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देवरिया- सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की बाइट
Deoria, Uttar Pradesh:संभल मामले पर BJP विधायक शलभ मनी त्रिपाठी का बयान आया है कि 2012 यानी सपा सरकार से पहले जामा मस्जिद हरि मंदिर था ,वहां पूजा अर्चना ,शादी विवाह होती थी। जिसकी पुराने तस्वीरे भी हैं ,सपा में MP रहे शफिक्रूर रहमान वर्क के दबाव में हरि मंदिर में पूजा- पाठ रुकवा गया और हरि मंदिर को जामा मस्जिद में तब्दील किया गया।
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कटिहार में पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी, किसान उत्साहित
Katihar, Bihar:कृषि विज्ञान केंद्र, कटिहार में पीएम किसान सम्मान निधि प्रसारण का आयोजन सम्पन्न महिला-पुरुष किसान आयोजन में भी शामिल किसानों के लिए किया जा रहा प्रसारण देखकर किसान हुए गदगद किसानों ने कहा यह प्रसारण हम सभी के लिए प्रेरणादायक कटिहार में पीएम सम्मन किसान निधि की 23वीं किस्त जारी की जाने की अवसर पर स्थानीय जिला के किसान में उल्लास का वातावरण छा गया । किसानों ने कहा कि किसानों के लिए केंद्र सरकार का यह प्रयास बहुत ही सराहनीय है । किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि किसानों की आय बढ़ाना और खेती से जुड़े खर्चों में मदद करता है । पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी की जा रही है। इसके तहत करोड़ों किसानों के खातों में 2,000 रुपया की राशि मिलेगा । किसान परिवार को प्रति वर्ष 6,000 रुपया की सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपया की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान डीबीटी के माध्यम से होता है।0
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हाथरस के मेडिकल कॉलेज छात्रों पर हमला: CCTV फुटेज और आरोप
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस से बड़ी खबर मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर हमले का मामला हमलावरों के CCTV फुटेज आए आए सामने 2 बाइक पर सवार हो कर आए थे 5 नकाबपोश हमलावर प्रेम रघु हॉस्पिटल के छात्रों पर हुआ था हमला मारपीट और फायरिंग का लगाया था आरोप भाकियू (अमर टिकैत) ने छात्रों पर हमले के मामले में आक्रोश जताया0
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गोंडा में पतंजलि जन्मभूमि पर विकास तेज, मल्टीपरपज हॉल और मंदिर बनेंगे
Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। गोंडा के कोंडर में स्थित योग के जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली अब पूरी तरह से बदलती हुई नजर आ रही है। क्योंकि यहां पर पर्यटन विभाग और स्थानीय भाजपा विधायक की अथक प्रयास से यहां पर एक के बाद एक विकास के कार्य जा रहे हैं। जी मीडिया के ग्राउंड रिपोर्ट में देखने को मिला कि जो जन्मस्थली एक साल पहले यहां पर विकास से कोसों दूर थी अब वह जन्मस्थली पूरी तरीके से यहां पर बदल गई है। यहां पर पर्यटन विभाग द्वारा 1 करोड़ 36 लख रुपए की लागत से एक नदी मल्टीपरपज हॉल का निर्माण कराया गया है, जहां पर एक साथ 50 से 100 लोग बैठकर योग करके संस्कृत की शिक्षा हासिल कर सकते हैं; इसके साथ ही यहां बाकायदा लाइट लगवाई गई है ताकि रात्रि के समय में लोगों के आने में दिक्कत न हो। इंटरलॉकिंग लगाया गया है ताकि बरसात के समय में लोगों को दिक्कत न हो श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यहां पर सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण पर्यटन विभाग द्वारा कराया गया है। दूसरी तरफ पर्यटन विभाग द्वारा यहां पर बाउंड्री वाले का भी निर्माण कराया गया है; बाउंड्री वालों की रंगा पुताई भी कराई गई है, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडे द्वारा भी 35 लाख रुपए की लागत से महर्षि पतंजलि की जनस्थली पर उनका मंदिर का निर्माण कराया गया है जिसमें सिर्फ ₹800000 की मूर्ति ही मंगाई गई है, साथ ही साथ मंदिर में अलग-अलग तरीके से डिजाइन को बनवाया गया है जो अलग-अलग जगह से कारीगर इस मंदिर को बनाने के लिए यहां पर आए हुए थे। पतंजलि जन्मभूमि- अतुल कुमार यादव- संवाददाता। वीओ- महर्षि पतंजलि की इस मंदिर और मूर्ति के अनावरण को लेकर के यहां पर तैयारी की जा रही है ताकि बरसात खत्म होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों से महर्षि पतंजलि की मूर्ति का अनावरण कराया जा सके। यहां पर जल्द ही 100 बेड का आयुष महाविद्यालय का भी निर्माण कराया जाना है जिसको लेकर के शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है; जमीन भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवा दिया गया है। सीएम कंपोजिट विद्यालय मिनी स्टेडियम