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पटना में राजद का 30वां स्थापना दिवस धूमधाम से, तेजस्वी यादव करेंगे उद्घाटन

Patna, Bihar:पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्थापना दिवस से एक दिन पहले, बुधवार 1 जुलाई 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से प्रदेश राजद कार्यालय स्थित 'कर्पूरी सभागार' में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा。 समारोह का उद्घाटन राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करेंगे。 स्थापना दिवस को लेकर प्रदेश राजद कार्यालय को रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। कार्यालय परिसर के बाहर पार्टी के बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। वहीं, कार्यक्रम में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इस समारोह में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व विधान पार्षद, लोकसभा चुनाव 2024 एवं विधानसभा चुनाव 2025 के सभी प्रत्याशी, राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, साथ ही संगठनात्मक जिला इकाइयों के जिलाध्यक्ष और प्रधान महासचिव शामिल होंगे। राजद के 30वें स्थापना दिवस समारोह को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल है। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
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गोंडा मेडिकल कॉलेज MBBS छात्रों का 48 घंटे से लाइट नहीं मिलने पर विरोध

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के स्वास्थ्य राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में पढ़ने वाले एमबीबीएस के छात्र और छात्राओं ने आज मंगलवार देर रात 8:00 बजे अचानक गेट के बाहर आकर के 48 घंटे से पानी और बिजली न मिलने के कारण नाराज होकर के विरोध प्रदर्शन को शुरू कर दिया है। बीते आधे घंटे से एमबीबीएस के छात्र और छात्राओं द्वारा परेशानियों को लेकर के विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की जा रही है। हॉस्टल में परेशानी है बिजली है ना पानी है के नारे भी महाविद्यालय गेट पर भारी संख्या में एकत्रित होकर के छात्र और छात्राएं लग रहे हैं। इतना ही नहीं यहां हॉस्टल में रहने वाले बच्चे यह भी कह रहे हैं कि जब हम लोग सब शिकायत करते हैं तो शिकायत को अनसुना कर दिया जाता है समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इन लोगों का आरोप है कि 48 घंटे बीत चुके हैं अभी तक लाइट नहीं मिली है नहीं पानी मिला है यहां पर लाइट न होने की स्थिति में जनरेटर भी नहीं चला जाता है। साथ ही साथ प्रिंसिपल महाविद्यालय की मौके पर उपस्थित नहीं है समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। एमबीबीएस के छात्र और छात्राओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए महाविद्यालय गेट पर तैनात गार्ड द्वारा समझाया जा रहा है लेकिन फिर भी छात्र अपनी मांगों को लेकर के अड़े हुए हैं लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बच्चों का यह भी कहना है कि आए दिन यहां हॉस्टल में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन किसी प्रकार की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है प्रिंसिपल यहां की सुनने को तैयार नहीं है। वही जब इस प्रदर्शन को लेकर के गोंडा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ बीना से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपना फोन नहीं उठाया है कई बार प्रयास किया गया लेकिन फिर भी उनसे बात नहीं हो पाई है। महाविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की आए दिन कुछ ना कुछ समस्याएं रहती हैं लेकिन उन समस्याओं पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जाए इसके चलते आज बच्चों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है。
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करनाल में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पंखे से लटका शव; जांच जारी

Karnal, Haryana:करनाल। शादी के 4 महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, कमरे में पंखे से लटका मिला शव, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी। करनाल के इंद्री उपमंडल के गांव खेड़ा में एक नवविवाहितата की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 20 वर्षीय विवाहिता का शव घर के कमरे में पंखे से लटका मिला, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतका के मायके पक्ष को भी सूचना देकर मौके पर बुलाया है। मृतका की शादी इसी वर्ष फरवरी माह में हुई थी और वह अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। चार महीने पहले हुई थी शादी : प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर की रहने वाली थी। उसकी शादी फरवरी 2026 में गांव खेड़ा निवासी प्रियांशु के साथ हुई थी। शादी के बाद से वह अपने पति और ससुराल पक्ष के साथ गांव खेड़ा में रह रही थी। मंगलवार को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर लौटे पति के उड़े होश : मृतका के ससुर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना के समय वह, उनकी पत्नी और उनका बेटा तीनों काम पर गए हुए थे। दोपहर बाद जब उनका बेटा घर लौटा तो उसने कमरे में अपनी पत्नी को पंखे से लटका हुआ देखा। यह दृश्य देखकर वह घबरा गया और तुरंत परिजनों व पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच : घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं सूचना मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग भी गांव खेड़ा पहुंच गए। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार : जांच अधिकारी के अनुसार पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। बाइट : मृतका का ससुर बाइट : पुलिस जांच अधिकारी
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झांसी मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ: बुलडोजर के सामने महिला बैठी, पति लेटा

