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मंडला में महिला मोर्चा अध्यक्ष भावना साहू की नियुक्ति से बीजेपी उत्साह

Mandla, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश बीजेपी ने महिला मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। प्रदेश के 22 जिलों के लिए घोषित इस सूची में मंडला से भावना साहू को महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और खुशी का माहौल है। बिजय... बीजेपी संगठन द्वारा जारी सूची में मंडला जिले की कमान महिला मोर्चा के लिए भावना साहू को सौंपी गई है। नियुक्ति की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और खुशी जताई। पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि भावना साहू के नेतृत्व में महिला मोर्चा संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं के बीच पार्टी की गतिविधियों का विस्तार होगा। भावना साहू की नियुक्ति को लेकर मंडला बीजेपी संगठन में उत्साह का माहौल है और कार्यकर्ताओं ने इसे संगठन के लिए सकारात्मक निर्णय बताया है।
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बाल विवाह पर मौलाना साजिद राशिदी के बयान पर इमरान मसूद की टिप्पणी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: लड़कियों की? शादी के बारे में अपने बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी कहते हैं, "...मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि मौजूदा हालात ऐसे हैं—जहां ऐसे कानून लाए जा सकते हैं? जिनसे एक महिला दूसरी महिला से या एक पुरुष दूसरे पुरुष से शादी कर सके, और जहां एक शादीशुदा महिला बिना किसी कानूनी कार्रवाई के किसी दूसरे पुरुष के साथ रह सके। ऐसे कानूनों वाले देश में, अगर कोई रेप या किसी बुरी घटना के जोखिम से बचने के लिए लड़की की? जल्दी शादी करने का सुझाव देता है, तो यह निश्चित रूप से एक राजनीतिक मुद्दा बन जाएगा। लोग इसका गलत मतलब निकालेंगे और ये लोग कौन हैं? मेरा बस यही कहना है: शरीयत या किसी अन्य धर्म में बताई गई अच्छी बात को अपनाने में क्या बुराई है?...मेरे बयान को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है—और किसके द्वारा? उन्हीं लोगों द्वारा? जो कानून बनाते हैं? लेकिन उनमें कानून तोड़ने की? क्षमता भी होती हैं? और वे ऐसा करते भी हैं। ये लोग सामाजिक सुधार नहीं देखना चाहते। मैंने सामाजिक सुधार के हित में बात की इस्लाम खुद कहता हैं? कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए। मैं छह या सात राज्यों का नाम ले सकता हूं—जैसे झारखंड, असम, बिहार, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और राजस्थान—जहां अभी भी बाल विवाह होता है। माता-पिता अक्सर कम उम्र में ही बिना पढ़ी-लिखी बेटियों की? शादी कर देते हैं। समाज में यह सब हो रहा है...इस्लाम भी यही सलाह देता हैं? कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए...मैंने ऐसा क्या गलत कहा जिससे इतना राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया—यह दावा किया जा रहा हैं? कि रशीदी साहब ने अठारह साल से कम उम्र की? लड़कियों की? शादी की? वकालत की? मैंने ऐसा कभी नहीं कहा... दिल्ली | ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कहते हैं, "...आपको इस मामले के बारे में कोई जानकारी या ज्ञान नहीं है, फिर भी आप बस बोलने के लिए बोल रहे हैं..."
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टीकमगढ़ में 825 दुर्लभ पांडुलिपियाँ: भारतीय ज्ञान परंपरा की धरोहर उजागर

Tikamgarh, Madhya Pradesh:एंकर- मध्य प्रदेश का टीकमगढ़ जिला भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर को सहेजने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है, यहां मिलीं 825 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां भारतीय ज्ञान परंपरा के ऐसे खजाने को सामने ला रही हैं, जो आने वाले समय में इतिहास और संस्कृति शोध का मजबूत आधार बनेंगी, इनमें 10 फीट लंबी हस्तलिखित पांडुलिपि और जैन ब्रह्मांड विज्ञान का दुर्लभ नक्शा सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, इनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में इतिहासकार, पुरातत्वविद और भारतीय ज्ञान परंपरा के शोधकर्ताओं को अध्ययन का महत्वपूर्ण आधार मिलेगा, विशेषज्ञों का मानना है की कागज लिपि और संरचना के आधार पर यह नक्शा 18वीं से 19वीं शताब्दी के बीच का है, यह केवल धार्मिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय गणित, ज्यामिति और दर्शन की समृद्ध परंपरा का भी उत्कृष्ट उदाहरण है, विश्व के कई प्रमुख संग्रहालयों में भी इस प्रकार के जैन कॉस्मोलॉजिकल मानचित्रों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर माना जाता है, विशेषज्ञों का विश्वास है की टीकमगढ़ में मिली ये दुर्लभ पांडुलेिपियां भारतीय ज्ञान विज्ञान की अनछुई परंपराओं पर नई रोशनी डालेंगी और टीकमगढ़ को देश के प्रमुख पांडुलिपि एवं प्राचीन ज्ञान अध्ययन केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएंगी।
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बद्रीनाथ मंदिर दान घोटाले की SIT जांच जारी, CCTV और रिकॉर्ड्स की तलाशी तेज

