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Gonda - 219 जनसेवा केन्द्रों पर लापरवाही,अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने दी कड़ी चेतावनी
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जनपद में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले 219 जनसेवा केन्द्रों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इन केन्द्रों पर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री नहीं की जा रही थी, जिसके कारण अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
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तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगने वाले गैंग का सरगना मुठभेड़ में गिरफ्तार
Azamgarh, Uttar Pradesh:महिलाओं को तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगने वाले अंतरजनपदीय गैंग का सरगना मुठभेड़ में गिरफ्तार, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली, लाखों की ठगी से जुड़े कई मामलों का खुलासा। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बरेली, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और आजमगढ़ समेत कई जनपदों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में राजापुर सिकरौर गांव निवासिनी चंदा देवी ने 9 मई 2026 को संबंधित थाने पर शिकायत दर्ज कराई थी कि ठठेरी बाजार के पास दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसके पति पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर उसे डराया और समस्या दूर करने के नाम पर कान की बालियां, गले का लॉकेट, मोबाइल फोन तथा एक लाख रुपये नकद ठगकर फरार हो गए थे। मामले में थाना सरायमीर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस को कल बीती देर रात सूचना मिली कि उस घटना में शामिल दो अपराधी मोटरसाइकिल से फूलपुर की ओर से खरेवा की तरफ आ रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी की, जहां करछा मंदिर के पास पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे और कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी द्वारा लगातार फायरिंग किए जाने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी खरेवा/फूलपुर भेजा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इम्तियाज खान निवासी मौलाना आजाद नगर, थाना क्वार्सी, जनपद अलीगढ़ तथा वर्तमान पता दुबग्गा, थाना ठाकुरगंज, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई के साथ मोटरसाइकिल से विभिन्न कस्बों और बाजारों में घूमकर अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बनाता था। दोनों पहले महिलाओं को परिवार पर संकट, भूत-प्रेत या तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद शुद्धिकरण या पूजा-पाठ की बात कहकर उनसे गहने, नकदी और कीमती सामान ले लेते थे तथा महिलाओं को बिना पीछे मुड़े 51 कदम चलने का निर्देश देकर मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल, 2 कान की बालियां, नाक की कील, लॉकेट, 11100 रुपये नकद, देशी तमंचा, दो जिंदा व खोखा कारतूस तथा बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से बरेली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सरायमीर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्जकर विधिक कार्रवाई में जुटी है। वहीं फरार आरोपी की तलाश जारी है।0
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घोडावट में रोजगार के लिए मजदूरों का विरोध, सीमेंट फैक्ट्री नीति के खिलाफ
Jodhpur, Rajasthan:जिला रिपोर्टर राकेश भारद्वाज विधानसभा भोपालगढ़ इनफॉर्मर किशोर जाखड़ भोपालगढ़ रोजगार की मांग को लेकर घोडावट में मजदुरों का विरोध प्रदर्शन, सीमेंट फैक्ट्री घोडावट प्रबंधन की ओर से स्थानिय ग्रामीणों को रोजगार से वंचित करने की नीति के विरोध में प्रदर्शन, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ की अगुवाई में ग्रामीण व ट्रक मालिक एक सप्ताह से धरने पर बैठे हुए, बड़ी संख्या में ट्रक मालिक व गांव के मजदूर धरने पर बैठे, प्रमिला चौधरी, राजेश जाखड़, मुन्नीदेवी गोदारा, शिवकरण सेनी, कुम्भाराम डुडी भी धरने में कर रहे सम्बोधित0
