icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
271002
KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow21 Dec 2024, 03:10 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

ग्लोबल कश्मीरी पंडित टूर के साथ घाटी में वापसी की उम्मीदें जगीं

Chaka, EXCLUSIVE REPORT PANDITS TOUR TO OTHER PLACES SHOTS ARE ATTACHED TO 2C APP. 36 साल बाद 'ग्लोबल कश्मीरी पंडित हेरिटेज टूर एंड कॉन्क्लेव 2026' के तहत पहली बार कश्मीरी पंडितों का एक दल कश्मीर के दौरे पर है। इसका मकसद दुनिया भर में रह रहे कश्मीरी पंडितों को उनकी मातृभूमि से फिर से जोड़ना और उनकी वापसी के रास्ते खोजना। कश्मीरी पंडितों का एक दल अभी कश्मीर घाटी के दौरे पर है, ताकि ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या हालात उनके पुश्तैनी घरों में लौटने के लिए अनुकूल हैं। आयोजकों का मानना ​​है कि यह दौरा यादों, जुड़ाव और फिर से शुरुआत करने का एक भावनात्मक और ऐतिहासिक सफर है, साथ ही यह कश्मीरी पंडितों की अपनी मातृभूमि में वापसी के लिए एक रोडमैप भी तैयार कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य दुनिया के अलग-अलग हिस्सों, जैसे अमेरिका, यूरोप के देशों और भारत के विभिन्न इलाकों से आए हैं। इनमें से ज्यादातर लोग पिछले 36 सालों میں पहली बार घाटी लौट हैं। प्रतिनिधিমंडल कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में जमीनी स्तर पर सर्वे कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल घाटी के मौजूदा हालात के बारे में अपनी जानकारी जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल और मुख्यमंत्री को देंगे। प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर में दो दिन के सम्मेलन में भी हिस्सा लेगा, जिसमें कश्मीरी पंडित समुदाय की वापसी और पुनर्वास की संभावनाओं पर चर्चा होगी। सम्मेलन के बाद, प्रतिनिधिमंडल अपनी जानकारी और सुझावों को इकट्ठा करेगा और प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृह मंत्री को इसकी जानकारी देगा। उम्मीद है कि उनकी रिपोर्ट में मुख्य चिंताओं, सुझावों और कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी को आसान बनाने के संभावित उपायों का जिक्र होगा। इस दौरे में शामिल कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों ने मौजूदा हालात को लेकर उम्मीद जताई है और कहा है कि वापसी के लिए माहौल अनुकूल लग रहा है। इस दौरे के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने प्रतिभागी ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों जैसे मंदिरों और शक्तिपीठों का दौरा किया। इनमें मार्तंड मंदिर, खीर भवानी, शारदा पीठ और ज़ीठशा देवी मंदिर शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वापसी की किसी भी प्रक्रिया की सफलता काफी हद तक कश्मीर घाटी की बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के समर्थन और स्वीकार्यता पर निर्भर करेगी, और साथ ही इस बात पर भी निर्भर है कि सरकार उन्हें कश्मीर में किस तरह की सुरक्षा प्रदान करती है। बाइट 'ग्लोबल कश्मीरी पंडित हेरिटेज टूर एंड कॉन्क्लेव' के सदस्य अशोकधर ने कहा, "इस प्रतिनिधिमंडल में वे लोग शामिल हैं जो पलायन के बाद कभी अपने घर नहीं लौट पाए क्योंकि उन्हें लौटने से डर लगता था। वे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों, जैसे अमेरिका से आए हैं। आज, उनमें से कई लोगों ने दशकों बाद पहली बार अपने घर देखे और वे अपने आँसू नहीं रोक पाए। हमने उन्हें हिम्मत देने की कोशिश की है, लेकिन आखिरकार कश्मीर के लोग ही उनकी वापसी सुनिश्चित करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।" "आज हालात अच्छे हैं, और अब यह कश्मीर के लोगों पर है कि वे समुदायों के बीच पहले रहे रिश्तों को फिर से बनाने में मदद करें। हमें उस दौर में वापस जाने की ज़रूरत है जब हम मिल-जुलकर रहते थे”। तीन दशक से जियादा समय के बाद घाटी में लौटने पर बचपन, दोस्ती और कश्मीर के अलग-अलग धार्मिक समूहों के बीच पहले रहे आपसी भाईचारे की यादें ताजा हो गईं। बाइट कश्मीरी पंडित समुदाय के एक सदस्य ने कहा, "मैंने अपना पूरा बचपन यहीं बिताया है, और मुझे हर दिन कश्मीर की याद आती है। पहले हमें वापस आने में डर लगता था, लेकिन इस बार हमने हालात में काफी सुधार देखा है। हमारी जड़ें यहीं हैं। अगर मैं और बोलूंगा तो भावुक हो जाऊंगा। मैं प्रार्थना करता हूं कि एक दिन हम अपने घरों में वापस आ सकें और फिर से यहीं रह सकें। जहां हम अभी रहते हैं, वहां हमारे पास सब कुछ है, लेकिन वह सुकून नहीं है जो अपनी मातृभूमि से जुड़े रहने से मिलता है। यहाँ मेरे ज़्यादातर दोस्त मुसलमान थे, और हमारे बीच बहुत एकता थी। हम सरकार से अपील करते हैं कि वे ऐसे कदम उठाएं जिनसे हमारी वापसी में मदद मिले। हम यहां वैसे ही रहना चाहते हैं जैसे पहले रहते थे, अपने साथी कश्मीरियों के साथ।" कश्मीरी पंडित प्रतिनिधिमंडल की दो और बाइट्स। श्रीनगर के SKICC में होने वाली प्रतिनिधिमंडल की कॉन्फ्रेंस में कश्मीरी पंडितों की विरासत को बचाने और उनकी भविष्य की पहचान के लिए इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा और बहस की जाएगी। इन चर्चाओं से कश्मीरी पंडितों की अपनी मातृभूमि में लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी और पुनर्वास के बारे में चल रही बातचीत में मदद मिलने की संभावना है। WT खालिद हुसैन गोपीनाथ आश्रम से, जहां प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। बातचीत और आपसी समझ के लिए मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं और कश्मीरी मुस्लिम व सिख सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। यह कॉन्फ्रेंस 13 और 14 जून को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में आयोजित की जाएगी। खालिद हुसैन जी मीडिया कश्मीर
0
0
Report
Advertisement

