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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow24 Dec 2024, 09:35 am

Gonda - कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन,गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग

सूबेदार, Uttar Pradesh:

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस जनों ने जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्र की अगुवाई में अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सद्भावना मार्च निकाल कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से दिया निवास जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने बताया की संसद के शीतकालीन सत्र में भाजपा सरकार के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर के प्रति जैसी टिप्पणी की गई ना काबिले बर्दाश्त है।

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राजस्थान में ग्राम-शहरी वार्ड के मास्टर प्लान हेतु जनता की भागीदारी बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गांवों और शहरी वार्डों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ी प्लानिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत अब हर पंचायत और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 मई तक ये प्लान हर हाल में तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब आम जनता की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी QR कोड फीडबैक और GIS मैपिंग के जरिए लोगों की राय सीधे प्लानिंग में शामिल होगी। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम और GIS मैपिंग का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से भाग लेने और जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने टाइमलाइन तय करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान और 15 मई तक फाइनल प्लान तैयार कर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, आईटी विभाग को QR फीडबैक सिस्टम जल्द विकसित करने और नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के लिए जिला स्तर पर संयुक्त टीमें और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। पोर्टल के जरिए डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान अपलोड किया जा रहा है, जबकि मोबाइल ऐप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की सुविधा भी दी गई है। अब तक करीब 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूरी हो चुकी है। अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड के लिए 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, पर्यटन और सुशासन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। 19 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसके तहत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जहां डेटा एंट्री और प्लानिंग का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर्स और नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
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उत्तर-पश्चिम रेलवे पर कवच से ट्रेनों में हादसों की रोकथाम शुरू

Jaipur, Rajasthan:ट्रेनों का सुरक्षा 'कवच'! - उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य हुआ तेज - 5561 किमी रेलमार्ग पर लगेगी कवच प्रणाली, ट्रेनों में हादसों पर लग सकेगी रोक जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे पर अगले साल से ट्रेनों का सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। ट्रेन एक्सीडेंट रोकने की दिशा में रेलवे प्रशासन कवच तकनीक को शुरू कर रहा है। वहीं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, रेल लाइन दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। दरअसल रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे अब अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के रूप में सामने आएगा। अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में 313 किलोमीटर रेल लाइनों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की जा चुकी है। जिसमें से 139 किलोमीटर का काम वर्ष 2024–25 के दौरान पूरा हुआ। यह दर्शाता है कि रेलवे में डिजिटल और सुरक्षित संचालन की दिशा में तेज प्रगति से कार्य किया जा रहा है। वहीं रेल हादसों को रोकने की दिशा में कवच प्रणाली को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। रेल हादसों को रोकने और ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका खत्म करने के लिए कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच की प्रोग्रेस - 2600 करोड़ रुपए की लागत से कवच प्रणाली लगाई जा रही - उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किमी रेल रूट पर लगेगी प्रणाली - 280 किमी नई रेल लाइन परियोजना में भी इस तकनीक को शामिल किया - 1586 रूट किमी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का टेंडर जारी - इस रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का 72 प्रतिशत कार्य पूरा - 250 टावर लगाने की योजना, इनमें से 227 टॉवरों का कार्य प्रगति पर - अगले वर्ष 250 किमी रेलमार्ग पर कवच प्रणाली शुरू करने का लक्ष्य तारंगा हिल-आबू रोड परियोजना को लेकर कार्य शुरू वहीं उत्तर-पश्चिम रेलवे में 19 हजार करोड़ की रेलवे की परियोजनाएं निर्माणाधीन स्थिति में हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि 1546 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है। इनमें तारंगा हिल–आबू रोड (अंबाजी मार्ग) परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके सर्वेक्षण के बाद मौके पर कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाएं स्वीकृति के चरण में हैं, जिनकी अनुमानित लागत 19,500 करोड़ रुपए है। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में हर साल 300–400 किमी रेल प्रोजेक्ट्स के कार्य को पूरा करना है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के स्टेशनों का बड़े पैमाने पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर कवच प्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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सुल्तानपुर में 15 कुंतल से अधिक गांजे के साथ दो गिरफ्तार

Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम के नेतृत्व में कुड़वार थाने की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 कुंतल से अधिक मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सावंत ने बताया कि कुड़वार थाने की पुलिस और एसओजी टीम ने रावनिया पूरब गांव के पास सुल्तानपुर लखनऊ जाने वाले हाईवे से नासिर पुत्र स्वर्गीय अली हसन जो की मुजफ्फरनगर जिले के सिकरेड़ा गांव का है और उसके साथी वर्ष आर्य पुत्र जय नारायण जो लखनऊ जिले के थाना पारा का रहने वाला है, इनके पास से 15 कुंतल से अधिक गांजा जो की 50 बोरी में पैक किया गया था और एक ट्रक से लखनऊ ले जाया जा रहा था उसे भी उनके पास से बरामद कर लिया गया है। सीओ सिटी में बताया कि यह खेप उड़ीसा से लखनऊ ले जाई जा रही थी तभी पुलिस ने इन दोनों गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो मोबाइल और लगभग चार हजार रुपए नगद भी बरामद किए हैं।
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उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी लोकेश- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - ट्रेनों का सुरक्षा 'कवच'! - उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली - ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य हुआ तेज - 5561 किमी रेलमार्ग पर लगेगी कवच प्रणाली - ट्रेनों के हादसों पर लग सकेगी रोक - 1546 किमी रेल लाइनों के कार्य भी जारी एंकर उत्तर पश्चिम रेलवे पर अगले साल से ट्रेनों का सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। ट्रेन एक्सीडेंट रोकने की दिशा में रेलवे प्रशासन कवच तकनीक को शुरू कर रहा है। वहीं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, रेल लाइन दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे अब अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के रूप में सामने आएगा। अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में 313 किलोमीटर रेल लाइनों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की जा चुकी है। जिसमें से 139 किलोमीटर का काम वर्ष 2024–25 के दौरान पूरा हुआ। यह दर्शाता है कि रेलवे में डिजिटल और सुरक्षित संचालन की दिशा में तेज प्रगति से कार्य किया जा रहा है। वहीं रेल हादसों को रोकने की दिशा में कवच प्रणाली को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। रेल हादसों को रोकने और ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका खत्म करने के लिए कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाई जा रही है। Gfx In उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच की प्रोग्रेस - 2600 करोड़ रुपए की लागत से कवच प्रणाली लगाई जा रही - उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किमी रेल रूट पर लगेगी प्रणाली - 280 किमी नई रेल लाइन परियोजना में भी इस तकनीक को शामिल किया - 1586 रूट किमी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का टेंडर जारी - इस रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का 72 प्रतिशत कार्य पूरा - 250 टावर लगाने की योजना, इनमें से 227 टॉवरों का कार्य प्रगति पर - अगले वर्ष 250 किमी रेलमार्ग पर कवच प्रणाली शुरू करने का लक्ष्य Gfx Out वाइट- अमित सुदर्शन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे वीओ- 2 वहीं उत्तर-पश्चिम रेलवे में 19 हजार करोड़ की रेलवे की परियोजनाएं निर्माणाधीन स्थिति में हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे में 1546 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है। इनमें तारंगा हिल–आबू रोड (अंबाजी मार्ग) परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाएं स्वीकृति के चरण में हैं, जिनकी अनुमानित लागत 19,500 करोड़ रुपए है। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में हर साल 300–400 किमी रेल प्रोजेक्ट्स के कार्य को पूरा करना है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के स्टेशनों का बड़े पैमाने पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर कवच प्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है。
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राजस्थान में ग्राम-शहरी वार्ड मास्टर प्लान 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गांवों और शहरी वार्डों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ी प्लानिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत अब हर पंचायत और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 मई तक ये प्लान हर हाल में तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब आम जनता की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी QR कोड फीडबैक और GIS मैपिंग के जरिए लोगों की राय सीधे प्लानिंग में शामिल होगी। मुख्य सचिव ने की समीक्षा, QR फीडबैक से जुड़ेंगे लोग मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार कर 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम और GIS मैपिंग का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से भाग लेने और जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने टाइमलाइन तय करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान और 15 मई तक फाइनल प्लान तैयार कर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, आईटी विभाग को QR फीडबैक सिस्टम जल्द विकसित करने और नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए। 90% से ज्यादा आईडि मैपिंग पूरी प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के लिए जिला स्तर पर संयुक्त टीमें और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। पोर्टल के जरिए डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान अपलोड किया जा रहा है, जबकि मोबाइल ऐप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की सुविधा भी दी गई है। अब तक करीब 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूरी हो चुकी है। 2030 से 2047 तक का विकास रोडमैप अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड के लिए 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, पर्यटन और सुशासन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। 766 निकाय, 24,648 इकाइयां शामिल 19 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसके तहत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जहां डेटा एंट्री और प्लानिंग का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर्स और नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
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Tarigami ने कुलगाम में विकास समीक्षा की, शासन-गठन और परिसीमन पर चिंता जताई

