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9 साल में योगी सरकार: यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का सच
KKKRISNDEV KUMAR
Mar 20, 2026 09:37:02
Noida, Uttar Pradesh
9 साल में योगी सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में क्या किए काम
बीते 9 वर्षों में 16 हवाई अड्डे बने, 8 हवाई अड्डे प्रक्रिया में है। बीते 9 वर्षों में 63 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण 2.72 लाख किलोमीटर से अधिक सड़के बनी। इतना ही नहीं ऊर्जा, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैक्ट्री समेत राज्य में इन्फ्रांस्ट्रक्चर में क्या हुए कार्य , योगी सरकार किन कार्यों का अपने नौ साल पूरे होने पर कर रही है बखान इस पर एक विशेष खबर
संकल्प से सिद्धि: इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से समग्र और समावेशी विकास की ओर उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की विकास गाथा के पिछले नौ वर्ष “संकल्प से सिद्धि” के उस जीवंत उदाहरण के रूप में उभरते हैं, जहाँ राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीति और प्रभावी क्रियान्वयन ने इन्फ्रास्ट्रक्चर को परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बनाया। यह यात्रा केवल परियोजनाओं के विस्तार की नहीं, बल्कि एक ऐसे विकास मॉडल के निर्माण की है, जिसमें समग्रता और समावेशिता दोनों का संतुलित समावेश है।
इन नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने “सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड” के त्रिस्तरीय दृष्टिकोण के साथ “बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू” तक की ऐतिहासिक छलांग लगाई है। जो राज्य कभी ‘बीमारू’ की पहचान से जूझ रहा था, वह आज “लैंड ऑफ पोटेंशियल” से “लैंड ऑफ परफॉर्मेंस” और “लैंड ऑफ डिलीवरी” बन चुका है—और यही परिवर्तन 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहा है।
संकल्प: कनेक्टिविटी को विकास का आधार बनाना | सिद्धि: देश का सबसे बड़ा नेटवर्क
जब कनेक्टिविटी को विकास का मूल आधार बनाने का संकल्प लिया गया, तो उसका परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क 1.5 से बढ़कर 22 तक पहुँच चुका है—जिसमें 7 संचालित, 5 निर्माणाधीन और 10 प्रस्तावित हैं। यह विस्तार इतना व्यापक है कि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है।
सड़क नेटवर्क के समानांतर 90 राष्ट्रीय राजमार्गों की उपस्थिति और 19 किमी प्रतिदिन की दर से राज्य एवं ग्रामीण सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण यह सुनिश्चित करता है कि विकास का प्रवाह हर क्षेत्र तक पहुँचे。
रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में 16,000 किमी से अधिक नेटवर्क और दादरी में ईस्टर्न एवं वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन, उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक तंत्र का केंद्र बनाता है。
वाराणसी में देश का पहला इनलैंड वाटरवे और 11 राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास, बहु-मोडल कनेक्टिविटी को नई दिशा देता है。
हवाई कनेक्टिविटी में 16 संचालित हवाई अड्डे (4 अंतरराष्ट्रीय) और 8 प्रक्रियाधीन परियोजनाएँ, तथा जेवर एयरपोर्ट के साथ 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की परिकल्पना—यह सब मिलकर उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी से जोड़ते हैं।
संकल्प: ऊर्जा हर घर, हर उद्योग तक | सिद्धि: व्यापक विद्युत उपलब्धता
ऊर्जा को विकास की रीढ़ मानते हुए जो संकल्प लिया गया, उसने उत्तर प्रदेश की आर्थिक गति को नई ऊर्जा दी है।
आज जनपद मुख्यालयों में 24 घंटे, तहसीलों में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
विद्युतीकरण के क्षेत्र में यह परिवर्तन और भी स्पष्ट है—जहाँ 2017 तक 1.28 लाख मजरों तक बिजली पहुँचती थी, वहीं आज 2.94 लाख से अधिक मजरों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है।
यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि उद्योग, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक आधार है।
संकल्प: मानव पूंजी का सशक्तिकरण | सिद्धि: शिक्षा और स्वास्थ्य का विस्तार
समग्र विकास की परिकल्पना में मानव संसाधन का सशक्तिकरण केंद्रीय स्थान रखता है।
