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आशा सहयोगिनी व साथिनों ने बजट-मानदेय की मांग पर डूंगरपुर में प्रदर्शन किया

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में आशा सहयोगिनी एवं साथिन यूनियन (सीटू) ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के समक्ष प्रदर्शन किया। राजस्थान आशा सहयोगिनी एवं साथिन यूनियन के आव्हान पर डूंगरपुर जिले में भी आशा सहयोगिनी एवं साथिनों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आशा सहयोगिनियों ने राजस्थान सरकार के इस वर्ष के बजट पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने उन पर काम का भारी बोझ डाल दिया है, लेकिन पीसीटीएस का पैसा और मानदेय समय पर नहीं मिलता। महंगाई के इस दौर में उन्हें 3-4 महीनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऑनलाइन काम की अनिवार्यता कर दी गई है, लेकिन विभाग द्वारा एंड्रॉइड मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे उन्हें काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से सभी आशाओं को स्थायी कर राज्य कर्मचारी घोषित करने और जब तक स्थायीकरण नहीं होता, तब तक न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह दिए जाने की मांग है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनके ज्ञापन पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो राजस्थान की समस्त आशाएं उग्र आंदोलन और संघर्ष का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगी.
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65 IAS अफसरों के तबादलों से सत्ता-प्रशासन में नई लाइन खींची गई

Jaipur, Rajasthan:IAS अफसरों के तबादलों ने सत्ता और सिस्टम के समीकरण साफ कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा फेरबदल करते हुए 7 आईएएस अफसरों को सचिव, विशिष्ट सचिव, संयुक्त सचिव से लेकर ओएसडी तक अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं 25 जिलों के कलेक्टर बदलकर फील्ड प्रशासन की पूरी तस्वीर ही बदल दी गई है। इस तबादला सूची का सबसे बड़ा मैसेज साफ है—जनप्रतिनिधियों से टकराव की कीमत भी चुकानी पड़ी है… और परफॉर्मेंस दिखाने वालों को प्रमोशन पोस्टिंग मिली है। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा, जिनकी वन मंत्री से तनातनी चर्चा में रही अब मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव बनाए गए हैं… जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को सीएम सचिव की कुर्सी मिली है। वही संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर की कमान सौंपी है। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में एक बार फिर बड़ा सियासी-प्रशासनिक संदेश छिपा है। 65 आईएएस अफसरों के तबादले सिर्फ रूटीन फेरबदल नहीं, बल्कि पावर बैलेंस, राजनीतिक समीकरण और परफॉर्मेंस के आधार पर नई लाइन खींचने जैसा कदम माना जा रहा है। पैसे राजेश दबाना सूची में सीएमओ से लेकर 25 जिलो में कलक्टर और विभागों में अफसरो को बदला गया है। सबसे बड़ा फोकस मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर रहा, जहां एक साथ कई अहम बदलाव किए गए। फील्ड में काम कर रहे अफसरों को सीधे सत्ता के केंद्र में लाया गया, जबकि कुछ को मैदान में वापस भेजा गया। जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाना इस बात का संकेत है कि सरकार भरोसेमंद और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड अफसरों को अपने करीब रखना चाहती है। बेहद संजीदा, निर्विवादित और लो प्रोफाइल रहते हुए डॉ जितेंद्र कुमार सोनी ने जयपुर कलेक्टर के 19 माह के कार्यकाल में रास्ता खोलो अभियान से लेकर सक्षम जयपुर अभियान चलाया। जयपुर शहर में भांकरोटा अग्निकांड हो या फिर एसएमएस अस्पताल में आग लगने की घटना उन्होंने तुरंत दोनों ही बड़ी घटनाओं को हैंडल किया। वही संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर बनाकर फील्ड में मजबूत प्रशासनिक पकड़ को बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है। जयपुर नगर निगम कमिश्नर के पद पर ओम कसेरा, राजस्थान आवासन मंडल आयोग के पद पर अरविंद पोसवाल, और जयपुर विकास प्राधिकरण सचिव के पद पर डॉ गौरव सैनी को लगाया गया है। इस सूची का दूसरा अहम एंगल जनप्रतिनिधियों से टकराव। जिन अफसरों के नेताओं से विवाद सामने आए, उनमें से कई को बदला गया, लेकिन दिलचस्प यह है कि हर मामले में ‘सजा’ नहीं, बल्कि ‘रीपोजिशनिंग’ दिखी। