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Sanjeev Kumar YadavSanjeev Kumar YadavFollow18 Nov 2024, 01:55 am

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिशनपुर बैरिया पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का हुआ आयोजन

Vishunpur Bairia, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला हर रविवार को आयोजित किया जाता है, जहां लोगों को मुफ्त इलाज, दवाएं और जांच की सुविधाएं मिलती हैं। इस मेले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाते हैं। इस मेला में एक छत के नीचे एलोपैथी और आयुष दोनों चिकित्सा पद्धतियां उपलब्ध रहती हैं। बिशनपुर बेरिया के मेडिकल अधिकारी डॉक्टर सौरभ मिश्रा ने बताया कि आज के मेले में सैकड़ों मरीजों को परामर्श के साथ निशुल्क दवाइयां भी दी गईं।

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पीपाड़ में 23.68 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं से बदलेगा शहर का चेहरा: RUIDP संवाद

Jodhpur, Rajasthan:जिला रिपोर्टर- राकेश भारद्वाज विधानसभा- बिलाड़ा इनफार्मर- माधुसिंह पीपाड़ सिटी (जोधपुर) आरयुआआईडीपी संवाद कार्यक्रम में पीपाड़ के भविष्य की विकास रूपरेखा पर मंथन राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP) के पांचवें चरण के अंतर्गत पीपाड़ शहर के लिए प्रस्तावित ₹23.68 करोड़ की विकास परियोजनाओं को लेकर गुरुवार को नगर पालिका सभागार में "RUIDP संवाद कार्यक्रम" आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, पूर्व पार्षद, विभागीय अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, भामाशाह एवं बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। सभी हितधारकों ने शहर के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से पीपाड़ शहर में आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र, ड्रेनेज एवं बाढ़ प्रबंधन, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (CCC), विरासत संरक्षण एवं पर्यटन विकास तथा ठोस कचरा प्रबंधन जैसे कार्यों से शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि पीपाड़ शहर के लिए प्रस्तावित ₹23.68 करोड़ में से 16.63 करोड़ अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधन, 1.06 करोड़ ड्रेनेज एवं बाढ़ प्रबंधन, 2.25 करोड़ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 2.25 करोड़ विरासत संरक्षण एवं पर्यटन विकास तथा 3.19 करोड़ ठोस कचरा प्रबंधन पर व्यय किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से शहर में जलभराव की समस्या में कमी आएगी, स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी, आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बाइट.. मोहम्मद सुहेल शेख ईओ नगरपालिका पीपाड़ सिटी
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किसानों ने मूंग खरीदी केंद्र बदलाव के विरोध में चक्का जाम किया

Narmadapuram, Madhya Pradesh:मूंग खरीदी में लगातार आ रही दिक्कतों और खरीदी केंद्र बदलने से नाराज किसानों ने गुरुवार को नर्मदापुरम–पिपरिया स्टेट हाईवे पर माखननगर में मीनेष वेयरहाउस के सामने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सड़क पर बैठकर यातायात रोक दिया, जिससे करीब ढाई घंटे तक दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। किसानों का कहना था कि बिना पर्याप्त तैयारियों के खरीदी केंद्र को अचानक स्थानांतरित कर दिया गया। नए वेयरहाउस में न तो तुलाई की समुचित व्यवस्था थी और न ही किसानों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं। इसके कारण मूंग की तुलाई बाधित हो गई और बड़ी संख्या में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा。 जानकारी के अनुसार, सेवा सहकारी समिति बाबई के माध्यम से बुधवाड़ा स्थित आदिदेव वेयरहाउस में मूंग खरीदी की जा रही थी। यहां पिछले पांच दिनों से सैकड़ों किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तुलाई का इंतजार कर रही थीं। इसी बीच खरीदी केंद्र बदलने के फैसले से किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार सुनील गढ़वाल, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सहित माखन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त किया।
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विदिशा में सड़क सुरक्षा समिति ने ब्लैक स्पॉट खत्म करने और यातायात सुगमता पर जोर दिया

