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करनाल नागरिक अस्पताल में घंटों बिजली कट से भर्ती मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं

Karnal, Haryana:करनाल अस्पताल की धड़कन थमी, बिजली संकट से स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर ,देर रात 4 से 5 घंटे के अघोषित बिजली कट से ट्रॉमा सेंटर, ICU और प्रसूति वार्ड प्रभावित ,नवजात बच्चों को लेकर बाहर बैठे परिजन, गंभीर मरीजों को कल्पना चावला अस्पताल किया जा रहा शिफ्ट करनाल : देर रात करनाल के नागरिक अस्पताल में कई घंटों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो गईं। अघोषित बिजली कट ने अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू, प्रसूति कक्ष सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों में बिजली नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन गए कि नवजात बच्चों को लेकर परिजन वार्डों के बाहर इंतजार करने को मजबूर दिखाई दिए। क्रिटिकल वार्डों पर सबसे ज्यादा असर, प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी: अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के लगाए गए लंबे अघोषित बिजली कट के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सीएमओ सहित अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू और अन्य सभी क्रिटिकल विभागों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। फिलहाल सभी गंभीर विभागों की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर वेंटिलेटर और अत्यधिक गंभीर मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है। बिजली बहाल नहीं हुई तो निजी जनरेटर होंगे विकल्प : डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने अगले कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल होने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद यदि बिजली जल्द शुरू नहीं होती है तो अस्पताल प्रशासन निजी जनरेटर की व्यवस्था करेगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखी जा सकें। बिजली विभाग की चुप्पी ने बढ़ाई चिंता : सबसे बड़ी बात यह है कि बिजली विभाग की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इतना लंबा बिजली कट किस कारण लगाया गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गई थी, जिससे वैकल्पिक व्यवस्थाएं समय रहते नहीं की जा सकीं। प्रसूति वार्ड में सबसे अधिक परेशानी, परिजनों की बढ़ी चिंता : प्रसूति विभाग में भर्ती महिलाओं के परिजनों ने बताया कि कई घंटों से बिजली नहीं होने के कारण भीषण गर्मी में मरीजों की हालत खराब हो रही है। वार्ड के अंदर नवजात बच्चे हैं और प्रसव के बाद भर्ती महिलाएं बाहर भी नहीं आ सकतीं। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनकी गर्भवती बहू का ऑपरेशन होना था, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण ऑपरेशन प्रभावित हो गया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इतनी लंबी बिजली कटौती बेहद चिंताजनक है। बाइट : डॉ. दीपक गोयल — वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ), करनाल नागरिक अस्पताल बाइट - अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन
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मेड़ता के जिला अपर न्यायालय को बम धमकी: कोर्ट परिसर खाली, पुलिस अलर्ट

Nagaur, Rajasthan:मेड़ता जिला अपर न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट परिसर कराया गया खाली मेड़ता सिटी (नागौर) मेड़ता स्थित जिला अपर न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और दमकल की गाड़ियां कोर्ट परिसर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने मुनादी कर न्यायालय परिसर को तत्काल खाली कराया और पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी शुरू कर दी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जिला अपर न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसके चलते प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के बजाय पूरी सतर्कता के साथ सुरक्षा व्यवस्था में जुटा हुआ है।
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फाल आर्मी वर्मी से मक्की बर्बाद, हमीरपुर किसान घबराए, विभाग सतर्क

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर जिला के किसानों के माथे पर आजकल मक्की की फसल खराब होने के चलते चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं। फाल आर्मी वर्मी कीट नामक बीमारी के चलते पिछले कुछ दिनों से खेतों में लहलहाती मक्की की फसल खराब हो रही है और फाल आर्मी वर्मी किट के द्वारा मक्खी के पौधे को नष्ट किया जा रहा है जिससे किसान बहुत चिंतित है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश भर में ही फ़ाल आर्मी कीट ने फसल पर हमला किया है। कृषि विभाग हमीरपुर में किसानों को सही ढंग से छिड़काव कर करने के सात एहतियात बरतने की सलाह दी है। हमीरपुर कृषि विभाग के उपनिदेशक डीडी शर्मा ने बताया कि प्रदेश की हर जिला में ही फाल आर्मी वर्मी कीट मैं मक्की की फसल पर हमला किया है और इसके चलते मक्की की फसल खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में ही फसल उगाने पर किसानों को मककी के पौधे का निरीक्षण करना चाहिए था ताकि यह बीमारी ज्यादा न पनप पाती। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की खंड स्तरीय व जिला स्तरीय टीम जिन क्षेत्रों में मक्की की फसल पर किट का हमला हो रहा है वहां पर दौरा कर किसानों को जागरुक कर रहे हैं।
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खेत जुताई के दौरान ट्रैक्टर पलटने से युवक मौत, ग्रामीणों ने सड़क जाम किया

