icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
206001
UvaisUvaisFollow17 Dec 2024, 02:37 pm

इटावाः कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ

Etawah, Uttar Pradesh:

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर कृषि अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी कॉलेज में तीन दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा के सहयोग से हुआ। इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन सत्येंद्र पाल निदेशक शारीरिक शिक्षा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए सुरेंद्र सिंह रीजनल मैनेजर बैंक ऑफ बड़ौदा और विशिष्ट अतिथि अजय दुबे प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा पंचायती राज महाविद्यालय का स्वागत डॉक्टर एन के शर्मा अधिष्ठाता द्वारा गुलदस्ता देकर किया गया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

सीवान में 8 साल पुराने अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर, कब्जा मुक्त

ASAmit SinghJust now
Siwan, Bihar:सीवान में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 8 साल पुराने अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। बुलडोजर चलाकर मकान को ध्वस्त कर दिया गया है। अंचल अधिकारी नेहा कुमारी के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना अध्यक्ष सविता कुमारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहीं। यह कार्रवाई लकड़ी नवीगंज थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव में की गई है। बताया जा रहा है कि 2018 से लंबित सरकारी भूमि अतिक्रमण मामले में एसडीओ के आदेश के बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद प्रशासन की टीम ने मकान को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। लकड़ी नवीगंज की सीओ नेहा कुमारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
0
0
Report

हाईकोर्ट: नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वतंत्र गवाह न मिलने पर भी पुलिस बयानों पर दोषी सजा बरकरार

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जांच और सबूतों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में हर जगह और हर समय स्वतंत्र गवाह मिलना व्यावहारिक नहीं होता।ऐसे मामलों में यदि पुलिस अधिकारियों की गवाही विश्वसनीय और सच्ची हो, तो केवल उसी के आधार पर भी आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। सिर्फ पुलिसकर्मी होने के कारण किसी गवाह के बयान को खारिज नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े एक नक्सली की अपील खारिज कर दी और उसकी 10 साल की सजा को बरकरार रखा है।बीजापुर के भैरमगढ़ क्षेत्र में 14 अप्रैल 2023 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सदस्य पुलिस पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए विस्फोटक सामग्री लेकर जा रहे हैं।सूचना के आधार पर पुलिस ने फुल्लोड गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही कुछ लोग भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने मीनू कालमु उर्फ देंगा को पकड़ लिया, जबकि उसके चार साथी फरार हो गए।तलाशी के दौरान मीनू की जेब से एक इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद हुआ। उसकी निशानदेही पर खेत से एक चाकू और विस्फोटकों से भरा बैग भी जब्त किया गया।इस मामले में दंतेवाड़ा स्थित NIA की विशेष अदालत ने सितंबर 2025 में मीनू कालमु को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले का एकमात्र स्वतंत्र गवाह कोर्ट में अपने बयान से मुकर गया था। पूरी कार्रवाई केवल पुलिसकर्मियों के बयानों पर आधारित है, जो इस मामले में रुचि रखते हैं।यह भी तर्क दिया गया कि कथित विस्फोटक खेत से बरामद हुआ था, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी किया जाना चाहिए।हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि हर जगह और हर समय स्वतंत्र गवाह मिलना संभव नहीं है। जनता को हर मामले में गवाह बनाना अनिवार्य नहीं है।कोर्ट ने कहा कि नक्सल प्रभावित और घने जंगलों वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस अक्सर खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करती है। ऐसे में केवल स्वतंत्र गवाह नहीं मिलने के आधार पर आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता।डिवीजन बेंच ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों के बयानों में कोई बड़ी विसंगति नहीं है और उनकी गवाही पूरी तरह विश्वसनीय है। साथ ही, आरोपी यह भी नहीं बता सका कि उसके पास से बरामद इलेक्ट्रिक डेटोनेटर उसके पास कैसे आया।इन तथ्यों के आधार پر हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज करते हुए 10 साल की सजा को बरकरार रखा।
0
0
Report

दुमका में फरार बॉबी यादव के घर कुर्की, दुष्कर्म-हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई

Dumka, Jharkhand:दुमका मुफस्सिल थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर मोहल्ले से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी बॉबी यादव उर्फ डेविल के घर को कोर्ट के आदेश पर नगर थाना पुलिस ने कुर्की जब्ती की कारवाही किया। नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की टीम इंदिरा नगर मोहल्ले स्थित आरोपी के घर पहुंची और पुलिस ने घर का चौखट, दरवाजा, बर्तन समेत अन्य घरेलू सामान जप्त कर थाना ले गई। आरोपी बॉबी यादव लंबे समय से फरार चल रहा है उसके विरोध न्यायालय ने वारंट एवं सम्मन जारी किया था लेकिन निचली अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण कोर्ट के आदेश पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गई। दरसल मामला अक्टूबर 2021 का है जहाँ मुफ्फासिल थाना क्षेत्र के बेदिया गाँव के एक युवती और उसी गाँव के युवक विकास केवट के साथ प्रेम विवाह हुआ था। जिसमें यह आरोप था कि एक महीना बीत जाने के बाद प्रति आरोपी बिकास केवट अपने साथियों के साथ मिलकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी और युवती के शव को मुफ्फासिल थाना क्षेत्र के बेदिया गाँव के पास डंगाल में फेंक दिया गया था। इस मामले में मृतका के मामा के बयान पर 18 अक्टूबर 2021 को मुफ्फसिल थाना में आरोपी विकास यादव, बॉबी यादव समेत सात आरोपियों के विरोध सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की प्राथमिक दर्ज की गई थी जिसमें पति सहित तीन आरोपी जेल में बंद है। वहीं आरोपी बॉबी यादव हाईकोर्ट में जमानत मिलने के बाद से फरार है। आरोपी बॉबी यादव के विरोध वारंट और सम्मन जारी होने के बावजूद वह निचली अदालत में पेश नहीं हुआ इसके बाद न्यायालय के आदेश पर कुर्की जपती की कार्रवाई की गई।
0
0
Report
Advertisement

वास्क नाग में ठंडे जल स्रोत से सैलानियों की भीड़, सुविधाओं की कमी बनी चुनौती

Kulgam, ضلع کولگام کا قدرتی حسن اپنی مثال آپ ہے، جہاں موجود خوبصورت سیاحتی مقام واسک ناگ اپنی دلکش وادی، سرسبز ماحول اور قدرتی چشموں کی وجہ سے سیاحوں کی توجہ کا مرکز بنا ہوا ہے۔ اس مقام پر موجود بڑا قدرتی چشمہ نہ صرف اپنے برف جیسے ٹھنڈے پانی کے لیے مشہور ہے بلکہ اس کے ساتھ ایک دلچسپ مقامی روایت بھی جڑی ہوئی ہے، جس کے باعث ہر سال دور دراز علاقوں سے بڑی تعداد میں لوگ یہاں کا رخ کرتے ہیں۔ تاہم، بنیادی سہولیات کی کمی اس خوبصورت مقام کی ترقی میں ایک بڑی رکاوٹ بنی ہوئی ہے۔ واسک ناگ کولگام کے خوبصورت ترین سیاحتی مقامات میں شمار ہوتا ہے۔ یہاں کا قدرتی چشمہ انتہائی صاف اور ٹھنڈے پانی کے لیے مشہور ہے۔ گرمیوں کے موسم میں مقامی لوگوں کے ساتھ ساتھ دیگر اضلاع اور بیرونی علاقوں سے بھی بڑی تعداد میں سیاح یہاں پہنچتے ہیں اور قدرتی حسن سے لطف اندوز ہوتے ہیں۔ مقامی لوگوں کے مطابق اس چشمے کے ساتھ ایک قدیم روایت بھی وابستہ ہے۔ ان کا کہنا ہے کہ یہ چشمہ سال کے چھ ماہ واسک ناگ میں بہتا ہے جبکہ باقی چھ ماہ ضلع رامبن کے گول علاقے میں ظاہر ہوتا ہے۔ اگرچہ اس روایت کی سائنسی تصدیق موجود نہیں، لیکن یہی منفرد کہانی اس مقام کی کشش میں مزید اضافہ کرتی ہے۔
0
0
Report

