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VIKESH KUMARVIKESH KUMARFollow15 Oct 2024, 03:27 am
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सखुआ पोखर का फ्लोटिंग सोलर प्लांट 525 किलोवाट बिजली दे रहा है

Bihar:सखुआ गांव के राजा पोखर में बना फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से करीब 525 किलो वाट का बिजली उत्पादन किया जा रहा है. पोखर में तैरता हुआ इस बिजली घर के नीचे पानी में मछली पालन भी किया जाता है. नीचे मछली ऊपर बिजली उत्पादन योजना के तहत यह स्थापित किया गया है. बताया गया है कि इस तैरता हुआ बिजली घर से करीब 525 किलो वाट का बिजली उत्पादन हुआ है जो सैकड़ों घरों को रौशन कर रहा है. सोलर पावर से बने इस बिजली को ग्रिड में भेजा जाता है जहां से विभिन्न गावों में बिजली की सप्लाई दी जाती है. जल जीवन हरियाली अभियान के तहत फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन 31 नबम्बर 2022 को किया गया था, जिसके बाद यह प्रोजेक्ट अब तक सुचारू रूप से कार्य कर रहा है. कहा जाता है कि इस प्रोजेक्ट का संचालन ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति से लोगों को काफी फायदा दे रहा है. इसके अलावे पोखर में मछली पालन भी किया जा रहा है. कहा जाता है कि नीचे मछली ऊपर बिजली के उत्पादन की इस प्रोजेक्ट की लोग खूब सराहना कर रहे हैं. दरभंगा में भी यही प्रोजेक्ट बाद में स्थापित किया गया था. सखुआ के राजा पोखर में लगा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एक प्रदुषण रहित प्लांट माना जाता है, चुंकि सौर ऊर्जा से बिजली बनती है ऐसे में यहाँ कोई भारी भड़कम मशीन की आवाज नहीं सुनाई देती है और न ही धुआँ निकलने का कोई चांस रहता है, बिल्कुल सन्नाटे जैसी स्थिति में यह प्लांट कार्य करती है और फिलहाल करीब 525 किलो वाट बिजली का उत्पादन यहाँ हो रहा है, जिससे बिजली के अन्य स्रोत पर दबाव घट रहा है. बिजली विभाग के कनीय अभियंता ने कहा ग्रीन इनर्जी के रूप में यह प्रोजेक्ट है. पिपरा में बिजली विभाग के कनीय अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि सखुआ के राजा पोखर के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट ग्रीन इनर्जी के रूप में काम कर रहा है; नीचे मछली ऊपर बिजली का उत्पादन हो रहा है, प्रोजेक्ट से करीब 525 किलो वाट बिजली उत्पादन हो रहा है जिसे ग्रिड में लेकर उसे विभिन्न गांवों में डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है, कहा कि यह बिहार का पहला इस तरह का प्रोजेक्ट है, जिसके बाद दरभंगा में भी यह प्रोजेक्ट स्थापित किया गया था.
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पुष्कर में tourist visa पर आए फ्रांसीसी नागरिक की इलाज के दौरान मौत

Ajmer, Rajasthan:पर्यटक वीजा पर भारत आए फ्रांसीसी नागरिक बौना जोश की उपचार के दौरान मौत हो गई... पर्यटक वीजा पर बौना भारत आया था... देश की संस्कृति और विश्व प्रसिद्ध पुष्कर तीर्थ पहुंचा... यहां उसकी तबियत खराब होने पर उसे पुष्कर अस्पताल लाया गया .. यहां से उसे अजमेर रैफर कर दिया.. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसका ऑपरेशन किया... इसी दौरान उपचार के बीच उसकी मौत हो गई... अस्पताल की इत्तिला पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया और दूतावास के माध्यम से उसके देश और परिवार को सूचित किया गया है.. विदेशी पर्यटक पुष्कर के एक होटल ब्ल्यू स्टार में रुका था यहां उसकी तबीयत खराब हुई.. होटल संचालक महेंद्र जैन ने बताया कि परिजनों को सूचना भेज दी गई है।
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PM के फुटबॉल खेलने से बंगाल के क्लबों को पहचान, पर अधिक समर्थन जरूरी