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा, जिनका वन मंत्री से विवाद चर्चा में रहा, उन्हें मुख्यमंत्री का विशिष्ट सचिव बनाकर सरकार ने साफ संकेत दिया कि सक्षम अफसरों को पूरी तरह साइडलाइन नहीं किया जाएगा। उदयपुर सांसद से टकराव के बाद प्रतापगढ़ कलेक्टर का तबादला हो या जैसलमेर में विरोध के बाद बदलाव सरकार ने राजनीतिक फीडबैक को भी इस लिस्ट में जगह दी है। यानी ब्यूरोक्रेसी और पॉलिटिक्स के बीच संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखती है। आईएएस तबादला सूची में टीना डाबी को बाड़मेर से टोंक कलेक्टर बनाना और रिया डाबी को उदयपुर से CMO में ओएसडी बनाना यह दर्शाता है कि सरकार युवा अफसरों को अलग-अलग स्तर पर उपयोग करना चाहती है। एक को फील्ड में, दूसरे को पॉलिसी सेंटर में। इस फेरबदल की एक और खास बात ‘रीपीट कलेक्ट्री’ है। 2011 बैच की अनुपमा जोरवाल को 7 साल बाद दोबारा जैसलमेर कलेक्टर बनाना प्रशासनिक ट्रेंड को दोहराता है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार कुछ जिलों में पुराने अनुभव का लाभ लेना चाहती है, खासकर जहां रणनीतिक या संवेदनशील प्रशासनिक जरूरतें हैं। 2011 बैच के दो IAS अफसर संदेश नायक और अनुपमा जोरवाल को कलेक्ट्री देना भी टाइमिंग के हिसाब से अहम है। जनवरी 2027 में प्रमोशन से पहले यह उनका आखिरी बड़ा फील्ड असाइनमेंट माना जा रहा है। ऐसे में सरकार उन्हें अंतिम प्रशासनिक ‘टेस्टिंग ग्राउंड’ दे रही है। बहरहाल कुल मिलाकर, इस तबादला सूची से तीन बड़े संदेश निकलते हैं। पहला, सरकार परफॉर्मेंस और भरोसे के आधार पर अफसरों को अहम जिम्मेदारी दे रही है। दूसरा, जनप्रतिनिधियों के साथ टकराव को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया गया, बल्कि संतुलित तरीके से हैंडल किया गया है। तीसरा, CMO को मजबूत और एक्टिव बनाकर सरकार प्रशासनिक कंट्रोल अपने हाथ में और मजबूत करना चाहती है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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बुलंदशहर के कब्रिस्तान की बदहाली पर प्रदर्शन: अवैध कब्जे व गंदगी से ग्रामीणों में रोष

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर में कब्रिस्तान की बदहाली पर बवाल, चिड़वाक गाँव के सैकड़ों ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन। शव दफनाने की जगह को तरसे ग्रामीण, आवंटित जमीन पर अतिक्रमण देख सड़कों पर उतर ग्रामीण। वक्फ कब्रिस्तान बना कूड़ाघर, प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, मिट्टी भराव की मांग。 बुलंदशहर में प्रशासनिक लापरवाही उजागर, बाउंड्री वॉल टूटने से असुरक्षित हुआ कब्रिस्तान। चिड़वाक में अंतिम संस्कार के लिए जगह की किल्लत, अवैध कब्जे और गंदगी को लेकर प्रशासन से लगी गुहार。 बाइट:- रिहान खान (पूर्व प्रधान पुत्र) बाइट:- आसिफ खान (ग्रामीण)
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हमीरपुर में स्कूल चलो अभियान का शुभारम्भ, डीएम ने जागरूकता वाहन रवाना किया

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर:-स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ, जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता वाहन को किया रवाना, अब्दुल कलाम सभागार में नए नामांकित हुए बच्चों को बैग और पाठन सामग्री की गई वितरित, अभियान में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की मुहिम पर दिया गया जोर, बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सत्र की शुरुआत के पहले परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लॉस, इनवर्टर, आरओ सहित आधुनिक तकनीक से किया गया लैस, कार्यक्रम में शिक्षकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में विशेष योगदान देने की गई अपील, स्कूल चलो अभियान की रंगोली बनाकर भी लोगों को किया गया जागरूक, जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर का मामला।
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पटना के निजी स्कूलों में किताबों की कीमतें 25-30% बढ़ीं, अभिभावक परेशान

Patna, Bihar:पटना के निजी स्कूलों में इस साल किताबों की कीमतों में 25-30% की बढ़ोतरी हुई है. किताबो की कीमत बढ़ने से अभिभावकों की परेशानी बढ़ी है. स्कूल संचालक एनसीआरटी के टेक्स्ट बुक से साथ निजी पब्लिशरों की किताब साइड बुक के तौर पर हरेक वर्ग में चला रहे हैं. इस कारण निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो के अभिभावाकों की जेब खाली हो रही है और स्कूल और किताब दूकान चांदी काट रहे हैं. यह पटना का ज्ञान गंगा बुक शॉप है और पटना के अधिकाँश स्कूलों ने अभिभावकों को यही से क्लास की बुक खरीदने को कहा है. वजह साफ़ है की दूकानदार छात्रो को छूट तो नहीं दे रहे और किताबों की पूरी कीमत वसूल रहे