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Harish Chandra GuptaHarish Chandra GuptaFollow30 Dec 2024, 02:16 pm

Gonda - सरस्वती शिशु बालिका विद्या मंदिर में वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया

Gonda, Uttar Pradesh:

 सरस्वती शिशु बालिका विद्या मंदिर मालवीय नगर गोण्डा के वार्षिकोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया . छात्रों ने अपने प्रतिभाओं को मंच पर प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा प्रदेश निरीक्षक भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश राम जी सिंह वीरेश्वर चौधरी अध्यक्ष जनार्दन सिंह प्रबंधक डॉक्टर बृजेंद्र कुमार मिश्रा प्रधानाचार्य डॉ राम शंकर द्विवेदी अध्यक्ष सरस्वती बालिका विद्या मंदिर डॉक्टर वंदना सारस्वत. प्रबंधिका उमाशंकर तिवारी प्रधानाचार्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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हरिद्वार की बस में भीषण आग, चालक और यात्रियों की सतर्कता से बचाव

Haridwar, Uttarakhand:ब्रेकिंग न्यूज/हरिद्वार हरिद्वार के सर्वानंद घाट के सामने चलती बस में अचानक लगी भीषण आग । बस देहरादून से दिल्ली जा रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस से डीजल लीक होने के कारण आग लगने की घटना हुई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। चालक की सतर्कता और सूझबूझ से सभी यात्रियों को समय रहते बस से बाहर निकाला गया। ड्राइवर और यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि यात्रियों का सामान और लगेज बस के साथ जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और बड़ा हादसा टल गया।
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कटड़ा में भीड़ नियंत्रण के लिए यात्रा पंजीकरण अस्थायी रोक, सुरक्षा के साथ यात्रा पुनः शुरू

Noida, Uttar Pradesh:कटड़ा: श्री माता वैष्णो देवी भवन में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है। भवन क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार शाम को यात्रा पंजीकरण काउंटरों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। बोर्ड प्रशासन के अनुसार यात्रा को रविवार सुबह 4 बजे के बाद दोबारा शुरू किया जाएगा और पंजीकरण प्रक्रिया भी उसी समय से बहाल होगी। जानकारी के अनुसार गर्मियों की छुट्टियों और सप्ताहांत के चलते कटड़ा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटड़ा पहुंच रहे हैं, जिसके चलते भवन क्षेत्र में यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। ऐसे में श्राइन बोर्ड प्रशासन और सुरक्षा एजेंसीों ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया कि फिलहाल यात्रा को कुछ घंटों के लिए नियंत्रित किया जाए ताकि भवन क्षेत्र में किसी प्रकार की अव्यवस्था पैदा न हो। सूत्रों के मुताबिक शनिवार शाम तक करीब 45 हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जा चुका था। इसके बाद भवन क्षेत्र में भीड़ का दबाव काफी अधिक हो गया, जिसके चलते बोर्ड प्रशासन ने नए यात्रियों के पंजीकरण को अस्थायी रूप से रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उठाया गया है। श्राइन बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन भवन की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित रखना आवश्यक है। इसी दिशा में भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन लगातार भवन, अर्धकुंवारी और कटड़ा क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। meanwhile यात्रा मार्ग पर पुलिस, CRPF और अन्य सुरक्षा बलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा मेडिकल टीमों और आपदा प्रबंधन दल को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कटड़ा में मौजूद श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बोर्ड प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रा पूरी तरह बंद नहीं की गई है, बल्कि भीड़ नियंत्रण के लिए कुछ समय के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को रोका गया है। सुबह 4 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने पर यात्रा को दोबारा सुचारु रूप से शुरू कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं में भी प्रशासन के इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई यात्राओं का कहना है कि सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिए इस प्रकार के कदम आवश्यक हैं ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से माता रानी के दर्शन कर सकें।
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जळगाव-नाशिक विधान परिषद चुनाव: शिंदे गट की चुनौती से महायुती उलझी

