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ED ने इकबाल मिर्ची की 700 करोड़ रुपये संपत्ति अटैच कर बड़ा एक्शन

Noida, Uttar Pradesh:दाऊद के करीबी इकबाल मिर्ची की 700 करोड़ की संपत्ति अटैच, ED का बड़ा एक्शन.. अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े मामले में ED ने दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे इकबाल मिर्ची की करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है...ED के मुताबिक, ये संपत्तियां भारत से लेकर दुबई तक फैली हुई है और इन्हें अवैध कमाई से खरीदा गया था... ED की जांच में सामने आया है कि मुंबई के वर्ली इलाके में डॉ. एनी बेसेंट रोड पर स्थित तीन बड़े प्लॉट राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू, इस अटैचमेंट का हिस्सा है... इन प्रॉपर्टीज का कुल एरिया करीब 4970 वर्ग मीटर बताया जा रहा है..इसके अलावा दुबई में होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट और कॉर्पोरेट बे व DEC टावर्स में मौजूद करीब 14 रियल एस्टेट यूनिट्स भी ED के निशाने पर आई है... ED का दावा है कि इन संपत्तियों को सीधे तौर पर इकबाल मिर्ची के नाम पर नहीं रखा गया था... बल्कि ट्रस्ट और परिवार के सदस्यों के नाम पर छिपाया गया था...इनमें मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट के अलावा आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन के नाम शामिल है... ED के मुताबिक, ये सभी सिर्फ फ्रंट के तौर पर इस्तेमाल किए गए.. ताकि असली मालिकाना हक छुपाया जा सके... ED ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि ये पूरी प्रॉपर्टी नेटवर्क अवैध गतिविधियों से कमाए गए पैसे को ठिकाने लगाने का जरिया था...ED की माने तो मिर्ची परिवार ने सुनियोजित तरीके से पैसे को छिपाने, घुमाने और वैध दिखाने का खेल खेला... इतना ही नहीं, जांच में ये भी सामने आया है कि इस केस में अपराध से कमाए गए पैसे का बड़ा हिस्सा विदेशों में भेज दिया गया, जिससे उसे जब्त करना मुश्किल हो गया है... ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियां PMLA ₹ के तहत प्रोसीड्स ऑफ क्राइम की श्रेणी में आती है... और FEO (फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट) के तहत इन्हें जब्त किया जा सकता है..
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पाकुड़ में मजदूर दिवस: ईस्टर्न रेलवे मेन यूनियन ने झंडोतोलन के साथ मनाया

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के शुभ अवसर पर ईस्टर्न रेलवे मेनस यूनियन पाकुड़ शाखा ने पाकुड़ रेलवे मैदान कार्यालय में संगठन के झंडोतोलन कर मजदूर दिवस मनाया. ईस्टर्न रेलवे मेनस यूनियन पाकुड़ शाखा के अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे ने पार्टी कार्यालय में पार्टी का झंडोतोलन कर दिवस मनाया. अखिलेश कुमार चौबे ने बताया कि आज के दिन मजदूरों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. सभी मजदूर भाई एकजुटता के साथ रहने की अपील की तथा एकजुटता के साथ देश की विकास के लिए और अपने साथ अत्याचार रोकने के लिए एकजुटता रहना जरूरी है की बात कही. वही स्टेंड रेलवे मेनस यूनियन पाकुड़ शाखा के सचिव संजय ओझा ने बताया कि आज के दिन अपने मजदूर की शहादत को याद करते हैं और उनके प्रति एक निष्ठा प्रकट करते हैं. अपने देश की सभी मजदूर संगठन को एक जूता रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी मजदूर को एकता रहकर देश को प्रगति तथा अपने बेहतरीन के लिए संगठित होना जरूरी है की बात कही. वहीं SITU, CPI(M) जिला कमेटी ने भी अपना कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया...और एक जुटता रहकर संगठन मजबूत करने की संकल्प लिया.
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गुड़गांव में कंस्ट्रक्शन वेस्ट: डंपिंग पॉइंट्स से बढ़ रहा स्वास्थ्य खतरा