हैं. अभिभावक ने बताया कि इस साल स्कूल मनमाने तरीके से किताब-कापी के नाम पर अभिभावक को ठग रहा है. नौवीं-दसवीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें 1500 रुपये तक में आ जाती हैं लेकिन निजी स्कूलों में लगी किताबें छह से आठ हजार में आ रही हैं. जानकारी के मुताबिक़ हर साल किताबो की कीमत बढ़ती रही है पर इस बार किताबो की कीमत में अधिक वृद्धि की गई है. अभिभावकों को किताबो की सूची थमाया जाता तो निश्चित दुकान से ही किताब खरीदने को कहा जाता है. अब समझिये की पटना के साधारण दुकानों में जो कापी 20-25 रुपये मिल रही, वही स्कूल के दुकानों के काउंटर पर 40 से 45 रुपये में ने की वाध्यता है. स्कूल के नाम अंकित होने वाली कापी की वजह से अभिभावक मजबूरी मे स्कूल द्वारा नामित दुकान से खरीदने पर वाध्य हैं. स्कूल प्रशासन कोर्स की किताब एनसीईआरटी का रखता है लेकिन इसके अलावा निजी प्रकाशन की साइड बुक भी पढ़ाने की अनिवार्यता रखते हैं. निजी प्रकाशन की साइड बुक अधिक कीमत पर अभिभावक को मिल रही है. अभिभावकों स्कूल के इस लूट से मजबूर अपनी जेब खाली करने पर मजबूर हैं.
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APLET ट्रिब्यूनल: नए दस्तावेज़ सिर्फ सत्यापन के बाद मान्य

Noida, Uttar Pradesh:पश्चिम बंगाल के SIR मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एपीलेट ट्रिब्यूनल अब नए दस्तावेज़ भी स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन ऐसा वो उन दस्तावेजों की सच्चाई और प्रमाणिकता जांचे जाने के बाद ही कर सकते है। एपीलेट ट्रिब्यूनल वो ट्रिब्यूनल होंगे जो मतदाता सूची से किसी का नाम हटाए जाने या न डालने के खिलाफ अपील सुनेंगे। आज चुनाव आयोग की ओर कोर्ट को बताया गया कि 19 एपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। इनमे हाई कोर्ट के पूर्व जज है। इन ट्रिब्यूनल के बैठने के लिए डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नेशनल इंस्टीट्यूशन ऑफ वाटर एंड सेनिटीशन को को चुना गया है। अपीलेट ट्रिब्यूनल वाले जजों के लिए ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। कल से ट्रिब्यूनल में सुनवाई शुरू हो जाएगी। कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पत्र के ज़रिए कोर्ट को यह भी बताया गया कि मतदाता सूची में शामिल करने के लिए लगभग 47 लाख दावे न्यायिक अधिकारियों की ओर से निपटाए जा चुके हैं। बाकी बचे दावों को 7 अप्रैल तक निपटाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सन्तुष्टि जाहिर की। सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल मे चुनावी हिंसा की आशंका के मद्द्देनजर सनातनी संस्था ने याचिका दायर कर एक पूर्व चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की। वकील ने मांग की कि कमेटी की ज़रूरत है जो चुनावी हिंसा के मुद्दों को देख सके ताकि 2022 जैसी तस्वीर दोबारा न दोहराई जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने सनातनी संस्था की तरफ से पेश हुए वकील को याचिका की कॉपी सभी पक्षों को देने को कहा । कोर्ट ने कहा कि बंगाल SIR पर होने वाली अगली सुनवाई के दौरान इस याचिका पर सुनवाई की जाएगी। फरवरी में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल SIR प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को शामिल किए जाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच गतिरोध को देखते हुए यह फैसला लिया था। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि एपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए, जिसमें पूर्व हाई कोर्ट जज शामिल हों।
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चिरमिरी में 12 नई एंबुलेंस शुरू, ALS सुविधाओं के साथ

Muju, Jeonbuk State:एंकर:मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी स्थित बड़ा बाजार के दुर्गा पंडाल में 108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के तहत नई इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले को कुल 12 नई एंबुलेंस की सौगात मिली है। इन एंबुलेंस सेवाओं के शुरू होने से जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर और त्वरित सुविधा मिल सकेगी। आपको बता दें कि इन एंबुलेंस में से 4 एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) श्रेणी की हैं, जो खड़गवां, चिरमिरी, मनेंद्रगढ़ और जनकपुर क्षेत्रों में संचालित होंगी। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम चिरमिरी के महापौर राम नरेश राय एवं एमसीबी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर एंबुलेंस को रवाना किया.
