icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
271209
Pradeep Kumar PandeyPradeep Kumar PandeyFollow23 Dec 2024, 12:13 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

दमोह में नाबालिग मां की बेटी पर पेचीदा मुकाम: कानून बनाम ममता

Damoh, Madhya Pradesh:नाबालिग रेप पीड़िता ने दिया था बच्ची को जन्म अब अपनी बेटी को पाने दर दर भटक रही लड़की, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष पर लगाए आरोप, अध्यक्ष की सफाई सब नियमों के तहत , एक संगठित गिरोह कर रहा साजिश.. एंकर/ एमपी के दमोह में एक बड़ा अलहदा मामला सामने आया है जिसमें नियम कानून है लेकिन इन नियमों के चलते एक रेप पीड़िता नाबालिग मां अपने जिगर के टुकड़े से दूर है और उसे पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है और कह रही है कि उसे उसकी बेटी दिला दो। अपने तरह के एक दम अलग इस मामले में मां की ममता है और दूसरी तरफ कानून का कायदा है। दरअसल आठ महीने पहले एक रेप पीड़ित नाबालिग लड़की ने एक बच्ची को जन्म दिया था इस घटना ने सबको झकझोर दिया, अच्छी बात ये थी नाबालिग मां और उसकी बेटी दोनों स्वस्थ और सुरक्षित थी। मामला शांत हो गया लेकिन आठ महीने बाद अचानक वही नाबालिग मां सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटती नजर आई और गुहार लगाती रही कि उसे उसकी बेटी दिला दीजिए वरना वो मर जाएगी, समाज कुछ भी कहे लेकिन बिना बेटी के वो रह नहीं पाएगी। जो भी इस लड़की की दास्तां सुनता उसकी आंख भर आती और अफसर भी कोशिश करते लेकिन जब बात कानून और नियम कायदों की आती किसी के बस में कुछ नहीं रहता। मामले की तफ्तीश की गई तो मालूम चला कि इस नाबालिग मां से उसकी बेटी को अलग करने वाला कोई और नहीं बल्कि जिले की बाल कल्याण समिति है जिसने बच्ची को सुरक्षित सरकारी शिशु गृह में पहुंचाया है। और जिस नाबालिग मां ने बेटी को जन्म दिया वो ये साबित नहीं कर पा रही है कि वो ही उसकी जैविक मां है और इस नाबालिग को खुद को जैविक मां साबित करने के लिए दस्तावेजों की जरूरत है जो उसके पास नहीं है। मामला एक दम अलग है जब पीड़िता बार बार कह रही है कि वो उसकी मां है और उसे उसकी बेटी मिलना चाहिए लेकिन كागज के टुकड़ों के अभाव में एक मां से उसकी बेटी को अलग किया गया है, इस मामले में पीड़िता जिले की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी पर आरोप लगा रही है कि तिवारी के कारण उसकी बेटी उसे नहीं मिल रही है। पीड़िता के आरोप गंभीर है और सोचने को मजबूर भी करते है लेकिन कानूनी दाव पेंच सब की उलझा कर रखे है। पीड़िता ने कलेक्टर एसपी से भी इस बात की शिकायत की लेकिन हल नहीं निकला। आरोपों के घेरे में आ रही बाल कल्याण समिति और उसके अध्यक्ष से जब उनका पक्ष जाना तो कहानी एक अलग मोड़ पर चली गई। दरअसल समिति ने बच्ची को अपने कब्जे में तब किया और उसे शिशु गृह भेजा जब दो किन्नरों की एंट्री इस मामले में हुई, समिति अध्यक्ष दीपक तिवारी के मुताबिक हट की एक किन्नर ने समिति में आकर शिकायत की थी कि एक दूसरा किंनर एक बच्ची को अपने कब्जे में किए है धर्मांतरण करने के साथ बच्ची को बेचने की फ़िराक में है। समिति ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित आरोपी किन्नर को तलब किया गया तो बाकायदा वो किन्नर बाल कल्याण समिति के सामने पेश हुआ और उसने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि आठ महीने पहले उसने इस नवजात को सहारा दिया और गोद नामे के तहत वो बच्ची को अपने पास रखकर उसका पालन पोषण कर रही है लेकिन आज के दौर में ऐसा गोद नामा कानूनन सही नहीं है लिहाजा बाल कल्याण समिति ने एसपी को पत्र लिखा और हटा पुलिस थाने से आठ महीने की बच्ची को रेस्क्यू करने को कहा गया। पुलिस जांच कर ही रही थी कि एक लड़की इस मासूम बच्ची की लेकर बाल कल्याण समिति के दफ्तर पहुंच गई और उसने दावा किया कि वो उसकी मां है और उसे उसकी बेटी को पालने का अधिकार है। लेकिन यहां नियम आड़े आया , समिति ने पीड़िता से उसकी मां होने के सबूत मांगे लेकिन दस्तावेजों के अभाव में रेप पीड़ित नाबालिग मां ये साबित नहीं कर पाई कि वो ही असल में उसकी मां है और बाल कल्याण समिति ने आठ महीने की मासूम बेटी को अभिरक्षा में लिया और उसे शिशु गृह भेज दिया। और उसके बाद जो हालात बने उसमें एक नाबालिग मां भटकने को मजबूर है। इस अजीब तरह के मामले में जिले के एडिशनल एसपी का कहना है कि रेप पीड़िता नाबालिग मां के मामले में कोर्ट और बाल कल्याण समिति को ही निर्णय लेना है इसका सरोकार पुलिस से नहीं है लेकिन पीड़िता ने पुलिस को आवेदन दिया है।लिहाजा हटा पुलिस को जांच के निर्देश दिए है और जांच जारी है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी के मुताबिक जो प्रक्रिया अपनाई गई वो कानून के तहत ही हो रही है, जिस नाबालिग ने क्लेम किया है उसे ये साबित करना होगा कि वो ही उसकी जैविक मां है। उनके ऊपर जो आरोप लग रहे है उस पर उनका और बड़ा आरोप है।की एक संगठित गिरोह के द्वारा ये सब कराया जा रहा है जो ह्यूमन ट्रैफिंग के साथ धर्मांतरण जैसे कामों में जुटा है। अब सवाल ये भी कि मामला पास्को एक्ट के तहत आता है लिहाजा नाबालिग मां की पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकती और जो दस्तावेज मांगे जा रहे है उसने उसकी पहचान उजागर हो सकती है ऐसा कहा भी जा रहा है और ये बात बहस का कारण भी बना हुआ है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष तो यहां तक कह रहे है कि नाबालिग मां की पहचान उजागर कराने का काम वो लोग कर रहे है जो उसे अलग अलग दफ्तर लेकर जा रहे है। इस पूरे मामले ने सिस्टम को जरूर कटघरे में खड़ा किया है, कुछ सवाल भी है जिनका जवाब सिस्टम और सरकार को देना होगा और वो ये की ऐसे संवेदनशील मामले में जब एक दुधमुंही बच्ची अपनी मां जो खुद आगे आकर अपने आप को मां बता रही है से दूर सरकारी शिशु गृह में है तो क्या कुछ घंटों में ही प्रशासन को ये तय नहीं करना चाहिए कि लड़की वाकई मां है या नहीं? जिस जगह या अस्पताल में इस रेप पीड़ित नाबालिग मां ने बच्ची को जन्म दिया क्या वहां से दस्तावेजी प्रमाण नहीं जुटाए जा सकते? और क्या नाबालिग मां और उसकी बेटी का डी एन ए टेस्ट नहीं कराया जा सकता जो एक बड़ा साक्ष्य सामने ला दे? बहरहाल कानून के अपने दायरे है और कोई इस दायरे को लांघ नहीं सकता और इस मामले में एक बड़ा कारण ये दायरा भी है लेकिन मानवीय दृष्टि कोण से देखा जाए तो एक मां से उसकी बेटी को अलग करना सही नहीं है! अब देखना होगा कि आखिर प्रशासन सरकार और खास तौर पर बाल कल्याण समिति कब तक एक मासूम को उसकी मां से मिलवा पाती है कब उसे मां का प्यार नसीब होगा और ऐसे मामलों में सिस्टम कितना संवेदशील होगा कि ऐसे कोई मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए दर दर न भटके?
0
0
Report

