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Amit Kumar ShawAmit Kumar ShawFollow2 Oct 2024, 11:19 am
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तेंदुहा आश्रम में 50 सीट के बावजूद सिर्फ चार बच्चे, व्यवस्था पर सवाल

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल जिले के आदिवासी अंचल से शिक्षा व्यवस्था की एक तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। व्यौहारी विकासखंड के तेंदुहा स्थित अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला में जब Z मीडिया की टीम पहुंची, तो 50 सीटर आश्रम में क्लास के अंदर केवल चार बच्चे मिले। हैरानी की बात यह रही कि मीडिया टीम के पहुंचने के बाद शिक्षक और कर्मचारी भी आनन-फानन में आश्रम पहुंचे। आश्रम में न साफ-सफाई, न शौचालय की समुचित व्यवस्था और न ही पेयजल की बेहतर सुविधा दिखाई दी। यह तस्वीरें हैं शहडोल जिले के व्यौहारी विकासखंड के तेंदुहा स्थित अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला की… यह आश्रम आदिवासी वित्त एवं विकास विभाग के अंतर्गत संचालित होता है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह 50 सीटर आश्रम है, जहां आदिवासी बच्चों को रहकर शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। लेकिन जब Z मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो क्लास में केवल चार बच्चे पढ़ाई करते मिले। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मीडिया टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही शिक्षक और चपरासी आनन-फानन में आश्रम पहुंचे। शुरुआत में टीम के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। पूछताछ में अतिथि शिक्षक ने बताया कि यह 50 सीटर आश्रम है, लेकिन रजिस्टर में केवल 26 बच्चों का नाम दर्ज मिला, जबकि मौके पर सिर्फ चार बच्चे ही मौजूद थे। आश्रम की व्यवस्थाओं की बात करें तो हालात और भी चिंताजनक नजर आए। परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ था। शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं दिखी, वहीं साफ पेयजल की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में नजर आई। अर्थात जिन बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने के लिए आश्रम बनाए गए हैं, वहां मूलभूत सुविधाएं तक पूरी नहीं दिखाई दीं। सबसे हैरानी की बात तब सामने आई जब आश्रम में पदस्थ शिक्षक श्रवण कुमार त्रिपाठी से बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी मांगी गई। लेकिन वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। जब आश्रम में पदस्थ शिक्षक ही बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी नहीं दे पाए, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर यहां बच्चों की देखरेख किस तरह हो रही है। आश्रम में तीन शिक्षक और दो चपरासी पदस्थ हैं। यानी स्टाफ की कोई कमी नहीं है, लेकिन जिन बच्चों को पढ़ाना है, वे ही नजर नहीं आए। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि आखिर सरकारी धन से संचालित इस आश्रम में बच्चों की वास्तविक उपस्थिति कितनी है और उनके नाम पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ किसे मिल रहा है। सरकार आदिवासी अंचलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन तेंदुहा आश्रम की यह तस्वीरें बताती हैं कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी लचर है। अब देखना होगा कि इस ग्राउंड रिपोर्ट के सामने आने के बाद आदिवासी वित्त एवं विकास विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर क्या जवाबदेही तय होती है।
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बल्लभगढ़ में पीएम मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृक्षम arpण

Faridabad, Haryana:मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़कर बल्लभगढ़ में हुआ वृक्षारोपण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत बल्लभगढ़ में सौजन्य से आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-2 स्थित सामुदायिक भवन में किया गया。 इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बल्लभगढ़ के विधायक एवं हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया。 इस अवसर पर पंडित मूलचंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक जनआंदोलन है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की。 कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
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ग़ैर मुस्लिम सदस्यता से हिंदू मंदिर ट्रस्टों में समानता की मांग: शाहनवाज़ आलम

