icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

कैनेिंग में 444 साल से चली दुर्गा पूजा, मुख काला बनी परंपरा

Baruipur, West Bengal:উমা মায়ের মুখের রং কালো, গায়ের রং তামাটে। রীতিনীতি মেনে মহালয় দিনে হলো মায়ের চক্ষু স্থাপন। ৪৪৪ বছর ধরে চলছে এমন ব্যতিক্রম মায়ের পুজো ক্যানিং —শরৎ কাল পড়তেই আপমর বাঙালী মেতে ওঠেন দুর্গাপুজোয়। শারদ উৎসবে যখন আপামর রাজ্য তথা দেশবাসী মেতে উঠবে মাতৃ আরাধনায় ,ঠিক তখনই অন্যদের মতো দেবী পুজোয় মাতোয়ারা হবেন দক্ষিণ ২৪ পরগণা জেলার সুন্দরবনের সিংহ দূয়ার নামে খ্যাত বিট্রিশ আমলের ঐতিহ্যবাহী ক্যানিং মহকুমা শহরের ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা। তবে তাঁদের দেবী প্রতিমা রাজ্য তথা দেশের মধ্যে এক বিরল এবং ব্যতিক্রমী বলেই পরিচিত। অন্যান্য দূর্গা প্রতিমার মুর্তি যেখানে মানবীয় রঙ দিয়ে গড়া হয়ে থাকে, সেখানে এই ভট্টাচার্য্য বাড়ীর শতাব্দী প্রাচীন দুর্গামূর্তির মুখের রঙ কালো। স্বাভাবিক ভাবেই এই কালো মুখের দুর্গা প্রতিমাকেই বংশ পরম্পরায় পুজো করে আসছেন এই ভট্টাচার্য্য পরিবারের বংশধররা। কেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের দেবী দুর্গার মুখ কালো হয়? তা জানতে পিছিয়ে যেতে হয় প্রায় দুশো বছর আগে। এই ভট্টাচার্য্যরা এক সময় বাংলাদেশের ঢাকা জেলার বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামে বসবাস করতেন।সেই বংশের কালীপ্রসন্ন,কাশীকান্ত,রামকান্ত,রামরাজা ভট্টাচার্য্যরা মিলিত ভাবেই সর্বপ্রথম বাংলাদেশের ঢাকা বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামেই দুর্গা পুজো শুরু করেন।তা আজ থেকে hampir ৪৪৪ বছর আগে অর্থাৎ ১৫৮২ সালে।তৎকালীন সময়ে জাঁকজমক ভাবে সেই পুজো করা হতো।আবার দেশভাগের পর এই ক্যানিং শহরে ভট্টাচার্য্য পরিবার চলে আসেন ১৯৩৮ সালে নদী পেরিয়ে । ক্যানিংয়ে চলে আসলেও পুজোর সময় ক্যানিং থেকে স্বপরিবারে বাংলাদেশের বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামে গিয়ে পুজো করে আসতেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা। এখানে অবশ্য ৭৯ তম বর্ষে পড়লো এই পুজো।আবার এই ক্যানিংয়ে সর্বপ্রথম দুর্গা পুজো শুরু করেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্য ইন্দ্র কুমার ভট্টাচার্য্য। প্রতিমার রঙ কালো হয় কেন সেই প্রসঙ্গে বর্তমান পরিবারের সদস্য পীযুষ কান্তি ভট্টাচার্য্য বলেন, প্রায় ২০০ বছর আগে বাংলাদেশেই দুর্গা পুজোর সপ্তমীর দিন পাশের মনসা মন্দিরের জলন্ত প্রদীপের শিখা থেকে কোন প্রকারে একটি কাক জলন্ত সলতে নিয়ে মন্ডপের উপর বসে। সেই সলতের আগুনে আগুন লেগে যায় সোন দিয়ে তৈরি দুর্গা মণ্ডপের চালা ঘরে।আর মুহূর্তের মধ্যেই সেই বিধ্বংসী অগ্নিশিখার লেলিহান আগুন গ্রাস করে নেয় সমগ্র পুজো মণ্ডপকে।