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जोधपुर के उद्योगों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, 500+ इकाइयां बंद, रोजगार संकट गहरा
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोजरी, लूनी तथा क्षेत्र की अन्य नदियों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों और निर्देशों के बाद राज्य सरकार तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में प्रदूषण मानकों का पालन नहीं करने वाली 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को अगले आदेश तक बंद करवा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद अब उद्योगपति और उनसे जुड़े श्रमिक सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कल बासनी क्षेत्र में प्रदर्शन के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रमिक और उद्योग प्रतिनिधि सर्किट हाउस पहुंचे, जहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी का अस्थायी कार्यालय संचालित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उद्योग बंद होने से हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उद्योग प्रतिनिधियों का तर्क है कि वे समय-समय पर अपने संयंत्रों का विस्तार करते रहे हैं और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े शुल्क तथा अन्य देनदारियां भी नियमित रूप से जमा करवाते रहे हैं। उनका कहना है कि कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की क्षमता बढ़ाना और आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करना सरकार तथा संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी थी। यदि उपचार क्षमता पर्याप्त नहीं है और इसके कारण प्रदूषित पानी नदियों में पहुंच रहा है तो इसका पूरा दोष केवल उद्योगों पर नहीं डाला जा सकता। प्रदर्शन के दौरान कमेटी की ओर से तीन प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने गए हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जोधपुर के वस्त्र उद्योग और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त करते हैं। उद्योगों के लंबे समय तक बंद रहने से श्रमिकों, परिवहन व्यवसाय, छोटे व्यापारियों तथा अन्य सहायक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दूसरी ओर, यह भी उतना ही बड़ा तथ्य है कि जोजरी और लूनी नदी में प्रदूषण का मुद्दा वर्षों से उठता रहा है और अंततः मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रदूषित जल के कारण न केवल नदियों की पारिस्थितिकी प्रभावित हुई है बल्कि किसानों की जमीनों की उर्वरता, भूजल की गुणवत्ता और आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में साफ कहा है कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को तब तक संचालित नहीं किया जा सकता जब तक वे निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन करने में सक्षम न हों। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी इकाई को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। ऐसे में प्रशासन और निगरानी समितियां भी अदालत के आदेशों की पालना के लिए बाध्य हैं। वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के बीच संतुलन स्थापित करने की है। उद्योगों का संचालन प्रदेश की अर्थव्यवस्था और लाखों परिवारों की आजीविका के लिए आवश्यक है, वहीं नदियों, भूजल और कृषि भूमि को बचाना भी उतना ही जरूरी है। तकनीक के विकास के साथ अब जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से उद्योग प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का समाधान केवल विरोध-प्रदर्शन या आरोप-प्रत्यारोप से नहीं निकलेगा। उद्योग, सरकार, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी पक्षों को मिलकर व्यवहारिक समाधान तलाशना होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश सर्वोपरि हैं और उनकी पालना अनिवार्य है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उद्योग पर्यावरणीय मानकों को अपनाने की दिशा में कितनी तेजी से कदम बढ़ाते हैं और सरकार आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाती है। तभी रोजगार और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।0