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में आज नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए एक महिला पंजे पर चढ़ गई, जबकि उसका पति बुलडोजर के नीचे लेट गया। महिला काफी देर तक बुलडोजर के सामने खड़ी होकर हंगामा करती रही, यह नजारा देखकर नगर निगम टीम के हाथ-पांव फूल गए। वहीं नगर निगम की इस कार्रवाई से मेडिकल कॉलेज के आसपास हड़कंप मचा रहा। इस घटना का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जो अब झांसी में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। जैसे ही टीम ने बुलडोजर चलाया, फुटपाथी दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान एक दंपति ने कार्रवाई रोकने के लिए हंगामा खड़ा कर दिया और महिला बुलडोजर के सामने खड़ी होकर काफी देर तक हंगामा करती रही, मौके पर मौजूद अधिकारी और पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक समझाने के बाद दंपति को हटाया। इसके बाद अभियान आगे बढ़ाया गया। नगर निगम की टीम ने पटरी दुकानदारों की गुमटी और ठेलों को बुलडोजर की मदद से उठाकर ट्रैक्टर पर रखकर ले गए, टीम ने अलाउंस कर चेतावनी दी कि दुकानदार सड़क किनारे दुकान लगाकर सामान न बेचें, वरना दोबारा कार्रवाई होगी।
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राम मंदिर चंदा घोटाला: भाजपा नेताओं पर अरबों की ठगी का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:राम मंदिर के नाम पर पिछले 35 साल से संघ और बीजेपी के शातिर ठगों ने हिंदुओं से हज़ारों करोड़ चंदा इकट्ठा किया। अब सरकारी पैसे से मंदिर का निर्माण हो रहा है लेकिन बेईमान लोगों ने श्रद्धालुओं से चंदा, चाँदी, सोना और हीरे लेना जारी रखा। हिंदू प्रधानमंत्री, हिंदू गृहमंत्री, हिंदू मुख्यमंत्री, हिंदू राज्यपाल, हिंदू रक्षा मंत्री, हिंदू सेनाध्यक्ष, हिंदू मंत्री सब हिंदू फिर भी मंदिर में हज़ारों करोड़ की चंदा चोरी। प्रधानमंत्री कार्यालय के लोग मंदिर के ट्रस्टी, RSS और विश्व हिंदू परिषद के लोगों के कब्जे में मंदिर, चारों तरफ़ भाजपाई , इन सब लोगों ने मिलकर हिंदुओं की भावनाओं का दोहन कर उनकी गाढ़ी कमाई को चुराने का काम किया है। इन पापियों को ईश्वर अवश्य ही कड़ी सजा देंगे। इनके लिए राम नाम व्यापार बन चुका है। प्रभु श्रीराम की अंगुली पकड़कर मंदिर लेकर जाने के होर्डिंग लगवाने वाले प्रधानमंत्री मोदी जी ने हज़ारों करोड़ की ठगी पर मुँह में दही क्यों जमा रखा है? बीजेपी के शातिर ठग और लुटेरे कह रहे है कि चढ़ावा भगवान तक थोड़े ना पहुंचता है इसलिए हम भाजपाई चढ़ावे को खाकर डकार भी नहीं लेते।
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अजमेर जेल में जगन गुर्जर के शव का पोस्टमार्टम पारिवारिक सहमति के बाद

Ajmer, Rajasthan:अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के शव का वारदात के 24 घंटे बाद पोस्टमार्टम किया जा सका..लगातार घटना के बाद सुबह से ही माँगों को लेकर चला गतिरोध और धरना देर शाम प्रशासन के साथ बनी सहमति और मांगों पर हुए लिखित निर्णय के बाद जगन के पुत्र आसाराम की सहमति पर जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की.. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़, डिप्टी एसपी मनीष बडगुर्जर, डिप्टी एसपी शिवम जोशी की मौजूदगी जगन के परिजनों के साथ एएसपी कक्ष में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए.. उसके बाद धरना स्थल पर पहुंचे जगन के परिजनों ने समाज के लोगों के बीच सहमति को साझा कर धरना समाप्त करने की घोषणा की..
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​दहेज की वेदी पर चढ़ी एक और बेटी मानसिक तनाव के चलते विवाहिता ने दी जान, पति समेत 5 पर केस

