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जगतसिंहपुर महोत्सव कल्लोल-2026 का भव्य उद्घाटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

Paradeep, Odisha:ଜଗତସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲା ମହୋତ୍ସବ 'କଲ୍ଲୋଳ' ଉଦଯାପିତ। ଅନ୍ତରା ଚକ୍ରବର୍ତ୍ତୀ ଲାଇଭ ବ୍ରାଣ୍ଡ ସୋ ରେ ଝୁମିଲେ ଦର୍ଶକ। ଜଗତସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଓ ଜିଲ୍ଲା ସଂସ୍କୃତି ପରିଷଦ ଆନୁକୂଳ୍ୟରେ ସ୍ଥାନୀୟ ନବକୃଷ୍ଣ ଚୌଧୁରୀ ଷ୍ଟାଡିୟମ ଠାରେ ୫ ଦିନ ଧରି ଚାଲିଥିବା ଜାଗତସିହପୁର ଜିଲ୍ଲା ମହୋତ୍ସବ କଲ୍ଲୋଳ-୨୦୨୬ ଉଦଯାପିତ ହୋଯାଇଛି । ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଜେ. ସୋନାଲଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଆୟୋଜିତ ଏହି ବଡ଼ ଉତ୍ସବରେ ଅତିଥି ଭାବରେ ଜଗତସିଂହପୁର ସାଂସଦ ବିଭୁ ପ୍ରସାଦ ତରାଇ, ଏସ୍ପି ଅଙ୍କିତ କୁମାର ବର୍ମା, ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଜ୍ୟୋତି ଶଙ୍କର ରାୟ ପ୍ରମୁଖ ଯୋଗ ଦେଇ ଏହି ଜିଲ୍ଲା ମହୋତ୍ସବ ଜିଲ୍ଲାର କଳା, ସାହିତ୍ୟ ଓ ସଂସ୍କୃତିକୁ ଉଦଯିବିତ କରିବା ସହିତ ଏହି ମହୋତ୍ସବ ସମସ୍ତଙ୍କର ମଧ୍ୟରେ ଭାଇଚାରା ସୃଷ୍ଟି କରିଥାଏ ବୋଲି ଅତିଥ ମାନେ କହିଥିଲେ । ଏହି ଅବସରରେ ଅନ୍ତରା ଚକ୍ରବର୍ତ୍ତୀ ଲାଇଭ ବ୍ରାଣ୍ଡ ସୋ ଦ୍ୱାରା ରଙ୍ଗାରଙ୍ଗ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପରିବେଷଣ କରାଯାଇଥିଲା । ଶେଷ ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ହଜାର ହଜାର ଦର୍ଶକ ମାନେ ଏହାର ମଜା ଉଠାଇଥିଲେ ।
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जयपुर नगर निगम आयुक्त ने पदभार संभालते ही निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया

Noida, Uttar Pradesh:जयपुरनिगम आयुक्त ओम कसेरा का पदभार संभालने के साथ निरीक्षण। नगर निगम मुख्यालय का आयुक्त ने किया निरीक्षण। स्मार्ट सिटी ऑफिस स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण। कंट्रोल सेंटर से शहर की व्यवस्थाओं को देखा। जन्म-मृत्यु शाखा का भी आयुक्त ने किया निरीक्षण। नगर निगम मुख्यालय की सफाई व्यवस्था को सुधारने के निर्देश। सात दिन में पुराने कबाड़ को हटाने के लिए निर्देश। कार्मिक शाखा राजस्व शाखा, विधि शाखा ,उद्यान शाखा, पशु प्रबंधन शाखा, फायर शाखा, जनसंपर्क शाखा , होर्डिंग शाखा, एनयूएलएम शाखा सहित मुख्यालय का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल, उपायुक्त कार्मिक उपायुक्त (स्वास्थ्य) अधीक्षण अभियंता रहे मौजूद।
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लेह में आपदा जोखिम कमी पर वर्कशॉप: NIDM ने Ladakh में तैयारी पर जोर

