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HariomHariomFollow22 Dec 2024, 12:42 pm

इटावाः कार मिस्त्री और सहायक की कार में दम घुटने से हुई मौत, रिपेयरिंग के बाद दोनों कार में सो गए थे

Etawah, Uttar Pradesh:

कार मिस्त्री शैलेंद्र राजपूत (30) निवासी मुहब्बतपुर और उसके यहां काम सीख रहे समर (15) निवासी चकवा बुजुर्ग ने कल दुकान में कार रिपेयरिंग की गेराज में ओमनी कार की मरम्मत के बाद रात को गाड़ी को स्टार्ट कर दोनों उसी में लेट गए। सुबह आसपास के लोगों ने गाड़ी स्टार्ट देखी, तो पड़ोसी विमलेश ने गाड़ी के पास जाकर देखा। दोनों गाड़ी के अंदर बेहोशी की हालत मेें थे। उनके ऊपर पानी के छीटें मारे। दोनों के न उठने पर हड़कम कट गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।

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15 लोगों ने युवक की बेरहमी से मारपीट की, सिर पर बोतल से घायल

Chhindwara, Madhya Pradesh:एक युवक के साथ 15 लोगों ने की मार पीट सिर पर बोतल फोड़ी और रास्ते भर मारते हुए ले गए छिंदवाड़ा शहर में युवक ने कुछ लोगों पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है. युवक का आरोप है कि रविवार को पहले छोटे तालाब के पास स्थित एक होटल के नजदीक उसके साथ मारपीट की गई. इसके बाद आरोपियों ने उसे मारते-पीटते दादा धूनी वाले मंदिर तक ले गए. घायल को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया .जहां उसका इलाज चल रहा है. सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. घायल की पहचान लालबाग निवासी मोहम्मद आसिफ उर्फ आशु के रूप में हुई है आसिफ का आरोप है कि जिन लोगों ने उसके साथ मारपीट की वह उन लोगों को पहचानता भी नहीं है .उसका कहना है कि आरोपियों ने अचानक कांच की बोतल से उसके सिर पर हमला किया .जिससे उसे गंभीर चोट आई. इसके बाद रास्ते भर उसके साथ मारपीट की गई.घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किस वजह से हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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इटारसी के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में 30-35 मजदूर घायल, पांच की हालत गंभीर

Narmadapuram, Madhya Pradesh:जिले में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। इटारसी के समीप ग्राम तीखड़ के पास मजदूरों से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर- ट्रॉली अनियंत्रित होकर पहाड़ी नदी की पुलिया से नीचे जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार गूंज उठी। दुर्घटना में करीब 30 से 35 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सभी मजदूर माना गांव से तिखड़ जमानी जा रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पर अनियंत्रित हो गई और नीचे जा गिरी। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को इटारसी के शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है। चार लोगों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फ्रैक्चर है, जबकि दो मरीजों को गंभीर सिर की चोट आई है। गंभीर रूप से घायल पांच मरीजों को बेहतर उपचार के लिए नर्मदापुरम जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। हादसे की एक बड़ी वजह पुलिया पर रेलिंग का नहीं होना भी सामने आ रहा है। राहत की बात यह रही कि जिस पहाड़ी नदी में ट्रॉली गिरी, उसमें उस समय पानी नहीं था। यदि नदी में पानी भरा होता तो हादसा और भी भयावह हो सकता था.
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बिलासपुर में यातायात विभाग की कड़ी कार्रवाई: मोबाइल पर बात करने पर चालान

Bilaspur, Chhattisgarh:न्यायधानी बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए यातायात विभाग ने वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वालों के खिलाफ अपनी सख्ती बेहद बढ़ा दी है। विभाग द्वारा चलाये जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पिछले महज 5 महीनों के भीतर ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 2,621 लोगों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। अब शहर के हर प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे हाई-टेक आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों की पैनी निगरानी की जा रही है और पलक झपकते ही अपराधियों की पहचान कर उनके सीधे चालान काटे जा रहे हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है; ऐसे में सिर्फ हाथ में फोन पकड़कर बात करने वाले ही नहीं, बल्कि ईयरफोन या एयरबड लगाकर लापरवाही से वाहन चलाने वाले भी पुलिस की रडार पर हैं। यातायात पुलिस द्वारा चौक-चौराहों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार चेतावनी दी जा रही है कि मोबाइल पर ध्यान केन्द्रित होना ही सड़क से ध्यान हटने का सबसे बड़ा कारण बनता है, जिससे गंभीर हादसे होते हैं。
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झारखंड में श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा ने विविध कार्यक्रम कर श्रद्धांजलि दी