Kulgam, Kulgam, April 15: Member of Legislative Assembly Kulgam, Mohd Yousuf Tarigami, today chaired a review meeting in Kulgam town to assess ongoing development works and address key public concerns. Addressing the media, Tarigami highlighted several gaps in governance, stating that the primary issue is the disconnect between the people and the government. He said that the responsibilities entrusted to public representatives are not being fulfilled effectively, resulting in delays in development projects. He emphasized that Kulgam town, being the face of the entire district, requires special attention and focused development. The meeting specifically aimed to identify shortcomings, discuss public grievances, and explore solutions. Tarigami added that several concerns were raised during the meeting, and efforts are underway to resolve them. He reiterated his commitment to making Kulgam a better and more developed town. Speaking on international issues, Tarigami condemned the ongoing conflict involving Iran, Israel, and the United States. He termed the war as unjust and unacceptable, alleging that it has led to the loss of innocent lives, particularly in regions like Lebanon. He further stated that such conflicts raise serious concerns globally and must be stopped immediately to prevent further humanitarian crises. Tarigami warned that if the war continues, its consequences could impact the entire world. He also appreciated countries working towards mediation and peace. On the issue of delimitation, Tarigami expressed strong reservations, stating that the process was carried out based on census data. He pointed out that despite having a larger population in the Kashmir region, only one additional seat was allocated, while six seats were increased in the Jammu region. He termed the process as biased and assured that the matter would be raised in the Assembly by the INDIA bloc to ensure fair representation.
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इंडिया गठबंधन: संसद सत्र बुलाने के खिलाफ विपक्ष की एकजुट रणनीति

Noida, Uttar Pradesh:आने वाले 3 दिन के स्पेशल संसद सत्र को लेकर मीटिंग जिसमें इंडिया ब्लॉक के तकरीबन सभी नेता पहुंचे वही समाजवादी पार्टी की तरफ कोई नेता नहीं पहुंचे लेकिन कहा ये जा रहा है कि राज्य सभा सांसद कपिल सिब्बल समाजवादी पार्टी की तरफ से मौजूद रहेंगे। इंडिया ब्लॉक इस मीटिंग में महिला रिजर्वेशन, परिसीमन और बंगाल चुनाव अहम मुद्दा रहेगा दिल्ली इंडिया गठबंधन की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे  के आवास पर बैठक जारी महिला आरक्षण विधेयक पर विस्तृत चर्चा परिसीमन (डिलिमिटेशन) को लेकर रणनीति पर मंथन चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने पर उठे सवाल भारतीय जनता पार्टी के फैसले पर विपक्ष का विरोध चुनावी माहौल में संसद सत्र को बताया राजनीतिक कदम सभी दलों के नेताओं की साझा रणनीति पर जोर आगामी राजनीतिक दिशा को लेकर अहम विचार-विमर्श जारी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें गठबंधन से जुड़े लगभग सभी प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव चल रहे हैं और राजनीतिक माहौल काफी गरम है। बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना रहा। इस दौरान महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की गई। नेताओं ने इन विषयों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन पर जल्दबाजी में या राजनीतिक फायदे के लिए फैसले लेना उचित नहीं है। बैठक में मौजूद नेताओं ने चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने के फैसले पर भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान संसद सत्र बुलाना सही नहीं है और इससे लोकतांत्रिक परंपराओं पर असर पड़ सकता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा इस समय संसद सत्र बुलाकर कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाना चाहती है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सभी दलों ने एकजुट होकर अपनी बात रखने और साझा रणनीति अपनाने का फैसला किया। बैठक में तेजस्वी यादव , नासिर हुसैन , सुप्रिया सुले , संजय सिंह , नीलोतपाल बासु , टी.आर बालू , ई.टी .मोहमद बशीर , संजय राउत , राहुल गांधी , मनोज झा सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा समय में विपक्ष का एक साथ खड़ा होना बेहद जरूरी है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी नेताओं ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम विषय है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके और समय को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं। नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से पेश किया जा रहा है, जबकि इसे व्यापक सहमति के साथ लागू किया जाना चाहिए था। परिसीमन को लेकर भी चिंता जताई गई और कहा गया कि इससे कई राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह बैठक इंडिया गठबंधन के लिए एक अहम राजनीतिक मंथन साबित हुई। इसमें वर्तमान मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ आगे की रणनीति भी तय की गई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे सभी मिलकर सत्तारूढ़ दल की नीतियों का विरोध करेंगे और जनता के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाएंगे, ताकि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं की रक्षा की जा सके।
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धमतरी में वन विभाग की अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 116 हेक्टेयर जंगल खाली