Mohammad RajaMohammad RajaFollow26m ago
Ikbalpur, Uttar Pradesh:​सिकंदराराऊ (हाथरस)-दहेज की अंतहीन मांग और ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर एक और विवाहिता जिंदगी की जंग हार गई। कस्बा सिकंदराराऊ के मोहल्ला करीमनगर की रहने वाली कोमल उर्फ मीनाक्षी की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के भाई ने पति समेत पांच ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।​पीड़ित भाई पंकज उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि उसने ढाई साल पहले अपनी बहन कोमल की शादी कासगंज के 'सूत की मंडी' निवासी अमित उपाध्याय के साथ बड़े अरमानों और अपनी हैसियत के मुताबिक की थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का असली रंग सामने आ गया।​भाई का आरोप है कि उन्होंने कई बार ससुराल वालों की मांगें पूरी भी कीं, लेकिन उनका लालच कम नहीं हुआ। पति, सास, ससुर, ननद और ननदोई मिलकर कोमल को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। ​तहरीर के मुताबिक, बीती 28 जून को ससुराल वालों ने कोमल के साथ बुरी तरह मारपीट की। परेशान होकर कोमल ने अपने भाई पंकज को फोन किया, जिसके बाद भाई उसे ससुराल से मायके ले आया। मायके आने के बाद भी कोमल ससुराल में मिले जख्मों और मानसिक उत्पीड़न को भूल नहीं पा रही थी। वह गहरे डिप्रेशन में चली गई। इसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। गंभीर हालत में उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। ​पीड़ित भाई ने बहन की मौत का जिम्मेदार बताते हुए ​ पति ,ससुर,सास,ननदोई,ननद इन लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की हैl ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतका के भाई से तहरीर ले ली है। अलीगढ़ में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है l
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अनिल कुमार की बिजली विभाग के अधिकारी से तीखी बहस, बैठक में बवाल

