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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow14 Jan 2025, 11:50 am

GONDA-जिला अस्पताल बना गंदगी का अस्पताल,स्वास्थ्य विभाग सो रहा कुंभकर्णी नींद

Gonda, Uttar Pradesh:

गोंडा के जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज देवीपाटन मंडल के अधीन हो गया है लेकिन जब से यह मेडिकल कॉलेज के अधीन हुआ है तब से अस्पताल में समस्याओं का अंबार लग गया है। चाहे अस्पताल में दवा की बात हो या फिर मरहम पट्टी की बात हो या किसी सामान की बात हो सब मेडिकल कॉलेज के आदेश पर ही निर्गत किया जाता है।यहां की सबसे बड़ी समस्या अस्पताल में घुसने के बाद क्षेत्रीय निदान केंद्र के पास की है जहां खून,पेशाब सहित अन्य रोगों की जांच,एक्सरे, सिटी स्कैन होता है। वही बगल में डायलिसिस केंद्र है…लेकिन चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है और लोग इसमें ही इलाज कराने को मजबूर है।

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इंदौर जनसुनवाई के दौरान एडवोकेट ने कलेक्टर के सामने फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपनी शिकायत लेकर पहुंचे एक एडवोकेट अचानक कलेक्टर के पैरों में बैठ गए। एडवोकेट ने कलेक्टर के पैर पकड़कर शहर में कथित फर्जी अस्पतालों और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। एडवोकेट का आरोप है कि वे पिछले 8 महीने से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तस्वीरें इंदौर कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई की हैं जहां अपनी शिकायत लेकर पहुंचे एडवोकेट चर्चित शास्त्री ने प्रशासन के सामने शहर में कथित तौर पर बिना अनुमति संचालित हो रहे अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। शिकायत बताते-बताते एडवोकेट अचानक घुटनों के बल बैठ गए और कलेक्टर के पैर पकड़कर आम जनता की जान की सुरक्षा की गुहार लगाने लगे। एडवोकेट चर्चित शास्त्री का आरोप है कि शहर में कुछ अस्पताल और चिकित्सकीय संस्थान ऐसे हैं, जिनकी वैधता और संचालन की अनुमति को लेकर गंभीर सवाल हैं। उनका दावा है कि इन मामलों में कार्रवाई नहीं होने से आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। एडवोकेट ने अपनी शिकायत के साथ भर्ती पर्ची, ऑनलाइन पेमेंट पर्ची और अन्य दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे हैं। एडवोकेट ने इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव हासानी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सीएमएचओ द्वारा कथित फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों को संरक्षण दिया जा रहा है। हालांकिं इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
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लुधियाणा में दलितों के विरुद्ध भेदभाव के आरोप: कुलदीप वैद ने भाजपा-आरएसएस पर हमला