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Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - काँग्रेस उमेदवाराच्या अर्जावरील आक्षेपावरून भाजपा काँग्रेस आमने सामने, निवडणूक कार्यालयाबाहेर जोरदार घोषणाबाजी - सोलापूर विधान परिषदेच्या काँग्रेस उमेदवाराच्या अर्जावरील सहीच्या आक्षेपावरून भाजपा काँग्रेस आमने-सामने - निवडणूक कार्यालयाच्या बाहेर भाजपा काँग्रेस कार्यकर्त्यांची एकमेकांच्या विरोधात जोरदार घोषणाबाजी - काँग्रेस कार्यकर्त्यांच्या घोषणाबाजी नंतर भाजप आमदार सचिन कल्याणशेट्टी यांचा देखील काँग्रेसवर जोरदार प्रहार - भाजपाने हस्तक्षेप केल्याचा आरोप करत निवडणूक प्रक्रिया रद्द करण्याची खासदार प्रणिती शिंदे यांची मागणी - काँग्रेसच्या अर्जावर सही केलेला अनुमोदक भाजपने हायजॅक केल्याचा काँग्रेसचा आरोप - काँग्रेस उमेदवाराच्या अर्जावरील अनुमोदकची सही खोटी असल्याचा भाजपचा दावा बाईट - सचिन कल्याणशेट्टी ( भाजप आमदार ) बाईट - प्रणिती शिंदे ( काँग्रेस खासदार )0
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फलोदी में वंदे गंगा अभियान, गर्मी से राहत, नि:शुल्क ठंडा शर्बत बाँटा गया
Jodhpur, Rajasthan:फलोदी में वंदे गंगा अभियान, गर्मी से राहत, नि:शुल्क ठंडा शर्बत बांटा गया0
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फलोदी में चक्रवाती तूफान से सोलर प्लांटों को भारी नुकसान, अधिकारी चकित
Jodhpur, Rajasthan:फलोदी में दो दिन पहले आये खतरनाक चक्रवाती तूफान से देणोक क्षेत्र में स्थापित अलग-अलग सोलर प्लांट में सौर प्लेटों को भारी नुकसान0
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अजेय कुमार बनेगे राजस्थान बीजेपी का गेम चेंजर, पांच साल में बदलाव पर रणनीति
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान बीजेपी में नए संगठन महामंत्री नियुक्त किए गए अजेय कुमार के सामने जिम्मेदारी के साथ चुनौतियां भी कम नहीं होगी। संगठन महामंत्री के रूप में पार्टी में मौजूद अलग-अलग गुटों को एक करने के साथ ही राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने की परिपाटी को तोड़ना भी सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। वहीं आने वाले समय में सरकार और संगठन के बीच समन्वय बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। अब सवाल यह उठ रहा है क्या अजेय कुमार राजस्थान में बनेंगे 'गेम चेंजर'? राजस्थान बीजेपी को करीब ढाई बाद नया संगठन महामंत्री मिला है। उत्तराखंड के संगठन महामंत्री अजेय कमार को रणनीतिक रूप से राजस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव जीतने के लिए संगठन का मजबूत होना जरूरी है। राजस्थान में आने वाले समय में पंचायत और निकाय चुनाव होने हैं और ढाई साल बाद विधानसभा चुनाव है। ऐसे में संगठन को मजबूत करना जरूरी है। अभी संगठनात्मक गतिविधियां जारी है, लेकिन संगठनात्मक ढांचा अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के कई महीनों बाद प्रदेश कार्यकारिणी नहीं आ पाई। कुछ इसी तरह का हाल पार्टी के हरावल दस्ते अर्थात मोर्चों में भी देखने को मिला। अभी भी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी तक गठित नहीं हो पाई। मोर्चों के जिला अध्यक्षों, जिला कार्यकारिणी से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकारिणी गठित नहीं हो पाई है. इसका खामियाजा कहीं न कहीं चुनावों में उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि ढाई साल से खाली संगठन महामंत्री के पद पर नियुक्ति की गई है ताकि संगठनात्मक मजबूती को गति मिल सके। जानकार सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में हर पांच में सरकार बदलने की परम्परा लंबे समय से चली आ रही है। एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस की सरकार बनती है। सरकारें भले ही कितना अच्छा काम कर लें या कितनी जन कल्याणकारी योजनाएं ले आएं, लेकिन सरकार बदलने की परिपाटी बदस्तूर जारी है। इधर बीजेपी के नेता लगातार कहते आ रहे हैं कि इस बार इस परिपाटी को बदला जाएगा। राजस्थान में इस बार बीजेपी को सत्ता में रिपीट कराया जाएगा। इसके लिए अभी से व्यापक रणनीति बनानी शुरू कर दी गई है। अजेय कुमार को उत्तराखंड से राजस्थान बीजेपी संगठन महामंत्री नियुक्त करने का निर्णय केवल एक सामान्य संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य में लंबे समय से चली आ रही “हर पांच साल में सरकार बदलने” की परंपरा को तोड़ना है। नेतृत्व का क्यों हुआ भरोसा उत्पन्न .... अजेय कुमार 2019 से उत्तराखंड बीजेपी में संगठन महामंत्री के रूप में कार्य करते हुए अपने कुशल संगठनात्मक प्रबंधन, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत संवाद के लिए पहचाने जाते हैं। अजेय कुमार को उत्तराखंड की जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में अभूतपूर्व मजबूती देखने को मिली। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त करने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा और विश्वास भरने तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया। इसी का परिणाम रहा कि उत्तराखंड में बीजेपी ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का इतिहास रचा और उसके बाद चाहे वो वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव हो, वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव हो, निकाय एवं पंचायत चुनाव हों या हाल ही में संपन्न सहकारिता चुनाव, प्रत्येक चुनाव में बीजेपी ने उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए एकतरफा जीत दर्ज की है। यह वजह है कि उन्हें एक बड़े “गेम चेंजर” के रूप में माना जा रहा है। जिस तरह उत्तराखंड में उन्होंने संगठन को मजबूती देकर सत्ता की पुनरावृत्ति का मार्ग प्रशस्त किया, उसी तर्ज पर अब राजस्थान में भी भाजपा “हर पांच साल में सरकार बदलने” की परिपाटी को समाप्त करने का प्लान पर कार्य करने वाली है। राजस्थान जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में उनकी नियुक्ति इस बात का भी संकेत है कि बीजेपी अब केवल चुनाव जीतने की रणनीति पर नहीं, बल्कि स्थायी राजनीतिक पकड़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पार्टी नेतृत्व का मानता है कि अजेय कुमार की कार्यशैली और उनके अनुभव का लाभ यदि राजस्थान में भी उत्तराखंड की तरह मिले तो प्रदेश की राजनीति में नए युग की शुरुआत हो सकती है। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी अब केवल सत्ता में आने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह दीर्घकालिक राजनीतिक स्थिरता और संगठनात्मक मजबूती के माध्यम से राजस्थान की राजनीति में आगे बढ़ने की कोशिश में है.0
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बैंकाक-वाराणसी फ्लाइट IX-215 से करोड़ों का ड्रग्स पकड़ा; 6 विदेशी गिरफ्तार
Varanasi, Uttar Pradesh:बैंकॉक से वाराणसी आई फ्लाइट में करोड़ों का ड्रग्स बरामद. • 19.70 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप. • बैग में गुप्त कैविटी बनाकर लाया जा रहा था ड्रग्स, कस्टम ने पकड़ा. • 6 विदेशी तस्कर गिरफ्तार, बैंकॉक से वाराणसी लाया जा रहा था गांजा. • लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एयर कस्टम्स को मिली बड़ी कामयाबी। • 30 मई 2026 को बैंकॉक से वाराणसी पहुंची फ्लाइट संख्या IX-215 में हुई कार्रवाई। • एक्स-रे स्क्रीनिंग और शक के आधार पर 6 विदेशी यात्रियों को हिरासत में लिया गया। • ट्रॉली बैगों के निचले हिस्से में बनाई गई थी विशेष गुप्त कैविटी। • सघन तलाशी के दौरान बैगों से हाइड्रोपोनिक गांजा के 22 पैकेट बरामद किए गए। • बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 19.7049 किलोग्राम है। • अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में बरामद ड्रग्स की कीमत लगभग 19.70 करोड़ रुपये आंकी गई। • गिरफ्तार सभी 6 आरोपी विदेशी नागरिक, पुलिस और कस्टम की टीमें पूछताछ में जुटीं। • गिरफ्तार 6 विदेशी तस्करों की पहचान • विचनचाई फलाकित • नत्थाफ़ोंग चंतराक • प्राचाया यीकोर • प्रिसाना चोडमोन • पट्टामावान चोटिमोन • सुनिसा पुएटपाकवान0
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गाजियाबाद में अपराधियों के खिलाफ बड़े ड्राइव की तैयारी, कमिश्नर के नेतृत्व में
Noida, Uttar Pradesh:पुलिस कमिशनर गाज़ियाबाद खोड़ा में चलने वाली अपराधियों के ख़िलाफ़ ड्राइव का नेतृत्व करेंगे ग़ाज़ियाबाद के जिलाधिकारी और लगभग सभी थानेदार सहायक पुलिस आयुक्त शामिल होने जा रहे हैं पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ करने वाले हैं DRIVE का नेतृत्व0
