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Shakti KishorShakti KishorFollow13 Mar 2025, 05:55 am

Hapur - सीएचसी में बुजुर्ग का पत्नी को पीठ पर लादे वीडियो हुआ जारी, सीएचसी की लापरवाही आई सामने

Hapur, Uttar Pradesh:

जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां एक ऐसी वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी घायल बुजुर्ग पत्नी को कंधे पर लादकर इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है और अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर पर सांस लेती हुई दिखाई दे रही है. बताया जा रहा है कि अस्पताल में बुजुर्ग व्यक्ति की पत्नी को एंबुलेंस, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर मिलना तो दूर की बात रही, लेकिन काफी देर तक इलाज भी नहीं मिला. थकहार कर बुजुर्ग व्यक्ति अपनी घायल पत्नी को वापस कंधे पर लादकर ही घर लौट गया. वही सीएचसी प्रभारी महेश चंद्र ने कहा है आगे से इस तरह की लापरवाही ना हो इसके लिए एक गार्ड गेट पर तैनात किया गया है।

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बरसात में 4 फीट पानी, ग्रामवासियों के लिए अधूरी सड़क बनी बड़ी चुनौती

Nagaur, Rajasthan:मेड़ता उपखंड क्षेत्र के लांबा जाटान से सोडास गांव को जाने वाली बनी अधूरी सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। बरसात होते ही पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर ही 4 फीट तक पानी भर जाने से इस रास्ते को पार करना चुनौती बन जाता है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 7 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवाकर 1 किलोमीटर अटल पथ ग्रामीण सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया। बजट अभाव के कारण एक किलोमीटर सड़क निर्माण लंबे समय से नहीं हो पाया जिसके कारण बरसात के समय आम रास्ता अवरोध हो जाने से ग्रामीण को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम वासियों वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए अपने स्तर पर ही सड़क निर्माण करने का प्रयास किया गया जिससे आवागमन का रास्ता खुल सके。
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झांसी-खजुराहो फोरलेन के पास खेत में जला शव, हत्या की आशंका

Chhatarpur, Madhya Pradesh:झांसी-खजुराहो फोरलेन राजमार्ग के निकट अलीपुरा थाना के ग्राम पंचायत करारा गंज के एक किसान के खेत में जला हुआ शव मिलने से सनसनी फैल गई, स्थानीय ग्रामीणों ने खेत में धुआं उठता देखा। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक जले हुए शव को पाया। ग्रामीणों ने तुरंत सूचना अलीपुरा पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल यूपी के झांसी जिले के मऊरानीपुर से सटा हुआ है; शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस शव की पहचान और मामले की जांच में जुटी हुई है, नौगांव एसडीओपी ने बताया कि शव अत्यंत जला हुआ है, जिससे पहचान में दिक्कत आ रही है। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस हत्या कर शव को जलाया गया है; पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ शुरू कर दी गई है। इस घटना से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। लोग पूछ रहे हैं कि दिन-दहाड़े या रात में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई है। अभी तक किसी की तलाशी या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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धर्मान्तरण रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ साहू समाज ने अभियान शुरू किया; शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ साहू समाज की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित हुई.. समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू की अध्यक्षता में बैठक हुई.. बैठक में धर्मान्तरण को लेकर चिंता जताई गई.. साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया.. सभी जिलों में प्रभारी नियुक्त कर विशेष अभियान छेड़ा जाएगा.. इसके अलावा समाज मे शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करने का भी फैसला हुआ.. साहू समाज के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि प्रदेश में समाज की ओर से जनसंख्या के लिए सर्वे का काम भी जारी.. सर्वे के माध्यम से भी समाज के लोगों को धर्मांतरण के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा.. साथ ही जो लोग धर्मांतरण कर चुके हैं, उनकी घर वापसी भी की जाएगी.. उन्होंने बताया कि बैठक में प्रमुख रूप से डिप्टी सीएम अरुण साव, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व पीसीसी चीफ धनेन्द्र साहू समेत समाज के वरिष्ठजन भी मौजूद रहे..
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सोनभद्र में पेड़ों की कटान रोक कर आदिवासी प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से रोक की मांग

