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SSSaurabh SharmaFollow20 Sept 2024, 10:56 am
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मतगणना के बाद बारासात में नाम परिवर्तन से तनाव बढ़ा

Kolkata, West Bengal:कल मतगणना के नतीजे सामने आने के बाद भाजपा की जीत के माहौल में राज्य के अन्य इलाकों की तरह बारासात के कई क्षेत्रों में भी तनाव फैल गया। इसी बीच बारासात थाना क्षेत्र के अंतर्गत नोआजाड़ा इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, नोआजाड़ा मस्जिदबाड़ी रोड का नाम बदलकर ‘नेताजीपल्ली रोड’ कर दिया गया, जिसे भाजपा समर्थकों ने अंजाम दिया। साथ ही, बारासात के ‘सिराज उद्यान’ का नाम बदलकर ‘शिवाजी उद्यान’ कर दिया गया है। इन घटनाओं को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय निवासियों के एक वर्ग में नाराज़गी भी देखी जा रही है। हालांकि इस नाम परिवर्तन को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है और प्रशासन पूरे मामले पर कड़ी नज़र बनाए हुए है।
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बेगूसराय में आंधी-तूफान से पेड़ गिरा, ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी है। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के बीच नागदाहा के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल, तेज हवाओं के साथ आए आंधी-तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही कई दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। वहीं सड़क किनारे खड़ा एक ई-रिक्शा भी पेड़ के नीचे दब गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा पास में खड़ा ठेला, एक मोटरसाइकिल और कई दुकानें भी बुरी तरह टूट-फूट गई हैं। गनीमत यह रही कि ई-रिक्शा में उस वक्त कोई सवारी मौजूद नहीं थी, वरना बड़ा हादса हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकंड में पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही मौसम खराब हुआ, ई-रिक्शा चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर पास की दुकान में शरण ले ली। इसी दौरान तेज हवा के झोंके से पेड़ सीधे उसके रिक्शा पर आ गिरा। तेज आंधी और बारिश का असर जिले के कई हिस्सों में देखने को मिला है। कई जगह कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए हैं, वहीं पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित है। हालांकि अभी तक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन व्यापक क्षति की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।
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शालिमार बाजार में मंत्री ने निरीक्षण के बाद 10 दिनों में सुधार का निर्देश

Ranchi, Jharkhand:शालिमार बाजार, धुर्वा स्थित हाईजेनिक फिश मार्केट एवं फिश फीड मिल का मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया औचक निरीक्षण व्यवस्थाओं में खामियां देख 10 दिनों के भीतर सुधार के दिए निर्देश आज मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राजधानी रांची के धुर्वा स्थित शालिमार बाजार में झास्को फिश द्वारा संचालित हाईजेनिक फिश मार्केट एवं फिश फीड मिल का औचक निरीक्षण किया। यह बाजार रांची सहित आसपास के क्षेत्रों के मत्स्य उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ताज़ी मछलियों की आपूर्ति होती है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि बाजार से उपभोक्ताओं को लाभ तो मिल रहा है, किंतु व्यवस्थाओं में कई सुधार की आवश्यकता है। अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मंत्री ने संचालन प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए एक स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया। इसमें विशेष रूप से रेंटल एग्रीमेंट, किराया निर्धारण (रेंटल फिक्सेशन) तथा दुकानदारों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के प्रत्येक जिले में इस प्रकार के आधुनिक एवं सुव्यवस्थित मत्स्य बाजार विकसित किए जाएं, ताकि मत्स्य किसानों और उपभोक्ताओं—दोनों को सीधा लाभ मिल सके। साथ ही, प्रत्येक जिले में मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र (Training Centres) स्थापित करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बाजार में प्रतिदिन लगभग 6 मीट्रिक टन मछलियों की आपूर्ति होती है, जो गेतलसूद, चांडिल, कोनार, मैथन, पंचेत एवं मसानजोर जैसे प्रमुख जलाशयों से लाई जाती है और यहां से विभिन्न बाजारों में वितरित की जाती है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परिसर की साफ-सफाई, रख-रखाव और स्वच्छता मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, बाजार परिसर में संचालित फिश फीड मिल की आपूर्ति एवं वितरण का पूर्ण और अद्यतन लेखा-जोखा प्रस्तुत करने को कहा। इस अवसर पर मंत्री ने मत्स्य प्रशिक्षण में भाग ले रहे किसानों से भी संवाद किया। किसानों ने बताया कि आगामी 15 से 30 दिनों में फिश फीड की मांग में वृद्धि होने की संभावना है। इस पर मंत्री ने मत्स्य निदेशक को निर्देशित किया कि सभी जिलों से तत्काल मांग का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि समय पर किसानों को आवश्यक फिश फीड उपलब्ध कराई जा सके। अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
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1874 बीकानेर स्टेट में पहली जनगणना: जाट बहुल क्षेत्र के रोचक आँकड़े