का भी यहां पर निर्माण कराया जाएगा इसको लेकर के भी जमीन जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दी गई है। तो वहीं दूसरी तरफ महर्षि पतंजलि के जन्म भूमि से ठीक सामने स्थित भी कोंडर झील को इको टूरिज्म के कार्य योजना में शामिल हो गई है; जल्द ही इसको भी पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। पक्षी विहार के रूप में भी इसे विकसित किया जाने को लेकर के पत्राचार किया जा रहा है; पक्षी विहार के रूप में विकसित किए जाने को लेकर के भी कवायद शुरू हो गई है। तो वहीं दूसरी तरफ इस झील को रामसर साइट में शामिल करने के लिए विदेश राज्य मंत्री द्वारा पर्यटन विभाग में भी लगातार पहल की जा रही है ताकि यह झील रामसर साइट में भी शामिल हो सके; यहां पर मांग की जा रही है कि इसे पक्षी विहार की तरह डेवलप किया जाए ताकि जो पक्षी प्रयागराज में जाकर के रहते हैं वह यहां पर रहें। यहां पर एक अंतरराष्ट्रीय योग विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने के साथ-साथ महर्षि पतंजलि एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाने को लेकर के भी मांग की जा रही है; यह भी मांग की जा रही है कि इस अयोध्या तीर्थ क्षेत्र से जोड़ा जाए ताकि जो भी श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन करने के लिए आए तो यहां पर भी दर्शन करें। वीओ- आपको बता दें कि बीते 1 साल पहले Zee Media की टीम यहां पर ग्राउंड जीरो पर हकीकत जानने के लिए पहुंची थी। तो देखने को मिला था कि जन्मस्थली विकास से काफी कोसों दूर है लेकिन अब यहां पर काफी कुछ विकास के कार्य हुए हैं और धीरे-धीरे और भी विकास के कार्य पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय विधायक द्वारा और जिला प्रशासन द्वारा यहां पर कराया जा रहा है। जिस दिन महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली पर्यटन के रूप में विकसित हो जाएगी अयोध्या में जितने भी श्रद्धालु भगवान राम का दर्शन करने के लिए आते हैं वह श्रद्धालु यहां पर महर्षि पतंजलि के दर्शन करने के लिए आएंगे और योग की शिक्षा लेकर के यहां से जाएंगे। आपको बता दें कि महर्षि पतंजलि ने यही से योग की शुरुआत की थी जो आज पूरे विश्व में हो रहा है। आज भी महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के सामने योग कार्यशाला चलाई जाती है जहां प्रतिदिन सुबह काफी संख्या में लोग आते हैं और यहां पर तरह-तहर के योग को सीख करके जाते हैं। लोगों को योग के बारे में जानकारी देने के साथ यहां के इतिहास के बारे में भी बताया जाता है; योग करने के साथ-साथ लोग यहां पर प्राकृतिक का भी आनंद लेते हैं। महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के ठीक सामने ये जो आप देख रहे है ये कोंडर झील है यह नदी सर्पाकार की तरह है क्योंकि महर्षि पतंजलि को शेषावतार माना जाता है। बच्चों को योगी की शिक्षा देने के दौरान महर्षि पतंजलि को कोई देख नहीं पाया वह पर्दे के पीछे रहते थे; आगे बच्चे बैठकर की योगी की शिक्षा लेते थे। एक बार एक बच्चे ने जैसे ही उसे पर्दे को उठाकर के देखने का प्रयास किया, वह लड़का तत्काल भस्म हो गया और उसके बाद से महर्षि पतंजलि अंतरध्यान हो गए थे इसके बात गोंडा से योग की शुरुआत हुई और पूरे विश्व तक पहुंची। आज भी उनकी जन्मस्थली पर उनकी समाधि बनी हुई है जहां पर गोंडा ही नहीं बल्कि देश-विदेश से लोग आते हैं और महर्षि पतंजलि के बारे में जानकारी करके यहां पर जाते हैं। बाइट- डॉ.स्वामी भगवदाचार्य- श्रीपतंजलि जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष। वीओ- वहीं श्रीपतंजलि जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष डॉ.स्वामी भगवदाचार्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 1 साल के अंदर काफी बदलाव हुआ है काफी समय से हम लोग प्रयास कर रहे थे लेकिन कुछ नहीं हो रहा था। हमारे विधायक प्रेम नारायण पांडे के अथक प्रयास से यहां पर अब विकास का कार्य हो रहा है 1 करोड़ 36 लाख रुपए से पर्यटन विभाग द्वारा भी यहां पर कार्य कराया गया है। अंतर्राष्ट्रीय योग पतंजलि विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग कर रहे हैं दिल्ली से गोंडा तक एक पतंजलि एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाने की भी मांग कर रहे हैं। महर्षि पतंजलि संस्कृत विद्यापीठ स्थापित किए जाने की भी हम लोगों की मांग है अंतर्राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में दर्जा दिए जाने को लेकर के भी हम लोग मांग कर रहे हैं। झील को भी डेवलप करने की हम लोग मांग कर रहे हैं ताकि यहां पर नाव चलने लगे पक्षी विहार के रूप में भी डेवलप करने की हम लोगों की मांग है उसकी भी योजना चल रही है। जिस तरीके से योग