। वीडियो में मरीज पक्ष चिकित्सक पर लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताता दिखाई दे रहा है। वहीं चिकित्सक भी परिजनों से तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदेव सिंह और मरीज के परिजनों के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। इस दौरान परिजनों ने उपचार में लापरवाही और उचित जानकारी नहीं देने के आरोप लगाए।घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते है।
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ग्वालियर: अपहरण की सूचना झूठी, पारिवारिक विवाद के कारण महिला मायके लौट आई

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर ब्रेकिंग महिला का हुआ अपहरण अपहरण की सूचना से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप घेराबंदी कर पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा महिला संजू,पति पुष्पेंद्र, चचिया ससुर भोगीराम,देवर संदीप,पड़ोसी कल्याण और कार चालक रामवीर से हुई पूछताछ जांच में अपहरण नहीं बल्कि निकला पारिवारिक विवाद पति से झगड़े के बाद महिला ने तीन दिन से छोड़ा था खाना ससुराल पक्ष जबरन महिला को मायके छोड़ने ले जा रहा था ग्रामीणों ने अपहरण की आशंका जताकर पुलिस को दी सूचना पुलिस ने महिला और पांच लोगों को थाने लाकर की पूछताछ पूछताछ में सामने आई हकीकत अपहरण की आशंका निकली गलत महिला की सुरक्षा सुनिश्चित कर मामले की जांच जारी बिजौली थाना क्षेत्र के वीरम गांव का मामला
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सूरजगढ़ विरोध मार्च: ज्ञापन देकर मांगें पूरी करने की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:सूरजगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। विभिन्न मांगों को लेकर झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जल्द मांगें पूरी करने की मांग की। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि वर्षों से निरंतर सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने मानदेय में वृद्धि करने तथा सेवा शर्तों में सुधार की भी मांग की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा अन्य विभागों के भी कई कार्य सौंप दिए जाते हैं, जिससे मूल कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की कि गैर-विभागीय कार्य नहीं दिए जाएं। यदि अतिरिक्त कार्य कराया जाता है तो उसके लिए अलग से पारिश्रमिक दिया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन निजी अथवा सरकारी विद्यालयों में नहीं किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ सकें और उन्हें योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश घोषित किए जाते हैं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटे बच्चों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश संबंधी नीति लागू करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।
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