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की कटान को लेकर आदिवासी समाज का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष परंपरागत तीर-धनुष और अन्य हथियारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जल, जंगल, जमीन, पेड़, पानी और पहाड़ ही उनकी पहचान और आजीविका का आधार हैं। ऐसे में करीब दो लाख छह हजार पेड़ों की कटान का आदेश न सिर्फ पर्यावरण बल्कि आदिवासी अस्तित्व पर भी सीधा हमला है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व संदीप मिश्रा ने किया, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटान पर तत्काल रोक नहीं लगी तो आंदोलन गांव से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा।
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शाहजहांपुर में एंबुलेंस-ट्रक टक्कर: पुलिसकर्मी की मौत, डॉक्टर व चालक घायल

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में एंबुलेंस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में एंबुलेंस में सवार एक पुलिसकर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक डॉक्टर और एंबुलेंस चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। फिलहाल घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पूरी घटना थाना कटरा क्षेत्र के नेशनल हाईवे की है। बताया जा रहा है कि कटरा थाने में तैनात सिपाही विकास सांगवान और डॉक्टर लक्ष्मण सिंह के साथ एंबुलेंस ड्राइवर एक होटल से खाना खाकर लौट रहे थे। इसी दौरान चौधरी ढाबे के पास बरेली शाहजहांपुर नेशनल हाईवे पर एंबुलेंस चालक ने नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे हैं ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। हादसे में पुलिसकर्मी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि डॉक्टर एंबुलेंस चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है।
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ओमप्रकाश राजभर ने कहा 2027 में NDA की वापसी, सपा पर कड़ा हमला

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर पहुंचे मंत्री ओमप्रकाश राजभर, बोले 2027 में फिर बनेगी NDA सरकार, सपा पर जमकर साधा निशाना जौनपुर। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जौनपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, कानून-व्यवस्था, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मंत्री राजभर ने दावा किया कि प्रदेश में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अगले जन्म में सरकार बनाने का सपना देखे, क्योंकि जनता का विश्वास एनडीए के साथ है। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके against सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि दो वर्षों तक उन्हें लगातार अपशब्द कहे गए, इसलिए वह भी रोजाना ऐसा बयान देते हैं जिससे सपा के नेता पूरे दिन परेशान रहते हैं। पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार समय पर चुनाव कराने की तैयारी में थे, लेकिन समाजवादी पार्टी ने अपनी लीगल टीम के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में खुद सपा नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि अब चुनाव नहीं होंगे। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री "बुलडोजर बाबा" के नाम से जाने जाते हैं और अपराधियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। हाल ही में चार वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने महज eight घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देती और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आजाद बिंद हत्याकांड से जुड़े सवाल पर मंत्री राजभर ने कहा कि इस मामले में उनका नाम जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल फोन जांच लिया जाए, उन्होंने इस संबंध में किसी से कोई बातचीत नहीं की है और उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में बड़ी संख्या में दंगे हुए थे, जबकि भाजपा सरकार के नौ वर्षों में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में शांति का माहौल बना है। कौशांबी की घटना का जिक्र करते हुए भी उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराध और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सरकार पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है。 बाईट ओमप्रकाश राजभर पंचायती राज मंत्री
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बिहार पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण के लिए डेडिकेटेड आयोग और ट्रिपल टेस्ट अनिवार्य