Aram Pora, Ganderbal, A sensitisation workshop on Disaster Risk Resilience (DRR) was organised in Leh by the National Institute of Disaster Management (NIDM) in collaboration with the Department of Disaster Management, Relief, Rehabilitation and Reconstruction (DMRR&R), UT Ladakh. The workshop was held in the gracious presence of Shri Madhup Vyas, IAS, Executive Director, NIDM. The workshop aimed to build a foundational understanding of disasters and disaster risk reduction, with special emphasis on preparedness, communication, community participation, and resilience in the high-altitude context of Ladakh. It also highlighted the importance of digital learning tools, social media for timely risk communication, and social behavioural change in strengthening disaster preparedness. Following the inaugural session, Shri Shekhar Chaturvedi, Assistant Professor, NIDM, delivered a presentation on institutional mechanisms and DRR planning. He spoke on the Disaster Management Act, major hazards of Ladakh, roles and responsibilities of disaster management institutions at various levels, the Incident Response System, disaster funding mechanisms, and planning challenges during emergencies. The second session was delivered by Ms. Nazia Khan, Senior Consultant, Information & Public Relation Officer (IPRO), NIDM, on digital initiatives of NIDM on DRR. She elaborated on NIDM’s e-learning platforms, iGOT portal, online disaster management courses, media communication, and capacity-building initiatives. She also highlighted specialised modules on climate change, community-based disaster management, earthquake risk reduction, gender aspects of recovery, safe cities, and financial strategies for disaster impacts. An interactive open-house discussion was also held, during which participants from NDRF, CRPF, ITBP, and other departments raised questions related to online courses, disaster preparedness, and Ladakh-specific disaster concerns. The resource persons addressed the queries in detail. In his concluding remarks, Shri Madhup Vyas stressed the need for effective utilisation of disaster management knowledge and practical preparedness. He also informed participants about an upcoming conference on April 18, where one session will be dedicated to State Disaster Management Authorities, and urged officers to assess present and future human resource needs in disaster management. He further noted that Leh and Ladakh are increasingly vulnerable to natural disasters and geographical challenges, and emphasised that with rising tourism and development activities, environmental concerns must also be taken into consideration. The workshop concluded with the valedictory address by the Deputy Commissioner Leh, who appreciated the resource persons for sharing valuable and insightful knowledge. The workshop was attended by the DC Leh, ADC Leh, senior officers of the UT Administration, LDMA, line departments, district and block-level functionaries, local institutions, civil society organisations, and other stakeholders.
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नर्मदापुरम में सड़क नवीनीकरण में लापरवाही, 700 मीटर डामर रात में बिछाया

Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- मध्यप्रदेश में सड़कों के जाल बिछाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं… लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा से सामने आया है, जहां पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जा रहे सड़क नवीनीकरण कार्य में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। बांकाबेड़ी से झीगनपुर बासनिया गांव तक करीब 5.7 किलोमीटर लंबी सड़क, जिसे 70 से 73 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि डामर की परत हाथों से ही उखड़ने लगी। ठेका कंपनी याराना कंस्ट्रक्शन पर आरोप है कि बिना उचित सफाई और तकनीकी मापदंडों का पालन किए ही 700 मीटर सड़क पर डामर बिछा दिया गया, जिससे पूरे निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों को जैसे ही घटिया निर्माण की जानकारी मिली, वे सरपंच वरुण पटेल के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क की परत को हाथों से उखाड़ कर काम की पोल खोल दी। दृश्य चौंकाने वाला था—डामर की परत इतनी कमजोर थी कि वह बिल्कुल भी टिक नहीं रही थी। आरोप है कि ठेकेदार जल्दबाजी में पूरी सड़क को रातों-रात तैयार करने की योजना में था और इसी के तहत देर रात 2 बजे तक काम करते हुए 700 मीटर हिस्से में डामर बिछा दिया गया। मामले के सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी के SDओ अमोद दुराफे ने भी लापरवाही को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि सतहिंग का कार्य किया गया था, लेकिन सफाई में कमी रह गई और लोड आने में समय लगने के कारण देर रात डामर बिछाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देर रात किया गया यह कार्य नियमों के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में मान्यता नहीं दी जाएगी। SDओ ने मौके का निरीक्षण कर पूरे कार्य को निरस्त कर दिया है और बिछाई गई डामर परत को उखाड़ने के आदेश दे दिए हैं, साथ ही ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि आगे का काम सब इंजीनियर की मौजूदगी में ही किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यही है—क्या कागजों पर बन रहे “सड़कों के जाल” जमीन पर भी उतने ही मजबूत हैं, या फिर ऐसे ही हाथों से उखड़ते रहेंगे?
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गर्मी में राजस्थान: 3 हजार हैंडपंप की जांच, 290 खराब पाए गए—पेयजल व्यवस्था हिल गई