Noida, Uttar Pradesh:कंस्ट्रक्शन वेस्ट के बारे में हमने देखा कि आखिर में यह समस्या कहां से जनरेट होती है रेजिडेंट को सबसे आसान तरीका निकलता है कि अपने घर से कूड़ा निकाल करके और बाहर कहीं डंप कर दिया जाए हमने पाया कि कुछ ऐसे डंपिंग जोन बने हैं जहां पर इलीगल डंपिंग जोन बने हुए हैं कोशिश यह की जा रही है कि इलीगल डंपिंग जोन के ऊपर फेंसिंग की जाए लोगों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत एक और चीज होती है कि आखिर में यह कूड़े को डंप कहां किया जाए इसके लिए गुड़गांव म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने बसई के अंदर कमांडर वेस्ट का प्लांट बनाया है जिसमें 3 सेकेंडरी पॉइंट्स बनाए हैं जहां कलेक्शन किया जाए, शहर में हर रोज 3000 टीपीटी का जनरेशन होता है जिसमें से 1600 टीपीटी का ही निस्तारण हो पता है कंस्ट्रक्शन वेस्ट की तरफ से इतना वेस्ट निकलता है जिसको की निस्तारण किया जा सकता है स्वास्थ्य के मामले में प्रदूषण इसे फैला है शहर को गंदा करता है उसके साथ ही साथ एक्सीडेंट का कारण बन सकता है बाइट एक्सपर्ट विजय कुमार सिंह गुड़गांव में रहता हूं हर एक दिन गुड़गांव बढ़ रहा है यह बहुत बड़ी समस्या के तौर पर आई है इसमें किसी एक एजेंसी को जिम्मेदार नहीं ठहर जा सकता है 6 लाख मीट्रिक टन वेस्ट लिगसी वेस्ट के तौर पर पड़ी हुई है शहर की प्रोसेसिंग कैपेसिटी बड़ी है 3000 मेट्रिक टन बेस्ट जनरेट होता है जिसमें से 1600 तन निस्तारण किया जाता है इसे मल्टी स्टेट होल्डर के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है सिटीजंस की जॉइंट मेकैनिज्म होनी चाहिए डंपिंग पॉइंट बनाए गए हैं आज के समय में यह सबसे बड़ी चुनौती है इसके लिए सबको मिलकर के सामना करना होगा ऐसे वेस्ट से मेथेन मिशन भी होता है आग लगने की भी समस्या होती है स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एनवायरनमेंट के दृष्टिकोण से यह लगातार बढ़ती हुई समस्या है और यह शहर के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती है बढ़ती पापुलेशन और आर्गेनाइजेशन ने अपने आप में बड़ी समस्या है विजय कुमार सिंह एक्सपर्ट इसके अलावा कूड़े को दिखाते हुए वॉकथ्रू किया गया है जिसमें बिल्डिंग मटेरियल वेस्ट को सड़क पर फेंक दिया गया है
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70 हजार रुपये व सोने चांदी के आभूषण सहित लाखों की चोरी

Charkhari, Uttar Pradesh:चरखारी ( महोबा) कोतवाली‌ क्षैत्र के अन्तर्गत‌ ग्राम इमलिया डांग में 30/ 01 मई की रात्रि को महेन्द्र कुशवाहा पुत्र देवी दयाल कुशवाहा के घर में लगभग 12 बजे तक घर के लोग जागते रहे इसके बाद सभी गहरी नींद में सो गये तभी अज्ञात बदमाश दीवार बाद कर घर के अन्दर घुस आये तथा एक कमरे में रखी दो अलमारी व चार बक्सो को कुन्दा व लाक तौडकर सोने चांदी के अलावा 70 हजार रुपये नगद ले गये लगभग 2.30 बजे जब प्रार्थी लघुशंका के लिए उठा तो कमरा खुला देखकर अन्दर गया तो सारा सामान फैला पडा तथा अलमारी बक्सा खुले देखकर पैरों की जमीन खिसक गई चोरी गये आभूषणों में सोने की बेदी, नमुनी, तीन खण्ड की धमकी, हार, जंजीर, चांदी की कमर पेटी, पायल, चांदी नारियल, सुपारी सहित लाखों का चोर आभूषण ले गये महेन्द्र ने कोतवाली में आकर घर में हुई चोरी कु घटना की तहरीर दी वही एक दिन पहले दीनदयाल राजपूत का टेक्टर मण्डी तिगेला से अज्ञात चोर ले गये वही कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार का कहना है जल्द चोरी का खुलासा होगा।
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पहली ही बारिश में डूबी गौरीबाजार की सड़के, नालियां जाम—लोग परेशान