Noida, Uttar Pradesh:बिहार पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण: क्या डेडिकेटेड ओबीसी आयोग और ट्रिपल टेस्ट के बिना आरक्षण रोस्टर जारी हो सकता है? हमारी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं है। यह संविधान, सामाजिक न्याय और पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों की लड़ाई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के बाद यह स्थापित सिद्धांत है कि स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। इसके लिए डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन, आयोग द्वारा वैज्ञानिक अध्ययन तथा उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया जाता है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि पंचायती राज विभाग जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न करे। विभाग को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण का रोस्टर तभी प्रकाशित किया जा सकता है, जब राज्य में डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन हो, आयोग आवश्यक अध्ययन एवं ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करे तथा अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपे। जब तक आयोग की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग के लिए ओबीसी आरक्षण का अंतिम रोस्टर प्रकाशित करना संवैधानिक और कानूनी प्रश्नों के दायरे में रहेगा। इसलिए सरकार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण पालन करना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का पालन करना सभी संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। यदि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना आरक्षण लागू किया जाता है, तो वह न्यायिक समीक्षा के अधीन आ सकता है और न्यायालय द्वारा निरस्त भी किया जा सकता है। इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को संविधान तथा न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही आगे बढ़ना चाहिए। हमारी मांग केवल तीन हैं— 1. तत्काल डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन किया जाए। 2. आयोग द्वारा ट्रिपल टेस्ट एवं आवश्यक सर्वेक्षण समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। 3. आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक एवं कानूनी रूप से मजबूत ओबीसी आरक्षण रोस्टर प्रकाशित कर पंचायत चुनाव कराया जाए。 हमारा उद्देश्य चुनाव टालना नहीं है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार में पंचायत चुनाव संविधान के अनुरूप हों, ओबीसी समाज का अधिकार सुरक्षित रहे और भविष्य में आरक्षण किसी कानूनी विवाद का शिकार न बने। यही सामाजिक न्याय है, यही संविधान की भावना है और यही बिहार के लाखों पंचायत प्रतिनिधियों एवं ओबीसी समाज की अपेक्षा है। मिथिलेश कुमार राय (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ)
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बिहार में पंचायत परिसीमन 36 साल बाद: पारदर्शिता और न्यायसंगत आरक्षण के साथ चुनाव

Noida, Uttar Pradesh:बिहार में पंचायत परिसीमन कब? 36 वर्षों से लंबित व्यवस्था पर अब निर्णय जरूरी” मिथिलेश कुमार राय (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ) सबसे पहले मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि पंचायतों के परिसीमन की मांग किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष की नहीं है। यह संविधान, लोकतांत्रिक समानता और पंचायतों को मजबूत बनाने की लड़ाई है। बिहार में लगभग 36 वर्षों से पंचायतों का परिसीमन नहीं हुआ है। इस दौरान जनसंख्या बढ़ी, नए गांव और टोले बसे, कई क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियां बदल गईं, लेकिन पंचायतों की सीमाएं आज भी पुराने आधार पर बनी हुई हैं। इससे समान प्रतिनिधित्व का सिद्धांत प्रभावित होता है। देश के अनेक राज्यों—महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा और उत्तर प्रदेश—में समय-समय पर पंचायतों का परिसीमन कर जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। बिहार भी इस दिशा में पीछे नहीं रहना चाहिए। परिसीमन का उद्देश्य केवल सीमाएं बदलना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पंचायत और वार्ड में जनसंख्या के अनुसार न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। यही लोकतंत्र की मूल भावना है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पूरी की जाए। इससे भविष्य में विवाद और न्यायालयी चुनौतियां भी कम होंगी। हमारा स्पष्ट मत है कि परिसीमन के बाद ही पंचायतों के लिए आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। नई भौगोलिक सीमाएं तय होने के बाद ही वार्डों और पंचायतों की वास्तविक स्थिति सामने आती है। उसके बाद ही आरक्षण रोस्टर तैयार करना अधिक न्यायसंगत और संविधान सम्मत होगा। हमारा विश्वास है कि बिहार के माननीय मुख्यमंत्री पंचायतों को सशक्त बनाने के पक्षधर हैं। यदि 36 वर्षों बाद बिहार में पंचायतों का परिसीमन कराया जाता है, तो यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के रूप में दर्ज होगा। हमारी मांग स्पष्ट है—पंचायतों का परिसीमन शीघ्र कराया जाए। परिसीमन पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत हो। परिसीमन के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार आरक्षण का निर्धारण किया जाए। इसके बाद पंचायत चुनाव कराए जाएं। हम चुनाव टालने की बात नहीं कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि बिहार में पंचायत चुनाव ऐसे हों जो संविधान की भावना, समान प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय—तीनों कसौटियों पर खरे उतरें। यही मजबूत पंचायत, मजबूत लोकतंत्र और विकसित बिहार की आधारशिला होगी। मिथिलेश कुमार राय (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ)
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शामली धर्मांतरण मामला: आयुष मालिक की घर वापसी और मौलवी की तलाश