Ludhiana, Punjab:ਰਾਹੁਲ ਗਾਂਧੀ ’ਤੇ FIR ਮਗਰੋਂ ਲੂਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਸਾਬਕਾ ਵਿਧਾਇਕ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਵੈਦ ਦੀ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ,BJP te RSS ’ਤੇ ਦਲਿਤਾਂ ਨਾਲ ਭੇਦਭਾਵ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਇਲਜ਼ਾਮ ਹਿਲਦਵਾਨੀ ਵਿੱਚ ਰਾਹੁਲ ਗਾਂਧੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਦਰਜ ਹੋਈ FIR ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਵਿਧਾਇਕ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਵੈਦ ਵੱਲੋਂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ BJP ਅਤੇ RSS ’ਤੇ ਤਿੱਖੇ ਨਿਸ਼ਾਨੇ ਸਾਧੇ ਅਤੇ ਦਲਿਤਾਂ ਨਾਲ ਕਥਿਤ ਭੇਦਭਾਵ ਦੇ ਇਲਜ਼ਾਮ ਲਗਾਏ। ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਵੈਦ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ RSS ਦੀ ਸੋਚ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਹੀ ਨੀਵੀਂ ਜਾਤ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦਬਾਉਣ ਵਾਲੀ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮਲਿਕਾਰਜੁਨ ਖੜਗੇ ਦੇ ਹਲਦਵਾਨੀ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਸ਼ੁੱਧੀਕਰਨ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ, ਜੋ ਬੇਹੱਦ ਸ਼ਰਮਨਾਕ ਗੱਲ ਹੈ। ਵੈਦ ਨੇ ਜਗਨਨਾਥ ਪੁਰੀ ਮੰਦਰ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਦਾ ਹਵਾਲਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਰਾਮਨਾਥ ਕੋਵਿੰਦ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਤਨੀ ਨੂੰ ਮੰਦਰ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮੂਰਤੀ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਤੋਂ ਰੋਕੇ ਜਾਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲੱਗੇ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦ੍ਰੌਪਦੀ ਮੁਰਮੂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮੰਦਰ ਵਿਵਾਦ ਦਾ ਵੀ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ BJP ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਦਲਿਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਸੋਚ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਵੈਦ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਜਿੱਥੇ-ਜਿੱਥੇ BJP ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਦਲਿਤਾਂ ਨਾਲ ਮਾੜਾ ਵਰਤਾਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。
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भाजपा पूर्व जिलाअध्यक्ष पर डेढ़ लाखरुपये 12सालतक न देने का आरोप,खुदbjp कार्यकर्ता ने एसपी को शिकायतदी

Shrvan PanditShrvan PanditFollow3m ago
Lilaun, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली स्लग ... भाजपा नेता की गुंडागर्दी, पीड़ित ने एसपी से की शिकायत ..... शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र के एक व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाये हैं। पीड़ित व्यापारी ने कहा,कि करीब 12 सालों से भाजपा नेता उसका शोषण करते हुए लाखों रुपए कब्जा किया हुए हैं।पीड़ित ने झिंझाना थाने में भी 3 महीने पहले शिकायत की थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद वह आज एसपी ऑफिस पहुंचा है।वही इस मामले में आरोप लगने वाले भाजपा नेता से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने सभी आरोपी को निराधार बताया है। ..... आपको बता दे कि मामला शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र के कस्बा झिंझाना का है। जहां पर सतपाल बंसल नाम के व्यापारी ने करीब 12 साल पहले एक प्लॉट भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष रहे सतेंद्र तोमर को बेचा था। पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि बैनामा करते समय मुझे विश्वास में लेकर भाजपा नेता सतेंद्र तोमर ने बाकी बची हुई डेढ़ लाख रुपए की रकम घर जाकर देने का वादा किया था लेकिन 12 साल बीतने के बाद भी उसने मुझे मेरी घर जाने के दौरान दिए जाने वाले रकम आज तक नहीं दी। घटना के मामले में पीड़ित न हीं कई बार सम्मानित लोगों की पंचायत बुलाई और झिंझाना थाने में भी तहरीर देकर पुलिस द्वारा आरोपी भाजपा नेता से रुपये दिलाने की गुहार लगाई , । लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी खुद भाजपा व्यापारी नेता की सुनवाई झिझाना थाना पुलिस ने नहीं की और पीड़ित आज पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा से अपने रुपए वापस दिलाने की गुहार लगाते हुए एक एसपी शामली को शिकायती पत्र दिया है जिसमें पुलिस अधीक्षक ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया हौ। वही इस मामले में भाजपा नेता व पूर्व जिला अध्यक्ष सतेंद्र तोमर ने बताया कि मैं और सतपाल बंसल ने अन्य लोगो के साझे में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम किया था ₹500000 मेरे खुद के उसके ऊपर निकलते थे साढ़े तीन लाख रुपए आ चुके हैं,ओर डेढ़ लाख रुपए मेरे ही बकाया है,भाजपा नेताओं के बीच हुई इस रूपयो के लेनदेन के मामले को लेकर मामला गरमा गया है एक और भाजपा कार्यकर्ता सतपाल बंसल ने 3 महीने पहले भी झिझाना थानां मे शिकायत की थी।लेकिन उसका निस्तारण अभी तक नहीं हुआ,जबकि अब पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष बैठकर मामले की निस्तारण करने की बात कह रहा है।
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*निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने थाने पर किया हंगामा*