ASAmit SinghFollow5m ago
Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जनपद के गौरीबाजार कस्बे में पहली ही बारिश ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश के बाद ही कस्बे की प्रमुख सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक जलभराव की स्थिति बन गई। जगह-जगह पानी भर जाने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कस्बे में करोड़ों रुपये खर्च कर जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण कराया गया, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश नालियां या तो जाम पड़ी हैं या उनकी नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। कस्बे का पानी मझना नाले में गिराने के लिए लगभग एक वर्ष पहले नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन नाली शुरू होने से पहले ही जर्जर हो गई और अब तक उससे जल निकासी संभव नहीं हो सकी है। बारिश का पानी सड़कों और घरों के सामने जमा हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के समय यही स्थिति बन जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते। जलभराव के कारण जहां एक तरफ आवागमन बाधित होता है, वहीं गंदा पानी जमा होने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नालियों की सफाई कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले दिनों में और अधिक परेशानी न हो। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। फिलहाल पहली ही बारिश ने कस्बे की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी है
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उन्नाव में दबंगों का कहर, घर में घुसकर युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला

Unnao, Uttar Pradesh:जनपद में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के मनोहर नगर मोहल्ले में दबंग दंपति द्वारा घर में घुसकर युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मामूली कहासुनी को लेकर पड़ोस में रहने वाले दबंग दंपति ने युवक अवेश पर अचानक हमला कर दिया। हमले में अवेश के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी दंपति की तलाश जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
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PMJDY: राजस्थान टॉप 5 राज्यों में, जमा रकम 24,000 करोड़ से अधिक

Jaipur, Rajasthan:प्रधानमंत्री जन धन योजना में राजस्थान टॉप 5 राज्यों में शामिल, राजस्थान में जमा राशि ₹24,000 करोड़ से अधिक हुई, उत्तर प्रदेश ₹64,000 करोड़ जमा के साथ पहले स्थान पर है, बिहार और पश्चिम बंगाल ₹30,000 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर, राजस्थान देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल हो गया, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खातों के उपयोग में बढ़ोतरी हुई, गांवों और छोटे शहरों में लोग खातों का ज़्यादा उपयोग कर रहे, राजस्थान में BC एजेंट स्थानीय स्तर पर जमा, निकासी और पैसे भेजने जैसी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे लोगों को बैंक शाखाओं पर कम निर्भर रहना पड़ता है, इससे खातों को सक्रिय करने और बचत की आदत बढ़ाने में मदद मिली है, प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत जमा राशि में उत्तर प्रदेश ₹64,000 करोड़ जमा के साथ पहले स्थान पर है, बिहार और पश्चिम बंगाल ₹30,000 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर हैं, राजस्थान ₹24,000 करोड़ के साथ टॉप पांच में है, इसके बाद महाराष्ट्र (₹22,000 करोड़) और मध्य प्रदेश (₹19,000 करोड़) हैं, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में ₹13,000–15,000 करोड़ के बीच जमा दर्ज हुआ है, राजस्थान में BC एजेंट स्थानीय स्तर पर जमा, निकासी और पैसे भेजने जैसी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे लोगों को बैंक शाखाओं पर कम निर्भर रहना पड़ता है, इससे खातों को सक्रिय करने और बचत की आदत बढ़ाने में मदद मिली है, BLS E-Services के CEO लोकनाथ पांडा ने कहा, “राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खातों के उपयोग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जहां BC आउटलेट बैंक शाखाओं की तरह काम कर रहे हैं, जमा में वृद्धि जमीनी स्तर पर बढ़ती वित्तीय भागीदारी को दिखाती है, पब्लिक सेक्टर बैंक, खासकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जन धन खातों का बड़ा हिस्सा संभाल रहे हैं और BC मॉडल के जरिए सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं, अब क्रेडिट, बीमा और पेंशन सेवाओं को बढ़ाने पर है, और आने वाले समय में राजस्थान वित्तीय समावेशन के अगले चरण में एक अहम राज्य बना रहेगा, BLS E-Services BC ई-गवर्नेंस और अन्य डिजिटल सेवाएं दे रहे है
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नर्मदा नहर 21 दिन के लिए क्लोजर: गुजरात-राजस्थान के बीच पानी आपूर्ति बंद