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खाद्य, रसद एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा में डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
Deoria, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं रसद, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति विभाग, डिप्टी आरएमओ तथा मंडी समिति से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगली समीक्षा बैठक तक कार्यों की प्रगति में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को फार्मर आईडी निर्माण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले इस अभियान में सभी विभाग समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं एवं परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्धारित मानकों एवं पैरामीटरों में संतृप्तिकरण की दिशा में कार्य किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति लाई जाए। आपूर्ति विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रिक्त उचित दर दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 18 उचित दर दुकानें रिक्त थीं, जिनमें से सर्वाधिक समय से रिक्त चल रही पांच दुकानों का आवंटन कर दिया गया है। शेष रिक्त दुकानों के आवंटन हेतु प्रस्ताव प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। डिप्टी आरएमओ से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि खाद्यान्न का उठान एवं वितरण समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गेहूं खरीद एवं उससे संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मंडी समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा मंडी समिति द्वारा संचालित सभी कार्यों एवं योजनाओं को प्राथमिकता के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्य एवं रसद, खाद्य सुरक्षा, डिप्टी आरएमओ तथा मंडी समिति से जुड़े सभी विभाग सीधे किसानों, उपभोक्ताओं एवं आमजन से संबंधित हैं। इसलिए इनके कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ), डिप्टी आरएमओ, सचिव मंडी समिति, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।0
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जालौन के गोहन-कुठौंद मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील, राहगीरों की बढ़ी परेशानी,
Orai, Uttar Pradesh:📰 ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन गोहन-कुठौंद मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील, राहगीरों की बढ़ी परेशानी जालौन जिले के माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में गोहन से कुठौंद होते हुए औरैया, कानपुर व मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बदहाल हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत न होने से सफर जोखिम भरा बन गया है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि हादसों को रोका जा सके।0
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आबकारी विभाग का बड़ा पुनर्गठन: 8 जोन, 53 दफ्तरों के साथ नया ढांचा
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी, ओएफसी हैडर- - आबकारी के 53 जिले, 286 सर्किल! - आबकारी विभाग के ढांचे में आमूलचूल बदलाव - अकेले जयपुर में 4 आबकारी जिले बनेंगे - 10 अन्य बड़े जिलों को 2-2 जिलों में बदला - DEO, निरीक्षक के पदनाम भी बदले गए - अब 8 जोन स्तरीय कार्यालय होंगे संचालित - एक कनिष्ठ आबकारी कार्यालय में 27 दुकानें होंगी - निरोधक दल के लिए पदस्थापन शर्तें तय वित्त विभाग ने आबकारी विभाग के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेशों के अनुसार वर्तमान जिला आबकारी अधिकारी (DEO), वृत्त निरीक्षक कार्यालयों, निवारक शाखा के उपायुक्त, आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और पारंपरिक आबकारी थानों को अब समाप्त कर दिया गया है। नई प्रशासनिक व्यवस्था के تحت अब पूरे प्रदेश में नए पदनाम और कार्यालय सृजित किए जाएंगे। जिनमें अतिरिक्त आयुक्त जोन, उपायुक्त/आबकारी अधिकारी और कनिष्ठ आबकारी अधिकारी कार्यालय शामिल हैं। नए ढांचे के अंतर्गत अब प्रदेश में 'जिला आबकारी अधिकारी' का पदनाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और वे अब अपनी वरिष्ठता के आधार पर उपायुक्त या आबकारी अधिकारी के नाम से