MADAN LAL JAISWALMADAN LAL JAISWALFollow6m ago
Newal Garh, Uttar Pradesh:कोतवाली जरवा क्षेत्र के ग्राम शेखडीह जरवा निवासी 26 वर्षीय अशफाक पुत्र इरशाद की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से नाराज परिजनों ने शव को थाना तुलसीपुर ले जाकर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक के भाई जुल्फेकार ने बताया कि मंगलवार शाम भाई अशफाक को अचानक पेट में असहनीय दर्द और बुखार हुआ। परिजन जावेद और छोटे भाई मोहर्रम अली के साथ उसे वाहन से तुलसीपुर के अवध हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टर अब्दुल महबूब खान ने इलाज शुरू किया। तीन दिन चले इलाज के दौरान बृहस्पतिवार सुबह डॉक्टर ने लगभग 60 हजार रुपये जमा कराने के बाद मरीज को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन पैसे देकर मरीज को लेकर जिला अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। फोन पर सूचना देने पर डॉक्टर ने कहा कि मैं क्या कर सकता हूं। इसके बाद परिजन वापस अस्पताल गए, जहां डॉक्टर ने बात नहीं की। सूचना पर प्रधान शकील खान और ग्रामीण तुलसीपुर थाने पहुंचे और प्रदर्शन कर लिखित तहरीर दी। मामले में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके निर्देश पर उपनिरीक्षक रमेश चंद्र उपाध्याय व सिपाही उमेश कुमार के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर में पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक की एक दो वर्षीय पुत्री है। वह हैदराबाद में मजदूरी करता था और लगभग 8 माह से घर पर ही रह रहा था। परिजनों ने जिलाधिकारी से अस्पताल की जांच कराकर संचालक पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अवध अस्पताल संचालक डॉक्टर अब्दुल महबूब खान ने बताया कि मरीज के मृत होने की सूचना मिलते ही ली गई फीस वापस कर दी गई है।
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ग्रेटर नोएडा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक 130 मीटर चौड़ी सड़क जोड़ने का प्रस्ताव

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (नेशनल हाइवे-24) से जोड़ने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव रखा गया। इस पर सहमति बन गई है। नोएडा व यीडा की सहमति लेकर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए एनएचएआई को जिम्मा सौंपा था। एनएचएआई के सर्वेक्षण में दो वैकल्पिक मार्ग सामने आए। पहले विकल्प में एक मूर्ति से नाले तक डबल डेकर सड़क प्रस्तावित की गई, जबकि दूसरे में शाहबेरी से नाले के साथ लिंक रोड जोड़ने का प्रस्ताव है। इस सड़क को बनाने के लिए बनी समिति ने पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है, जिसकी लागत 756.01 करोड़ रुपये होगी। दूसरे चरण में शेष सड़क का निर्माण पूरा किया जाएगा। परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस फैसले से 130 मीटर चौड़ी सड़क से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। ग्रेटर नोएडा से ईस्टर्न पेरिफेरल तक बनेगी 105 मीटर चौड़ी सड़क ग्रेटर नोएडा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। ग्रेटर नोएडा फेस-1 में इस सड़क का करीब 6 किलोमीटर हिस्सा पहले ही बन चुका है। अब फेस-2 में ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होना है। इस सड़क के अलाइनमेंट में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड आएंगे। इन स्थानों पर तीन ओवरब्रिज बनाया जाएगा। सड़क को 10 लेन तथा चार सर्विस लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस सड़क के लिए आवश्यक भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि निर्माण पर आने वाला खर्च एनएचएआई वहन करेगा। सड़क के दायरे में ग्रेटर नोएडा फेस-1, फेस-2 और डीएनजीआईआर क्षेत्र की भूमि शामिल है。
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गोरखपुर में सड़क किनारे खेत पर महिला की नग्न लाश, दुष्कर्म हत्या की आशंका