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजस्थान में पेयजल सुविधाओं में असर देखा गया.प्रदेश में अचानक हुए निरीक्षण का पेयजल को लेकर ग्राउंड पर असर हुआ है.भीषण गर्मी में राहत के लिए सरकार ने पूरी तरह से कमर कस ली है.वहीं हर जिले के लिए आकस्मिक कार्यों स्वीकृति मिल चुकी है.290 हैंडपंप खराब मिले,तुरंत ठीक करवाया-सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद ग्राउंड जीरो तक उतरे अधिकारियों के निरीक्षण का बडा असर हुआ है.प्रदेशभर में सभी जिला कलेक्टर और इंजीनियर्स ने 3 हजार से ज्यादा हैंडपम्पों की जांचे की,जिसमें से 290 हैंडपंप खराब मिले.पीएचईड की ग्रामीण विंग ने बंद पड़े हैडपंपों को ठीक करवाया.प्रमुख सचिव हेमंत गेरा,सभी जिला कलैक्टर ने हैडपंपों की जांचे की थी.गांव-ढाणियों में हैंडपंप पेयजल का मुख्य स्रोत माना जाता है.इसलिए हैडपंपों को तुरंत ठीक करवाया.प्रदेशभर में हैंडपम्पों के निरीक्षण के बाद जलदाय विभाग ने ये रिपोर्ट सीएमओ भेजी है.211 करोड ग्रामीण,55 करोड शहरी के लिए स्वीकृत-राज्य सरकार ने भीषण गर्मियों के लिए कंटीजेंसी प्लान स्वीकृत किया है.सरकार ने 211 करोड ग्रामीण और 55 करोड शहरी इलाकों के लिए स्वीकृत किए.इसके साथ ही जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने निर्देश दिए है कि वितरण प्रणाली को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अवैध कनेक्शनों और बूस्टरों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए.ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.आकस्मिक कार्यों के लिए हर जिले के लिए सरकार ने 1 करोड की स्वीकृति दी है.30 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन कार्य पूरा करना होगा-गर्मी के बढ़ते प्रभाव के साथ सतही जल स्रोतों में कमी और भूजल स्तर में गिरावट की संभावना है.इसलिए सभी स्वीकृत कार्यों को 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए,ताकि मई जून के महीने में भीषण गर्मी में कंटीजेंसी प्लान का भरपूर उपयोग हो सके.
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NH 130 पर ग्रामीणों का चक्का जाम, तीन महिलाओं की मौत के बाद मुआवजे मांग

