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UvaisUvaisFollow30 Apr 2025, 01:35 pm

समाजवादी पार्टी कार्यकताओं के द्वारा लगाए गए एक होर्डिंग

Etawah, Uttar Pradesh:

इटावा समाजवादी पार्टी कार्यकताओं के द्वारा लगाए गए एक होर्डिंग ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। वायरल हो रही इस तस्वीर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की छवियों को आधा-आधा मिलाकर एक संयुक्त चेहरा दर्शाया गया है। भाजपा ने इस तस्वीर को डॉ. अंबेडकर का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने इटावा के कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और सपा के खिलाफ नारेबाजी की। सदर विधायक सरिता भदौरिया और भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एडीएम को ज्ञापन सौंपा।

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उमेटा के ओवरब्रिज पर आत्महत्या रोकने के लिए सुरक्षा जाली बढ़ाने की मांग तेज

Anand, Gujarat:એંકર:- આણંદ જિલ્લામાં આંકલાવના ઉમેટા પાસે મહીસાગર નદી પર આણંદ વડોદરાને જોડતો ઓવરબ્રિજ স્યુસાઈડ બ્રિજ બની ગયો છે. છેલ્લા બે માસમાં 18 થી વધુ લોકોએ આત્મહત્યા કરતા સ્થાનિક ગ્રામજનો દ્વારા ઓવરબ્રિજની બંને તરફ જાળી લગાવવા માંગ કરી છે. જેથી આત્મહત્યાના બનાવો અટકાવી શકાય. વી.ઓ. ઉમેટા પાસે મહીસાગર નદી પર આવેલા ઓવરબ્રિજ પરથી છેલ્લે બે માસમાં 18 થી વધુ યુવાનોએ મહીસાગર નદીમાં પડતું મૂકી આત્મહત્યાના બનાવો બન્યા છે. આણંદ અને વડોદરા જિલ્લાના યુવાનો આવેશમાં આવી ઓવરબ્રિજ પરથી મહી સાગર નદીમાં મોતની છલાંગ લગાવી આત્મહત્યા કરી રહ્યા છે. ઓવરબ્રિજ પરથી વધી રહેલા આત્મહત્યાના બનાવો ને લઈને સ્થાનિક ઉમેટા અને ખડોલ ગામના ગ્રામજનોએ ઓવરબ્રિજની બંને તરફ લોખંડની સુરક્ષા જાળી લગાવવાની માંગ કરી છે. વી.આઈ ઓવરબ્રિજની બંને તરફ સુરક્ષા જાળી લગાવવામાં આવે તો આત્મહત્યાના બનાવો અટકાવી શકાય. ઓવરબ્રિજની પેરાફિટ પણ મં અઢી ફૂટ જેટલી ઉંચી છે. જેથી આત્મહત્યા કરનાર આસાનીથી પેરાફિટ પરથી નદીમાં કૂદી આત્મહત્યા કરે છે. જો સુરક્ષા જાળી લગાવવામાં આવે તો આત્મહત્યાના બનાવો અટકાવી શકાય. ગત જુલાઈ માસમાં 11 થી વધુ લોકોને પોલીસ અને સ્થાનિક તરવૈયાઓ દ્વારા નદીમાં કૂદયા બાદ બચાવી લેવામાં આવ્યા હતા. જેથી ગ્રામજનો અને સરપંચ દ્વારા આંકલાવ મામલતદારને પણ આવેદનપત્ર આપી ઓવરબ્રિજના બંને તરફ જાળી લગાવવા માંગ કરી છે. આ અંગે મામલતદાર એસ એમ સેંધવએ કહ્યું હતું કે લોખંડની જાળી લગાવવા અંગે આવેદનપત્ર મળ્યું છે. જે રજૂઆત ઉચ્ચ કક્ષાએ મોકલી આપવામાં આવશે. વી.આય આંકલાવનાં ધારાસભ્ય અને પ્રદેશ કોંગ્રેસ અધ્યક્ષ અમિત ચાવડાએ પણ વડોદરાનાં માર્ગમકાન વિભાગને પત્ર લખીને ઉમેટા મહીબ્રીજની બન્ને તરફ સાઈડ ક્રેસ બેરીયર, બેરીકેટ તથા જરૂરી ચેતવણી દર્સક બોર્ડ લગાવવા માંગ કરી છે.
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सीतामढ़ी में प्रधानमंत्री बिजली योजना अब हर घर तक पहुंचाने की कवायद तेज