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव विधानसभा परिषद निवडणूक भाजपची 'कोंडी' की शिंदे सेनेची रणनीती? जळगाव आणि नाशिक विधान परिषद निवडणुकांच्या पार्श्वभूमीवर महायुतीसमोरची सर्वांत मोठी राजकीय डोकेदुखी. जळगावमध्ये शिवसेना शिंदे गटाच्या नेत्या रेश्मा काळे यांनी निवडणुकीच्या रिंगणात ठामपणे उभे राहत भाजपसमोर नवा पेच निर्माण केला आहे. नाशिकची कोंडी सुटल्याशिवाय जळगावचा निर्णय होणार नाही असा संदेश त्यांनी दिला आहे. रेश्मा काळे यांच्या भूमिकेमुळे महायुतीतील अंतर्गत अस्वस्थता वाढली आहे. भाजपकडून उमेदवारी जाहीर झाली असली तरी शिंदे गटाकडून अद्याप माघार घेण्याचे संकेत मिळालेले नाहीत. त्यामुळे स्थानिक पातळीवर भाजपची कोंडी झाली असल्याची चर्चा सुरू आहे. दरम्यान, जळगाव दौऱ्यावर आलेले खासदार डॉ. श्रीकांत शिंदे यांनी सावध भूमिका घेत पक्षश्रेष्ठींंच्या निर्णयालाच अंतिम मानले, असे स्पष्ट केले. प्रत्येक कार्यकर्त्याची निवडणूक लढवण्याची इच्छा असते, परंतु अंतिम निर्णय वरिष्ठ नेतृत्वच घेते, असे सांगत त्यांनी थेट संघर्ष टाळण्याचा प्रयत्न केला असला तरी त्यांनीदेखील हा निर्णय पक्षश्रेष्ठींचा असल्याचे वक्तव्य करून सावध भूमिका घेतली आहे. नाशिकमध्येही भाजप आणि शिवसेनेतील जागावाटपाचा तिढा कायम असल्याने महायुतीसमोरील अडचणी वाढल्या आहेत. जळगाव आणि नाशिक या दोन्ही ठिकाणच्या घडामोडींमुळे अंतिम निर्णयाची जबाबदारी आता थेट पक्षश्रेष्ठींवर आली आहे. परिस्थिती नियंत्रणात आणण्यासाठी पालकमंत्री गुलाबराव पाटील यांनी पुढाकार घेतला आहे. अमळनेर येथे श्रीकांत शिंदे यांच्या उपस्थितीत होणाऱ्या मेळाव्यानंतर महत्त्वाची बैठक बोलावण्यात आली असून बंडखोर रेशमा काळे यांच्यासोबत चर्चा करून तोडगा काढण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. एकीकडे भाजपला अधिकृत उमेदवाराच्या विजयाची चिंता आहे, तर दुसरीकडे शिवसेना शिंदे गट स्थानिक कार्यकर्त्यांच्या भावना दाखवण्याच्या भूमिकेत दिसत आहे. त्यामुळे जळगावातील बंडखोरी ही महायुतीतील शक्तीपरीक्षणाचा भाग म्हणून चर्चित झाली आहे. जळगावातील पेच आता संपूर्ण राज्याच्या राजकारणाचे लक्ष वेधून घेत आहे.
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डरावना खुलासा: डॉक्टरों ने मृत बताकर शव सौंपा, जिंदा मिला मरीज