Kusu, Chhattisgarh:सरगुजा ब्रेकिंग अंबिकापुर से बिलासपुर जाने वाले नेशनल हाईवे 130 पर ग्रामीणों ने किया चक्का जाम। बीच सड़क पर टायर जलाकर ग्रामीणों ने किया चक्का जाम। सड़क दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौत के बाद मुआवजा की मांग कर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन। 4 घंटे से चल रहा है चक्का जाम से सड़को पर लगी वाहनों की लगी कतार। पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद लगातार दी जा रही समझाइस। पोस्टमार्टम के बाद तीनो मृतिका के परिजनों को 25 - 25 हजार रु की दी गईं है सहायता राशि। बीती देर शाम भिट्ठी कला में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की ठोकर से तीन महिलाओं की हुई थी मौत। मणिपुर थाना क्षेत्र के जोगीबाँध के पास आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम। स्ट्रीट लाइट, ब्रेकर सहित अन्य मांगो को लेकर सहमति के बाद चक्का जाम ख़त्म करने की बात कही जा रही हैं।
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सीएम निर्देश से पेयजल सुविधाओं में बड़ा बदलाव, 3 हजार हैंडपंपों की जाँच—290 खराब

Jaipur, Rajasthan:BCM के निर्देश का पेयजल सुविधाओं पर बड़ा असर,3 हजार हैंडपंपों की जांच की,290 खराब मिले आशीष चौहान, जयपुर-मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजस्थान में पेयजल सुविधाओं में असर देखा गया.प्रदेश में अचानक हुए निरीक्षण का पेयजल को लेकर ग्राउंड पर असर हुआ है.भीषण गर्मी में राहत के लिए सरकार ने पूरी तरह से कमर कस ली है.वहीं हर जिले के लिए आकस्मिक कार्यों स्वीकृति मिल चुकी है.आखिरकार प्रचंड गर्मियों के लिए पीएचईडी की कितनी तैयारी है,देखे ये रिपोर्ट...! 290 हैंडपंप खराब मिले,तुरंत ठीक करवाया- सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद ग्राउंड जीरो तक उतरे अधिकारियों के निरीक्षण का बडा असर हुआ है.प्रदेशभर में सभी जिला कलेक्टर और इंजीनियर्स ने 3 हजार से ज्यादा हैंडपम्पों की जांचे की,जिसमें से 290 हैंडपंप खराब मिले.पीएचईडी की ग्रामीण विंग ने बंद पड़े हैडपंपों को ठीक करवाया.प्रमुख सचिव हेमंत गेरा,सभी जिला कलैक्टर्स ने हैडपंपों की जांचे की थी.गांव-ढाणियों में हैंडपंप पेयजल का मुख्य स्रोत माना जाता है.इसलिए हैडपंपों को तुरंत ठीक करवाया.प्रदेशभर में हैंडपंपों के निरीक्षण के बाद जलदाय विभाग ने ये रिपोर्ट सीएमओ भेजी है. 211 करोड ग्रामीण,55 करोड शहरी के लिए स्वीकृत- राज्य सरकार ने भीषण गर्मियों के लिए कंटीजेंसी प्लान स्वीकृत किया है.सरकार ने 211 करोड ग्रामीण और 55 करोड शहरी इलाकों के लिए स्वीकृत किए.इस पर संबंधित अधीक्षण अभियंता,अतिरिक्त मुख्य अभियंता काम कर रहे है.इसके साथ ही जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने निर्देश दिए है कि वितरण प्रणाली को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अवैध कनेक्शनों और बूस्टरों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए. ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.आकस्मिक कार्यों के लिए हर जिले के लिए सरकार ने 1 करोड की स्वीकृति दी है. 30 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन कार्य पूरा करना होगा- गर्मी के बढ़ते प्रभाव के साथ सतही जल स्रोतों में कमी और भूजल स्तर में गिरावट की संभावना है.इसलिए सभी स्वीकृत कार्यों को 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए,ताकि मई जून के महीने में भीषण गर्मी में कंटीजेंसी प्लान का भरपूर उपयोग हो सके. इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है。
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किडनैपिंग कर भाग रहे बदमाशों को कुदरत का इंसाफ, हादसे में तीन की मौत,एक पुलिस हिरासत मे