আগুনের লেলিহান শিখা থেকে রক্ষা পায়নি স্বয়ং দেবী দুর্গাপ্রতিমার মুর্তিও।এই আকষ্মিক দুর্ঘটনায় ভেঙে পড়ে সমগ্র ভট্টাচার্য্য পরিবার।অনেক সাধারণ মানুষজন সেই সময় তাঁদের ওপর দেবী মা রুষ্ট হওয়ার কথাও জানায়।পাশাপাশি প্রতিবেশী পড়শীরা বলেন “মা তোদের হাতে আর পুজো চাইছেন না। যার জন্য আগুনে মায়ের মূর্তি পুড়েছে”। এই কথা শোনার পর ভট্ট্যাচার্য্য পরিবারের এক সদস্য মায়ের পোড়া মূর্তির সামনে ধ্যানে বসে জানতে পারে পুজো হবে। তবে পুড়ে গিয়ে মুখ যেমন কালো শরীর,বাদামী রং হয়েছে ঠিক তেমন ভাবে মূর্তি গড়ে পুজো করা যাবে। সেই থেকেই প্রতিমার মুখ কালো এবং শরীর বাদামী বা তামাটে রঙের হয়ে আসছে। পুজোর শুরুতেই মহিষ বলির প্রচলন ছিল।কিন্তু মহিষ বলি দেওয়ার জন্য সেই সময় কেউ মায়ের প্রসাদ খেতেন না। পরবর্তী কালে পাঁঠা বলি দেওয়া শুরু হয়। আবার পাঁঠা বলি দেওয়ার জন্য মা স্বপ্নাদেশ দিয়ে জানায় “শান্তির জন্য পুজো করে বলি?এটা বন্ধ করতে হবে।বন্ধ না হলে ভট্টাচার্য্য পরিবারের বংশ একেবারেই ধ্বংস করে দেবো।” সেই স্বপ্নাদেশ পাওয়ার পর প্রায় ৭০ বছর আগে পাঁঠা বলি দিতে গিয়ে,বলি দেওয়ার খড়গ্ আটকে যায়।ফলে সেই সময়ে বলি দেওয়া একপ্রকার ব্যাঘাত ঘটে।তারপর সেই থেকেই বলি দেওয়া প্রথা বন্ধ হয়ে যায়। অবশ্য মায়ের আদেশ অনুযায়ী সপ্তমী,অষ্টমী ও সন্ধী পুজোয় চালকুমড়ো বলি এবং নবমীতে চালকুমড়ো,শশা,ও শত্রু বলি দেওয়ার প্রচলন শুরু হয় সেই থেকেই। এই শত্রু বলি হল আতপ চালের তৈরি মানুষের মূর্তি গড়ে মানকচু পাতার উপরে বলি দেওয়াকে শত্রু বলি বলা হয়।আরো জানা গেছে ৪৪৪ বছর একই পরিবার বংশ পরস্পরায় ঠাকুরের মূর্তি গড়ে চলেছেন।বর্তমানে সেই পাল বংশের বাংলাদেশ থেকে আসা সুন্দরবনের বাসন্তী থানা এলাকারWest বাসন্তী গ্রামের বাসিন্দা গৌতম পাল মূর্তি গড়ার কাজ করেন।আশ্চর্যের বিষয় ৪৪৪ বছর বয়সে একবারের জন্য কোনদিন ঠাকুরের কাটমো পরিবর্তন করা হয়নি বলে জানান ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা।যথারীতি নিয়ম নিষ্ঠা মেনেই দশমীতে প্রতিমা বিসর্জন করে থাকেন।বিসর্জনের পর প্রতিমা জলের তলায় তিনদিন পুঁতে রাখা হয়,যাতে প্রতিমা গভীর জল থেকে উপর ভেসে না ওঠে।এরপর সেই কাঠামো তোলা হয় লক্ষ্মী পুজোর পরের দিন।আবার আগামী বছরের জন্য প্রতিমা গড়ার কাজ শুরু হয় জন্মাষ্টমী থেকেই। অষ্টমীর দিন সকল দর্শনার্থীদের পুজোর প্রসাদ বিতরণ করা হয়।পুজো করেন পরিবারের সদস্য রাণা মুখার্জী।ভট্টাচার্য্য পরিবারে বর্তমানে আর্থিক অবস্থা সংকট হওয়ার ছড়িয়ে-ছিটিয়ে থাকা পরিবারের সকলকে নিয়ে একটি ট্রাস্টি বোর্ড গঠন করা হয়।ভবিষ্যতে এই বোর্ডই আগামী দিনে পুজো পরিচালনা করবে。 পুজো কটাদিন একান্নবর্তী ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা মেতে ওঠেন আনন্দে。
0
0
Report
Advertisement