दुर्ग कोर्ट परिसर से गिरफ्तार योगेश साहू: 1000 करोड़ की ठगी का मुख्य आरोपी

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी योगेश साहू को दुर्ग कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया योगेश लम्बे समय से फरार था वही अचानक वह दुबई से लौटने के बाद दुर्ग कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था लेकिन वहां मौजूद निवेशकों ने उसे पहचान लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सुपेला थाना पुलिस के हवाले कर दिया. वस्तुस्थिति योगेश साहू खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताकर स्मृति नगर स्थित एरिना कैपिटल के नाम से शेयर ट्रेडिंग और कंसल्टेंसी का कार्यालय संचालित करता था वह निवेशकों को शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश पर 5 से 20 प्रतिशत तक आकर्षक मुनाफे का लालच देता था शुरुआती दिनों में 10 प्रतिशत तक रिटर्न देकर लोगों का भरोसा जीता और बाद में निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया सुपेला पुलिस ने इस मामले में योगेश साहू, मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू सहित अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है फिलहाल एफआईआर में 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी दर्ज है लेकिन जांच के दौरान यह रकम और बढ़ सकती है अन्य आरोपी अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है पुलिस का कहना है कि पहले भी योगेश साहू के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर मामले दर्ज हो चुके हैं और जैसे-जैसे नए पीड़ित सामने आएंगे, उनके आवेदन के आधार पर आगे भी प्रकरण दर्ज किए जाएंगे.
0
0
Report
Advertisement

भिवंडी: प्रणिता कॉम्प्लेक्स का स्लैब गिरा, जान-माल नुकसान टला

Thane, Maharashtra:भिवंडीतील कोंबडपाडा परिसरात एका इमारतीचा स्लॅब अचानक कोसळल्याची धक्कादायक घटना घडली आहे. सुदैवाने यात कोणतीही जीवितहानी झाली नाही. घरातील सदस्य सतर्क असल्याने मोठा अनर्थ टळला. *VO - 1* ही घटना कोंबडपाडा येथील प्रणिता कॉम्प्लेक्स या चार मजली इमारतीच्या बी विंगमधील तळमजल्यावर घडली. अचानक एका घराचा स्लॅब कोसळला. स्लॅब कोसळताच घरातील टीव्ही आणि इतर घरगुती साहित्याचे मोठे नुकसान झाले. मात्र घरातील सदस्य वेळेत सतर्क झाल्याने ते बाजूला झाले. त्यामुळे मोठी दुर्घटना टळली. *VO - 2* सुदैवाने या घटनेत कोणतीही जीवितहानी किंवा गंभीर दुखापत झालेली नाही. घटनेची माहिती मिळताच स्थानिक नागरिक आणि इमारतीतील इतर रहिवासी घटनास्थळी दाखल झाले. धोकादायक इमारतींची यादी असूनही अशा घटना घडत असल्याने रहिवाशांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे. महानगरपालिकेने इमारतीची तातडीने पाहणी करून पुढील धोका टाळावा अशी मागणी आता केली जात आहे. स्लॅब कोसळल्याने इमारतीच्या स्ट्रक्चरल ऑडिटची गरज पुन्हा एकदा अधोरेखित झाली आहे. प्रशासनाकडून या प्रकरणी काय कारवाई होते याकडे सर्वांचे लक्ष आहे.
0
0
Report