Noida, Uttar Pradesh:बद्रीनाथ मंदिर के दान में कथित हेराफेरी का मामला: उत्तराखंड पुलिस अधिकारी ने कहा- 'SIT टीम ने बद्रीनाथ मंदिर का निरीक्षण किया। शिकायतकर्ता युद्धवीर पुष्पवान से भी पूछताछ की गई। पिछले तीन सालों के वित्तीय रिकॉर्ड मांगे गए हैं। मंदिर ट्रस्ट से सभी CCTV फुटेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। नियुक्तियों और इस साल की ड्यूटी रोस्टर के डेटा के बारे में जानकारी मांगी गई है। प्रमोद नौटियाल से जुड़ी जानकारी—उनकी नियुक्ति से लेकर बैंक विवरण तक—मांगी गई है। VVIP दर्शन की रसीदों के बारे में जानकारी मांगी गई है; सभी पहलुओं की गहन जांच चल रही है। बद्रीनाथ, उत्तराखंड: बद्रीनाथ मंदिर के दान में कथित हेराफेरी की जांच पर, बद्रीनाथ SHO और SIT के जांच अधिकारी महादेव उनियाल कहते हैं, 'जांच अभी चल रही है'; कोई टिप्पणी नहीं। अभी इसकी (CCTV फुटेज की) समीक्षा की जा रही है। कोई अपडेट मिलने पर मैं आपको बता दूंगा।
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राजस्थान हाईकोर्ट: धार्मिक स्थल के आड़ में अतिक्रमण पर गंभीर सवाल, अगली सुनवाई 23 जुलाई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान धार्मिक स्थल की आड़ में संभावित अतिक्रमण और आवासीय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने राजेंद्र प्रसाद मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थान अधिनियम, 1944 के प्रावधानों के विपरीत कहीं भी मंदिर या धार्मिक निर्माण किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या धार्मिक भावनाओं की आड़ में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को वैध माना जा सकता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके कार्यस्थल के बाहर स्थित मंदिर परिसर में असामाजिक तत्व एकत्र होकर नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, जिसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट ने साथ ही यह भी जांचने के निर्देश दिए कि आवासीय भवन में किराए पर संचालित कोचिंग संस्थान संबंधित नियमों के अनुरूप वैध है या नहीं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट सहित अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी。
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राजस्थान हाईकोर्ट: समान वरिष्ठता सूची से उपप्रधानाचार्य पद पर प्रमोशन प्रक्रिया चार महीने में पूरी होगी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याताओं से उपप्रधानाचार्य पद पर होने वाली पदोन्नतियों के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की ओर से जारी कॉमन वरिष्ठता सूची को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2015 की भर्ती प्रक्रिया से चयनित सभी व्याख्याताओं की नई कॉमन वरिष्ठता सूची समान आधार पर तैयार की जाए और उसी के आधार पर चार माह के भीतर उपप्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि वर्ष 2015 की एक ही चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त सभी व्याख्याताओं को समान चयन वर्ष का लाभ मिलना चाहिए। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वर्ष 2018 की भर्ती में अपनाए गए सिद्धांतों के अनुरूप नई कॉमन वरिष्ठता सूची तैयार कर राजस्थान शिक्षा सेवा नियम, 2021 के तहत पदोन्नति की कार्रवाई पूरी की जाए। यदि इस प्रक्रिया में कोई प्रशासनिक या कानूनी बाधा आती है तो सरकार आवश्यक आदेश या अधिसूचना जारी कर उसका समाधान करे। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज भंडारी, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. विकास बालिया, अधिवक्ता हनुमान सिंह चौधरी, विवेक श्रीमाली सहित अन्य अधिवक्ताओं ने दलील दी कि वर्ष 2015 की एक ही भर्ती प्रक्रिया से चयनित व्याख्याताओं के लिए अलग-अलग वरिष्ठता मानदंड अपनाना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि समान चयन प्रक्रिया से नियुक्त सभी अभ्यर्थियों की एक ही कॉमन वरिष्ठता सूची बनाई जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची के आधार पर की गई पदोन्नतियां अनेक वरिष्ठ एवं पात्र व्याख्याताओं के वैधानिक अधिकारों को प्रभावित करेंगी। इसलिए पहले विधिसम्मत और समान सिद्धांतों पर आधारित नई वरिष्ठता सूची तैयार करना आवश्यक है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने विवादित कॉमन वरिष्ठता सूची को रद्द करते हुए राज्य सरकार को चार माह के भीतर नई सूची तैयार कर उसके आधार पर उपप्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह फैसला राज्यभर के बड़ी संख्या में व्याख्याताओं की पदोन्नति प्रक्रिया पर प्रभाव डालेगा।
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रीको अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ाए: अजमेर में एसीबी ने बड़ा पर्दाफाश

Ajmer, Rajasthan:अजमेर के रीको रीजनल ऑफिस में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार के मामले का जयपुर से आई एसीबी की टीम ने पर्दाफाश किया है... स्टाना औद्योगिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार की सूचना पर सक्रिय हुई टीम ने अजमेर और ब्यावर में रीको के 2 अधिकारियों को घूस लेते गिरफ्तार किया है .. अजमेर यूनिट हेड सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते उसके कार्यालय में टीम ने ट्रैप किया जबकि जूनियर असिस्टेंट कमलेश को 35 हजार की रिश्वत लेते ब्यावर में एएसपी ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार कर लिया... ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज गुप्ता ने बताया कि लीज डीड निष्पादन की एवज में घूस की मांग की गई थी.. शिकायत के सत्यापन के बाद मौके पर कार्रवाई की रणनीति बनाई गई और ट्रैप की कार्रवाई की गई
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