की पूरी दुनिया में आज डंका बज रहा है मैं चाहता हूं कि यहां पर एक पूरी विश्व का योग केंद्र बने ताकि पूरी दुनिया से लोग आकर के यहां पर योग सिख करके जाएं योग के बारे में जानकारी हासिल करके जाएं। हम लोग चाहते हैं कि इसको अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में भी शामिल किया जाए इसके साथ ही साथ जो महर्षि पतंजलि की प्रतिमा यहां पर लाकर के लगाई गई है बरसात के बाद उसके अनावरण का कार्यक्रम हम लोग सीएम योगी के हाथों से करवाना चाहते हैं। वही कोंडर गांव के प्रधान प्रतिनिधि विपिन सिंह ने बताया कि यहां के कार्य को लेकर कि हम लोग काफी लंबे समय से प्रयासरत है यहां पर एक मल्टीपरपज हाल बनाकर के कंप्लीट हो गया है बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है। परिसर के अंदर इंटरलॉकिंग लग गई है लाइट लग गई है अपने निजी खर्चे से तरबगंज विधायक में मंदिर बनवाया है। यहां पर मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बनेगा मिनी स्टेडियम का भी निर्माण यहां पर कराया जाएगा उसको लेकर के भी जमीन दे दी गई है। ये झील इको टूरिज्म में प्रस्तावित है मैं चाहता हूं जो योग का मुख्य कार्यक्रम होता है कोई योग के जनक महर्षि पतंजलि की इसी जन्मस्थली से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री करें ताकि एक अलग सकारात्मक संदेश पूरी विश्व में जाए। बाइट- विपिन सिंह प्रधान प्रतिनिधि कोंडर।0
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हरिद्वार में NEET सुरक्षा के लिए 12 सेंटरों की कड़ी तलाशी तय
Noida, Uttar Pradesh:हरिद्वार, उत्तराखंड | दोबारा NEET परीक्षा के इंतज़ाम पर SSP नवनीत सिंह ने कहा, \"नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, पुलिस के नोडल ऑफिसर (SP क्राइम), और पुलिस हेडक्वार्टर ने डिटेल्ड इंस्ट्रक्शन और SOPs दिए हैं... सिक्योरिटी के तरीकों में परीक्षा और कलेक्शन सेंटर पर कम से कम पुलिस फोर्स की तैनाती, परीक्षा के सामान के लिए पुलिस एस्कॉर्ट, और स्टूडेंट्स के बीच अफवाहों या कन्फ्यूजन को रोकने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा लगातार साइबर पेट्रोलिंग शामिल है... डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मोदी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में यह पक्का किया गया कि सभी शामिल ऑफिसर्स को ट्रेनिंग दी गई है। पुलिस सभी 12 परीक्षा सेंटर्स की तलाशी लेने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए ज़िम्मेदार है, और परीक्षा को आसानी से कराने के लिए तय टाइमलाइन का पालन करेगी...\n0
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हाईकोर्ट सेवानिवृत्त जज से जांच: CM का निर्णय स्वागतयोग्य, निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद
Noida, Uttar Pradesh:भोजपुर जिले के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का मुख्यमंत्री samrat4bjp जी का फैसला स्वागत योग्य एवं सराहनीय है। उम्मीद है कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से न्यायिक जांच होगी, मामले का पूरा सच सामने आएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ न्यायोचित कार्रवाई होगी。0
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खंडवा में अंधविश्वास पर वीडियो बना, पुलिस ने दो छात्रों को हिरासत में लिया
Khandwa, Madhya Pradesh:*खंडवा में रीलबाज युवकों पर पुलिस का एक्शन.. अंधविश्वास से जुड़ी रील बनाकर.इंस्टाग्राम पर डाली थी बाद में माफी मांगते हुए नजर आए सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में युवा किस हद तक जा सकते हैं, इसका ताजा उदाहरण खंडवा में सामने आया है। यहां दो युवकों ने जिला अस्पताल परिसर में अंधविश्वास और जादू-टोने को बढ़ावा देने वाली एक रील बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी। रील में एक युवक तांत्रिक के वेश में दिखाई देता है, जो दूसरे युवक को खाना खिलाने के लिए दबाव बनाता है और मना करने पर उसे भस्म कर देने की धमकी देता है। इसके बाद वह कथित रूप से भस्म छिड़कता है और दूसरा युवक जमीन पर गिर जाता है। VO,रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई तो पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। जांच में पता चला कि वीडियो में दिखाई देने वाले दोनों युवक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्र हैं। मोघट थाना पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि इस तरह के वीडियो समाज में अंधविश्वास और भ्रांतियां फैलाते हैं तथा लोगों को गुमराह करते हैं। सिटी एसपी अभिनव कुमार बारंगे ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे भ्रामक कंटेंट से बचना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करें और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, जादू-टोने या अफवाह को बढ़ावा देने वाली सामग्री पोस्ट न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाद में युवाओं ने एक और वीडियो बनाया, जिसमें वो माफी मांगते हुए नजर आ रहे हैं।0