बांसवाड़ा में 17 वर्षीय देवराज लापता, माही नदी में SDRF खोज जारी

Banswara, Rajasthan:एंकर - बांसवाड़ा शहर के तिरुपति नगर निवासी 17 वर्षीय देवराज राठौड़ पिता अमरदीप राठौड़ गुरुवार 9 जुलाई की सुबह से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। युवक की तलाश में SDRF की टीम पीपलखूंट स्थित माही नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार देवराज 9 जुलाई की सुबह करीब 7:30 बजे रोज की तरह अपने मित्र प्रतीक के साथ बाइक पर नूतन स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। बाद में जब स्कूल में जानकारी ली गई तो पता चला कि वह स्कूल पहुंचा ही नहीं। दोपहर करीब 1 बजे परिजनों ने देवराज के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया। जानकारी मिलने पर वे खमेरा हाईवे स्थित एक मेडिकल स्टोर पहुंचे। मेडिकल संचालक ने बताया कि कुछ बाइक सवार युवक मोबाइल फोन दुकान पर छोड़कर चले गए थे। उन्होंने फोन सुरक्षित रख लिया था। परिजनों ने जब मोबाइल की जांच की तो उसमें सुबह करीब 10 बजे पीपलखूंट के माही पुल पर देवराज की तस्वीरें मिलीं। इसके बाद परिजन तुरंत माही पुल पहुंचे। वहां माही नदी किनारे पीपलखूं‍ट श्मशान घाट के नीचे देवराज की शर्ट, पैंट, जूते और रूमाल मिले। इसके बाद परिजनों ने पीपलखूंट थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। वहीं 9 जुलाई की शाम को कोतवाली थाना बांसवाड़ा में देवराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सूचना मिलने पर SDRF की टीम मौके पर पहुंची और माही नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, परिजनों का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देवराज अपने दो अन्य साथियों सहित कुल तीन मित्रों के साथ बाइक पर पीपलखूंट माही नदी क्षेत्र में आया था। पुलिस इस पहलू सहित पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। इस मामले में देवराज के मामा वीरेन्द्र पंवार ने आरोप लगाया कि घटना के समय साथ मौजूद दो मित्रों को कोतवाली पुलिस संरक्षण दे रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन मित्रों में से एक के रिश्तेदार पुलिस विभाग और वकालत पेशे से जुड़े हुए हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोनों युवकों से गहन पूछताछ और घटना की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस गुमशुदगी के मामले में जांच कर रही है, जबकि माही नदी में SDRF द्वारा तलाश अभियान जारी है। परिजन देवराज के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
0
0
Report
Advertisement

CBI ने 657 करोड़ के घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा किया

Chandigarh, Chandigarh:केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े कथित 657 करोड़ रुपये के घोटाले में बड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि सरकारी फंड से सिफन किए गए 329 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि शेल कंपनियों के जरिए चंडीगढ़ के एक ज्वेलर के पास भेजी गई, जहां फर्जी सोने के लेन-देन के जरिए इसे नकद में बदला गया और फिर साजिशकर्ताओं के बीच बांटा गया। CBI के अनुसार, इस घोटाले में IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों (IAS अधिकारियों सहित) के साथ मिलीभगत कर आठ हरियाणा सरकार विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के फंड को हेराफेरी का निशाना बनाया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि घोटाले का मास्टरमाइंड पूर्व IDFC First Bank ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि था, जो AU Small Finance Bank में जाने के बाद भी इस गतिविधि को जारी रखे हुए था। सरकारी फंड को शेल कंपनियों — स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, आरएस ट्रेडर्स, एसआरआर प्लानिंग गुरुज, विस्टामेड सॉल्यूशंस और मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर — के जरिए रूट किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, सेक्टर 35 चंडीगढ़ के सावन ज्वेलर्स के मालिक रजान सिंह कटोडिया को नवंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच 329.57 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो मुख्य रूप से इन शेल फर्मों से आए थे। इसमें कैपको फिनटेक से करीब 138 करोड़, स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स से 131 करोड़ और आरएस ट्रेडर्स से 45 करोड़ रुपये शामिल थे। CBI ने आरोप लगाया कि कटोडिया ने सप्लायर्स से सोना खरीदा और शेल कंपनियों के नाम पर इनवॉइस जारी किए, ताकि लेन-देन वैध दिखे। लेकिन सोना शेल फर्मों को डिलीवर नहीं किया गया, बल्कि ओपन मार्केट में बेच दिया गया। इससे प्राप्त नकद राशि रिभव ऋषि और उसके सहयोगियों को सौंपी गई। CBI ने रिभव ऋषि के कर्मचारियों (राहुल, मनीष और अमृतपाल सहित) के बयान दर्ज किए, जिनमें बताया गया कि वे नियमित रूप से ज्वेलर के परिसर से बड़ी रकम नकद में इकट्ठा करते थे। ज्वेलर के एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि वह सप्लायर्स से गोल्ड बार्स इकट्ठा करता था और बुलियन ट्रेडर्स से 155 करोड़ रुपये से अधिक नकद प्राप्त कर रिभव ऋषि के कूरियर को सौंपता था। सर्च के दौरान CBI ने 5,589 ग्राम अनअकाउंटेड सोना और 54.2 लाख रुपये नकद बरामद किए। एजेंसी ने फर्जी GST इनवॉइस बनाने का भी आरोप लगाया है। जांच में चंडीगढ़ के रियल एस्टेट व्यवसायी और होटल लैंडमार्क के मालिक विक्रम वाधवा को भी लाभार्थी बताया गया है। CBI के अनुसार, उन्हें रिभव ऋषि के सहयोगियों से 4.57 करोड़ रुपये नकद और शेल कंपनियों के जरिए 33.25 करोड़ रुपये बैंक ट्रांसफर मिले। इस राशि से उन्होंने चंडीगढ़ और मुल्लानपुर में 55 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की हाई-वैल्यू प्रॉपर्टीज खरीदीं या एडवांस पेमेंट किए। CBI का आरोप है कि विक्रम वाधवा ने सीनियर पब्लिक सर्वेंट्स से संबंध बनाए और उन्हें IDFC First Bank को फेवर करने के लिए प्रोत्साहित किया। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में एक प्रॉपर्टी की जांच जारी है।
0
0
Report

भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी सिंडिकेट: GM हिमांशु मलिक समेत 2 अधिकारी गिरफ्तार

Durg, Chhattisgarh:भिलाई स्टील प्लांट में 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएसपी के एसएमएस-3 विभाग में पदस्थ जीएम हिमांशु भूषण मलिक और इंजीनियरिंग एसोसिएट मनोज देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है पुलिस जांच में दोनों अधिकारियों की इस संगठित लोहा चोरी सिंडिकेट में संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. दरअसल पूरा मामला 26 मई को सामने आया था जब भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स स्क्रैप यार्ड में पुलिस ने छापेमारी कर करीब 250 टन लौह सामग्री जब्त की थी बरामद स्क्रैप की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक बताई गई जांच में खुलासा हुआ कि फ्लाई एश डस्ट परिवहन की आड़ में ट्रकों के नीचे स्टील प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप छिपाकर बाहर भेजा जाता था, जबकि ऊपर फ्लाई एश लोड रहती थी पूछताछ में गिरफ्तार चालकों ने स्वीकार किया कि वे 30 से 40 बार इसी तरीके से स्क्रैप प्लांट से बाहर निकाल चुके थे तस्करों ने ट्रकों में विशेष छिपे हुए खांचे बनाए थे और वजन संतुलित दिखाने के लिए कई बार वाहनों के अतिरिक्त पहिए भी निकाल दिए जाते थे ताकि सुरक्षा जांच में किसी को शक न हो इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य मास्टरमाइंड संजय सिंह सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है वही पूछताछ में कई बीएसपी के अधिकारियों की मिलीभगत की बात भी सामने आ रहा है जिसके बाद लगातार विवेचना करने पर पुलिस ने जीएम एजीएम दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई है वहीं इस संगठित चोरी কांड में शामिल चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश लगातार जारी है पुलिस का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.
0
0
Report