नवरात्रि से पहले तिमारपुर बाजारों में रौनक, खरीदारी के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

New Delhi, Delhi:स्लग: नवरात्रि से पहले तिमारपुर बाजार में रौनक, खरीदारी के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। एंकर राजधानी दिल्ली में नवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रविवार से नवरात्रि के पावन दिन शुरू होने जा रहे हैं, उससे पहले मंदिरों से लेकर बाजारों तक भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। तिमारपुर के बाजार में भी नवरात्रि की खरीदारी को लेकर जबरदस्त रौनक है। पूजा सामग्री से लेकर व्रत में इस्तेमाल होने वाले सामान तक, दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है। वीओ-1 तस्वीरें तिमारपुर बाजार की हैं, जहां नवरात्रि से ठीक पहले बाजार पूरी तरह सज चुका है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर पूजा-पाठ से जुड़ी तमाम सामग्री सजा रखी है। बाजार में माता की चुनरी, नारियल, कलावा, रोली, मौली, पूजा की थाली, दीपक, अगरबत्ती और अन्य धार्मिक सामग्री श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोगों के लिए भी बाजार में खास इंतजाम दिखाई दे रहे हैं। फलाहार और व्रत में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजें दुकानों पर उपलब्ध हैं। श्रद्धालु अपनी जरूरत के मुताबिक सामान खरीदते नजर आ रहे हैं। बाईट / श्रद्धालु बाईट / खरीदारी करने वाले लोग.. वीओ-2 नवरात्रि शुरू होने से पहले बाजार में बढ़ी चहल-पहल ने दुकानदारों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है। सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। कोई पूजा की सामग्री खरीद रहा है तो कोई माता की चुनरी और श्रृंगार का सामान ले रहा है।दुकानदारों का कहना है कि नवरात्रि को लेकर इस बार भी लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है और जैसे-जैसे पर्व नजदीक आ रहा है, बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। वाकथरु / नसीम अहमद वीओ 3 नवरात्रि को लेकर हम हर साल काफी उत्साह से तैयारी करते हैं। माता की पूजा के लिए जरूरी सामान खरीदने आए हैं। बाजार में इस बार काफी रौनक है और लगभग सभी जरूरी पूजा सामग्री आसानी से मिल रही हैवहीं, बाजार में खरीदारी करने पहुंचे श्रद्धालुओं में भी नवरात्रि को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि नवरात्रि उनके लिए आस्था और भक्ति का पर्व है और वे पूरे परिवार के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे हैं। बाईट / श्रद्धालु बाईट / श्रद्धालु वीओ 4 फिलहाल, रविवार से शुरू होने वाले नवरात्रि पर्व को लेकर तिमारपुर के बाजार में रौनक बढ़ गई है। मंदिरों में पूजा की तैयारियां हैं तो बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज हो गया है। श्रद्धालुओं को अब इंतजार है नवरात्रि के पावन दिनों के आगाज का। रिपोर्ट :- नसीम अहमद
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

साइबर जागृति अभियान: दुर्ग पुलिस को मिला राज्य स्तरीय द्वितीय पुरस्कार, 32 लाख से अधिक नागरिक हुए जा

Durg, Chhattisgarh:Cyber Jagriti Campaign: Durg Police Secures Second Prize at State Level, Over 32 Lakh Citizens Sensitized दुर्ग/रायपुर: छत्तीसगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने दुर्ग पुलिस को ‘साइबर जागृति अभियान’ के लिए द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार दुर्ग पुलिस की ओर से नोडल अधिकारी एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने ग्रहण किया। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित इस अभियान के तहत जिले भर के स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामीण चौपालों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कुल 64,840 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके जरिए 32,46,001 नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और संदिग्ध लिंक से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
0
0
Report

