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UvaisUvaisFollow17 Dec 2024, 02:37 pm

इटावाः कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ

Etawah, Uttar Pradesh:

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर कृषि अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी कॉलेज में तीन दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा के सहयोग से हुआ। इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन सत्येंद्र पाल निदेशक शारीरिक शिक्षा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए सुरेंद्र सिंह रीजनल मैनेजर बैंक ऑफ बड़ौदा और विशिष्ट अतिथि अजय दुबे प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा पंचायती राज महाविद्यालय का स्वागत डॉक्टर एन के शर्मा अधिष्ठाता द्वारा गुलदस्ता देकर किया गया।

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दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव, कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में पानी खड़ा

New Delhi, Delhi:लगभग पौने घंटे से दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है एकदम झमाझम वाली बारिश दोपहर में शुरू हो गई दिल्ली में काफी तेज बारिश और अभी भी लगातार बारिश हो ही रही है इस बीच कनॉट प्लेस में शिवाजी स्टेडियम के पास जो है Road पर काफी पानी इकट्ठा हो गया है देखा जा सकता है ट्रैफिक बहुत धीरे-धीरे निकल रहा है बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल गई ह्यूमिडिटी से राहत मिल गई लेकिन बारिश जो अपने बाद की समस्या लेकर आई है वह दिल्ली में शुरू हो गई है बारिश रुकने के बाद भी अगर पानी ऐसे ही इकट्ठा रहता है तो बेहद यह समस्या खड़ी कर सकता है दिल्ली के लोगों के लिए पर अभी जो है यहां पर सड़क पर पानी भरा हुआ देखा जा सकता है दिल्ली सरकार द्वारा जगह-जगह जो वॉटर लॉगिंग वाले हॉटस्पॉट है जो चिन्हित किए गए हैं वहां पर पंप लगाए गए हैं जहां से लगातार पानी निकाला जा रहा है सीवर की सफाई की जाती है पानी इकट्ठा हुआ दिखाई पड़ रहा है
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GMCH Hospital: Reality check reveals shortages of medicines, doctors and nurses

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां जी मीडिया के रियलिटी चेक में जीएमसीएच अस्पताल में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है पश्चिम चंपारण का जीएमसीएच अस्पताल नोडल अस्पताल है इस जीएमसीएच मेडिकल कालेज अस्पताल पर तीन जिला की बड़ी आबादी के साथ नेपाल के भी मरीज निर्भर है लाखों की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है लेकिन जीएमसीएच के रियलिटी चेक में यह अस्पताल ही बीमार निकला है। जीएमसीएच अस्पताल में ओपीडी में 316 तरह की दवा होनी चाहिए लेकिन ओपीडी में मात्र 88 प्रकार की दवा उपलब्ध है। जीएमसीएच के आईपीडी में 187 प्रकार की दवा होनी चाहिए लेकिन मात्र 104 प्रकार का दवा उपलब्ध है। जीएमसीएच में 162 डॉक्टरों की जरूरत है लेकिन अस्पताल में मात्र 109 डॉक्टर ही कार्यरत है। जीएमसीएच में नर्स की संख्या 371 होनी चाहिए लेकिन इस अस्पताल में मात्र 139 नर्स है। पारा मेडिकल पद शून्य है जबकि 125 पद स्वीकृत है। जी मीडिया के रियलिटी चेक में जीएमसीएच अस्पताल बीमार पाया गया है जानकर हैरानी होगी अस्पताल में आपरेशन थियेटर में कोई टेक्नीशियन नहीं है अस्पताल में ईसीजी खराब है उसका टेक्नीशियन नहीं है लैब में टेक्नीशियन नहीं है XRAY का भी टेक्नीशियन नहीं है डेंटल का टेक्नीशियन नहीं है कान का भी टेक्नीशियन नहीं है सीनियर फार्मासिस्ट भी नहीं है अस्पताल के ओटी में 24 असिटेंट की जरूरत है वह भी नहीं है अब सवाल उठता है जब अस्पताल में कुछ है ही नहीं तो ये कैसा अस्पताल है। अस्पताल में आए मरीजों का कहना है कि उनको देखने वाला कोई नहीं है दवा जो लिखी जाती है वो बाहर से खरीदना पड़ता है ईसीजी का टेक्नीशियन नहीं है बाहर पैसा देकर कराना पड़ता है मरीज बदहाल अस्पताल की कहानी बताते नहीं थक रहे है अस्पताल में मरीजों का इलाज राम भरोसे है तो अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा है। अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि अस्पताल पर तीन जिला के बड़ी आबादी सहित नेपाल के मरीज भी निर्भर है प्रतिदिन ओपीडी में 1500 मरीजों का इलाज किया जाता है लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है दवा की कमी है नर्स की कमी है ईसीजी काम नहीं कर रहा है मरीज परेशान है बाहर से दवा लाते है इन सबके बावजूद अस्पताल प्रशासन बेहतर इलाज कर रहा है दवा की किल्लत को लेकर BMSICL को जानकारी दे दी गई है बहुत जल्द दवा की किल्लत खत्म हो जाएगी। जी मीडिया के रियलिटी चेक में जो खुलासा हुआ है वह हैरान कर देने वाली है अस्पताल की ऊंची ऊंची बिल्डिंग अंदर से खोखला है अस्पताल में न दवा है ना डॉक्टर है ना नर्स है ना टेक्नीशियन है यह अस्पताल बीमार है इसे इलाज की जरूरत है।
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सीतापुर में सरायन नदी के जलस्तर के बढ़ने से बाढ़ का खतरा, मकान डूबे