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेंद्र मणि त्रिपाठी लोकेशन: गोरखपुर सड़क किनारे खेत में महिला की नग्न लाश मिलने की खबर शहर में सनसनी फैलाने लगी है। झंगहा थाना क्षेत्र के गहिरा गांव के भूमिहार टोला में सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों की नजर खेत में पड़े शव पर पड़ी। महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शव की हालत और गले पर मिले चोट के निशान को देखते हुए पुलिस दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका से भी जांच कर रही है। हालांकि, दुष्कर्म हुआ या नहीं और महिला की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। घटनास्थल से एक मोबाइल फोन, चप्पल और लोअर भी बरामद हुआ है। पुलिस इन सामानों के जरिए महिला की पहचान और घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र का गहिरा गांव... गुरुवार सुबह तक यहां सब कुछ सामान्य था, लेकिन सड़क किनारे खेत में एक महिला की लाश मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि कुछ लोग रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे खेत में पड़े महिला के शव पर गई। शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही झंगहा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की शुरुआती छानबीन में शव से कुछ दूरी पर एक मोबाइल फोन, चप्पल और लोअर मिला है। पुलिस ने इन सभी सामानों को कब्जे में ले लिया है। अब मोबाइल फोन पुलिस की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल के जरिए महिला की पहचान और उसके आखिरी संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर महिला कौन थी? वह यहां तक कैसे पहुंची? उसकी मौत कैसे हुई? और क्या उसकी हत्या कहीं और करने के बाद शव को यहां लाकर फेंका गया? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी हुई है। महिला की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क कर महिला की गुमशुदगी से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र सिंह भी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में महिला के गले पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है। हालांकि, अभी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह साफ हो सकेगी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं महिला की हत्या किसी दूसरी जगह तो नहीं की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन और दूसरे सामानों की जांच के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता महिला की पहचान करना है। महिला की पहचान होने के बाद ही उसकी गतिविधियों, उसके संपर्कों और घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी कड़ी सामने आ सकेगी। फिलहाल गोरखपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कई एंगल से जांच की जा रही है। महिला की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस सनसनीखेज मामले की असली तस्वीर सामने आएगी।
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सोन नदी खतरे के निशान के करीब, प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम कड़े किए

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अब सोन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी और Catchment Area में लगातार बारिश होने से नदी-नालों में आया पानी सोन नदी के जलस्तर को बढ़ा रहा है और नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। चोपन के सोन नदी किनारे टाटी इलाके में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोगों से नदी के किनारे जाने और बच्चों व पशुओं को तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रखने की अपील की गई है। सोनभद्र में लगातार बारिश अब नदियों के जलस्तर पर भारी पड़ रही है। जिले के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं और इसी बीच सोन नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। लगातार बारिश के साथ आसपास के Catchment Area से आने वाले पानी ने सोन नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा किया है। बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीएम चर्चित गौड़ और एसपी अभिषेक वर्मा ने चोपन के सोन नदी किनारे टाटी इलाके का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तटवर्ती बस्तियों की स्थिति देखी और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि सोन नदी के जलस्तर पर बाणसागर और रिहंद डैम से आने वाले पानी का भी असर पड़ता है। बाणसागर से पानी छोड़े जाने की जानकारी के बाद प्रशासन ने एहतियातन ओबरा डैम से भी पानी की निकासी शुरू कराई है, ताकि आगे बाणसागर का पानी पहुंचने पर ओबरा डैम में पर्याप्त जलस्तर नियंत्रण में रखा जा सके। फिलहाल सोन नदी का पानी नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन नदी खतरे के निशान के करीब है। ऐसे में प्रशासन ने राजस्व कर्मियों, पुलिस और संबंधित विभागों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि बढ़ते पानी के बीच कोई अनहोनी न हो। हालांकि नदी का बढ़ता जलस्तर देखने के लिए तटवर्ती इलाकों में लोगों की भीड़ भी दिखाई दे रही है। प्रशासन ने साफ अपील की है कि महज बढ़े हुए पानी को देखने के लिए भी नदी के किनारे न जाएं। बच्चों और पशुओं को भी नदी तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। यानि लगातार बारिश और पहाड़ी Catchment Area से आ रहा पानी सोन नदी के लिए चुनौती बढ़ा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन भी संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए लगातार ग्राउंड पर निगरानी बनाए हुए है।
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दुमका-पटना एक्सप्रेस 42 मिनट रुकी, पटरी क्रैक की आशंका नहीं मिली