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा के कलेक्ट्रेट बेतवा सभागार में आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी, अपर कलेक्टर अनिल डामोर के अलावा पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस और जिला परिवहन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर दुर्घटनाओं पर रोक लगाना और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना रहा। आज बेतवा सभा कक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक का आयोजन किया गया था। शहर में ऐसे मैरिज हॉल जिनमें पार्किंग की सुविधा नहीं है उनको नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आगामी त्योहारों को लेकर बाजार व्यवस्था के बारे में चर्चा की गई है। नगरपालिका द्वारा नाली का निर्माण और पाइपलाइन की खुदाई के कारण पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी जल्दी खत्म करने को कहा गया। बरसात के मौसम के कारण गड्ढों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए गए। नगरपालिका और यातायात टीम मिलकर अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चला रही है, और जो व्यापारी/ठेले वाले रोड पर बैठकर व्यापार करते हैं, उन्हें रोकने की हिदायत दी गई है कि रोड पर व्यवधान न करें; यदि रोड पर ही ठेले लगाते या सामान रखते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजार में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने, निर्माण कार्यों से हो रहे गड्ढों को भरने और अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
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15 वर्षीय मोनू ने कौशांबी में फांसी लगाकर आत्महत्या की, प्रेम प्रसंग तनाव का कारण

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी ज़िले में एक 15 वर्षीय किशोर द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर प्रेम प्रसंग को लेकर तनाव की चर्चा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। कोखराज थाना क्षेत्र के नवादिया गांव में गुरुवार की शाम करीब 7 बजे 15 वर्षीय मोनू पुत्र शीतल सिंहरौर ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलनेपर परिजनों ने देखा तो किशोर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही भरवारी चौकी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। परिजनों के अनुसार किशोर पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। परिवार ने उससे कई बार वजह जानने की कोशिश की, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि किशोर का गांव की एक लड़की से प्रेम प्रसंग था और परिवार के विरोध के चलते वह तनाव में था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
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राजस्थान HC ने कुंभलगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों के निवास अधिकार को मान्यता दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कुंभलगढ़ किले के आसपास स्थित राजसमंद जिले के गांव गवार के ग्रामीणों को महत्वपूर्ण राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि जो लोग पीढ़ियों से अपने पुराने मकानों में रह रहे हैं, उन्हें केवल पुरातात्विक संरक्षण के नाम पर बेदखल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे ग्रामीण अपने पुराने मकानों की मरम्मत करा सकते हैं तथा मौजूदा ढांचे पर परिवार की आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त निर्माण भी कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए संबंधित भवन निर्माण नियमों के तहत आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने वर्ष 2021 से लंबित जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। याचिका ग्रामीणों की ओर से दायर की गई थी जिसमें अधिवक्ता अजीज खान एवं अधिवक्ता पिंकी बोराणा ने पैरवी की। याचिका में बताया गया था कि ग्रामीण वर्षों से अपनी खातेदारी भूमि पर बसे हुए हैं। परिवारों की संख्या बढ़ने के कारण उन्हें मकानों की मरम्मत और अतिरिक्त कमरे बनाने की आवश्यकता है, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा राज्य सरकार के अधिकारी यह कहते हुए निर्माण कार्य रोक रहे हैं कि यह क्षेत्र कुंभलगढ़ किले के संरक्षित पुरातात्विक क्षेत्र के निकट आता है। ग्रामीणों को प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 की धाराओं 3 और 4 के तहत नोटिस भी जारी किए गए थे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्थान के किलों में लोगों का निवास कोई नई बात नहीं है। जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, बीकानेर तथा जोधपुर जैसे ऐतिहासिक शहरों और किलों के आसपास भी लंबे समय से लोग निवास कर रहे हैं और उन्हें सामान्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में केवल पुरातात्विक संरक्षण का हवाला देकर सदियों से बसे लोगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसके साथ वहां लंबे समय से रह रहे लोगों के आवासीय अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए। यदि किसी मकान की पुरानी नींव पहले से मौजूद है तो उसकी मरम्मत और उसी आधार पर आवश्यक अतिरिक्त निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का अर्थ नए निर्माण की अनुमति नहीं है। किसी भी नए भवन की नई नींव डालकर निर्माण करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पुरातात्विक स्थल पर नहीं किया जा सकेगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अतिरिक्त निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को लागू भवन निर्माण नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी होगी।इसके साथ ही निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी विशेष मामले में आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो तो संबंधित पक्ष कोर्ट का रुख कर सकते हैं। बाइट अजीज खान अधिवक्ता
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जयपुर में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार और फिरौती 5 लाख