Bikaner, Rajasthan:रियासत काल में भी होती थी जनगणना, 1874 में महाराजा डूंगर सिंह के शासन में पहली गणना, बीकानेर स्टेट में 1771 गांव और 18 निजामत, करीब 2.90 लाख थी उस समय की जनसंख्या, जाट बाहुल्य क्षेत्र के रूप में सामने आया बीकानेर, इतिहासकारों ने बताई रोचक और अहम जानकारियां आज की तरह रियासत काल में भी जनगणना की सुदृढ़ परंपरा मौजूद थी जानकारी के अनुसार, वर्ष 1874 में महाराजा डूंगर सिंह के शासनकाल में बीकानेर स्टेट में पहली आधिकारिक जनगणना करवाई गई थी इसके बाद हर 10 साल में नियमित रूप से जनगणना होती रही हालांकि 1899 के भीषण ‘छपनिया काल’ के दौरान यह प्रक्रिया नहीं हो पाई।1874 की जनगणना के आंकड़े बेहद दिलचस्प हैं उस समय बीकानेर स्टेट में कुल 1771 गांव और 18 निजामत यानी तहसीलें थीं 58,142 मकानों में करीब 2,90,710 लोगों की आबादी दर्ज की गई थी जातिगत आधार पर देखा जाए तो उस समय बीकानेर जाट बाहुल्य क्षेत्र था जहां जाटों की संख्या करीब 50 हजार के आसपास दर्ज की गई। निदेशक अभिलेखागार डॉ. नितिन गोयल ने बताया कि उस दौर में भी जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं थी बल्कि शासन की योजना और संसाधनों के प्रबंधन का महत्वपूर्ण आधार थी वहीं इतिहासकार मुकेश हर्ष ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक आंकड़े हमें समाज की संरचना बसावट और विकास के पैटर्न को समझने में मदद करते हैं अगर व्यापक नजरिए से देखें तो जनगणना का महत्व तब भी उतना ही था जितना आज है आज भी सरकारें समय-समय पर जनगणना कराकर नीतियों का निर्धारण करती हैं और विकास की दिशा तय करती हैं ऐसे में यह स्पष्ट है कि जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु है जो भविष्य की योजनाओं की नींव तैयार करता है
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सैन समाज बालकनाथ की माफी पर अड़ गया, आंदोलन की चेतावनी

Jaipur, Rajasthan:बालकनाथ के बयान पर सैन समाज भड़क गया है. समाज प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताया. इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने समाज से विधायक के टिप्पणी करने पर माफी मांगी, लेकिन समाज के लोग विधायक बालकनाथ के सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात पर अड़ गए. आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी कि अगर विधायक सार्वजनिक तौर पर या सोशल मीडिया के जरिये माफी नहीं मांगते हैं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. विधायक महंत बालकनाथ ने घटिया सड़क निर्माण को लेकर एक इंजीनियर को धमकाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. बीजेपी प्रदेश कार्यालय पर बड़ी संख्या में सैन समाज के प्रतिनिधि पहुंचे और माफी की मांग को लेकर बातें कीं. बीजेपी के प्रमुख नेताओं ने माफी की स्थिति के बारे में बातचीत की, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला. अखिलभारतीय नारायणी धाम समिति के तौर पर समाज के नेताओं ने कहा कि ऐसी भाषा से न सिर्फ समाज बल्कि मेहनतकश वर्ग का अपमान हुआ है. केशकला विकास बोर्ड के प्रदेश मंत्री ने भी आवाज उठाई कि यदि विधायक सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तो आंदोलन और तेज होगा. जयपुर शहर सैन समाज अध्यक्ष आदि ने कहा कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा. बाइट: विनोद करेल, अध्यक्ष, नारायण धाम; बाइट: रामावतार भेंसवा, प्रदेश मंत्री, केशकला विकास; बाइट - जयपुर शहर सैन समाज अध्यक्ष
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पटना के पूर्वी इलाके में लूट की योजना बनाते पांच अपराधी गिरफ्तार