Jalore, Rajasthan:एंकर से गुजर रही नर्मदा नहर परियोजना में आज से 21 मई तक क्लोज़र लिया गया है जहाँ गुजरात राज्य से नर्मदा परियोजना में पानी की आपूर्ति बंद करने के साथ ही क्लोजर प्रभावी हो गया। गुजरात और राजस्थान के बीच सहमति के बाद 1 से 21 मई तक यह क्लोजर प्रभावी रहेगा। इस अवधि में नर्मदा मुख्य केनाल में पानी की आपूर्ति बंद रहेगी और मरम्मत व रख-रखाव कार्य किया जाएगा। इस 21 दिन में संभावित जल संकट के हालात से निपटने के लिए पेयजल के लिए पर्याप्त पानी के स्टॉक के निर्देश प्रोजेक्ट अधिकारियों को पहले ही जारी किए गए थे। 1.एफआर प्रोजेक्ट: जालोर शहर समेत 300 गांव कस्बों में नर्मदा परियोजना के शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए FR प्रोजेक्ट तैतरोल में स्थापित है। यहाँ स्टॉक टैंक में 6.75 मीटर गेज के साथ 2100 एमएल पानी का स्टॉक किया गया है। यह पानी 100 एलपीसीडी के अनुसार 21 दिन तक पर्याप्त सप्लाई का दावा है। 2- डीआर प्रोजेक्ट: नर्मदा परियोजना का DR प्रोजेक्ट सांचौर समेत 160 गांव कस्बों से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट का स्टॉक टैंक सांचौर शहर से 3 किलोमीटर दूर पहाड़पुरा में बना हुआ है। यह स्टॉक टैंक अन्य स्टॉक टैंक से आधा यानि 1045 एमएल का है। लेकिन गांव कस्बों की संख्या कम होने से इनमें भी 21 दिन तक पानी का स्टोर रहेगा। 3- ईआर प्रोजेक्ट: नर्मदा परियोजना का ER प्रोजेक्ट भीनमाल शहर समेत 306 गांव कस्बों से जुड़ा है। लेकिन प्रोजेक्ट में काम बाकी है। इस प्रोजेक्ट में फिलहाल भीनमाल शहर समेत 19 गांव कस्बे ही जुड़े है। यहाँ स्टॉक टैंक 6 मीटर लेवल तक भरा गया। कुल 2130 एमएल पानी स्टॉक किया गया है। नर्मदा विभाग के SE बाबूलाल गहलोत ने कहा कि नर्मदा परियोजना में 21 दिन का क्लोजर आज से प्रभावी होगा। पेयजल स्कीम्स के लिए पानी के स्टॉक के बारे में पहले ही अवगत करवाया जा चुका था। क्लोजर अवधि में मरम्मत और रखरखाव कार्य किया जाएगा।
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नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग बहाल की मांग पर अधिवक्ता संघ का धरना जारी

Sikar, Rajasthan:जिला सीकर नीमकाथाना अभिभाषक संघ ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग बहाल करने की मांग को लेकर दिया धरना। बार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में दिया गया धरना। नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग बहाल करने की मांग को लेकर अभिभाषक संघ ने आज उपखंड कार्यालय पर धरना देकर विरोध जताया। बार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने कहा कि राजनीतिक द्वेषता के चलते नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग को हटाया गया है। उन्होंने कहा है कि जिला और संभाग बहाली की मांग को लेकर जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उनसे जिला और संभाग बहाली की मांग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक जिला और संभाग बहाल नहीं किया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं बताया कि जब से नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग को हटाया गया तब अभिभाषक संघ का आंदोलन लगातार जारी है। 4 महीने तक अभिभाषक संघ ने उपखंड कार्यालय के बाहर कार्य का बहिष्कार कर धरना दिया उसके बाद हर महीने की 1 और 16 तारीख को कार्य से विमुक्त होकर उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध कर रहा है। इसके दौरान अनेक अधिवक्ता मौजूद रहें
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जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में जल-विहार उत्सव ने भक्तों को ठंडी राहत दी