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में खेत जुताई के दौरान हुए हादसे में एक ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर से दबकर मौत हो गई। मृतक की पहचान हुसैनाबाद गांव निवासी 30 वर्षीय कैलू यादव के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शेखपुरा आढ़ा मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम किया। सड़क जाम के कारण गाड़ियों की लंबी कतार लग गया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय अरियरी थाना मौके पर पहुंच लोगो को समझा बुझाकर सड़क जाम हटाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है। बताया जाता कि खेत जुताई के दौरान एक ट्रैक्टर फंस गया जब दूसरे ट्रैक्टर से फंसे ट्रैक्टर को बाहर निकलने की कोशिश किया गया तो ट्रैक्टर पलट गया और दबने से युवक की मौत हो गई।
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झारखंड की ब्यूरोक्रेसी पर नेताओं की बयानबाजी जारी

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में फिलहाल अधिकारियों को लेकर राजनीतिज्ञों की बयानबाजी थम नहीं रही है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के बाद कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने भी झारखंड के ब्यूरोक्रेशी को लेकर बयान देते हुए कहा, झारखंड के ब्यूरोक्रेट ना छोड़ कर हां नहीं जानते हैं। कांग्रेस नेता की मानें तो राज्य के अधिकारियों को हां कहने की आदत नहीं है। झारखंड में इन दिनों बयानबाजी की बात करें तो झारखंड के वित्त मंत्री के बाद कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने भी कहा झारखंड की मजबूरी और झारखंड में जो मुख्यमंत्री बनते हैं उनकी मजबूरी होती है, कि मॉनिटरिंग करे तो कितना करे, यहां के ब्यूरोक्रेट ना छोड़ कर हां नहीं जानते हैं, एकदम हां नहीं जानते हैं। इस राज्य की बदहाली का सिर्फ जिम्मेवार है तो यहां का ब्यूरोक्रेसी है। झारखंड एक मूल रुप से ट्राइबल कल्चर का स्टेट है, लोगों को फंसा कर लोभ के उलझा देना ब्यूरोक्रेट अच्छी तरह जनता है। राज्य में चुनौती बहुत है। यहां के अधिकारी न छोड़ कर कुछ नहीं बोलेगे। कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय, नेता, कांग्रेस झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अपने अपने अनुभव जो उन्होंने देखा वो साझा किया, आज पूरे राज्य में बेहतरीन शासन व्यवस्था है, लेकिन कुछ अपवाद भी होते हैं, एक दो अधिकारियों से सामना हुआ होगा उसके आधार पर बोल रहे होंगें। अगर कुछ एक्सपीरियंस किसी का होता है तो वो तो बोलेगें ही। अगर चीजें सरकार के संज्ञान में आती है तो सरकार उस पर लगाम भी लगाने का काम करती है, ताकि वैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अधिकारी जनता के प्रति समर्पित रहें यही तो सरकार की सोच है। सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय, प्रवक्ता, झामुमो बीजेपी नेता दीपक प्रकाश ने कहा, कांग्रेस नेता सुबोधकांत ने सच कहा है, ये सच है कि इस राज्य में ब्यूरोक्रेशी इस राज्य में प्रभावशाली हैं।लोकतंत्र ने जीत कर जाने वाले जनप्रतिनिधि को निष्प्रभावी बनाने का काम करते हैं। रुल ऑफ एक्सक्यूटिव बिजनेस के तहत काम नहीं करते हैं। कुछ अधिकारी हैं जिन्हें न झारखंड की धरती, मिट्टी और न ही झारखंड की जनता से प्रेम है। इस प्रदेश में ब्यूरोक्रेशी अपने हिसाब से काम करता है।
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