दिग्रस लौटते संजय देशमुख, शिंदे-राठोड के बीच राजनीतिक तनाव तेज

Yavatmal, Maharashtra:शिवसेना उद्धव बाळासाहेब ठाकरे पक्षाचे यवतमाळ वाशिम लोकसभा मतदारसंघाचे खासदार संजय देशमुख यांनी पक्षाच्या बैठकीचा व्हिप झुगारल्यानंतर ते नॉट रिचेबल होते, मात्र आता ते उद्याला त्यांच्या दिग्रस येथील निवासस्थानी परतणार असल्याची सूत्रांची माहिती आहे. विशेष म्हणजे देशमुख यांचे स्वागताचे फ्लेक्स दिग्रस मध्ये ठीक ठिकाणी लागले असून या फ्लेक्स वर शिवसेना शिंदे गटाच्या नेत्यांचे फोटो झळकत आहे. संजय देशमुख यांचे कट्टर विरोधक असलेले मंत्री संजय राठोड , उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांचाही फोटो आता देशमुख यांच्या बाजूला झळकत असल्याने देशमुख यांची वाट शिंदे गटाकडे असल्याचे स्पष्ट झाले आहे. संजय देशमुख दिग्रस मध्ये येणार असल्याने राजकीय वातावरण तापण्याची देखील चिन्हे आहेत.
0
0
Report
Advertisement