Dhamtari, Chhattisgarh:धमतरी जिले के दुगली इलाके में वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मुहिम में करीब 116 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल की जमीन को कब्जे से खाली कराया गया। बताया गया है कि यह कार्रवाई दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के वनखण्ड क्रमांक 169 में, पालगांव, गोंदलानाल और बोदलवंडी के बीच स्थित जंगल क्षेत्र में की गई। यहाँ लोगों ने 2020 से गैरकानુनी कब्जा कर रखा था। कार्रवाई के दौरान 50 से ज्यादा लोगो के द्वारा अतिक्रमण किये हुए जमीन और कुछ के द्वारा बनाये गये झोपड़ियों को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया गया। इस पूरे अभियान में वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीम मौजूद रही। इस बेदखली कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं प्रशासन ने कहा कि जंगल की जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
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इंडिया ब्लॉक की बैठक: महिला आरक्षण और परिसीमन पर विपक्ष का एकजुट रुख

Delhi, Delhi:आने वाले 3 दिन के स्पेशल संसद सत्र को लेकर मीटिंग जिसमें इंडिया ब्लॉक के तकरीबन सभी नेता पहुंचे वही समाजवादी पार्टी की तरफ कोई नेता नहीं पहुंचे लेकिन कहा ये जा रहा है कि राज्य सभा सांसद कपिल सिब्बल समाजवादी पार्टी की तरफ से मौजूद रहेंगे। इंडिया ब्लॉक इस मीटिंग में महिला रिजर्वेशन, परिसीमन और बंगाल चुनाव अहम मुद्दा रहेगा। दिल्ली इंडिया गठबंधन की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा, दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक जारी। महिला आरक्षण विधेयक पर विस्तृत चर्चा, परिसीमन (डिसिमिनेशन) को लेकर रणनीति पर मंथन, चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने पर उठे सवाल, भारतीय जनता पार्टी के फैसले पर विपक्ष का विरोध। चुनावी माहौल में संसद सत्र को बताया राजनीतिक कदम, सभी दलों के नेताओं की साझा रणनीति पर जोर। आगामी राजनीतिक दिशा को लेकर अहम विचार-विमर्श जारी। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें गठबंधन से जुड़े लगभग सभी प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव चल रहे हैं और राजनीतिक माहौल काफी गरम है। बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना रहा। इस दौरान महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की गई। नेताओं ने इन विषयों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन पर जल्दबाजी में या राजनीतिक फायदे के लिए फैसले लेना उचित नहीं है। बैठक में मौजूद नेताओं ने चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने के फैसले पर भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान संसद सत्र बुलाना सही नहीं है और इससे लोकतांत्रिक परंपराओं पर असर पड़ सकता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा इस समय संसद सत्र बुलाकर कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाना चाहती है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सभी दलों ने एकजुट होकर अपनी बात रखने और साझा रणनीति अपनाने का फैसला किया। बैठक में तेजस्वी यादव, नासिर हुसैन, सुप्रिया सुले, संजय सिंह, नीलोतपाल बासु, टी.आर बालू, ई.टी. मोहम्मद बशीर, संजय राउत, राहुल गांधी, मनोज झा सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा समय में विपक्ष का एक साथ खड़ा होना बेहद जरूरी है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी नेताओं ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम विषय है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके और समय को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं। नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से पेश किया जा रहा है, जबकि इसे व्यापक सहमति के साथ लागू किया जाना चाहिए था। परिसीमन को लेकर भी चिंता जताई गई और कहा गया कि इससे कई राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह बैठक इंडिया गठबंधन के लिए एक अहम राजनीतिक मंथन साबित हुई। इसमें वर्तमान मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ आगे की रणनीति भी तय की गई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे सभी मिलकर सत्तारूढ़ दल की नीतियों का विरोध करेंगे और जनता के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाएंगे, ताकि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं की रक्षा की जा सके।
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पारादीप के समुद्री मछली व्यापार पर 61 दिन का प्रतिबंध, सरकार चेतावनी जारी