खैरथल तिजारा में भूमि-रास्ता विवाद फिर भड़का, समझौता नहीं हुआ

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में लंबे समय से चले आ रहे भूमि एवं रास्ते के विवाद ने आज फिर एक बार तुल पकड़ लिया। रस्ते के विवाद के चलते ग्रामीण और बिल्डर के प्रतिनिधि सहित बीड़ा के अधिकारी आमने सामने हो गए। मामला बढ़ता देख मौके पर कई थानों का जाप्ता मौके पर बुलाया गया, कई बार लंबी वार्ता चली लेकिन हर बार हो वार्ता विफल रही। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले जिस बिल्डर के पास ये जमीन थी उस समय उपखंड अधिकारी कार्यालय में आपसी सहमति से दोनों पक्ष की सहमति बन गई थी, लेकिन अब दूसरे बिल्डर ने जमीन खरीदते ही रास्ते का विवाद खड़ा कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार संबंधित भूमि पर 6 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कराया जाना था, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में कोई समस्या उत्पन्न नहीं होगी। हालांकि इस दौरान पुलिस के कई आलाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे लेकिन कई घंटों की गहमा गहमी के बाद भी समझौता नहीं हो पाया। बाइट ग्रामीण
0
0
Report

जयपुर-दिल्ली हाईवे पर 72,000 ट्रामाडोल कैप्सूल जब्त, मेडिकल डिस्ट्रीब्यूशन फर्म गिरफ्तार

Kota, Rajasthan:सीबीएन की बड़ी कार्रवाई: जयपुर-दिल्ली हाईवे पर 72,000 ट्रामाडोल कैप्सूल जब्त, एक गिरफ्तार "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने ध्वस्त किया मेडिकल सप्लाई की आड़ में चल रहा तस्करी का नेटवर्क। "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की राजस्थान यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीएन कोटा की टीम ने जयपुर-दिल्ली हाईवे पर नाकाबंदी कर एक किआ सेल्टोस कार से 72,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए हैं। इस मामले में मेडिकल डिस्ट्रीब्यूशन फर्म चलाने वाले जयपुर निवासी मुख्य आरोपी को NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। : मेडिकल नेटवर्क का दुरुपयोग बना बड़ी चुनौती यह कार्रवाई केवल एक जब्ती नहीं, बल्कि ड्रग कार्टेल्स के बदलते तौर-तरीकों का पर्दाफाश करती है। अमूमन अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी छिपकर की जाती है, लेकिन यहाँ कानूनी रूप से पंजीकृत "मेडिकल डिस्ट्रीब्यूशन फर्म" की आड़ में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। यह दर्शाता है कि फार्मास्युटिकल ड्रग्स (दवाइयों) का दुरुपयोग अब पारंपरिक मादक पदार्थों जितना ही खतरनाक रूप ले चुका है। सीबीएन अधिकारियों के अनुसार, आरोपी इन कैप्सूलों को हाईवे पर एक अन्य तस्कर को सौंपने जा रहा था। ब्यूरो की "शून्य-सहनशीलता" (ज़ीरो टॉलरेंस) नीति के तहत अब इस पूरे अवैध सिंडिकेट और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि मुख्य ड्रग कार्टेल को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
0
0
Report