Noida, Uttar Pradesh:शामली का मोहम्मद रहमान अली अब फिर से आयुष मालिक बन गया है। इस्लाम छोड़ कर रहमान अब भगवान की पूजा करना शुरू कर चुका है। हिंदू संगठनों और परिवार की एक महीने की मेहनत के बाद ये मुमकिन हो पाया है। इस बीच जांच में जुटी शामली पुलिस इरफान उर्फ हाकिम की तलाश कर रही है। ये शामली का रहने वाला है। इसी ने आयुष का धर्मांतरण कराया था। जांच में जुटी पुलिस को इसकी लोकेशन कभी मुंबई तो कभी चेन्नई में मिली है। बाइट। देवराज मालिक, आयुष मालिक के पिता इस बीच स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि निजी स्कूलों में सनातन की पढ़ाई नहीं होती है। इसी लिए बच्चों को इसकी जानकारी नहीं है। हम सभी को अपने बच्चों को सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाना चाहिए । बाइट। यशवीर महाराज आयुष मालिक की घर वापसी के बाद पुलिस अब उस मौलवी की तलाश कर रही है जिसने आयुष का धर्मांतरण कराया था। इरफान उर्फ हाकिम नाम के मौलाना शामली का रहने वाला है। इस घटना के बाद वो फरार है। इसकी लोकेशन मुंबई और चेन्नई में मिली है.
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भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच भाजपा पर हमलावर विपक्ष, 2029 चुनाव की चुनौती

Mumbai, Maharashtra:टीएमसी के साथ जो हो रहा है, वही हमारे साथ पहले हुआ था। अगर हमारे मामले में पहले न्याय मिल जाता, तो यह स्थिति नहीं होती। यह सिर्फ राजनीतिक दलों की बात नहीं है, बल्कि पूरे संविधान की स्थिति बनाई गई है। भाजपा संविधान का अपमान कर रही है। हमारी यही अपेक्षा है कि न्याय व्यवस्था उसका आदर करे। यह ऑपरेशन टाइगर नहीं है, यह ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है। उनके पंखों को काटा जा रहा है। सीएम की बॉडी लैंग्वेज देखिए। शायद यह उनके लिए आखिरी सत्र हो सकता है। उन्हें अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में भेजा जा सकता है। बगावत कभी भी हो, बात यही होती है कि आपकी स्थिति क्या थी। अगर आपको विधायक बनाया गया, आपकी बेटी को समिति में स्थान दिया गया, भाई को बेस्ट कमेटी दी गई, तो नैतिकता के आधार पर आपको अपनी पार्टी के साथ रहना चाहिए। इतनी नैतिकता भी कैसे नहीं हो सकती? ऐसे लोग होते हैं, जिनका दिल बदल जाता है। वे क्या कारण देंगे? आइए, चर्चा करते हैं कि हमने क्या कमी की। उन्हें यहां बुलाया जाए। हम अंधविश्वास रखने वाले लोग हैं अंधभक्त नहीं .हम संविधान पर विश्वास रखने वाले लोग हैं। 2029 का चुनाव भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा ने हम सबको लेकर हिंदुत्व पर राजनीति की। भाजपा ने दंगे करवाए। भाजपा ने राम मंदिर का मुद्दा लेकर रथ यात्रा निकाली। वहीं भाजपा और भाजपा के लोग अयोध्या में जमीन की चोरी कर रहे हैं, घोटाला कर रहे हैं। आज इस भाजपा से कोई अपेक्षा नहीं है। उनके मुख्यमंत्री उज्जैन में स्वयं मास्टर प्लान में छेड़छाड़ कर रहे हैं, भ्रष्टाचार कर रहे हैं। आज जो सारे विधायक और सांसद भाजपा के साथ बैठे हैं, उनसे मैं यही कहना चाहता हूं कि आने वाले संसद सत्र में उनसे पूछिए कि उज्जैन में भ्रष्टाचार कैसे हुआ, अयोध्या में क्या भ्रष्टाचार हुआ, घोटाला क्यों किया? हमारे हिंदुओं की जो भावनाएं हैं, उनके साथ क्यों खेला गया? आज मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं, जो भाजपा के साथ जाना चाहते हैं, कि लोग यही पूछेंगे कि जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे, उन्हीं बड़े-बड़े नेताओं को आपने सांसद बनाया, मंत्री बनाया। क्या यही वह भाजपा है, जो पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ होने का दावा करती थी?
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श्रीनगर में CAPF के साथ मॉक ड्रिल: अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा तैयारी तेज