Ranchi, Jharkhand:डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूरे झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान और विचारों को याद किया गया।कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार और राष्ट्र प्रथम की भावना आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के "एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे" के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 और 35A हटाकर साकार किया गया। संजय सेठ ने कहा कि मूसलाधार बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि डॉ. मुखर्जी के प्रति लोगों की श्रद्धा आज भी उतनी ही मजबूत है। उन्होंने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने थे। उनका जन्म वर्ष 1901 में हुआ और 1953 में कश्मीर आंदोलन के दौरान उनका निधन हुआ, जिसे भाजपा बलिदान के रूप में याद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में वैचारिक मतभेदों के चलते उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया। संजय सेठ ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने में भी डॉ. मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने झारखंड से जुड़े उनके संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि देवघर जिले के मधुपुर से उनका विशेष जुड़ाव था और वे कई बार वहां आए थे। बाइट: संजय सेठ (रक्षा राज्य मंत्री) बाइट: सीपी सिंह (रांची विधायक)
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नवादा न्यू एरिया में 23 वर्षीय विवाहिता काजल कुमारी की मौत: हत्या या आत्महत्या?

Nawada, Bihar:नवादा न्यू एरिया मोहल्ले में सोमवार को 23 वर्षीय विवाहित युवती का शव किराए के मकान में पंखे से लटका मिला। मृतका की पहचान काजल कुमारी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजा बीघा की रहने वाली थी। 4 साल पहले लव मैरिज की थी काजल ने रूपौ निवासी छोटू सिंह से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से दोनों अलग रह रहे थे। करीब 15 दिन पहले ही दोनों रूपौ गांव से नवादा के न्यू एरिया में किराए के मकान में शिफ्ट हुए थे। काजल एक कपड़े की दुकान पर काम करती थी, जबकि छोटू डीजे और टेंट का काम करता है। घटना वाले दिन छोटू सिंह डीजे बजाने के लिए बाहर गया हुआ था। रात में जब वह घर लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर काजल का शव पंखे से लटका मिला। छोटू ने तुरंत नगर थाना पुलिस को सूचना दी। नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। मृतका का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। तीन एंगल से जांच: 1. आत्महत्या: क्या काजल ने खुद जान दी? 2. हत्या की आशंका: क्या किसी ने हत्या कर शव लटकाया? 3. पारिवारिक विवाद: प्रेम विवाह के बाद तनाव तो नहीं था मायके वालों ने तोड़ा था रिश्ता। काजल के परिवार ने प्रेम विवाह के कारण उससे संबंध तोड़ लिए थे। सूचना देने के बाद भी मायके का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं, छोटू के पिता पारस सिंह ने बताया कि वह दोनों की शादी से खुश थे और बगल में ही रहते थे। "दोनों में कभी झगड़ा नहीं देखा। पता नहीं काजल ने ऐसा कदम क्यों उठाया"। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
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सुंदरखाल में दशकों बाद बिजली पहुंचाने की योजना पर अमल की उम्मीद