झुंझुनूं के शिक्षकों ने 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, प्रमोशन संरचना पर जोर

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं प्रधानाचार्यों ने 22 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को दिया ज्ञापन प्रधानाचार्य से DEO पद के बीच नया प्रमोशन पद बनाने की मांग गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षा विभाग को मुक्त करने की मांग PEEO के लिए अतिरिक्त संसाधन और सुविधाएं देने की मांग झुंझुनूं राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के बैनर तले शिक्षकों ने 22 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन गढ़वाल ने बताया कि शिक्षा अधिकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य पद से जिला शिक्षा अधिकारी पद तक पदोन्नति के अवसर बेहद कम हैं। वर्तमान में बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य कार्यरत हैं, जबकि डीईओ के पद सीमित होने के कारण प्रमोशन में बाधा आ रहीं। परिषद ने मांग की है कि प्रधानाचार्य और डीईओ के बीच एक अतिरिक्त पद सृजित किया जाए, ताकि पदोन्नति के अवसर बढ़ सकें।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पीईओ से पिछले कई वर्षों से बिना अतिरिक्त संसाधनों और भत्तों के कार्य करवाया जा रहा है। ऐसे में पीईओ को आवश्यक संसाधन और अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।शिक्षा अधिकारियों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि विभिन्न विभागों के कार्य लगातार शिक्षा विभाग पर डाले जा रहे हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।इसके अलावा बार-बार होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के कारण भी विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच पर्याप्त समय नहीं दे पाने की समस्या सामने आ रही है।नवीन गढ़वाल ने बताया कि परिषद की कुल 22 सूत्रीय मांगें हैं, जिनके संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।
0
0
Report
Advertisement

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर डूंगरपुर में कार्यशाला और पोस्टर विमोचन

Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर कार्यशाला और पोस्टर विमोचन का आयोजन एंकर इंट्रो डूंगरपुर जिले में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के एक्शन प्लान के तहत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डूंगरपुर, और ''सृष्टि सेवा समिति'' व ''जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर कोर्ट परिसर में कार्यशाला व पोस्टर विमोचन का आयोजन किया गया। बॉडी कार्यशाला में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के विभिन्न पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव किरण कुमार चौहान की मौजूदगी में बाल श्रम की रोकथाम और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित विभिन्न पदाधिकारियों ने बाल श्रम को रोकने के लिए अपनी-अपनी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कार्यों से सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम में बाल श्रम के कारणों और इसे पूरी तरह से समाप्त करने के व्यावहारिक उपायों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। इस अवसर पर बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और इसकी प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से एक विशेष पोस्टर का विमोचन भी किया गया। बाइट किरण कुमार चौहान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
0
0
Report

NMC की आपत्तियों के बीच छत्तीसगढ़ में 5 नए मेडिकल कॉलेजों की तैयारी तेज

Muju, Jeonbuk State:छत्तीसगढ़ में पांच नए मेडिकल कॉलेजों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की आपत्तियों के बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एक सतत प्रक्रिया है और सरकार ने इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रारंभ करने के उद्देश्य से ऑनलाइन आवेदन किया था। चूंकि संबंधित अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भवन अभी निर्माणाधीन हैं इसलिए NMC की गाइडलाइन के तहत कुछ आपत्तियां सामने आई हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर किया जाएगा। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार जशपुर और मनेन्द्रगढ़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है,तो क्या कांग्रेस नहीं चाहती कि इन इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल शिक्षा मिले । स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने सीमित समय में अपनी क्षमता से बढ़कर काम किया है। जहां पहले मात्र 30 बिस्तरों की व्यवस्था थी वहाँ आज 220 बिस्तरों वाले अस्पताल विकसित किए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की गई है और डॉक्टरों की नियुक्ति सहित तमाम जरूरी व्यवस्थाएं रिकॉर्ड समय में पूरी की गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को इन प्रयासों की सराहना करनी चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ज्यादा खुश न हो, अभी मैच खत्म नहीं हुआ है। मामला अपील में गया है और हमारे पास 15 दिनों का समय है। हमें पूरा विश्वास है कि भारत सरकार और NMC की सभी आवश्यक गाइडलाइन पूरी कर ली जाएंगी"। जायसवाल ने दावा किया कि सरकार मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर पूरी तरह गंभीर है तथा सभी आवश्यक मानकों को पूरा करते हुए इसी शैक्षणिक सत्र से नए मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराने के लिए तेजी से काम कर रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़ा करना नहीं, बल्कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को उनके अपने जिले में मेडिकल शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है .
0
0
Report
Advertisement