लखीसराय में मठ की जमीन रजिस्ट्री विवाद गहरा, जांच शुरू

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय में मठ की जमीन की रजिस्ट्री को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय स्थित सदगुरु कबीर साहेब मठ की जमीन को लेकर संतों और मठ से जुड़े लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि जेडीयू नेता महेंद्र प्रसाद यादव ने मठ की करीब 83 डिसमिल यानी लगभग 25 कट्ठा जमीन अपने परिजन और एक अन्य सहयोगी के नाम रजिस्ट्री करवा ली है। इस मामले को लेकर मठ से जुड़े दासों ने जिला प्रशासन और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से मुलाकात कर जमीन वापस कराने की मांग की है। सदगुरु कबीर साहेब मठ से जुड़े लोगों ने बताया कि यह जमीन वर्षों से मठ के पास है। मठ से जुड़े लोगों ने चंदा कर जमीन की खरीद किया। लेकिन मठ से जुड़े एक दासी तारा दास से जेडीयू नेता महेंद्र प्रसाद यादव ने अपने परिजन एवं सहयोगी के नाम से मठ की तकरीबन 25 कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री करवा लिया। इसको लेकर इन लोगों ने प्रशासन से मठ की जमीन वापस करने की गुहार प्रशासन एवं केंद्रीय मंत्री से लगा रहे हैं। कामेश्वर दास, सदगुरु कबीर साहेब मठ। इंद्रदेव दास,सदगुरु कबीर साहेब मठ। इनिया देवी,सदगुरु कबीर साहेब मठ। शंभूदेव प्रसाद ,सदगुरु कबीर साहेब मठ। मठ की जमीन को लेकर उठे इस विवाद के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वहीं, मामले में एसडीएम प्रभाकर कुमार ने बताया कि शिकायत संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही रामगढ़ चौक के अंचलाधिकारी को जमीन के दाखिल-खारिज पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रभाकर कुमार, एसडीएम, लखीसराय। लखीसराय से राज किशोर मधुकर की रिपोर्ट।
0
0
Report
Advertisement

हांसी की बेटी प्रीति कौशिक ने HCS में 12वीं रैंक पाकर इतिहास रचा

Hansi, Haryana:हांसी रात 12 बजे उठकर करती थीं पढ़ाई, HCS में प्रीति कौशिक ने हासिल की 12वीं रैंक हांसी की बेटी ने तीन प्रतिष्ठित सेवाओं में पाई सफलता, यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर GST की ट्रेनिंग ले रहीं प्रीति का अब हरियाणा में सेवा देने का सपना परिवार ने मिठाई बांटकर खुशी की जाहिर हांसी।मेहनत, लगन और मजबूत इरादे हों तो परिस्थितियां भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं। हांसी की काठ मंडी स्थित न्यू कोर्ट रोड निवासी प्रीति कौशिक ने हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा में प्रदेशभर में 12वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि वह इससे पहले बिहार में एसडीएम और हरियाणा में सहायक कराधान अधिकारी के पद पर चयनित हो चुकी हैं। फिलहाल वह उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी के पद पर प्रशिक्षण ले रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने गृह राज्य हरियाणा में प्रशासनिक सेवा देने का सपना नहीं छोड़ा। प्रीति की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और अनुशासन की कहानी है। पिता मदन लाल कौशिक ने बताया कि वह पढ़ाई के लिए रात 12 से एक बजे के आसपास उठ जाती थीं और सुबह तक अध्ययन करती थीं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्होंने अपनी दिनचर्या को पढ़ाई के अनुकूल बनाया और एक परीक्षा में सफलता मिलने के बाद भी अगले लक्ष्य की तैयारी जारी रखी। प्रीति ने वर्ष 2015-16 में दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया। पेटेंट ऑफिसर और जियो साइंटिस्ट जैसी परीक्षाओं में भी वह लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के चरण तक पहुंचीं। हरियाणा सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी उन्होंने कई बार दी। एक परीक्षा में चयन से महज एक अंक से चूकने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी तैयारी जारी रखी। वही ताऊ कृष्ण ने बताया कि प्रीति का बिहार में एसडीएम, हरियाणा में एटीओ और उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी के पद पर चयन हो चुका है। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षण ले रही हैं। HCS परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल करने के बाद अब उनकी इच्छा हरियाणा में रहकर प्रदेश के लोगों की सेवा करने की है। उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो लगातार प्रयास करने के बावजूद किसी परीक्षा में सफलता न मिलने पर निराश हो जाते हैं। प्रीति के पिता मदन लाल कौशिक काठ मंडी में पिछले करीब 25 वर्षों से लकड़ी की आढ़त का काम कर रहे हैं। परिवार शुरुआती दिनों में सामान्य आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहा था, लेकिन पिता ने मेहनत करके बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को संवारने का प्रयास किया। तीन भाई-बहनों में प्रीति दूसरे नंबर पर हैं। उनकी बड़ी बहन ज्योति कौशिक का हाल ही में पीजीटी कंप्यूटर साइंस के पद पर चयन हुआ है। छोटा भाई रोहित कानून की पढ़ाई करने के बाद पिता के साथ लकड़ी की आढ़त के काम में हाथ बंटा रहा है। मां सुशीला देवी गृहिणी हैं। प्रीति की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। मां सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें बेटी से बहुत उम्मीदें थीं और प्रीति ने अपनी मेहनत से उन उम्मीदों को पूरा कर दिखाया है। बेटी की उपलब्धि पर उन्हें बेहद खुशी है। हांसी की इस बेटी ने अपनी उपलब्धि से साबित किया है कि सफलता किसी एक प्रयास की मोहताज नहीं होती। लगातार मेहनत, असफलताओं से सीखने और लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर मंजिल हासिल की जा सकती है। प्रीति कौशिक की कहानी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
0
0
Report