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नैनीताल: गुरु ग्रंथ साहिब शहीदी दिवस पर नगर कीर्तन फूलों से स्वागत
Noida, Uttar Pradesh:श्री गुरु ग्रंथ साहिब शहीदी दिवस पर नैनीताल में निकली भव्य नगर कीर्तन शोभायात्रा, फूलों की वर्षा से गूंजा शहर एंकर - श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर नैनीताल में सिख समुदाय द्वारा भव्य नगर कीर्तन एवं शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कीर्तन के दौरान पूरे शहर का वातावरण गुरुबाणी, शब्द कीर्तन और सतनाम-वाहेगुरु के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा का शुभारम्भ गुरुद्वारा साहिब से हुआ, जहां से पांच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सुसज्जित पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। पालकी के आगे-आगे श्रद्धालु कीर्तन करते हुए चल रहे थे, जबकि विभिन्न रागी जत्थों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे शब्द कीर्तन से पूरा मार्ग गूंज उठा।नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ होकर मल्लीताल बाजार, पंत पार्क, मॉल रोड, तल्लीताल और नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरां गया। इस दौरान शहर भर में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पालकी का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। आयोजन के दौरान करीब eight कुंतल फूलों की वर्षा की गई, जिससे पूरा मार्ग रंग-बिरंगे फूलों से पट गया। शोभायात्रा में आकर्षक धार्मिक झांकियां, गतका दलों के प्रदर्शन, पारंपरिक सिख युद्धकला के हैरतअंगेज करतब तथा विशेष पालकी सज्जा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। पंजाब तरनतारण, अमृतसर, बाजपुर, रुद्रपुर और हल्द्वानी से पहुंचे गतका कलाकारों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धकला का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत साहसिक करतबों पर लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। बार-बार बाइट - अमर जीत सिंह।0
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संभल के गणेशपुर कुंड और मनोकामना मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल जिले में चंदौसी तहसील के गणेशपुर के सबसे बड़े प्राचीन कुंड एवं मनोकामना मंदिर श्री बांके बिहारी का जीर्णोद्धार कराए जाएगा. Zee up/uk ने कुंड के बदहाली की खबर चलाकर जीर्णोद्धार की आवाज उठाई थी. Zee up/uk की निरंतर कोशिशों के बाद DM अंकित खंडेलवाल ने कुंड के जीर्णोद्धार की पहल की. डीएम ने प्रशासन की टीम के साथ गणेशपुर के विशाल कुंड और मंदिर का निरीक्षण किया. DM ने कहा पुनः लोगो की आस्था का केंद्र बनेगा प्राचीन कुंड और मंदिर का सौंदर्यकरण कराया जाएगा. सरंक्षण के लिए प्रशासन की देखरेख में प्रबंधन समिति बनाई जाएगी. 100 बीघा से अधिक भूमि पर बना था कुंड और कई मंदिर. देखभाल न होने से कुंड और मंदिर बदहाल हैं. चंदौसी तहसील क्षेत्र के गणेशपुर के मनोकामना मंदिर श्री बांके बिहारी जी का मामला.0
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फॉल्टा थाने हमला केस में जाहांगिर की पत्नी सारिका गिरफ्तार
Jalabaria, West Bengal:*‘পুষ্পা’ জাহাঙ্গীর의 পর এবার স্ত্রী, পুলিশের জালে 200626ZG_DH_GREPTAR_FALTA নকিব উদ্দিন গাজী दक्षিণ ২৪ পরগনার ফলতা এলাকার बहुल আলোচিত थানা হামলা-পরিকল্পনা कাণ্ডে बड़ी सफलता পেল পুলিশ। लंबे समय से फरार रहने के बाद आखिरकार जাহাঙ্গिर खान की पत्नी सरिका बिकी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ली गई है। शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर जेलुपिया क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार फल्ता थाना परिसर में हुई हिंसा, उत्तेजना फैलाने और अभियुक्त जাহांगिर खान को थाने से जबरदस्ती छुड़ाने के षडयन्त्र में सरिका की अहम भूमिका थी। पुलिस के दावे हैं कि फल्ता थाना परिसर में हुई घटना के पीछे न सिर्फ कुछ अराजक समर्थक बल्कि एक सुविनिर्मित गिरोह सक्रिय था। इस गिरोह की एक अहम आयोजक सरिका बताई जा रही हैं; उन्होंने खुद लोगों को एकत्र कर थाने लाकर जाहांगिर खान को मुक्त कराने के दबाव बनाया। स्थिति तेजी से उग्र हो उठी और एक समय पुलिस के साथ सीधी भिड़ंत हो गई। जांच में सामने आया कि हमला के समय थाने के बाहर और अंदर भारी अस्थिरता पैदा की गई। पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके गए, सरकारी संपत्ति खराब करने के आरोप भी लगे हैं। पुलिस कर्मियों को बाधित करने की भी शिकायत है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल बताए गए हैं। घटना के बाद थाने में कई मामले दर्ज हुए। सरिका के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज थी। