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NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollow28 Jan 2025, 09:27 am
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कृष्ण जन्मभूमि के गुंबद हटाने की मांग, संतों ने फिर कार सेवा का आह्वान दिया

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा। श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी सच्चिदानंद ने कृष्ण जन्म भूमि विवाद को लेकर एक बेहद आक्रामक और बड़ा बयान दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में उन्होंने सनातनियों और संतों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा की अब अदालतो के चक्कर काटने का समय खत्म हो चुका है और राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए भी कदम उठाना होगा। राम मंदिर आंदोलन का इतिहास दोहराएंगे। श्री चित्रगुप्त पीठ से जारी अपने संदेश में स्वामी सच्चिदानंद ने कहा बहुत हो गया अदालतों का चक्कर काट कर हम रोज भीख मांग रहे हैं कि हमारे भगवान का स्थान वापस कर दो, अब हम स्थान मांगने नहीं जाएंगे, अब हम वही दोहराएंगे जो हमने राम मंदिर के लिए किया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयानों का हवाला देते हुए कहा के अब कृष्ण जन्म भूमि की बारी है और हिंदू समाज अब केवल बातों में फसने वाला नहीं है। एक धक्का और दो का दिया नारा। स्वामी सच्चिदानंद ने वीडियो में सीधे तौर पर विवादित ढांचे को हटाने की बात करते हुए कहा अब एक ही निर्णय है कि एक धक्का और दो और कृष्ण जन्म भूमि के बाहर बना हुआ एक गुंबد भी तोड़ दो। उन्होंने दावा किया कि जब तक यह गुंबद नहीं हटेगा तब तक कृष्ण जन्मभूमि का भव्य निर्माण संभव नहीं है। इस बार वहीं मनेगी जन्माष्टमी। पीठाधीश्वर ने ऐलान किया कि इस बार की जन्माष्टमी उसी मूल स्थान पर मनाई जाएगी जहां भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था उन्होंने कहा कि प्रभु कृष्ण जहां जन्मे थे वहीं पर पूजन और अर्चन होगा उससे पहले इस गुंबद को तोड़ने की तैयारी है। एक और कार सेवा का आह्वान। स्वामी सच्चिदानंद ने देशभर के संत और सनातन धर्म के अनुयायियों से मथुरा कूच करने का आह्वान करते हुए कहा कि राम मंदिर के बाद अब श्री कृष्ण के भव्य दिव्य मंदिर निर्माण के लिए एक और कार सेवा की जाएगी।इस बयान के बाद क्षेत्र में धार्मिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने की संभावना है प्रशासन इस तरह के संवेदनशील बयानों को लेकर पूरी तरह सतर्क है
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झांसी जा रहे किसान की सड़क हादसे में मौत, अज्ञात वाहन तलाश

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के आटा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 55 वर्षीय किसान की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की तेज रफ्तार टक्कर से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है。 मृतक की पहचान राजेंद्र सिंह (55 वर्ष) निवासी आवेदेपुर, थाना सिरसाकलार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजेंद्र सिंह खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शुक्रवार को वह दवाई लेने के लिए झांसी जा रहे थे। इसी दौरान आटा थाना क्षेत्र में संकट मोचन मंदिर के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी。 हादसा इतना भीषण था कि राजेंद्र सिंह ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया。 पुलिस का कहना है कि अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे के जिम्मेदार वाहन का पता लगाया जा सके। राजेंद्र सिंह की असामयिक मृत्यु से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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महराजगंज के अमृत सरोवर गेट गिरने से 12 वर्षीय की मौत; प्रधान पर FIR