Munger, Bihar:पटरी में क्रैक की आशंका से दुमका-पटना एक्सप्रेस 42 मिनट रुकी।महरना के पास चालक को लगा तेज झटका, जांच में नहीं मिला रेल पटरी में क्रैक मुंगेर :किऊल-जमालपुर रेलखंड पर गुरुवार को धरहरा और अभयपुर रेलवे स्टेशन के बीच महरना गांव के समीप पटरी में क्रैक होने की आशंका से दुमका-पटना एक्सप्रेस करीब 42 मिनट तक धरहरा रेलवे स्टेशन पर रुकी रही। घटना के कारण रेल परिचालन को लेकर कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बनी रही। जानकारी के अनुसार, रामपुरहाट-गया पैसेंजर (53403 अप) के चालक को महरना गांव के समीप पोल संख्या 372/33 और 372/35 के बीच अचानक झटका महसूस हुआ। चालक ने पटरी में क्रैक होने की आशंका जताते हुए इसकी सूचना धरहरा रेलवे स्टेशन और कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद चालक और गार्ड ने ट्रेन को घटनास्थल पर करीब 26 मिनट तक रोककर पटरी की जांच की। सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूआई मनीष कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। वहीं, एईएन राजीव कुमार भी दुमका-पटना एक्सप्रेस (13333 अप) से घटनास्थल के लिए रवाना हुए। इस दौरान दुमका-पटना एक्सप्रेस धरहरा रेलवे स्टेशन पर करीब 42 मिनट तक रुकी रही। स्टेशन उप प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूआई की जांच में पटरी में क्रैक जैसी कोई स्थिति नहीं मिली। जांच पूरी होने के बाद कंट्रोल रूम के निर्देश पर ट्रेन का परिचालन सामान्य रूप से शुरू कराया गया।
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एसीबी ने तिरुमला के कर्मी मेंडु लोकेनाथम के परिसरों पर संपत्ति मामला छापे मारे

Hyderabad, Telangana:Tirupati: Anti-Corruption Bureau (ACB) officials on Thursday conducted searches at the residence of Tirumala Tirupati Devasthanams (TTD) employee Mendu Lokanatham and the houses of his relatives in connection with a disproportionate assets case. ACB DSP Srinivas said the searches were carried out after obtaining search warrants from the Nellore ACB Court based on information that Lokanatham allegedly possessed assets disproportionate to his known sources of income. Lokanatham, who joined the TTD as a Junior Assistant and is currently working as a Deputy Executive Officer (Deputy EO), is being investigated over his assets. ACB teams are conducting searches at five locations, including premises in Tirupati and the residences of his relatives, including his brother. Officials are verifying gold, property documents and other records recovered during the searches. The valuation and verification of the assets are underway. The ACB DSP urged government employees and members of the public to immediately report any demand for bribes by government officials by calling the ACB toll-free number 1064. He also cautioned the public against fraudsters posing as ACB officials and demanding money. People who receive such demands should immediately contact the ACB through the toll-free number.
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बरकट्ठा के जंगल में गिद्धों की संख्या बढ़ने से पारिस्थितिकी तंत्र को फायदा