Paradeep, Odisha:Paradip ଉପକୂଳ ସମୁଦ୍ରରେ ମାଛଧରା ଉପରେ କଟକଣା ଲଗାଯାଇଛି। ଏପ୍ରିଲ ୧୫ ରୁ ଜୁନ ୧୪ ଯାଏଁ ଉପକୂଳ ସମୁଦ୍ରରେ ମାଛଧରା ଉପରେ କଟକଣା ଲାଗାଇଛନ୍ତି ରାଜ୍ୟ ସରକାର। ଏନେଇ ମତ୍ସ୍ୟ ଓ ପଶୁ ସଂପଦ ବିଭାଗ ତରଫରୁ ଡାକବାଜୀ ଯନ୍ତ୍ର ଦ୍ବାରା ସମସ୍ତ ମତ୍ସ୍ୟଜୀବୀ ଓ ଟ୍ରଲର ମାଲିକ ମାନଙ୍କୁ ସଚେତନ କରାଯାଇଛି। ଯାହା ଆଜି ଠାରୁ ୬୧ ଦିନ ପାଇଁ କଟକଣା ଲାଗୁ କରିଛି ରାଜ୍ୟ ସରକାର। ମତ୍ସ୍ୟ ସଂପଦର ସଂରକ୍ଷଣ ଓ ମାଛ ର ବଂଶବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ଏହି କଟକଣା ਲାଗୁ କରାଯାଇଛି। ନିୟମ ଉଲ୍ଲଙ୍ଘନ କଲେ ମତ୍ସ୍ୟଯିବୀ ମାନଙ୍କୁ ଜୋରୀମାନା ଦେବାକୁ ପଡିବ। ଯାହାକୁ ନେଇ ଆଜି ସମୁଦ୍ର ମଧ୍ୟରେ ରହିଥିବା ସମସ୍ତ ମତ୍ସ୍ୟଜୀବୀ ଓ ଟ୍ରଲର ଗୁଡିକ କୂଳକୁ ଫେରିଆସିଵା ସହିତ ପାରାଦୀପ ମାଛଧରା ବନ୍ଦର ମଧ୍ୟରେ ଟ୍ରଲର ଓ ବୋଟ ଗୁଡିକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ଭାବରେ ରଖିବା ସହିତ ଘର ମୁହାଁ ହୋଇଛନ୍ତି ଏବେ ମତ୍ସ୍ୟଜୀବୀ। ଏହି ଦୁଇମାସ ର କଟକଣା ସମୟରେ ଅନ୍ୟ ରାଜ୍ୟ ଗୁଡିକ ରେ ମତ୍ସ୍ୟଜୀବୀ ମାନଙ୍କୁ ସରକାର ଙ୍କ ତରଫରୁ ସହାୟତା ପ୍ରଦାନ କରାଯାଉଥିବା ବେଳେ ପାରାଦୀପ ଉପକୁଳ ମତ୍ସ୍ୟଯିବି ମନେ ଏଥିରୁ ବଞ୍ଚିତ ହେଉଛନ୍ତି। ମାଛବଂଶ ବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ସରକାରଙ୍କ ତରଫରୁ ଏହି ଦୁଇମାସ ର କଟକଣା କୁ ଯଦି ତିନିମାସ କରାଯାଏ ତେବେ ତାହାକୁ ଆମେ ସ୍ୱାଗତ କରିବୁ ଉପରେ ଯାନୁୟାରୀ ଠାରୁ ମାଛ ର ପ୍ରଜନନ ଆରମ୍ଭ ହେଉଛି। ଏହି ନିର୍ଦ୍ଧିଷ୍ଟ ସମୟରେ ସରକାରୀ କଟକଣା କୁ ନେଇ ପ୍ରଶ୍ନ ଉଠାଇବା ସହିତ ହୁହୁ ହୋଇ ତେଲଦର ବୃଦ୍ଧି ପାଉଥିବା ବେଳେ ବାରମ୍ବାର ଡିଜେଲ ସବସିଡି ଦାବି କରାଯାଇଛି। ହେଲେ ସରକାର ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କୌଣସି କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ ଲାଗୁ କରୁନାହାନ୍ତି। ଯେଉଁ ସମୟରେ ସମୁଦ୍ର ରେ ମାଛ ହେବେ ସେ ସମୟରେ କଟକଣା,ହା ସହିତ ଭିନ୍ନ ସମୟ ରେ ଲଘୁଚାପ କାରଣରୁ ମାଛ ଧରିବାରୁ ବଞ୍ଚିତ ହେଉଛନ୍ତି ମତ୍ସ୍ୟଯିବୀ ଓ ବୋଟ ମାଲିକ। ଯାହାକୁ ନେଇ ଆଜି ମତ୍ସ୍ୟଶିଳ୍ପ କ୍ଷତିରେ ଗତି କରୁଥିବା ବେଳେ ସରକାର ମତ୍ସ୍ୟଶିଳ୍ପ ପାଇଁ ଆବଶ୍ୟକ ସହାୟତା କରିବାରେ ଯଦି ଏହିଭଳି ଟାଳଟୁଳ ନୀତି ଅବଲମ୍ବନ କରନ୍ତି ତେବେ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ସର୍ବଭାରତୀୟ ସ୍ତରରେ ସୁନାମ ଅର୍ଜନ କରିଥିବା ପାରାଦୀପ ମତ୍ସ୍ୟଶିଳ୍ପ ସମ୍ପୂର୍ଣ ଭାବରେ ବୁଡ଼ିଯିବ ବୋଲି କହିଛନ୍ତି ଓଡିଶା ସାମୁଦ୍ରିକ ମତ୍ସ୍ୟ ଉତ୍ପାଦକ ସଙ୍ଘ ର ସଭାପତି ଶ୍ରୀକାନ୍ତ ପରିଡା।
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मoholba में स्मार्ट मीटर के विरोध पर सड़क जाम, पुराने मीटर लौटाने की मांग