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के अलावा नई घटनाओं में हथियार कानून और विस्फोटक कानून की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार थाने घेरने के समय हमलावरों के पास खतरनाक हथियार और विस्फारित-जैसी सामग्रियाँ थीं, इससे आगे की जांच शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार घटना के बाद से रेजीनाबेबी आत्मगोपन में थीं; कई क्षेत्रों में तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चल रहा था। आखिरकार गुप्तसूत्र के आधार पर उन्होंने जुलपिया क्षेत्र के एक रिश्तेदार के घर में शरण ली थी और इसी सूचना पर विशेष अभियान चलाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ता अनुमान लगा रहे हैं कि सरिका से पूछताछ करने पर हमले की योजना बनाकर किसने आर्थिक या लॉजिस्टिक सहायता दी, घटना के दिन कौन सक्रिय रूप से भाग था—इनकी स्पष्ट जानकारी मिल सकती है। इस मामले में कई व्यक्तियों से पूछताछ हो चुकी है और अब भी कई संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस के एक हिस्से के अनुसार यह हमला सिर्फ तत्काल उत्तेजना का प्रदर्शन नहीं था; बल्कि प्रशासन के ऊपर दबाव बनाकर कानून को प्रभावित करने की एक सुविनिर्मित कोशिश थी। अतः इस घटना को अत्यंत महत्त्व देकर देखा जा रहा है और कानून-व्यवस्था भंग करने के किसी भी प्रयत्न के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। धरी गई रेजीना बबी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड माँगी जाएगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नया तथ्य सामने आने की संभावना है। फल्ता थाना हमला-काण्ड में सरिका की गिरफ्तारी जांच में नया मोड़ ला सकती है। पुलिस उम्मीद कर रही है कि इसके जरिए घटना के पीछे के बड़े गिरोह की पहचान जल्दी हो सकेगी।0
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संघरी घाटी में ट्रक भिड़ंत, चालक सुनील कुमार यादव की दर्दनाक मौत; सड़क रोकी
Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा संघरी घाटी में दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत; कोयला लदे ट्रक के चालक की दर्दनाक मौत, परिजनों में कोहराम चतरा : चतरा-डोभी मार्ग पर स्थित संघरी घाटी में दो ट्रकों के बीच हुई जोरदार टक्कर में एक 28 वर्षीय ट्रक चालक की मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद घाटी में घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।मृतक की पहचान बिहार के गयाजी जिले के (बाराचट्टी) निवासी सुनील कुमार यादव के रूप में हुई है। सुनील टंडवा की मगध कोल परियोजना से कोयला लादकर उत्तर प्रदेश जा रहा था। इसी दौरान संघरी घाटी में विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक पलटने से चालक का एक हाथ कटकर अलग हो गया और सिर में गंभीर चोटें आईं। सदर थाना पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उसे अस्पताल भेजा, लेकिन गया मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों को हटाकर सड़क पर आवागमन सुचारू कराया。0
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Muzaffarpur में अंतरजातीय प्रेम विवाह के बाद बेटी की हत्या कर शव जलाया
Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने बेटी की हत्या कर शव जला दिया, हत्या के आरोप में भाई गिरफ्तार, कुछ दिन पहले पति का सोशल मीडिया पर लगाई थी गुहार तो पुलिस ने युवती के भाई को किया गिरफ्तार\n\nविधानिक जानकारी: बिहार के मुजफ्फरपुर में दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक पति अपनी पत्नी के हत्यारो को गिरफ्तार करने की गुहार लगा रहा था और कह रहा था कि अगर आरोपी पकड़ा नहीं गया तो वो सुसाइड कर लेगा. वहीं अब इस वीडियो के सामने आते ही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया है और युवती के भाई को गिरफ्तार कर लिया है.\n\nअंतःजातीय प्रेम विवाह से नाराज लड़की के परिवार के लोगो ने ही मिलकर विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी थी और फिर उसे बूढ़ी गंडक नदी के किनारे जला दिया गया. पुलिस ने युवती के भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में हत्या में परिवार के अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जानकारी दी है.