Kolkata, West Bengal:पूरे पश्चिम बंगाल में लगभग 400+ रजिस्टर्ड फुटबॉल क्लब हैं. पीएम के फुटबाल खेलने पर खुशी है और सपोर्ट जरूरी बताये गए। ऑफिशियल डेटा - IFA/AIFF के मुताबिक 401 Approved Clubs हैं। IFA में रजिस्टर्ड यह डेटा सीधे AIFF के सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से है। मोहन बागान SG, ईस्ट बंगाल, मोहम्मडन SC ये सबसे बड़े फुटबॉल क्लब हैं। मोहन बागान क्लब के प्रेसिडेंट ने कहा कि पीएम फुटबॉल खेल रहे हैं, अच्छा हमें खुशी है पर और सपोर्ट की जरूरत है। मोहन बागान क्लब के मैदान से लोगों से बातचीत में उन्होंने कहा क्रिकेट की तरह फुटबॉल पर कोई इन्वेस्ट नहीं कर रहा है। पीएम के फुटबॉल खेलने से पहचान मिलेगी, सिर्फ खेलने से काम नहीं चलेगा।
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मुख्य सचिव और डीजीपी ने राजस्थान संपर्क 181 पर शिकायत निवारण प्रक्रिया आकलन किया

Jaipur, Rajasthan:सरकारी दफ्तरों में फाइलों के ढेर और शिकायतों की लंबी कतार की छवि के बीच कुछ अलग देखने को मिला। प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी खुद हेल्पलाइन पर पहुंच गए, फोन उठाया, शिकायत सुनी और मौके पर ही सिस्टम की परख कर डाली। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने सचिवालय स्थित ‘राजस्थान संपर्क 181’ केंद्र का औचक निरीक्षण किया। एक केस को लाइव सुनकर उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच की गई यानी शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक। निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने कहा कि ‘राजस्थान संपर्क’ सिर्फ एक पोर्टल नहीं, बल्कि भरोसे का सिस्टम बन चुका है। उन्होंने इसे देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण व्यवस्था बताया। उनका कहना था कि पारदर्शी प्रक्रिया और तुरंत फीडबैक से आम लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के लिए यह दौरा किसी ‘आई-ओपनर’ से कम नहीं रहा। उन्होंने खुद एक शिकायत की लाइव सुनवाई की और पाया कि सिस्टम जमीनी स्तर पर कैसे काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का सही वर्गीकरण हो, ताकि उसका समय पर और सही समाधान मिल सके। निरीक्षण के दौरान फागी क्षेत्र के एक मामले पर खास ध्यान दिया गया, जहां एफआईआर दर्ज न होने की शिकायत आई थी। जांच में सामने आया कि उसी दिन मामला दर्ज कर लिया गया था और जांच जारी है। इससे यह भी साफ हुआ कि कई बार शिकायत और जमीनी कार्रवाई के बीच कम्युनिकेशन गैप भी चुनौती बनता है। आंकड़े भी इस सिस्टम की ताकत बयां करते हैं। पिछले एक साल में पुलिस से जुड़े 1.60 लाख से ज्यादा मामलों में करीब 95% का निस्तारण हो चुका है।
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गंगा एक्सप्रेसवे: 594 किमी का हाई-स्पीड कॉरिडोर कल पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे

Noida, Uttar Pradesh:मेरठ | गंगा एक्सप्रेसवे के विज़ुअल्स, जिसका उद्घाटन कल PM नरेंद्र मोदी करेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है), एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों - मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज - से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी इलाकों को एक सिंगल सीमलेस हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ा जा सके। मेरठ | मेरठ के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) और कलेक्टर, डॉ. विजय कुमार सिंह कहते हैं, 'प्रधानमंत्री का गंगा एक्सप्रेसवे के लिए मेन प्रोग्राम कल हरदोई जिले में है... लोग बहुत खुश हैं कि यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ प्रयागराज बल्कि राजधानी लखनऊ के बीच भी कनेक्टिविटी बेहतर करेगा, जिससे उनके करीब दो घंटे बचेंगे।'
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जालौन के उरई में स्वीट हाउस से मिलावटी पनीर-खोया की सप्लाई, प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली,