जगतसिंहपुर के योग दिवस समारोह में स्वास्थ्य और एकाग्रता का अलख जगाया

Paradeep, Odisha:ଜଗତସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଓ ଜିଲ୍ଲା କ୍ରୀଡା ବିଭାଗ ଆନୁକୂଳ୍ୟରେ ସ୍ଥାନୀୟ ବହୁମୁଖୀ ଇଣ୍ଡୋର ଷ୍ଟାଡିୟମ ଠାରେ ଆନ୍ତରଜାତିୟ ଯୋଗ ଦିବସ ପାଳିତ ହୋଇଯାଇଛି । ଏହି ଅବସରରେ ଆୟୋଜିତ ଯୋଗ ଶିବିରରେ ବିଧାୟକ ଅମରେନ୍ଦ୍ର ଦାସ, ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଜ୍ୟୋତିଶଙ୍କର ରାୟ, ଉପଜିଲ୍ଲାପାଳ ପ୍ରଶାନ୍ତ କୁମାର ତାରାଇ, ଜିଲ୍ଲା କ୍ରୀଡା ଅଧିକାରୀଣୀ ବିଶ୍ୱ ବିଜୟିନୀ ପଟ୍ଟନାୟକ ଆମୋଦ ଯୋଗ ଦେଇ ଏହି ଯୋଗ ଶିବିରରେ ଅଂଶ ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ । ଏହି ଯୋଗ ଶିବିର ରେ ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ର ବିଭିନ୍ନ ଅଧିକାରୀ, ପତଞ୍ଜଳି ସେବା ସମିତିର ସମସ୍ତ କର୍ମକର୍ତ୍ତା, ବିଭିନ୍ନ ଅନୁଷ୍ଠାନର କର୍ମକର୍ତ୍ତା ଓ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ଯୋଗ କରିବା ଦ୍ୱାରା ଶରୀର ସୁସ୍ଥ ନିରୋଗ ରହିବା ସହିତ ଓ ମନକୁ ଏକାଗ୍ରତା ରଖିପାରେ ବୋଲି ଅତିଥି ମାନେ ମତବ୍ୟକ୍ତ କରିଥିଲେ ।
0
0
Report

हरियाणा में वोटर लिस्ट रिवीजन से मतदान प्रतिशत में उछाल की उम्मीद

Karnal, Haryana:करनाल । केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का क्रम बहुत अच्छी तरह से चल रहा है । करनाल जिले में 92 फीसदी फार्म डिस्ट्रीब्यूट हो चुके , जिले 12 लाख 25 हजार 661 मतदाता है जिनमें से 11 लाख 30 हजार 623 लोगो को फार्म दिए जा चुके है । हरियाणा में 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 वोटर पिछली वोटर लिस्ट में दर्ज है । अभी तक 1 करोड़ 57 लाख 32 हजार 915 फार्म का डिस्ट्रीब्यूशन हुआ है जो कि 76 प्रतिशत है । फरीदाबाद ओर गुरूग्राम जिले में कम हुआ है क्योंकि वहां की आबादी बाहरी क्षेत्र से ज्यादा है । आज मैने भी अपना SIR का फार्म भरा है । करनाल में मेरा वोट बनता है । चुनाव आयोग का सामान्य काम है वोटर लिस्ट का रिवीजन किया जाता है । बीस साल में अंतराल में स्पेशल रिवीजन होता है ।साल 2005 में भी ऐसा हुआ था । विपक्ष को दिक्कत उन लोगों के वोट कटने से है जो दूसरे देशों से आए है और उनको वोट यहां बनी है । ऐसे वोटर को विपक्ष अपना वोट बैंक मानता है । कांग्रेस ओर बंगाल की पूर्व सीएम ममता बेनर्जी बहुत अधिक शोर मचाया है । जहां जहां फर्जी वोट है उन्हें काटना बेहद जरूरी है । इस सुधार प्रक्रिया से चुनावों में मतदान प्रतिशत अधिक होगा । फर्जी वोटर कटने से एक्चुअल वोटर होंगे जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है । डिलिमिटेशन में हर प्रदेश की लोकसभा विधानसभा की सीटों की संख्या यथावत रहेगी जनसंख्या की दृष्टि से सीटों की संख्या कम ज्यादा नहीं होगी । लेकिन महिलाओं को मिलने वाले 33 फीसदी आरक्षण के कारण जो वृद्धि होगी वह लोकसभा ओर विधानसभा दोनों में लागू होगी । लोकसभा ओर विधानसभा में एक ही मतदाता सूची का पब्लिकेशन होगा लेकिन निकाय ओर पंचायत चुनावों के लिए वोटर लिस्ट का पब्लिकेशन बेस एक ही रहेगा । वोट संख्या सभी सूची में एक समान रहेगी । प्रदेश के मुखिया के नाते मैने भी चाहा था कि हरियाणा के कुछ जिले एनसीआर से बाहर किए जाए । जो आपत्तियां उस समय सामने आई थी उन्हें दूर कर दिया गया है जिस पर सभी प्रदेश सहमत हुए है । पर्यावरण के प्रतिबंध लगते थे इसमें बदलाव किया गया है । परिस्थितियों के अनुसार प्रतिबंध दिल्ली के फर्स्ट रिंग में सबसे पहले, दूसरे ओर तीसरे रिंग में बाद में लगेगी । जो प्रदेश ओर जो जिले खुद को बाहर करना चाहते थे वे थर्ड रिंग में है । ईंधन के इस्तेमाल को लेकर भी बदलाव किया जायेगा । रेपिड रेल कॉरिडोर के बारे में जानकारी देते भी मनोहर लाल ने कहा कि आगामी एक सप्ताह में केबिनेट मंजूरी मिल जाएगी ।
0
0
Report
Advertisement