Noida, Uttar Pradesh:नवाब आसिफ़ुद्दौला ने गोरखनाथ पीठ और औरंगज़ेब ने उज्जैन के महाकाल और कामाख्या मंदिरों को किया था ज़मीन वक़्फ़। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने यूपी वक़्फ़ बोर्ड में ग़ैर मुस्लिमों की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदू ट्रस्टों में भी ग़ैर हिंदुओं की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे सभी समुदायों में आपसी सौहार्द मजबूत होगा। शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वक़्फ़ संशोधन क़ानून में वक़्फ़ बोर्ड में दो ग़ैर मुस्लिमों को सदस्य के बतौर नियुक्ति का प्रावधान है। अगर यह वक़्फ़ के लिए उचित है तो इसी तर्क के आधार पर मंदिरों, मठों, गुरुद्वारों और चर्चों में भी यह नियम लागू होना चाहिए। अगर वक़्फ़ में यह पारदर्शिता के लिए ज़रूरी है तो मंदिरों और मठों में ऐसा न करके सरकार वहाँ क्यों अपारदर्शिता को बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद तो यह और भी ज़रूरी हो जाता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस्लामी परंपरा के तहत कोई ग़ैर मुस्लिम भी धर्मार्थ के लिए ज़मीन दान यानी वक़्फ़ कर सकता है। जैसे अधिकतर जगहों पर बंटवारे के बाद पंजाब में रह गए मुसलमानों के लिए कब्रिस्तान की ज़मीनें सिखों ने वक़्फ़ की हैं। उसी तरह अतीत में बहुत सारे मुस्लिम शासकों ने मंदिरों के लिए ज़मीनें और जागीरें वक़्फ़ की हैं। जिसमें सबसे अहम गोरखपुर के गोरक्षनाथ पीठ को अवध के नवाब आसिफ़ुद्दौला द्वारा 18 वीं सदी में किया गया वक़्फ़ है। शाहनवाज़ आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भारतीय इतिहास की प्राथमिक किताबों को पढ़ना चाहिए। इससे उन्हें जनता में सांप्रदायिक सौहार्द विकसित करने की परंपराओं की समझ बढ़ेगी। उन्हें यह जानकारी भी मिलेगी कि कैसे औरंगज़ेब ने बनारस के जंगमबाड़ी मठ, असम की कामाख्या मंदिर, उज्जैन के महाकाल मंदिर, मध्य प्रदेश के चित्रकूट में स्थित बालाजी मन्दिर और असम के उमानंदा मंदिर को ज़मीन वक़्फ़ की थी। उन्हें औरंगज़ेब से यह भी सीखने को मिलेगा कि प्रशासनिक नियुक्तियों में धार्मिक आधार पर भेदभाव करना राजधर्म के ख़िलाफ़ है। क्योंकि इसी राजधर्म के तहत औरंगज़ेब ने अपने प्रशासन में 32 प्रतिशत अधिकारी हिंदू रखे थे।
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मंत्री महाजन: संजय राऊत यांना मुख्यमंत्री बनवण्याचे अधिकार कोण दिले?

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव , जामनेर मंत्री गिरीश महाजन ऑन संजय राऊत संजय राऊत यांना मुख्यमंत्री बनवण्याचे अधिकार कोणी दिले? आमच्या दिल्लीच्या नेत्यांनी पक्षाचे सर्वाधिकार हे संजय राऊत यांना दिले असं वाटतं मला वाटत नेत्यांनी सर्वाधिकार त्यांना दिले आहेत असं वाटतं... सर्व देशाचा कारभार संजय राऊत हेच बघता आहेत असं मला वाटतं.. उद्धव ठाकरे यांना देशाचे पंतप्रधान बनवत आहेत मुख्यमंत्री पदासाठी बावनकुळे यांचे नाव घेता आहेत.... कोणाला मुख्यमंत्री बनवायचा आणि कोणाला नाही असे सर्व अधिकार भाजपने आमच्या दिल्लीचे नेत्यांनी संजय राऊत यांना दिले असं मला वाटतं. मुख्यमंत्री बावनकुळे होतील तर यात काय वाईट आहे पण मला वाटतं संजय राऊत यांना हे अधिकार कोणी दिले, संजय राऊत यांना शुभेच्छा आहेत मला देखील संजय राऊत यांना भेटावे लागेल ऑन सुप्रिया सुळे दोन मतदार संघातून निवडणूक लढवणार मला वाटतं लोकसभांच्या निवडणुकांना अद्याप बराच वेळ बाकी आहे. पुढच्यावेळी निश्चित बघा की काय निकाल लागतो कसा निघाला लागतो, हे आपल्याला कळेल त्यांनी कुठल्या मतदारसंघात उभे राहावं किंवा उभे राहू नये हा त्यांचा प्रश्न आहे. आणि तोपर्यंत काय काय होतं हे देखील बघणं महत्त्वाचं आहे. उद्धव ठाकरे यांना नागपूरला जाऊ द्या मुंबईला जाऊ द्या किंवा रामटेकला जाऊ द्या. यााचा काही उपयोग होणार नाही. ज्यांनी रामाला विरोध केला त्या काँग्रेसच्या मांडीवर ते जाऊन बसले. ते कुठे गेले तरी लोक त्यांना स्वीकारणार नाहीत.. त्यामुळे उद्धव ठाकरे यांना नागपूरला जाऊ द्या किंवा इतर कुठे जाऊ द्या काही फरक पडणार नाही on एकनाथ खडसे घरवापसी एकनाथ खडसे यांना माझ्या शुभेच्छा आहेत... त्यांना कुठेही जाऊ द्या.. मला काहीच माहित नाही त्यांना कोण बोलवत आहे किंवा ते कोणाला बोलवता आहे हे मी तुमच्या माध्यमातूनच बघतो आहे मला त्यांच्याशी काही घेणं देणं नाहीये ते दिल्लीला देखील नेहमी जातात.. आता मातोश्री कडे देखील जात आहेत सध्या पवार साहेबांकडे ते आहेत सर्व पक्षीय नेते आहेत ते सध्या.. एकनाथ खडसे यांना तर मोठी जबाबदारी दिली तर मला आनंद आहे? पक्ष वाढेल आमचा.. हे सर्व वरिष्ठांच्या हातात आहे माझ्या हातात काही नाही तर ठरवतील कुणाला काय जबाबदारी द्यायचे ते..? असेलही त्यांची मोठी लाईन ते नेहमी म्हणतात की माझे डायरेक्ट लाईन आहे हॉट लाइन आहे.. त्यामुळे असू शकतं मोठी जबाबदारी मिळेल त्यांना.. मी फारच छोटा माणूस आहे आम्ही शेपटी हलवणारे आहोत . आले तर त्यांचा स्वागत करू ना. बाईट मंत्री गिरीश महाजन..
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छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी खबर... मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी कर दी है.. प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 626 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई.. मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि अब तक इस योजना के तहत 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है.. उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, बचत और अन्य आवश्यक कार्यों में राशि का उपयोग कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं..
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थराली में भारी बारिश से भूस्खलन, सड़कें बाधित, हालात गंभीर बने