Hazaribagh, Jharkhand:हजारीबाग के वन क्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। लंबे समय से कम होते जा रहे गिद्ध अब इस इलाके में दोबारा बड़ी संख्या में दिखाई देने लगे हैं। महावर पहाड़ के साथ-साथ कपका-कुरचुनोबेडो पुल के आसपास इन पक्षियों के झुंड देखे गए हैं। जंगल में गिद्धों की बढ़ती मौजूदगी को स्थानीय स्तर पर प्रकृति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। डीएफओ मौन प्रकाश के मुताबिक, बीते कुछ दिनों में वन क्षेत्र के कई हिस्सों में गिद्धों की गतिविधियां बढ़ी हैं। निगरानी के दौरान वयस्क गिद्धों के अलावा छोटे आकार और कम उम्र के पक्षी भी नजर आए। वन विभाग के लिए यह पहलू खास महत्व रखता है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि गिद्ध इस क्षेत्र में लगातार आ-जा रहे हैं और यहां उन्हें अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं। महावर पहाड़ को गिद्धों के पुराने ठिकानों में गिना जाता है। पहाड़ और उसके आसपास फैला वन क्षेत्र इन पक्षियों को भोजन और सुरक्षित बैठने के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराता है। कम उम्र के गिद्धों की मौजूदगी से यह संभावना भी बन रही है कि आसपास इनके प्रजनन स्थल हो सकते हैं। अगर यह स्थिति आगे भी बनी रहती है तो बरकट्ठा क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में आने वाले वर्षों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे क्षेत्र की जैव विविधता को भी लाभ मिलेगा। डॉ सत्यप्रकाश (पक्षी विद) भारत में गिद्धों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें भारतीय गिद्ध, सफेद पीठ वाला गिद्ध, पतली चोंच वाला गिद्ध और लाल सिर वाला गिद्ध गंभीर संरक्षण संकट का सामना कर रहे हैं। गिद्धों को प्रकृति का प्राकृतिक सफाईकर्मी कहा जाता है। मृत जानवरों के शवों को खाकर ये जंगल और खुले क्षेत्रों को साफ रखने में मदद करते हैं। इससे सड़ते शवों से फैलने वाले संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी कम होता है। ऐसे में बरकट्ठा में गिद्धों की संख्या बढ़ना सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशी की बात नहीं है, बल्कि यह पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। गिद्धों के संभावित आवास को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा है। ग्रामीणों से जंगल में अवैध कटाई, शिकार या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने अपील की है कि यदि किसी ग्रामीण को जंगल में गिद्धों का घोंसला या बड़ी संख्या में इन पक्षियों का जमावड़ा दिखाई देता है, तो इसकी जानकारी वन विभाग को दी जाए। इससे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां संरक्षण के उपाय किए जा सकेंगे.
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कवर्धा में बारिश थमी, बूंदाबांदी से राहत; फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं

Kawardha, Chhattisgarh:बारिश थमी तो मिली राहत, शाम की बूंदाबांदी ने बढ़ाई चिंता लगातार बारिश के बाद गुरुवार को सुबह बारिश थमने से जिलेवासियों ने राहत की सांस ली। हालांकि दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और शाम को फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। फिलहाल जिले में किसी बड़े नुकसान, गंभीर स्थिति या अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बारिश के चलते जिले के बांधों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी पानी छोड़ने की स्थिति नहीं बनी है। नदी-नालों और छोटे जलस्रोतों में पानी बढ़ा है, मगर फिलहाल बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। कवर्धा शहर की कई सड़कों पर गड्ढों में पानी जमा हुआ है, जबकि निचली बस्तियों में स्थिति सामान्य है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के तेज बहाव को पार नहीं करने की अपील की है। मौसम और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन लगातार बारिश होने पर परेशानी बढ़ सकती है।
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