AdityaAdityaFollow3m ago
Orai, Uttar Pradesh:*स्लग*: स्वीट हाउस से मिलावटी पनीर-खोया की सप्लाई, प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली, पीड़ित ने की शिकायत एंकर - उरई से मिलावट और ओवर रेटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। इंद्रा नगर निवासी राम मिलन राजपूत ने चौकी प्रभारी बम्बा नगर को प्रार्थना पत्र देकर राजकुमार दूध भंडार स्वीट हाउस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि शादी के कार्यक्रम के लिए मंगाया गया पनीर, खोया, रबड़ी और क्रीम मिलावटी और घटिया क्वालिटी का था। साथ ही प्रिंट रेट से अधिक पैसा वसूला गया। राम मिलन राजपूत पुत्र सूरज प्रसाद ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को उन्होंने राजकुमार दूध भंडार, उरई से शादी समारोह के लिए पनीर, दही, खोया, रबड़ी, मटर और क्रीम का ऑर्डर दिया था। लेकिन जब सामान मिला तो वह ऑर्डर के अनुरूप नहीं था। सारा सामान मिलावटी और घटिया क्वालिटी का दिया गया, जिससे कार्यक्रम में भारी परेशानी हुई। *शिकायत में बड़े आरोप* 1. मिलावटी पनीर, खोया, रबड़ी की सप्लाई 2. प्रिंट रेट से अधिक मूल्य वसूली 3. बिल मांगने पर आनाकानी, आज तक बिल नहीं दिया 4. घटिया सामान से कार्यक्रम में हुई परेशानी पीड़ित का आरोप है कि दुकानदार ने प्रिंट रेट से अधिक मूल्य वसूला। जब भुगतान के समय बिल मांगा गया तो दुकानदार ने कहा कि बिल सामान के साथ दिया जाएगा, लेकिन आज तक कोई बिल उपलब्ध नहीं कराया गया। राम मिलन राजपूत ने चौकी प्रभारी बम्बा नगर उरई को दिए प्रार्थना पत्र में मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित दुकानदार के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अन्य उपभोक्ताओं को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। शादी-विवाह के सीजन में मिलावटी खाद्य सामग्री की सप्लाई से लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ जाता है। ओवर रेटिंग से उपभोक्ताओं की जेब भी कट रही है। अब देखना होगा कि पुलिस और खाद्य विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है। उरई में मिलावट और अधिक वसूली का ये मामला गंभीर है। त्योहारों के सीजन में खाद्य विभाग को सख्ती दिखानी होगी, वरना मिलावटखोरों के हौसले बुलंद रहेंगे।
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राजस्थान ने निवेश में रिकॉर्ड उछाल मारा, देश का तीसरा स्थान हासिल किया

Jaipur, Rajasthan:सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने निवेश में कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है इस साल प्रदेश आठवें से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, और राज्य के कुल निवेश में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसे विकसित प्रदेश की राह में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. भजनलाल सरकार में घोषणाएं अपार निवेश की भरमार. राजस्थान ने निवेशकों को आकर्षित करने में अब तक के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं. प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाते हुए देश में तीसरा स्थान हासिल कर निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा राज्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. वित्त वर्ष 2024 में राजस्थान 8वें स्थान पर था पर इस बार प्रदेश ने राज्य के कुल निवेश में 4 गुना की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया. 1.10 लाख करोड़ से बढ़कर 4.65 लाख करोड़ हुआ निवेश. प्रोजेक्ट्स का आंकड़ा भी 501 से बढ़कर 873 हुआ. इसमें खासतौर से इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीकरणीय ऊर्जा में आए बड़े निवेश शामिल हैं. जाहिर है राजस्थान को इस समय निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्य माना जा रहा है और प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है. इंडिया स्टेट की नवीनतम रिपोर्ट में ये जंप दिखाया गया है. इंडिया स्टेट के नवीनतम रिपोर्ट के ताजा आंकड़ों में राजस्थान सरकार की ओर से किये गये प्रयासों की सराहना की गई है. पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में किये गये काम की बदौलत आया निवेश. भजनलाल सरकार ने 91,000 करोड़ रामजलसेतु लिंक परियोजना पर, 10,000 करोड़ देवास योजना पर, 13,000 करोड़ मेट्रो जैसी विकास की परियोजनाओं पर खर्च कर रही है. यही नहीं हर विधानसभा क्षेत्र में सरकार ने 1,000 करोड़ तक के विकास के काम कराये है जिसकी वजह से प्रदेश का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ है और प्रदेश के निवेश के लिए उद्योगपति खींचे चले आ रहे हैं. भजनलाल सरकार ने बिजली के क्षेत्र में 8671 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया है. पिछले करीब सवा दो साल में प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा इजाफा. गहलोत सरकार जब सूबे की सत्ता से बेदखल हुई और भजनलाल शर्मा की सरकार बनीं, उस वक्त राज्य में 1 लाख 40 हजार प्रतिव्यक्ति आय थी, जो अब बढ़कर प्रदेश में 2 लाख 5000 प्रतिव्यक्ति आय तक पहुंच गई है. राजस्थान ने इसमें 12% ग्रोथ की है.
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रामपुर में DM की पहल से चार मूकबधिर बच्चों को cochlear implant के जरिए आवाज़ मिली

Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर में डीएम की पहल से चार मूकबधिर बच्चों की जिंदगी बदली; 24 लाख रुपये में उनका इलाज हुआ. कॉक्लियर इम्प्लांट योजना वरदान बनी, मूकबधिर बच्चों की आवाज लौट आई. जनता दर्शन से बदली किस्मत, डीएम के प्रयास से बच्चों की आवाज गूंजी. जनता दर्शन में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मिली मदद की गुहार पर कार्रवाई के बाद चारों बच्चों का चिन्हित कर विशेषज्ञ अस्पतालों में इलाज कराया गया. प्रदेश सरकार की कॉक्लियर इम्प्लांट योजना के तहत करीब छह लाख रुपये की मदद दी गई. सर्जरी के बाद बच्चे फिर से लोगों से बात कर सकेंगे.
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IRS अधिकारी के घर अवैध छापे, CBI के दो अफसरों को तीन महीने की सजा

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 26 साल पुराने एक मामले में CBI के वर्तमान जॉइंट डायरेक्टर रमनीश गीर और दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी वी के पांडे को 3 महीने की सज़ा सुनाई है। इन पर आरोप है कि उन्होंने साल 2000 में IRS अधिकारी के घर जबरन घुसकर छापा मारा, मारपीट की और गलत तरीके से गिरफ्तार किया। घटना के वक़्त रमनीश गीर सीबीआई में DSP और वी के पांडे इंस्पेक्टर थे। पिछले दिनों कोर्ट ने इन दोनों को IPC 323(मारपीट करके चोट पहुँचाना) IPC 427 (संपत्ति को नुकसान पहुँचाना IPC 448 (आपराधिक रूप से घर में घुसना) और IPC 34(समान इरादे से मिलकर अपराध करने के आरोप में ) दोषी ठहराया था। चूंकि सज़ा की अवधि 3 महीने की थी। इसलिए तीसहज़ारी की सम्बंधित कोर्ट से इन दोनों को ज़मानत भी मिल गई। कोर्ट के सामने मामला क्या था यह मामला आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा दर्ज कराया गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था 19 अक्टूबर 2000 को CBI अधिकारियों की एक टीम उनके west विहार स्थित घर पर सुबह लगभग 5:30 बजे छापा मारा। इस टीम में CBI के तज इंस्पेक्टर वी के पांडे और उस समय CBI में DSP रमनीश शामिल थे। उनका आरोप था कि CBI टीम जबरन घर में घुस गई। उनके साथ मारपीट की। उनके परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया। उन्हें असम्मानजनक तरीके से गिरफ्तार किया, उस वक़्त उनके शरीर पर पर्याप्त कपड़े भी नहीं थे। अशोक कुमार अग्रवाल का कहना था कि यह छापा जानबूझकर बदले की भावना से किया गया था। उनके खिलाफ यह कार्रवाई CAT के उस आदेश को धता बताने के लिए की गई थी जिसमें ट्रिब्यूनल ने उनके निलंबन की समीक्षा करने का निर्देश दिया था। सज़ा की मियाद पर दलील शिकायतकर्ता के वकील ने दोनो अधिकारियों के लिए अधिकतम सज़ा की मांग की। वकील ने दलील दी कि इस मामले में शिकायतकर्ता 38 दिन तक जेल में था। कोर्ट ने भी माना कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने सिस्टम का ग़लत इस्तेमाल किया। 26 साल तक शिकायतकर्ता न्याय का इंतज़ार करता रहा वही दोषियों के वकील ने सजा में रियायत की गुहार लगाई। उन्होंने दलील दी कि अधिकारियों ने जो एक्शन लिया वो अपनी अधिकारिक ड्यूटी को निभाते वक़्त किया।दोनों अधिकारी अपनी निजी इच्छा से वहां पर नहीं गए थे। शिकायतकर्ता से उनकी कोई निजी दुश्मनी कभी नहीं रही है। उन्होंने 26 साल का ट्रायल देखा,डिपार्टमेंटल जांच झेली।
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