\n\nमामला सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र का है. मृतका की पहचान कोदरिया गोसाईपुर की रहने वाली 19 वर्षीय सुजाता कुमारी के रूप में हुई है. सुजाता ने इसी वर्ष जनवरी में अपने प्रेमी घंसौत निवासी गौरीशंकर कुमार के साथ घर से भागकर शादी की थी. दोनों अलग-अलग जाति से थे, जिसके कारण युवती के परिवार वाले इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे. दोनों के बीच वर्ष 2020 से प्रेम संबंध था. सुजाता का ननिहाल गौरीशंकर के गांव में था और दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे. छह वर्षों तक चले प्रेम संबंध के बाद 18 जनवरी 2026 को दोनों घर से भाग गए और समस्तीपुर में शादी कर ली.\n\nइसके बाद दोनों हरियाणा चले गए और पति-पत्नी की तरह रहने लगे. हालांकि युवती के परिजनों ने सिवाईपट्टी थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया था. पुलिस ने हरियाणा में छापेमारी कर 11 फरवरी को दोनों को बरामद किया. न्यायालय में पेशी के दौरान सुजाता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से गौरीशंकर से शादी की है तथा उसके साथ रहना चाहती है.\n\nकानूनी प्रक्रिया के तहत गौरीशंकर को जेल भेज दिया गया, जबकि सुजाता अपने रिश्तेदार के यहां रहने लगी. बाद में होली के दौरान उसकी मां उसे अपने घर ले गई.\n\nगौरीशंकर का आरोप है कि 31 मार्च को उसकी पत्नी से आखिरी बार बातचीत हुई थी. इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला. शक होने पर उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पत्नी की हत्या की आशंका जताई और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी.\n\nसूचना मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई. जांच के दौरान पुलिस ने नामजद आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया.\n\nपूछताछ में अभिषेक ने स्वीकार किया कि सुजाता ने अपनी मर्जी से दूसरी जाति के गौरीशंकर से शादी की थी. परिवार को आशंका थी कि वह दोबारा पति के पास चली जाएगी। इसी वजह से 8 मई को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई और शव को बूढ़ी गंडक नदी किनारे ले जाकर जला दिया गया.\n\nपुलिस की निशानदेही पर एफएसएल टीम ने उस स्थान से नमूने एकत्र किए हैं जहां शव जलाने की बात सामने आई है. पुलिस का कहना है कि हत्या में पांच से अधिक लोगों की भूमिका सामने आई है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.\n\nबाइट- अलय वत्स, डीएसपी पूर्वी\n\nइनपुट - मणितोष कुमार0
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राज्यसभा नतीजों के बाद नए समीकरण, सरयू राय बोले बगैर कांग्रेस सरकार संभव नहीं
Koderma, Jharkhand:जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरजू राय विधानसभा समिति के बतौर अध्यक्ष के रूप में समीक्षा बैठक करने कोडरमा पहुंचे। जहां उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए राज्यसभा चुनाव के अप्रत्याशित नतीजे को लेकर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बगैर कांग्रेस सरकार बनाने का नया फार्मुला दिया है और कहा कि जरूरत पड़ी तो वे हेमंत सोरेन को समर्थन करेंगे। सरयू राय ने कहा कि राजसभा चुनाव के बाद राज्य में नए राजनीतिक समीकरण तैयार होने की बात भले ही कही जा रही है, लेकिन फिलहाल बगैर कांग्रेस के सीएम हेमंत सोरेन सरकार चलाने का जोखिम नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के अंदर कांग्रेस और जेएमएम के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जिसका असर राज्यसभा चुनाव में भी देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजे के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की हार को लेकर कांग्रेस और राजद आमने-सामने है। चुनाव में वोटिंग को लेकर कांग्रेस राजद और माले नेताओं पर आरोप लगा रही है, जबकि राजद और माले कांग्रेस नेताओं पर।0
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नवादा में NEET पुनर्परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम, पांच केंद्र