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली सीबीगंज क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने एक सनसनीखेज किडनैपिंग मामले का खुलासा कर दिया। लखनऊ-बरेली हाईवे पर तेज रफ्तार बोलेरो खड़े टैंकर से टकरा गई, जिसमें सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।शुरुआत में यह घटना एक सामान्य सड़क दुर्घटना लग रही थी, लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। बोलेरो के भीतर दो छोटे बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। दोनों घायल थे, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि ये दोनों बच्चे गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 क्षेत्र से अगवा किए गए थे। बच्चे ऑटो चालक मनोज के बेटे हैं, जो 4 अप्रैल से लापता थे। इस संबंध में उनकी पत्नी पूजा ने पहले ही अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पूजा के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था, जिसने मनोज को बंधक बनाने और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। कॉल के दौरान कुछ समय के लिए मनोज और बच्चों से भी बात कराई गई, जिससे मामला अपहरण का स्पष्ट हो गया। पुलिस के मुताबिक, बोलेरो में सवार बदमाश बच्चों को लेकर कहीं जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी हाईवे पर खड़े टैंकर से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों बदमाशों की मौके पर ही मौत हो गई। घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के पीछे फिरौती और रंगदारी की साजिश थी। बदमाश मनोज को पहले से जानते थे और इसी आधार पर उन्हें निशाना बनाया गया। अच्छी बात यह रही कि दोनों बच्चे सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं, पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मनोज को भी सकुशल ढूंढ लिया है।
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NSUI स्थापना दिवस: विश्वविद्यालयों में धरना-प्रदर्शन के साथ RUN FOR ROJGAR कार्यक्रम

Jaipur, Rajasthan:जयपुर NSUI का स्थापना दिवस: यूनिवर्सिटियों में प्रदर्शन और ‘RUN FOR ROJGAR’ के जरिए युवाओं को जोड़ने की तैयारी प्रदेश में एक ओर जहां कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और निकाय-पंचायत चुनावों के मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए “संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ” अभियान चला रही है, वहीं अब NSUI भी अपने स्थापना दिवस के जरिए युवाओं को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। NSUI का स्थापना दिवस 9 अप्रैल को मनाया जाएगा। इससे पहले संगठन प्रदेश भर की यूनाविर्सिटियों में सक्रिय होकर छात्रों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को उठाने की तैयारी में है। इसी क्रम में आज NSUI की ओर से पर्चा वितरण किया जाएगा और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी प्रमुख समस्याओं की पहचान की गई। इसके बाद 7 अप्रैल को महाविद्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान छात्रों की प्रमुख समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा वहीं 9 अप्रैल को स्थापना दिवस के मौके पर सुबह 6 बजे राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से RUN FOR ROJGAR मैराथन का आयोजन किया जाएगा। कुल मिलाकर NSUI स्थापना दिवस के जरिए एक ओर युवाओं को अपनी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालयों में मौजूद समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन के जरिए आवाज उठाने की रणनीति भी तैयार की गई है। साथ ही RUN FOR ROJGAR के माध्यम से रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की भी तैयारी है।
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पूर्व CM राजे की नसीहत: मूल कार्यकर्ताओं को दें प्राथमिकता, दल-बदल से रहें सावधान