नेवां पुल के पास गोली से हत्या; मिट्ठू कुमार की पहचान बिहटा निवासी

Danapur, Bihar:नेवां पुल के पास युवक की गोली मारकर हत्या, बिहटा के मिट्ठू कुमार के रूप में हुई पहचान नौबतपुर। थाना क्षेत्र के नेवां पुल के समीप शुक्रवार की देर शाम अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान बिहटा निवासी मिट्ठू कुमार के रूप में हुई है। घटनास्थल के पास से पुलिस ने एक ऑटो बरामद किया था। ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मृतक की पहचान की गई। युवक के सीने में गोली मारी गई थी。 जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर शाम नेवां पुल के समीप युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर नौबतपुर थानाध्यक्ष नंदन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स पटना भेज दिया था। घटनास्थल के पास से एक ऑटो भी बरामद किया गया था। फुलवारी शरीफ एसडीपीओ-2 उमेश्वर चौधरी ने बताया कि ऑटो के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान बिहटा निवासी मिट्ठू कुमार के रूप में हुई है। घटनास्थल पर एफएसएल की टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हालांकि, हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
0
0
Report

जम्मू-कश्मीर में दो दिवसीय विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान शुरू

Jammu, जम्मू , विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान पर ग्राउंड रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को दुरुस्त करने और नए मतदाताओं को लोकतंत्र की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए दो दिवसीय विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित इस अभियान के दौरान जम्मू के विभिन्न मतदान केंद्रों पर युवा अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO भी लोगों को पंजीकरण की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बाइट – बीएलओ BLO के मुताबिक, मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले लोगों को आवेदन भरने, नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और मतदाता सूची में दर्ज जानकारी में सुधार करने में मदद दी जा रही है। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 की सुविधा उपलब्ध है। अभियान के बाद BLO घर-घर जाकर भी पात्र नागरिकों से संपर्क करेंगे, ताकि ऐसे लोगों की पहचान की जा सके जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है। इसके बाद पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहायता दी जाएगी। इस अभियान को लेकर पहली बार मतदान करने के योग्य हुए युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने पहुंचे युवाओं का कहना है कि वोट देना हर पात्र नागरिक का अधिकार है और इसके जरिए वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। युवाओं में अपने मताधिकार को लेकर जागरूकता और उत्साह साफ नजर आ रहा है बाइट – युवा मतदाता निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से BLO को मतदान केंद्रों पर लोगों की सहायता करने के साथ-साथ घर-घर संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top