Nawada, Bihar:नवादा में NEET पुनर्परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम अंतिम 30 मिनट में शौचालय जाने की भी अनुमति नहीं, पांच केंद्र पर होगा परीक्षा, 1 मिनट भी देर होने पर नहीं मिलेगी एंट्री नवादा : राष्ट्रीय परीक्षा (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG)-2026 पुनर्परीक्षा को स्वच्छ, निष्पक्ष और पूरी तरह कदाचारमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने समाहरणालय सभाकक्ष में केन्द्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग बैठक की। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा, निगरानी और निष्पक्षता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने बताया कि 21 जून को अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक नवादा जिले के पांच परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होगी। ये केन्द्र हैं—सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज नवादा, कन्हाई इंटर स्कूल नवादा, प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल नवादा, कन्हाई लाल साहु कॉलेज नवादा और महिला आईटीआई नवादा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पहुंचने का समय पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 01:30 बजे तक रखा गया है। मुख्य द्वार ठीक 01:30 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हर अभ्यर्थी की मुख्य द्वार पर सघन तलाशी ली जाएगी। पुरुष और महिला पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। अभ्यर्थी केवल एडमिट कार्ड की स्वच्छ प्रति, दो पासपोर्ट साइज और दो पोस्टकार्ड साइज फोटो, एक वैध फोटो पहचान पत्र आधार, पैन, पासपोर्ट, राशन कार्ड या विद्यार्थी पहचान पत्र तथा पारदर्शी पानी की बोतल ही साथ ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, घड़ी, ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, आभूषण, धातु की वस्तुएं, इरेजर, व्हाइटनर, ब्लेड आदि वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। परीक्षा समाप्त होने तक किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम 30 मिनट में शौचालय जाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थिति में जाने वाले अभ्यर्थियों की सख्त तलाशी ली जाएगी। परीक्षा केन्द्र में केवल अधिकृत व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। परीक्षा से एक दिन पहले और परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले पूरे परिसर की सघन जांच की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने केन्द्रों की छतों सहित पूरे परिसर पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को देने को कहा गया। को देखते हुए परीक्षा केन्द्रों के बाहर प्याऊ की व्यवस्था करने को कहा गया।0
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बाराबंकी: शबनम बनकर संजना, सात फेरे लेकर धर्म परिवर्तन के बाद सुनील से विवाह
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर शबनम बनी संजना, मांग में भरा सुनील के नाम का सिंदूर, धर्म की दीवार लांघकर एक हुए दो दिल -प्रेम जब अपने मुकाम तक पहुंचने की जिद ठान लेता है तो धर्म, समाज और तमाम बंदिशें भी उसके रास्ते की दीवार नहीं बन पातीं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की शबनम और सुनील की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें प्यार है, संघर्ष है, समाज का विरोध है, जान बचाकर भागने की मजबूरी है और आखिर में अपने रिश्ते को सामाजिक पहचान दिलाने की जंग भी। पीएम मोदी और सीएम योगी से प्रभावित होकर शबनम अब संजना बन गई है। सुनील और संजना की कहानी सिर्फ एक प्रेम विवाह की कहानी नहीं है, बल्कि उन मुश्किल रास्तों की दास्तान है जिन्हें पार कर उन्होंने अपने रिश्ते को बचाया। -बाराबंקי के सतरिख थाना क्षेत्र के हरख निवासी सुनील और शबनम का प्रेम प्रसंग कई वर्षों तक चला। अलग-अलग धर्मों से होने के कारण दोनों के रिश्ते को शुरुआत से ही परिवार और समाज की नाराजगी का सामना करना पड़ा। लेकिन मोहब्बत इतनी गहरी थी कि दोनों ने हर मुश्किल को साथ मिलकर झेलने का फैसला कर लिया। सुनील दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। जब दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया तो उनके इस फैसले का विरोध शुरू हो गया। परिवार के लोग ही नहीं, आसपास के लोग भी इस रिश्ते के खिलाफ खड़े हो गए। हालात ऐसे बन गए कि दोनों को अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा। -शबनम और सुनील बताते हैं कि विरोध इतना बढ़ गया था कि उन्हें अपना घर छोड़कर भागना पड़ा। दोनों जान बचाने के लिए अहमदाबाद चले गए। अपनों से दूर, अनजान शहर में उन्होंने कई कठिन दिन बिताए। आर्थिक परेशानियां भी थीं और भविष्य की चिंता भी, लेकिन एक-दूसरे का साथ उन्हें हर मुश्किल से लड़ने की ताकत देता रहा। अहमदाबाद से लौटने के बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। उन्हें उम्मीद थी कि अब शायद परिवार और समाज उनके रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शादी के बावजूद शबनम के मुस्लिम होने को लेकर कई लोगों की नाराजगी बनी रही। दोनों को लगातार मानसिक दबाव और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। शबनम कहती हैं कि इन परिस्थितियों