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खन्ना में जालसाजी मेडिकल डॉप टेस्ट रैकेट का पर्दाफाश; 23 वर्षीय मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Khanna, Punjab:ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਜਾਅਲੀ ਮੈਡੀਕਲ ਰੈਕੇਟ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼: 23 ਸਾਲਾ BBA ਡਰਾਪਆਊਟ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਗਿਰੋਹ, ਦੋ ਦੋਸ਼ੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ\n\nਪੰਜਾਬ ਦੇ ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਵੱਡੇ ਜਾਅਲੀ ਮੈਡੀਕਲ ਅਤੇ ਡੋਪ ਟੈਸਟ ਰੈਕੇਟ ਦਾ ਭੰਡਾਫੋੜ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਦੋ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਹੈਰਾਨੀਜਨਕ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਗਿਰੋਹ ਦਾ ਮਾਸਟਰਮਾਈਂਡ ਸਿਰਫ 23 ਸਾਲ ਦਾ BBA ਡਰਾਪਆਉਟ ਮੰਚਿਤ ਕੁਮਾਰ ਨਿਕਲਿਆ, ਜੋ ਆਪਣੇ ਸਾਥੀ ਰਮੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਉਰਫ ਟੋਨੀ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਇਹ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਧੰਦਾ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਸੀ।\n\nਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ ਕਿ ਦੋਸ਼ੀ ਅਸਲਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣਵਾਉਣ ਲਈ ਜਾਅਲੀ ਡੋਪ ਟੈਸਟ, ਨਕਲੀ ਮੈਡੀਕਲ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਲਈ ਫਰਜ਼ੀ ਮੈਡੀਕਲ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਵੀ ਜਾਅਲੀ ਮੈਡੀਕਲ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਬਣਾਏ ਜਾਂਦੇ ਸਨ।\n\nਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਕੋਵਿਡ ਦੌਰਾਨ ਮੰਚਿਤ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਖੰਨਾ ਦੇ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਸਨੇ ਹਸਪਤਾਲ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਅਤੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ੀ ਸਿਸਟਮ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਰੀ ਹਾਸਲ ਕਰ ਲਈ, ਜਿਸਦਾ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਗਲਤ ਫਾਇਦਾ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ।\n\nਪੁਲਿਸ ਨੇ ਖੁਲਾਸਾ ਕੀਤਾ ਹੈ ਕਿ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਕੋਲੋਂ ਰਿਟਾਇਰਡ ਅਤੇ ਮੌਜੂਦਾ SMO ਸਮੇਤ ਕਈ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਅਲੀ ਮੋਹਰਾਂ, ਡੋਪ ਟੈਸਟ ਦੀਆਂ ਸੀਲਾਂ, ਓਪੀਡੀ ਸਲਿੱਪਾਂ, ਆਧਾਰ ਕਾਰਡ, ਪੈਨ ਕਾਰਡ ਅਤੇ ਹੋਰ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਬਰਾਮਦ ਹੋਏ ਹਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਇਹ ਲੋਕ ਅਸਲੀ ਵਰਗੇ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਕਾਗਜ਼ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਠੱਗਦੇ ਸਨ। ਇੱਕ ਡੋਪ ਟੈਸਟ ਦੇ 10 ਤੋਂ 30 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਲਏ ਜਾਂਦੇ ਸੀ।\n\nਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਵਿੱਚ ਰਮੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਉਰਫ ਟੋਨੀ ਵਾਸੀ ਫੀਲਡਗੰਜ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਅਤੇ ਮੰਚਿਤ ਕੁਮਾਰ ਵਾਸੀ ਖੰਨਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਦੋਵੇਂ ਆਪਣੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਅੰਦਰ ਸਾਈਕਲ ਸਟੈਂਡ/ਪਾਰਕਿੰਗ ਚਲਾਉਣ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਰੈਕੇਟ ਨੂੰ ਚਲਾ ਰਹੇ ਸਨ।