Mahoba, Uttar Pradesh:महोबा में शासन के निर्देश पर विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर का विरोध शुरू हो गया है। स्मार्ट मीटर के नाम पर आर्थिक शोषण करने का आरोप लगा उपभोक्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन कर नाराजगी जाहिर कर सड़क पर जाम लगा कर जमकर नारेबाजी की गई । जाम की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने लोगो को समझा-बुझाकर कर समस्या के समाधान का आश्वासन देकर जाम खुलवाया तब जाकर जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। दरअसल शासन के निर्देश पर महोबा में विद्युत विभाग द्वारा पुराने मीटरों को निकाल कर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं बिल जमा होने के बाबजूद बिजली काटे जाने और भारी भरकम बिलों से नाराज उपभोक्ताओ ने सड़क जाम लगाकर जमकर हंगामा किया । उपभोक्ताओ का आरोप है कि बिल जमा होने के बाबजूद लाइट काट दी जाती है जब बिल को एडवांस जमा कर दिया गया है इतना भारी-भरकम बिल कहाँ से दे । अब या तो लाइट का बिल भरते रहे या फिर बच्चो को पढ़ा-लिखा कर घर का खर्च पूरा कर ले । वही उपभोक्ताओं का आरोप है हम लोग मजदूरी करते है अभी 1000 का रिचार्ज करवाया और दो दिन बाद लाइट बन्द हो गई । उपभोक्ताओं की मुख्य मांग है कि नए मीटर हटाकर पुराने मीटर लगवाए जाए ताकि उन्हें फर्जी बिलो से छुटकारा मिल सके ।
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झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग AI ट्रेनिंग से कर्मी दक्ष बनेंगे