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर : यूपी के महाराजगंज जनपद स्थित नौतनवा तहसील क्षेत्र के शेख फरेंदा ग्राम पंचायत में बने अमृत सरोवर गेट के बीते 20 जून को भर भराकर गिरने से गेट के पास खेल रहे 12 वर्षीय मासूम की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए संबंधित ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कंसल्टेंट इंजीनियर और सचिन को निलंबित कर दिया गया है । रोजगार सेवक के खिलाफ भी डीएम ने कार्यवाही के निर्देश दिए है । जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया बीते 20 जून को ग्राम पंचायत शेख फरेंदा विकासखंड नौतनवा तहसील नौतनवा में एक अमृत सरोवर के गेट गिरने से गेट के पास खेल रहे एक 12 वर्षीय बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से मौत हो गई थी इस घटना को लेकर एसडीएम नौतनवा के अध्यक्षता में अधिकारियों की तीन सदस्य समिति का गठन किया गया था ।बसमिति के लोगों ने मौके से घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों का बयान लेने के साथ-साथ गेट के नमूने जांच के लिए भेजे थे जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आज सौंपी गई है । रिपोर्ट के आधार पर संबंधित ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है वहीं पर संबंधित कंसलटेंट इंजीनियर और सचिव को निलंबित कर दिया गया है वही रोजगार सेवक के खिलाफ कार्यवाही की गई है ।
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महोबा में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, अधिवक्ताओं का पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध

Mahoba, Uttar Pradesh:महोबा ब्रेकिंग आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से अधिवक्ताओं में आक्रोश, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाबजूद अब तक गिरफ्तार नहीं हुए आरोपी, सड़क पर उतरे अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगा जताया रोष, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर एसपी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी, एसडीएम से मिलकर की आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कराने की मांग, बीते मंगलवार को कोर्ट से घर जाते समय दबँगों ने अधिवक्ता सतीश अवस्थी को पीटकर किया था बेदम, कचहरी से सदर तहसील तक पैदल मार्च कर जताया विरोध。
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यूपी पुलिस पर वायरल रील बनाने की होड़ ढीम दे रही है: सीएम योगी ने दी कड़ी चेतावनी

Hathras, Uttar Pradesh:खाकी पर छाया 'रील का खुमार' महिला पुलिस कर्मी बन गईं 'रील बाज' ताक पर रखे जा रहे नियम और कानून! सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ 'घोर अनुशासनहीनता' का बढ़ रहा चलन! आज के दौर में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में कुछ लोग अपनी नौकरी तक को खतरे में डाल रहे हैं... उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी में सोशल मीडिया रील्स बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं... महिला पुलिस कर्मियों की रील के शॉट्स उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्यूटी के दौरान रील्स बनाने को 'घोर अनुशासनहीनता' करार दिया है... उन्होंने पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे सिस्टम हंसी का पात्र बने... बाइट- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री रील बनाने को लेकर कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है... बावजूद इसके पुलिस कर्मियों पर रील का खुमार चढ़ा हुआ है... उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महिला पुलिस कर्मियों की रील सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं... थोड़े से व्यूज़ और फॉलोअर्स के लिए लोग अपनी निजी जिंदगी, रिश्तों और आत्मसम्मान तक को दांव पर लगा देते हैं... लेकिन हमें यह समझना होगा कि वायरल होना ही सफलता नहीं है.. सच्ची पहचान वही है जो सम्मान के साथ मिले, न कि विवाद और सनसनी के सहारे... कंटेंट ऐसा बनाएं जिस पर आपको और आपके परिवार को गर्व हो, न कि बाद में सफाई देनी पड़े...
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कानपुर देहात में दिव्यांग महिला के आरोप: पानी दिखाकर विभाग ने दिखावा किया