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मंत्री की चीफ को फटकार ( मंत्री ने अधिकारियों के साथ कि बैठक, बैठक में विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार से मंत्री की हुई तीखी नोकझोंक, बोले कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार "ज्यादा नेता बनने का शौक है तो नौकरी छोड़कर मैदान में आ जाइए") एंकर- मुजफ्फरनगर में बिजली कटौती और मुकदमा दर्ज होने के विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और विद्युत विभाग के अधिकारियों के बीच तनातनी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। जिसके चलते मंगलवार को बुलाई गई समीक्षा बैठक में मंत्री और विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को आमजन और जनप्रतिनिधियों से बातचीत का तरीका सुधारने की नसीहत दी और कहा कि यदि नेता बनने का इतना ही शौक है तो नौकरी छोड़कर सबके सामने आ जाइए।आपको बता दे को बैठक में हुई ये बहस वहां मौजूद मीडिया के कैमरों में कैद हो गई। दरसअसल आज आयोजित बैठक में जिले के विद्युत विभाग और अन्य के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बिजली कटौती, उपभोक्ताओं की शिकायतों और विभागीय कार्यशैली को लेकर अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसी दौरान मंत्री और विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मंत्री ने अधिकारी को फोन पर बातचीत की भाषा और व्यवहार में सुधार की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें जनता और जनप्रतिनिधियों से सम्मानजनक तरीके से बात करें। इस दौरान एक बार को तो विद्युत विभाग के चीफ मीटिंग से खड़े होकर चलने लगे थे लेकिन वहाँ मौजूद अन्य सीनियर अधिकारियों ने उन्हें जब समझाया तो वह फिर से बैठ गए। जानकारी के मुताबिक इस पूरे विवाद की शुरुआत दो दिन पूर्व हुई थी, जब मंत्री अनिल कुमार ने फोन पर बातचीत के दौरान संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज न करने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद विद्युत विभाग की ओर से बिजलीघर में कर्मचारियों के साथ अभद्रता और हंगामे का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया था । इससे नाराज अगले ही दिन यानिकि कल राष्ट्रीय लोक दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार के कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन और हंगामा भी किया था। बरहाल अब जहाँ मंत्री और विभागीय अधिकारियों के बीच हुई ये नई नोकझोंक चर्चा का विषय बनी हुई है तो वही ये मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों में इस समय सुर्खियों में बना हुआ है। फिलहाल इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें सामने आ रही हैं, जबकि जिले में बिजली व्यवस्था और दर्ज मुकदमे को लेकर सियासत अभी भी गरमाई हुई है। और सोशल मीडिया पर भी मंत्री और बिजली विभाग के अफसर के बीच हुई बैठक में ये नोकझोंक खूब सुर्खियां बटोर रही है। इस पूरे मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का कहना है कि खाली विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ ही नहीं और भी विभाग के अधिकारी थे। और कुछ विद्युत से जुड़ी समस्याएं थी। कुछ लोगों की हमारे कार्यकर्ताओं की उन पर विस्तृत चर्चा हुई है। कुछ एमडीए संबंधित थे। लखनऊ में जो दुर्घटना हो गई थी। निश्चित रूप से बड़ी दुर्घटना बहुत दुखद है। उस बात को लेकर भी काफी कारवाही जमीनी स्तर पर देखने को मिली है। इसमें एमडीए को और जिला अधिकारी महोदय को यही कहा है। यदि मान लो संस्थान व्यापारिक है। चाहे हॉस्पिटल है या अन्य कोई भी संस्थान है। उनका मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर कर अगर कोई कमी पेशी है। तो उसमें नोटिस जारी कर दिया जाए। यदि वह सुधार करना चाहते हैं। तो उनको मौका दिया जाए एकदम उसको सील नहीं किया जाए। एक तो यह कहां गया है। दूसरा बिजली विभाग के अधिकारी को यह अभी कहां है। हम लोग समझते हैं। इस बात को गर्मी के समय में यह समस्या आ जाती है। आजकल तूफान भी आता है, तेज हवाएं भी चलती हैं, खंबे भी टूट जाते हैं, और बिजली की डिमांड ज्यादा हो जाती है, ट्रांसफार्मर रुक जाते हैं, तो यह सब बातें हैं व्यवहारिक दिक्कतें बिजली विभाग के सामने भी आती है। और जनता के सामने भी आती हैं। विशेष कर शहरी जनता जो होती है उनके सामने समस्या ज्यादा आती है। मानलो 20 घंटे ट्रिपिंग हो जाए। किसी भी कारण बस हुई हो, इनवर्टर 10 घंटे 15 घंटे नहीं चल पाता समरसेबल बंद हो जाते हैं। गांव देहात में तो आदमी हैंडपंप से पानी ले ले। तो यह सारी बातें पर विस्तृत चर्चा हुई है। एक संवेदनशीलता के साथ में सहनशीलता के साथ में हम लोग जनता के सामने पेश आना चाहिए। उनसे संवैधानिक भाषा में बात करें। और प्यार से हर चीज का समाधान है। हम लोगों ने सिर्फ यही कहा है। यह एक दो महीने दिक्कत आती है। इसको थोड़ा संवेदनशील के साथ में हल करना चाहिए यही निर्देश दिए गए। देखो ऐसा है। दोनों तरफ इस तरह की बात हुई है। मैंने उसमें हस्तक्षेप किया। और चीफ साहब को भी बैठाया उन लोगों को भी शांत किया। की भाई इस भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। किसी भी बैठक में यहां सब जिम्मेदार लोग हैं। जिम्मेदार अधिकारी हैं, और भाषा चाहे हम लोगों की हो चाहे अधिकारी को की हो, आम आदमी की हो वह मर्यादित होनी चाहिए। और संवेदनशीलता होनी चाहिए। उसमें संवैधानिक भाषा होने चाहिए। फिर कोई बात नहीं हुई वही बात है। संवेदनशीलता दिखानी पड़ेगी दोनों तीनों पक्ष को। मेरे हिसाब से एक बात सुनो किसी भी अधिकारी को सरकार का कोई भी अंग हो मानलो मैं मिनिस्टर हूं। आपने कोई मुझसे सवाल किया। मैंने आपको कोई बयान दे दिया। मेरा बयान अपने छाप दिया आप मीडिया के साथी हो आप उनके पास भी जाओगे। उनको मेरे हिसाब से बचना चाहिए इन सब चीज़ों से इन सब चीजों से मेरे हिसाब से बचना चाहिए। मेरा यही है। क्योंकि मुझे लगता है। कि वह भी इस बात को अलाव नहीं करता जनप्रतिनिधि की बात अलग है। हम लोग जनता के चुने हुए हैं हमें हर पांच साल जनता के बीच में जाना है। वोट के माध्यम से हम चुनकर आते हैं। हम लोग किसी भी मुद्दे पर खुलकर अपने संवैधानिक भाषा में मर्यादा के साथ कोई भी बात कोई भी किसी प्लेटफार्म पर रख सकते हैं। लेकिन सरकारी कर्मचारियों को कुछ मर्यादाएं हैं। उन मर्यादाओं का मेरे हिसाब से ध्यान रखना चाहिए। हां बिल्कुल हुआ है। और भी बहुत सारी समस्याएं थी। कुछ बुढ़ाना से जुड़ी हुई थी सब लोगों की एक-एक करके हमने समस्या सुनी है। और अधिकारी को को नोट कराई है। मुझे लगता है। समाधान सबका हो जाएगा।
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गोगा माहड़ी सुधार सभा: गंगा सरोवर का नाम श्री गोरक्ष गंगा घाट रखने की मांग