Sitamarhi, Bihar:प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना अब हर घर तक पहुंचाने की कवायद तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से इस योजना की गति और तेज कर दी गयी है। इसी क्रम में आज सोलर मेला सह सोलर लोन मेला का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और इस योजना के लाभ की जानकारी ली। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम रिची पांडे ने की इस अवसर पर इस योजना में चल रहे तकनीकी दिक़्कतों के कारण लाभुकों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासनिक पदाधिकारियों और बैंकर्स के साथ समस्याओं पर मंथन किया गया और इस योजना को लाभुकों तक किस तरह सुलभ तरीके से उन तक पहुंचाया जाए इसकी विस्तृत चर्चा की गई。
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शराब के पैसे मांगने पर पति ने फंदा लगाकर आत्महत्या, क्षेत्र में सनसनी

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने से नाराज पति द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शराब के लिए पत्नी से पैसे मांगने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। विवाद के कुछ देर बाद पति ने घर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया।पूरा मामला गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मालीपुर गांव के वार्ड नंबर 11 का है। मृतक की पहचान मालीपुर निवासी महेश कुमार चौधरी के रूप में हुई है।प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, महेश कुमार चौधरी शराब पीने के आदी बताए जा रहे थे। घटना से पहले उन्होंने शराब खरीदने के लिए पत्नी से पैसे मांगे थे। पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके कुछ समय बाद महेश कुमार चौधरी ने कथित तौर पर घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, महेश कुमार चौधरी का इलाज बेगूसराय में चल रहा था और वे गंभीर स्वास्थ्य समस्या से भी परेशान थे। चिकित्सकों ने उन्हें शराब से दूर रहने की सलाह दी थी। बताया जाता है कि शराब की आदत को लेकर पत्नी भी उन्हें अक्सर समझाती थी। इस घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस को घटना की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महेश कुमार चौधरी की मौत के वास्तविक कारणों और घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। बाइट परिजन
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वंदे मातरम के साथ राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत का संयुक्त गायन: लाल किले से ऐतिहासिक कदम

Noida, Uttar Pradesh:PATNA (BIHAR): NITYANAND RAI (UNION MINISTER) ON VANDE MATARAM SINGING AT RED FORT ON AUGUST 15/ HAR GHAR TIRANGA CAMPAIGN/ JHARKHAND STUDENTS' PROTEST AND LATHICHARGE/ MALLIKARJUN KHARGE'S STATEMENT ON JHARKHAND PROTEST पटना, बिहार: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "... अब राष्ट्र गान के साथ राष्ट्र गीत का गायन भी होगा। पहली बार वंदे मातरम का गायन राष्ट्र गान के साथ लाल किले से होगा। प्रधानमंत्री मोदी वंदे मातरम का जयघोष जब विदेशों में करते हैं तो भारतीयों का रोम-रोम रोमांचित हो जाता है... यह एक ऐतिहासिक कदम है... इसके लिए देशवासियों की ओर से आभार है..." उन्होंने आगे कहा, "झारखंड की सरकार(JMM, कांग्रेस आदि) ने छात्रों पर घोर अन्याय किया है। उन्होंने वहां छात्रों के अधिकारों पर प्रहार किया है... वहां अत्याचारियों की तरह बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया... झारखंड सरकार की कोशिश है कि छात्र आंदोलन को कुचल दिया जाए..."
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सांप डसे के बाद नेत्रहीन ने दिखाया हौसला, अस्पताल पहुंचकर लिया इलाज

Munger, Bihar:सांप के डसने के बाद नेत्रहीन ने दिखाई हिम्मत, झाड़-फूंक के बजाय डिब्बे में बंद कर सांप लेकर पहुंचा अस्पताल मुंगेर। धरहरा थाना क्षेत्र के औड़ाबगीचा गांव में एक दृष्टिबाधित व्यक्ति ने सांप के डसने के बाद जिस सूझबूझ और साहस का परिचय दिया, वह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। 50 वर्षीय सुरेंद्र उर्फ टनटन पासवान को घर में बर्तन व्यवस्थित करने के दौरान जहरीले सांप ने डस लिया। इसके बावजूद उन्होंने घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता दी और सांप को प्लास्टिक के डिब्बे में सुरक्षित बंद करवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरहरा पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र घर में बर्तन रख रहे थे। इसी दौरान अनजाने में उनका पैर फर्श पर मौजूद सांप पर पड़ गया। पैर के नीचे कुछ ठंडा और अजीब महसूस होने पर उन्होंने हाथ से उसे पहचानने का प्रयास किया। इसी दौरान सांप ने उनके हाथ में डस लिया। घटना का एहसास होते ही उन्होंने अपनी पत्नी को आवाज देकर पूरी जानकारी दी। घटना के बाद आसपास के कुछ लोगों ने झाड़-फूंक कराने की सलाह दी, लेकिन सुरेंद्र ने अंधविश्वास के बजाय इलाज के लिए अस्पताल जाने का निर्णय लिया। परिजनों की मदद से सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद करवाया गया और उसे साथ लेकर वह धरहरा सीएचसी पहुंचे। सांप को डिब्बे में लेकर अस्पताल पहुंचने की बात सामने आते ही स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के बीच कौतूहल का माहौल बन गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के कारण सुरेंद्र की स्थिति फिलहाल सामान्य है। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। सुरेंद्र की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना ही जीवन बचाने का सबसे सुरक्षित रास्ता है। हालांकि, सांप को पकड़ने या उसके पास जाने का प्रयास जोखिम भरा हो सकता है। सर्पदंश की स्थिति में व्यक्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिना देरी किए चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है。
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खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण विवाद संसद तक पहुंचा: संगठन कौन?