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग जिले के देवबलोदा वार्ड 32 से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया यहा तीन दिन पहले बाथरूम में गिरने की वजह से रायपुर के मित्तल अस्पताल में दाखिल रामआवतार रात्रे को अस्पताल वालों इलाज के दौरान मृत बताकर उसका शव परिजनों को सौंप दिया लेकिन जैसे ही उसका शव एंबुलेंस में रखा तो वह हिलने-डोलने लगा इधर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को यह बात बताई पर प्रंबधन ने उनकी बात नहीं मानी इधर परिजन बॉडी को लेकर जैसे ही घर पहुंचे तो वहां अंतिम संस्कार की तैयारी हो चुकी थी लेकिन जैसे ही शव को वहां रखा गया तो उनका मुंह भी हिलने लगा और वह पानी मांगने लगे घर वालों ने पहले उन्हें पानी पिलाया फिर भिलाई के निजी अस्पताल लेकर गए जहां से डॉक्टरो ने उन्हें रायपुर के मेकाहरा रेफर कर दिया लेकिन मेकाहारा में ही रामअवतार की मौत हो गई परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने जिंदा व्यक्ति को मृत बता दिया डॉक्टर ने अच्छे से चेक तक नहीं किया कि उसकी सांस चल रही है या नहीं परिजनों का आरोप है कि यदि उन्हें उसी वक्त डॉक्टर अंदर ले जाकर इलाज करते तो उनकी मौत नहीं होती उनका कहना था कि इतने घंटे तक बिना ऑक्सीजन और इलाज के रहने की वजह से वे मेकाहरा तक भी नहीं पहुंच पाए और वहां पहुंचते ही उन्होने दम तोड़ दिया. बाइट-रमेश कुमार रात्रे (परिजन).
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आरोपी लेखपाल को 6 वर्ष कारावास, भूमि प्रमाणपत्र घूस मामले में सजा

Azamgarh, Uttar Pradesh:स्थान - Azamgarh लेखपाल को 6 वर्ष के कारावास तथा 30 हजार रूपये अर्थदंड की सजा, भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला। जनपद आज़मगढ़ की अदालत ने भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी लेखपाल को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर 01 के अजय कुमार शाही ने आज शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण यूनिट गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली कि आज़मगढ़ में लालगंज तहसील के लेखपाल भूमि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर एन.पी.गौड़ ने 12 दिसंबर 2013 को राजस्व लेखपाल मनपूजन चौहान निवासी बड़ागाव बहादुरपुर थाना देवगाव को पांच सौ रूपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जहां इस मामले में मुकदमा बरदह थाने में दर्ज किया गया। जांच पूरी करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ कुल पांच गवाहो को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मनपूजन चौहान राजस्व लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास व 30 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
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आजमगढ़ के नर्सिंग परीक्षा केंद्र में नकल के आरोप, छात्रों ने किया प्रदर्शन

Azamgarh, Uttar Pradesh:स्थान - Azamgarh नकल के आरोप में छात्रों के पकड़े जाने के बाद बड़ी संख्या में परीक्षार्थी सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग, पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। केंद्र पर कुछ छात्रों को कथित रूप से नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते परीक्षा केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही सीओ सिटी सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची。 परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्रों को कथित रूप से नकल करने का मामला सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते परीक्षा केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कुछ छात्रों को नकल कराकर पूरे परीक्षा केंद्र और परीक्षार्थियों की छवि खराब की जा रही है। सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने सड़क पर बैठकर प्रशासन और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि यदि परीक्षा केंद्र पर नकल हो रही थी तो इसकी जिम्मेदारी केवल छात्रों पर नहीं डाली जा सकती, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छात्रों का प्रदर्शन कई घंटों तक जारी रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और कॉलेज प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक वे परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। घटना की जानकारी मिलने के बाद सीओ सिटी शुभम तोदी और शहर कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे.
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उधारी के पैसे मांगने पर किराना दुकानदार पर चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग बलौदा बाजार: उधारी के पैसे मांगना दुकानदार को पड़ा भारी, युवक ने चाकू से किया हमला. किराना दुकान संचालक ने जब सामान के बकाया पैसे मांगे, तो विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने चाकू निकालकर हमला कर दिया. हमले में दुकानदार किसान केवट के हाथ और पंजे में गंभीर चोट आई. ग्राम कोट (क) में पैसों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, इलाके में सनसनी. किराना दुकान संचालक किसान केवट ने उधारी के पैसे मांगे, तो आरोपी शत्रुहन पाटले विवाद पर उतर आया. गुस्से में आरोपी ने चाकू निकालकर हमला कर दिया, जिससे दुकानदार के हाथ और पंजे में चोट आई. घटना की सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. घायल दुकानदार का उपचार जारी है, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. मामूली पैसों के विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, गांव में घटना को लेकर चर्चा तेज।
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किशनगंज में 13 वर्षीय मेनका कुमारी की मौत नदी डूबने से: जांच स्पष्ट