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:अंततः कानपुर देहात में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। एक दिव्यांग महिला का आरोप है कि अधिकारियों ने केवल कैमरे के सामने पानी चलवाकर कार्रवाई का दिखावा किया। टीम के जाते ही नल फिर सूख गया। महिला का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मामला कानपुर देहात के मलासा विकास खण्ड के सिथरा खुर्द गांव का है, जहाँ की रहने वाली दिव्यांग महिला नीतू देवी का कहना है कि उनके घर करीब एक साल से नल का पानी नहीं आ रहा था। शिकायतों के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने जिलाधिकारी कपिल सिंह से गुहार लगाई। डीएम के निर्देश के बाद जल विभाग की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में महिला के घर पानी की सप्लाई शुरू कराई गई और महिला ने बताया कि अब पानी आने लगा है। विभाग ने इस वीडियो को अपनी कार्रवाई के प्रमाण के तौर पर भी साझा किया। पर महिला का आरोप है कि यह व्यवस्था सिर्फ अधिकारियों के सामने तक सीमित रही। जैसे ही टीम गांव से रवाना हुई, उनके घर की जलापूर्ति फिर बंद हो गई। इसके बाद महिला ने खुद वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल किया और विभाग पर केवल औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया। महिला ने यह भी कहा कि जल विभाग के सीनियर इंजीनियर रामदेव उनसे अभद्र भाषा में बोलते हैं, और शिकायत करने पर भी कुछ नहीं बदलेगा—यह दावा भी किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं पाई जा पाई है। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं। जल विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि टीम भेजकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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डिडौली में लापता बालक खेत में घायल मिला, पुलिस ने जांच तेज की

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के डिडौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नरथो में घर से लापता हुआ एक बालक गांव के पास खेत में घायल अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश के दौरान बालक को खेत से घायल अवस्था में बरामद किया। उसके शरीर पर चोटों के निशान पाए गए, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोया में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से निरीक्षण कर अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, हर पहलू की निष्पक्ष जांच तथा घटना के शीघ्र खुलासे के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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नवाबगंज के गांव में अवैध सागौन कटाई, वन विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी

Farrukhabad, Uttar Pradesh:एक तरफ शासन ने जिले में 40 लाख से अधिक पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा है, वहीं नवाबगंज के नगला दमू गांव में तीन दिनों तक बिना अनुमति सागौन के पेड़ों की कटाई ने सबको हैरान कर दिया। यह वही जगह है जहां रात से शुरू हुई अवैध कटाई में दोपहर तक लगभग 30-35 पेड़ काटकर ट्राली में भरकर ले जाए गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन दारोगा तो मौके पर आए और कटाई रोकी गई — मगर सख्ती न होने के कारण सोमवार और मंगलवार की रात भी कटान जारी रहा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिनों में करीब सौ से अधिक सागौन के पेड़ कट चुके हैं। "अगर पहले दिन ही कड़ी कार्रवाई होती तो इतने पेड़ नहीं कटते। ये विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत है।" ग्रामीणों की शिकायत पर जिला वन अधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कटे हुए पेड़ों की जड़ों गिनी और मोटाई मापकर जुर्माने की रकम निर्धारित करने की तैयारी शुरू कर दी है। "हमने जांच कमेटी गठित कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारी जुर्माना लगाया जाएगा।" यदि अधिकारी पहले ही दिन प्रभावी कार्रवाई होती तो इतनी अनियंत्रित कटाई संभव नहीं होती। अब सवाल यही उठता है — क्या विभाग दर्शाई गई जवाबदेही निभा पाएगा और कटे हुए पेड़ों की भरपाई के लिए कितनी शीघ्रता से पुनर्नरोपण व नुकसान-पूर्ति की व्यवस्था की जाएगी?
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हरदोई में दबाव से युवक ने की आत्महत्या? परिजनों के आरोप गहराते