दमोह के तेजगढ़ बीड़ी कॉलोनी में बारिश से जीवन कठिन, पानी-रोड-छत का अभाव

Damoh, Madhya Pradesh:बुनियादी सुविधाओं से महरूम लोगों को बारिश बन रही मुसीबत... एंकर/ एमपी के दमोह ने विकास के दावों की पोल हर दिन खुल रही है तो दावे पूरी तरह बेअसर दिखाई दे रहे है, ऐसे ही हालातों की तस्वीर दमोह जिले के तेजगढ़ से सामने आई है। जहां सड़क बिजली पानी जैसी सुविधाएं लोगों से कोसों दूर है। दरअसल तेजगढ़ में दशकों पहले बीड़ी मजदूरो के लिए बीड़ी कालोनी बनाई गई थी और यही बीड़ी श्रमिक यहां रहते है लेकिन इन गरीबों को नारकीय जीवन काटना पड़ रहा है। न तो इस कालोनी में पेयजल है और न ही सड़क है वहीं लोगों के सर पर पक्का छत भी नहीं है। यहां बसे लोगों को नियमगत तरीके से पी एम आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और अधिकांश परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस इलाके के लोगों के लिए बारिश का मौसम मुसीबत बनकर आता है और ये मुसीबत घर मकान की तो है ही लेकिन सड़क बेहद बड़ी परेशानी है लोगों को कीचड़ से सनी दल दल भरी सड़क से निकलना पड़ता है और कई लोग यहां से निकलने पर हादसों का शिकार भी होते है।।ग्रामीणों का आरोप है कि इन समस्याओं को लेकर पंच सरपंच से लेकर मंत्री तक सभी को आग्रह किया लेकिन किसी ने अभी तक सुध नहीं ली। ये इलाका सूबे के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का विधानसभा क्षेत्र हैं और यहां के लोग उनसे भी गुहार लगा चुके है लेकिन हालात नहीं बदले। महिलाएं बताती है कि चार साल पहले चुनाव के समय यहां नेता आए थे वादा किया था लेकिन वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। यहां फैली अव्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्र के सरपंच की माने तो कालोनी में सुविधाओं के लिए बराबर कोशिश की जा रही है लेकिन कुछ तकनीकी खामियों की वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है और जल्दी ही यहां की दिक्कतें दूर होंगी। बाइट/ पीड़ित महिलाएं एवं पुरुष बाइट/ विनय जैन ( सरपंच तेजगढ़ दमोह)
0
0
Report
Advertisement

जीर्ण स्कूलों का औचक निरीक्षण: मारवाड़ जंक्शन नगरपालिका अधिकारी की कार्रवाई

Pali, Rajasthan:मारवाड़ जंक्शन नगरपालिका अधिशासी अधिकारी ने जीर्ण शीर्ण विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण मारवाड़ जंक्शन के आउवा गांव में विद्यालय की स्टोर रूम की छत गिरने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर के निर्देश से गठित टीमों द्वारा जीर्ण शीर्ण विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा, इसी संदर्भ में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी विक्रम सिंह राठौड़ द्वारा राजकीय सीनियर उच्च माध्यमिक विद्यालय का जीर्ण शीर्ण कक्षा कमरों का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान विद्यालय के बरामदे की हालत चिंताजनन पाई गई , ईओ द्वारा निरीक्षण जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को प्रेषित की जाएगी और व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा ।
0
0
Report

मध्य प्रदेश में एक साल में 2,426 स्कूल बंद, 9-10 में ड्रॉपआउट 13%

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल मध्य प्रदेश में एक साल में 2,426 स्कूल कम हुए, कक्षा 9-10 में 13% ड्रॉपआउट यूडाइस प्लस की रिपोर्ट में शिक्षा की स्थिति को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने पिछले 1 साल में एमपी में बंद हुए करीब ढाई हजार स्कूल पिछले साल 1 लाख 22 हजार स्कूल थे जिसकी संख्या अब 1 लाख 19 करीब बची मध्य प्रदेश में ट्रेंड टीचरों की कमी प्राइमरी में सिर्फ 22 फ़ीसदी ट्रेंड टीचर 6 से 8 वीं के बीच 6.02 बच्चे छोड़ देते हैं सरकारी स्कूल 9वीं से दसवीं के बीच 13 फ़ीसदी स्कूल छोड़ देते हैं स्टूडेंट प्रदेश के करीब 10 हजार स्कूलों में बिजली नहीं मध्य प्रदेश में 91 हजार 1 99 स्कूल जिसमें 81 हजार में सिर्फ बिजली प्रदेश में 9 फीसदी स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट नहीं दिव्यांगों के लिए सिर्फ 15 फ़ीसदी स्कूलों में टॉयलेट प्रदेश के 2 हजार 269 स्कूल में सिर्फ एक टीचर पहले से पांचवी के बीच 16 बच्चों पर एक टीचर सेकेंडरी में 13 स्टूडेंट पर एक टीचर 9 से 10 वीं के बीच 14 स्टूडेंट पर एक टीचर 11वीं से 12वीं के बीच 15 स्टूडेंटों पर एक टीचर केंद्र सरकार का डेटा है जिसे युडाइस प्लस पोर्टल पर डाला जाता है राज्य सरकारें शिक्षा को लेकर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देती है उसके बाद ये डाटा हर साल तैयार होता है
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top