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:थराली जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बाधित हो गई हैं, जबकि नदी-नाले उफान पर हैं। खासकर थराली क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं, जहां लोगों ने पूरी रात भय के साये में गुजारी। देर रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते थराली-देवाल मोटर मार्ग घाघली गधेरे के पास भारी मलबा आने से बंद हो गया। सड़क पर मलबा जमा होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि बाद में संबंधित विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग पर आवाजाही बहाल कराई। वहीं थराली-कुराड़-प्राथा मोटर मार्ग भी घाघली गधेरे में भारी मलबा आने के कारण फिलहाल बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राड़ीबगड़ गांव के ग्रामीणों ने बताया कि घाघली गधेरे में बढ़ते मलबे और तेज बहाव के कारण पूरी रात दहशत का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सिंचाई विभाग समय रहते गधेरे के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कर देता, तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द स्थायी सुरक्षा कार्य कराए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की आपदा से बचा जा सके।
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बीजेपी प्रवक्ता के बयान में अनुशासन और कार्यकर्ता निष्ठा पर जोर

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल दतिया मामले को लेकर बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव का बयान बीजेपी कैडर आधारित दल सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी भाजपा नेतृत्व के द्वारा लिए गए निर्णय के साथ लंबे समय से किसी जनप्रतिनिधि से जुड़ाव होने के कारण ऐसा होना स्वाभाविक किसी भी प्रकार की कोई मतभेद जैसी स्थिति नहीं भाजपा कार्यकर्ता पार्टी को मानता है मां ज्यादा जुड़ाव हो जाने के बाद कार्यकर्ताओं की निष्ठा अलग तरीके से हो जाती है व्यक्त बीजेपी में अनुशासन सर्वोपरि.. सभी प्रकार की जानकारी संगठन के पास कांग्रेस में नहीं अनुशासन, प्रत्याशी तक अच्छा बाजी के चलते नहीं कर पा रहे तय कांग्रेस अपने परिवार की करें चिंता
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अलीराजपुर में विधवा महिला से सामूहिक दुष्कर्म, 8-10 बदमाशों के हमले से हालत गंभीर

Alirajpur, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बोरी थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके में बीती रात चोरी की नीयत से घुसे 8 से 10 हथियारबند बदमाशों ने एक विधवा महिला को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया। घटना के वक्त महिला घर में अपनी छोटी बेटी के साथ अकेली थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। हथियारबंद बदमाशों ने न सिर्फ महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, बल्कि उसके साथ बर्बरता और क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। बदमाशों ने पीड़िता के गुप्तांग में लकड़ी डालकर उसे गंभीर रूप से चोटिल कर दिया। घटना के बाद महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं।
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बेगूसराय में बारिश से करंट पोल से छात्र की दर्दनाक मौत, परिजनों में शोक