गरियाबंद: राजिम बस स्टैंड पर 10–11 माह کا बच्चा सुरक्षित बचाव, बाल कल्याण समिति सक्रिय

Majarkata, Chhattisgarh:गरियाबंद ब्रेकिंग...राजिम बस स्टैंड में मिला 10 से 11 माह का मासूम बच्चा...सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति ने लिया तत्काल संज्ञान...बताया जा रहा है कि एक महिला मासूम को बस स्टैंड में छोड़कर चली गई...अन्य बस में सवार यात्री की नजर बच्चे पर पड़ने के बाद बच्चे को सुरक्षित ले जाकर राजिम पुलिस को दी जानकारी...पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लेते हुए बाल कल्याण समिति को दी सूचना...गरियाबंद बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपने संरक्षण में लिया...मासूम के माता-पिता एवं परिजनों की तलाश जारी...फिलहाल सुरक्षित देखरेख के लिए बच्चे को दत्तक ग्रहण केंद्र में रखा गया...बाल कल्याण समिति ने आमजन से की अपील— बच्चे या उसके परिजनों के संबंध में कोई जानकारी होने पर तत्काल बाल कल्याण समिति अथवा नजदीकी पुलिस थाने या फिर टोल फ्री नंबर 1098 में करें संपर्क。
0
0
Report

सहारनपुर में 17 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार शोक में

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर के थाना मंडी क्षेत्र स्थित पक्का बाग में आज एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 17 वर्षीय किशोरी कशिश ने कथित रूप से घर में पंखे से फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। किशोरी का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने पर परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किशोरी की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और परिवार को सांत्वना देने लगे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। एसपी सिटी वियोम बिंदल ने बताया कि थाना मंडी क्षेत्र में एक नाबालिग युवती की मौत का मामला सामने आया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी प्रकार का सुसाइड नोट या अन्य ठोस कारण सामने नहीं आया है। पक्का बाग क्षेत्र में हुई इस घटना से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। कम उम्र में एक बेटी की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
0
0
Report

नैनपुर में 108 एम्बुलेंस पलटी, दो घायल; एक की हालत गंभीर

Mandla, Madhya Pradesh:एम्बुलेंस: नैनपुर थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां मरीजों की सेवा में लगी 108 एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वीओ - जानकारी के मुताबिक, नैनपुर थाना क्षेत्र के सुभेवाड़ा पुलिया के पास सिविल अस्पताल नैनपुर में सेवा दे रही 108 एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर बुरी तरह पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में दो लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल सिविल अस्पताल नैनपुर पहुंचाया गया। घायलों में अमरु नामक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
0
0
Report
Advertisement

छिंदवाड़ा में वेतन नहीं मिलने पर आउटसोर्स कर्मियों ने CMHO कार्यालय बाहर प्रदर्शन किया

Chhindwara, Madhya Pradesh:आउटसोर्स कर्मचारियों ने CMHO कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, वेतन नहीं मिलने से घर चलना हुआ मुश्किल छिंदवाड़ा में आउटसोर्स कर्मचारियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया. सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन से चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि लगातार काम करने के बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. बच्चों की स्कूल फीस, राशन और दवाइयों जैसी जरूरी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं. कर्मचारियों ने कहा कि कई दिनों से प्रशासन और सरकार के सामने अपनी समस्या रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा .उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. प्रदर्शन में शामिल वासुदेव शर्मा ने बताया कि बड़े स्तर पर कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा रही है .उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य स्थानों पर कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतनमान मिल रहा है, जबकि यहां कर्मचारियों का वेतन कम कर दिया गया है. साथ ही तीन महीने से वेतन तक नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है. यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top