ने उन्हें भीतर तक डरा दिया था। लगातार विरोध और तनाव के बीच उन्होंने अपने जीवन को नई दिशा देने का फैसला किया। -इसी बीच दोनों ने अपने रिश्ते को सामाजिक और धार्मिक मान्यता देने का निर्णय लिया। लखनऊ स्थित विश्व हिंदू रक्षा परिषद कार्यालय में आयोजित घर वापसी कार्यक्रम के दौरान शबनम ने सनातन धर्म अपनाया और अपना नया नाम संजना रख लिया। कार्यक्रम में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और शुद्धिकरण की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसके बाद संजना और सुनील का विधि-विधान से विवाह कराया गया। अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने सात फेरे लिए और साथ निभाने की कसमें खाईं। विवाह की रस्मों के दौरान सुनील ने संजना की मांग में सिंदूर भरकर उन्हें अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया। -संजना ने बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया है। उनका कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है और वे उनसे प्रभावित हैं। संजना के मुताबिक, लंबे समय तक चली परेशानियों और भय के माहौल ने उन्हें यह फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। कभी अपने प्यार को बचाने के लिए घर छोड़कर भागने वाले सुनील और संजना आज अपने रिश्ते को एक नई पहचान मिलने से खुश हैं। सुनील का कहना है कि अब उनका परिवार भी इस रिश्ते से खुश है और दोनों को स्वीकार कर चुका है। बाइट- सुनील, दूल्हा, बाइट- संजना, धर्म परिवर्तन करने वाली शबनम।0
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डीग जिले के लिए 6 नई बोलेरो, सुरक्षा तैयारियों में बड़ा कदम
Bharatpur, Rajasthan:गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में सुशासन स्थापित करने और अपराधियों में डर, आमजन में विश्वास के ध्येय को चरितार्थ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश को अपराध मुक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के तहत शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने जिला पुलिस को सुदृढ़ करने हेतु अपनी विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से 6 नई महिंद्रा बोलेरो गाड़ियां समर्पित कीं। इसके अतिरिक्त, राजकीय योजनाओं और नीतियों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए एक अन्य वाहन पंचायत समिति नगर को भी सुपुर्द किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि डीग एक नवगठित जिला है और यह स्वाभाविक है कि नए जिलों में शुरुआती दौर में विभिन्न विभागों के पास संसाधनों की कुछ कमी देखने को मिलती है। चूंकि डीग जिला भौगोलिक दृष्टि से अन्य राज्यों की सीमाओं के बेहद नजदीक स्थित है, इसलिए यहाँ सुरक्षा और चाक-चौबंद गश्त व्यवस्था अनिवार्य है। स्थानीय थानों में वाहनों और संसाधनों की कमी को देखते हुए उन्होंने जनहित में अपनी विधायक निधि का सदुपयोग करते हुए इन वाहनों को स्वीकृत किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक संसाधनों से लैस ईआरवी-112 गाड़ियों के साथ-साथ इन नए वाहनों को जिला विशेष टीम और स्थानीय थानों की गश्त व्यवस्था में शामिल किया जाए। इसके साथ ही, थानों में उपलब्ध पुरानी गाड़ियों को स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से मरम्मत करवाकर कस्बों व स्थानीय बाजारों में 7 से 8 किलोमीटर के दायरे में नियमित गश्त के लिए काम में लिया जाए, ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण के विधिक और सांख्यिकीय आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भजनलाल सरकार के कड़े रुख और प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते पिछले सवा दो वर्षों की अवधि में राज्य में सभी प्रकार के अपराधों के ग्राफ में लगभग 15% की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वहीं, गंभीर व संगीन अपराधों जैसे हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और लूट के मामलों की समीक्षा की जाए, तो इनमें 18.74% की भारी गिरावट आई है। इसके अतिरिक्त, कई विशिष्ट श्रेणी के अपराधों में 40% से 45% तक की कमी देखने को मिली है। मंत्री बेढ़म ने जोर देकर कहा कि पुलिस बल वही है, लेकिन हमारी सरकार के स्पष्ट विज़न के कारण आज पुलिस का इकबाल और बुलंद हुआ है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हैं और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री ने जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ को नए वाहनों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी और हरि झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया।0
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