Kishanganj, Bihar:किशनगंज में चर्चित 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा मेनका कुमारी की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। परिजनों ने थाने में गुमसुदगी का प्राथमिक दर्ज कर, हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पुलिस की अत्याधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान में यह साफ हो गया कि छात्रा मेनका कुमारी की नदी में खेलने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से नदी डूबकर दम घटने से छात्रा की मौत हुई थी। घटना के बारे में बताया जाता है कि 28 मई को छात्रा मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों के साथ घर के बगल स्थित शिवगंगा घाट पर नहाने गई हुई थी। लेकिन देर शाम तक मेनका घर नहीं लौटी तो मेनका के मामा लक्ष्मण कुमार साह ने 29 मई को किशनगंज सदर थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में 1 जून को शिवगंगा घाट के समीप नदी से उसका शव बरामद हुआ। किशनगंज एसपी संतोष कुमार ने बताया कि घटना की जांच सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों के साथ नदी किनारे गई थी, लेकिन वापस केवल दोनों बच्चे ही लौटे थे। एसपी ने बताया कि पुलिस ने दोनों भाइयों से कई बार पूछताछ की। प्रारम्भ में दोनों बच्चे पुलिस की डर से लगातार बयान बदलते रहे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर परिजनों की मौजूदगी में दोनों बच्चों को पुलिस के द्वारा विश्वास में लेकर पूछताछ की तो छात्रा की मौत पर से पर्दा उठ गया। एसपी ने कहा कि दोनों बच्चों ने पूछताछ में बताया कि तीनों भाई-बहन नदी में स्नान करने गए थे। मृतका नाबालिग लड़की मेनका नदी किनारे बने बांध से बार-बार नदी में छलांग लगा रही थी। इसी दौरान वह अधिक गहराई वाले हिस्से में पहुंच गई और डूबने लगी। दोनों भाइयों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी की अधिक गहराई के कारण सफल नहीं हो सके। एसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं बताया गया था लेकिन फेफड़े और पेट में रेत-मिट्टी भरे होने से साफ हो गया कि मौत डूबने से हुई। एसपी ने कहा कि परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के दौरान पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था, जिसकी अलग से जांच एसडीपीओ वन खुसरू सिराज को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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भभुआ के होटलों-हॉल में फायर सेफ्टी मानकों के लिए 15 दिन का नोटिस

Khajuria Khurd, Bihar:भभुआ में होटलों और मॉल की जांच तेज, नियमों का पालन न करने पर 15 दिनों में होगी कड़ी कार्रवाई। वियो - गर्मी के मौसम में आगजनी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भभुआ प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। विभागीय गाइडलाइंस के तहत शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों और अस्पतालों में फायर सेफ्टी (अग्निशमन) मानकों की जांच के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए भभुआ के एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि इस मौसम में आग फैलने की आशंका काफी ज्यादा रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान भगवानपुर में करीब चार होटलों सहित शहर के एसएनजी होटल, कुलवंती होटल, कुबेर होटल, एएंडए मॉल और अपना बाजार जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था जांची गई है। एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अग्निशमन विभाग के स्तर से इन सभी चिन्हित प्रतिष्ठानों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। अब बारी इन नियमों के कड़ाई से अनुपालन (कम्प्लायंस) की है। सभी मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अगले 15 दिनों के भीतर अपने परिसरों में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी आवश्यक उपकरणों और इंतजामों को दुरुस्त कर लें। निर्धारित 15 दिनों की समय-सीमा के भीतर यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब या मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो विभागीय नियमानुसार संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करने की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने बचे हुए अन्य व्यावसायिक परिसरों की भी जांच कर उन्हें नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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