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में पुलिसिया दबाव और 30 हजार की मांग से टूटा अधेड़? रामगंगा किनारे पेड़ से लटका मिला शव, परिजनों ने दरोगा-प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप हरदोई के अरवल थाना क्षेत्र के बेड़ीजोर गांव में 40 वर्षीय शिव सिंह का शव रामगंगा नदी किनारे बबूल के पेड़ से गमछे के फंदे पर लटका मिलने के बाद हड़कंप मच गया। लेकिन इस मौत ने सिर्फ एक परिवार का चिराग नहीं बुझाया, बल्कि स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने साफ आरोप लगाया है कि गांव के एक प्रधान और स्थानीय थाने के एक उपनिरीक्षक की प्रताड़ना, दबाव और 30 हजार रुपये की मांग से परेशान होकर शिव सिंह ने यह खौफनाक कदम उठाया। परिवार का कहना है कि अगर पुलिस का दबाव और जेल भेजने की धमकी न होती, तो शिव सिंह आज जिंदा होते। बेड़ीजोर गांव निवासी शिव सिंह पुत्र स्वर्गीय नत्थूलाल गुरुवार शाम करीब төрт बजे घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने रातभर उनकी तलाश की, मगर कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार को रामगंगा नदी किनारे बबूल के पेड़ पर उनका शव गमछे के सहारे लटका मिला तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी। डायल 112 टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि स्थानीय थाना पुलिस को महज तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब एक घंटा लग गया। इसी देरी ने मौके पर मौजूद लोगों के गुस्से को और भड़का दिया। मृतक के चाचा रामचंद्र ने आरोप लगाया कि पड़ोस के गांव की एक महिला के घर से चले जाने के मामले में ग्राम प्रधान ने दबाव बनाकर एक उपनिरीक्षक से शिव सिंह के घर दबिश दिलवाई थी। इसके बाद शिव सिंह को बार-बार प्रताड़ित किया गया, 30 हजार रुपये की मांग की गई और पैसा न देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। परिवार का आरोप है कि इसी अपमान, दबाव और डर से टूटकर शिव सिंह ने फांसी लगा ली। शिव सिंह अपने पीछे पत्नी देवकी, तीन बेटे जितेंद्र, धर्मेंद्र, धीरेश और तीन बेटियां रोशनी, रेशमा व रश्मि को छोड़ गए हैं। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव उतारने से इनकार कर दिया और आरोपी दरोगा पर कार्रवाई के साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। उधर, अरवल थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्थान ने एक बैच के एनेस्थीसिया इंजेक्शन पर रोक लगाई

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में एनेस्थीसिया इंजेक्शन के एक बैच पर तत्काल रोक, हैदराबाद में मरीजों में गंभीर रिएक्शन के बाद ड्रग कंट्रोलर का आदेश हैदाबाद के दो अस्पतालों में एनेस्थीसिया (बेहोशी) के इंजेक्शन के इस्तेमाल के बाद कई मरीजों में गंभीर साइड इफेक्ट्स सामने आने के बाद राजस्थान सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने एहतियातन इस इंजेक्शन के एक विशेष बैच के उपयोग और बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। औषधि नियंत्रक राजस्थान ने आदेश में Themis Medicare Limited द्वारा निर्मित Bupicain-HEAVY (Bupivacaine Hydrochloride in Dextrose Injection USP) के बैच नंबर BKBPO2601 की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने, बाजार से रिकॉल करने और जांच के लिए नमूने लेने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल, जुबली हिल्स में इस इंजेक्शन का उपयोग किए जाने के बाद 16 मरीजों में साइड इफेक्ट्स देखने को मिले। मरीजों को मतली, उल्टी, तेज सिरदर्द जैसी शिकायतें हुईं, जबकि कुछ मरीजों को दौरे भी पड़े।इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट और आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। हालांकि बाद में 14 मरीजों की हालत स्थिर बताई गई, जबकि दो मरीजों का उपचार जारी है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि हैदराबाद के केयर हॉस्पिटल में भी इसी बैच के इंजेक्शन के उपयोग के बाद 8 मरीजों में साइड इफ़ेक्ट देखे गए।राहत की बात यह है कि सभी आठ मरीज फिलहाल चिकित्सकीय रूप से स्थिर हैं। राजस्थान औषधि नियंत्रक ने सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित बैच की दवा की बिक्री तत्काल बंद कराई जाए, उपलब्ध स्टॉक जब्त कर जांच के लिए नमूने लिए जाएं और बाजार से दवा को रिकॉल कराया जाए। कार्रवाई की रिपोर्ट भी तत्काल मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग की सूची के अनुसार यह बैच राजस्थान की 11 दवा फर्मों को सप्लाई किया गया था। इनमें हनुमानगढ़, भरतपुर, श्रीगंगानगर, गंगापुर सिटी, कोटा, टोंक, धौलपुर और जयपुर की फर्में शामिल हैं। संबंधित जिलों के औषधि अधिकारियों को इन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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