Ranchi, Jharkhand:राज्य का पहला विभाग बना ग्रामीण विकास जो अपनी कर्मियों को करा रहा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस.... आज के इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में AI से लैस होना हर एक की जरूरत है।इसी के इंपॉर्टेंस को समझते हुए झारखंड का ग्रामीण विकास विभाग देश का ऐसा पहला विभाग है जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए अपने कर्मचारियों को दक्ष करने की कवायत शुरू कर दी है।झारखंड state livelihood promotional society के द्वारा अपने कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और तकनीक के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग सीरीज़ का आयोजन किया गया है।झारखंड state livelihood promotional society के द्वारा अपने कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और तकनीक के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग सीरीज़ का आयोजन किया गया है।झारखंड state livelihood promotional society के द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिष्ठित संस्थानों और तकनीकी कंपनियों के विशेषज्ञों के द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है।जो प्रतिभागियों को विभिन्न AI प्लेटफॉर्म्स और टूल्स के उपयोग पर प्रशिक्षण दे रहे है। AI के अलग अलग उपयोग पर दी जा रही है ट्रेनिंग..... इन सत्रों में डेटा को समझने, भविष्य का आकलन करने, सर्वे और डेटा इकट्ठा करने, संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने और एआई आधारित अलग-अलग उपयोगों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस ट्रेनिंग के बाद जब जेएसएलपीएस के संबंधित पदाधिकारी लोगों तक जाएंगे तो उसका सीधा फायदा मिलेगा। ग्रामीण विकास विभाग के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस support cell है एक्टिव...... यह पहल ग्रामीण विकास विभाग के AI Support Cell के सहयोग से की जा रही है, जो विभाग के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग का एक अच्छा उदाहरण है।भविष्य में इस पहल को जिला स्तर तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक कर्मियों को इसका लाभ मिल सके।इस पहल को सफलतापूर्वक आयोजित करने में ग्रामीण विकास विभाग के AI Support Cell की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ग्रामीण विकास विभाग के संबंध गर्मी और पदाधिकारीयो को आधुनिकता के साथ किया जा रहा है इक्विप.......मंत्री झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि ट्रेनिंग इस वजह से कराई जा रही ताकि आधुनिकता के साथ कर्मी काम कर सके।वही जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्य मित्तल ने कहा कि हम लोग यह दो दिवसीय ट्रेनिंग कर रहे हैं आज की तारीख में AI को नेगलेट नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि आने वाली एक महीने में 450 कर्मियों को ट्रेनिंग कराई जाएगी।मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने समय के साथ बदलाव को समझते हुए तकनीक के साथ दोस्ती की अच्छी पहल की है।आज AI को लेकर घबराने की जरूरत नहीं , बल्कि इसे अपनाने और इसका उपयोग काम को सरल बनाने के उद्देश्य से करना होगा . उन्होंने कहा कि हम सभी को तकनीक के साथ जुड़ते वक्त इसके दुरुपयोग से सावधान रहने की आवश्यकता है . खास कर तब , जब हम सरकारी काम काज के दौरान किसी प्रकार के डेटा का उपयोग कर रहे हो . अभी इस तरह के प्रशिक्षण और कार्यशाला का आयोजन जिला और प्रखंड स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। उनकी कोशिश होगी की वो भी ऐसे कार्यशाला में शामिल हो कर तकनीक की नई जानकारियों को ग्रहण कर सकें . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विभागीय अधिकारियों एवं पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि नई तकनीक का ज्यादा से ज्यादा जानकारी ले कर , अपने कार्य क्षेत्र में इसका भरपूर उपयोग करें。
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