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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow19 Nov 2024, 04:17 pm

परसपुर में ठटिया मटेहिया में संकुल शिक्षक बैठक, निपुण विद्यालय पर चर्चा

Charaunha, Uttar Pradesh:

ठटिया मटेहिया जूनियर विद्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी सुशील सिंह की अध्यक्षता में संकुल शिक्षक की मासिक बैठक आयोजित हुई। बीईओ ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बैठक में शिक्षक अनिल कुमार और देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शैक्षिक रूपरेखा पर चर्चा की। विद्यालयों को निपुण बनाने, स्मार्ट क्लास और डिजिटलीकरण को लेकर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर देशराज सिंह, अवधेश तिवारी और नोडल संकुल उपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

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पीलीभीत में बिलसंडा ब्लॉक के करेली गांव में बनेगा 65 लाख की लागत से सामुदायिक केंद्र

Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollowJust now
Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत के थाना करेली क्षेत्र में भाजपा विधायक विवेक वर्मा की मेहनत रंग लाई है। विधायक के अथक प्रयास से 65 लाख की धनराशि से सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें ग्रामीण तमाम तरह के कार्यक्रम कर सकेंगे। वहीं ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने विधायक का धन्यवाद किया है। पूरे मामले की जानकारी राज्य मंत्री असीम अरुण ने 31 मार्च को चिट्ठी जारी कर भाजपा विधायक को दी है। आज बुधवार के दिन भाजपा विधायक ने मीडिया को चिट्ठी और अपना वीडियो बयान जारी कर जानकारी दी है। दरअसल बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र में पड़ने वाले करेली गांव में भाजपा विधायक विवेक वर्मा ने समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण से करेली गांव में सामुदायिक केंद्र बनाने की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी देते हुए 65 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कर दी।
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गिरिराज सिंह: पूर्वांचल के विकास के बिना देश नहीं, ममता बनर्जी पर हमला

Patna, Bihar:गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय जूट बोर्ड के स्थापना दिवस समारोह पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने कहा है कि पूर्वांचल के विकास के बगैर देश का विकास नहीं । बिहार ,झारखंड , बंगाल, ओडिशा, असम , नॉर्थ ईस्ट यहां टेक्सटाइल की कोई बड़ी यूनिट नहीं है , बंगाल में था वो भी ममता बनर्ज के कारण पलायन कर गया और ऐसी स्थिति में आज एक न्यू एज फाइबर को हम टेक्सटाइल के रूप में परिवर्तित कर रहे हैं । जूट का फसल चक्र ऐसा रखा है कि जूट के बाद धान होगा और उसके बाद लिनन यानी तीसी फ्लैक्स जो किसान को मिनिमम 1.5 लाख पर एकड़ की बचत होगी । तो वही बंगाल में SIR को लेकर टीएमसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लिस्ट दिखाए की कैसे बिहार में भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नाम और बंगाल में भी इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा उनमें हिम्मत नहीं है कि वह अपना प्रोग्रेस रिपोर्ट बताएं, ममता बनर्जी बताएं की 15 साल में कितने गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर ले गई कितने गरीबों का भर दिया कितनी गरीबों को रोजगार दिया कितने किसानों के आमदनी बढ़ाई और कितने कर्मचारी को सेवंत के कमिश्नर से पैसा दिया और कितनी बेटियां सुरक्षित हैं केवल चर्चा करेगी बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों का और SIR का, इस बार ममता बनर्जी का हारना तय है और ममता बनर्जी के गुंडे कान खोल के सुन लो अगर आपने कोई भी गड़बड़ी की तो एक-एक को चुनकर उल्टा टांग दिया जाएगा पंजाब में बीजेपी ऑफिस के बाहर बम धमाका होने पर कहा कि वहां की सरकार जब खालिस्तानियों को अपने साथ जोड़ेगा तो रोपे बाबुल तो आम कहां से होय
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झीरम घाटी हमले पर भूपेश बघेल-रमन सिंह के बीच सोशल मीडिया वार तेज, सियासत गर्म

Raipur, Chhattisgarh:एक ओर छत्तीसगढ़ दशकों के नक्सली समस्या से मुक्त हुआ, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर छत्तीसगढ़ में श्रेय की सियासत भी शुरू हो गई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल पड़ा है. वहीं सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ के दो पूर्व मुख्यमंत्री आमने-सामने हो गए हैं. झीरम घाटी हमले और नक्सलवाद के मसले पर दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच सोशल मीडिया वॉर शुरू हो गया है. पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखबार की एक कतरन पोस्ट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह पर निशाना साधा. तो जवाब में डॉक्टर रमन सिंह भी हमलावर हो गए. रमन सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर भूपेश बघेल को संबोधित करते हुए लिखा कि ''आपकी जेब में तो झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत थे, लेकिन जब हाथ डालते हैं तब सिर्फ आप अखबार की एक कतरन ही निकालते हैं. दूसरों पर कीचड़ उछालकर अपने दाग नहीं छुपाये जा सकते, एक बार आईने में देखिए कि आपने सत्ता के 5 वर्षों में सिर्फ दोषारोपण ही किया है'' इसपर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया. बघेल ने कहा कि ''आपकी पार्टी ने जांच होने कहां दी डॉक्टर साहब! पता नहीं कि क्या डर है आप लोगों के मन में. कोर्ट जा जाकर जांच रोकते रहे. जांच में सबूत दिए जाएंगे ना! जैसी हम चाहते हैं जांच करवा दीजिए सबूत दे देंगे. सोच लीजिएगा, आपको पछताना ना पड़े'' क्या था झीरम घाटी हमला- बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक में झीरम घाटी इलाके में 25 मई 2013 को नक्सलियों ने सुकमा के राजनीतिक कार्यक्रम से लौट रहे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को अपना निशाना बनाया था. झीरम घाटी हमला देश के इतिहास के सबसे भीषण नक्सली हमलों में से एक माना जाता है. इसे भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक नरसंहार भी कहा जाता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तबके शीर्ष नेताओं की नृशंस हत्या इस हमले में नक्सलियों ने कर दी थी. बताया जाता है कि हमले में करीब 1000 नक्सली शामिल थे. नक्सलियों ने घाटी में भारी एम्बुश लगा कर रखी थी. उन्होंने पहले लैंडमाइन ब्लास्ट किया और फिर काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. हमले के तुरंत बाद मौजदा भाजपा सरकार ने जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था. वहीं इस मामले की NIA ने भी जांच की. हालांकि घटना के 13 साल बाद भी साजिश का खुलासा नहीं हो पाया है. भाजपा और कांग्रेस के बीच इसे लेकर लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं.....
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