Haldwani, Uttarakhand:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद शुरू हुआ विवाद अब उत्तराखंड से निकलकर संसद तक पहुंच गया है। रैली के दो दिन बाद उसी रामलीला मैदान में श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के संगठन ने शुद्धिकरण यज्ञ किया। संगठन के इस कदम को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया, तो बीजेपी ने पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया। संसद में भी जब खड़गे ने इस मुद्दे को उठाया तो बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी का इस आयोजन से कोई लेना-देना नहीं है और मामले की जांच कराई जाएगी। ऐसे में बड़ा सवाल है—आखिर शुद्धिकरण करने वाला संगठन कौन है, इसे बनाने वाले लोग कौन हैं और रामलीला मैदान में शुद्धिकरण का फैसला किसके कहने पर लिया गया है? श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई। संगठन से करीब 20 से 25 लोग जुड़े होने की बात सामने आई है। संगठन का दावा है कि वह धर्म और हिंदू आस्था से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता है। “हम दलित विरोधी नहीं हैं। दलित को मुद्दा बनाकर सभी राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेक रहे हैं। हमारे साथ हवन करने वाले लोग भी दलित थे। जिसको जांच करवानी है, करवा लें। किसी भी धार्मिक जगह को हम राजनीतिक मंच नहीं बनने देंगे।” गिरीश पांडेय, अध्यक्ष, श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास। शुद्धिकरण यज्ञ में संगठन के सदस्य अंकित पाल भी शामिल थे। अंकित पाल दलित समुदाय से आते हैं। उनका कहना है कि खड़गे की रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों के कारण रामलीला मैदान का शुद्धिकरण जरूरी लगा। रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जिसके चलते हमें लगा कि रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया जाना जरूरी है।” अंकित पाल, सदस्य, श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास। इधर, कांग्रेस लगातार इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर हमलावर है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी की राजनीति में दलित विरोधी सोच दिखाई देती है। हल्द्वानी से शुरू हुआ यह विवाद अब संसद तक पहुंच चुका है। संसद में मल्लिकार्जुन खड़गे ने जब इस मामले को उठाया तो बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी का इस आयोजन से कोई लेना-देना नहीं है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उत्तराखंड बीजेपी ने भी इस आयोजन से दूरी बना ली है। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि इस तरह के आयोजन न तो समाज के लिए अच्छे हैं और न ही राजनीतिक दलों के लिए। इस मामले से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह के आयोजन न तो समाज के लिए अच्छे हैं और न ही राजनीतिक दलों के लिए。” यानी एक तरफ कांग्रेस इस पूरे विवाद को दलित सम्मान और बीजेपी की कथित मानसिकता से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास अपने फैसले को धार्मिक आस्था से जुड़ा कदम बता रहा है। बीजेपी इस आयोजन से पूरी तरह किनारा कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की स्थापना किन लोगों ने की, संगठन के पीछे कौन है, शुद्धिकरण का फैसला किस स्तर पर लिया गया और क्या इस आयोजन का कोई राजनीतिक कनेक्शन था? हल्द्वानी से शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और अब इसकी गूंज उत्तराखंड की राजनीति से लेकर संसद तक सुनाई दे रही है।
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गरसंडा के 46 बच्चों के लिए स्कूल भवन नहीं, मंदिर बरामदे में पढ़ाई

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड के गरसंडा गांव से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां नव सृजित प्राथमिक विद्यालय का अपना भवन नहीं रहने के कारण पहली से पांचवी कक्षा तक के 46 बच्चों की पढ़ाई हनुमान मंदिर के छोटे से बरामदे में हो रही है। जगह कम होने के कारण बच्चों को बैठने में परेशानी होती है और पढ़ाई के दौरान शोर व अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। दरअसल, विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हो चुका है। शिक्षकों के मुताबिक भवन की छत कई जगहों से क्षतिग्रस्त है और बारिश के दिनों में कमरों के अंदर पानी टपकता है। ऐसे में किसी हादसे की आशंका को देखते हुए बच्चों को जर्जर भवन से निकालकर मंदिर के बरामदे में पढ़ाना शुरू किया गया। विडंबना देखिए, सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं गरसंडा के इन बच्चों के पास पढ़ाई के लिए न अपना भवन है और न ही पर्याप्त बैठने की व्यवस्था। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक इन 46 बच्चों की पढ़ाई मंदिर के छोटे से बरामदे में होती रहेगी? विभागीय अधिकारी इस समस्या का समाधान कब करेंगे और बच्चों को उनका अपना विद्यालय भवन कब मिलेगा?
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चाइनीज मांझे से हादसा: पूर्वी दिल्ली में बाइक सवार के गले पर सात टांके, फिर भी खतरे बने