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरु और एडीएम आयुष चौधरी ने शहर में स्थित सरायन नदी का निरीक्षण किया। पिछले दो दिनों से लगातार सरायन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी के किनारे बने मकानों में पानी भर गया है जिसकी वजह से लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बढ़ते जलस्तर की वजह से बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। नदी के तेज बहाव की वजह से कैंची पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और पुल में दरारे भी आ गई है। नगर विकास राज्यमंत्री ने बाढ़ के पानी में डूबे मकानों के लोगों से उनका हाल चाल जाना। मंत्री ने जिला प्रशासन को पीड़ितों को राहत सामग्री और बचाव के निर्देश दिए है। बताते चले कि सरायन नदी के बढ़ते जलस्तर से शहर के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है。
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गंगा के उफान ने दियारा बाढ़ में मची तबाही, पलायन जारी

Barh, Bihar:गंगा में उफान ने बाढ़ अनुमंडल के दियारा और टाल क्षेत्रों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। लोग अपना घर बार छोड़कर अपने मवेशियों के साथ किसी ऊँचे स्थान की तलाश में निकल गए हैं। बाढ़ में मलाही दियारा से लोग सैकड़ों मवेशियों को जहाज में लादकर शहर पहुंच गए हैं। दियारा में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ से जूझ रहे बख्तियारपुर दियारा क्षेत्र के चार पंचायत चिरैया, रूपस महाजी, काला दियारा और हरदासपुर में भी स्थिति भयावह है। लोग अपना जरूरी सामान लेकर घर छोड़ने को मजबूर हैं। अथमलगोला अंचल के राम नगर दियारा में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। ग्रामीण रामनगर दियारा पुल पर शरण लिए हुए हैं। इसी प्रकार बाढ़ अंचल में बंडा दियारा के लोगों को नाव से रेस्क्यू कर गंगा के इस पार लाया गया है। दियारा में कई लोगों के घरों में राशन नहीं होने पर वे सूखा भोजन करने के लिए मजबूर हैं। जलावन की व्यवस्था नहीं होने से लोगों के घरों में चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है। चारा की व्यवस्था नहीं होने पर लोग सैकड़ों मवेशियों को जहाज पर लेकर शहर पहुंच रहे हैं। वहीं मोकामा में जंजीरा दियारा के बाढ़ पीड़ितों ने मोकामा प्रखंड कार्यालय परिसर में शरण लिया हुआ है। अधिकारियों ने बांस के सहारे छावनी बनाकर रहने के लिए प्लास्टिक की सीट दे दी है। दियारा के लोगों का कहना है कि अभी तक स्थानीय प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। अभी तक बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविर की व्यवस्था भी नहीं की गई है। शहर में भी लोगों को सड़क किनारे मवेशियों को बांधकर रखना पड़ रहा है। मवेशियों के लिए भूसा और हरा चारा भी नहीं मिल रहा है। दियारा से ग्रामीणों का लगातार शहर की तरफ पलायन हो रहा है। लोग नाव पर अपना जरूरी सामान लादकर किसी तरह अपने और अपने मवेशियों को जिंदा रखने के उपाय में जुटे हैं। दियारा क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका का आकलन करने के लिए सरकारी अधिकारी भी वहां जाकर केवल मदद का भरोसा दे रहे हैं। एसडीओ कृष्णा जोशी ने बताया कि विस्थापित लोगों के लिए सरकारी नाव की सुविधा शुरू की गई है। उनके लिए सामुदायिक रसोई केंद्र और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की जाएगी। मवेशियों के लिए भी पशु चारा की व्यवस्था कराई गई है。
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