बड़वानी में दौड़ते बेलगाम डम्पर मौत की रफ्तार आगे नागरिक बेबस

Hemant NagziriyaHemant NagziriyaFollow3m ago
Anjad, Madhya Pradesh:बड़वानी। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में तेज गति से दौड़ रहे भारी वाहनों और डम्परों ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों तथा आवासीय इलाकों से गुजरने वाले डम्पर निर्धारित गति सीमा की अनदेखी करते हुए तेज रफ्तार में दौड़ते दिखाई दे रहे हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई डम्पर चालक यातायात नियमों का पालन नहीं करते। ओवरलोडिंग, तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालक, पैदल यात्री तथा स्कूली बच्चे सबसे अधिक खतरे में रहते हैं। शहर में कई बार हादसे होते-होते बचे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। नागरिकों का आरोप है कि भारी वाहनों के लिए निर्धारित समय का भी कई बार पालन नहीं किया जाता। सुबह और शाम के व्यस्त समय में भी डम्परों की आवाजाही जारी रहती है, जिससे जाम की स्थिति के साथ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। धूल और प्रदूषण की समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
0
0
Report

शेखपुरा के बसंत गांव में ताड़ी के विवाद में दोस्त ने ईंट से हमला

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा जिले के चेवाड़ा थाना क्षेत्र के बसंत गांव में ताडी पीने के बाद दो दोस्तों में किसी बात को लेकर विवाद जो गया।विवाद इतना बढ़ गया कि दोस्त ने दूसरे दोस्त पर जानलेवा हमला ज़ख़्मी कर दिया।इस घटना में बसंत गांव का सूरज नोनियां गंभीर रुप से घायल हो गया है। पहले इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया जहां स्थिति गंभीर रहने पर पावापुरी रेफर कर दिया। हमला करने का आरोप गांव के ही नागो पासवान पर लगाया जा रहा है। ताडी पीने को लेकर ही दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर नागो पासवान ने समीप में रखे ईट उठाकर सूरज के सिर पर मार दिया और फिर कधे पर उठाकर एक पुल के नीचे फेंक दिया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया जहां से पावापुरी रेफर कर दिया गया ।
0
0
Report