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के सुंदरखाल वन ग्राम में दशकों से बिजली का इंतज़ार कर रहे ग्रामीणों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है, बिजली विभाग की टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और साफ किया कि विभाग की मंशा शुरू से ही गांव तक बिजली पहुंचाने की रही है, लेकिन वन भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों के कारण काम बीच में रुक गया था, अब विभाग उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा। रामनगर से महज 13 किलोमीटर दूर स्थित सुंदरखाल एक ऐसा वन ग्राम जहां आज भी करीब ढाई हजार मतदाता रहते हैं, लेकिन बिजली, सड़क, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी लोगों के लिए सपना बनी हुई हैं, वर्ष 1975 से यहां रह रहे ग्रामीण लगातार सरकार से या तो विस्थापन की मांग कर रहे हैं या फिर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं. इसी बीच सोमवार को बिजली विभाग की टीम सुंदरखाल पहुंची, अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की के नेतृत्व में अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और पुराने विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा की, विभागीय अधिकारियों के इस दौरे से ग्रामीणों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि शायद वर्षों पुराना बिजली का इंतजार अब खत्म हो सके. निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की ने बताया कि सुंदरखाल का क्षेत्र वन विभाग के अधीन आता है, इसके बावजूद यहां रह रहे परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने केंद्र सरकार की योजना के तहत विद्युतीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था, वर्ष 2017 में विभाग ने कई स्थानों पर बिजली के पोल भी स्थापित कर दिए थे और कार्य आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसी दौरान वन विभाग की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई, वन भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों और आवश्यक स्वीकृतियों के अभाव में बिजली विभाग को काम रोकना पड़ा, इसके बाद परियोजना वर्षों तक अधर में लटकी रही और लगाए गए बिजली के पोल आज भी बिना तारों के खड़े हैं. अधिशासी अभियंता ने कहा कि बिजली विभाग हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करता है, विभाग किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करना चाहता, इसलिए जब तक आवश्यक स्वीकृतियां और उच्चाधिकारियों के निर्देश नहीं मिलते, तब तक आगे का कार्य संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि सोमवार का निरीक्षण जमीनी स्थिति का आकलन करने और आगे की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से किया गया, विभाग अब पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेगा, जैसे ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी. गोविंद सिंह कार्की ने यह भी जानकारी दी कि सुंदरखाल के विस्थापन को लेकर भी वन विभाग स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, यदि विस्थापन के संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाता है तो बिजली विभाग भी उसी के अनुसार अपनी कार्ययोजना तैयार करेगा, विभाग का उद्देश्य सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए ग्रामीणों तक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा पहुंचाना है. दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजली उनके जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी, घरेलू काम आसान होंगे और गांव में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी, उनका कहना है कि वर्षों बाद अधिकारियों का दोबारा गांव पहुंचना एक सकारात्मक संकेत है. गौरतलब है कि सुंदरखाल के ग्रामीणों की समस्याएं केवल बिजली तक सीमित नहीं हैं, गांव में आज भी सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, शुद्ध पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने ग्रामीणों के विस्थापन के लिए एक समिति का गठन किया था, लेकिन 11 साल बाद भी विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इसी मुद्दे को लेकर मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि या तो सुंदरखाल के ग्रामीणों का शीघ्र विस्थापन किया जाए या फिर उन्हें बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. आज के निरीक्षण के बाद एक बार फिर उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अंतिम फैसला अब उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों के समन्वय पर निर्भर करेगा, यदि आवश्यक अनुमति मिल जाती है तो वर्ष 2017 से अधूरी पड़ी विद्युतीकरण योजना दोबारा शुरू हो सकती है और सुंदरखाल के लोगों का दशकों पुराना इंतजार आखिरकार समाप्त हो सकता है। सुंदरखाल के लोग पिछले कई दशकों से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं, बिजली विभाग का ताजा निरीक्षण उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। अब देखना होगा कि विभागीय और कानूनी प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और सुंदरखाल के घरों में आखिर कब रोशनी पहुंचती है।
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गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा: सभी होटल-रेस्टोरेंट पर QR कोड और लाइसेंस अनिवार्य

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग का वैध लाइसेंस और क्यूआर (QR) जिसमें रेट की और मेनू की पूरी जानकारी हो का कोड भी लगाना जरूरी रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह फैसला श्रद्धालुओं को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी दुकानों पर तय नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालु दुकान संचालक का नाम, लाइसेंस से जुड़ी जानकारी और खाद्य पदार्थों की निर्धारित कीमत देख सकेंगे। इससे अधिक कीमत वसूलने और गलत जानकारी देने जैसी शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने यात्रा के दौरान डीजे को लेकर भी सख्त नियम तय किए हैं।
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नूंह विधायक आफताब अहमद ने जलभराव और केंद्रीय विद्यालय बस सेवा की मांग की

Nuh, Haryana:नूंह विधायक आफताब अहमद ने डीसी से की मुलाकat, जलभराव, स्कूल बस सेवा सहित कई मुद्दे उठाए। नूंह से विधायक आफताब अहमद ने सोमवार को जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर जिले से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बरसात के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या, चल रहे एसआईआर अभियान तथा चिलावली गांव स्थित केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने चिलावली गांव में संचालित केंद्रीय विद्यालय तक विद्यार्थियों के आवागमन की सुविधा के लिए स्कूल बस सेवा शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि बस सेवा शुरू होने से दूर-दराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। मुलाकात के दौरान विधायक ने जिले से जुड़े अन्य विकास एवं जनसुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी उपायुक्त का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त अखिल पिलानी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विधायक आफताब अहमद ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, जिससे जिले के लोगों को राहत मिलेगी。
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