Delhi, Delhi:चाइनीज मांझे का कहर: बाइक सवार की गर्दन पर आए सात टांके, पहले भी ले चुका है कई जानें उत्तर-पूर्वी दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से पहले पतंगबाजी बढ़ने के साथ प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हो रहा है। यमुनापार में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहले पुश्ते के पास बाइक से गुजर रहे अंकित चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। मांझा पहले उनके हेलमेट में उलझा और देखते ही देखते उनकी गर्दन तक पहुंच गया। मांझे से गर्दन पर गहरा घाव हो गया, जिसमें डॉक्टरों को सात टांके लगाने पड़े। मांझे को हटाने की कोशिश में उनका अंगूठा भी कट गया। अंकित गामड़ी एक्सटेंशन में अपने परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे वह बाइक से एक्सप्रेसवे की तरफ से गुजर रहे थे। अचानक उन्हें हेलमेट में मांझा फंसने का एहसास हुआ। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, मांझा उनकी गर्दन में जा लगा। उन्होंने बचने के लिए हाथ आगे किया, लेकिन उनका अंगूठा भी घायल हो गया। हादसे के बाद उन्होंने गर्दन पर कपड़ा बांधा और किसी तरह जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी एमएलसी की और इलाज किया। अंकित के मुताबिक, अस्पताल में उस समय चाइनीज मांझे से घायल होकर कई अन्य लोग भी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि करीब पांच लोग इसी तरह घायल होकर अस्पताल आए थे। इनमें एक डॉक्टर और पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी भी मिली। अंकित के पिता सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें एहसास हुआ कि सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए प्रतिबंधित मांझा कितना बड़ा खतरा है। खासकर एक्सप्रेसवे और पुश्ते के आसपास पतंग उड़ाए जाने से हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। लगातार सामने आ रहे हादसे चाइनीज मांझे से घायल होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में दिल्ली-एनसीआर में इस खतरनाक मांझे की चपेट में आकर कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कई मामलों में लोगों की जान तक जा चुकी है। दोपहिया वाहन सवारों के लिए यह मांझा बेहद घातक साबित होता है, क्योंकि तेज रफ्तार में गर्दन या शरीर के किसी हिस्से में उलझने पर गंभीर कट लग सकता है। स्वतंत्रता दिवस से पहले पतंगबाजी बढ़ने के कारण पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल न करने की लगातार अपील की जा रही है। 627 चरखियां जब्त, 12 गिरफ्तार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि पुलिस प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि इस साल जिले में अब तक नायलॉन से बने मांझे की 627 चरखियां जब्त की जा चुकी हैं और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोपहिया वाहन सवारों की सुरक्षा के लिए जिले के कई फ्लाईओवर की चारदीवारी के समानांतर तार भी लगाए गए हैं, ताकि सड़क तक पहुंचने से पहले मांझा इन तारों में फंस जाए और वाहन चालकों की जान बचाई जा सके। चाइनीज मांझा क्यों है खतरनाक? NGT ने वर्ष 2017 में नायलॉन, सिंथेटिक और सिंथेटिक पदार्थ से कोटेड गैर-बायोडिग्रेडेबल मांझे के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर रोक के निर्देश दिए थे। यह मांझा इंसानों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है. चाइनीज मांझा पर क्या है सजा? बीएनएस धारा 223: वैध प्रशासनिक आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने पर कार्रवाई हो सकती है। मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होने की स्थिति में एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान हो सकता है। बीएनएस धारा 125: किसी व्यक्ति की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हरकत पर परिस्थितियों और चोट की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई का प्रावधान है। बीएनएस धारा 106: लापरवाही या जल्दबाजी के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने की स्थिति में यह धारा लागू हो सकती है। सजा मामले की परिस्थितियों और लागू उपधारा के अनुसार तय होती है। बीएनएसएस धारा 163: प्रशासन की ओर से जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करना जरूरी है। आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986: प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल दंडनीय अपराध हो सकता है। उल्लंघन पर पांच वर्ष तक की कैद, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान बताया गया है。 बाइट: अंकित, पीड़ित बाइट: पीड़ित के मामा
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