शिक्षा के क्षेत्र में “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत प्राथमिक विद्यालयों में 19 बुनियादी सुविधाओं का संतृप्तीकरण किया गया है। 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है। “प्रोजेक्ट अलंकार” ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तकLimit तक नहीं रखकर खेल और सह-पाठ्य गतिविधियों तक विस्तारित किया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 2017–2025 के बीच 83 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज” का लक्ष्य, स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण का सशक्त उदाहरण है। रायबरेली और गोरखपुर में AIIMS तथा लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, उच्च गुणवत्ता والی स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं।
संकल्प: संतुलित क्षेत्रीय विकास | सिद्धि: गांव से शहर तक समान प्रगति
समावेशी विकास का वास्तविक अर्थ है—हर क्षेत्र, हर वर्ग तक विकास का समान प्रसार।
58 नगर निकायों का स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकास और काशी एवं विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों का गठन, शहरी विकास को गति देता है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत 2.43 करोड़ परिवारों को नल कनेक्शन, 62 लाख से अधिक परिवारों को पक्का घर और 1.10 करोड़ परिवारों को घरौनी वितरण, जीवन स्तर में व्यापक सुधार का प्रमाण है।
यह प्रयास गांवों को “गरिमामय, आत्मनिर्भर और आधुनिक” बनाने की दिशा में एक स्पष्ट और प्रभावी रणनीति को दर्शाते हैं।
संकल्प: औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण | सिद्धि: निवेश और रोजगार का विस्तार
इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने का संकल्प, औद्योगिक क्षेत्र में ठोस उपलब्धियों के रूप में सामने आया है।
आज उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयाँ और 31,000 से अधिक कारखाने सक्रिय हैं। 75,000 एकड़ से अधिक औद्योगिक लैंड बैंक और एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर, उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं।
विभिन्न सेक्टर-विशिष्ट परियोजनाएँ—जैसे बरेली का मेगा फूड पार्क, उन्नाव की ट्रांस गंगा सिटी, गोरखपुर का प्लास्टिक एवं गारमेंट पार्क, ललितपुर का फार्मा पार्क, कन्नौज का इत्र पार्क और नोएडा का मेडिकल डिवाइस पार्क—क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुरूप विकास को गति देती हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और लॉजिस्टिक हब, तथा डिफेंस कॉरिडोर के 6 नोड (झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, कानपुर) उच्च-प्रौद्योगिकी और रणनीतिक उद्योगों के विकास को नई दिशा देते हैं।
सिद्धि: समग्र और समावेशी विकास से 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर
उत्तर प्रदेश की यह यात्रा स्पष्ट کرتی है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि विकास का वह माध्यम है जो समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र को जोड़ता है。
कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी-ग्रामीण संतुलन और औद्योगिक विकास—इन सभी का समन्वय एक ऐसे विकास मॉडल को जन्म देता है, जिसमें समग्रता और समावेशिता दोनों सुनिश्चित हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल क्षमता, लागत दक्षता और सुशासन का यह संगम उत्तर प्रदेश को न केवल निवेश के लिए आकर्षक बनाता है, बल्कि इसे एक उच्च-विकास अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है।
यही “संकल्प से सिद्धि” की वह यात्रा है, जिसने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर दृढ़ता और गति के साथ अग्रसर किया है。
उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर समृद्ध प्रदेश बना है। चाहे एक्सप्रेस वे हो चाहे एयरपोर्ट्स हों चाहे मेडिकल कॉलेज हों, चाहे हाईवे हों हर तरह से योगी सरकार ने आम जनता की सुविधा के लिए कार्य किया है। बुंदेलखंड से लेकर गोरखपुर तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक उत्तर प्रदेश को विकास की डोर में बांधने का काम योगी सरकार ने किया है
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