Jaipur, Rajasthan:राजनीति में संदेश और संकेत दोनों मायने रखते हैं… बीजेपी के 47वें स्थापना दिवस पर जयपुर से ऐसा ही एक बड़ा संदेश निकला है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सरकार और संगठन को साफ शब्दों में खरी खरी नसीहत दी है। राजे ने कहा कि party को कार्यकर्ताओं ने अपने खून पसीने से सींचा है, ऐसे में मूल विचाराधाराि के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दें और दल-बदलू नेताओं से सावधान रहें। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को संगोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, सांसद घनश्याम तिवाड़ी, मंजू शर्मा सहित नेता मौजूद थे। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बूथ अध्यक्ष को वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच पर स्थान दिया गया, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि संगठन की असली ताकत जमीनी कार्यकर्ता ही हैं। संगोष्ठी में पूर्व सीएम राजे ने संगठन और सरकार को दो टूक सीधी नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके मूल कार्यकर्ता हैं… यह जरूरी हमारी मूल विचारधारा के कार्यकर्ताओं काे हर वक्त सम्मान मिलना चाहिए । खतरा तो हम लोगों उन से है जो पहले अपना सोचते हैं। पार्टी में ऐसे तो कई लोग हैं जो इधर से उधर गए, उधर जीत कर इधर आ गए, इनसे बडा खतरा है। राजे ने कहा कि नियुक्तियां और दायित्व उन लोगों को देना चाहिए जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा, समर्पण और संस्कार हो, इसलिए बार बार उनको चेक करने की जरूरत नहीं है। जो कार्यकर्ता मूल भाजपा से है, बचपन से उनमें पार्टी विचार है उन्हें मिलना चाहिए। हमारा सिद्धांत है विचारधारा से समझौता कभी नहीं करना चाहिए। राजे ने अटल बिहारी का उदाहरण देते हुए कहा कि वाजपेयी ने भरे सदन में कहा था पार्टी तोड़कर नया गठबंधन करने से यदि सत्ता हाथ में आती है तो मैं ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा। पूर्व सीएम राजे ने दल-बदल करने वाले नेताओं को लेकर चिंता जताई। कई ऐसे लोग होते हैं जो दल तो बदल लेते हैं, लेकिन उनका दिल और मानसिकता नहीं बदलती. ऐसे लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं और पार्टी की मूल भावना से उनका कोई जुड़ाव नहीं होता. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पार्टी के लिए खतरा बन सकते हैं, क्योंकि उनकी निष्ठा विचारधारा के प्रति नहीं बल्कि स्वार्थ के प्रति होती है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ नेता पार्टी में पूरी तरह समाहित हो जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा की पहचान हमेशा सिद्धांतों और नैतिकता से रही है। सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण विचारधारा होती है। बाइट: वसुंधरा राजे (पूर्व सीएम) राजे की कार्यकर्ताओं की खरी खरी - पूर्व सीएम राजे ने संगठन और सरकार के साथ साथ कार्यकर्ताओं को भी खरी खरी सुनाई। राजे ने कहा कि पद से क्या मतलब है, अपना काम करो, पद अपने आप आएगा। संगठन में निष्ठा दिखाई है बचपन से काम किया है। पद को भूल जाइए काम करिए ये पार्टी बिना पद लालच के यहां तक पहुंची है। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उस जगह पर बने रहना है तो यह हम पा सकते हैं पार्टी को मां मानकर काम करेंगे नेतृत्व को मजबूत करने का काम करेंगे आवाज को बुलंद करने का काम करेंगे। हम सब चुनाव जीतने तक ही सीमित नहीं है हमने परिवार मानकर लोगों की मदद करते हैं।
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सूरतगढ़ में किसान संघ की 6 मांग: MSP खरीद सरल, ओलावृष्टि मुआवजे के ज्ञापन

Sri Ganganagar, Rajasthan:सूरतगढ़ में आज भारतीय किसान संघ ने 6 सूत्री मांगो का एसडीएम को सौपा ज्ञापन, गेहूं की MSP खरीद सरल प्रणाली से करवाने, ओलावृष्टि से हुई फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने, बारदाना उपलब्ध करवाने, खरीदी गई फसलों का उठाव कार्य जल्द करवाने आदि मांगो को लेकर सौपा ज्ञापन. किसान संघ के तहसील अध्यक्ष सुधीर गोदारा ने कहा कि गेहूं फसल की बिक्री हेतु कृषि उपज मंडियों में पहुंच रहे हैं, किन्तु मंडियों में पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव एवं जटिल प्रक्रियाओं के कारण किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही क्षेत्र में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हुई है. मंडी में सरकारी खरीद एवं नीलामी प्रक्रिया को सुचारू एवं पूर्णतः पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य (MSP) समय पर प्राप्त हो सके।
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