Patna, Bihar:एंकर--पटना के पूर्वी इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लूट की योजना बना रहे पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी आरोपी हाल के दिनों में सिटी इलाके के व्यापारियों से रंगदारी मांगने में भी शामिल थे। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि बिहार एसटीएफ से मिली गुप्त सूचना के आधार पर गायघाट पुल के नीचे कुछ बदमाशों के इकट्ठा होने की खबर मिली थी। सूचना मिलते ही आलमगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की और वहां से शिवम कुमार, मोहम्मद साहिल और रवि को गिरफ्ता र कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक मैगजीन, एक बाइक, एक देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य दो सदस्यों अंकित कुमार को मितन घाट से और मोहम्मद फैजान को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए。 पुलिस के अनुसार, अंकित ने पुलिस को आते देख हथियार फेंक दिया था, लेकिन सख्त पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद कर लिया गया। एसपी ने बताया कि सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। अंकित पहले हत्या और अवैध शराब के कारोबार में जेल जा चुका है, जबकि मोहम्मद फैजान आर्म्स एक्ट के मामले में पहले भी जेल गया है। व्यापारियों से मांग रहे थे रंगदारी पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह हाल के दिनों में सिटी क्षेत्र के दो-तीन व्यापारियों से रंगदारी की मांग कर रहा था। सुरक्षा कारणों से पीड़ित व्यापारियों की पहचान गोपनीय रखी गई है। पुलिस का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद ये सभी आरोपी फिर से सक्रिय हो गए थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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झज्जर पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा, केरल जीत पर जनता को आभार जताया

Jhajjar, Haryana:रोहतक लोकसभा क्षेत्र से सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे झज्जर। बादली विधानसभा से विधायक कुलदीप वत्स के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। दीपेंद्र हुड्डा ने विधायक वत्स को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। केरल में कांग्रेस की जीत पर केरल की जनता की शुभकामनाएं दीं और आभार जताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली पर भी निशाना साधा। बड़ौली द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बारे में दिए गए बयान को गलत बताया। बीजेपी पर निशाना- हालिया चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जनादेश को मोड़कर सत्ता हासिल की। पहले हरियाणा में भी बीजेपी ने चुनाव आयोग द्वारा चुनावी मैनेजमेंट का खेल करके जीता। राहुल गांधी ने इसे वोट चोरी कहा, लोकतंत्र बचाने के लिए कांग्रेस लड़ेगी। प्रदेश में जल्द होने والے नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत के प्रति दीपेंद्र हुड्डा आश्वस्त। बोले- जनता भाजपा के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और भाजपा के अहंकार को जोर का झटका देने के लिए वोट देगी। आज भाजपा को नहीं दिखाई दे रही हरियाणा की जनता, जनता इसका करारा जवाब देगी。
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दिल्ली के विवेक विहार की आग: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ितों से मुलाकात

Noida, Uttar Pradesh:विवेक विहार में लगी आग के पीड़ित परिवारों से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुलाकात की दिल्ली के विवेक विहार में हुई हृदय विदारक अग्नि दुर्घटना के पीड़ित परिवारों से आज मुलाकात की। इस दुखद घड़ी में हम पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ उनके साथ खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को एक गंभीर चेतावनी के रूप में लेते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और फायर सेफ्टी के उच्चतम मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। फायर सेफ्टी मानकों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा。
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बूंद बूंद पानी के लिए बैगा आदिवासी वर्षों से जूझ रहे, आजादी के बाद भी बुनियादी सुविधाएं दूर

Kawardha, Chhattisgarh:बूंद-बूंद पानी को तरसते बैगा आदिवासी, आजादी के बाद भी नहीं पहुंची बुनियादी सुविधाएं कबीरधाम जिला के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा आदिवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पंडरिया विकासखंड के भेलिनदादर और रूखमीदादर गांवों में पानी और बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी इन गांवों तक न तो बिजली के खंभे पहुंचे हैं और न ही पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था हो पाई है。 जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर पहाड़ों पर बसे इन गांवों में सैकड़ों की संख्या में बैगा जनजाति के लोग निवास करते हैं। यहां पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक है। गांव की महिलाओं को रोजाना लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर उबड़ खाबड़ पथरीली पहाड़ से नीचे उतरना पड़ता है, जहां वे छोटे-छोटे झीरीयों में जमा बूंद-बूंद पानी को इकट्ठा कर अपने घर ले जाती हैं。 स्थिति इतनी गंभीर है कि एक छोटे बर्तन को भरने में भी घंटों लग जाते हैं। गर्मी के दिनों में यह संकट और भी विकराल रूप ले लेता है, जब झीरीयों का पानी भी सूख जाता है और लोगों को और अधिक दूरी तय करनी पड़ती है。 सरकार द्वारा आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इन गांवों में अब तक उनका कोई ठोस असर नजर नहीं आया है। पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे इन बैगा आदिवासियों की हालत आज भी जस की तस बनी हुई है。 स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक ये आदिवासी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करते
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