जाने जाएंगे। वरिष्ठ वेतनमान के अधिकारियों के दफ्तर को 'उपायुक्त कार्यालय' और सामान्य या कनिष्ठ वेतनमान के अधिकारियों के दफ्तर को 'आबकारी अधिकारी कार्यालय' कहा जाएगा। इनके कार्यालयों में सहयोग के लिए 1-1 सहायक आबकारी अधिकारी (AEO) और 1-1 कनिष्ठ आबकारी अधिकारी तैनात होंगे। राज्य में संभाग स्तर पर 8 'अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालय' गठित होंगे, जिनमें से 6 पदों पर आरएएस (RAS) अधिकारी और 2 पदों पर सामान्य शाखा के अतिरिक्त आयुक्त या EPF के संयुक्त आयुक्त लगाए जा सकेंगे। इस तरह होगा आबकारी विभाग का ढांचा - अवैध मदिरा गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 2 प्रवर्तन कार्यालय खुलेंगे - जयपुर और जोधपुर में 2 'उपायुक्त विधि कार्यालय' बनाए जाएंगे - पूरे राज्य में उपायुक्त/आबकारी अधिकारी के कुल 53 कार्यालय होंगे - 8 कार्यालयों में RAS, 45 में आबकारी विभाग के अधिकारी लगाए जाएंगे - सामान्य शाखा के उपायुक्त या जिला आबकारी अधिकारी लगाए जा सकेंगे - निरोधक दल के उपायुक्त/आबकारी अधिकारी भी लगाए जा सकेंगे - आबकारी निरीक्षक नहीं, अब कनिष्ठ आबकारी अधिकारी होगा नया पदनाम - कनिष्ठ आबकारी अधिकारी के 286 कार्यालय होंगे, 111 ग्रेड-1, 175 ग्रेड-2 कार्यालय - ग्रेड- 1 के कार्यालयों में ग्रेड-1 के आबकारी निरीक्षक लगेंगे - ग्रेजुएट ग्रेड-1 PO लग सकेंगे, 3 वर्ष का अनुभव होना जरूरी - ग्रेड-1 के 10-12वीं उत्तीर्ण PO भी चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर लग सकेंगे - ग्रेड-2 के कार्यालयों में सामान्य शाखा के निरीक्षण ग्रेड-2 लगेंगे - निरोधक दल के स्नातक उत्तीर्ण, 3 वर्ष अनुभव वाले PO ग्रेड-2 लग सकेंगे - 10वीं-12वीं उत्तीर्ण PO को 3 वर्ष के अनुभव के साथ चयन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी - मौजूदा जमादार ग्रेड-1 के कार्मिक उप निरीक्षक लगाए जाएंगे बाइट- वैभव गालरिया, प्रमुख सचिव, वित्त विभाग वीओ- 2 इस पुनर्गठन में आबकारी विभाग ने राज्य सरकार के नए राजस्व जिलों में भी कार्यालय खोलने का प्रारूप तय कर दिया है। दरअसल अब तक विभाग का कामकाज पुराने 33 जिलों के पैटर्न पर ही संचालित हो रहा था। लेकिन अब पुनर्गठन में 7 नए जिलों में जिला स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे। नए जिलों बालोतरा, फलौदी, सलूम्बर, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा और डीग में नए जिला स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे। जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में यह कार्यालय पहले से ही संचालित है। वहीं कुछ बड़े जिलों में कार्यालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जयपुर जिले में अब 2 से बढ़ाकर कुल 4 जिला स्तरीय कार्यालय संचालित होंगे। जयपुर जिले में अब 4 आबकारी जिले - 10 जिलों में 2-2 जिला कार्यालय खुलेंगे, इनके नाम प्रथम और द्वितीय होंगे - अजमेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, - झुंझुनूं, जोधपुर और कोटा में 2-2 जिला स्तरीय कार्यालय होंगे - जयपुर में 4 जिला स्तरीय कार्यालय, प्रथम से चतुर्थ तक होंगे - इन सभी जिलों में राजस्व तहसील के हिसाब से क्षेत्र बांटे गए - जयपुर प्रथम में जयपुर तहसील का पूरा क्षेत्र शामिल होगा - जयपुर द्वितीय में सांगानेर तहसील का पूरा क्षेत्र शामिल होगा - जयपुर तृतीय में आमेर, शाहपुरा, जमवारामगढ़, बस्सी, चाकसू, - माधोराजपुरा, आंधी, तूंगा और कोटखावदा के क्षेत्र शामिल होंगे - जयपुर चतुर्थ में रामपुरा डाबडी, किशनगढ़ रेनवाल, जोबनेर, फागी, - मौजमाबाद, दूदू, सांभर, चौमूं, कालवाड़ और जालसू तहसील के क्षेत्र होंगे बाइट- वैभव गालरिया, प्रमुख सचिव, वित्त विभाग वीओ- 3 इसी तरह अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालयों में जयपुर संभाग के लिए 2 जोन गठित किए गए हैं। एक जोन जिसे जयपुर शहर नाम दिया गया है, उसमें राजस्व जिला जयपुर के पूरे क्षेत्र को शामिल किया गया है। जबकि दूसरा जोन जयपुर ग्रामीण में अलवर, कोटपूतली-बहरोड, खैरथल-तिजारा, दौसा, सीकर और झुंझुनूं जिलों के क्षेत्र को शामिल किया गया है। जयपुर के अलावा अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर में एक-एक अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालय संचालित होंगे। वहीं नई प्रशासनिक व्यवस्था में राज्य सेवा और अधीनस्थ सेवा के नए सेवा नियम बनाकर इनके अंतर्गत ही नई भर्तियां की जा सकेंगी।0