बनगांव के दो भाई-बहन ने BPSC में शानदार सफलता पाई

Saharsa, Bihar:एंकर - कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती है और अपने इसी प्रतिभा और काबिलियत के बल पर सहरसा के बनगांव के रहने वाले एक ही परिवार के दो मौसेरे भाई - बहन श्वेता और शिवम ने 70 वीं BPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की है. छात्रा श्वेता ने 541 रैंक जबकि छात्र शिवम ने 965 रैंक हासिल किए है. भाई - बहन की सफलता से पूरे परिवार में जश्न का माहौल है. खुशी से परिवार वालों के आंसू छलक रहे हैं. सबसे खास बात है कि श्वेता के पिता गांव में ही आंटा चक्की चलाकर अपने बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाया है जबकि शिवम की माँ निजी अस्पताल में नर्स की नौकरी कर अपने बेटे को पढ़ा रही हैं. सफलता पाने वाले छात्र शिवम इससे पहले तीन - तीन सरकारी नौकरी को छोड़ने के बाद BPSC की परीक्षा में परचम लहराया है. जबकि छात्रा श्वेता ने पहली बार मे ही BPSC की परीक्षा में सफलता पाई है, छात्रा श्वेता का कहना है कि आजकल लड़कियों को आत्म निर्भर बनना बहुत जरूरी है, मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर मुकाम हासिल करना आसान हो जाता है, BPSC परीक्षा में सफलता पाने वाले भाई - बहन और परिवार वालों से बातचीत की
0
0
Report
Advertisement

तालाब में डूबे दो चचेरी बहनों की मौत से गांव में मातम

Dungarpur, Rajasthan:कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार मांडवा में काली बाई पैनोरमा के सामने तालाब पर घटना हुई। मांडवा निवासी 12 वर्षीय उषा कोटेड आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। जबकि 12 वर्षीय नयना पुत्री दशरथ कोटेड सातवीं कक्षा में पढ़ती थी ।दोनों चचेरी बहने आज रविवार को बकरिया चराने के लिए गई थी। तालाब के पास बकरिया चर रही थी। गर्मी ज्यादा होने से वे दोनों तालाब के एक गड्ढे में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गई। इस दौरान वे दोनों गड्ढे में डूब गई। इसे देख गांव का एक युवक दौड़कर आया। दोनों बच्चियों को बाहर निकाला। गांव के लोग भी इकट्ठे हो गए। दोनों को डूंगरपुर अस्पताल लेकर गए। लेकिन डॉक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया। वही पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
0
0
Report

दिल्ली के ट्रांसिट कैंप में भीषण गर्मी और पानी संकट, जनता परेशान

Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है और इस भीषण गर्मी में दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भीषण समस्या देखी जा रही है। कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के ट्रांसिट कैंप में पानी की भीषण समस्या से लोग जुड़ते हुए दिख रहे हैं, जहाँ लोगों को पीने के पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है; वहीं टैंकर का पानी समय पर सप्लाई न होने की वजह से पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है. गोविंदपुरी इलाके के ट्रांजिट कैंप की तस्वीर में पानी के टैंक पर नीचे कई पाइप लगाए हुए हैं, जहाँ से महिलाएं पानी भरती दिखती हैं. इस पानी के टैंक में एक बार पानी भरा जाता है जिसमें से महिलाएं अपने घरों से छोटे-छोटे डब्बे और बाल्टी लाकर पानी भरकर घर ले जाती हैं; जब पानी खत्म हो जाता है तो पूरे मोहल्ले से पैसा इकट्ठा कर पानी का टैंकर जल बोर्ड से मंगवाया जाता है. पीने का पानी रोजाना 40 से ₹50 का खरीदना पड़ता है. कई बार स्थानीय विधायक से भी महिलाओं ने शिकायत पानी की समस्या को लेकर की थी, लेकिन हर बार विधायक कहते हैं कि हम आपके क्षेत्र में आकर देखेंगे, लेकिन सिर्फ बोला जाता है और कभी भी क्षेत्र की विधायक आतिशी नहीं पहुंची. कई बार निगम पार्षद से भी कह कर देख लिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे आज हम लोगों को इस भीषण गर्मी में पानी की भीषण समस्या से जूझना पड़ रहा है. पिछले 15 सालों से यही हालत है, कोई सुधार नहीं हुआ पानी को लेकर.
0
0
Report
Advertisement

विदिशा जिला अस्पताल में गुटखा-तंबाकू पर सख्ती, जांच अभियान जारी

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा के जिला अस्पताल में गुटखा और तंबाकू खाने वालों पर सख्ती शुरू कर दी गई है. अस्पताल परिसर में लोग गुटखा खाकर दीवारों पर पिच थूक देते थे, जिससे गंदगी फैल रही थी और अस्पताल की छवि खराब हो रही थी. इसे देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के निर्देश पर अस्पताल में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है. श्रीमंत माधव सिंधिया जिला चिकित्सालय के प्रवेश द्वार पर गार्डों द्वारा लोगों की जाँच की जा रही है. जांच के दौरान कई लोगों की जेबों से गुटखा और तंबाकू के पाउच मिल रहे हैं, जिन्हें मौके पर ही जब्त किया जा रहा है. अस्पताल प्रबंधन कह रहा है कि परिसर को स्वच्छ और तंबाकू मुक्त बनाए रखने के लिए यह अभियान जारी रहेगा.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top