\n\nਇਹ ਕਾਰਵਾਈ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ ਲੁਧਿਆਣ‌ਾ ਰੇਂਜ ਸਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਦਿਸ਼ा-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਅਤੇ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ ਖੰਨਾ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪੁਲਿਸ ਟੀਮ ਨੇ ਯੋਜਨਾਬੱਧ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਦੋਵੇਂ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ।\n\nਫਿਲਹਾਲ ਦੋਵੇਂ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਤੋਂ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਜਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਉਮੀਦ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਰੈਕੇਟ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਲੋਕਾਂ ਬਾਰੇ ਵੀ ਅਹਿਮ ਖੁਲਾਸੇ ਹੋਣਗੇ। ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਸਿਹਤ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਸੇਂਧ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆਵਾਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਦਾ ਉਦਾਹਰਨ ਮੰਨਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।\n\nਬਾਈਟ - ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ
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हमीरपुर नगर निगम ने अव्यवस्थित विज्ञापन होर्डिंग हटाकर शहर की सफाई शुरू कर दी

Chanwal, Himachal Pradesh:नगर निगम के आयुक्त राकेश शर्मा के आदेशानुसार शहर एवं निगम के आसपास क्षेत्रों में विभिन्न संस्थाओं,व्यापारिक प्रतिष्ठानों,कोचिंग एवं शैक्षिक संस्थानों ,रोजगार प्रदाता एवं अन्य व्यावसायिक कंपनियों द्वारा लगाए गए अनियमित विज्ञापन होर्डिंग एवं अन्य प्रचार सामग्री द्वारा शहर एवं नगर निगम के आसपास क्षेत्र में बढ़ते दृश्य प्रदूषण करने वाली होर्डिंग्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । आज नगर निगम हमीरपुर की टीम ने हमीरपुर शहर के बीच और भोटा चौक से लेकर नादौन चौक तक अनियमित ,अव्यवस्थित एवं गैर कानूनी तरीके से लगाए गए विज्ञापन ,होर्डिंग,पोस्टर्स, बैनर्स को हटाया । आपको बता दें कि नगर निगम के पास अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए विज्ञापन एवं होडिंग्स के बारे में लोगो के द्वारा शिकायत की जा रही थी । इन होर्डिंग्स के कारण न केवल शहर की सुंदरता को ग्रहण लगता है इसके साथ ही आने-जाने वाले लोगों खासकर बुजुर्गों एवं बच्चों के लिए भी खतरे का सबक बना हुआ है । मार्च अप्रैल के महीने में खासकर यह देखा गया है की कोचिंग एवं शैक्षिक संस्थाओं में आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण अनियमित विज्ञापनों एवं होर्डिंग्स की संख्या में भरी इजाफा होता है और इश्तहार वालों ने भी शहर की गली मोहल्लों में कोई दीवार नहीं छोड़ते है । वहीं नगर निगम के आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि शहर को साफ और सुंदर रखने के लिए मुहिम छेड़ी गई है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर साफ सुथरा है और उसकी स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम द्वारा यह कदम उठाया गया है। नगर निगम हमीरपुर की टीम ने हमीरपुर शहर के बीच और भोटा चौक से लेकर नादौन चौक तक अनियमित ,अव्यवस्थित एवं गैर कानूनी तरीके से लगाए गए विज्ञापन ,होर्डिंग,पोस्टर्स, बैनर्स को हटाया गया है।
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