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में हनीट्रैप गैंग का खुलासा हुआ है। सोडाला थाना पुलिस ने एक ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें महिला पहले व्यापारी से दोस्ती करती थी, फिर उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर सुनसान जगह ले जाती थी। इसके बाद गैंग के बाकी सदस्य व्यापारी का अपहरण कर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगते थे। पुलिस ने महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह की महिला सदस्य दिनेश बाई उर्फ अनुष्का मीणा ने पहले योजनाबद्ध तरीके से व्यापारी से संपर्क बढ़ाया। वह कई बार उसकी दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंची और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसने व्यापारी को खाटू श्यामजी दर्शन के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार किया।जैसे ही व्यापारी महिला के साथ रवाना हुआ, रास्ते में पहले से मौजूद गैंग के चार अन्य सदस्य भी पहुंच गए। आरोपियों ने व्यापारी का अपहरण कर लिया और उसके परिजनों को फोन कर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए 5 लाख रुपये की फिरौती मांगनी शुरू कर दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने व्यापारी को सकुशल दस्तयाब कर लिया और महिला सहित पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि पूरा मामला हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग और फिरौती वसूलने की साजिश का था।
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CRPF के हेड कांस्टेबल विष्णु बघेल नागांव कैंप में गोलीबारी से शहीद

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट जिले के परसवाड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम भीकेवाड़ा (शेरपार) निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल विष्णु बघेल असम के नौगांव स्थित कैंप में हुई गोलीबारी की दुखद घटना में वीरगति को प्राप्त हो गए थे। 44 वर्षीय विष्णु बघेल श्रीराम बघेल के इकलौते पुत्र थे और सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन में पदस्थ थे। जानकारी अनुसार, 4 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे 34 वीं बटालियन के नौगांव कैंप में गेट गार्ड ड्यूटी पर तैनात ASI बलानी प्रेमावरम ने गार्ड रूम से इंसास राइफल उठाकर क्वार्टर गार्ड में अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान विष्णु बघेल के पेट में गोली लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी ASI बैरक पहुंचा, जहां उसने फिर गोलीबारी की। इस हमले में SI राम नवल सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ASI माने गोबिंद के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। बाद में आरोपी ASI ने उसी राइफल से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शहीद विष्णु बघेल के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। शहीद विष्णु बघेल का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर आज उनके पारंपरिक गांव भीकेवाड़ा (शेरपार) पहुंचा, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। उनके पार्थिव शरीर को CRPF के सजे धजे वाहन पर रखकर क्षेत्र भ्रमण उपरांत मोक्षधाम पहुंचा, जहां CRPF के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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गोरखपुर में सीमा विवाद के चलते बुजुर्ग शव दो घंटे सड़क किनारे, पुलिस जवाबदेही पर सवाल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर जनपद के कौड़ीराम फोरलेन पर हवेली होटल के पास गुरुवार को सड़क किनारे एक वृद्ध का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में गगहा और बांसगांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों को उम्मीद थी कि पुलिस तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजेगी, लेकिन मौके पर ठीक इसका उल्टा हुआ। दोनों थानों की पुलिस घटनास्थल को लेकर सीमा विवाद में उलझ गई। काफी देर तक बहस होती रही कि शव किस थाना क्षेत्र में मिला है। इस दौरान करीब दो घंटे तक बुजुर्ग का शव तेज धूप में सड़क किनारे यूं ही पड़ा रहा और स्थानीय मजबूर लोग पुलिस की इस संवेदनहीनता की तमाशा को एकटक देखते रहे। लोगों का कहना था कि पुलिस के लिए इंसानियत से ज्यादा थाना सीमा महत्वपूर्ण हो गई। करीब दो घंटे की माथापच्ची के बाद यह स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल गगहा थाना क्षेत्र में आता है। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अब गगहा थाने के अन्तर्गत आने वाली सोहगौरा चौकी पुलिस व बांसगांव थाने के अंतर्गत आने वाली कौड़ीराम चौकी पुलिस चौकियों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। दोनों चौकियों के बीच भी काफी देर तक यह तय नहीं हो सका कि कार्रवाई कौन करेगा। आखिरकार उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सोहगौरा चौकी प्रभारी ने मामले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लेकिन तब तक बुजुर्ग का शव लगभग दो घंटे से अधिक समय तक सड़क किनारे धूप में पड़ा रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में मृतक की पहचान 70 वर्षीय संग्राम, निवासी जयंतीपुर, थाना बांसगांव के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि संग्राम बुधवार को घर से निकले थे। गुरुवार को पुलिस ने सूचना दी कि उनका शव कौड़ीराम फोरलेन के पास सड़क किनारे मिला है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क किनारे एक बुजुर्ग का शव पड़ा था, तब पुलिस की पहली जिम्मेदारी शव को सम्मानपूर्वक कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करना थी या फिर थाना और चौकी की सीमा तय करना? दो घंटे तक चली इस खींचतान ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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