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर शहर के गोगा माहड़ी स्थल पर गोगा माहड़ी सुधार सभा द्वारा 'मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित' लिखे पोस्टर लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर गोगा माहड़ी परिसर स्थित गंगा सरोवर (कुंड) के आसपास लगाए गए हैं।गोगा माहड़ी सुधार सभा के चेयरमैन अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि उनकी संस्था ने धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग परिसर में बाहर से नॉनवेज भोजन लाकर खाते हैं, गंदगी फैलाते हैं और गोगा पीर महाराज की प्रतिमाओं के आसपास जूते-चप्पलों के साथ पहुंचते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर सभा ने धरना-प्रदर्शन किया था। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में उनकी पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। इनमें सरोवर और प्रतिमाओं की बैरिकेडिंग, परिसर में बाहरी भोजन पर रोक, सरोवर पर नियमित आरती की व्यवस्था तथा गंगा सरोवर का नाम बदलकर "श्री गोरक्ष गंगा घाट" रखने की मांग भी शामिल है। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद सभा ने धरना समाप्त कर दिया। अनिल प्रताप सैनी ने कहा कि यदि भविष्य में प्रशासन उनकी मांगों को लागू नहीं करता है तो सभा आगे भी आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित' वाले पोस्टर सभा द्वारा ही लगाए गए हैं और उनका उद्देश्य धार्मिक स्थल की मर्यादा एवं पवित्रता बनाए रखना है।
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योगी आदित्यनाथ का सहारनपुर दौरा: स्कूल चलो अभियान और विकास कार्यों का शुभारंभ

Saharanpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल को सहारनपुर दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री صبح 11:05 बजे सरसावा एयर फोर्स स्टेशन पर पहुंचेंगे।इसके बाद 11:10 बजे वह गांव इस्माइलपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचेंगे, जहां 11:10 से 11:30 बजे तक स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करेंगे।इसके उपरांत मुख्यमंत्री 11:45 बजे से 12:45 बजे तक महाराज सिंह डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री 12:55 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां सहारनुपर मंडल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। इस संबंध में भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के प्रत्येक जनपद का नियमित भ्रमण कर विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जब भी सहारनपुर आते हैं, यहां की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, विकास कार्यों की प्रगति जानने और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करने का कार्य करते हैं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेशव्यापी जनसंपर्क और विकास समीक्षा अभियान का हिस्सा है。
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अमरौहा में बसकंडक्टर के साथ मारपीट का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर तनाव बढ़ा

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में चौपला चौकी के पास चांदपुर डिपो की रोडवेज बस की महिला कंडक्टर के साथ सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर महिला कंडक्टर और एक महिला यात्री के बीच पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि महिला यात्री ने सड़क पर ही महिला कंडक्टर के साथ मारपीट कर दी। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस दौरान किसी राहगीर ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट साफ दिखाई दे रही है। हालांकि इस मामले में कोई पुलिस कार्रवाई नही हुई है। फिलहाल वायरल वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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रामपुर तिराहा केस: तीन पूर्व पुलिसकर्मी दोषी, SHO सहित चार को सजाएँ

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग 32 साल पुराने रामपुर तिराहा केस में बड़ा फैसला, फर्जी हथियार बरामदगी मामले में तीन पूर्व पुलिसकर्मी दोषी, तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजकिशोर व सिपाही अनिल-उमेश को सुनाई सजा, रिकवरी करने के मामले में सीबीआई जाँच में ठहराया था दोषी, सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का अदालत ने दिया आदेश, तत्कालीन एसएचओ समेत तीनों पर अर्थदंड भी लगाया, अदालत ने उम्र व बीमारी को देखते हुए दिखाई नरमी, 1994 के रामपुर तिराहा गोलीकांड से जुड़ा है मामला, फर्जी हथियार बरामदगी की जांच सीबीआई ने की थी, उत्तराखंड से दिल्ली जाने के दौरान मुजफ्फरनगर में चली थी गोली, उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग पर चल रहा था प्रदर्शन।
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