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में करंट लगने से एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। घटना तेघड़ा थाना क्षेत्र के मधुरापुर वार्ड नंबर-28 की है, जहाँ पशुओं को चारा देने गए छात्र की बिजली के पोल की चपेट में आने से जान चली गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के मधुरापुर वार्ड नंबर-28 निवासी विनय कुमार सिंह के पुत्र ऋतिक कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, ऋतिक अपने डेरा पर पशुओं को चारा देने गया था। इसी दौरान वह बारिश के कारण करंट प्रवाहित हो रहे बिजली के पोल के संपर्क में आ गया और जोरदार करंट लगने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली के पोल में पहले से करंट उतर आया था, जिसकी जानकारी ऋतिक को नहीं थी। जैसे ही वह पोल के संपर्क में आया, करंट की चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर तेघड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक ऋतिक कुमार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
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उमर अब्दुल्ला: 20 जुलाई को जंतर मंतर पर जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करें

Noida, Uttar Pradesh:Full speech of chief minister Omar Abdullah and sakina itoo. उमर अब्दुल्ला: सब्र कमजोरी नहीं है, NC राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए 20 जुलाई को जंतर-मंतऱ पर विरोध प्रदर्शन करेगी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि J&K के सब्र को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को अब शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के ज़रिये और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने देरी को लेकर केंद्र से सवाल किया और कहा कि परिसीमण (डिलिमिटेशन) पूरा हो चुका है और विधानसभा चुनाव भी हो चुके हैं, फिर भी राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि टकराव के बजाय उन्होंने केंद्र के साथ बातचीत करने में लगभग दो साल बिताए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ हर बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने NC में दलबदल कराने की कोशिशों का आरोप लगाया और दावा किया कि पार्टी के एक विधायक को पाला बदलने के लिए ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया था। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन की प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रेरित थी ताकि BJP को फायदा हो, लेकिन कहा कि विधानसभा चुनावों में लोगों ने पार्टी को नकार दिया। उन्होंने चुनी हुई सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े फैसले अभी भी राजभवन से लिए जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार की शक्तियां सीमित ही रहनी थीं, तो चुनाव क्यों कराए गए। उन्होंने J&K की तुलना लद्दाख से करते हुए सवाल किया कि लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर चर्चा क्यों हो रही है, जबकि J&K अभी भी राज्य का दर्जा मिलने का इंतज़ार कर रहा है। उन्होंने BJP को चुनौती दी कि वह सार्वजनिक रूप से बताए कि क्या जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जाएगा। बेगम अकबर जहान अब्दुल्ला (मादर-ए-मेहरबान) को श्रद्धांजलि देते हुए उमर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी सीख यह थी कि सब्र एक ताकत है, हार मानना ​​नहीं। उन्होंने फिर दोहराया कि J&K का राज्य का दर्जा बहाल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस की सबसे अहम मांग है।
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BhagwatiGanj River Bridge Truck-Bolero collision: 8 injured, driver absconded

Balrampur, Uttar Pradesh:भगवतीगंज नदी पुल पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक-बोलेरो की टक्कर में 8 घायल, चालक फरार बलरामপুর के भगवतीगंज चौराहे के पास नदी पुल पर शनिवार 6:35 बजे सुबह ट्रक और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर में 7-8 लोग घायल हो गए। सूचना पर डायल-112 पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है。 वीओ:- बलरामपुर जिले के भगवतीगंज चौराहे के पास नदी पुल पर सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोंडा की ओर से आ रही बोलेरो की सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बोलेरो सवार 7 से 8 लोग घायल हो गए।घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बोलेरो में सवार यात्रियों के अनुसार वे गोंडा से बलरामपुर की ओर जा रहे थे, जबकि कुछ यात्रियों ने बताया कि उनका गंतव्य बढ़नी था। इसी दौरान भगवतीगंज स्थित नदी पुल पर सामने से आए ट्रक ने बोलेरो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों का कहना है कि यदि पुल पर सुरक्षा बैरियर नहीं लगा होता तो बोलेरो नीचे खाई में गिर सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार चालक और ट्रक की तलाश में जुटी है। दुर्घटना के चलते कुछ समय तक पुल पर यातायात भी प्रभावित रहा।
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