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श्योपुर: नामांतरण न मिलने से परेशान युवक दंडवत देकर जनसुनवाई में पहुंचा
Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर नामांतरण नहीं होने से परेशान व्यक्ति हाथों में पेपर लेकर दंडवत देते जनसुनवाई में पहुंचा, युवक पिछले एक वर्ष से दफ्तरों के चक्कर काट रहा है0
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वार्ड 23-24 की गंदगी पर मोहल्लेवासियों ने नगर परिषद के सामने दिया धरना
Jodhpur, Rajasthan:फलोदी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 23 एवं 24 में जगह जगह गंदगी सहित अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आक्रोशित मोहल्लेवासी नगर परिषद कार्यालय के सामने बैठे धरने पर। धरना आज दूसरा दिन रहा जारी। समय रहते सुनवाई नहीं होने पर अनशन की चेतावनी।0
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गोरखपुर की बुटीक में भीषण आग: लाखों के कपड़े जलकर राख
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर शहर के कैंट थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के हड़कंप मच गया, जब एक बुटीक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते दुकान के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। शादी-विवाह के लिए सिलने आए दर्जनों महंगे लहंगे, सलवार-सूट और अन्य कपड़े आग की भेंट चढ़ गए। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि कई परिवारों के शादी समारोह से जुड़े जरूरी कपड़े भी आग में नष्ट हो गए थे। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था। यह तस्वीरें गोरखपुर के पंडित हरिहर प्रसाद दूबे रोड स्थित ज्योति बुटीक की हैं, जहां मंगलवार सुबह करीब चार बजे अचानक आग लग गई। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरा बुटीक धुएं और आग की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पास में रहने वाले एक परिवार के सदस्य की नजर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पर पड़ी, जिसमें दुकान से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही कैंट पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। आग की भयावहता को देखते हुए पहले आसपास की बिजली सप्लाई बंद कराई गई, ताकि आग दूसरे प्रतिष्ठानों तक न फैल सके। फायर कर्मियों ने शटर खोले बिना ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। जब दुकान का शटर खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। छह सिलाई मशीनें, तैयार कपड़े और ग्राहकों के ऑर्डर पर सिलने के लिए रखे गए महंगे परिधान पूरी तरह जल चुके थे। बुटीक संचालक महताब आलम अंसारी के मुताबिक आग में 50 से अधिक लड़कियों के सलवार-सूट, कई शादी के लहंगे, विदाई के ब्लाउज और अन्य महंगे कपड़े जलकर राख हो गए। उन्होंने बताया कि अधिकांश कपड़े शादी-विवाह के सीजन के लिए ग्राहकों द्वारा सिलाई के लिए दिए गए थे। घटना में करीब तीन से चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। महताब का कहना है कि आर्थिक नुकसान से ज्यादा चिंता ग्राहकों के उन कपड़ों की है, जो अब वापस नहीं किए जा सकते। कई परिवारों की शादी की तैयारियों पर इस हादसे ने पानी फेर दिया है। महताब आलम अंसानी बुटीक संचालक ने बताया कि जब मुझे फोन आया और मैं मौके पर पहुंचा तो दुकान में आग लगी हुई थी। फायर ब्रिगेड आग बुझाने में लगी थी। अंदर रखे शादी के लहंगे, सलवार-सूट और ग्राहकों के कपड़े पूरी तरह जल गए। करीब तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे बड़ी परेशानी ग्राहकों के कपड़ों को लेकर है, जिनकी भरपाई करना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। गनीमत यह रही कि आग लगने के समय दुकान बंद थी और कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये का सामान और कई परिवारों की शादी की तैयारियां राख में तब्दील हो गईं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पीड़ित दुकानदार और प्रभावित ग्राहकों को इस नुकसान से कैसे राहत मिल पाएगी।0
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