Jaipur, Rajasthan:जल की केली, करन मन ठानी…इन पदों की मधुर धुन के साथ जयपुर में भक्ति का एक ऐसा दृश्य सजा, जिसने भीषण गर्मी के बीच ठंडक का एहसास करा दिया। वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर गोविंद देवजी मंदिर में जल-विहार उत्सव की शुरुआत हुई, जहां ठाकुरजी ने राधारानी के साथ शीतल फुहारों में ‘जुगल शृंगार’ किया। दोपहर की तपिश के बीच, ठीक 11:15 से 11:45 बजे तक सिर्फ 30 मिनट का यह जल-विहार, लेकिन आस्था के लिए यह आधा घंटा किसी उत्सव से कम नहीं था। ठाकुरजी को रियासतकालीन कमलनुमा चांदी की हौदी में विराजमान कराया गया, जिसमें केवड़े और गुलाबजल से मिश्रित जल भरा गया था। हौदी में लगे 10 चांदी के फव्वारे और नीचे तांबे-पीतल के 12 फव्वारों से उठती फुहारें ऐसा दृश्य बना रही थीं, मानो भक्ति और सौंदर्य एक साथ बह रहे हों। सबसे खास पल तब आया, जब ठाकुरजी और राधारानी के हाथों में सोने की पिचकारी सजाई गई। दोनों के बीच जल क्रीड़ा के ये अद्भुत दर्शन श्रद्धालुओं के लिए किसी जीवंत लीला से कम नहीं थे। 30 मिनट तक दोनों शीतल जल की फुहारों में भीगते रहे और मंदिर परिसर “राधे-राधे” के जयकारों से गूंजता रहा। जल-विहार के बाद ठाकुरजी को चंदन का लेपन किया गया। गर्मी से राहत देने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। श्वेत फूलों का मुकुट, हल्के वस्त्र और सुगंधित अलंकरण ने पूरे दृश्य को और भी दिव्य बना दिया। भोग में पांच प्रकार के फल और ‘सिकरन’ अर्पित किया गया, जो गर्मी के मौसम का पारंपरिक शीतल प्रसाद माना जाता है। इस खास दर्शन को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। किसी ने मोबाइल में कैद किया, तो किसी ने इसे अपनी आंखों में ही संजो लिया।
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आदिवासियों के गौतमेश्वर मेले में जनसैलाब, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के प्रसिद्ध गौतमेश्वर महादेव मंदिर में वैशाखी पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन हुआ, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आदिवासी समाज के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले गौतमेश्वर में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं, वहीं पूरे मेला क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। इस दौरान जिला कलेक्टर शुभम चौधरी और पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य भी गौतमेश्वर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मेला कमेटी एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेष रूप से पवित्र मंदाकिनी कुंड की साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर दिया गया गया। गौतमेश्वर स्थित मंदाकिनी कुंड में स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था देखने को मिली। मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में डुबकी लगाने से पापों से मुक्ति मिलती है, जिसके बाद श्रद्धालुओं को ‘पाप मुक्ति प्रमाण पत्र’ भी प्रदान किया जाता है, जिसकी आदिवासी समाज में विशेष मान्यता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गौतमेश्वर महादेव स्थल गौतम ऋषि की तपोस्थली रहा है और इसी स्थान पर उन्हें गौ हत्या के पाप से मुक्ति प्राप्त हुई थी। यही कारण है कि यह स्थल आदिवासी समाज के लिए ‘हरिद्वार’ के समान आस्था का केंद्र माना जाता है। मेले के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, वहीं पुलिस बल तैनात कर भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मंदिर में पहुंचकर भगवान महादेव के दर्शन किए और क्षेत्र में शांति व सुव्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए。
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