Chaka, अमरनाथ यात्रा से पहले, श्रीनगर पुलिस ने CAPF के साथ मिलकर यात्रा भवन में आतंकी हमले का मुकाबला करने के लिए एक मॉक ड्रिल की। श्रीनगर ट्रांजिट कैंप आने वाली तीर्थयात्रा के लिए बनाई गई बहुत संवेदनशील जगहों में से एक है। इस ट्रांजिट कैंप में टेंट, लंगर और यात्रा भवन की एक बहुत बड़ी इमारत है। यहाँ सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं - चाहे उन्होंने बालटाल रूट से रजिस्ट्रेशन कराया हो, ट्रेन या अपनी गाड़ियों से आए हों, या रजिस्ट्रेशन करवाया हो - और कई लोग इसी यात्रा भवन में रुकते हैं। यह भवन बहुत ही रणनीतिक जगह पर स्थित है। श्रीनगर पुलिस ने कई सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के साथ मिलकर यहाँ एक बड़े पैमाने पर संयुक्त मॉक ड्रिल की। ​​इसका मकसद आने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी आतंकी हमले का मुकाबला करने के लिए आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करना था। सुरक्षा बलों ने जटिल आपात स्थितियों, जैसे यात्रा भवन पर फिदायीन या स्टैंड-ऑफ हमले, से निपटने के तरीकों का अभ्यास किया। इस संयुक्त अभ्यास का नेतृत्व J
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पेयजल बजट संकट खत्म: 935 करोड़ जारी, जल जीवन मिशन की रफ्तार तेज

Jaipur, Rajasthan:पेयजल महकमे में बजट का संकट दूर होगा, समझौते के मुताबिक सरकार ने जारी किए 935 करोड आशीष चौहान, जयपुर-पेयजल महकमे में बजट का संकट खत्म हो गया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद PHED ने बजट जारी किया. जिसके बाद बजट का विवाद अब दूर हो गया. सरकार ने 935 करोड जारी किए. अब सरकार अगले महीने और बजट जारी करेगी, ताकि जल जीवन मिशन की रफ्तार और तेज हो सके. आखिरकार पानी पिलाने वाले महकमे में कैसे बजट का सूखा दूर हुआ..देखिए इस रिपोर्ट में. पीएचईडी ने रिलीज किया बजट- जल जीवन मिशन और जायका की पेयजल परियोजनाएं अब रफ्तार पकडेगी. राज्य सरकार ने 935 करोड का बजट जारी किया. सरकार और ठेकेदारों के बीच हुए समझौते के तहत बजट दिया गया. अब अगले महीने 1000 करोड जारी करेगी. इसके बाद भी 2500 करोड के बजट बकाया रहेगा. माना जा रहा है कि जुलाई के बाद भी ठेकेदारों को सरकार बजट जारी करेगी. वहीं बजट के आने वाले अब जल जीवन मिशन को फिर से रफ्तार मिलेगी. बाइट-कन्हैयालाल चौधरी,जलदाय मंत्री ठेकेदारों के 4500 करोड अटके- पीएचईडी ठेकेदारों ने 4500 करोड रुकने का दावा किया, जिसके बाद में सरकार ने 935 करोड जारी किए. अब जुलाई में 1000 करोड जारी करेगी. इसके बाद भी 2500 करोड के बजट बकाया रहेगा. माना जा रहा है कि जुलाई के बाद भी ठेकेदारों को सरकार बजट जारी करेगी. वहीं बजट के आने वाले अब जल जीवन मिशन को फिर से रफ्तार मिलेगी. बाइट-कन्हैयालाल चौधरी,जलदाय मंत्री सीधा ठेकेदारों के खातों में पैसा- अब सीधा स्कीम वाइज बजट जारी हुआ.यानी सीधा ठेकेदारों के खातों में पैसा रिलीज हुआ.केंद्र और राज्य सरकार स्कीम वाइज पैसा जारी होगा.इस प्रक्रिया से बजट वितरण में पूरी पारदर्शिता रहेगी.अब एसएनए स्पर्श पोर्टल के जरिए बजट रिलीज हो रहा.राजस्थान ने 12 हजार स्कीम के लिए सबकी अलग आईडी बनाई है.हालांकि कई प्रोजेक्ट्स का पैसा रुक गया.
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